मुख्य सचिव ने की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से छात्र-छात्राओं से बातचीत

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने ननूरखेड़ा स्थित राजीव गांधी नवोदय विद्यालय पहुंचकर ‘शिक्षा की बात’ कार्यक्रम के तहत् प्रदेश के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बातचीत की।

*हर बच्चा खास होता है, अपने बच्चों की प्रतिभा को पहचानते हुए आगे बढ़ाने का प्रयास करें*

कार्यक्रम के दौरान सभी छात्र-छात्राओं को सम्बोधित करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि हर बच्चा खास होता है। उसमें कोई न कोई विशेषता अवश्य होती है। उन्होंने कहा कि हमें अपनी प्रतिभा पहचानने की आवश्यकता है। उन्होंने सभी शिक्षकों एवं परिजनों से भी अनुरोध किया कि वे अपने बच्चों की प्रतिभा को पहचानते हुए आगे बढ़ाने का प्रयास करें।

*उद्योगपतियों, वैज्ञानिकों, प्रोफेसर आदि के साथ लगातार करायी जाए बातचीत*

मुख्य सचिव ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि वे ‘शिक्षा की बात‘ कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए इसमें उद्योगपतियों, वैज्ञानिकों, प्रोफेसर और विभिन्न क्षेत्रों में महत्त्वपूर्ण कार्य कर रहे व्यक्तियों से बातचीत कराते हुए बच्चों का मार्गदर्शन करने का अवसर दें। उन्होंने शिक्षा की बात कार्यक्रम को अन्य सभी विद्यालयों में भी शुरू किए जाने की बात कही। कहा कि क्लस्टर विद्यालयों से इसकी शुरूआत करते हुए सभी क्लस्टर विद्यालयों को इससे जोड़ा जाए।

*मोबाईल और तकनीक पर हम कंट्रोल करें, न कि मोबाईल और तकनीक हम पर*

बच्चों से चर्चा के दौरान मुख्य सचिव ने महत्त्वपूर्ण सीख देते हुए कहा कि आज मोबाईल और तकनीक का युग है, मगर मोबाईल और तकनीक पर हमारा कंट्रोल हो, न कि वो हमें कंट्रोल करें। उन्होंने कहा कि किताबें, खेल और रचनात्मक सोच आपको मजबूत बनाते हैं। हमें इन सभी पर ध्यान देने की आवश्यकता है।

*मेहनत और अनुशासन हमें बेहतर बनाते हैं।*

मुख्य सचिव ने कहा कि सफलता का कोई शॉर्ट-कट नहीं है। इसके लिए एक लक्ष्य निर्धारित कर मेहनत करनी होती है। मेहनत और अनुशासन हमें बेहतर बनाते हैं। उन्होंने कहा कि हमें अच्छा मनुष्य, अच्छा नागरिक बनकर देश और समाज के प्रति जिम्मेदारियां निभानी है। इसके लिए सभी शिक्षकों और अभिभावकों को भी अपने बच्चों को देश का जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में महत्त्वपूर्ण जिम्मेदारी निभानी होगी।

मुख्य सचिव ने इस अवसर पर प्रदेश के विभिन्न विद्यालयों से आए बच्चों द्वारा तैयार साइंस प्रोजेक्ट्स का भी अवलोकन किया एवं उनसे बातचीत की। छात्रों के प्रोजेक्ट्स की प्रशंसा करते हुए उन्होंने प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए बच्चों को देहरादून भ्रमण कराये जाने की भी बात कही। कहा कि कौशल विकास विभाग के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का भी भ्रमण कराया जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों के भ्रमण कार्यक्रम भी लगातार आयोजित किए जाने चाहिए। इससे उनको किताबी ज्ञान के अलावा अन्य बहुत सा व्यावहारिक ज्ञान और जानकारियां मिलेंगी।

इस अवसर पर सचिव रविनाथ रमन एवं निदेशक माध्यमिक शिक्षा मुकुल सती सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

सीएस की अध्यक्षता में हुई यूजेवीएन लिमिटेड की बैठक

यूजेवीएन लिमिटेड के निदेशक मंडल की 132वीं बोर्ड बैठक आज मुख्य सचिव उत्तराखण्ड शासन एवं अध्यक्ष यूजेवीएन लिमिटेड की अध्यक्षता में सचिवालय में आयोजित की गई। बैठक में निदेशक मंडल द्वारा निगम के मानव संसाधन, परिचालन, परियोजनाओं एवं अन्य विषयों से जुड़े अनेक प्रस्तावों पर विचार‐विमर्श किया गया।

निदेशक मंडल द्वारा निगम के स्थायी एवं अस्थायी पदों के पुनर्गठन के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई।

निदेशक मंडल द्वारा के नई परियोजनाओं के तकनीकी आकलन एवं मार्गदर्शन हेतु विशेषज्ञ तकनीकी समूह के गठन के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की गई। यह समूह परियोजनाओं की तकनीकी व्यवहार्यता, डिजाइन तथा क्रियान्वयन से संबंधित सुझाव प्रदान करेगा। विशेषज्ञ तकनीकी समूह द्वारा सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में प्रस्तावित 114 मेगावॉट की सेला-उर्थिंग जलविद्युत परियोजना के साथ ही 102 मेगावॉट की मोरी-त्यूनी जलविद्युत परियोजना व अन्य परियोजनाओं पर भी आवश्यकतानुसार कार्य किया जाएगा।

बैठक में मनेरी भाली द्वितीय चरण के जोशीयाड़ा बैराज के डाउनस्ट्रीम में जल प्रवाह को न्यूनतम करने से संबन्धित कार्यों की संशोधित लागत एवं प्रशासनिक स्वीकृति के प्रस्ताव को भी पारित कर दिया गया। निदेशक मंडल द्वारा मोरी त्यूनी परियोजना हेतू परामर्शदात्री सेवाएं लेने के प्रस्ताव पर भी सहमति जताई गई। इसी क्रम में 300 मेगावॉट क्षमता वाली लखवाड़ परियोजना के विद्युत यांत्रिक कार्यों हेतु अद्यतन लागत व संशोधित प्रशासनिक स्वीकृति के प्रस्ताव को भी बैठक में स्वीकृति प्रदान की गई। चमोली जनपद में स्थित 3 मेगावॉट क्षमता वाली उर्गम लघु जल विद्युत परियोजना के पुनरोद्धार हेतु विस्तृत परियोजना रिपोर्ट व निवेश योजना के प्रस्ताव को भी बैठक में अनुमोदित कर दिया गया। 72 मेगावाट की त्यूनी प्लासु परियोजना में विद्युत यांत्रिक उपकरणों की स्थापना हेतु निविदा आमंत्रित करने के प्रस्ताव को भी निदेशक मंडल द्वारा स्वीकृत कर दिया गया। पिथौरागढ़ जनपद में श्यामखोलागाड़ नदी पर 12 मेगावॉट की तांकुल परियोजना के सिविल डिजाइन व इंजीनियरिंग हेतु वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी गई। निदेशक मंडल ने उत्तराखण्ड विद्युत नियामक आयोग के 2025 विनियमों में बैटरी आधारित ऊर्जा भंडारण टैरिफ व ट्रेडिंग मार्जिन संबंधी प्रावधानों पर समीक्षा याचिका दायर करने की अनुमति भी प्रदान की। सौर परियोजनाओं की वाणिज्यिक संचालन तिथि विस्तार न मिलने से जुड़े मुद्दे पर भी निदेशक मंडल द्वारा उत्तराखएड विद्युत नियामक आयोग में समीक्षा याचिका दाखिल करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। निदेशक मंडल के समक्ष वित्तीय वर्ष 2025-26 के विद्युत उत्पादन का विवरण भी रखा गया जिसके अनुसार वर्तमान तक निगम के विद्युत गृह अपने लक्ष्य से 84 मिलियन यूनिट अआगे चल रहे हैं।
बैठक में मुख्य सचिव उत्तराखंड शासन एवं अध्यक्ष यूजीवीएन लिमिटेड आनंद वर्धन, प्रमुख सचिव ऊर्जा डॉ. आर. मिनाक्षी सुंदरम, सचिव वित्त दिलीप जावलकर के साथ ही इंदु कुमार पांडेय, बी.पी. पांडेय, पराग गुप्ता, यूजेवीएन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक डॉ. संदीप सिंघल, निदेशक परियोजनाएं सुरेश चन्द्र बलूनी, निदेशक परिचालन ए.के.सिंह, अधिशासी निदेशक सुधाकर बडोनी, आशीष जैन, विवेक आत्रेय आदि उपस्थित रहे।बैठक में मुख्य सचिव उत्तराखंड शासन एवं अध्यक्ष यूजीवीएन लिमिटेड आनंद वर्धन, प्रमुख सचिव ऊर्जा डॉ. आर. मिनाक्षी सुंदरम, सचिव वित्त दिलीप जावलकर के साथ ही इंदु कुमार पांडेय, बी.पी. पांडेय, पराग गुप्ता, प्रबंध निदेशक यूजेवीएन लिमिटेड डॉ. संदीप सिंघल निदेशक परियोजनाएं सुरेश चन्द्र बलूनी, निदेशक परिचालन ए.के.सिंह, अधिशासी निदेशक सुधाकर बडोनी, आशीष जैन, विवेक आत्रेय आदि उपस्थित रहे।

सीएस वर्धन ने लखवाड़ बहुद्देश्यीय परियोजना की प्रगति की समीक्षा की

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में लखवाड़ बहुद्देश्यीय परियोजना की प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने कहा कि यह भारत सरकार और उत्तराखण्ड सरकार की उच्च प्राथमिकता वाली परियोजना है, और इसे जल्द से जल्द पूर्ण किए जाने का कार्य दिया गया है।

मुख्य सचिव ने कहा कि किसी भी स्तर पर कोई लापरवाही कोई ढिलाई न हो, इसका ध्यान रखा जाए। उन्होंने सभी संस्थानों के साथ बैठक कर कार्यों में तेजी लाए जाने के निर्देश दिए हैं। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने परियोजना के सम्बन्ध में विस्तार से सभी संस्थानों के स्तर से किए गए कार्यों की प्रगति की जानकारी ली।

मुख्य सचिव ने कहा कि परियोजना से सम्बन्धित सभी प्रकार की ड्रॉइंग्स और केन्द्रीय जल आयोग से उनका पुनरीक्षण कार्य ससमय करा लिए जाए। उन्होंने परियोजना को समय से पूर्ण किए जाने हेतु सभी स्तरों की पर्ट चार्ट के साथ टाईमलाईन तैयार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने दक्ष मैनपावर, मशीन और निर्माण सामग्रियों की उपलब्धता सुनिश्चित किए जाने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा हाईड्रॉ मैकेनिकल ड्रॉइंग्स शीघ्र उपलब्ध करायी जाए।

मुख्य सचिव ने परियोजना से सम्बन्धित सभी प्रकार के अध्ययन आवश्यक रूप से उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने यूजेवीएनएल और जिला प्रशासन को लगातार परियोजना से जुड़े सभी स्टेक हॉल्डर्स और प्रभावितों से लगातार संवाद किया जाने की बात कही।

मुख्य सचिव ने प्रमुख सचिव ऊर्जा को अपने स्तर पर पाक्षिक रूप से कार्यों की प्रगति की समीक्षा किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वयं उनके स्तर से भी नियमित रूप से प्रगति पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। उन्होंने विभिन्न प्रकार की स्वीकृतियों के लिए सम्बन्धित मंत्रालयों से भी लगातार संवाद कर फाईल प्रोसेसिंग में तेजी लाए जाने की बात कही।

बैठक में बताया गया कि यमुना नदी पर स्थित लखवाड़ बहुद्देश्यीय परियोजना के अंतर्गत बनाया जाने वाला बांध 204 मीटर ऊंचा और इसकी लाइव स्टोरेज क्षमता 330.40 एमसीएम है। इसकी 300 मेगावाट विद्युत उत्पादन की क्षमता है।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, एमडी यूजेवीएनएल डॉ. संदीप सिंघल, सीडब्ल्यूसी के प्रतिनिधि एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

सीएस ने दिए स्वास्थ्य विभाग को खराब व जर्जर हो चुकी 108 एवं विभागीय एम्बुलेंसों को शीघ्र बदलने के निर्देश

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक की। इस अवसर पर जनपद स्तर पर पुराने समय से लंबित प्रकरणों पर सम्बन्धित विभागीय सचिवों के चर्चा कर विभिन्न प्रकरणों का निस्तारण किया गया।

इसके साथ ही मुख्य सचिव ने उत्तराखण्ड गवर्नमेंट एसेट मैनेजमेंट सिस्टम पर सभी विभागों को अपनी संपत्तियों को मैप करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी विभागीय सचिवों और विभागाध्यक्षों को 31 मार्च, 2026 तक सभी विभागों के अंतर्गत सरकारी संपत्तियों की मैपिंग कराए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव द्वारा स्वास्थ्य विभाग को खराब एवं जर्जर हो चुकी 108 एवं विभागीय एम्बुलेंसों को शीघ्र बदले जाने के निर्देश दिए गए।

मुख्य सचिव ने एग्री स्टैक के अंतर्गत अंश निर्धारण, डिजिटल क्रॉप सर्वे और किसानों के पंजीकरण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस दिशा में कुछ जनपदों द्वारा अच्छा प्रदर्शन किया गया है, जबकि कुछ जनपदों को काफी मेहनत करने की आवश्यकता है।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव विधायी धनंजय चतुर्वेदी, सचिव शैलेश बगौली, नितेश कुमार झा, डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, चंद्रेश कुमार यादव, दीपक रावत, विनय शंकर पाण्डेय, विनोद कुमार सुमन, रणवीर सिंह चौहान एवं धीराज सिंह गर्ब्याल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं जनपदों से जिलाधिकारी उपस्थित थे।

जिलाधिकारियों को कोल्ड वेब एक्शन प्लान तैयार करते हुए कार्यवाही किए जाने के निर्देश

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने प्रदेश में शीतलहर की तैयारियों के सम्बन्ध में सभी जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक ली। मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को विभिन्न विभागों द्वारा नोडल अधिकारी नामित किया जाने के निर्देश दिए। उन्होंने जिलाधिकारियों को कोल्ड वेब एक्शन प्लान भी तैयार करते हुए, उसके अनुसार कार्यवाही किए जाने के भी निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि सभी जनपदों में बर्फबारी एवं पालाग्रस्त क्षेत्रों का चिन्हीकरण कर लिया जाए। साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि शीत़़ऋतु में शीतलहर एवं बर्फबारी से सुरक्षा हेतु सभी जनपदों में अस्थाई रैनबसेरों की व्यवस्था एवं इसके लिए पृथक से नोडल अधिकारी नामित किया जाएं।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि आवश्यकतानुसार कम्बलों के वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। जनपदों में चिकित्सा स्वास्थ्य हेतु आपातकालीन सेवाओं के लिये कार्यरत चिकित्सकों की सूची, मोबाईल नम्बर एवं आवश्यक दवाइयों का पर्याप्त मात्रा में भण्डारण भी अनिवार्य रूप से कर लिया जाए। उन्होंने पशुओं के लिए भी पर्याप्त मात्रा में चारा की व्यवस्था तथा दवाइयों का भण्डारण व आपातकालीन सेवाओं के लिए पशु चिकित्सकों की सूची तैयार की जाए।

मुख्य सचिव ने शीतऋतु में शीतलहर एवं बर्फबारी से सुरक्षा हेतु सभी जनपदों में खाद्य आपूर्ति, पेयजल एवं ईंधन का मार्च माह के अन्त तक के लिये पर्याप्त मात्रा में भंडारण की व्यवस्था कर ली जाए। उन्होंने भारी बर्फबारी से प्रभावित होने वाले प्रदेश के सभी दूरस्थ क्षेत्रों में दिसम्बर माह के अंत तक खाद्य, पेयजल एवं ईंधन का भण्डारण अनिवार्य रूप से कर लिया जाए।

मुख्य सचिव ने बर्फ से ढकी सड़कें खुलवाने हेतु आवश्यक उपकरणों, बर्फबारी/पालाग्रस्त स्थानों में साईनेज के साथ रिफलेक्टर आदि की व्यवस्था किये जाने के निर्देश भी दिये। उन्होंने कहा ट्रेंकिंग कराने वाली संस्थाओं और व्यक्तियों के साथ बैठक आहूत करते हुए उनको स्पष्ट रूप से निर्देशित कर दिया जाए कि उनके द्वारा ट्रेकिंग पर भेजे जाने वाले पर्यटकों की पूरी तरह से सुरक्षा हेतु सभी प्रकार की आवश्यक व्यवस्थायें सुनिश्चित की जाएं।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, आयुक्त कुमाऊं दीपक रावत, आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पाण्डेय, सचिव दीपेन्द्र कुमार चौधरी, डॉ. एस.एन. पाण्डेय, विनोद कुमार सुमन एवं अपर सचिव रंजना राजगुरू सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

विभागों को सेतु आयोग के साथ अपनी पॉलिसियों और कार्यक्रमों पर मंथन किए जाने की आवश्यकता: वर्धन

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सेतु आयोग के कार्यों की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने सेतु आयोग में कार्यरत विभिन्न विषयों के विशेषज्ञों के साथ विस्तार से महत्त्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि सेतु आयोग उत्तराखण्ड के विकास में राज्य सरकार के थिंक टैंक के रूप में कार्य करेगा।

मुख्य सचिव ने कहा कि विभागों को आयोग के साथ अपनी पॉलिसियों और कार्यक्रमों पर मंथन किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आयोग अध्ययन करके बताए कि किस विभाग में किस पॉलिसी में क्या परिवर्तन किए जाने की आवश्यकता है, जिससे पॉलिसीज का अधिकतम लाभ मिल सके।

मुख्य सचिव ने कहा कि कोल्ड वाटर फिशरीज हमारी यूएसपी है, इसे हम किस प्रकार से पर्वतीय क्षेत्रों की आर्थिकी से जोड़ सकते हैं, इस पर अध्ययन किया जाना चाहिए। उन्होंने वन आर्थिकी को बेहतर बनाए जाने की दिशा में कार्य किए जाने की बात भी कही। उन्होंने पर्वतीय क्षेत्रों की वर्षा आधारित कृषि को सुनिश्चित कृषि की दिशा में शोध एवं सुधार की दिशा में भी कार्य किए जाने की बात कही।

मुख्य सचिव ने कहा कि सेतु आयोग के अंतर्गत एक मजबूत एक्सपर्ट टीम हमें मिली है। इससे राज्य की बेहतरी के लिए शोध क्षमता को बढ़ाए जाने की आवश्यकता है।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव श्रीधर बाबू अद्दांकी एवं उपाध्यक्ष सेतु आयोग राजशेखर जोशी सहित सेतु आयोग से विभिन्न विषयों के विशेषज्ञ उपस्थित थे।

आढ़त बाजार पुनर्निर्माण कार्य का 20 जनवरी तक जीओ जारी करने के निर्देश

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में देहरादून मोबिलिटी प्लान के सम्बन्ध में सम्बन्धित विभागों के साथ बैठक ली। मुख्य सचिव ने कहा कि देहरादून शहर का यातायात संकुलन कम करने के लिए लगातार नए कदम उठाने होंगे। उन्होंने आढ़त बाजार, इंदिरा मार्केट आदि विभिन्न कार्यों की प्रगति की जानकारी भी ली।

मुख्य सचिव ने निरंजनपुर मंडी को अन्यत्र शिफ्ट किए जाने हेतु एमडीडीए को नयी जगह तलाशने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने आढ़त बाजार के पुनर्निर्माण कार्य को शीघ्र शुरू किए जाने की भी बात कही। कहा कि 20 जनवरी तक इसका शासनादेश जारी कर दिया जाए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को शहर के 6 जंक्शनों के सुधार के लिए 15 जनवरी तक जीओ जारी किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने शहर के भीड़-भाड़ वाले महत्त्वपूर्ण क्षेत्रों में बनी पार्किंग के 100 प्रतिशत उपयोग न होने पर चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि अब तक तैयार पार्किंग का 100 प्रतिशत उपयोग होना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने नगर निगम द्वारा लागू की जा रही ऑन रोड पार्किंग को अन्य मार्गों में भी लागू किए जाने की बात कही, ताकि लोग अपने वाहनों को सड़कों के बजाय पार्किंग में लगाने को प्रेरित हों।

मुख्य सचिव ने परिवहन विभाग को दिसम्बर माह में एसपीवी रजिस्टर करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनवरी में पहली बोर्ड बैठक आयोजित कर ली जाए। उन्होंने आशारोड़ी में सीज वाहनों को रखने के लिए बनायी जा रही पार्किंग को शीघ्र शुरू किए जाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने उम्टा (UMTA) द्वारा तैयार मोबिलिटी प्लान के तहत चिन्हित नए पार्किंग स्थलों की ग्राउण्ड ट्रुथिंग भी कराए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि यदि ये स्थल पार्किंग के लिए उपयुक्त पाए जाते हैं तो इनको तैयार किया जाए। उन्होंने परेड ग्राउण्ड में अंडरग्राउण्ड पार्किंग का फीजिबिलिटी परीक्षण शीघ्र कराए जाने की बात भी कही।

मुख्य सचिव ने शहर के खम्बों में लटकी बिना परमिशन और अवैध तारों के जालों शीघ्र हटाए जाने की भी बात कही। कहा कि शहर में जहां-जहां अंडरग्राउण्ड इलेक्ट्रिसिटी केबल का कार्य पूर्ण हो गया है, सड़कों को तत्काल दुरूस्त किया जाए।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, अपर सचिव अहमद इकबाल, विनीत कुमार, वीसी एमडीडीए बंशीधर तिवारी एवं एसपी देहरादून अजय सिंह सहित अन्य सम्बन्धित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।