उत्तराखंड में वेडिंग टूरिज्म के साथ स्पिरिचुअल और वेलनेस टूरिज्म को भी मिल रहा विशेष प्रोत्साहनः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किमाड़ी में इंटरनेशनल कन्वेन्शन ऑफ इवेंट इंडस्ट्रीज द्वारा आयोजित ग्रेस हिन्दुस्थान 2.0 उत्तराखण्ड राष्ट्रीय वेडिंग प्रोफेशनल्स सम्मेलन में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने देशभर से आए वेडिंग प्लानर्स, इवेंट विशेषज्ञों, पर्यटन क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों तथा सभी अतिथियों का देवभूमि उत्तराखंड में स्वागत करते हुए कहा कि यह सम्मेलन राज्य में पर्यटन, विशेषकर वेडिंग टूरिज्म के विस्तार के लिए महत्वपूर्ण मंच सिद्ध होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी दो दिनों तक आयोजित इस सम्मेलन में पर्यटन, वेडिंग और इवेंट उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों के विचार-मंथन से उत्तराखंड में पर्यटन विकास को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने इस आयोजन के लिए इंटरनेशनल कन्वेन्शन ऑफ इवेंट इंडस्ट्रीज की पूरी टीम तथा पुनर्नवा वेलनेस रिजॉर्ट के संस्थापक आचार्य आशीष सेमवाल को बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि इस मंथन के सकारात्मक परिणाम राज्य के पर्यटन क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में सहायक होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ष्वेड इन उत्तराखंडष् की परिकल्पना को धरातल पर उतारने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वेडिंग और इवेंट इंडस्ट्री से जुड़े सभी विशेषज्ञों के सहयोग से उत्तराखंड को देश और दुनिया के प्रमुख वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित किया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में विवाह केवल सामाजिक आयोजन नहीं, बल्कि दो आत्माओं का पवित्र मिलन माना जाता है। देवभूमि उत्तराखंड की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत ऐसे पावन अवसर को और अधिक दिव्य बना देती है। उन्होंने कहा कि भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह स्थल त्रियुगीनारायण मंदिर जैसी ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहर उत्तराखंड को डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए विशिष्ट पहचान प्रदान करती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार त्रियुगीनारायण, ओंकारेश्वर (ऊखीमठ), रामनगर, टिहरी, मसूरी सहित अन्य उपयुक्त स्थलों को विश्वस्तरीय डेस्टिनेशन वेडिंग केंद्रों के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि डेस्टिनेशन वेडिंग केवल होटल और रिसॉर्ट तक सीमित नहीं रहती, बल्कि इससे स्थानीय कारीगरों, लोक कलाकारों, होमस्टे संचालकों, टैक्सी चालकों तथा अनेक छोटे व्यवसायों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार और आय के नए अवसर प्राप्त होते हैं। इसी कारण राज्य सरकार वेडिंग टूरिज्म को स्थानीय अर्थव्यवस्था और स्वरोजगार को सशक्त बनाने का प्रभावी माध्यम मानते हुए आगे बढ़ा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड आने वाले पर्यटक केवल प्राकृतिक सौंदर्य ही नहीं, बल्कि यहां की संस्कृति, अध्यात्म और आत्मीयता का भी अनुभव अपने साथ लेकर जाएं, इसी उद्देश्य से पर्यटन के विविध आयामों को विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड प्रकृति, संस्कृति, अध्यात्म और वेलनेस का अद्भुत संगम है, जहां लोगों को एक संपूर्ण पर्यटन अनुभव प्राप्त होता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुनर्नवा वेलनेस रिजॉर्ट इस बात का उत्कृष्ट उदाहरण है कि किस प्रकार आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा और आधुनिक सुविधाओं का समन्वय कर विश्वस्तरीय वेलनेस अनुभव उपलब्ध कराया जा सकता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार वेडिंग टूरिज्म के साथ-साथ स्पिरिचुअल और वेलनेस टूरिज्म को भी समान रूप से बढ़ावा दे रही है।

उन्होंने कहा कि सरकार केदारखंड और मानसखंड के मंदिर क्षेत्रों के विकास एवं सौंदर्यीकरण के साथ हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर, विवेकानंद कॉरिडोर, गोल्ज्यू कॉरिडोर, यमुना कॉरिडोर तथा शारदा कॉरिडोर जैसे महत्वपूर्ण आध्यात्मिक परियोजनाओं पर कार्य कर रही है। साथ ही शीतकालीन यात्रा की शुरुआत कर वर्षभर पर्यटन को गति देने का प्रयास किया गया है। इसके अतिरिक्त गढ़वाल और कुमाऊं मंडलों में एक-एक स्पिरिचुअल इकोनॉमिक जोन स्थापित करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है, जिससे योग, आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा और आध्यात्मिक पर्यटन को नई मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड आज कानून-व्यवस्था, सुशासन और निवेश अनुकूल नीतियों के कारण देश के सबसे भरोसेमंद राज्यों में शामिल है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सड़क, रेल और रोपवे आधारित ट्रिपल आर (ज्तपचसम त्) कनेक्टिविटी को मजबूत बनाने पर विशेष बल दे रही है। चारधाम ऑल वेदर रोड परियोजना, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना, विभिन्न रोपवे परियोजनाओं, जौलीग्रांट एवं पंतनगर हवाई अड्डों के विस्तार तथा प्रदेश के सभी जिलों में हेलीपोर्ट विकास जैसे कार्य पर्यटन को नई गति प्रदान करेंगे और पर्यटकों की पहुंच को और अधिक सुगम बनाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को व्यवहारिक रूप से लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। सिंगल विंडो क्लीयरेंस व्यवस्था के माध्यम से निवेशकों, वेडिंग प्लानर्स और इवेंट आयोजकों को आवश्यक प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने सम्मेलन में उपस्थित सभी विशेषज्ञों एवं निवेशकों से उत्तराखंड के पर्यटन विकास के लिए अपने सुझाव साझा करने का आग्रह करते हुए कहा कि सभी के सहयोग से उत्तराखंड को विश्व के सर्वाेत्तम वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने का संकल्प अवश्य साकार होगा।

इस अवसर पर इंटरनेशनल कन्वेन्शन ऑफ इवेंट इंडस्ट्रीज के पदाधिकारी, पुनर्नवा वेलनेस रिजॉर्ट के संस्थापक आचार्य आशीष सेमवाल, देशभर से आए वेडिंग प्लानर्स, इवेंट एवं पर्यटन उद्योग से जुड़े विशेषज्ञ, विभिन्न उद्यमी, निवेशक तथा बड़ी संख्या में गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

सीएम धामी ने उत्तराखंड सीएसआर डायलॉग’ कार्यक्रम में उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ किया संवाद

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य सेवक सदन में आयोजित उत्तराखंड सीएसआर डायलॉग’ कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से उत्तराखंड की विकास यात्रा में सहयोग करने की अपील की है।

मुख्यमंत्री ने कॉर्पाेरेट जगत के प्रतिनिधियों, विभिन्न केंद्रीय उपक्रमों के अधिकारियों, सीएसआर पार्टनर्स, उद्योग एवं सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि हमारे धर्म ग्रंथों में भी लिखा गया है कि तीर्थ स्थलों पर किए गए दान पुण्य का विशेष महत्व है। इसलिए कॉरपोरेट समूहों द्वारा देवभूमि उत्तराखंड में, सीएसआर के तौर पर दिए गए योगदान का महत्व भी बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि देवभूमि में जन्म लेना का अवसर तो ईश्वर देता है, लेकिन हर कोई देवभूमि में कर्म कर अपना योगदान दे सकता है। इसलिए सभी लोगों को इसका लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बहुत से समूह सीएसआर के तहत शानदार काम कर रहे हैं। उन्होंने उत्तराखंड में स्थापित अन्य समूहों से भी अपना सीएसआर उत्तराखंड में ही खर्च करने की अपील की।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि ये कार्यक्रम कोई औपचारिक बैठक नहीं बल्कि देवभूमि उत्तराखंड के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का एक साझा संकल्प है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन में कौशल विकास, सड़क सुरक्षा, महिला सशक्तिकरण, ग्राम विकास तथा शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में विभिन्न प्रतिष्ठित कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए किए गए हैं। साथ ही देश के प्रतिष्ठित कॉर्पाेरेट समूहों ने उत्तराखंड के लिए कई नए प्रोजेक्ट्स की घोषणा भी की है।

उत्तराखंड की विकास संबंधित चुनौतियां भिन्न

इस मौके मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड की अपनी विशिष्ट परिस्थितियाँ हैं, उत्तराखंड एक पर्वतीय और सीमांत प्रदेश है। यहां की पारिस्थितिकी अत्यंत संवेदनशील है, इसलिए इस राज्य की विकास संबंधी चुनौतियाँ भी अन्य राज्यों से भिन्न हैं। यहां ज्यादा संसाधन और मेहनत खर्च करनी पड़ती है। इसलिए हमारे लिए समग्र विकास का अर्थ केवल सड़कें, भवन और आधारभूत संरचनाएँ खड़ी करना ही नहीं है बल्कि रोजगार सृजन, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच समन्वय स्थापित करना है। इसलिए राज्य को ऐसा विकास चाहिए जो पहाड़ों की संवेदनशीलता का सम्मान करे, साथ ही जंगलों और नदियों को भी सुरक्षित रखने के साथ ही युवाओं को राज्य के भीतर ही रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस उद्देश्य की प्राप्ति में कॉरपोरेट जगत का अनुभव, संस्थागत क्षमता, आधुनिक प्रबंधन शैली और सामाजिक कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

औद्योगिक विकास को समर्पित सरकार

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार उत्तराखंड को औद्योगिक विकास के क्षेत्र में नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। इसी क्रम में वर्ष 2023 में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया, जिसमें राज्य को 3.56 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए थे। इसमें से अब तक 1 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने में सफलता मिल चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने व्यापार को सुगम बनाने के लिए लाइसेंसिंग प्रोसेस को आसान करते हुए जहां एक ओर सिंगल विंडो सिस्टम की व्यवस्था लागू की है। वहीं औद्योगिक नीति, लॉजिस्टिक नीति, स्टार्टअप नीति और डैडम् नीति सहित 30 से अधिक नीतियां लाकर उद्योगों को एक बेहतरीन और सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने का काम किया है। इसके साथ ही राज्य में स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए इनक्यूबेशन सेंटर्स की स्थापना और 200 करोड़ रुपए के वेंचर फंड की व्यवस्था भी की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के इन्हीं प्रयासों से नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्य इंडेक्स में उत्तराखंड ने देश में प्रथम स्थान हासिल किया है। इसके साथ-साथ, उत्तराखंड को श्ईज ऑफ डूइंग बिजनेसश् में श्एचीवर्सश् तथा स्टार्टअप रैंकिंग में श्लीडर्सश् की श्रेणी प्राप्त हुई है।

पारदर्शी नितियों का लाभ मिला उद्योगों को

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि किसी भी राज्य में अच्छा औद्योगिक माहौल तब तक नहीं बन सकता जब तक कि शासन में पारदर्शिता न हो। इसीलिए, प्रदेश सरकार ने प्रदेश के इतिहास में पहली बार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए बीते वर्षों में 200 से अधिक भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की है। राज्य सरकार की पारदर्शिता का सीधा लाभ उद्यमियों को मिल रहा है। उन्हें अब योजनाओं की स्वीकृति, जमीन आवंटन, औद्योगिक लाइसेंस या अन्य व्यावसायिक गतिविधियों में किसी भी अनावश्यक बाधा या भ्रष्टाचार का सामना नहीं करना पड़ता है।

मुख्यमंत्री ने उद्यमी को आश्वस्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड को देश के अग्रणी “इन्वेस्टमेंट फ्रेंडली स्टेट” के रूप में स्थापित करने के लिए संकल्पित है। उन्होंने उम्मीद व्यक्त करते हुए कहा कि कॉर्पाेरेट कुशलता और प्रदेश सरकार की पारदर्शी नीतियां मिलकर एक ऐसी श्सस्टेनेबल इकोनॉमीश् का निर्माण करेंगी, जो पूरे देश के लिए एक उदाहरण बनेगी।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, खजान दास, विधायक उमेश शर्मा काऊ, उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण परिषद विश्वास डाबर, प्रमुख सचिव आर.के सुधांशु, सचिव विनय शंकर पांडेय, एमडी सिडकुल डॉ. सौरभ गहरवार, अपर सचिव मनमोहन मैनाली शामिल हुए।

इनके साथ हुआ एमओयू
किया, हुंडई, लर्नेंट दृ इंफोशिस फाउंडेशन, ओएनजीसी, आईटीसी, महेंद्रा लास्ट माइल मोबिलिटी लिमिटेड, आदित्य बिरला कैपिटल, फिनोलेक्स, पैनोसोनिक।

औचक निरीक्षण करने पहुंचे डीएम ने कोरोनेशन अस्पताल के वार्डों में गंदगी देख दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने बुधवार की रात ठीक 8ः00 बजे जिला कोरोनेशन अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। अचानक हुए इस निरीक्षण से अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में लापरवाही, गंदगी और घोर अनियमितताओं की परतें खुलती चली गईं, जिस पर नाराजगी जताते हुए जिलाधिकारी ने दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (ब्डव्) और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (ब्डै) की एक संयुक्त समिति गठित कर तत्काल रिपोर्ट तलब की है।

आईसीयू में उमस, रजिस्टर खाली और पीआरओ पर गिरी गाज
जिलाधिकारी जब सबसे पहले आईसीयू वार्ड में पहुंचे, तो वहां की स्थिति बेहद चौंकाने वाली थी। जीवन रक्षक माने जाने वाले आईसीयू में मानक के विपरीत एयर कंडीशन बंद पड़ा था, जिससे मरीज उमस और सफोकेशन (घूटन) से बेहाल थे। हैरान करने वाली बात यह रही कि अस्पताल के पीआरओ (च्त्व्) को कई बार कहने के बाद भी एसी चालू नहीं कराया गया, जिस पर डीएम ने पीआरओ के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश देते हुए सीएमएस से जवाब मांगा है। इसके अलावा, आईसीयू के स्टॉक रजिस्टर में 29 जून से दवाओं का कोई विवरण नहीं था और सिस्टर इंचार्ज आकस्मिक अवकाश पर पाई गईं। कार्मिकों के उपस्थिति रजिस्टर में भी भारी खामियां मिलीं।

गंभीर मरीज को अनावश्यक रेफर करने पर जताई नाराजगी
अस्पताल के बाल रोग कक्ष, पुरुष, महिला और सर्जरी वार्डों का हाल भी बदतर मिला। पुरुष वार्ड में लीवर की बीमारी से पीड़ित एक ऐसे मरीज को रेफर करने की तैयारी थी, जो अस्पताल में ही रिकवर हो सकता था। इस अनावश्यक रेफरल पर डीएम ने सख्त आपत्ति जताई। यही नहीं, मरीज को ओढ़ने के लिए फटी हुई कंबल दी गई थी, जिस पर अस्पताल मैटर्न से स्पष्टीकरण मांगते हुए सभी फटे कंबलों को तत्काल कंडम (नष्ट) करने का आदेश दिया गया।

अस्पताल की लिफ्ट में चारों तरफ पान की पीक और गंदगी पसरी थी, जबकि सुरक्षा के लिहाज से लिफ्ट में सीसीटीवी कैमरा तक नहीं लगा था। महिला शौचालय में पुरुष यूरिनल लगा देख जिलाधिकारी ने व्यवस्था पर भारी नाराजगी व्यक्त की।

लावारिस मरीज के लिए देवदूत बने जिलाधिकारी
सर्जरी वार्ड में जिलाधिकारी एक लावारिस मरीज के लिए साक्षात देवदूत बनकर पहुंचे। उस वक्त मरीज की हालत बेहद नाजुक थी और उसका शुगर लेवल 40 से भी कम हो चुका था, लेकिन उसकी सुध लेने वाला कोई नहीं था। मरीज के पास गंदगी का अंबार था और बासी खाने की प्लेटें छूटी हुई थीं। जिलाधिकारी की सक्रियता के चलते मरीज को तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई। प्रशासनिक अमले के पहुंचने की भनक लगते ही डीएम के आने से महज पांच मिनट पहले वार्ड में आनन-फानन में पोछा लगाया जा रहा था।

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने सीएमओ और सीएमएस को संयुक्त रूप से अस्पताल की इन सभी परिलक्षित कमियों और व्यवस्थागत खामियों को तत्काल दूर करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं, ताकि आम जनता को बेहतर और सम्मानजनक स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।

इस दौरान जिलाधिकारी ने वार्ड में मरीजों से बात करते हुए उनका हाल जाना और अस्पताल से मिल रही सुविधाओं का फीडबैक भी लिया। निरीक्षण के दौरान आकस्मिक चिकित्सा अधिकारी मनीष शर्मा सहित अस्पताल के अन्य चिकित्सा अधिकारी मौजूद थे।

उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण को लेकर उत्तराखंड सरकार प्रतिबद्धः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, देहरादून शाखा द्वारा चकराता रोड देहरादून स्थित स्थानीय होटल में नेशनल डॉक्टर्स डे के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश के चिकित्सकों, स्वास्थ्य कर्मियों और चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े सभी लोगों को डॉक्टर्स डे की शुभकामनाएं दीं तथा उत्कृष्ट चिकित्सकों को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने भारत रत्न डॉ. बिधान चंद्र रॉय की जयंती एवं पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका जीवन चिकित्सा सेवा, मानव कल्याण और राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पण की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि चिकित्सक केवल रोगों का उपचार करने वाले विशेषज्ञ नहीं होते, बल्कि वे समाज में विश्वास, उम्मीद और जीवन की नई ऊर्जा का संचार करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में चिकित्सकों को विशेष सम्मान दिया गया है। चिकित्सक अपनी सेवा, संवेदना और समर्पण से मानवता की सबसे बड़ी सेवा करते हैं। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में चिकित्सक कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच भी जनसेवा कर रहे हैं और पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य व्यवस्था की मजबूती के महत्वपूर्ण आधार हैं।

उन्होंने कोरोना महामारी के दौरान चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल कर्मियों और समस्त स्वास्थ्य योद्धाओं के योगदान को याद करते हुए कहा कि संकट के उस दौर में स्वास्थ्य कर्मियों ने अपने कर्तव्य को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी। अनेक चिकित्सकों ने मानव जीवन की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान तक दिया, उनका त्याग सदैव प्रेरणादायी रहेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश और प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है। उत्तराखंड में आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से लाखों जरूरतमंद परिवारों को कैशलेस उपचार की सुविधा मिल रही है। प्रदेश में अब तक 62 लाख से अधिक आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं तथा लगभग 12 लाख से अधिक मरीजों को 2300 करोड़ रुपये से अधिक का निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया गया है।

उन्होंने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए मेडिकल कॉलेजों, नर्सिंग संस्थानों और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। वर्तमान में प्रदेश में पांच मेडिकल कॉलेज संचालित हैं जबकि दो मेडिकल कॉलेज निर्माणाधीन हैं। इसके साथ ही नर्सिंग शिक्षा को भी मजबूत किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि देहरादून, हल्द्वानी और श्रीनगर मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं को बढ़ाया जा रहा है। हल्द्वानी में आधुनिक कैंसर संस्थान का निर्माण प्रगति पर है। जिला अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। किच्छा में एम्स के सेटेलाइट सेंटर का निर्माण भी अंतिम चरण में है।

उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए टेलीमेडिसिन सेवाओं का विस्तार किया गया है। इसके साथ ही आपातकालीन परिस्थितियों में हेली एंबुलेंस सेवा भी लोगों के लिए जीवनरक्षक साबित हो रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार चिकित्सकों, नर्सिंग अधिकारियों और स्वास्थ्य कर्मियों की नियुक्तियों पर विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चिकित्सकों की सुरक्षा, सम्मान और उनके बेहतर कार्य वातावरण को सुनिश्चित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। किसी भी चिकित्सक के साथ हिंसा या अभद्र व्यवहार को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक जैसे डिजिटल हेल्थ, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और टेलीमेडिसिन स्वास्थ्य सेवाओं में नए अवसर लेकर आई हैं, लेकिन स्वास्थ्य व्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत समर्पित मानव संसाधन ही है। मरीज के लिए चिकित्सक उपचार के साथ विश्वास और संवेदना का प्रतीक होता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार, चिकित्सा संस्थानों, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन और समाज के सामूहिक प्रयासों से उत्तराखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि दुर्गम क्षेत्रों में सेवा दे रहे चिकित्सकों का योगदान विशेष रूप से सराहनीय है।

मुख्यमंत्री ने सभी चिकित्सकों से अपने स्वास्थ्य का भी ध्यान रखने का आह्वान किया और कहा कि स्वस्थ चिकित्सक ही स्वस्थ समाज के निर्माण में प्रभावी भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि उत्तराखंड का प्रत्येक नागरिक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ सके और सभी के सहयोग से एक स्वस्थ, सशक्त एवं आत्मनिर्भर उत्तराखंड का निर्माण किया जाएगा।

इस अवसर पर विधायक सविता कपूर सहित अन्य जनप्रतिनिधि, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पदाधिकारी, चिकित्सा क्षेत्र के विशेषज्ञ डॉक्टर, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

देहरादून में पूर्व विधायक सुरेश राठौर की जमानत अर्जी स्वीकार, हुए रिहा

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट देहरादून की अदालत ने पूर्व विधायक सुरेश राठौर को जमानत दी है। इस संबंध में पूर्व विधायक राठौर के अधिवक्ता अभिलाष शर्मा और कार्तिक पांडेय ने अदालत में मजबूत पैरवी करते हुए जमानत के लिये प्रार्थना पत्र दाखिल किया था।

अधिवक्ता अभिलाष शर्मा व कार्तिक पांडेय ने अदालत को बताया कि आरोपी सुरेश राठौर के विरूद्ध दिनांक 14.06.2026 को धारा 308(6) भारतीय न्याय संहिता, 2023 की वृद्धि की गई। उससे पूर्व आरोपी को धारा 35(3) भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के नोटिस पर छोड़ा गया था। बताया कि धारा 308(6) भारतीय न्याय संहिता, 2023 का अपराध जमानती प्रकृति का है।

अधिवक्ता ने बताया कि आरोपी के विरूद्ध आपराधिक अपराध केवल धारा 353(2) भारतीय न्याय संहिता, 2023 अजमानती प्रकृति का है, जिसमें अधिकतम तीन वर्ष के कारावास की सजा है। बताया कि आरोपी को अरेस्ट करने की कोई आवश्यकता नहीं थी, लेकिन पुलिस द्वारा मनमाने तरीके से आरोपी को अरेस्ट कर जेल भेजा गया है।

इस संबंध में न्यायधीश रवि प्रकाश की अदालत ने आरोपी सुरेश राठौर की जमानत स्वीकारते हुए एक लाख रूपये का व्यक्तिगत बन्ध पत्र एवं समान धनराशि के दो सक्षम व विश्वसनीय जमानती प्रस्तुत करने के बाद सुरेश राठौर को रिहा किया।

डीएम दून सविन बंसल ने कुख्यात बिल्डर पुनीत अग्रवाल को किया 6 माह के लिए जिला बदर

जिला प्रशासन ने कानून व्यवस्था एवं आमजन की सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए एटीएस कॉलोनी में आतंक और भय का वातावरण पैदा करने वाले बिल्डर पुनीत अग्रवाल के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई की है। जिला मजिस्ट्रेट सविन बंसल ने उत्तर प्रदेश/उत्तराखण्ड गुण्डा नियंत्रण अधिनियम-1970 की धारा 3(3) के अंतर्गत पुनीत अग्रवाल को “गुण्डा” घोषित करते हुए 06 माह के लिए जनपद देहरादून की सीमा से बाहर रहने के आदेश जारी किए हैं।

प्रकरण की शुरुआत एटीएस कॉलोनी निवासी एवं डीआरडीओ वैज्ञानिक हेम शिखा सहित अन्य निवासियों द्वारा 25 अप्रैल 2026 को जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत शिकायती प्रार्थना पत्र से हुई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि पुनीत अग्रवाल द्वारा 13 अप्रैल 2026 को डीआरडीओ में कार्यरत वैज्ञानिक के परिवार पर आक्रामक एवं जानलेवा हमला किया गया। मारपीट में पीड़ित का कान का पर्दा फट गया तथा महिलाओं एवं बुजुर्गों के साथ अभद्रता और गाली-गलौच की गई। शिकायतकर्ताओं ने आरोपी को महिलाओं, बच्चों एवं वरिष्ठ नागरिकों को डराने-धमकाने वाला असामाजिक तत्व बताते हुए गुण्डा एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला मजिस्ट्रेट ने उप जिलाधिकारी मसूरी से गोपनीय जांच कराई गई। जांच में क्षेत्रवासियों ने बताया कि पुनीत अग्रवाल का व्यवहार लगातार भय और असुरक्षा का वातावरण उत्पन्न कर रहा था तथा उसके विरुद्ध पहले से कई आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। थाना रायपुर में दर्ज एफआईआर, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो क्लिप्स तथा स्थानीय निवासियों की सामूहिक शिकायतों को न्यायालय ने गंभीरता से लिया। प्रकरण में डीआरडीओ के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं निदेशक मनोज कुमार ढाका द्वारा भी शिकायत प्रस्तुत कर कार्रवाई की मांग की गई थी। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि आरोपी का व्यवहार समाज में भय और असुरक्षा का कारण बन चुका है तथा यदि उस पर रोक नहीं लगाई गई तो कभी भी गंभीर अप्रिय घटना हो सकती है।

वहीं विपक्षी पक्ष द्वारा इसे आपसी रंजिश एवं सिविल विवाद बताया गया, लेकिन उपलब्ध साक्ष्यों, दर्ज मुकदमों, वायरल वीडियो, शिकायतों तथा गोपनीय जांच रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी न्यायालय ने पाया कि पुनीत अग्रवाल अभ्यस्त आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति है, जो लोगों को डराने-धमकाने और क्षेत्र में अशांति फैलाने का आदी है।

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि पुनीत अग्रवाल अगले 06 माह तक देहरादून जनपद की सीमा में बिना अनुमति प्रवेश नहीं कर सकेगा। यदि वह आदेश का उल्लंघन करता है तो उसके विरुद्ध कठोर कारावास एवं जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी। थाना रायपुर पुलिस को आदेश की तत्काल तामील कराते हुए आरोपी को 24 घंटे के भीतर जनपद से बाहर भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

शहर के सहस्त्रधारा रोड स्थित एटीएस कालोनी में बिल्डर की गूंडागर्दी पर जिला मजिस्ट्रेट कोर्ट ने स्वतरू संज्ञान लेते हुए गुंडा एक्ट में मामला दर्ज किया था। इससे पूर्व भी विवादित बिल्डर पर दीपावली में नाबालिग बच्चों पर पिस्टल लहराने तथा लाईसेंसी शस्त्र को प्रदर्शित करने पर डीएम ने शस्त्र लाईसेंसधारक पुनीत अग्रवाल की लापरवाही मानते हुए उनका शस्त्र जब्त करते हुए शस्त्र लाईसेंस निलम्बित कर दिया था। आरोपी बिल्डर पर डीआरडीओं वैज्ञानिक के साथ मारपीट एवं उत्पीड़न, नशे में धुत होकर एटीएस आरडब्ल्यूए अध्यक्ष के साथ मारपीट, बच्चों से गाली गलौच, दीपावली पर पिस्टल तानने, बच्चों से गाली गलौच एवं गाड़ी से टक्कर मारने का प्रयास, जनरल बाडी मीटिंग में धमकाने अभद्र भाषा का प्रयोग, आरोपी द्वारा निवासियों एवं आरडब्ल्यूए के सदस्यों को जानबूझकर झूठे मुकदमों एवं निराधार आरोपों में फंसाकर उत्पीड़न करने का प्रयास, विधवा महिला की भूमि को कूट रचित रजिस्ट्री एवं अनाधिकृत कब्जा मामलों विभिन्न धाराओं में 05 एफआईआर दर्ज हैं।

जिला मजिस्ट्रेट सविन बंसल ने जनमानस महिला, बुजुर्ग बच्चे, असहायों की सुरक्षा के दृष्टिगत समय-समय पर कड़े एक्शन लिए है। साथ ही अधिकारियों को सख्त निर्देश हैं कि कानून हाथ में लेकर ऐसा कृत्य करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नही जाएगा। बिल्डर के विरूद्ध बीएनएस की धारा 115 (2), 351(2), 352, 74,126(2), 324(4), 447 में पांच मुकदमें दर्ज हैं। तथा बिल्डर द्वारा आए दिन कोई न कोई विवाद किए जा रहे हैं, जनमानस की सुरक्षा के दृष्टिगत जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय द्वारा स्वतः संज्ञान लेते हुए बिल्डर के विरूद्ध गुंडाएक्ट में बुक कर दिया था।

शहर के सहस्त्रधारा रोड स्थित एटीएस कॉलोनी में बिल्डर की कथित दबंगई का मामला सामने आने जिला प्रशासन ने यह एक्शन लिया है । बिल्डर पुनीत अग्रवाल पर नगर निगम/एमडीडीए की जमीन पर अवैध निर्माण के विरोध में 01 डीआरडीओ मे तैनात वैज्ञानिक के साथ मारपीट का आरोप लगा है। पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बिल्डर द्वारा कथित रूप से नगर निगम /एमडीडीए की जमीन पर दीवार निर्माण कराया जा रहा था, जिसका मलबा उनके घर की ओर गिर रहा था। इसका विरोध करने पर बिल्डर ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया तथा विवाद बढ़ने पर बिल्डर ने कथित रूप से डीआरडीओ के सांईटिस्ट से मारपीट की। मारपीट में घायल डीआरडीओ के सांइटिस्ट अनिरुद्ध शर्मा को चोटें आई थी मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय लोगों के थाने पहुंचने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। एटीएस कॉलोनी के निवासियों ने आरोप लगाए थे कि बिल्डर के खिलाफ कई शिकायतों के बावजूद सख्त/ प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पाती थी। जिला प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से अपराधी प्रवृत्ति के लोगों में कानून का भय बढ़ा है तथा आमजन में सुरक्षा और विश्वास का संदेश गया है।

पीएम मोदी के नेतृत्व में सेना ने आतंकवाद के विरुद्ध ऑपरेशन सिंदूर को सफलतापूर्वक अंजाम दिया: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दून सैनिक इंस्टीट्यूट, गढ़ी कैंट, देहरादून में ऑपरेशन सिंदूर-शौर्य, सम्मान और वीरता का एक वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व एवं सेना के शौर्य के कारण आतंकवाद के विरुद्ध ऑपरेशन सिंदूर को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया। मुख्यमंत्री ने सेना के साहस और शौर्य के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि सेना के साहस, समर्पण और त्याग के कारण दुश्मन कभी भी भारत की ओर आँख उठाने की हिम्मत नहीं कर सकता।

मुख्यमंत्री ने कहा ऑपरेशन सिंदूर, आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरणा देता रहेगा। उन्होंने कहा जब पूरा देश सो रहा था, तब सेनाओं ने 22 मिनट में पाकिस्तान में चल रहे आतंकी ठिकानों को निशाना बनाते हुए ध्वस्त कर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा देश की अत्याधुनिक वायु सुरक्षा प्रणाली ने भारत की ओर होने वाले हमलों को नाकाम कर दिया और एक भी मिसाइल भारतीय जमीन पर नहीं गिरने दी। भारतीय सेनाओं ने चार दिनों के भीतर अपने पराक्रम से पाकिस्तान को युद्धविराम के लिए भारत के सामने झुका दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा उत्तराखंड के प्रत्येक परिवार से कोई न कोई सदस्य सेना में होता है, इसलिए हमारा सेना और सैनिकों के साथ भावनात्मक लगाव है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में जवानों का मनोबल बढ़ाने के साथ-साथ सेना को अत्याधुनिक तकनीक और हथियारों से सुसज्जित किया जा रहा है। भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने के साथ कई अन्य देशों को भी रक्षा उपकरणों और संसाधनों का निर्यात कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में बीते 12 वर्षों में रक्षा सामग्री के निर्यात में 38 गुना की ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई है। भारत दुनिया के 80 से अधिक देशों को रक्षा उपकरण, हथियार और अन्य रक्षा सामग्रियां उपलब्ध करवा रहा है। उन्होंने कहा ऑपरेशन सिंदूर से यह सिद्ध हो गया है कि हमारे स्वदेशी हथियार अन्य किसी भी देश के हथियारों से कई गुना बेहतर हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा यह नया भारत है, जो दुश्मनों की हर नापाक हरकत का मुंहतोड़ जवाब देता है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सैनिकों के हितों में भी कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जा रहे हैं। वन रैंक वन पेंशन योजना, नेशनल वॉर मेमोरियल का निर्माण, रक्षा बजट में वृद्धि, बॉर्डर पर इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने जैसे कई कार्य किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार ने शहीदों के परिजनों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि में पाँच गुना तक की वृद्धि की है। पूर्व सैनिकों को विभिन्न सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही है। सेना में परमवीर चक्र से लेकर मेंशन इन डिस्पैच तक सभी वीरता पुरस्कारों से अलंकृत सैनिकों को दी जाने वाली एकमुश्त एवं वार्षिक सम्मान राशि में बढ़ोतरी की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार ने शहीद सैनिक के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी में समायोजित करने का भी निर्णय लिया है, इसके साथ सरकारी नौकरी के लिए आवेदन करने की अवधि को भी 2 वर्ष से बढ़ाकर 5 वर्ष किया है। राज्य में वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों और पूर्व सैनिकों हेतु सरकारी बसों में यात्रा की निःशुल्क व्यवस्था की गई है। पूर्व सैनिकों हेतु 25 लाख रुपए मूल्य की स्थायी सम्पत्ति की खरीद पर स्टाम्प ड्यूटी में 25 प्रतिशत की छूट भी प्रदान की जा रही है।

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि ऑपरेशन सिन्दूर केवल एक सैन्य अभियान का नाम नहीं है, बल्कि यह भारत की उस अटल प्रतिज्ञा का प्रतीक है कि हमारी माताओं-बहनों के सम्मान, राष्ट्र की संप्रभुता और नागरिकों की सुरक्षा के साथ कोई भी खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

सैनिक कल्याण मंत्री ने कहा कि सिन्दूर भारतीय संस्कृति में नारी सम्मान, सौभाग्य और शक्ति का प्रतीक है। जब इस अभियान का नाम ऑपरेशन सिन्दूर रखा गया, तब यह संदेश स्पष्ट था कि भारत अपनी मातृशक्ति के सम्मान और सुरक्षा के लिए हर स्तर पर दृढ़ता से खड़ा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने बार-बार यह सिद्ध किया है कि नया भारत अन्याय को सहन नहीं करता, बल्कि उसका मुँहतोड़ जवाब देता है।

इस अवसर पर सचिव सैनिक कल्याण युगल किशोर पंत, सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी मेजर जनरल शमी सभरवाल, मेजर जनरल डी अग्निहोत्री, मेजर जनरल पीएस राणा, उपनल के एमडी ब्रिगेडियर जेएनएस बिष्ट, ब्रिगेडियर केजी बहल, सैनिक कल्याण निदेशक श्याम सिंह, मेजर जनरल गुलाब सिंह रावत, वाइस एडमिरल अनुराग थपलियाल एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

शक्ति, भक्ति, साहस और सेवा के प्रतीक हैं बजरंग बलिः धामी

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को चकराता रोड़ स्थित, प्राचीन श्री हनुमान मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर उन्होंने भगवान बजरंगबली से प्रदेशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना करते हुए प्रदेश की उन्नति, विकास और जनकल्याण की कामना की।

उन्होंने कहा कि भगवान हनुमान शक्ति, भक्ति, साहस और सेवा के प्रतीक हैं। उनका जीवन हमें निस्वार्थ सेवा, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा देता है। भगवान हनुमान की उपासना से भय, संकट और नकारात्मकता का नाश होता है तथा जीवन में साहस, ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार होता है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से भगवान हनुमान के आदर्शों को अपनाकर समाज में एकता, सेवा और सहयोग की भावना को मजबूत करने का भी आह्वान किया है।

मानसून से पहले उत्तराखण्ड को बड़ी सौगात, सफल हुआ सेल ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम परीक्षण

देहरादून। राष्ट्रीय स्तर पर आपदा पूर्व चेतावनी प्रणाली को और अधिक प्रभावी एवं समयबद्ध बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण तथा सी-डॉट द्वारा उत्तराखण्ड सहित पूरे देश में सेल ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम के माध्यम से सफल परीक्षण अलर्ट जारी किया गया। प्रातः 11 बजकर 46 मिनट पर यह अलर्ट संदेश प्रसारित किया गया।

उत्तराखण्ड ने लगातार इस आधुनिक तकनीक को जल्द से जल्द लागू किए जाने के लिए केंद्र सरकार एवं संबंधित एजेंसियों के समक्ष प्रभावी पैरवी की थी। इस उपलब्धि पर माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया तथा राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिकारियों का आभार व्यक्त किया है।

इस सफल परीक्षण के साथ ही राज्य में आपदाओं के दौरान आम जनमानस तक त्वरित एवं लक्षित चेतावनी संदेश पहुंचाने हेतु सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक का आधिकारिक तौर पर शुभारंभ हो गया है। इस तकनीक के माध्यम से अब उत्तराखण्ड में किसी विशेष भौगोलिक क्षेत्र में स्थित मोबाइल उपभोक्ताओं को एक साथ अलर्ट भेजे जा सकेंगे।

बता दें कि उत्तराखण्ड में आगामी मानसून सीजन से पहले ही इस तकनीक को लागू करने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विशेष अनुरोध पर इस प्रणाली का प्रथम परीक्षण भी उत्तराखण्ड में ही किया गया था। राज्य द्वारा उस परीक्षण के आधार पर महत्वपूर्ण तकनीकी एवं व्यवहारिक फीडबैक राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण तथा सी-डॉट को उपलब्ध कराए गए थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह तकनीक उत्तराखण्ड जैसे आपदा-संवेदनशील राज्य के लिए अत्यंत उपयोगी एवं वरदान सिद्ध होगी। विशेष रूप से चारधाम यात्रा एवं आगामी मानसून सीजन के दौरान इस प्रणाली का व्यापक उपयोग किया जाएगा, जिससे यात्रियों एवं स्थानीय निवासियों को समय रहते सटीक एवं प्रभावी चेतावनी उपलब्ध कराई जा सकेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा निरंतर यह प्रयास किया गया कि मानसून प्रारंभ होने से पूर्व यह तकनीक राज्य को उपलब्ध हो, ताकि संभावित आपदाओं के प्रति जनमानस को समय रहते सचेत किया जा सके।

आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने इस पहल को आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में एक गेम-चेंजर बताते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक के समुचित उपयोग से राज्य में आपदा जोखिम न्यूनीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति होगी। उन्होंने कहा कि सेल ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम के माध्यम से अंतिम व्यक्ति तक समय पर चेतावनी पहुंचाना अब संभव हो सकेगा, जिससे आपदाओं के दौरान त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित होगी और जनहानि में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकेगी।

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि किसी भी आपदा की स्थिति में, प्रभावित क्षेत्र में सक्रिय सभी मोबाइल टावरों की सीमा में आने वाले उपभोक्ताओं को सेल ब्राडकास्टिंग तकनीक के माध्यम से स्वतः अलर्ट प्राप्त होगा। यह प्रणाली स्थान- विशिष्ट चेतावनी प्रसारण को सक्षम बनाती है, जिससे केवल प्रभावित क्षेत्र के नागरिकों को ही संदेश प्राप्त होता है और अनावश्यक भ्रम की स्थिति से बचा जा सकता है।

उन्होंने कहा कि यूएसडीएमए द्वारा इस तकनीक से एलर्ट भेजे जाने की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। यूएसडीएमए के विशेषज्ञों द्वारा एनडीएमए व सी-डॉट के दिशा-निर्देशन में प्रशिक्षण प्राप्त कर लिया गया है तथा अब इस तकनीक से एलर्ट भेजे जाएंगे और इसका प्रदेश में व्यापक तौर पर उपयोग किया जाएगा।

मन की बात कार्यक्रम से मिलती है आगे बढ़ने की प्रेरणाः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मोथरोवाला, देहरादून में बड़ी संख्या में उपस्थित स्थानीय लोगों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम के 133वें संस्करण को सुना।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मन की बात कार्यक्रम देशवासियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रधानमंत्री समाज के विभिन्न वर्गों के प्रेरक कार्यों, नवाचारों, स्टार्टअप, स्वच्छता, आत्मनिर्भर भारत, पर्यावरण संरक्षण एवं लोक संस्कृति से जुड़े विषयों को प्रभावी रूप से सामने रखते हैं, जिससे लोगों को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मन की बात कार्यक्रम ने आमजन के प्रयासों को एक मंच प्रदान किया है। इससे देश के कोने-कोने में हो रहे उत्कृष्ट कार्यों को पहचान मिल रही है और समाज में सकारात्मक परिवर्तन का वातावरण बन रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री का यह कार्यक्रम अनवरत रूप से निरंतर जारी है, जो करोड़ों देशवासियों के लिए प्रेरणादायक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मेहनत, परिश्रम और काम करने वाले लोगों को अवश्य फल मिलता है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत का मान, सम्मान, स्वाभिमान प्रत्येक क्षेत्र में बड़ रहा है। भारत बड़ी आर्थिक शक्ति बनकर उभरा है। हमारा देश विज्ञान, रक्षा, ए.आई के क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रहा है। आज हम रक्षा उपकरणों, हथियारों का अन्य देशों को निर्यात भी करते हैं, जो आत्मनिर्भर भारत की तस्वीर दर्शाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में राज्य निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है। देश के सीमांत क्षेत्रों में भी अब रोड, रेल और आधुनिक सुविधाएं पहुंच रही हैं। उन्होंने कहा उत्तराखंड, विकसित भारत के संकल्प में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री का उत्तराखंड से विशेष लगाव है। बाबा केदार की भूमि से प्रधानमंत्री ने 21वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखंड का दशक बताया था, जिस संकल्प पर राज्य सरकार निरंतर आगे कार्य कर रही है और अब इसके परिणाम भी सामने आ रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार का संकल्प है कि हम उत्तराखंड की संस्कृति, आस्था और साधना को हमेशा संरक्षित रखें। राज्य सरकार, देवभूमि के दैवत्व को हमेशा अमर रखने का काम करेगी। राज्य सरकार ने सख्त दंगारोधी कानून, धर्मांतरण कानून, नकल विरोधी कानून, जैसे कई कानून लागू किए हैं जो अन्य राज्यों के लिए भी उदाहरण बन रहा है। उन्होंने कहा जहां डबल इंजन की सरकार है वहां विकास दुगनी रफ़्तार से आगे बढ़ रहा है।

इस अवसर पर विधायक विनोद चमोली, दायित्वधारी प्रताप सिंह पंवार, सरिता डंगवाल, मोहित शर्मा एवं अन्य लोग मौजूद रहे।