देहरादूनः सेंटर फॉर हिंदू स्टडीज में हिंदू सभ्यता और संस्कृति से जुड़े विभिन्न विषयों पर शिक्षण और शोध-कार्य

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मानव सेवा उत्थान समिति द्वारा हरिद्वार में बैसाखी महापर्व के अवसर पर आयोजित सद्भावना सम्मेलन एवं राष्ट्रीय एकता शिविर में प्रतिभाग किया।

कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज को इस भव्य आयोजन के लिए बधाई देते हुए सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी मानव कल्याण के उद्देश्य से आयोजित ये विशाल सम्मेलन न केवल समाज में एकता औऱ सद्भावना का संदेश देगा बल्कि मानव सेवा के लिए भी जन-जन को प्रेरित करेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राचीन सनातन हिंदू संस्कृति हमें “वसुधैव कुटुम्बकम’’ अर्थात संपूर्ण पृथ्वी को अपना परिवार मानने की प्रेरणा देती है। हमारे ऋषियों-मुनियों ने समाज में अध्यात्म और ज्ञान द्वारा लोगों को सद्भावना का मार्ग दिखाया है। उसी मार्ग पर चलते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज हमारा देश वसुधैव कुटुम्बकम की भावना पर आधारित ष्एक पृथ्वी – एक परिवार – एक भविष्यष् की अवधारणा को वैश्विक मंचों पर साकार कर रहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कोरोना काल में विश्व के लगभग 100 देशों को कोविड की वैक्सीन देना हो, योग एवं आयुर्वेद को वैश्विक स्तर पर ले जाना हो या अनेकों छोटे देशों को आर्थिक सहायता देनी हो, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सदैव पूरी पृथ्वी को मानवता के एक सूत्र में पिरोने का प्रयास किया है। आज विश्व में कहीं भी कोई आपदा आती है तो भारत तत्काल पीड़ित देश को राहत सामग्री पहुँचाने का कार्य करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी हाल ही में जब म्यांमार में विनाशकारी भूकंप आया था तो भारत ने ‘ऑपरेशन ब्रह्मा’ के अंतर्गत वहां 625 टन राहत सामग्री भेजने के साथ ही डॉक्टरों की टीम को भी भेजा, जिसने वहां पर सैकड़ों लोगों का उपचार किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एकता किसी भी देश की शक्ति और स्थिरता का आधार होती है। यदि देश के नागरिकों में आपसी सद्भावना होगी, तो वे मिलकर देश की उन्नति के लिए कार्य करेंगे। इसी को ध्यान में रखकर आज देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नागरिकों में एकता की भावना को मजबूत करने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन एवं सहयोग से हमारी राज्य सरकार भी प्रदेश में एकता, समानता और सामाजिक सौहार्द को मजबूत करने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी हाल ही में, हमनें प्रदेश में समान नागरिक संहिता को लागू करने जैसा ऐतिहासिक कार्य किया है। इसके माध्यम से जाति, धर्म और लिंग आदि के आधार पर कानूनी मामलों में होने वाले भेदभाव को पूर्ण रूप से खत्म कर प्रदेश के सभी नागरिकों को समान अधिकार देने का प्रयास किया गया है।
इसके साथ ही, हमारी सरकार प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। आज एक ओर जहां, केदारनाथ धाम एवं बद्रीनाथ धाम में वृहद स्तर पर पुनर्निमार्ण के कार्य किए जा हैं वहीं, हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरीडोर के निर्माण की दिशा में भी हम कार्य कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने दून विश्वविद्यालय में सेंटर फॉर हिंदू स्टडीज की पढ़ाई प्रारंभ करने का निर्णय लिया है। इस सेंटर में हिंदू सभ्यता और संस्कृति से जुड़े विभिन्न विषयों पर शिक्षण और शोध-कार्य किए जाएंगे।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि सनातन संस्कृति सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामया की रही है। इस विचार के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व गुरु बनने की दिशा में अग्रसर है।
इस अवसर पर विधायक आदेश चौहान, जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा, विनय रोहिल्ला, जिलाधिकारी कर्मेंद्र सिंह,एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोभाल सहित सभी जनपद स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।

बाबा साहेब ने संविधान की प्रस्तावना में न्याय, स्वतंत्रता, समानता भारतीय गणराज्य के मूल स्तंभ को रखाः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में संविधान निर्माता भारतरत्न डॉ. भीम राव अम्बेडकर के सम्मान अभियान के सम्बन्ध में आयोजित प्रदेश कार्यशाला में प्रतिभाग किया।

मुख्यमंत्री ने बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर को नमन करते हुए कहा कि बाबा साहेब की 135वीं जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाने वाला सम्मान अभियान राष्ट्र के प्रति उनके योगदान को स्मरण करने एवं उनके विचारों को पुनः जागृत करने में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने कहा जनसंघ से लेकर आज तक भाजपा की विचारधारा सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय एकता पर ही आधारित रही है। उन्होंने कहा पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी का ध्येय था कि अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति जब सत्ता के सिंहासन पर बैठेगा, तभी अंत्योदय से राष्ट्रोदय का स्वप्न साकार होगा। उन्होंने कहा पहले रामनाथ कोविंद और फिर द्रौपदी मुर्मू का राष्ट्रपति पद पर आसीन होना, उनके अंत्योदय के स्वप्न के साकार होने का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहेब ने अपने विचारों, ज्ञान और धैर्य से देश को नई दिशा प्रदान की। समाज के वंचित वर्गों को मुख्यधारा में लाने के लिए उनका संघर्ष हर पीढ़ी के लिए एक मिसाल है। उन्होंने जाति प्रथा के खिलाफ मजबूत आवाज उठाई थी। जिसके लिए देशवासी सदैव उनके प्रति कृतज्ञ रहेंगे। उन्होंने संविधान की प्रस्तावना में न्याय, स्वतंत्रता, समानता भारतीय गणराज्य के मूल स्तंभ को रखा। बाबा साहब ने ऐसे भारत की परिकल्पना की जिसमें सभी वर्गों को समान अधिकार, समान अवसर और समान गरिमा प्राप्त हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज आधुनिक भारत की नींव पर चलकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नए भारत का निर्माण कर रहे हैं। बाबा साहेब की जयंती पर राष्ट्रीय अवकाश घोषित कर प्रधानमंत्री ने उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित की है। सरकार द्वारा बाबा साहेब की स्मृतियों से जुड़े प्रमुख स्थलों को राष्ट्र चेतना के पंच तीर्थ के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा आज़ादी के बाद पहली बार प्रधानमंत्री मोदी ने ही सच्चे मन से दलितों और वंचितों के उत्थान के साथ उन्हें समाज की मुख्यधारा में जोड़ने का कार्य किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने अनुसूचित वर्ग के कल्याण हेतु आम बजट में वृद्धि की है। आर्थिक, शैक्षणिक और सामाजिक स्थिति को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। दलित उत्पीड़न कानून 1989 को केंद्र सरकार ने संशोधित कर और सख्त बनाया है। स्टैंडअप इंडिया योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, हर घर नल से जल, आयुष्मान भारत जैसी अनेकों योजनाओं में भी गरीबों, शोषितों, वंचितों, आदिवासियों और दलितों को प्राथमिकता देते हुए उनका समग्र विकास सुनिश्चित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार भी अनुसूचित समाज को सशक्त, शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाने हेतु हरसंभव प्रयास कर रही है। राज्य सरकार द्वारा कक्षा 1 से 12वीं तक के बच्चों को छात्रवृत्ति एवं राज्य में निशुल्क 15 छात्रावास, 5 आवासीय विद्यालय और 3 आईटीआई का संचालन किया जा रहा है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग की निःशुल्क व्यवस्था भी की गई है। राज्य सरकार ने प्रदेश में जातीय भेदभाव को समाप्त करने और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अनुसूचित जाति के युवक या युवती से अंतर-जातीय विवाह करने पर 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के परिवारों की बेटियों के विवाह हेतु भी 50 हजार रुपये की अनुदान राशि प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा राज्य सरकार ने राज्य में समान नागरिक संहिता लागू कर सामाजिक न्याय और समरसता की स्थापना की दिशा में कदम उठाकर बाबा साहेब को सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित की है। उन्होंने कहा निश्चित ही सभी को इस कार्यशाला के आगामी सत्रों में सम्मान अभियान से जुड़े सभी पहलुओं पर विस्तार से मार्गदर्शन प्राप्त होगा।

इस अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, राज्यसभा सांसद डॉ. राधा मोहन अग्रवाल, महामंत्री (संगठन) अजेय कुमार, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

उत्तराखंड में अब ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज होने वाली फिल्मो तथा वेब सीरीज को भी अनुदान

उत्तराखण्ड को देश का सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म डेस्टिनेशन बनाने के संकल्प को दोहराते हुए सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार इस विषय में अत्यंत गंभीर है और ठोस रणनीति के साथ कार्य कर रही है। सीएम धामी ने बताया कि हाल ही में हमारी सरकार ने ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज होने वाली फिल्मो तथा वेब सीरीज को भी अनुदान देने का प्राविधान किया है। नेटफ्लिक्स, अमेज़न प्राइम, सोनी लाइव, जी तथा जियो हॉटस्टार पर रिलीज होने वाली फिल्मो और वेब सीरीज को अनुदान देने की व्यवस्था की गई है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी देहरादून के सिल्वर सिटी मॉल में आयोजित गढ़वाली फीचर फ़िल्म मेरी प्यारी बोई के प्रीमियम में शामिल हुए। फिल्म की सफलता के लिए निर्माता-निर्देशक सहित पूरी टीम को बधाई देते हुए सीएम धामी ने कहा कि राज्य सरकार फिल्म निर्माण से जुड़े हर क्षेत्र के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। फिल्म निर्माण से राज्य में प्रत्यक्ष रोजगार की नई गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ ही राज्य के पर्यटन को भी नई मजबूती मिल रही है।

सीएम धामी ने बताया कि पर्यटन विभाग की मदद से नए शूटिंग स्थलों को चिन्हित कर उन्हें शूटिंग के लिए बढ़ावा देने की प्रक्रिया शुरू हो गई है, ताकि फिल्मों के माध्यम से उत्तराखंड के अपेक्षाकृत कम प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों को भी बढ़ावा दिया जा सके।

सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखंड में फिल्मों की शूटिंग के लिए हर संभव मदद दी जाएगी. राज्य सरकार ने नई फिल्म नीति-2024 लागू की है, जिससे यहां फिल्म बनाना और भी आसान हो गया है. फ़िल्म निर्माताओं को फिल्मों की शूटिंग के उत्तराखण्ड भा रहा है। सिंगल विंडो सिस्टम के तहत शूटिंग की अनुमति दी जा रही है, जिससे प्रक्रिया तेज और सरल हो गई है. इसके अलावा, हिंदी और संविधान की 8वीं अनुसूची में शामिल भाषाओं की फिल्मों को उत्तराखंड में व्यय राशि का 30 फीसदी खर्च या अधिकतम 3 करोड़ रुपये तक का अनुदान दिया जा रहा है. बड़ी बजट (50 करोड़ रुपये से अधिक) और विदेशी फिल्मों पर भी राज्य में हुए खर्च का 30 फीसदी या अधिकतम 3 करोड़ रुपये तक का अनुदान मिलता है. यह योजना न केवल फिल्मों को प्रोत्साहित कर रही है बल्कि राज्य में पर्यटन को भी बढ़ावा दे रही है। राज्य की क्षेत्रीय भाषाओं की फिल्मों के लिए राज्य में व्यय की गई राशि का अधिकतम 2 करोड़ रुपये का अनुदान दिया जा रहा है। सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखंड में शूटिंग के लिए कई खूबसूरत डेस्टिनेशन हैं. सरकार का मकसद है कि फिल्म इंडस्ट्री को बेहतर सुविधाएं देकर राज्य को फिल्म निर्माण का हब बनाया जाए।

सीएम धामी ने कहा कि राज्य में फिल्मांकन के लिए बहुत अच्छा माहौल है। फ़िल्म निर्माताओं को फिल्मों की शूटिंग के लिए जनता के साथ-साथ सरकारी विभागों से भी पूरा सहयोग मिला। उत्तराखंड में फिल्मों की शूटिंग के लिए कई मनमोहक डेस्टिनेशन हैं। पहाड़ों में भरपूर प्राकृतिक सुंदरता वाले कई स्थान हैं। राज्य का हर डेस्टिनेशन फिल्मांकन के लिए उपयुक्त है। आदि कैलाश, चकराता और माणा जैसे कई आकर्षक स्थान उत्तराखंड में हैं।

उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता को देखकर देश भर से फिल्म निर्माता फिल्म शूटिंग के लिए राज्य में आ रहे हैं। यहां फिल्मांकन की संभावनाओं को देखते हुए राज्य सरकार लगातार इस दिशा में आगे बढ़ रही है। अभी तक 200 से अधिक फिल्मों की शूटिंग उत्तराखंड में हो चुकी है। नई फिल्म नीति राज्य में फिल्मों को बढ़ावा दे रही है। बॉलीवुड के साथ-साथ स्थानीय बोलियों पर आधारित फिल्मों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

इस अवसर पर मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल एवं फ़िल्म की पूरी टीम सहित बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद थे।

ग्रीष्मकाल में पेयजल आपूर्ति को लेकर सीएम ने ली जिलाधिकारियों की बैठक

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में ग्रीष्मकाल के दौरान पेयजल आपूर्ति के संबंध में जिलाधिकारियों के साथ वीसी के माध्यम से समीक्षा बैठक ली। उन्होंने राज्य के हर गांव और शहर में पाइपलाइन के माध्यम से पेयजल पहुंचाने की योजना में तेजी लाने, न्यूनतम समय में ट्यूबवेल को रिप्लेस करने, फायर हाइड्रेट को सुचारू रखने, कैचमेंट एरिया में वनीकरण और चेक डैम बनाने, सारा के साथ समन्वय बनाकर स्त्रोतों को पुनर्जीवित करने और जल संवर्धन की नीति तैयार करने, दूरस्थ क्षेत्रों में सोलर पंप का प्रयोग कर जलापूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

सीएम धामी ने कहा कि मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार इस साल अत्यधिक गर्मी की संभावना है। इसके लिए समस्त डीएम पेयजल किल्लत वाले स्थानों को चिन्हित कर कार्य योजना तैयार करे, कि किस प्रकार से उन क्षेत्रों में जलापूर्ति की जाएगी। इसके साथ ही स्कूलों, पंचायतों और सोशल मीडिया के माध्यम से जल बचाने का संदेश फैलाया जाए। उनहोंने कहा कि गर्मियों में फॉरेस्ट फायर की घटनाओं के प्रभाव को कम करने के लिए जंगलों से जाने पेयजल योजनाओं से वाल्व बनाए जाएं जिससे आग को तत्काल बुझाया जा सकें।

सीएम धामी ने पेयजल के टोल फ्री नंबर को हर हाल में चालू रखने के निर्देश दिए। साथ ही टोल फ्री नंबर में दर्ज शिकायतों का समय से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। पानी का दुरुपयोग न हो इसके लिए सघन चौकिंग अभियान भी चलाया जाए। उन्होंने पानी की लीकेजों को चिन्हित कर तत्काल मरम्मत तथा मरम्मत के लिए बफर सामाग्री एवं श्रमिकों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। साथ ही मोटर पम्प, विद्युत उपकरण एवं पाईप स्पेयरस, के खराब होने पर उन्हें तुरंत सही किया जाए एवं जल की शुद्धता का भीविशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि टेंकरों की निगरानी एवं प्रभावी व्यवस्था हेतु टेंकरों पर जी०पी०एस० इनेबल सिस्टम की व्यवस्था हो एवं प्राइवेट टैंकरो हेतु पानी की दरें भी निर्धारित की जाएं।

सीएम ने कहा कि बरसात के जल को रोककर छोटे डैम और बैराज बनाए जाएंगे। इससे बरसात का पानी बर्बाद होने से बचेगा और गर्मियों के सीजन में जल का सदुपयोग हो पाएगा। इसके लिए सभी डीएम तीन सप्ताह के भीतर अपने जिलों के स्थलों को चिन्हित कर प्रस्ताव उपलब्ध कराएंगे। इसके साथ ही जिलों में सीरीज ऑफ चेक डैम बनाए जाने की भी योजना है। उन्होंने कहा पहाड़ों में अभी भी कई स्थानों पर घोड़े खच्चरों के माध्यम से पानी पहुंचाया जा रहा है,उन स्थलों के लिए दीर्घकालिक योजना बनाई जाए।

बैठक में उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण विकास परिषद विश्वास डाबर, मुख्य सचिव आनंद बर्धन, प्रमुख सचिव आर के सुधांशु, सचिव शैलेश बगोली, आयुक्त विनय शंकर पांडे, सचिव विनोद कुमार सुमन, रणवीर सिंह चौहान, विशाल मिश्रा, अपूर्वा पांडेय सहित कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत और सभी जिलों के डीएम वीसी के माध्यम से जुड़े रहे।

सीएम बोले, प्रदेश के पुराने कुओं के जीर्णोंधार के लिए चलेगा विशेष अभियान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दशकों पुराने कुओं का जीर्णोंधार करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए कुओं का व्यापक सत्यापन अभियान चलाया जाएगा, साथ ही रख रखाव के जरिए इन्हें फिर से पुनर्जीवित किया जाएगा।
कुएं प्राचीन काल से गांवों से लेकर शहरों में तक मीठे और साफ पानी के स्रोत रहे हैं, कुंए धार्मिंक और सांस्कृतिक रूप से भी महत्वपूर्ण होते हैं, कई जगह कुंए एतिहासिक घटनाओं के भी गवाह हैं। लेकिन समय के साथ जलापूर्ति की व्यवस्था बदलने से कुंओं का उपयोग घटता चला गया, वर्तमान में कई जगह कुएं अतिक्रमण या उपेक्षा के शिकार हो चुके हैं। लेकिन अब प्रदेश सरकार एक बार फिर कुओं का रख -रखाव करने जा रही है। इसके लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बरसात से पहले कुओं की व्यापक सफाई करते हुए, इन्हें पुनर्जीवित करने के निर्देश दिए हैं। ग्रामीण क्षेत्र में भी विभिन्न सरकारी योजनाओं के जरिए कुओं की साफ सफाई करते हुए, पुनर्जीवित किया जाएगा।

सारा के तहत जलस्रोतों को बचाने का प्रयास
प्रदेश सरकार गेम चेंजर योजना के तहत स्प्रिंग एंड रिवर रिजुविनेशन अथॉरिटी (सारा) के जरिए, जल स्रोतों के संरक्षण का प्रयास कर रही है। जल संरक्षण अभियान 2024 के तहत कुल 6350 क्रिटिकल दृ सूखे जल स्रोतों को चिन्हित करते हुए, पेयजल और सिंचाई के लिए महत्वपूर्ण 929 स्रोतों का उपचार किया जा चुका है। साथ ही मैदानी क्षेत्रों में भूजल रिचार्ज के लिए 297 रिचार्ज शॉफ्ट निर्मित किए जा चुके हैं। गत वर्ष विभिन्न जल संचय और संग्रहण संरचनाओं के निर्माण से 3.21 मिलियन घन मीटर वर्षा जल रिचार्ज किया गया।

प्रधानमंत्री ने व्यक्त किया आग्रह
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी नौ नवंबर को उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस पर दिए अपने भाषण में राज्यवासियों से अपने नौलों, धारों को संरक्षित करते हुए, पानी की स्वच्छता के अभियानों को गति देने का आग्रह व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में कहा कि उत्तराखंड में अपने नौलों धारों को पूजने की परंपरा रही है,प्रदेश सरकार इसी क्रम में कुओं को भी संरक्षित करने का अभियान शुरू करने जा रही है।

कुंए हमारी सभ्यता के अहम अंग रहे हैं। शहरों से लेकर गांवों तक कई प्राचीन कुंए हैं। हमारा प्रयास है कि इन्हें फिर प्रयोग में लाया जाए, इससे जल संरक्षण के प्रयासों को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही स्वच्छ जल के प्राकृतिक स्रोत भी संरक्षित हो सकेंगे।
पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड

2026 में नंदा देवी यात्रा तथा 2027 में कुम्भ के भव्य एवं ऐतिहासिक आयोजन की उत्तराखंड को बड़ी जिम्मेदारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार ने प्रदेश की बेरोजगारी दर में रिकॉर्ड 4.4 प्रतिशत की कमी लाकर राष्ट्रीय औसत को भी पीछे छोड़ने का काम किया है। सरकार की ‘एक जनपद, दो उत्पाद’ योजना से स्थानीय आजीविका के अवसर बढ़ रहे हैं, इसके साथ ही हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड के माध्यम से हमारे पारंपरिक उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक पहचान मिल रही हैं। सीएम धामी ने कहा कि ‘स्टेट मिलेट मिशन’, ‘फार्म मशीनरी बैंक’, ‘एप्पल मिशन’, ‘नई पर्यटन नीति’, ‘नई फिल्म नीति’, ‘होम स्टे’, ‘वेड इन उत्तराखंड’ और ‘सौर स्वरोजगार योजना’ जैसी पहलों से राज्य की स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित ओहो हिल यात्रा के चौथे संस्करण रजत से स्वर्ण की ओर’’ के समापन कार्यक्रम में प्रदेशभर से आए छात्र-छात्राओं को सम्बोधित कर रहे थे।

समस्त राज्यवासियों का आह्वाहन करते हुए सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखंड राज्य स्थापना का रजत जयंती वर्ष मनाने के साथ ही अपने प्रदेश को प्रत्येक क्षेत्र में अग्रणी बनाने का संकल्प लेकर आगे बढ़ना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि प्रदेश का प्रत्येक नागरिक अपने-अपने क्षेत्र में पूरी निष्ठा, समर्पण और ईमानदारी के साथ योगदान दे, तो उत्तराखंड को एक विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध राज्य बनने से कोई शक्ति नहीं रोक सकती।

सीएम धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में हमारी सरकार द्वारा प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, खेल, पेयजल और हवाई कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने का तेजी से कार्य किया जा रहा है। साथ ही ‘लोकल फॉर वोकल’, ‘मेक इन इंडिया’ और ‘स्टार्टअप इंडिया’ के माध्यम से विकसित भारत एवं विकसित उत्तराखंड बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री के प्रोत्साहन से राज्य में आदि कैलाश एवं शीत कालीन यात्रा को नई गति मिली है। राज्य सरकार पर वर्ष 2026 में नंदा देवी यात्रा तथा 2027 में कुम्भ के भव्य एवं ऐतिहासिक आयोजन की बड़ी जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि विभिन्न चुनौतियों के बावजूद विगत 3 वर्षों में हमारे प्रदेश ने कई उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं, जिनकी गूंज आज पूरे देश में सुनाई दे रही है। उत्तराखण्ड में लिए जा रहे निर्णय देश के लिए आदर्श बन रहे हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह बड़े गर्व का विषय है कि नीति आयोग द्वारा जारी वर्ष 2023-24 के सतत् विकास के लक्ष्यों को हासिल करने के इंडेक्स में उत्तराखंड को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है।साथ ही, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में उत्तराखंड को एचीवर्स तथा स्टार्टअप रैंकिंग में लीडर्स की श्रेणी भी प्राप्त हुई है। अभी हाल ही में, हमारे यहां आयोजित हुए 38वें राष्ट्रीय खेलों के भव्य एवं सफल आयोजन में प्रदेश के खिलाड़ियों ने 100 से अधिक मेडल लाकर देशभर में 7वा स्थान प्राप्त कर इतिहास रचने में सफलता प्राप्त की है।

सीएम धामी ने कहा कि हमने उत्तराखंड में सबसे पहले समान नागरिक सहिंता लागू करके, देश के सामने एक आदर्श प्रस्तुत किया है। हमने एक ओर जहां उत्तराखंड में देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया वहीं धर्मांतरण रोकने के लिए भी कानून बनाया, प्रदेश में पहली बार लैंड जिहाद , लव जिहाद और थूक जेहाद के खिलाफ कार्रवाई की गई, वहीं रसूखदार भ्रष्टाचारियों के विरुद्ध भी कठोर कदम उठाने से हम पीछे नहीं हटे।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा है कि सख्त नकल विरोधी कानून के परिणामस्वरूप पिछले तीन वर्षों में प्रदेश के लगभग 22 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी प्राप्त हुई है। कहा कि आज रोजगार के परिदृश्य तेज़ी से बदल रहे हैं। तकनीकी नवाचार और वैश्विक परिवर्तन के कारण रोजगार के नए अवसर उत्पन्न हो रहे हैं और पुराने खत्म हो रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में स्टार्टअप और इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित किए गए हैं, साथ ही स्टार्टअप की सहायता हेतु 200 करोड़ रुपए के वेंचर फंड की भी व्यवस्था की गई है द्य हमारा उद्देश्य है कि हमारे युवा केवल नौकरी ढूंढने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले भी बनें। उत्तराखंड में पलायन की पीड़ा नहीं, बल्कि प्रवासियों की गौरवपूर्ण वापसी हो, जहाँ हमारे गांव आत्मनिर्भर हों और तकनीकी संसाधनों और आधुनिक सुविधाओं से युक्त हो। श्विकास भी, विरासत भीश् के मूलमंत्र के साथ हमारी सांस्कृतिक पहचान और भी समृद्ध बने ताकि आने वाली पीढ़ियाँ उस पर गर्व करें। हमारी सरकार उत्तराखण्ड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के अपने “विकल्प रहित संकल्प’’ को पूर्ण करने हेतु निरंतर प्रतिबद्ध है।

ओहो रेडियो टीम की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ओहो रेडियो प्रत्येक वर्ष ष्हिल यात्राष् के माध्यम से प्रदेश के युवाओं, विशेष रूप से स्कूली विद्यार्थियों को ज्ञान और संवाद की श्रृंखला से जोड़कर राष्ट्र और राज्य के भविष्य निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने हेतु प्रेरित कर रहा है।

महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, डायरेक्टर एसओए रवि भटनागर प्रदेशभर से आए छात्र-छात्राएं, अभिभावक, शिक्षक उपस्थित थे।

धामी सरकार ने 13 जनपदों के 500 विद्यालयों में की वर्चुअल क्लास रूम की व्यवस्था

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, हरिद्वार में आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह-2025 कार्यक्रम में प्रतिभाग कर नवनिर्मित भवन व स्मार्ट रूम का लोकापर्ण किया। उन्होंने प्रतिभावान विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को सम्मानित कर उनके कार्यों की सराहना की।

मुख्यमंत्री ने नए भवन व स्मार्ट रूम के लोकापर्ण पर सभी छात्र छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात देश जब अपने पैरो पर खड़ा हो रहा था, उस समय राष्ट्र निर्माण की भावना को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के आनुषंगिक संगठन के रूप में विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान ने सरस्वती शिशु मंदिर के रूप में जो पौधा रोपित किया था, आज विशाल वट वृक्ष बनकर खड़ा हो गया है और देश के कोने-कोने में हमारे नौनिहालों को शिक्षित कर देश को आगे बढ़ाने का कार्य कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा विद्या भारती द्वारा देश में 12 हजार से अधिक विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। जिनमें लगभग 35 लाख से अधिक विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी विद्या भारती द्वारा 50 से भी अधिक महाविद्यालय एवं एक विश्वविद्यालय का संचालन किया जा रहा है। जिसके माध्यम से विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा देने के साथ ही उनमें राष्ट्रसेवा, नैतिकता, संस्कृति संरक्षण, प्राकृतिक संरक्षण और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना को विकसित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में वर्तमान में विद्या भारती का एक बड़ा नेटवर्क है। माणा से लेकर सीमांत क्षेत्र धारचूला तक भी शिशु मंदिर और विद्या मंदिर मौजूद हैं। वर्तमान में विद्या भारती द्वारा 500 से अधिक विद्यालय प्रदेश के अंदर संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें एक लाख से अधिक विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज इस विद्यालय मे 04 स्मार्ट क्लासेज का लोकापर्ण होना इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि विद्या भारती के स्कूल किसी भी आधुनिक स्कूल से पीछे नहीं हैं, उनमें भी सभी प्रकार की सुविधाए दी जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में निरतंर सुधार कर रही है। शिक्षा के महत्व को ध्यान में रखते हुए सरकार ने प्रदेश में सर्वप्रथम नई शिक्षा नीति लागू की। राज्य में पीएमश्री योजना के अंतर्गत 141 पीएमश्री विद्यालय बनाये गये हैं। नेताजी सुभाष चन्द्र बोस आवासीय विद्यालय का निर्माण भी किया जा रहा है। प्रदेश के 13 जनपदों के 500 विद्यालयों में वर्चुल्स क्लासरूम की व्यवस्था भी की गई है। क्वालिटी एजुकेशन सुनिश्चित करने के लिए सभी विद्यालयों में एनसीईआरटी की पाठ्य पुस्तकों को अनिवार्य किया गया है। विद्यार्थियों को, विज्ञान को बेहतर तरीके से समझाने के लिए राज्य में लैब ऑन व्हील्स अर्थात मोबाइल साइंस लैब की शुरुआत भी की है। राज्य में कक्षा 1 से 12 तक के विद्यार्थियों को निशुल्क पाठ्य पुस्तक और कक्षा एक से आठ तक के बच्चों को पाठ्य पुस्तकों के साथ ही जूता और बैग भी उपलब्ध कराया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 20 मॉडल कॉलेज एवं 09 महाविद्यालय की स्थापना करने के साथ ही महिला छात्रावास एवं आईटी लैब सहित परीक्षा भवनों का निर्माण भी किया जा रहा है। स्कूलों के लिए अध्यापकों एवं महाविद्यालयों के लिए असिस्टेंट प्रोफेसर आदि की नियुक्ति भी हो रही है। राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में करोड़ों रुपए की लागत से स्टेडियम में खेल सुविधाओं का निर्माण करवाया गया है एवं 8 वर्ष की उम्र से ही प्रतिभावान खिलाड़ियों को छात्रवृति दी जा रही है।प्रदेश के आवासीय स्पोर्ट्स कॉलेज के खिलाड़ियों को निशुल्क प्रशिक्षण शिक्षा आवास भोजन व किट आदि भी प्रदान की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने राष्ट्रीय स्तर की किसी भी प्रतियोगिता में मेडल लाने वाले खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी देने की ऐतिहासिक शुरुआत भी की है। इन सभी प्रयासों का परिणाम है कि हाल ही आयोजित हुए 38वें राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन में प्रदेश के खिलाड़ियों ने 100 से अधिक मेडल लाकर इतिहास रचा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेहनती और प्रतिभावान बच्चों के सपनों पर कोई नकल माफिया हावी नहीं हो सकेगा। राज्य सरकार ने उत्तराखंड में देश का सबसे बड़ा नकल विरोधी कानून लागू किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा पहले के समय में आयोजित होनी वाली परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक होते थे। जिससे प्रदेश के युवाओं का मनोबल टूट रहा था। लेकिन जब से नकल विरोधी कानून प्रदेश में लागू किया है तब से एक भी पेपर लीक नहीं हुआ है। जिसका परिणाम यह है कि 3 वर्षों में लगभग 22 हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने सरकारी नौकरी पाने में सफलता प्राप्त की है।मुख्यमंत्री ने सभी विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए कहा कि सभी मन लगाकर पढ़ाई करें और आगे बढ़े। उन्होंने कहा यह विद्यालय इसी प्रकार भविष्य में भी आने वाली पीढ़ियों को शिक्षा प्रदान करेगा एवं विद्यार्थियों में सामाजिक और नैतिक मूल्यों का विकास करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा।

इस अवसर पर प्रांत प्रचारक आर.एस.एस उत्तराखंड डॉ शैलेन्द्र, विधायक आदेश चौहान, प्रधानाचार्य लोकेंद्र अथवाल, प्रबंधक अजय शर्मा आदि ने भी संबोधन में अपने विचार रखे।

इस दौरान शिवशंकर जायसवाल, शेर सिंह रावत, रोहित भाटिया, महापौर किरण जैसल, विधायक प्रदीप बत्रा, दर्जा राज्यमंत्री देशराराज कर्णवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा, पूर्व विधायक संजय गुप्ता, पूर्व जिलाध्यक्ष संदीप गोयल, जिला उपाध्यक्ष लव शर्मा, जिलाधिकारी कर्मेंन्द्र सिंह, एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोभाल, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

उत्तराखंड के इस होम स्टे संचालन से लेकर पर्यटकों को विलेज टूर तक कराती हैं महिलाएं

उत्तरकाशी जनपद में पयर्टकों का रुख आमतौर पर हर्षिल वैली या मोरी-सांकरी की तरफ ही होता है। ऐसे में चिन्यालीसौढ़ ब्लॉक के मथोली गांव की महिलाओं ने अपने आतिथ्य सत्कार और कौशल से गांव को पयर्टकों के लिए नया ठिकाना बना दिया है। यहां होम स्टे संचालन से लेकर विलेज टूर तक महिलाएं ही संचालित करवा रही हैं।

मथोली को पहाड़ के आम गांव से पयर्टक गांव के रूप में बदलने का श्रेय जाता है गांव के युवक प्रदीप पंवार को। प्रदीप पंवार को कोविड 19 लॉकडाउन के दौरान अपना गांव लौटना पड़ा, सौभाग्य से उनके पास पयर्टन क्षेत्र में काम करने का अनुभव था। इसलिए उन्होंने गांव के पास मौजूद अपनी छानी (गौशाला) को होम स्टे में बदल कर, इसे पर्यटकों के लिए खोल दिया। इसी के साथ प्रदीप पंवार ने गांव की महिलाओं को ही होम स्टे संचालन (आतिथ्य सत्कार, भोजन बनाने, ट्रैकिंग, विलेज टूर) का प्रशिक्षण दिया। साथ ही गांव की ब्रांडिंग ‘ब्वारी विलेज’ के तौर पर की, ताकि महिला सशक्तिकरण का संदेश दूर तक पहुंचे। इस बीच उन्होंने गांव में घस्यारी प्रतियोगिता के जरिए भी, पर्यटकों के लिए विलेज लाइफ की नई झलक प्रस्तुत की। जो पर्यटकों को खूब भा रही है। स्थानीय महिला अनीता पंवार बताती हैं कि गांव में अब अन्य महिलाएं भी अपनी छानियों को होम स्टे में परिवर्तित करने के लिए आगे आई हैं। प्रदीप पंवार बताते हैं कि अब उन्होंने अपने होम स्टे को पर्यटन विभाग में पंजीकृत करवा दिया है, जिससे वो ऑनलाइन बुकिंग भी ले सकते हैं। प्रदीप बताते हैं कि आठ मार्च 2022 से उन्होंने अपने होम स्टे की शुरुआत की थी, इसके बाद से यहां करीब एक हजार पर्यटक आ चुके हैं, जिससे करीब 20 महिलाओं को समय समय पर काम मिलता है।

5331 होम स्टे पंजीकृत हैं

पयर्टन विभाग के पास इस समय 5331 होम स्टे पंजीकृत हैं। जो ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्र में महिलाओं द्वारा संचालित किए जा रहे हैं। सरकार पंडित दीन दयाल उपाध्याय होम स्टे योजना के तहत होम स्टे की लागत पर मैदानी क्षेत्र में 25 प्रतिशत और पहाड़ी क्षेत्र में 33 प्रतिशत तक सब्सिडी प्रदान करती है।

मथोली गांव, ग्रामीण पर्यटन के साथ ही महिला सशक्तिकरण का भी उदाहरण है। यदि गांव का कोई परिवार होम स्टे संचालन के लिए आगे आता है, तो उन्हें पर्यटन विभाग की सभी योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। साथ ही पंजीकरण प्रक्रिया में भी सहयोग किया जाएगा। मथोली गांव से अन्य लोगों को भी प्रेरणा लेनी चाहिए।
पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

देहरादून में सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय भारत सरकार का दो दिवसीय चिंतन शिविर शुरु

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में केंद्र सरकार की नीतियों से बीते एक दशक में देश भर में करीब 30 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर निकल चुके हैं। देहरादून में आयोजित केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के दो दिवसीय चिंतन शिविर को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने यह बात कही।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमारे राज्य के लिए गौरव का विषय है कि यहां सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण विषय पर राष्ट्रीय स्तर का चिंतन शिविर आयजित किया जा रहा है। ये चिंतन शिविर बाबा साहब अंबेडकर तथा पंडित दीनदयाल उपाध्याय जैसे मनीषियों के चिन्तन का विस्तार भी है। इस शिविर में आय़ोजित होने वाले संवाद से भविष्य में अपनायी जाने वाली सामाजिक सशक्तिकरण की नीतियों का रोडमैप तैयार होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में आज देश में “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मूलमंत्र के साथ कार्य किया जा रहा है। पहले कई दशकों तक देश में समाज कल्याण विभाग कुछ गिने-चुने कार्यों तक ही सीमित माना जाता था। परंतु नरेंद्र मोदी के प्रधान सेवक बनने के बाद अपनाई गई नीतियों और योजनाओं से बीते एक दशक में देश के करीब 30 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आने में सफल रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज देश में केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा एक ओर देश में बुजुर्गों, विधवाओं एवं दिव्यांगजनों को विशेष पेंशन देकर उनका जीवन स्तर सुधारा जा रहा है, वहीं छात्रों को छात्रृवत्ति देकर उन्हें अपना भविष्य उज्जवल बनाने का अवसर भी दिया जा रहा है। इसी तरह विभिन्न योजनाओं एवं नीतियों के माध्यम से स्वरोजगार और उद्यमिता को प्रोत्साहित कर अति पिछड़े वर्ग को मुख्यधारा में लाने का प्रयास किया जा रहा है। नशे की लत से पीड़ित लोगों के लिए जागरूकता कार्यक्रम और पुनर्वास केंद्रों का संचालन भी किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन से राज्य सरकार भी प्रदेश में सामाजिक न्याय की अवधारणा को धरातल पर उतारने की दिशा में कार्य कर रही है। प्रदेश सरकार वृद्धावस्था पेंशन बढ़ाने के साथ ही पति-पत्नी दोनों को पेंशन प्रदान कर रही है, पेंशन योजनाओं का भुगतान मासिक आधार पर किया जा रहा है, पेंशन योजनाओं को ऑनलाइन किए जाने के साथ ही अन्त्योदय परिवारों को प्रतिवर्ष तीन गैस सिलेंडर निशुल्क प्रदान किए जा रहे हैं।

इसी तरह अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के बच्चों को कक्षा 1 से लेकर बारहवीं तक छात्रवृत्ति देने के साथ ही उनके लिए निशुल्क 15 छात्रावास, 5 आवासीय विद्यालय तथा 3 आईटीआई भी संचालित की जा रही हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क कोचिंग और प्रतिमाह छात्रवृत्ति भी प्रदान की जा रही है।

अनुसूचित जाति एवं जनजाति के व्यक्तियों की बेटियों की शादी के लिए 50 हजार रूपए का अनुदान भी दिया जा रहा है। जनजातीय क्षेत्रों में अवस्थापना सुविधाओं का विकास करने के साथ ही जनजातीय शोध संस्थान के लिये 1 करोड़ रुपए के कार्पस फण्ड की भी व्यवस्था की गई है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार अटल आवास योजना के तहत अनुसूचित वर्ग के आवासहीन परिवारों को पक्का घर बनाने के लिए एक लाख 20 हजार रुपए की राशि प्रदान की जा रही है। प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान के अंतर्गत उत्तराखंड के 128 जनजातीय गांवों का चयन किया गया है। उत्तराखण्ड में केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के सहयोग से वृद्धजनों के आंखों का उपचार तथा जेरियाट्रिक केयर यानि वृद्धजनों को विशेष देखभाल की सुविधा देने के लिए लोगों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की सरकारी नौकरियों में दिव्यांगजनों को 04 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया जा रहा है। राज्य सरकार प्रदेश में नशामुक्त देवभूमि अभियान को मिशन मोड पर संचालित कर रही है। सरकार प्रदेश के प्रत्येक जनपद में नशा मुक्ति केंद्र संचालित करने की योजना पर भी कार्य कर रही है, जनपद नैनीताल के हल्द्वानी में नशा मुक्ति केंद्र का संचालन प्रारंभ भी किया जा चुका है।

राज्य में जहां एक ओर, भिक्षावृत्ति में संलिप्त बच्चों को रेस्क्यू कर उन्हें स्कूल जाने के हेतु प्रेरित किया जा रहा है, वहीं युवा एवं प्रौढ़ वर्ग के लोगों को कौशल विकास प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने का प्रय़ास भी किया जा रहा है। इस दिशा में राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों को और अधिक मजबूती देने के लिए केंद्र सरकार की ैडप्स्म् योजना के अंतर्गत प्रदेश के चार शहरों को चयनित किया गया है। मुख्यमंत्री ने अंत में सभी प्रतिभागियों को आगामी चारधाम यात्रा पर आने का निमंत्रण देते हुए कहा कि इस साल से प्रदेश सरकार ने शीतकालीन यात्रा भी प्रारंभ की है। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर्षिल में पहुंच कर प्रोत्साहित किया है।

राज्यों और केंद्र के बीच तालमेल बहुत जरूरी

इससे पूर्व, चिंतन शिविर में केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री वीरेंद्र कुमार ने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ वंचित समुदाय तक पहुंचाने में राज्यों की बेहद महत्वपूर्ण भूमिका है। चिंतन शिविर का उद्देश्य योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर तालमेल बनाना ही है। उन्होंने बताया कि जब आगरा से चिंतन शिविर का सफर शुरू किया गया था, तब उस कार्यक्रम में सिर्फ आठ राज्यों का प्रतिनिधित्व रहा था। मात्र 12 राज्यों के अधिकारी उस कार्यक्रम में पहुंचे थे। ये शुभ संकेत है कि देहरादून के चिंतन शिविर में 15 राज्यों का प्रतिनिधित्व हो रहा है। उन्होंने नशामुक्त भारत अभियान का खास तौर पर जिक्र करते हुए कहा कि ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि छात्र, युवा नशे की चपेट में आ रहे हैं। केंद्र और राज्यों को इस चुनौती से मिलकर निपटना है।

केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्यमंत्री बीएल वर्मा ने कहा कि वित्तीय वर्ष की समाप्ति के तुरन्त बाद चिंतन शिविर के आयोजन की खास वजह रही है। हमारा ये मानना है कि योजनाओं के ठोस क्रियान्वयन के लिए केंद्र और राज्यों के बीच शुरू में ही जानकारी साझा होने से बेहतर परिणाम निकल पाएंगे।

इस मौके पर केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि हमारे पास एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। हम वंचित तबके को न्याय दिलाने में अहम भूमिका निभा सकते है। प्रधानमंत्री जी ने भी सबका साथ, सबका विकास का मूल मंत्र इसीलिए दिया है। इस मौके पर कई राज्यों के मंत्री और विभागीय अधिकारी शामिल हुए।

सीएम के निर्देश, जनसेवाओं में सुधार, सड़कों की मरम्मत, पेयजल आपूर्ति व वन अग्नि नियंत्रण पर दिया जाए विशेष जोर

सभी जिलाधिकारी अपने जनपदों में पब्लिक सर्विस डिलीवरी, सड़कों को गड्ढा मुक्त करने, पेयजल आपूर्ति बनाये रखने और वन अग्नि पर प्रभावी नियंत्रण के लिए विशेष ध्यान दें। यह निर्देश मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी जिला अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक के दौरान दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अतिक्रमण के विरुद्ध नियमित अभियान चलाया जाय। जनपदों में खाद्य पदार्थों की नियमित सैंपलिंग की जाए। बरसात से पहले रिवर ड्रेजिंग और नालों की सफाई का कार्य पूर्ण किया जाए। जन शिकायतों का जल्द समाधान हो इसके लिए नियमित जनता दरबार, तहसील दिवस, बीडीसी की बैठकों का आयोजन किया जाए और ब्लॉक स्तर तक नियमित बहुउद्देशीय शिविर लगाए जाए। वन अग्नि पर प्रभावी नियंत्रण के लिए रिस्पांस टाइम कम से कम किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी चार धाम यात्रा के दृष्टिगत सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाए। यात्रा मार्ग से जुड़े सभी जनपदों में कंट्रोल रूम पूर्ण रूप से सक्रिय रखे जाएं। यात्रा के दौरान सुव्यवस्थित ट्रैफिक प्लान और श्रद्धालुओं की मूलभूत सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए। जिलाधिकारी नियमित मार्गों का स्थलीय निरीक्षण भी करें। यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी जनपदों में 15 दिन के अंदर सभी सड़के गड्ढा मुक्त हो जाएं। जिलाधिकारी अपने जनपदों की मुख्य समस्याओं को चिन्हित कर उनके समाधान के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों की टीम बनाकर समस्याओं का यथाशीघ्र समाधान करना सुनिश्चित करें।

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए की एक ही स्थान पर 3 साल से अधिक समय से तैनात कार्मिकों के ट्रांसफर की जल्द कार्यवाही की जाए। ग्रीष्मकाल के दृष्टिगत जनपदों में पेयजल की सुचारू आपूर्ति की व्यवस्था की जाए, आवश्यकता पड़ने पर पेयजल टैंकरों की पूर्ण व्यवस्था रखी जाए। विद्युत आपूर्ति को सुचारू रखने के लिए सभी व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित की जाएं। केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का आम जन को पूरा लाभ मिले, इसके लिए योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार के साथ ही सभी पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ दिया जाए।

बैठक में अपर मुख्य सचिव आर.के सुधांशु, सचिव शैलेश बगोली, गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय, अपर पुलिस महानिदेशक ए.पी अंशुमन, उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी, वर्चुअल माध्यम से कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत और सभी जिलाधिकारी उपस्थित थे।