सीएम ने किया जल संरक्षण अभियान 2025 के अंतर्गत आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में प्रतिभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में जल संरक्षण अभियान 2025 के अंतर्गत आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने जल संरक्षण अभियान 2025 की थीम ‘‘धारा मेरा, नौला मेरा, गांव मेरा, प्रयास मेरा’’ पर आधारित भागीरथ मोबाइल एप का शुभारंभ और ब्रोशर का विमोचन किया। इस एप के माध्यम से लोग अपने क्षेत्र के क्रिटिकल और संकटग्रस्त जल स्रोतों की जानकारी साझा कर सकेंगे। एप के माध्यम से चिन्हित स्रोतों का सरकार द्वारा पुनर्जीवीकरण की दिशा में कार्य किये जायेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के जल स्त्रोतों, नौलों, धारों तथा वर्षा आधारित नदियों का संरक्षण करने के उद्देश्य से स्प्रिंग एंड रिवर रिजुविनेशन अथॉरिटी (सारा) का गठन किया है। सारा ने विगत वर्ष विभिन्न विभागों के मध्य सहयोग एवं समन्वय स्थापित कर प्रदेश के लगभग 6500 से अधिक जल स्रोतों के संरक्षण हेतु उपचार कार्य करने के साथ ही लगभग 3.12 मिलियन घन मीटर वर्षा जल का संचयन करने में भी सफलता प्राप्त की है। उन्होंने कहा कि सारा द्वारा, जहां एक ओर, मैदानी क्षेत्रों में केन्द्रीय भू-जल बोर्ड के सहयोग से भू-जल रिचार्ज हेतु विभिन्न प्रयास किये जा रहे हैं। वहीं, प्रदेश की नदियों को पुनर्जीवित करने के अपने प्रथम चरण में तकनीकी एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण के आधार पर नयार, सौंग, उत्तरवाहिनी शिप्रा एवं गौड़ी नदी के उपचार के लिए आई०आई०टी०, रूड़की एवं एन०आई०एच० रूड़की के सहयोग से विस्तृत परियोजना रिपोर्ट भी तैयार की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जल उन्नति, प्रगति जीवन और विकास का मुख्य आधार है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश में जल संरक्षण की दिशा में निरंतर कार्य किये जा रहे हैं। इसमें जन सहयोग भी लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य हर क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है। उन्होंने कहा कि 10 सालों में उत्तराखण्ड के विकास को बुलंदियों पर ले जाने का यही समय है, जो सही समय है। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के अभियान को ग्राम स्तर से राज्य स्तर तक व्यापक रूप से चलाया जायेगा।

इस अवसर पर कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि राज्य के जल स्रोतों के सुधारीकरण और पुनर्जीवित करने के लिए सारा का गठन किया गया है। जल संरक्षण अभियान 2025 में आमजन की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए भागीरथ मोबाइल एप का शुभारंभ भी हो गया है। इस एप के माध्यम से आम जन अपने क्षेत्रों के क्रिटिकल और सूख चुके जल स्त्रोतों की जानकारी साझा कर सकेंगे जिससे समय रहते उनका उपचार भी संभव होगा।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने कहा कि जल संरक्षण अभियान 2025 एक अभियान मात्र नहीं है। राज्य की जल संपदाओं का संचयन, संरक्षण राज्यवासियों की सहभागिता से किया जा रहा। इस अभियान के तहत ग्राम स्तर पर धारा नौला संरक्षण समिति गठित है, जिससे प्रत्येक स्तर पर ग्राम वासियों की भागीदारी सुनिश्चित हो। इसके साथ ही ग्राम पंचायतों की क्षमता विकास के लिए चरणवार कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा।

इस मौके पर विधायक खजान दास, प्रमुख वन संरक्षक डॉ. धनंजय मोहन, जलागम प्रबंधन से नीना ग्रेवाल, पर्यावरणविद चंदन सिंह नयाल, कुंदन सिंह पंवार और पर्यावरण और जल संरक्षण की दिशा में कार्य कर रहे लोग मौजूद थे।

उपनल कर्मचारी संगठन ने सीएम का जताया आभार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सचिवालय में उपनल कर्मचारी संगठन के पदाधिकारियों ने भेंट की। उन्होंने उपनल कर्मियों के नियमितीकरण के लिए ठोस नीति बनाए जाने की घोषणा किए जाने पर मुख्यमंत्री का आभार जताया। संघ के पदाधिकारियों ने उपनल कर्मचारियों के अप्रैल माह में आयोजित होने वाले अधिवेशन हेतु भी मुख्यमंत्री को आमंत्रण दिया।

इस अवसर पर उपनल कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष विनोद गोदियाल, महामंत्री विनय प्रसाद, कार्यकारी अध्यक्ष महेश भट्ट सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

चारधाम यात्रा को धामी सरकार ने 12 भाषाओं में जारी की स्वास्थ्य सुरक्षा को एडवायजरी जारी

उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा 2025 की तैयारियां जोरों पर हैं। गंगोत्री-यमुनोत्री धाम के कपाट 30 अप्रैल को खुलेंगे, जिसके साथ यात्रा की विधिवत शुरुआत हो जाएगी। वहीं केदारनाथ धाम के कपाट 2 मई व बद्रीनाथ धाम के कपाट 4 मई को खुलेंगे। इस बार राज्य सरकार ने तीर्थयात्रियों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं को पहले से बेहतर बनाने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं। स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत के दिशा निर्देशों में चारधाम यात्रा 2025 को सुरक्षित और स्वास्थ्य-संबंधी दृष्टि से बेहतर बनाने की दिशा में कई बड़े कदम उठाए गए हैं, जो तीर्थ यात्रियों की स्वास्थ्य सुरक्षा को सुनिश्चित करेंगे।

स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि तीर्थयात्रियों की स्वास्थ्य सुरक्षा पर विशेष जोर दिया गया है। राज्य सरकार ने विभिन्न भौगोलिक और जलवायु संबंधी चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए 12 भाषाओं में स्वास्थ्य परामर्श एवं एसओपी जारी कर दी है। डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि सभी राज्यों के स्वास्थ्य सचिवों को पत्र के माध्यम से आग्रह किया है कि यात्रा से पूर्व स्वास्थ्य जांच, सतर्कता और चिकित्सकीय तैयारियों पर व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। विशेषकर, बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री एवं यमुनोत्री जैसे ऊँचे-चढ़ते क्षेत्रों में तीर्थयात्रियों को कठोर जलवायु, निम्न ऑक्सीजन स्तर एवं कठिन मार्ग स्थितियों का सामना करना पड़ता है, अतः तीर्थयात्री जरूरी स्वास्थ्य परीक्षण व आवश्यक तैयारियों के साथ आयें।

स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि स्क्रीनिंग प्वाइंट, आपातकालीन सेवाएं और हेलीपैड जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर तीर्थयात्रियों की सहायता सुनिश्चित की जाएगी। इस व्यापक परामर्श को सभी राज्यों में पत्र भेजकर संभावित तीर्थयात्रियों तक आवश्यक जानकारी पहुँचाने का प्रयास किया गया है। राज्य सरकार की यह प्रतिबद्धता चारधाम यात्रा 2025 को सुरक्षित, सुगम एवं सफल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

श्रद्धालुओं के लिए स्वास्थ्य सुविधाएं सर्वाेच्च प्राथमिकता

स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के निर्देशों पर चारधाम यात्रा को पूरी तरह सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग प्रतिबद्ध है। यात्रियों की सुविधा और स्वास्थ्य की देखभाल सर्वाेच्च प्राथमिकता है, इसलिए डॉक्टरों, मेडिकल स्टाफ, ऑक्सीजन सिलेंडर और दवाइयों की पूरी व्यवस्था की गई है। चारधाम यात्रा 2025 के दौरान किसी भी यात्री को स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी कोई परेशानी न हो, इसके लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

तीर्थयात्रियों के लिए एडवाइजरी

यात्रा से पूर्व अनिवार्य स्वास्थ्य जांच कराएं।
कम से कम दो माह पूर्व पैदल चलने, प्राणायाम एवं हृदय संबंधी व्यायाम अपनाएं।
आवश्यक दवाइयों की पर्याप्त मात्रा साथ रखें।
स्वास्थ्य एवं पर्यटन पंजीकरण ऐप पर अनिवार्य पंजीकरण करें।
पर्याप्त जल, संतुलित आहार एवं हल्के गर्म पेय पदार्थों का सेवन करें।
स्क्रीनिंग केंद्र एवं चिकित्सा राहत पोस्ट का लाभ उठाएं।
हल्की परतों वाले कपड़े, गरम वस्त्र, दस्ताने एवं ऊनी सामग्री साथ रखें।

चिकित्सा विशेषज्ञों की स्वैच्छिक सेवा

स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि इसके अतिरिक्त, राज्यों के स्वास्थ्य सचिवों से यह भी कहा गया है कि वे अपने राज्य से चिकित्सा विशेषज्ञों, विशेषकर हृदय रोग, अस्थि रोग, सर्जन जैसे चिकित्सकों को स्वैच्छिक रूप से चारधाम यात्रा मार्ग पर स्थित चिकित्सालयों में योगदान देने के लिए प्रेरित करें। विशेषज्ञों से अपेक्षित योगदान कम से कम 15 दिनों के लिए होगा, जिससे तीर्थयात्रियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें और चिकित्सकों को मानव सेवा का अवसर मिल सके।

जागरूकता अभियान के तहत प्रचार सामग्री

स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि राज्य सरकार ने चारधाम यात्रा से संबंधित स्वास्थ्य सुरक्षा के प्रचार-प्रसार के लिए क्या करें, क्या न करें और अन्य स्वास्थ्य देखभाल सामग्री भी तैयार की है। ये सामग्री सभी राज्यों में साझा की गई है, ताकि तीर्थ यात्री यात्रा के दौरान स्वास्थ्य सुरक्षा के प्रति जागरूक हो सकें। इसके अलावा, यात्रा मार्ग पर स्थित सभी जनपदों के जिलाधिकारियों को यह निर्देश दिए गए हैं कि वे इस सामग्री को स्थानीय स्तर पर वितरित करें, ताकि आम तीर्थयात्री यात्रा के दौरान आवश्यक स्वास्थ्य सुरक्षा उपायों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकें।

यात्रा मार्गों पर स्क्रीनिंग प्वाइंट

स्वास्थ्य सचिव ने जानकारी देते हुए बताया कि चारधाम यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों की ब्लड प्रेशर, शुगर, ऑक्सीजन लेवल सहित 28 पैरामीटर की जांच के लिए स्क्रीनिंग प्वाइंट बनाए गए हैं। यह सभी प्वाइंट रजिस्ट्रेशन प्वाइंट के साथ जोड़े गए हैं ताकि यात्रा शुरू करने से पहले यात्रियों की पूरी स्वास्थ्य जांच हो सके। यात्रा मार्ग पर मेडिकल रिलीफ प्वाइंट की संख्या बढ़ाई गई है और वहां पर डॉक्टरों के साथ प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ और स्वास्थ्य मित्रों की तैनाती की जाएगी।

तीर्थयात्रियों के लिए महत्वपूर्ण सलाह

स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि यात्रा से पहले स्वास्थ्य जांच कराएं और यात्रा की योजना कम से कम सात दिन पहले बनाएं। केदारनाथ और यमुनोत्री यात्रा के दौरान हर एक से दो घंटे में 5-10 मिनट का विश्राम करें। यात्रा के दौरान गर्म कपड़े, रेनकोट, छाता, पल्स ऑक्सीमीटर और थर्मामीटर साथ रखें। हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, अस्थमा, मधुमेह से ग्रसित यात्री अपनी जरूरी दवाइयां और डॉक्टर का नंबर साथ रखें। यदि यात्रा के दौरान सीने में दर्द, सांस लेने में कठिनाई, चक्कर या उल्टी महसूस हो तो तुरंत निकटतम मेडिकल रिलीफ प्वाइंट पर जाएं।

हेल्थ एटीएम और टेलीमेडिसिन की सुविधा

यात्रियों की स्वास्थ्य जांच को आसान बनाने के लिए यात्रा मार्गों पर हेल्थ एटीएम लगाए जाएंगे। यहां पर ब्लड प्रेशर, शुगर, ऑक्सीजन लेवल, वजन, लंबाई और शरीर का तापमान मापा जा सकेगा। साथ ही, टेलीमेडिसिन सेवा के तहत 24 घंटे विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श की सुविधा भी दी जाएगी।

केदारनाथ यात्रा मार्ग पर विशेष ध्यान

स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि तीर्थयात्रियों को स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें केदारनाथ यात्रा मार्ग के दौरान आती हैं। इसलिए केदारनाथ यात्रा के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत किया गया है। यात्रा मार्ग पर 10 मेडिकल रिलीफ पोस्ट और दो पीएचसी सेंटर स्थापित किए गए हैं। गुप्तकाशी, फाटा, गौरीकुंड और नारायणकोटी में हेल्थ एटीएम लगाए जाएंगे, जहां यात्रियों की फ्री हेल्थ स्क्रीनिंग की जाएगी।

उत्तराखंड चारधाम यात्राः पीएम के ग्रैंड प्रमोशन और बढ़ी हुई यात्रा अवधि से हर कोई उत्साहित

उत्तराखंड की चार धाम यात्रा के लिए हर स्तर पर तैयारी तेज हो गई है और उत्साह है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुखवा और हर्षिल आने के बाद से यात्रा के पक्ष में जबरदस्त माहौल बना है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार चार धाम यात्रा दस दिन पहले शुरू हो रही है। यानी कि इस बार यात्रा के लिए ज्यादा दिन उपलब्ध होंगे। यात्रियों के स्तर पर पंजीकरण के लिए दिखाए जा रहे उत्साह को देखते हुए सरकार ने भीड़ प्रबंधन को भी ध्यान में रखते हुए तैयारी शुरू कर दी है।

ग्रैंड प्रमोशन, देवभूमि है लोगों की पहली पसंद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मां गंगा के शीतकालीन गद्दी स्थल मुखवा और पर्यटन स्थल हर्षिल के दौरे से यात्रा के लिए अच्छा माहौल तैयार हुआ है। प्रधानमंत्री छह मार्च को उत्तराखंड आए थे। ऐसा पहली बार हुआ, जब कि चार धाम यात्रा शुरू होने से कुछ दिन पहले ही प्रधानमंत्री का उत्तराखंड आना हुआ। भले ही औपचारिक कार्यक्रम शीतकालीन यात्रा को लेकर था, लेकिन प्रधानमंत्री ने चार धाम यात्रा की भी भरपूर ब्रांडिंग की। देश को यह तक बतलाया कि पिछले दस वर्षों में चार धाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में कितना बड़ा अंतर आ गया है।

30 अप्रैल से यात्रा, इस बार ज्यादा दिन चलेगी

वर्ष 2024 में चार धाम यात्रा का शुभारंभ दस मई को हुआ था। इस बार उसकी शुरुआत 30 अप्रैल से हो रही है। वर्ष 2023 में यात्रा 22 अप्रैल को शुरू हो गई थी और रिकॉर्ड 56,18497 यात्री उत्तराखंड पहुंचे थे। वर्ष 2024 में कम दिन मिलने और प्राकृतिक आपदा की घटनाओं के बावजूद यात्री संख्या के आंकड़े ने सबको चौंका दिया था। इस वर्ष यात्रा में कुल 48,04215 यात्री उत्तराखंड पहुंचे थे।

चार धाम यात्रा, कब कहां के कपाट खुलेंगे
30
अप्रैल को गंगोत्री-यमुनोत्री
02
मई को केदारनाथ धाम
04
मई को बद्रीनाथ धाम

सरकार चारधाम यात्रा की तैयारी में जुटी हुई है। उत्तराखंड की यात्रा व्यवस्था ने देश दुनिया के श्रद्धालुओं को आकर्षित किया है और उनका भरोसा बढ़ा है। प्रधानमंत्री जी ने चारधाम यात्रा का भरपूर प्रमोशन किया है। हम यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए संकल्पबद्ध हैं।
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

रूद्रपुर में सीएम ने किया 40 करोड़ की 14 विकास योजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रुद्रपुर में आयोजित गल्ला मंडी से मेन बाजार होते हुए भव्य रोड शो के साथ कार्यक्रम स्थल गांधी पार्क पहुंचे। रोड शो में मुख्यमंत्री का रूद्रपुर की जनता, जनमानस, विभिन्न संगठनों, जनप्रतिनिधियों ने पुष्प वर्षा, फूल मालाओं, पुष्पगुच्छ से भव्य स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने गांधी पार्क रूद्रपुर में आयोजित सरकार के सेवा, सुशासन एवं विकास के 3 वर्ष पूर्ण होने पर जन सेवा थीम पर आधारित भव्य बहुउद्देशीय एवं चिकित्सा शिविर का भी अवकलोकन किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर लगभग 40 करोड़ की विभिन्न विकास योजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया जिसमें लगभग 30 करोड़ की 7 योजनाओं का शिलान्यास तथा 10 करोड़ की 7 योजनाओं का लोकार्पण शामिल है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नें वेंडिंग जोन में 15 गरीब रेडी, ठेली वालों को दुकानों की चाबियां सौपी। मुख्यमंत्री ने सेवा सुशासन एवं विकास के 3 साल पूर्ण होने पर जनपद की 9 विधानसभाओं हेतु 9 जन सेवा प्रचार रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जन सेवा रथ प्रत्येक विधानसभा में आगामी 30 मार्च 2025 तक प्रचार-प्रसार कर योजनाओं की जानकारियां देगें। मुख्यमंत्री ने बहुउद्देशीय शिविर में स्टॉलो का निरीक्षण किया तथा दही मथकर मक्खन निकाला। उन्होंने स्टॉलो की सराहना भी की। रूद्रपुर वेंडिंग जोन व हंस स्पोर्ट्स अकादमी का शुभारम्भ करते हुए, मुख्यमंत्री ने स्वयं भी बैडमिंटन खेल में हाथ आजमाए।

मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड राज्य स्थापना हेतु अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले अमर बलिदानियों तथा आंदोलनकारियों को नमन करते हुए कहा कि हम राज्य आंदोलनकारियों के स्वपनों का उत्तराखण्ड बनाने की दिश में पूरे मनोयोग से जुटे हैं। उन्होंने कहा कि तीन वर्ष पूर्व जिस विश्वास के साथ राज्य की जनता ने हमें राज्य की जिम्मेदारी सौंपी थी, उस विश्वास पर हमारी सरकार खरी उतर रही है। इन तीन वर्षों में, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन एवं सहयोग से हमारी सरकार ने प्रदेश में ’’सेवा, सुशासन और विकास’’ की एक नई गाथा लिखने का प्रयास किया है। हमने अपने कार्यकाल में एक ओर जहां, शहरों से लेकर सुदूर गांवों को सड़कों से जोड़ने का प्रयास किया है, वहीं ’’उड़ान योजना’’ के माध्यम से प्रदेश के लगभग दर्जनभर नगरों के लिए हेली सेवाओं की शुरुआत कर प्रदेश की एयर कनेक्टिविटी को भी मजबूत किया है। इसी प्रकार, हमनें प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल एवं खेल सहित सभी प्रमुख क्षेत्रों का इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने की दिशा में निरंतर कार्य किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने, उद्योग, पर्यटन, आयुष और खाद्य प्रसंस्करण सहित विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित लगभग 30 से अधिक नई नीतियों को लागू कर प्रदेश के विकास को गति प्रदान करने के साथ ही रोजगार के अवसर सृजित कर पलायन की समस्या से निपटने की दिशा में भी काम किया है। इतना ही नहीं, हमारी सरकार द्वारा होम स्टे योजना, लखपति दीदी योजना और सौर स्वरोजगार योजना जैसी योजनाएं लागू कर स्वरोजगार को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश में लाखों गरीब परिवारों के लिए पक्का घर बनाने, निःशुल्क राशन वितरित करने, प्रतिवर्ष तीन गैस सिलेंडर प्रदान करने और वृद्धावस्था पेंशन को बढ़ाने के साथ ही पति-पत्नी दोनों को पेंशन की सुविधा देने जैसे अनेकों निर्णयों एवं योजनाओं के माध्यम से प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचकर उनका जीवन बेहतर बनाने की दिशा में भी प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश के किसानों के उत्थान एवं समृद्धि हेतु भी संकल्पित होकर कार्य कर रही है। आज जहां एक ओर, किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत प्रदेश के लगभग 8 लाख से अधिक किसान भाइयों को आर्थिक संबल मिल रहा है, वहीं किसानों को सभी प्रमुख फसलों पर बढ़ी हुई एमएसपी देकर उनकी आय में बढ़ोत्तरी भी सुनिश्चित की जा रही है। इसके साथ ही, राज्य में दुग्ध उत्पादन, मधु उत्पादन, कृषि, बागवानी, सुगन्धित पौधों एवं फूलों की खेती के साथ-साथ मोटे अनाज की खेती को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चाहे प्रदेश में किसानों को तीन लाख रूपए तक का ऋण बिना ब्याज के देना हो, किसानों के लिए नहर से सिंचाई को बिल्कुल मुफ्त करना हो, या फिर फार्म मशीनरी बैंक् योजना के अंतर्गत कृषि उपकरण खरीदने पर 80 प्रतिशत की सब्सिडी देनी हो। हम प्रदेश के किसानों को उन्नत एवं समृद्ध बनाने की दिशा में निरन्तर प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश से विस्थापित होकर बड़ी संख्या में लोग हमारे उधमसिंह नगर जिले में भी रहते हैं, दुर्भाग्य की बात थी कि इस समाज के लोगों के जाति प्रमाण पत्र पर पूर्वी पाकिस्तान से विस्थापित लिखा जाता था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्य सेवक के रूप में राज्य की सत्ता संभालने के बाद उन्होंने कहा था कि दशकों से बंगाली समाज के लोग यहां रहकर इसी मिट्टी की सेवा कर रहे हैं, इसलिए ये लोग भी हमारे अन्य नागरिकों की तरह ही हैं, इनके साथ भेदभाव बिल्कुल नहीं होने दिया जाएगा। हमने फैसला लिया कि इनके जाति प्रमाण पत्र में पूर्वी पाकिस्तान से विस्थापित होकर आए हैं, शब्द नहीं लिखा जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने नजूल भूमि पर बड़ी संख्या में बसे हुए बंगाली समाज के परिवारों को उनकी भूमि का मालिकाना हक दिया, ताकि वो बेफिक्र होकर अपना पक्का मकान बना सकें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में ऐतिहासिक ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट के आयोजन के साथ-साथ जी-20 की अंतर्राष्ट्रीय स्तर की बैठकों के आयोजन तथा 38वें राष्ट्रीय खेलों का अभूतपूर्ण आयोजन कर हमने ये साबित किया है कि उत्तराखंड अब किसी से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि हमारे इन सभी कार्यों, नीतियों और योजनाओं का परिणाम है कि नीति आयोग द्वारा जारी वर्ष 2023-24 के सतत् विकास के लक्ष्यों् के इंडेक्स में उत्तराखण्ड को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है, इतना ही नहीं, हमने प्रदेश की बेरोजगारी दर में रिकॉर्ड 4.4 प्रतिशत की कमी लाकर राष्ट्रीय औसत को भी पीछे छोड़ने का काम किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने राज्य में प्रति व्यक्ति आय के मामले में 11.33 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज कर राष्ट्रीय औसत को भी पीछे छोड़ने का काम किया है। प्रदेश का विकास और समृद्धि सुनिश्चित करने के साथ ही हमारी सरकार देवभूमि उत्तराखंड के सांस्कृतिक मूल्यों और डेमोग्राफी को संरक्षित रखने हेतु भी संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रही है, जिसके लिए प्रदेश में धर्मांतरण विरोधी कानून और दंगा विरोधी कानून लागू करने के साथ-साथ लैंड जिहाद, लव जेहाद और थूक जिहाद जैसी घृणित मानसिकता के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने प्रदेश की जनता से किए गए वादे को निभाते हुए देश में सबसे पहले समान नागरिक संहिता लागू कर सभी नागरिकों को समान अधिकार देने का ऐतिहासिक कार्य भी किया है। ये कानून विशेष रूप से हमारी मुस्लिम बहनों को विभिन्न प्रकार के उत्पीड़नों से मुक्ति दिलाने में मील की पत्थर सिद्ध होगा। इतना ही नहीं, देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू कर परीक्षाओं में नकल की समस्या को जड़ से मिटाने के साथ ही नकल माफियाओं की रीढ़ तोड़ने का काम भी इन तीन वर्षों में किया है। पिछले तीन वर्षों में पूरी पारदर्शिता के साथ प्रदेश के 20 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिलना इस बात का सबूत है कि हमारी सरकार जो कहती है, उसे करने का पूरा प्रयास करती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं को 30 प्रतिशत और राज्य आंदोलनकारियों को 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने का वो ऐतिहासिक कार्य भी किया है, जिसे पूर्ववर्ती सरकारों ने अपने राजनीतिक स्वार्थ के चलते ठंडे बस्ते में डाल दिया था। उन्होंने कहा कि आज यदि हम उधमसिंह नगर जनपद की बात करें तो, जहां एक ओर रूद्रपुर में मेडिकल कॉलेज का निर्माण किया जा रहा है, वहीं किच्छा में 351 करोड़ रूपए की लागत से 100 एकड़ भूमि पर एम्स ऋषिकेश के सैटेलाइट सेंटर का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है। इसके साथ ही, हल्द्वानी से कई शहरों के लिए हेली सेवाएं शुरु करने के साथ-साथ हम पंतनगर में अंतर्राष्ट्रीय स्तर का हवाई अड्डा भी बना रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 170 करोड़ रूपए की लागत से गदरपुर बाईपास और 95 करोड़ रूपए की लागत से खटीमा बाईपास का निर्माण कार्य पूरा करने के साथ ही 1152 करोड़ रूपए की लागत से रूद्रपुर बाईपास का निर्माण कार्य भी किया जा रहा है। इसके अलावा जहां एक ओर खटीमा और किच्छा में बस अड्डे का निर्माण किया जा रहा है। वहीं करोड़ों रूपए की लागत से जनपद के रूद्रपुर और चकरपुर मे खेल स्टेडियम, बहुउद्देश्यीय हॉल, साइकिलिंग ट्रैक और एथलेटिक्स ट्रैक सहित विभिन्न प्रकार की खेल सुविधाओं का निर्माण किया गया है। जहां पर अभी हाल ही में आयोजित हुए 38वें राष्ट्रीय खेलों के दौरान कई प्रतियोगिताओं का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इतना ही नहीं, आज जहां एक ओर, सितारगंज में मछली पालकों के लिए एक्वा पार्क बनाया जा रहा है, वहीं खुरपिया में एक स्मार्ट औद्योगिक नगर विकसित करने की प्रक्रिया भी गतिमान है। इस औद्योगिक नगर के स्थापित होने से न केवल उधम सिंह नगर बल्कि पूरे उत्तराखंड के हजारों लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि में गोविंद घाट से हेमकुंड साहिब तक 12.5 किलोमीटर लंबे रोपवे का निर्माण लगभग 27 सौ करोड़ रुपए की लागत से कराये जाने को मंजूरी मिल चुकी है। उन्होंने कहा कि हमारे लिए गर्व की बात कि प्रधानमंत्री मोदी ने गोविन्द घाट से हेमकुंड साहिब तक बनने वाले रोपवे को विकास के 9 रत्नों में शामिल किया है। इस रोपवे के निर्माण के बाद हेमकुंड साहिब आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोत्तरी होगी, क्योंकि 19 किमी की पैदल चढ़ाई रोपवे से महज 45 मिनट में पूरी हो सकेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब तक हम उत्तराखंड को प्रत्येक क्षेत्र में अग्रणी और आत्मनिर्भर नहीं बना लेंगे, तब तक चौन से नहीं बैठेंगे।

मुख्यमंत्री ने जिन योजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया। उनमें 494.89 लाख की लागत से गौशाला निर्माण, 60.11 लाख की लागत से बिगवाड़ा शमशान घाट में स्व0 शहीद वीरेन्द्र सिंह सामन्ती स्मृति में चाहर दीवारी, मुख्य द्वार, क्रियाघर जीर्णाेद्धार एवं टाईलिंग कार्य, 49.72 लाख से नगर निगम क्षेत्रान्तार्गत सब्जी मंडी का जीर्णाेद्धार, 39.89 लाख से 5 ग्रीन पार्क सौन्दर्यकरण, 165.09 लाख से 4 हाईटेक शौचालय निर्माण, 1801.93 लाख से कलेक्टेªट परिसर में जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण कार्यालय भवन निर्माण व 317.90 लाख की धनराशि से निर्माणाधीन किच्छा नवीन बस अड्डा के मुख्य द्वारा पर आवगमन व निकासी हेतु पुलिया निर्माण कार्याे का शिलान्यास एवं 601.49 लाख से निर्मित वेन्डिंग जोन, 171.23 लाख से वेस्ट प्लांट निर्माण कार्य, 34.15 लाख की धनराशि से ट्रांजिट कैम्प में स्ट्रीट लाईट, 43.87 लाख से एबीसी सेंटर कार्य, 171.83 लाख की लागत से एफएसटीपी सेंटर कार्य व नगर निगम रूद्रपुर कार्यालय में कमांड सेंटर एवं स्वच्छता एप व नगर निगम जोनल कार्यालय का लोकार्पण शामिल है।

इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक शिव अरोरा, महापौर विकास शर्मा ने मुख्यमंत्री को क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं से संबंधित लिखित मांग पत्र भी सौंपा। महापौर विकास शर्मा ने रूद्रपुर की कई समस्याएं गिनाते हुए अटरिया माता मंदिर का सौंदर्गीकरण, बगवाड़ा से तीन पानी डाम तक जाने वाली सड़क के किनारे नाले को कवर कर सड़क का चौड़ीकरण करने, मुख्य बाजार में बचे हुए फुटपाथ और नाले का निर्माण करने, शिवनगर मोड़ पर शॉपिंग काम्म्पलेक्स का निर्माण करने, ट्रांजिट कैम्प में सिटी पार्क बनाने, गंगापुर रोड का चौड़ीकरण करने, रूद्रपुर को स्पोर्ट सिटी के रूप में विकसित करने, नगर निगम को एंबुलेंस उपलब्ध कराने सहित 20 सूत्रीय मांगें रखी।

इस अवसर पर विधायक काशीपुर त्रिलोक सिंह चीमा, महापौर काशीपुर दीपक बाली, राज्य मंत्री अनिल कपूर डब्बू, प्रशासक जिला पंचायत रेनू गंगवार, अध्यक्ष नगर पालिका खटीमा रामू जोशी, जिला अध्यक्ष कमल जिंदल, पूर्व विधायक राजेश शुक्ला, डॉ0 प्रेम सिंह राणा, पूर्व मेयर रामपाल सिंह, आयुक्त कुमांऊ मण्डल दीपक रावत, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, एसएसपी मणिकांत मिश्रा, सहित पार्षद व क्षेत्रीय जनता उपस्थित थी।

सीएम ने शहीद दिवस पर अमर शहीद राजगुरु, सुखदेव एवं भगत सिंह को नमन कर अर्पित की श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अमर बलिदानी राजगुरु, सुखदेव एवं भगत सिंह के बलिदान दिवस की संध्या पर आयोजित ’’एक शाम देश के भगत के नाम’’ कवि सम्मेलन एवं सम्मान समारोह में प्रतिभाग किया।

आज देर सायं राजपुर रोड़ स्थित एक होटल में शिव धरा फाउण्डेशन द्वारा आयोजित इस आयोजन को मुख्यमंत्री ने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले अमर बलिदानियों के प्रति सच्ची श्राद्धांजलि अर्पित करने वाला अवसर बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन महान शहीदों ने अपने जीवन की परवाह न कर माँ भारती को बेडियों से मुक्त करने के लिए जीवन भर संघर्ष किया, इनके इरादे अटल थे तथा हौंसला बुलन्द था। अपना जीवन देश को समर्पित करने वाले इन बलिदानियों के कारण ही आज हम स्वतंत्रता तथा सम्मान के साथ जी रहे हैं, उनके त्याग ने ही अंग्रजों को भारत छोड़ने के लिए मजबूर किया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद सरदार भगत सिंह कहा करते थे कि सच्ची स्वतंत्रता तभी संभव है जब भारत में सभी वर्गों और जातियों को समान अधिकार और अवसर प्राप्त हों। इसी भावना को साकार करने के लिए राज्य सरकार द्वारा उत्तराखण्ड में समान नागरिक संहिता लागू की गई है, जिससे अब हमारे राज्य के सभी नागरिकों के कानूनी अधिकार समान हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि 2022 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश की जनता से किये गये वायदे के अनुसार उत्तराखण्ड के सभी नागरिकों को समान अधिकार प्रदान करने वाले समान नागरिक संहिता को मंजूरी देकर उत्तराखण्ड को देश का पहला राज्य बना दिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 23 मार्च को ही हमने अपने द्वितीय कार्यकाल के 3 वर्ष पूर्ण किए हैं, इन तीन वर्षों में राज्य के समग्र विकास के लिए अनेक ऐसी उपलब्धियां हासिल की गई हैं, जिनके आधार पर ये कहा जा सकता है कि आज उत्तराखंड विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करने की ओर अग्रसर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प की पूर्ति के लिए उत्तराखंड भी अपना योगदान देने के लिए समर्पित भाव से प्रयासरत है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने समाज सेवा के क्षेत्र में अपना योगदान देने वाले स्वामी विनायक, सुश्री पल्लवी पटेल, अखिलेश अग्रवाल श्रीमती प्राची कण्डवाल, संजीव गोयल के साथ ही प्रसिद्ध कवि डॉ. हरिओम पंवार, अमित शर्मा , कुशल कुशवाहा जी, महिमा श्री और श्रीकांत श्री को भी सम्मानित किया।

कार्यक्रम को कैबिनेट मंत्री श्री गणेश जोशी, दून विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. सुरेखा डंगवाल ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर शिव धरा फाउण्डेशन के लल्लन सिंह, विशाल जिंदल, उमेश पटेल, मयंक सिंह गौर सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित थे।

आगामी 10 साल की वित्तीय स्थिति की पूरी योजना तैयार की जाएः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये कि राज्य में आगामी 10 साल की वित्तीय स्थिति की पूरी योजना तैयार की जाए। इस दीर्घकालिक योजना में आर्थिक और सामाजिक विकास, पर्यावरण संरक्षण, आधुनिक तकनीक का उपयोग कर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि आगामी 10 सालों की राज्य के आय के संसाधन बढ़ाने के लिए आर्थिक विकास की रूपरेखा तैयार की जाए। राज्य की आर्थिकी से जुड़े पर्यटन, तीर्थाटन, ऊर्जा,कनेक्टिविटी, उद्योग, कृषि, ग्रामीण विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, समाजिक कल्याण और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सुनियोजित तरीके से कार्य किये जाएं। अनावश्यक खर्चों को नियंत्रित किया जाए। उन्होंने कहा कि 2047 तक प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए सबको अपना योगदान देना होगा। राज्य में 2047 तक की वित्तीय स्थिति के लिए भी विस्तृत योजना बनाई जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर बजट प्रबंधन के लिए नीति निर्माण में डेटा एनालिटिक्स और रिसर्च का उपयोग किया जाए। योजना बनाने में विशेषज्ञों और आम जन के सुझाव भी लिये जाएं। सरकारी प्रक्रियाओं में सरलीकरण के साथ डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में और तेजी से कार्य किये जाएं। राज्य में राजस्व प्राप्ति के लिए कर राजस्व, गैर कर राजस्व, औद्योगिक निवेश, डिजिटल कर संग्रह और सार्वजनिक-निजी भागीदारी को बढ़ावा दिया जाए। बैठक में जानकारी दी गई कि वित्तीय बजट 2024-25 में लक्ष्य के सापेक्ष 85 प्रतिशत राजस्व प्राप्ति हो चुकी है। जबकि राजस्व व्यय 90.50 प्रतिशत हो चुका है।

मुख्यमंत्री ने बैठक में निर्देश दिये कि राज्य में जीएसटी कलक्शन बढ़ाने के लिए और प्रभावी प्रयास किये जाएं। कर चोरी की रोकथाम के लिए सघन अभियान चलाया जाए। छापामारी की कार्रवाई निरंतर की जाए। एआई और डेटा एनालिटिक्स के उपयोग पर अधिक ध्यान दिया जाए। जीएसटी फाइल करने के लिए सरल और पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई जाए।

बैठक में जानकारी दी गई कि राज्य स्थापना के बाद से ट्रेड टैक्स/वैट/जीएसटी कलक्शन में 48 गुना से अधिक की वृद्धि हुई है। कलक्शन 233 करोड़ से बढ़कर 11289 करोड़ हुआ है। राज्य के कर स्रोतों में जीएसटी और वैट की भागीदारी 62 प्रतिशत, एक्साइज की 19 प्रतिशत ट्रांसपोर्ट की 05 प्रतिशत, स्टैंप की 08 प्रतिशत और खनन की 05 प्रतिशत भागीदारी है। राज्य में आईटीसी फ्रॉड के 848 मामलों और 165 फेक फर्मों को चिन्हित किया गया है। राज्य में फेक जीएसटी रजिस्ट्रेशन को चिन्हित करने के लिए विशेष अभियान चलाया गया, जिसके तहत 51 जीएसटी रजिस्ट्रेशन गैर मौजूद पाये जाने पर उनका पंजीकरण निरस्त किया गया।

बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर.मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, दिलीप जावलकर, विनय शंकर पाण्डेय, अपर पुलिस महानिदेशक ए.पी. अंशुमन, राज्य कर आयुक्त डॉ. अहमद इकबाल, उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी एवं जीएसटी विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

पर्यटन महोत्सव से बढ़ेगा भारत और नेपाल के बीच सांस्कृतिक और भावनात्मक संबंध

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रेंजर्स ग्राउण्ड, देहरादून में कंचनपुर उद्योग वाणिज्य संघ द्वारा आयोजित इण्डो नेपाल अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला तथा पर्यटन महोत्सव में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने भारत और नेपाल के स्थानीय उत्पादों पर आधारित स्टालों का भी अवलोकन किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह महोत्सव, भारत और नेपाल के बीच सांस्कृतिक और भावनात्मक संबंधों को बढ़ाएगा। इससे हमारी समृद्ध परंपराओं को संजोए रखने और आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाने में भी योगदान मिलेगा। उन्होंने कहा भारत और नेपाल के बीच सदियों से धार्मिक, सांस्कृतिक, व्यापारिक और रोटी-बेटी का संबंध रहा है। जब जब प्रभु श्रीराम और माता सीता को याद किया जाएगा, तब-तब भारत और नेपाल के संबंधों का उल्लेख भी अवश्य होगा। उन्होंने कहा अयोध्या में भगवान श्री राम मंदिर के निर्माण में नेपाल की सनातनी जनता की आस्था को भी देखा गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत और नेपाल के संबंध और भी अधिक मजबूत हो रहे हैं। दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों के साथ ही व्यापारिक संबंधों को भी आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा नेपाल और भारत के सीमावर्ती क्षेत्रों में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। उत्तराखंड से लेकर नेपाल तक अनेक पर्यटन और धार्मिक स्थल हैं, जहां आस्था और प्राकृतिक सौंदर्य का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। उत्तराखंड सरकार, उत्तराखंड और नेपाल के बीच व्यापार को सुगम बनाने के लिए सीमावर्ती क्षेत्र में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रारंभ की गई नेबरहुड फर्स्ट नीति के अंतर्गत नेपाल को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इस नीति के माध्यम से दोनों देशों में आर्थिक विकास को गति प्रदान की जा रही है। केंद्र सरकार के सहयोग से विभिन्न स्तरों पर कनेक्टिविटी, व्यापार, संस्कृति, रक्षा तथा जनसंपर्क को भी निरंतर बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री द्वारा अयोध्या से जनकपुर के बीच बस सेवा प्रारंभ की गई थी। उन्होंने कहा काली नदी पर प्रस्तावित पंचेश्वर बांध परियोजना के माध्यम से साझा ऊर्जा उत्पादन का भी संकल्प दोनों देशों ने लिया है। जिससे सीमावर्ती क्षेत्रों की ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति होगी, और दोनों देशों की आर्थिकी को भी बल मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में राज्य सरकार सीमावर्ती क्षेत्रों में व्यापार, बुनियादी सुविधाओं और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। सीमावर्ती क्षेत्रों में आधुनिक सड़कों, सुरंगों और पुलों का निर्माण जारी है। इसके अंतर्गत अब तक लगभग 4500 किलोमीटर से भी अधिक सड़कों का निर्माण कार्य संपन्न किया जा चुका है। भारत और नेपाल के बीच धारचूला के छारछुम में मोटर पुल का निर्माण भी गतिमान है। जिससे दोनों देशों के बीच संपर्क और अधिक सुगम होगा।

इस अवसर पर राजेंद्र सिंह रावल (पूर्व मुख्यमंत्री सुदूर पश्चिम प्रदेश, नेपाल), पीतांबर जोशी (अध्यक्ष कचनपुर उद्योग वाणिज्य संघ), विधायक खजान दास, दिवान सिंह बिष्ट, विक्रम धामी, प्रकाश रावल, जानकी कुंवर एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

सरकार के तीन वर्ष की उपलब्धियों पर प्रदेश की जनता को मिलने जा रहा सीधा लाभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में उच्च स्तरीय बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये कि राज्य सरकार के तीन वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर 22 मार्च से 25 मार्च तक सभी जिला मुख्यालयों में और 24 मार्च से 30 मार्च तक विधानसभा और ब्लॉक स्तर पर बहुद्देशीय शिविरों का बड़े स्तर पर आयोजन किया जाए। जरूरतमंद लोगों को स्वास्थ्य से संबंधित उपकरण उपलब्ध कराने के साथ ही सरकार की विभिन्न योजनाओं का लोगों को लाभ दिया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन आयोजनों में विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय कार्य करने वाले लोगों को शामिल किया जाए। सभी कार्यक्रमों को जन-जन का कार्यक्रम बनाया जाए। सरकारी योजनाओं के माध्यम से जिन लोगों ने अपने कार्यक्षेत्र में सराहनीय कार्य किये हैं, उनकी सफलता की गाथाओं को अन्य लोगों को भी बताया जाए। पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, खेती, बागवानी और अन्य क्षेत्रों में राज्य में अच्छा कार्य करने वालों को इन आयोजनों में शामिल किया जाए। समाज के प्रतिष्ठित लोगों, सामाजिक सरोकारों से जुड़े लोगों, राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित राज्य के लोगों और विभिन्न विषयों के विशेषज्ञों को भी इन कार्यक्रमों में शामिल किया जाए।

मुख्यमंत्री ने वर्चुअल माध्यम से जुड़े सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन को रोकने के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के प्रति लोगों को जागरूक करने के साथ ही उनका नियमित लाभ भी दिया जाए। पर्वतीय क्षेत्रों में होम स्टे योजना, स्वरोजगार और स्टर्टअप्स को बढ़ावा देने के साथ ही बुनियादी सुविधाओं के विकास, एक जनपद दो उत्पाद योजना, कुटीर और लघु उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए और तेजी से कार्य किये जाएं। जिन लोगों ने सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत अच्छा कार्य कर पलायन को रोकने में योगदान दिया है, उनको प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण और संवर्द्धन के साथ जल संचय की दिशा में जनपदों में और तेजी से कार्य किये जाएं।

बैठक में प्रमुख सचिव आर.के सुधांशु, आर.मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, विनय शंकर पाण्डेय, अपर पुलिस महानिदेशक ए.पी.अंशुमन, उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी एवं वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारी उपस्थित थे।

चारधाम यात्रा दौरान विशेष अभियान के जरिए खाद्य सुरक्षा पर नजर रखेगी धामी सरकार

धामी सरकार ने आगामी चारधाम यात्रा, हेमकुंड साहिब यात्रा और पर्यटन सीजन के मद्देनजर खाद्य सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखते हुए व्यापक अभियान शुरू किया है। खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के आयुक्त डा० आर० राजेश कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत के निर्देश पर यात्रियों और आम जनता को स्वच्छ, सुरक्षित और गुणवत्ता युक्त खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए खाद्य पदार्थों की सघन जांच, मिलावट पर सख्ती और स्वच्छता अभियान को तेज कर दिया गया है। इसको लेकर अधिकारियों की तैनाती कर दी गई है।

खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की तैनाती और सख्त जांच

राज्य सरकार ने चारधाम यात्रा और पर्यटन स्थलों पर खाद्य सुरक्षा को बनाए रखने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की है। हरिद्वार, नैनीताल, देहरादून, टिहरी, ऊधमसिंह नगर जैसे जिलों में स्थायी खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की तैनाती की गई है। उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ जैसे जिलों में अन्य जिलों से अतिरिक्त अधिकारियों की तैनाती की जाएगी। यात्रा मार्गों और प्रमुख तीर्थस्थलों के होटल, ढाबों, रेस्टोरेंट, मिठाई विक्रेताओं और खाद्य विक्रेताओं की नियमित जांच होगी। फूड सेफ्टी टीमों को हाईवे और यात्रा मार्गों पर मोबाइल टेस्टिंग लैब के माध्यम से तैनात किया जाएगा। आयुक्त डा० आर० राजेश कुमार ने स्पष्ट किया कि “यात्रियों को किसी भी हाल में अस्वच्छ और मिलावटी खाद्य पदार्थ नहीं परोसे जाने देंगे। खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी।”

मिलावट पर कड़ी कार्रवाई और गुणवत्ता की सख्त जांच

दुग्ध उत्पाद, मसाले, तेल, आटा, मैदा, मिठाई, शीतल पेय और पैक्ड फूड जैसे उत्पादों की प्रयोगशाला जांच होगी। मिलावट पाए जाने पर FSSAI एक्ट 2006 के तहत कानूनी कार्रवाई होगी।बिना लाइसेंस और पंजीकरण के खाद्य व्यापार करने वालों पर सीधी कार्रवाई होगी। खाद्य कारोबारियों को स्वच्छता और गुणवत्ता बनाए रखने के लिए विशेष निर्देश दिए गए हैं।
आयुक्त ने कहा, “हमारी प्राथमिकता यात्रियों और श्रद्धालुओं को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य उत्पाद उपलब्ध कराना है। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”

ग्रीन यात्रा और पर्यावरण संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा

पर्यटन और चारधाम यात्रा के दौरान पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए राज्य सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं।Single-use plastic (एकल उपयोग वाली प्लास्टिक) पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाएगा। यात्रा मार्गों पर गीले और सूखे कचरे के लिए अलग-अलग डस्टबिन अनिवार्य किए जाएंगे। होटल, ढाबों और रेस्टोरेंट में कचरा प्रबंधन के कड़े नियम लागू होंगे। RUCO (Re-Purpose of Used Cooking Oil) अभियान के तहत उपयोग किए गए खाद्य तेल को पुनर्चक्रित किया जाएगा।

जागरूकता अभियान और सख्त दिशा-निर्देश

यात्रियों को FSSAI लाइसेंस प्राप्त प्रतिष्ठानों से ही खाद्य पदार्थ खरीदने की अपील की गई है। अस्वच्छ या संदिग्ध खाद्य पदार्थ की शिकायत हेल्पलाइन नंबर 18001804246 पर की जा सकती है। खाद्य कारोबारियों को स्वच्छता मानकों का पालन करना अनिवार्य होगा। मिलावटी और खराब गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थ बेचने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आयुक्त डा० आर० राजेश कुमार ने सभी यात्रियों और स्थानीय निवासियों से अपील करते हुए कहा, “सुरक्षित और स्वच्छ खाद्य पदार्थों का ही सेवन करें। किसी भी संदिग्ध खाद्य पदार्थ की जानकारी तत्काल हेल्पलाइन पर दें ताकि कार्रवाई की जा सके।”

सख्त नियमों के तहत कार्रवाई

बिना लाइसेंस के खाद्य व्यापार करने वालों पर चालान और प्रतिष्ठान सील किए जाएंगे। मिलावटी या खराब गुणवत्ता वाला भोजन बेचने पर FSSAI एक्ट 2006 के तहत कड़ी सजा दी जाएगी। अस्वच्छ वातावरण में खाद्य निर्माण और बिक्री करने पर जुर्माना लगाया जाएगा।

सरकार की अपील–सुरक्षित यात्रा, स्वच्छ यात्रा

राज्य सरकार और खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने सभी श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय निवासियों से स्वस्थ, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थों के सेवन की अपील की है। आयुक्त डा० आर० राजेश कुमार ने कहा, “हमारी सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है कि चारधाम यात्रा और पर्यटन सीजन के दौरान किसी भी यात्री को खाद्य सुरक्षा संबंधी कोई असुविधा न हो। आम जनता की सतर्कता और सहयोग से ही हम इस लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं।”