सीएस बर्द्धन ने देहरादून शहर के यातायात संतुलन को लेकर देहरादून मोबिलिटी प्लान की बैठक ली

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सचिवालय में देहरादून शहर के यातायात संतुलन को लेकर देहरादून मोबिलिटी प्लान की बैठक ली।

मुख्य सचिव ने कहा कि देहरादून-दिल्ली इकोनॉमिक कॉरिडोर के बन जाने से सप्ताहांत एवं चारधाम यात्रा के कारण अत्यधिक यातायात दबाव रहेगा. इसके लिए उन्होंने लगातार देहरादून के यातायात को अपग्रेड किए जाने की आवश्यकता बतायी। उन्होंने इकोनॉमिक कॉरिडोर के बाद बढ़ने वाले यातायात के प्रबंधन के लिए शीघ्र यातायात प्लान तैयार किए जाने के निर्देश दिए

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि आढ़त बाज़ार की रजिस्ट्री एवं मुआवजा का कार्य शीघ्र पूर्ण कराया जाए। उन्होंने आढ़त बाज़ार के अंतर्गत हो भी ध्वस्तीकरण कार्य किया जाना है, उसे भी शीघ्र शुरू किया जाए। उन्होंने 15 मई, 2026 तक रजिस्ट्री कार्य पूर्ण कराए जाने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने निरंजनपुर मंडी को भी शीघ्र शुरू कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने इसके लिए उपयुक्त भूमि चिह्नित करने हेतु तत्काल एक साईट सिलेक्शन कमेटी बनाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने सचिवालय एवं परेड ग्राउंड के पास अंडरग्राउंड पार्किंग के लिए फीजीबिलिटी एवं डीपीआर को शीघ्र तैयार कराए जाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने देहरादून के विभिन्न जंक्शनों के सुधारीकरण कार्य की प्रगति की जानकारी भी ली। उन्होंने कहा कि कारगी चौक सुधारीकरण कार्य को तत्काल कराया जाए। बताया गया कि 4 जंक्शनों में कार्य प्रारम्भ हो गया है, 6 का प्रस्ताव गतिमान है। उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी ने बताया किआढ़त बाज़ार की 52 रजिस्ट्री कम्पलीट हो चुकी है, बाकी का कार्य गतिमान है।

मुख्य सचिव ने पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मजबूत किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने परिवहन विभाग को देहरादून के लिए बसों और अन्य आधारभूत संरचनाओं के विकास के लगातार फॉलोअप करते हुए सितंबर तक देहरादून के रूट्स पर 100 बसें संचालित किए जाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने पुलिस विभाग को निर्देश दिए कि नो पार्किंग में पार्किंग करने वाले लोगों पर चालान, लेफ्ट टर्न फ्री रखना जैसे छोटे छोटे परंतु महत्त्वपूर्ण कार्यों को लगातार प्रवर्तन कराया जाए। उन्होंने बड़े दिवसों पर शोभायात्रा एवं धरने प्रदर्शन आदि के दौरान ट्रैफिक प्लान का प्रचार प्रसार किया जाए। उन्होंने कहा कि टोइंग वैन्स की संख्या को बढ़ाया जाए। इसके लिए शीघ्र प्रस्ताव भेजा जाए।

मुख्य सचिव ने पुलिस विभाग को रात को ओवरस्पीडिंग के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोके जाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाये जाने के निर्देश दिए। स्पीडब्रेकर, साईनेज आदि के साथ ही एएनपीआर कैमरों के द्वारा लगातार मॉनिटरिंग करायी जाए।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि देहरादून के भीतर चिह्नित पार्किंग स्थलों, सरकारी एवं व्यावसायिक संस्थानों की पार्किंग कैपेसिटी को पूर्ण रूप से उपयोग किया जाए। उन्होंने यूपीसीएल द्वारा विद्युत के अंडरग्राउंड कार्य एवं गैस पाइप लाइन कार्य को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण कराया जाने सुनिश्चित किया जाए।

इस अवसर पर सचिव बृजेश कुमार संत, डॉ. आर राजेश कुमार, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी, एसएसपी देहरादून परमेन्द्र डोभाल सहित अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

प्रदेश में प्रत्येक जनपद में एक मॉडल स्किल सेंटर बनाया जाए: बर्द्धन

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में गुरुवार को सचिवालय में एशियन डेवलपमेंट बैंक और उत्तराखण्ड सरकार के निर्माण सम्बन्धी विभागों के मध्य बैठक हुई। बैठक के दौरान एडीबी द्वारा उत्तराखण्ड में विभिन्न विभागों के चल रहे प्रोजेक्ट्स पर चर्चा हुई। इस अवसर पर मुख्य सचिव के निर्देश पर विभागों द्वारा अपने महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स का प्रस्तुतीकरण भी किया गया।

मुख्य सचिव ने एडीबी के अधिकारियों से प्रदेश में कौशल विकास से संबंधित प्रोजेक्ट्स पर कार्य किए जाने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रत्येक जनपद में कम से कम एक मॉडल स्किल सेंटर बनाया जाए। इसमें युवाओं के कौशल विकास के साथ ही सर्टिफिकेशन और 100 प्रतिशत प्लेसमेंट पर फोकस किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को इसके लिए एक होलिस्टिक प्लान तैयार किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने लोक निर्माण विभाग के प्रदेश में पुलों के निर्माण और लैंड स्लाइड जोन का ट्रीटमेंट कार्य को भी एडीबी द्वारा वित्तपोषित किए जाने हेतु प्रस्ताव एडीबी को प्रेषित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने टिहरी झील रिंग रोड को एडीबी द्वारा वित्तपोषित किए जाने की बात भी कही। कहा कि इस योजना को प्राथमिकता पर लिया जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि उद्यान विभाग की विभिन्न योजनाओं को भी एडीबी द्वारा वित्तपोषित किया जा सकता है। उन्होंने JICA से वित्तपोषित जनपदों को छोड़कर अन्य जनपदों के प्रस्तावों को एडीबी द्वारा वित्तपोषित किया जाए। मुख्य सचिव ने अर्बन मोबिलिटी और अर्बन प्लानिंग को भी एडीबी में शामिल किए जाने की बात कही। कहा कि ग्रीनफील्ड और ब्राउनफील्ड टाउनशिप डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स तैयार कर एडीबी को सौंपे जायें।

मुख्य सचिव ने कहा कि सभी विभागों को अपनी योजनाओं की प्राथमिकता तय करनी हैं। उन्होंने चरणवार तरीके से अपने महत्त्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स को प्राथमिकता देते हुए प्रस्ताव एडीबी को प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

एडीबी की कंट्री डायरेक्टर मियो ओका (Mio Oka) ने उत्तराखण्ड में चल रहे विभिन्न प्रोजेक्ट्स के विषय में चर्चा की। उन्होंने उत्तराखण्ड सरकार द्वारा नए प्रोजेक्ट्स पर कार्य किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए विभागों द्वारा शीघ्र प्रस्ताव उपलब्ध कराए जाने की बात कही।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव नितेश कुमार झा, डॉ पंकज कुमार पांडेय, दिलीप जावलकर, एडीबी से अशोक श्रीवास्तव सहित अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्य सचिव ने ली चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर बैठक

मुख्य सचिव ने बुधवार को सचिवालय में चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ महत्त्वपूर्ण बैठक ली। मुख्य सचिव ने पुलिस, लोनिवि, स्वास्थ्य विभाग आदि को अपने स्तर से पूर्ण तैयारियां सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि पुलिस विभाग को जाम वाले स्थलों तथा स्लाईडिंग जोन का चिन्हित कर पुलिस बल तैनात किये जाने के निर्देश दिए। उन्होंने ट्रैफिक जाम और लैंड स्लाइडिंग जैसे अन्य कारणों से मार्ग बाधित होने के कारण लगने वाले जाम से बचने के लिए बड़े होल्डिंग एरिया चिह्नित कर यात्रियों को रुकने और खाने की सम्पूर्ण व्यवस्थाएं रखी जाएं ताकि यात्रियों को किसी प्रकार को असुविधा न हो। उन्होंने यातायात संकुलन और मौसम की जानकारी सहित महत्वपूर्ण जानकारियां लगातार वॉकी-टॉकी सहित एसएमएस से जानकारी उपलब्ध कराए जाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही, यात्रा के लिए रजिस्टर्ड नंबर पर वॉट्सएप चला जाए। उन्होंने कहा कि यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन के दौरान यात्रियों को ‘सचेत ऐप‘ अनिवार्य रूप से डाउनलोड कराया जाए। उन्होंने पुलिस सहित अन्य सभी सम्बन्धित विभागों को अपनी विभागीय योजनाओं में नए रूट्स और कनेक्टिविटी को भी शामिल किए जाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने आपदा प्रबन्धन विभाग के मैसेजिंग एलर्ट मैकेनिज्म का प्रयोग भी यात्रा मार्ग में यात्रियों को जानकारियां उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने आपात स्थिति में हैली सेवाओं के माध्यम से बचाव एवं रेस्क्यू का उचित प्रबन्धन सुनिश्चित किए जाने के भी निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने पर्यटन विभाग को चारधाम यात्रा मार्गों में विभिन्न स्थानों में सार्वजनिक सुविधाएं विकसित किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने इसके लिए स्थान चिह्नित करते हुए इसका प्लान तैयार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्यटन विभाग अपनी छोटी पब्लिक अमेनिटीज को भी विकसित कर सकता है। उन्होंने चारधाम यात्रा मार्गों में साईनेज अनिवार्य रूप से लगाए जाने की बात भी कही ताकि किसी श्रद्धालु को अपने गंतव्य तक पहुंचने में किसी प्रकार की कोई परेशानी का सामना न करना पड़े।

मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य विभाग से चारों धामों में चिकित्सकों की तैनाती की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि श्री केदारनाथ एवं श्री बद्रीनाथ धाम में 15-15 दिनों के रोटेशन आधार पर चिकित्सकों की तैनाती की जाए। उन्होंने 60 वर्ष से अधिक आयु के श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य जांच अनिवार्य रूप से सुनिश्चित कराया जाने के निर्देश दिए। साथ ही विभिन्न स्थानों पर स्क्रीनिंग पाइंट्स स्थापित करते हुए स्वास्थ्य जांच को बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि ट्रेकिंग रूट्स पर आपातकालीन स्थिति में मेडिसिन और जांच उपकरणों की व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।

मुख्य सचिव ने राष्ट्रीय राजमार्ग, सीमा सड़क संगठन तथा लोक निर्माण विभाग के अपने-अपने परिक्षेत्रान्तर्गत आने वाले मोटर मार्गाे यात्रा प्रारम्भ होने से पूर्व दुरूस्त किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मरम्मत कार्य समय से पूर्ण हो इसके लिए लैबर की संख्या बढ़ायी जाए। उन्होंने डेंजर जोन, स्लाईडिंग जोन को चिन्हित कर मरम्मत किये जाने के साथ ही उन स्थलों पर मशीनें/उपकरण रखे जाने के भी निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने विद्युत विभाग को श्री बद्रीनाथ धाम में लो-वोल्टेज की समस्या का समाधान तथा चारों धामों में निर्बाध रूप से विद्युत आपूर्ति के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि केदारनाथ धाम में कई बार विद्युत आपूर्ति बाधित होती है, इसके दृष्टिगत वैकल्पिक व्यवस्था रखी जाए। उन्होंने चारो धामों एवं यात्रा मार्गाे पर सुचारू पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित किए जाने के साथ ही उन्होंने जीएमवीएन को भी अपनी व्यवस्थाएं दुरुस्त किए जाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने नागरिक उड्डयन विभाग को शटल सेवा के लिए एसओपी शीघ्र जारी करने के साथ ही सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने चारों धामों में हैली सेवाओं की उपलब्धता एवं ऑफलाईन/ऑनलाईन बुकिंग की सुविधा का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित किए जाने के भी निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने सूचना विभाग को यात्रा से सम्बन्धित सभी आवश्यक जानकारियों को प्रचार प्रसार सुनिश्चित किए जाने एवं उन्होंने कहा कि सूचना विभाग के माध्यम से प्रचार प्रसार किया जाए। उन्होंने परिवहन विभाग को वाहनों का फिटनेस प्रमाण पत्र, ग्रीन कार्ड एवं ट्रिप कार्ड ससमय उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने आपूर्ति विभाग को चारधाम यात्रा मार्गों में रसोई गैस, कैरोसीन, पैट्रोल, डीजल आदि की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक दीपक सेठ, प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव शैलेश बगौली, नितेश कुमार झा, सचिन कुर्वे, डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरूषोत्तम, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, विनय शंकर पाण्डेय, विनोद कुमार सुमन, धीराज गर्ब्याल, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी सहित सम्बन्धित जनपदों के जिलाधिकारी एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

यूजेवीएन लिमिटेड के निदेशक मंडल ने नई परियोजनाओं के निर्माण को गति प्रदान करने वाले प्रस्तावों को मंजूरी

यूजेवीएन लिमिटेड के निदेशक मंडल की 133वीं बैठक आज मुख्य सचिव उत्तराखण्ड शासन एवं अध्यक्ष यूजेवीएन लिमिटेड आनंद वर्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में आयोजित की गई। बैठक में निदेशक मंडल द्वारा निगम के विभिन्न विषयों से जुड़े अनेक प्रस्तावों पर विचार‐विमर्श किया गया।

निदेशक मंडल द्वारा राज्य में नई परियोजनाओं के निर्माण से संबंधित कई प्रस्तावों को स्वीकृत किया गया। सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में प्रस्तावित 120 मेगावाट की सिरकारी भ्योल रूपसियाबगड़ जल विद्युत परियोजना के सिविल कार्यों को प्रारंभ करने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी गई। निदेशक मंडल के इस निर्णय से निश्चित रूप से इस महत्वपूर्ण परियोजना के कार्यों को गति मिलेगी। साथ ही जनपद देहरादून में 600 मेगावाट की इछाड़ी पंप स्टोरेज परियोजना के निविदा प्रपत्र तैयार करने हेतु सक्षम स्तर से ही स्वीकृत करने के निर्देश दिए गए। इसी के टौंस नदी पर जनपद देहरादून में प्रस्तावित 72 मेगावाट की त्यूणी पलासू परियोजना के सिविल तथा हाइड्रो-मैकेनिकल निर्माण कार्य आवंटित करने के प्रस्ताव को भी निदेशक मंडल द्वारा स्वीकृत कर दिया गया। निदेशक मंडल द्वारा पबर नदी पर प्रस्तावित 81 मेगावाट की आराकोट त्यूणी जल विद्युत परियोजना की डी.पी.आर. की स्वीकृति हेतु भी दिशानिर्देश दिए गए।

बैठक में मुख्य सचिव उत्तराखंड शासन एवं अध्यक्ष यूजीवीएन लिमिटेड आनंद वर्धन, प्रमुख सचिव ऊर्जा डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव वित्त दिलीप जावलकर के साथ ही स्वतंत्र निदेशक इंदु कुमार पांडेय, बी.पी. पांडेय, पराग गुप्ता के साथ ही यूजेवीएन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक ए.के.सिंह, निदेशक परियोजनाएं सुरेश चन्द्र बलूनी, अधिशासी निदेशक सुधाकर बडोनी, आशीष जैन उपस्थित रहे।

मानधन योजना में पात्र किसानों को अधिक से अधिक पंजीकृत किया जाए: बर्द्धन

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में राष्ट्रीय कृषि योजना के अंतर्गत वार्षिक कार्य योजना 2026-27 के लिए राज्य स्तरीय संस्तुति समिति की बैठक आयोजित हुई।

बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने वार्षिक कार्य योजना के लिए अगली राज्य स्तरीय संस्तुति समिति की बैठक दिसम्बर – जनवरी माह में आयोजित किए जाने के निर्देश दिए। समिति द्वारा राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत् वार्षिक कार्य योजना को स्वीकृति प्रदान की गई।

मुख्य सचिव ने किसान मानधन योजना का प्रचार प्रसार करते हुए अधिक से अधिक पात्र किसानों को इसमें पंजीकृत किया जाए। उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के 100 प्रतिशत संतृप्तिकरण के लिए विशेष कैंप आयोजित किए जाएं। उन्होंने आधार आधारित भुगतान और ई – केवाईसी को मजबूती से लागू किये जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) तैयार कर क्लस्टर आधारित खेती पर फोकस किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रदेश में जैविक और प्राकृतिक खेती की दिशा में प्रयास बढ़ाए जाने पर भी जोर दिया। साथ ही साथ अधिक से अधिक फार्म मशीनरी बैंक स्थापित किए जाने की बात भी कही। उन्होंने स्थानीय उत्पादों और फसलों के लिए बाजार सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण किए जाने के निर्देश दिए हैं।

इस अवसर पर सचिव दिलीप जावलकर एवं एस.एन. पाण्डेय सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

हर्रावाला में नवनिर्मित कैंसर चिकित्सालय भवन का निरीक्षण कर सीएस ने ली जानकारी

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने देहरादून के हर्रावाला में नवनिर्मित शकुंतला रानी सरदारी लाल ओबेरॉय राजकीय मैटरनिटी एवं कैंसर चिकित्सालय का निरीक्षण किया। मुख्य सचिव ने नवनिर्मित भवन के विषय में विस्तार से जानकारी ली।

मुख्य सचिव ने कहा कि इस अस्पताल को राष्ट्रीय स्तर के सुपर स्पेशलिटी कैंसर अस्पताल के रूप में स्थापित किए जाने के प्रयास किए जा रहे हैं, साथ ही इसे बेहतर तरीके से संचालित किए जाने के हर संभव प्रयास किए जाएँगे। उन्होंने भवन में सभी प्रकार के परीक्षण और मेडिकल सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराये जाने की भी बात भी कही।

मुख्य सचिव ने इस अस्पताल के आसपास डॉक्टर्स और स्टाफ के आवासीय भवनों के लिए भूमि तलाशने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने महानिदेशक स्वास्थ्य से मशीनों और उपकरणों की शीघ्र उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विभाग की योजना साझा किए जाने की भी बात कही।

इस अवसर पर महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ. सुनीता टम्टा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

ऋषिकेश- डोईवाला बाईपास रेलवे लाईन परियोजना को डीएम वन विभाग के साथ करें वार्ता: बर्द्धन

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में मण्डल रेल प्रबन्धक, उत्तर रेलवे मुरादाबाद विनीता श्रीवास्तव के साथ मुख्य सचिव कार्यालय में बैठक सम्पन्न हुयी। बैठक के दौरान उत्तर रेलवे से सम्बन्धित प्रकरणों एवं परियोजनाओं के सम्बन्ध में विस्तार से चर्चा हुयी।

मुख्य सचिव ने ऋषिकेश- डोईवाला बाईपास रेलवे लाईन परियोजना के तहत् जिलाधिकारी देहरादून को राजाजी नेशनल पार्क एवं वन विभाग की 3.62 हेक्टेयर वन भूमि को लेकर रेलवे, मुख्य वन्यजीव वार्डन और राजाजी नेशनल पार्क के साथ मिलकर संयुक्त सर्वेक्षण कराते हुए निरीक्षण आख्या शासन को उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने देहरादून- मोहण्ड- सहारनपुर टनल आधारित रेलवे लाईन परियोजना के सम्बन्ध में परियोजना का फाईनल लोकेशन सर्वे कराते हुए अद्यतन स्थिति से शीघ्र अवगत कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने रेलवे को हर्रावाला रेलवे स्टेशन विस्तारीकरण का मास्टर प्लान को भी शासन से साझा किए जाने की बात कही। कहा कि रेलवे और जिला प्रशासन संयुक्त सर्वे करते हुए शीघ्र ही निरीक्षण आख्या शासन को उपलब्ध कराए।

मुख्य सचिव ने कुम्भ मेला – 2027 के दौरान यातायात व्यवस्था दुरूस्त रखने एवं श्रद्धालुओं को सुगम यात्रा उपलब्ध कराने के दृष्टिगत रेलवे अधिकारियों को जिलाधिकारी हरिद्वार, एसएसपी हरिद्वार, मेलाधिकारी एवं राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) को मिलकर संयुक्त रूप से ट्रैफिक प्लान तैयार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने रेलवे सुरंग हरिद्वार के पास ढलान स्थिरीकरण (slop stabilization) कार्य को शीघ्र कराते हुए कृत कार्यवाही की आख्या शासन को भी उपलब्ध कराए जाने की बात कही।

इस अवसर पर सचिव परिवहन बृजेश कुमार संत, अपर सचिव रीना जोशी सहित रेलवे के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

उद्यान एवं कृषि विभाग बड़े और इंटीग्रेटेड प्रोजेक्ट्स करें तैयार: बर्द्धन

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में पूंजीगत व्यय, सीएसएस योजनाएं, एसएएससीआई, एसएनए स्पर्श एवं विभागों की व्यय योजनाओं के सम्बन्ध में विभिन्न विभागों के साथ बैठक ली। मुख्य सचिव ने वाह्य सहायतित योजनाओं (ईएपी) के सम्बन्ध में अधिकारियों को धीमी प्रगति वाले प्रोजेक्ट्स में तेजी लाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट्स की धीमी प्रगति के लिए विभागाध्यक्ष एवं सचिव जिम्मेदार होंगे।

मुख्य सचिव ने कहा कि उद्यान एवं कृषि विभाग को मिलकर बड़े एवं एकीकृत प्रोजेक्ट्स पर काम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सेब, कीवी और ऐरोमा के क्षेत्र में इंटीग्रेटेड फार्मिंग की दिशा में काम किया जाए। उन्होंने कहा कि फिशरीज के अंतर्गत ट्राउट उत्पादन में बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए कोल्ड स्टोरेज की भी आवश्यकता होगी। उन्होंने पशुपालन विभाग एवं सहकारिता विभाग को मिलकर लाइवस्टॉक एवं फिशरीज को लेकर इंटीग्रेटेड प्रोजेक्ट तैयार किया जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने ऐपल मिशन के तहत सेब के उत्पादन के लिए नर्सरी एवं कोल्ड स्टोरेज चैन तैयार किए जाने हेतु अच्छे प्रोजेक्ट्स तैयार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में जहां जहाँ आवश्यकता है, कोल्ड स्टोरेज चैन तैयार की जाए ताकि प्रदेश का कोई भी किसान स्वयं अपने किसी भी उत्पाद कोल्ड स्टोर में रखकर अनुकूल समय पर अपने उत्पाद बाज़ार में उतार सकता है।

मुख्य सचिव ने पीएमजीएसवाई के तहत प्रदेशभर में भूमि मुआवजा वितरण कार्य अभियान चलाकर शून्य किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारियों को जिलावार डेटा उपलब्ध कराते हुए इस वित्तीय वर्ष में भूमि मुआवजा पूर्ण रूप से वितरित किए जाने हेतु लक्ष्य दिया। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग चैन लिंक फेंसिंग के लिए प्राप्त प्रोजेक्ट्स की प्राथमिकता तय करते हुए प्रस्ताव शीघ्र शासन को भेजे जायें।

*सारा के तहत् जल संरक्षण के लिए छोटे-छोटे बैराज और चेक डैम के बड़े प्रोजेक्ट्स किए जाएं तैयार*

मुख्य सचिव ने स्प्रिंग एवं रिवर रेजूविनेशन प्राधिकरण के तहत जल संरक्षण हेतु बैराज एवं चेक डैम के प्रोजेक्ट्स संबंधित विभागों द्वारा तैयार किए जा सकते हैं। उन्होंने सारा के तहत फंड्स को पूर्णतः यूटिलाइज़ किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने परिवहन विभाग को नए बस स्टेशन, चार्जिंग स्टेशन के कार्यों में तेजी लाते हुए अपना इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने सभी विभागों को अपने मार्च 2026 तक के टारगेट तत्काल वित्त विभाग को उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी विभागों को 30 जनवरी तक अपने सभी प्रस्ताव शासन को उपलब्ध कराये जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके उपरांत प्राप्त होने वाले प्रस्तावों पर विचार नहीं किया जाएगा। साथ ही विभाग को आबंटित फंड्स को उन अन्य विभागों को दिया जाएगा जो अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव एल फ़ैनाई, सचिव दिलीप जावलकर, डॉ वी षणमुगम, बृजेश कुमार संत, डॉ अहमद इक़बाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

सिंचाई को मिला 15 प्रतिशत सिंचित क्षेत्र को बढ़ाकर 30 प्रतिशत किए जाने का टारगेट

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में पूंजीगत व्यय, सीएसएस योजनाएं, ईएपी योजनाएं, नाबार्ड योजनाएं, एसएएससीआई, एसएनए स्पर्श एवं विभागों की व्यय योजनाओं के सम्बन्ध में बैठक ली। मुख्य सचिव ने पूंजीगत व्यय, सीएसएस, ईएपी एवं नाबार्ड पोषित योजनाओं के प्रस्तावों को समय पर भेजे जाने के निर्देश दिए। उन्होंने रीइंबर्शमेंट दावा भी समय पर किए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि अच्छा कार्य कर रहे विभागों को और फंड्स उपलब्ध कराए जाने चाहिए।

मुख्य सचिव ने सभी परियोजनाओं को समय से पूर्ण किए जाने हेतु टाईमलाईन निर्धारित करते हुए मॉनिटरिंग किए जाने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने वित्त एवं नियोजन विभाग को कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने हेतु इंडिपेंडेंट थर्ड पार्टी इवैल्यूएशन के लिए मजबूत मैकेनिज्म तैयार किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जिम्मेदारी तय करते हुए, जिम्मेदार के ऊपर एक्शन लिए जाना भी सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जिन प्रोजेक्ट्स में थर्ड पार्टी मूल्यांकन का प्राविधान नहीं है, उनमें तत्काल प्रावधान किया जाए। साथ ही, नियोजन विभाग द्वारा एम्पैनल्ड एजेंसियों को भी विभाग थर्ड पार्टी क्वालिटी कंट्रोल के लिए तत्काल शुरू कर सकते हैं।

मुख्य सचिव ने सिंचाई विभाग को प्रदेश की कुल 15 प्रतिशत सिंचित भूमि को अगले 5 साल में दोगुना करते हुए 30 प्रतिशत किए जाने का लक्ष्य दिया। उन्होंने सिंचाई विभाग को अच्छे और गुणवत्तापूर्ण प्रोजेक्ट्स तैयार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नए बैराज, नहरें आदि पर काम किया जा सकता है। उन्होंने सिंचाई के लिए पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लगाए गए स्प्रिंकलर सिस्टम को प्रदेशभर में शुरू किए जाने के निर्देश दिए। कहा कि जहां जहां सिंचाई तंत्र ध्वस्त हो गया है या बंद पड़ा है, उसे दुरूस्त कर शुरू किया जाए। उन्होंने लघु सिंचाई को भी अच्छे एवं गुणवत्तापूर्ण प्रस्ताव तैयार किए जाने की बात कही।

मुख्य सचिव ने पेयजल विभाग को उनके द्वारा संचालित योजनाओं में जीरो कार्बन उर्त्सजन पर फोकस किए जाने का लक्ष्य दिया। उन्होंने जल संस्थान और जल निगम को अपनी पेयजल योजनाओं को भी जीरो कार्बन उत्सर्जन की ओर ले जाने की दिशा में कार्य करते हुए सोलर को बैटरी से जोड़े जाने पर जोर दिया। उन्होंने क्लाईमेट चेंज फंड को भी इसके लिए प्रयोग किए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा को किस प्रकार से अपने प्रोजेक्ट्स में ऊर्जा स्रोत के रूप में प्रयोग करें इस दिशा में प्रस्ताव तैयार किए जाएं। उन्होंने पेयजल विभाग को उनके सभी एसटीपी प्लांट्स की 24×7 रियल टाईम मॉनिटरिंग का मैकेनिज्म तैयार करने के निर्देश दिए।

*जल संस्थान को देहरादून के सभी सरकारी आवास में 31 मार्च तक वाटर मीटर लगाने का टारगेट*

मुख्य सचिव ने जल संस्थान को 31 मार्च तक देहरादून की सभी सरकारी कॉलोनियों को वाटर मीटर से 100 प्रतिशत संतृप्त किए जाने का लक्ष्य दिया। उन्होंने प्रदेश में सभी नगर निगमों को वाटर मीटर से संतृप्त किए जाने की बात भी कही। कहा कि इससे पानी की बर्बादी पर रोक लगेगी। उन्होंने जल संस्थान को पानी की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए अपने सिस्टम को मजबूत किए जाने के भी निर्देश दिए। कहा कि दूषित पानी की शिकायत पर सम्बन्धित अधिकारी पर कार्रवाही किया जाना भी सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सौंग बांध परियोजना के अन्तर्गत पेयजल घटक के अन्तर्गत डीपीआर एक सप्ताह में शासन को उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने एसटीपी से निकले ट्रीटेड वाटर को नॉन-ड्रिंकिंग उद्देश्यों के लिए प्रयोग किए जाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि जल संस्थान अपने एसटीपी का ट्रीटेड वाटर सिंचाई विभाग के साथ समन्वय बनाकर सिंचाई एवं अन्य नॉन ड्रिंकिंग कार्यों हेतु उपयोग करने हेतु भी प्रस्ताव तैयार करे।

*टिहरी को इंटरनेशनल डेस्टिनेशन बनाने के लिए शीघ्र कार्ययोजना तैयार की जाए*

मुख्य सचिव ने शहरी विकास विभाग को देहरादून सहित प्रदेश के अन्य बड़े शहरों में बड़े पार्क तैयार करे। उन्होंने कहा कि टिहरी को इंटरनेशनल डेस्टिनेशन के रूप मे विकसित करने के लिए शीघ्र कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने टिहरी झील रिंग रोड परियोजना को भी शीघ्र शुरू किए जाने की बात कही। साथ ही, पर्यटन विभाग टिहरी, ऋषिकेश एवं चम्पावत में पर्यटन क्षेत्र विकसित करने के प्रस्ताव तैयार करे।

मुख्य सचिव ने वन विभाग को सिटी ग्रीनिंग और एक्सप्रेस-वे के प्रस्ताव एवं के साथ ही बायोफेंसिंग का मॉडल प्रोजेक्ट तैयार किए जाने की बात कही। कहा कि उन्होंने आईटी विभाग को साइंस सिटी एंड विज्ञान केंद्रों की स्थापना के साथ ही इनके संचालन और मेंटरिंग की व्यवस्था हेतु मैकेनिज्म तैयार किए जाने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुन्दरम, पीसीसीएफ कपिल लाल, सचिव नितेश कुमार झा, सचिन कुर्वे, दिलीप जावलकर, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ. वी. षणमुगम, डॉ. आर. राजेश कुमार, युगल किशोर पंत, रणवीर सिंह चौहान, अपर सचित हिमांशु खुराना, अपूर्वा पाण्डेय एवं मनमोहन मैनाली सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

नोडल अधिकारी तैनात कर आवारा पशुओं को लेकर कोर्ट के आदेश का पालन करें: वर्धन

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में उच्चतम न्यायालय के द्वारा आवारा पशुओं के सम्बन्ध में दिए गए निर्देशों के क्रम में सम्बन्धित विभागों के साथ बैठक ली। मुख्य सचिव ने सार्वजनिक और भीड़भाड़ वाले स्थानों से कुत्तों एवं गौवंश के सम्बन्ध में न्यायालय के निर्देशों के क्रम में यथोचित कार्यवाही किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने सभी सम्बन्धित विभागों को क्षेत्रवार नोडल अधिकारी तैनात किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेषकर देहरादून, हरिद्वार, रुद्रपुर और काशीपुर जैसे बड़े शहरों में स्ट्रे डॉग्स के सम्बन्ध में मा. न्यायालय के निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित किए जाने हेतु आवश्यक कदम उठाए जाने की बात कही।

मुख्य सचिव ने राष्ट्रीय राजमार्गों से आवारा कुत्तों एवं गौवंश के सम्बन्ध में की गई कार्रवाई की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि क्रिटिकल स्थानों को चिन्हित करते हुए प्राथमिकता के आधार पर यथोचित कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने आवारा गौवंशों को रखने के लिए कांजीहाउस तैयार किए जाएं एवं उनके संचालन के लिए व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।

मुख्य सचिव ने सचिव परिवहन को निर्देश दिए कि विभाग द्वारा सभी बस स्टेशनों एवं रेलवे स्टेशनों एवं आसपास आवारा पशुओं एवं गौवशों को स्थानीय निकायों की सहायता से यथोचित कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

मुख्य सचिव ने इन पशुओं को स्थानीय लोगों द्वारा गोद लेने के लिए प्रेरित करने के लिए जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जाने की भी बात कही। पालतू जानवर रखने वालों के लिए ‘क्या करें, क्या न करें‘ एसओपी तैयार की जाए।

इस अवसर पर सचिव नितेश कुमार झा, डॉ. आर. राजेश कुमार, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय एवं अपर सचिव विनीत कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।