मुख्यमंत्री धामी ने कोरोना वॉरियर्स पर लिखी पुस्तक का किया विमोचन


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में ललित शौर्य द्वारा लिखित कोरोना वॉरियर्स, बाल कहानियों पर आधारित पुस्तक का विमोचन किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पुस्तक में कोरोना से बचाव के लिए जागरूकता से संबंधित जानकारी का समावेश किया गया है। चित्रों के माध्यम से बच्चों को रोचक जानकारी देने का प्रयास किया गया है। पुस्तक में दी गई जानकारियां पाठकों एवं कोरोना के प्रति जागरूकता के लिए सहायक सिद्ध होगी।

इस अवसर पर पुस्तक के लेखक ललित शौर्य, नवीन चंद्र शर्मा, पवन पांडे, सुनील कुमार गोयल, अर्चना गोयल मौजूद थे।

आमजन की समस्याओं को सुन सीएम ने दिए अधिकारियों को निस्तारण के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सीएम आवास में आयोजित जनता मिलन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आए लोगों की शिकायतों और समस्याओं को सुना और मौके पर ही अधिकारियों को उनके निस्तारण के निर्देश दिये। जनता मिलन कार्यक्रम में आए सभी लोगों की शिकायतों का पंजीकरण किया गया और उन्हें रजिस्टर में दर्ज किया गया। मुख्यमंत्री ने एक-एक कर सभी की शिकायतों को पूरी गंभीरता से सुना। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को जन समस्याओं और शिकायतों का निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। अपनी समस्याएं लेकर आने वालों में कुछ दिव्यांग भी थे। मुख्यमंत्री खुद उनके पास गए और उनकी शिकायतों की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता दर्शन कार्यक्रम में प्राप्त सभी जन शिकायतों की मॉनिटरिंग मुख्यमंत्री कार्यालय से की जाएगी। अधिकारी पूरी गंभीरता से सभी शिकायतों का निस्तारण समयबद्धता से करें। यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो जिम्मेदारी फिक्स करते हुए कङी कार्रवाई की जाएगी।

हरिद्वार के रवि सिंह रौथाण द्वारा यह बताए जाने पर कि उनके पिताजी की शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्ति के बाद जीपीएफ की राशि देने में अनावश्यक विलम्ब किया जा रहा है, मुख्यमंत्री ने इसके जांच के निर्देश दिये और कहा कि जानबूझकर विलम्ब किया जाना पाया जाए तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

शक्तिफार्म के सुहास हलदर द्वारा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की किश्त की राशि न आने की बात पर मुख्यमंत्री ने मामले का परीक्षण कर कार्यवाही करने के निर्देश दिये।
हरिद्वार के राजेश कुमार सैनी द्वारा पुलिस में उनके प्रकरण की सुनवाई न होने की शिकायत की गई। मुख्यमंत्री ने डीआईजी गढ़वाल को इसकी जांच करने के निर्देश देते हुए कहा कि शिकायतकर्ताओं को अनावश्यक चक्कर न लगाने पङे।

उम्मेद सिंह रावत द्वारा छूट गये राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण की मांग पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने पहले ही राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण की प्रक्रिया 31 दिसम्बर तक बढाने के निर्देश दे दिए हैं।

काशीपुर के कुंवर सिंह ने उनके बच्चे को एजुकेशन लोन दिलाने, देहरादून के कमलेश ने पीएम शहरी आवास में आवास दिलाने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने इनपर समुचित कार्यवाही करने को अधिकारियों को कहा।

प्रदीप कुमार ने आवास विकास परिषद में मकान का नक्शा पास न होने की बात कही जबकि व्यापार मंडल देहरादून के अभिषेक शर्मा ने भी उनके यहाँ नक्शा पास की व्यवस्था कराये जाने का आग्रह किया। जस्सोवाला के नंदकिशोर गौड़ द्वारा बारातघर के लिए अनुरोध करने पर मुख्यमंत्री ने डीएम देहरादून को इसका परीक्षण करने के निर्देश दिये।

सोमाल्टा के सरदार सिंह द्वारा क्षतिग्रस्त सड़क मार्ग को ठीक कराने के आग्रह पर मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 सितंबर से पूरे प्रदेश में गड्ढा मुक्त सड़कों का अभियान शुरू किया जा रहा है। घनशाली के उम्मेद सिंह बिष्ट ने किसान सेवा केन्द्र में कम्प्यूटर दिये जाने की बात पर मुख्यमंत्री ने इसके प्रति उन्हें आश्वस्त किया।

इसके अतिरिक्त अनेक युवाओं द्वारा विभिन्न विभागों में भर्ती की बात कहे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को रोजगार के लिए बड़ी भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है। स्वरोजगार के लिए कैम्प लगाए जा रहे हैं। सीएम विवेकाधीन कोष से मदद संबंधी सभी आवेदनों का परीक्षण उपरांत समुचित कार्यवाही के निर्देश दिये।

इसके अलावा सड़क, बिजली, पानी आदि समस्याओं को लेकर भी लोगों ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी बात रखी। आज के जनता मिलन कार्यक्रम में 300 के करीब लोगों ने अपनी शिकायतें और समस्याओं का पंजीकरण कराया।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ धन सिंह रावत, विधायक खजानदास, दिलीप रावत, मुकेश कोहली, सचिव शैलेश बगोली, प्रभारी सचिव एसएन पाण्डेय, मंडलायुक्त रविनाथ रमन, डीआईजी नीरू गर्ग, जिलाधिकारी डॉ आर राजेश कुमार आदि उपस्थित थे।

श्रीनगर में इंस्टीट्यूट आफ गवर्नमेंट मेडिकल सांइस एंड रिसर्च की सीएम ने की समीक्षा


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर गढवाल में वीर चंद्र सिंह गढ़वाली गवर्नमेंट इन्स्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस एंड रिसर्च की समीक्षा बैठक की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र से जुड़े चिकित्सक व पैरामेडिकल स्टाफ सरलीकरण, समाधान व निस्तारण के मंत्र के आधार पर लोगों को स्वास्थ्य लाभ मुहैया कराएं। आगामी 3 महीनों में मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के लिए कौन से प्रोजेक्ट पूरे किए जाने हैं तथा कौन सी योजनाएं व उपकरण केंद्र सरकार की ओर से यहां पर मंगवाये जा सकते हैं, उन पर विशेष ध्यान केंद्रित किए जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि श्रीनगर का मेडिकल कॉलेज पहाड़ी क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण स्थान है। श्रीनगर के मेडिकल कॉलेज को सभी सुविधाओं से लैस किया जाएगा। साथ ही मेडिकल कॉलेज की स्वास्थ्य संबंधी प्रस्तावों को भी शीघ्र पूरा किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के मेडिकल तथा पैरामेडिकल स्टाफ के कार्यों की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि कोविड काल के दौरान मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के स्टाफ ने बेहतरीन कार्य किया है। उन्होंने कहा कि कैबिनेट मंत्री डॉ धन सिंह रावत जी के नेतृत्व में खिरसू ब्लॉक में शत प्रतिशत वैक्सीनेशन हुआ है।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने कहा कि श्रीनगर मेडिकल कॉलेज गढ़वाल क्षेत्र की लाइफ लाइन है। कोरोना काल में श्रीनगर मेडिकल कालेज के चिकित्सकों ने बढ़ चढ़कर कार्य किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की बदौलत ही जुलाई माह तक रिकॉर्ड 30 लाख लोगों को वैक्सीन लगाई जा सकी है। उन्होंने कहा कि श्रीनगर मेडिकल कालेज कि विकास कार्य हेतु 15 करोड़ की डी पी आर स्वीकृत हो गई है।

इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष भाजपा मदन कौशिक, केबिनेट मंत्री डॉ हरक सिंह रावत, सतपाल महाराज, विधायक मुकेश सिंह कोली, विनोद कंडारी, जिला पंचायत अध्यक्ष शांति देवी, गढ़वाल मण्डल आयुक्त रविनाथ रमन, जिलाधिकरी डॉ विजय कुमार जोगदण्डे, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पी रेणुका देवी, मेडिकल कॉलेज प्राचार्य सीएम रावत आदि उपस्थित थे।

मसूरी में शहीद स्मारक पर राज्य आंदोलनकारियों को सीएम ने दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मसूरी में शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर शहीद राज्य आन्दोलनकारियों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य निर्माण के लिए मसूरी गोलीकांड में बेलमती चौहान, हंसा धनई, बलवीर सिंह नेगी, धनपत सिंह, मदन मोहन ममगाईं, राय सिंह बंगारी ने अपने प्राणों की आहुति दे दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के राज्य आन्दोलनकारियों के बलिदान के कारण ही हमें उत्तराखण्ड नया राज्य मिला। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य आन्दोनकारियों ने जिस उद्देश्य से अलग राज्य की मांग की थी। उसके अनुरूप ही राज्य को आगे बढ़ाया जायेगा। जन समस्याओं का समाधान तेजी से हो, इसके लिए हर स्तर पर अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है। कार्यों में तेजी लाने के लिए प्रक्रियाओं को आसान बनाया जा रहा है। जन सुविधा के लिए सरकार का ध्यान प्रक्रियाओं के सरलीकरण, समाधान और निस्तारण पर अधिकारियों को विशेष ध्यान देने के निर्देश दिये गये हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जो राज्य आन्दोलनकारी चिन्हीकरण हेतु छूट गये हैं, 31 दिसम्बर 2021 तक उन राज्य आन्दोलनकारियों के चिन्हीकरण की व्यवस्था की जायेगी। चिन्हित राज्य आन्दोलनकारी जिन्हें 3100 रुपये प्रतिमाह पेंशन अनुमन्य की गई है, उनकी मृत्यु के पश्चात उनके आश्रितों, पति/पत्नी को भी 3100 रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जायेगी। विभिन्न विभागों में कार्यरत राज्य आन्दोलनकारियों को सेवा से हटाये जाने के माननीय उच्च न्यायालय के आदेश पर राज्य सरकार पुनर्विचार याचिका दाखिल कर ठोस पैरवी करेगी। उद्योगों में नौकरी के लिए भी राज्य आन्दोलनकारियों को प्राथमिकता के लिए समुचित व्यवस्था की जायेगी। राजकीय अस्पतालों की तरह मेडिकल कॉलेजों में भी राज्य आंदोलनकारियों का निःशुल्क ईलाज किया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मसूरी के सिपनकोट के लोगों की पुनर्वास की उचित व्यवस्था की जायेगी। मसूरी रोपवे का कार्य शुरू होने से पूर्व सिपनकोट के लोगों के पुनर्वास की समस्या का समाधान किया जायेगा। मसूरी में वन टाइम सेटलमेंट लागू किया जायेगा। गढ़वाल सभा के भवन को यदि अन्यत्र स्थान पर शिफ्ट करना पड़ा तो, इसके लिए दूसरी जगह पर व्यवस्था की जायेगी।

केन्द्रीय पर्यटन एवं रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट ने कहा कि शहीद राज्य आन्दोलनकारियों के बलिदान की वजह से ही उत्तराखण्ड राज्य का निर्माण हुआ है। उत्तराखण्ड अलग राज्य बना, यह प्रदेशवासियों के त्याग का ही परिणाम है। शहीद राज्य आन्दोलनकारियों के सपनों के अनुरूप जो कार्य करना होगा, वह सरकार करेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश तेजी से प्रगति के पथ पर अग्रसर है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पद्चिन्हों पर चलकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी राज्य को आगे बढ़ा रहे हैं।

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलन में मसूरी गोलीकांड एक महत्वपूर्ण घटना है। इसमें हमारे अनेक आन्दोलनकारी राज्य निर्माण की मांग को लेकर शहीद हुए। उन्होंने कहा कि सिपनकोट के लोगों के पुनर्वास की व्यवस्था के लिए प्रयास हो रहे हैं, जल्द ही इसका समाधान निकाला जायेगा।

इस अवसर पर पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला, मसूरी नगर पालिका परिषद् के अध्यक्ष अनुज गुप्ता, मसूरी नगर पालिका परिषद् के पूर्व अध्यक्ष मन्नू मल, बलजीत सिंह सोनी, एवं राज्य आन्दोलनकारी मौजूद थे।

कोविड राहत पैकेज के तहत पर्यटन विभाग में पंजीकृत होटल को राहत राशि वितरण शुरू

पर्यटन क्षेत्र में घोषित कोविड राहत पैकेज के अंतर्गत पर्यटन विभाग में पंजीकृत होटल, रैस्टोरेंट व होम स्टे के कार्मिकों को राहत राशि वितरित की जानी शुरू हो गई है। राज्य सरकार द्वारा इन्हें 5 माह तक 2-2 हजार रूपये की राहत राशि डीबीटी द्वारा दी जाएगी। संबंधित होटल, रैस्टोरेंट व होम स्टे द्वारा पर्यटन विभाग के पोर्टल पर अपने जिन कार्मिकों के नाम अपलोड किये जाते हैं, पर्यटन विभाग द्वारा उनके खातों में अनुमन्य सहायता राशि ट्रांसफर की जा रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार 31 अगस्त तक राज्य में कुल 9398 लोगों के खातों में 3,66,3,580 रूपये की राशि ट्रांसफर की जा चुकी है। इनमें देहरादून जिले के 1333, उत्तरकाशी 552, हरिद्वार 472, टिहरी 1142, पौङी 328, रुद्रप्रयाग 681, अल्मोड़ा 446, बागेश्वर 230, पिथौरागढ़ 1084, चम्पावत 71, नैनीताल 2075, ऊधमसिंह नगर 403 और चमोली जिले के 581 पर्यटन में पंजीकृत होटल, रैस्टोरेंट व होम स्टे से जुड़े लोग शामिल हैं।

4275.48 लाख रुपये की लागत से टनकपुर में हुआ योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद चम्पावत के टनकपुर क्षेत्र भ्रमण के दौरान कुल 4275.48 लाख रुपये की 17 योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। उन्होंने गांधी मैदान नगर पालिका टनकपुर में 3851.98 लाख रुपये लागत की 14 योजनाओं का लोकार्पण और 423.50 लाख रुपये लागत की 03 योजनाओं का शिलान्यास किया।

लोकार्पण
मुख्यमंत्री ने 320.00 लाख रुपये की लागत से बने विशेष सहायता योजना के अंतर्गत चंपावत शहर के आंतरिक मार्गों का बिटुमिनस कंक्रीट द्वारा पेवमेन्ट की सतह सुधार का कार्य, 160.17 लाख रुपये की लागत से बने एन. कोविड 19 की रोकथाम हेतु उप जिला चिकित्सालय टनकपुर में 4 बेड का आईसीयू, इमरजेंसी वार्ड एवं ऑक्सीजन पाइप लाइन का निर्माण, 100.45 लाख रुपए की लागत से बने फायर स्टेशन टनकपुर में आवासीय/अनावासीय भवनों का निर्माण कार्य, 189.52 लाख लागत के चम्पावत में ईवीएम और वीवीपीएटी गोदाम का निर्माण, 54.31 लाख के जीआईसी सुखिढांग में साइंस लेब, आर्ट क्राफ्ट कक्ष लाइब्रेरी कक्ष का निर्माण, 70.36 लाख के जीएसएस नीड़ में साइंस लेब, आर्ट क्राफ्ट रूम, लाइब्रेरी, कक्षा कक्ष का निर्माण, 70.95 लाख के जीआईसी दियुरी में साइंस लेब, कंप्यूटर कक्ष, आर्ट एवं क्राफ्ट रूम तथा लाइब्रेरी का निर्माण, 60.48 लाख के जीएचएस पल्सों में साइंस लेब, कंप्यूटर कक्ष एवं अतिरिक्त कक्षा कक्ष का निर्माण, 50.00 लाख से पूर्णागिरि मेले में समस्त अवस्थापना सुविधा तथा रास्ते शौचालय, तथा साइनेज आदि का कार्य, 78.50 लाख के जिला ऑडिटोरियम चम्पावत के अवशेष कार्य एवं अग्निशमन उपकरणों की स्थापना, 2073.35 लाख बने डॉ एपीजे अब्दुल कलाम प्रौद्योगिकी संस्थान टनकपुर एकेडमीक ब्लॉक 01, 195.47 लाख के राजकीय औद्योगिक संस्थान तल्ला देश चम्पावत, 89.11 लाख के ग्राम छिनीगोठ एवम भैंसाजाला में 02 सं. मिनी नलकूप निर्माण की योजना, 339.31 लाख की नरसिंहडांडा-गुरेली मो.मा. किमी 7 से कनयूड़ा-बड़पास मोटर मार्ग ( नचहतंकमजपवद ) समदहजी 5 किमी योजनाओं का लोकार्पण किया।

शिलान्यास
मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत जनपद चम्पावत के अंतर्गत 13 डिस्ट्रिक्ट 13 डेस्टिनेशन योजना के अंतर्गत सीलिंगटाक में स्थित टी- टूरिज्म हट की कुल धनराशि 105.50 लाख से मरम्मत व्यू पॉइंट कैफेटेरिया टिकट हाउस तथा फेंसिंग कार्य, 98.00 लाख की जनपद चम्पावत के विकासखंड चम्पावत में ग्राम खि़रद्वारी में 01 संख्या सोलर चलित लिफ्ट सिंचाई योजना का निर्माण, भारतीय स्टेट बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) चम्पावत के भवन निर्माण लागत 220.00 लाख का शिलान्यास किया।

घोषणाएं
इस दौरान मुख्यमंत्री ने कई योजनाओं की घोषणाएं भी की। बनबसा में गैस एजेंसी का खोला जाना, क्वेरेला नदी के दाएं पार्श्व पर स्थित ग्राम झालाकूड़ी की सुरक्षा हेतु बाढ़ सुरक्षा योजना, शारदा नदी के दाएं एवं बाये पार्श्व में ग्राम कोठौल एवं किचौल की सुरक्षा हेतु बाढ़ सुरक्षा हेतु बाढ़ सुरक्षा योजना, शारदा नदी के दाएं पार्श्व में घस्यारामण्डी बस्ती में शारदा नदी के किनारे बाढ़ सुरक्षा योजना, ग्राम उचौलीगोट मैं शारदा नदी के दाएं पाशर्व पर स्नान घाट का निर्माण, चम्पावत-ढकना-मौरलेख-मल्लधामिसौंन-खेतीखान मोटर मार्ग का निर्माण, हिंगला देवी मोटर मार्ग का पुनर्निर्माण एवं सुधारी करण कार्य, कालूखान-गुरौली मोटर मार्ग, जमीन की व्यवस्था हो जाने पर बनबसा में सिडकुल का निर्माण शीघ्र प्रारम्भ किया जाएगा, चम्पावत-खेतीखान 5 किमी पैदल मार्ग का निर्माण, टनकपुर में नवनिर्मित ट्रामा सेंटर में नए फनीचर आदि की व्यवस्था कर उसे संचालित किया जाएगा, ग्राम प्रधानों का मानदेय रुपये 1500 से बढ़ाकर 3500 किया जाएगा तथा ग्राम प्रधानों को 10000 रुपये की आकस्मिक निधि व्यय करने की अनुमति दी जायेगी, 500 पंचायत घरों के निर्माण के लिए 20 करोड़ रुपये की धनराशि अवमुक्त की जाएगी के अन्य विकास कार्याे की घोषणा की।

जनसमस्याओं का निस्तारण
इस अवसर पर लगभग 160 से अधिक जन समस्याओं का पंजीकरण हुआ, जिनके निस्तारण के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार सरलीकरण, समाधान व निस्तारण इन तीन बिंदुओं पर कार्य कर रही हैं। उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो कार्य जिस स्तर का हो उसका निस्तारण उसी स्तर पर करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि यदि बेवजह शिकायतें उच्च स्तर पर आएगी तो सम्बन्धित अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार इस प्रकार की कार्यप्रणाली से कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि हम उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ प्रदेश बनाना चाहते हैं ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखंड प्रदेश को ख्याति प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में निरन्तर प्रदेश का चहुमुँखी हो रहा है।
इस दौरान सांसद अजय टम्टा, विधायक चम्पावत कैलाश गहतोड़ी, आयुक्त कुमाऊ सुशील कुमार, आईजी कुमाऊ अजय रौतेला, जिलाधिकारी विनीत तोमर, पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष टनकपुर विपिन कुमार, भाजपा जिलाध्यक्ष दीप चंद्र पाठक आदि उपस्थित रहे।

खटीमा में शहीद राज्य आंदोलनकारियों को सीएम ने दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा में शहीद स्मारक पर पुष्प अर्पित कर शहीद राज्य आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में शहीद राज्य आंदोलनकारियों के परिजनों को सम्मानित भी किया। उन्होंने कहा कि शहीदों के परिजनों को सम्मानित कर वे स्वयं को गौरान्वित महसूस कर रहे हैं। खटीमा, मसूरी, रामपुर तिराहा आदि जगहों पर हुई शहादत से ही उत्तराखण्ड राज्य का निर्माण हुआ।

शहीदों के सपनों के अनुरूप उत्तराखण्ड राज्य का विकास करने के लिए राज्य सरकार संकल्पबद्ध है। हमारे राज्य आंदोलनकारियों ने रोजगार, सड़क, शिक्षा आदि को लेकर जो सपने देखे, उन्हें पूरा करने के लिए हमारी सरकार लगातार प्रयासरत है। आने वाले 10 वर्षों में निश्चित रूप से उत्तराखण्ड को देश का आदर्श राज्य बनाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों को सम्मान स्वरूप प्रमाण पत्र प्रदान किए गए हैं। परंतु अनेक राज्य आंदोलनकारी इससे छूट गए हैं। 30 जुलाई 2018 के बाद राज्य आंदोलनकारियें का चिन्हीकरण नहीं किया गया। राज्य आंदोलनकारियों की मांग पर राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हिकरण के लिए नया शासनादेश जारी किया जाएगा। इसमें 31 दिसम्बर 2021 तक चिन्हिकरण की व्यवस्था की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चिन्हित राज्य आंदोलनकारी जिन्हें 3100 रूपए पेंशन अनुमन्य की गई है, उनकी मृत्यु के पश्चात उनके आश्रितों, पत्नी/पति को भी 3100 रूपए प्रतिमाह पेंशन दी जाएगी। विभिन्न विभागों में कार्यरत राज्य आंदोलनकारियों को सेवा से हटाए जाने के माननीय उच्च न्यायालय के आदेश पर राज्य सरकार पुनर्विचार याचिका दाखिल कर ठोस पैरवी करेगी। उद्योगों में नौकरी के लिए राज्य आंदोलनकारियों को प्राथमिकता के लिए समुचित व्यवस्था की जाएगी। राजकीय अस्पतालों की तरह ही मेडिकल कालेजों में भी राज्य आंदोलनकारियों का निशुल्क ईलाज सुनिश्चित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों की अन्य मांगों पर भी निश्चित रूप से विचार किया जाएगा।

सीएम ने खटीमा के बण्डिया में बहुउद्देशीय शिविर में जनसमस्या सुनकर किया निस्तारण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा के बण्डिया क्षेत्र में जनता की समस्याओं के समाधान हेतु आयोजित बहुउद्देश्यीय शिविर में जनसमस्याओं का निस्तारण किया। मुख्यमंत्री के साथ सांसद अजय टम्टा ने भी कार्यक्रम में शिरकत की।

सरलीकरण, समाधान व निस्तारण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हमने विधानसभा सत्र के दौरान सतत विकास को लेकर काफी बिन्दुओं में गहन चर्चा की। सत्र के दौरान हमने कहा कि हमारी सरकार विशेषतः तीन बिन्दुओं सरलीकरण, समाधान व निस्तारण पर कार्य करेगी।

जनसमस्याओं के निस्तारण के लिए अधिकारियों की जिम्मेवारी तय

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी अधिकारीगण अपने कार्यों को अपने स्तर पर जिम्मेदारी पूर्वक निर्वहन करें। प्रयास यह किया जाए कि कार्य को विधानसभा या जनपद स्तर पर ही निस्तारण कर लिया जाए। हमारा लक्ष्य है कि आने वाले दस वर्षों में उत्तराखण्ड को हर क्षेत्र में प्रथम स्थान पर लाया जाए।

खटीमा-पीलीभीत एनएच के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का आभार जताया

खटीमा-पीलीभीत सड़क मार्ग के राष्ट्रीय राजमार्ग बनने को लेकर मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केन्द्रीय सङक परिवहन मंत्री नितिन गडकरी का आभार जताया। उन्होंने कहा कि जल्द ही सड़क का विधिवत कार्य भी शुरू कर दिया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने की महत्वपूर्ण घोषणाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द ही नानकमत्ता क्षेत्र में हेली सेवा शुरू की जाएगी ताकि जो श्रद्धालु नानकमत्ता साहिब आना चाहते हैं उन्हें सहुलियत हो सके। मुख्यमंत्री ने खटीमा में श्रद्धालुओं हेतु विश्राम गृह बनाने की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि खटीमा पर स्टेट राज्यमार्ग- 70 जिसका प्रथम चरण पास हो चुका है उस पर शीघ्र ही कार्य शुरू कर दिया जायेगा। मेलाघाट क्षेत्र में इस छठ पूजा से पहले एक भव्य छठ पूजा घाट का निर्माण भी किया जायेगा। जगबुड़ा पूल को लेकर नेपाल से बात की जाएगी अगर बात बनती हैं तो जल्द ही पुल का निर्माण किया जाएगा। भारामल मन्दिर के सौन्दर्यीकरण का कार्य प्रथम चरण में हो रहा है। झनकईया तथा शारदा घाट का भी सौन्दर्यीकरण किया जायेगा। वन चेतना मैदान चकरपुर में स्टेडियम का निर्माण भी शीघ्र कर लिया जाएगा। खटीमा बाईपास का निर्माण भी प्रगति पर है।

खटीमा कौमी एकता का गुलदस्ता

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार आगामी 15 सितम्बर से प्रदेश की सड़को को गडढामुक्त करने का अभियान चलायेगी। उन्होंने कहा कि मेरा खटीमा मिनी इंडिया या लघु भारत है, इसे कौमी एकता का गुलदस्ता भी कहा जा सकता है। हम यही चाहते हैं कि हम सरकार की तरह नही बल्कि जनता के साथ साझीदार के रूप में कार्य करे। सरकार जनता के द्वार के सिद्धान्त पर कार्य किया जा रहा है और लोगो की समस्याओं का समाधान किया जा रहा है। खटीमा क्षेत्र में आगामी दस दिनों में जमीनों से ज़ुड़े सारे विवाद समाप्त करने की कोशिश करेंगे।

अल्मोड़ा लोकसभा से सांसद अजय टम्टा ने उत्तराखंड निर्माण के दिनों को याद करते हुए वर्तमान के उत्तराखंड में एक मुख्यमंत्री के रूप में युवा नेतृत्व चुनने के के लिए केंद्र सरकार का धन्यवाद दिया।
नानकमत्ता के विधायक प्रेम सिंह राणा ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि 2 माह के कार्यकाल में सीएम द्वारा उत्तराखण्ड को एक अलग पहचान मिली है और स्थानीय क्षेत्र खटीमा में युवाओं, उनकी शिक्षा में शानदार कार्य हों रहा है।

कार्यक्रम से पहले, मुख्यमंत्री ने अन्य लोगों के साथ पार्टी कार्यकर्ता सतीश मौर्या के घर पर भोजन भी ग्रहण किया।

धारचूला में आपदा प्रभावित क्षेत्र पहुंचकर सीएम ने लिया स्थिति का जायजा, प्रभावित परिवारों से मिलकर जताई शोक संवेदना


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पिथौरागढ़ जनपद के सीमांत तहसील धारचूला के आपदा प्रभावित क्षेत्र ग्राम जुम्मा पंहुचकर विगत दिनों क्षेत्र में हुई भारी वर्षा से हुई क्षति का जायजा लिया गया तथा आपदा प्रभावितों से मिले व उनका हाल जाना। इस दौरान उन्होंने जुम्मा के जामुनी तोक में आपदा से लापता व्यक्तियों की खोजबीन हेतु चलाए जा रहे रेस्क्यू कार्य का भी जायजा लिया गया। इस दौरान उन्होंने आपदा प्रभावित क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण कर नुकसान का जायजा भी लिया गया। उन्होंने जुम्मा के एलागाड़ स्थित एसएसबी कैम्प में जुम्मा के जामुनी एवं सिरौउयार तोक के आपदा प्रभावितों से मिलकर शोक संवेदना व्यक्त करते हुए दुःख व्यक्त किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार दुःख की इस घड़ी में उनके साथ खड़ी है। इस दौरान प्रभावित परिवारों को प्रति मृतक 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता का चेक प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि 1 लाख रुपये की अतिरिक्त धनराशि प्रति मृतक मुख्यमंत्री आर्थिक सहायता कोष से भी परिवार को सहायता के रूप में उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने आपदा पीड़ितों को आस्वस्त कराया कि सरकार इस दुःख की घड़ी में उनके साथ खड़ी है। उनकी हर संभव मदद की जाएगी।

इसके उपरांत मुख्यमंत्री पर्यटक आवास गृह धारचूला पहुंचकर स्थानीय लोगों से मिले और उनकी समस्याएं भी सुनी। इससे पूर्व जुम्मा में आपदा की घटना में मृतक व्यक्तियों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उनकी आत्मा की शान्ति के लिए 2 मिनट का मौन रखा गया। इसके उपरांत उन्होंने धारचूला नगर के नो गांव(तरकोट), मल्ली बाजार के आपदा पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें हर सम्भव मदद करने की बात करते हुए जिलाधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र का भू गर्भीय परीक्षण कराते हुए सुरक्षा के कार्य कराए जाएंगे। इस दौरान उन्होंने क्षेत्रीय जनता की समस्याएं भी सुनी। उन्होंने बरम के गोगोई में भू कटाव को रोके जाने हेतु सुरक्षा दीवार का निर्माण करने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि दुःख की घड़ी में सरकार प्रभावितों के साथ खड़ी है। हर सम्भव मदद की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी एक माह हेतु क्षेत्र में हैलीसेवा को बढ़ा दिया गया है। आवश्यकता पड़ने पर इसे आगे भी बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पिथौरागढ़ से हवाई सेवा सुचारू किए जाने हेतु भी प्रयास जारी है। उन्होंने कहा कि धारचूला काली नदी किनारे तटबन्ध निर्माण हेतु सिंचाई विभाग द्वारा तैयार 42 करोड़ की धनराशि के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान हेतु शासन से कार्यवाही की जाएगी।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र में आपदा से बंद क्षतिग्रस्त सड़कों को शीघ्रता से खोलना हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में तीन मांह हेतु खाद्यान्न की आपूर्ति की जा चुकी है,जहां खाद्यान्न की कमी होगी उन क्षेत्रों में हैलीकॉप्टर से खाद्यान्न पंहुचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में चिकित्सकों की तैनाती की जाएगी। उन्होंने आपदा के दौरान प्रशासन द्वारा किए गए त्वरित कार्य हेतु जिलाधिकारी एवं उनकी समस्त टीम की सराहना करते हुए कहा कि आपदा विभाग 24 घंटे कार्य कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत दुनिया का पहला देश है जहां सबसे अधिक वैक्सीनेशन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कोरोना कम हुआ है पर खत्म नहीं हुआ है। सभी लोगों से अपील है कि वह कोविड नियमों का अनुपालन अवश्य करें। उन्होंने कहा कि अगले 4 महीने में प्रदेश में शत प्रतिशत कोविड वैक्सीनेशन कर लिया जाएगा। केन्द्र से उत्तराखंड को 20 लाख वैक्सीन उपलब्ध करा दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी अधिकारी कार्यों को सरलीकरण करते हुए उनका समाधान कर त्वरित निस्तारण करना सुनिश्चित करें ताकि निचले स्तर की समस्याओं के निस्तारण हेतु लोगों को तहसील, जिला एवं राज्य स्तर तक न आना पड़े। उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों का भू गर्भीय परीक्षण कर सुरक्षा एवं पुनर्वास की व्यवस्था की जाएगी।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि धारचूला के ग्वाल गांव में सुरक्षा के कार्य किए जाएंगे। व्यास खोतिला के भू कटाव की सुरक्षा हेतु धनराशि दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार जो भी घोषणा कर रही है उसे धरातल पर अवश्य ही साकार कर रही है। इस दौरान क्षेत्रीय सांसद अजय टमटा ने कहा कि सरकार इस दुःख की घड़ी में आपदा प्रभावितों के साथ है। उनकी हर संभव मदद की जाएगी।
भ्रमण के दौरान सांसद अजय टम्टा, जिलाधिकारी डॉ आशीष चौहान, पुलिस अधीक्षक सुखबीर सिंह, क्षेत्र प्रमुख धन सिंह धामी, अध्यक्ष नगर पालिका राजेर्श्वरी देवी, प्रभारी मुख्य विकास अधिकारी आशीष पुनेठा आदि मौजूद रहे।

टिहरी निवासी जबर सिंह के पार्थिव शरीर को भारत में लाने का अनुरोध

टिहरी जिले के कंदीसौड़ स्थित थौलधार ब्लाक निवासी जबर सिंह के पार्थिव शरीर को नाइजीरिया से भारत वापस लाने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विदेश मंत्री एस जय शंकर को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि भारत सरकार इस मसले पर गंभीरता से प्रयास करे।

ज्ञातव्य है कि टिहरी जनपद के कंदीसौड़ गांव के निवासी जबर सिंह नाइजीरिया स्थित ताज रेस्टोरेंट में काम में कार्यरत थे, बीते 24 अगस्त को देर रात को अचानक उनका स्वास्थ्य खराब होने के कारण उनका आकस्मिक निधन हो गया था। जबर सिंह के आकस्मिक निधन के बाद उनके परिजनों द्वारा उनका पार्थिव शरीर अपने गाँव लाये जाने हेतु नाइजीरिया सरकार से सम्पर्क किया गया, लेकिन उनके द्वारा स्व. जबर सिंह के पार्थिव शरीर को भारत वापस भेजे जाने में असमर्थता व्यक्त कर दी गई। स्व. जबर सिंह के परिवारजनों की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण स्वयं के संसाधनों से वे मृतक का शरीर भारत वापस लाने में असमर्थ है।

इस बात का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने भारत सरकार के विदेश मंत्री से विशेष अनुरोध करते हुए इस मामले की गम्भीरता को ध्यान में रखते हुए शीर्ष प्राथमिकता के आधार पर स्व. जबर सिंह के पार्थिव शरीर भारत वापस लाये जाने हेतु केन्द्र सरकार से आग्रह किया है. विदेश मंत्रालय से इस सम्बन्ध में राज्य सरकार को सकारात्मक आश्वासन मिला है।