दून में दिनदहाड़े एक ओर हत्या, कुख्यात गैंगस्टर विक्रम शर्मा को दो अज्ञात हमलावरों ने मारी गोली

राजधानी देहरादून में शुक्रवार को दिनदहाड़े एक और हत्या हो गई। सिल्वर सिटी मॉल में झारखंड के कुख्यात गैंगस्टर विक्रम शर्मा को दो अज्ञात हमलावरों ने गोली मार दी। विक्रम पर झारखंड में 50 से अधिक मामले दर्ज हैं। इनमें कई हत्याएं, अपहरण और रंगदारी मांगने के मामले शामिल हैं। काशीपुर में विक्रम का स्टोन क्रशर है और वह प्रॉपर्टी के कारोबार में भी सक्रिय था। शुरुआती जांच में पुलिस रंजिश के कारण हत्या होना मान रही है।

विक्रम शर्मा रोज की तरह सिल्वर सिटी स्थित एनी टाइम फिटनेस जिम में व्यायाम करने गया था। वहां से निकलते वक्त करीब 10 बजकर 10 मिनट पर सीढ़ियों पर दो हमलावरों ने उसके सिर में गोली मार दी। सूचना पर पहुंची पुलिस उसे उठाकर मैक्स अस्पताल ले गई। वहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप ने बताया कि शुरुआती जांच में पता चला है कि कुल तीन बदमाश बाइक पर आए थे। इनमें से दो पैदल मॉल के अंदर गए और गोली मारने के बाद वहां से पैदल ही निकल गए। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि बदमाश वहां से कुछ सौ मीटर तक पैदल भागे इसके बाद काले रंग की बाइक पर सवार होकर फरार हो गए।

आईजी गढ़वाल ने हत्याकांड के जल्द खुलासे के निर्देश दिए हैं। इसके बाद पुलिस ने जिलेभर में नाकेबंदी कर दी। सख्त जांच अभियान चलाया गया। पुलिस टीमें बदमाशों के आने और वारदात को अंजाम देकर भागने के रास्तों की जांच में जुट गईं। विक्रम शर्मा मूल रूप से सिंहभूमि जमशेदपुर झारखंड का रहने वाला था। वर्तमान में वह देहरादून में अमन विहार में रह रहा था।

उसका काशीपुर में स्टोन क्रशर का कारोबार है। उसके कई कुख्यात अपराधियों और गैंगस्टरों से संबंध होने की जानकारी मिली है। ऐसे में पुलिस इस हत्या को आपसी रंजिश, गैंगवार या आर्थिक लेनदेन से जुड़ा मानकर जांच कर रही है।

पुलिस जांच में सामने आया कि विक्रम शर्मा के पास एक लाइसेंसी पिस्टल भी थी। इसे घटनास्थल से बरामद किया गया है। घात लगाए हमलावरों ने इतनी तेजी के हमला किया कि वह हथियार निकाल तक नहीं सका। फायरिंग के वक्त मॉल के अधिकतर शोरूम बंद थे लेकिन अंदर कई सफाई कर्मचारी मौजूद थे।

कानून व्यवस्था पर राजधानी के क्षेत्राधिकारियों को सख्त निर्देश, जवाबदेही होगी तय

डालनवाला में गोलीकाण्ड की गंभीर घटना के संबंध में राजीव स्वरूप, पुलिस महानिरीक्षक, गढ़वाल परिक्षेत्र द्वारा घटनास्थल पर पहुँचकर विस्तृत निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने घटनास्थल की परिस्थितियों, उपलब्ध भौतिक एवं तकनीकी साक्ष्यों तथा अब तक की गई पुलिस कार्यवाही की गहन समीक्षा की।

पुलिस महानिरीक्षक द्वारा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, देहरादून को निर्देशित किया कि *घटना में संलिप्त आरोपियों की शीघ्र पहचान सुनिश्चित करते हुए विशेष टीमों का गठन किया जाए तथा गिरफ्तारी के लिए सभी आवश्यक विधिक, तकनीकी एवं सर्विलांस संसाधनों का प्रभावी उपयोग किया जाए।* उन्होंने स्पष्ट किया कि *अपराधियों को अतिशीघ्र गिरफ्तार कर विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु ठोस रणनीति तैयार की जाए।*

▪️उक्त संवेदनशील घटना के दृष्टिगत *परिक्षेत्रीय कार्यालय में जनपद देहरादून के समस्त क्षेत्राधिकारियों (सीओ) के साथ गोष्ठी आयोजित की गई।* बैठक में जनपद में *हाल के दिनों में घटित आपराधिक घटनाओं की समीक्षा करते हुए उनके त्वरित अनावरण एवं प्रभावी रोकथाम के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। -:*

▪️ सभी क्षेत्राधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में *नियमित रूप से भ्रमणशील रहेंगे तथा पुलिस बल की सक्रिय उपस्थिति सुनिश्चित करेंगे।* वे अधीनस्थ थाना एवं चौकी प्रभारियों को नियमित रूप से ब्रीफ करते हुए कानून व्यवस्था के प्रति सजग बनाए रखेंगे।

▪️ ऐसे *विवादित मामलों, जिनसे शांति एवं कानून व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका हो, उन्हें प्राथमिकता पर लेते हुए उनका निस्तारण क्षेत्राधिकारी अपने निकट पर्यवेक्षण में कराना सुनिश्चित करेंगे।*

▪️समस्त क्षेत्राधिकारी *संदिग्ध व्यक्तियों की धरपकड़ के लिए नियमित चेकिंग अभियान चलाएं तथा रूटीन चेकिंग के साथ विभिन्न स्थानों पर आकस्मिक (रैंडम) चेकिंग भी की जाए, जिससे आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हो सके। आपसी रंजिश, भूमि विवाद अथवा अन्य संवेदनशील मामलों में समय रहते निरोधात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।*

▪️*सोशल मीडिया के माध्यम से प्रकाश में आने वाले मामलों में विलंब न करते हुए तत्काल संज्ञान लेकर वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।* सोशल मीडिया मॉनिटरिंग को सुदृढ़ करते हुए अफवाहों एवं भ्रामक सूचनाओं पर प्रभावी नियंत्रण रखा जाएगा।

▪️क्षेत्राधिकारी समय-समय पर *अपने क्षेत्र के बैंकों की सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण करें* तथा विद्यालयों एवं शिक्षण संस्थानों में जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर सुरक्षा एवं साइबर अपराध संबंधी जानकारी प्रदान करें।

▪️*किसी भी क्षेत्र में इस प्रकार की आपराधिक घटनाओं की पुनरावृत्ति होने पर संबंधित थानाध्यक्ष, चौकी प्रभारी के साथ-साथ संबंधित क्षेत्राधिकारी की जवाबदेही भी निर्धारित की जाएगी।*

उन्होंने सभी अधिकारियों को *कानून व्यवस्था सुदृढ़ बनाए रखने, आमजन में सुरक्षा की भावना स्थापित करने तथा अपराधियों के विरुद्ध कठोर एवं त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने हेतु पूर्ण सतर्कता एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।

देहरादून से पंजाबी गायक के मर्डर के आरोप में छह को दबोचा

पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला मर्डर केस में पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। उत्तराखंड पुलिस की एसटीएफ औप पंजाब पुलिस की एसटीएफ ने ज्वाइंट ऑपरेशन में देहरादून से 6 संदिग्धों को हिरासत में लिया है। इन लोगों पर सिद्धू मूसेवाला के हत्यारों की मदद करने का आरोप है। फिलहाल इन 6 संदिग्धों को पूछताछ के लिए पंजाब ले जाया गया है।

जानकारी के मुताबिक, पंजाब के गायक सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड से जुड़े लोगों की धरपकड़ के क्रम में पंजाब एसटीएफ ने उत्तराखंड एसटीएफ को इस बात की रिपोर्ट दी थी कि हेमकुंड साहिब यात्रा के नाम पर कुछ ऐसे लोगों ने राज्य में प्रवेश किया है, जिनका ताल्लुक सिद्धू हत्याकांड से हो सकता है। सोमवार को हेमकुंड साहिब यात्रा से 6 संदिग्ध लोग वापस पंजाब की तरफ जा रहे थे। तभी पंजाब एसटीएफ के इनपुट के आधार पर उत्तराखंड एसटीएफ और पटेलनगर नयागांव-पेलियों चौकी पुलिस ने शिमला बाईपास इलाके में घेराबंदी कर एक वाहन को रोका। बताया जा रहा है कि इसमें वह शख्स भी हिरासत में लिया गया है, जिसके द्वारा सिद्धू हत्याकांड के मुख्य आरोपियों को गाड़ी और पनाह देने जैसे मामले में मदद की थी। इसके साथ ही 5 अन्य लोगों को भी पुलिस ने संदेह के आधार पर गिरफ्तार किया है।

फिलहाल पंजाब एसटीएफ टीम पुलिस हिरासत में लिए इन लोगों से पूछताछ कर रही है। वहीं लोकल इंटेलिजेंस आईबी भी मौके में पहुंचकर छानबीन में जुटी है। पंजाबी सिंगर शुभदीप सिंह सिद्धू को सिद्धू मूसेवाला के नाम से जाना जाता था। सिद्धू का पंजाब के मनसा में दिन दहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हमलावरों ने मूसेवाला पर ताबड़तोड़ करीब 30 राउंड फायरिंग की, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वह उन 424 लोगों में शामिल थे, जिनकी सुरक्षा पंजाब पुलिस ने शनिवार को अस्थायी रूप से वापस ले ली या कम कर दी थी।