जीवन की प्रथम गुरू माता, उनके नाम पर पौधारोपण करना सौभाग्य की बातः सीएम

गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ’एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत अपनी माताजी के साथ पौधारोपण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन में व्यक्ति की सबसे पहली गुरू मां ही हैं। ऐसे में मां के नाम पौधारोपण अभियान में शामिल होना किसी सौभाग्य से कम नहीं है।

कैनाल रोड स्थित गंगोत्री विहार में रिस्पना नदी के किनारे खाली भूमि पर मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण के तत्वावधान में पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपनी माताजी विशना देवी के नाम से पौधारोपण किया। इस अवसर पर उनकी माताजी भी मौजूद रहीं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ’एक पेड़ माँ के नाम’ लगाने की देशवासियों से अपील की थी। राज्य में इसे अभियान के रूप में लिया गया है। मुख्यमंत्री ने सभी प्रदेशवासियों से आह्वाहन किया है कि इस मानसून सीजन में एक पेड़ माँ के नाम जरूर लगाएं। उन्होंने कहा कि सभी के जीवन में माँ पहली गुरु होती हैं। गुरु पूर्णिमा की भी उन्होंने प्रदेशवासियों को शुभकामना दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरेला पर्व से 15 अगस्त तक राज्य में बृहद स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान से सामाजिक संस्थाओं, पर्यावरण के क्षेत्र में कार्य करने वाले लोगों, स्वयं सहायता समूहों को भी जोड़ा गया है। राज्य से ग्राम पंचायत स्तर वृक्षारोपण अभियान चलाया जा रहा है।

इस अवसर पर एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि जिस भूमि पर यह पौधारोपण किया जा रहा है, यहां आने वाले दिनों में पार्क का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि शुरुआती चरण में भूमि की चारों ओर से फेंसिंग कराई जाएगी ताकि जानवर पौधों को नुकसान न पहुँचा सकें। साथ ही यहाँ पर पैदल ट्रैक के निर्माण के साथ ही इस तरह के पौधों को लगाया जाए जिससे यहां बायो डाइवर्सिटी को भी बढ़ावा मिल सके। इस अवसर पर उपाध्यक्ष ने अपनी माताजी सावित्री देवी जी के नाम से भी पौधारोपण किया।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल, गणेश जोशी, निवर्तमान मेयर सुनील उनियाल गामा, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली ने भी पौधरोपण किया।

अभाविप ने प्रतिभा सम्मान समारोह में नगर के मेधावियों को सम्मानित किया


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने डी.ए.वी पी.जी कॉलेज में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा आयोजित महानगर छात्र सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रतिभा सम्मान समारोह के दौरान हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित भी किया। मुख्यमंत्री ने डी.ए.वी.पी.जी. कॉलेज देहरादून में अटल बिहारी बाजपेयी उत्कृष्ट शैक्षणिक ब्लॉक के 06 नये कक्षा कक्षों के निर्माण के लिए 01 करोड़ की धनराशि प्रदान करने की भी घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भी वे कॉलेजों के कार्यक्रमों में शामिल होते हैं, तो उनके मन में ऊर्जा का नया संचार होता है। उन्होंने कहा कि लखनऊ विश्वविद्यालय में शिक्षा ग्रहण करने के दौरान वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि एबीवीपी स्वामी विवेकानन्द के आदर्शों पर चलने वाला संगठन है, जो छात्रहित और राष्ट्रहित के लिये कार्य करता है। उन्होंने कहा कि आज वे समाज के लिए जो योगदान दे पा रहे हैं, उसमें विद्यार्थी जीवन का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि आज शिक्षा के मन्दिर से देश की सीमा तक विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता अपना योगदान दे रहे हैं। अनेक अवसरों पर विद्यार्थी परिषद द्वारा सामाजिक सरोकारों से संबंधित कार्य किये जाते रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को हर क्षेत्र में कार्य करने का मौका मिले इसके लिए राज्य सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। प्रदेश में सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। इसके लागू होने के बाद से सभी भर्ती प्रक्रियाएं पूर्ण पारदर्शिता के साथ हुई हैं। नकल विरोधी कानून लागू होने के बाद मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों का चयन अनेक परीक्षाओं में हो रहा है। परीक्षा के दिन अभ्यर्थियों को रोड़बेज की बसों में किराये में 50 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों से अपील की कि इस मानसून सीजन में एक-एक पौधा अवश्य लगाये जाने की भी अपील की।

इस अवसर पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की प्रदेश अध्यक्ष डॉ. ममता सिंह, क्षेत्रीय संगठन मंत्री मनोज निखरा, राकेश ओबेरॉय अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से अंकित शुक्ल, ऋषभ रावत, अंकित सुन्दरियाल, आयुषी पैन्यूली एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने सुनी जन समस्या, अधिकारियों को दिए निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आये लोगों की शिकायतों और समस्याओं को सुना। मुख्यमंत्री ने जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के लिये अधिकारियों को निर्देश दिये। उन्होंने निर्देश दिये कि जो भी जन समस्याएं आ रही हैं, उनका समयबद्धता से निस्तारण किया जाए।

मुख्यमंत्री ने अधिकांश जन समस्याओं और शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया। कुछ जन समस्याओं को संबंधित विभागों को कार्यवाही करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये हैं। जन समस्याओं का यथाशीघ्र समाधान के लिए विभिन्न विभागों को भेजे गये पत्रों पर क्या कार्रवाई हुई, इसकी मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा मॉनिटरिंग की जाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जन समस्याओं का त्वरित समाधान करना सरकार की प्राथमिकता है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिये गये हैं कि जनहित के कार्यों को प्राथमिकता में रखा जाए। मुख्यमंत्री के समक्ष विभिन्न क्षेत्रों से आये लोगों ने सड़क, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य, आर्थिक सहायता एवं अपने क्षेत्रों की विभिन्न समस्याओं को रखा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी की समस्याओं का यथासंभव समाधान किया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को सरकारी कार्यालयों में अनावश्यक रूप से न आना पड़े, सरकार द्वारा अधिकांश सेवाएं ऑनलाईन माध्यम से दी जा रही है। विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को धनराशि डीबीटी के माध्यम से दी जा रही है। उन्होंने प्रदेश की जनता से अपील की है कि अपुणि सरकार पोर्टल के माध्यम से दी जा रही विभिन्न ई-सेवाओं का लाभ उठायें। उन्होंने कहा कि सभी जिलाधिकारियों को तहसील दिवस और बीडीसी की नियमित बैठकें करने के निर्देश दिये गये हैं। इसका मुख्य उद्देश्य ब्लॉक, तहसील और जनपद स्तर पर ही जन समस्याओं का समाधान करवाना है। सभी जिलाधिकारियों को प्रत्येक कार्यदिवस में जनसुनवाई करने के निर्देश दिये गये हैं।

एससी और एसटी के लंबित मामलों का समयबद्धता से निस्तारण होः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री आवास में अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के अन्तर्गत गठित राज्य स्तरीय सतर्कता और अनुश्रवण समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का आयोजन 14 साल बाद किया गया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि इस बैठक का आयोजन हर 06 माह में किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी बैठकों में एससी एवं एसटी आयोग के अध्यक्षों को भी विशेष सदस्य के रूप में आमंत्रित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने बैठक में निर्देश दिये कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के अन्तर्गत लंबित मामलों का समयबद्धता से निस्तारण हो, इसके लिए न्यायालयों में नियमित पैरवी की जाय। शिकायतें प्राप्त होने पर एफआईआर की कार्यवाही तत्काल की जाए और पुलिस द्वारा विवेचना तेजी से की जाय। अधिक समय से लंबित मामलों का मिशन मोड पर निस्तारण किया जाए। यह सुनिश्चित किया जाय की पीड़ितों को अनुमन्य सहायता राशि यथाशीघ्र मिल जाय। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि अनुसूचित जाति और जनजाति के लोगों की समस्याओं का गंभीरता से निस्तारण किया जाए।

मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान निर्देश दिये कि ऐसी व्यवस्था की जाय कि 60 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर लाभार्थियों को वृद्धावस्था पेंशन लगाने की व्यवस्था का सरलीकरण किया जाए, जिससे उन्हें किसी भी प्रकार की अनावश्यक परेशानी न हो। इसके लिए अन्य राज्यों की बेस्ट प्रैक्टिस का भी अध्ययन किया जाए। मुख्यमंत्री ने बैठक में निर्देश दिये कि एससी एवं एसटी वर्ग की विभिन्न योजनाओं का लाभ लाभार्थियों को एक ही प्लेटफार्म पर मिले, इसके लिए एकीकृत व्यवस्था बनाई जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘‘अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, की जानकारी के लिए आमजन में समाज कल्याण विभाग और गृह विभाग द्वारा विभिन्न माध्यमों से व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाए।

बैठक में वित्त मंत्री डा. प्रेम चन्द अग्रवाल ने कहा कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम और विभागीय योजनाओं के बारे में लोगों को पूरी जानकारी हो इसके लिए जनपद स्तर पर आयोजित बहुउद्देशीय कल्याण शिविरों के माध्यम से और विकासखण्ड कार्यालयों में वॉल पेंटिंग एवं फ्लैक्स के माध्यम से भी प्रचार किया जाए।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति आयोगों में कार्यों में तेजी लाने के लिए वरिष्ठ अथवा पी.सी.एस अधिकारियों की नियुक्ति की जाए। उन्होंने बैकलॉग के पदों को भरने के लिए और तेजी लाने की बात कही।

बैठक में सचिव समाज कल्याण डॉ. नीरज खैरवाल ने विस्तृत रूप से प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने कहा कि बैठक में जो भी सुझाव प्राप्त हुए हैं, उन सुझावों पर तत्काल अग्रिम कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत पंजीकृत सभी प्रकार के मामलों को वर्गीकृत करते हुए अगली बैठक में विवरण प्रस्तुत किया जायेगा।

बैठक में विधायक खजान दास, दुर्गेश्वर लाल, भूपाल राम टम्टा, फकीर राम, सरिता आर्य, पार्वती दास, मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, पुलिस महानिदेशक अभिनव कुमार, विशेष सचिव गृह रिद्धिम अग्रवाल, अपर सचिव प्रकाश चन्द्र, भगवत किशोर मिश्रा, ओंकार सिंह, निदेशक समाज कल्याण आशीष भटगाई, निदेशक जनजाति कल्याण संजय सिंह टोलिया एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

नए कानून न्याय की अवधारणा को करेंगे मजबूतः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुलिस मुख्यालय देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए भारतीय न्याय व्यवस्था में लागू हुए तीन नए आपराधिक कानूनों का राज्य में औपचारिक शुभारंभ किया। उल्लेखनीय है कि संपूर्ण देश में आज से तीन नए आपराधिक कानून, भारतीय न्याय संहिता 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023“ लागू हो गए हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने तीन नए कानूनों पर आधारित आईओ एप्लीकेशन का शुभारंभ एवं विवेचक पुलिसकर्मियों को टैबलेट वितरित किए।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भारतीय न्याय व्यवस्था में तीन नए कानून के लागू होने पर सभी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज भारतीय न्याय व्यवस्था के लिए ऐतिहासिक दिन है। अंग्रेजों के जमाने से चले आ रहे विभिन्न पुराने और गैर जरूरी कानूनों को हटाकर वर्तमान परिस्थिति के हिसाब से नए आपराधिक कानून लागू हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में नए कानून न्याय की अवधारणा को मजबूत करेंगे और न्याय मिलने की प्रक्रिया को अधिक सरल और सुलभ बनाने में पुलिस और न्यायालयों की वृहद स्तर पर मदद करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुशासन, निष्पक्षता और न्याय हमारे देश की पुरानी परंपरा रही है। ये तीनों कानून देश के हर नागरिक की स्वतंत्रता, मानव अधिकार और सबके साथ समान व्यवहार को सुनिश्चित करेंगे। ये कानून गुलामी की मानसिकता को मिटाने और औपनिवेशिक कानूनों से मुक्ति दिलाने की मोदी सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। नए कानून आजादी के अमृत महोत्सव के बाद के कालखंड में देश को एक नई दिशा दिखाने का कार्य करेगा। अब हमारी न्याय प्रणाली पूरी तरह से स्वदेशी होगी जो भारत द्वारा, भारत के लिए और भारतीय संसद द्वारा बनाए गए कानूनों के अनुसार संचालित होगी। नए कानून नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के साथ कानून व्यवस्था को भी और अधिक सुदृढ़ करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नए कानूनों में ई- एफ.आई.आर की सुविधा शुरू की गई है। अब न्यायालय पीड़ित को सुनवाई का अवसर दिए बिना मुकदमा वापस लेने की सहमति नहीं देगा। नए कानूनों में टेक्नोलॉजी के प्रयोग और फॉरेंसिंक विज्ञान को बढ़ावा दिया गया है। नई न्याय प्रणाली सभी को पारदर्शी और त्वरित न्याय देने के लिए अत्याधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देने का कार्य करेगी। नए कानूनों में ऑनलाइन व्यवस्था पर भी बल दिया गया है। नए कानूनों में सब कुछ स्पष्ठता और सरलीकरण के साथ समाहित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार हमारे कानून आतंकवाद, संगठित अपराधों और आर्थिक अपराधों को पूरी तरह परिभाषित करेंगे। नए कानूनों में मॉब लिंचिंग को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है, भगोड़ों की गैरमौजूदगी में भी मुकदमा चलाने के लिए स्पष्ट प्रावधान किए गए हैं। साथ ही बहुत छोटे अपराधों के लिये सजा के रूप में सामुदायिक सेवा की शुरुआत एक क्रांतिकारी कदम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखण्ड की जनता को न्याय दिलाने एवं उनके अधिकारों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। नए कानूनों को लागू किये जाने हेतु राज्य सरकार ने पृथक रूप से 20 करोड़ रूपए की धनराशि का प्राविधान किया है। उन्होंने कहा आगे भी इन कानूनों के क्रियान्वयन कर्ता विभागों को इसके लिए राज्य सरकार से आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा निश्चित ही तीनों कानूनों को उत्तराखंड पुलिस पूरी प्रतिबद्धता के साथ लागू करेगी।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न जनपदों से अधिवक्ताओं, पुलिस अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों ने भी तीन नए कानूनों पर विस्तार से जानकारी दी।

इस अवसर पर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, पुलिस महानिदेशक अभिनव कुमार, सचिव शैलेश बगौली, सचिव गृह दिलीप जावलकर, निदेशक अभियोजन डॉ पीवीके प्रसाद, अपर पुलिस महानिदेशक डा. वी मुरुगेशन, अमित सिन्हा, अपर महानिदेशक कानून व्यवस्था एपी अंशुमन, आईजी स्तर के अधिकारियों के अलावा वर्चुअल माध्यम से विभिन्न जिलों के एसएसपी, एसपी अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे।

अपनी मांगों को लेकर राज्य आंदोलनकारियों ने की सीएम से मुलाकात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास में जगमोहन सिंह नेगी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी मंच के सदस्यों ने भेंट की। उन्होंने उत्तराखण्ड में भू-कानून, मूल निवास एवं राज्य आंदोलनकारियों के क्षैतिज आरक्षण से संबंधित विभिन्न विषयों से संबंधित ज्ञापन मुख्यमंत्री को सौंपा। मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी मंच के सदस्यों द्वारा प्रस्तुत ज्ञापन पर आवश्यक कार्यवाही का आश्वासन दिया।

इस अवसर पर पूर्व राज्य मंत्री धीरेन्द्र प्रताप, प्रदेश महामंत्री रामलाल खण्डूरी, प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप कुकरेती सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।

डोभाल चौक हत्याकांड पर मुख्यमंत्री की दो टूक, बदमाश छोटा हो या बड़ा, कानून से बचेगा नहीं

राजधानी के डोभाल चौक में प्रॉपर्टी कारोबारी की हत्याकांड पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दो टूक कहा कि बदमाश छोटा हो या बड़ा, किसी को देवभूमि का माहौल खराब करने की छूट नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। ऐसे में बदमाशों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई के पहले ही निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा बदमाशों की अवैध प्रॉपर्टी, कारोबार पर रिपोर्ट मांगी गई है।
रायपुर क्षेत्र के डोभाल चौक के पास रविवार को प्रॉपर्टी डीलर रवि बडोला की बदमाशों ने गोली मार कर हत्या कर दी थी। जबकि रवि के दो साथियों को घायल किया था। घटना संज्ञान में आते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने डीजीपी की मामले में कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। पुलिस ने 24 घण्टे के भीतर मुख्य बदमाश को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया है। जबकि वारदात में कुल 5 बदमाशों को गिरफ्तार किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि में बदमाशों के लिए कोई जगह नहीं है। पुलिस को मामले में कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। साथ बदमाशों की अवैध प्रॉपर्टी, कारोबार और बदमाशों से तालुकात रखने वालों की जांच की जा रही है। नगर निगम, एमडीडीए से प्रॉपर्टी की रिपोर्ट मांगी गई है। कानून अपना काम कर रहा है। सरकार पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए साथ खड़ी है। इसके अलावा घायलों को उचित इलाज दिया जाएगा। मुख्यमंत्री धामी ने बदमाश प्रवृत्ति रखने वालों को स्पष्ट चेतावनी दी कि वह देवभूमि छोड़ दें, अन्यथा सरकार को कड़ी कार्रवाई को बाध्य होना पड़ेगा।

पौधारोपण कर सीएम ने लिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सहस्त्रधारा हेलीपैड के निकट सिटी पार्क में आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम में प्रतिभाग कर पौधारोपण किया। पौधारोपण कार्यक्रम के तहत अनेक प्रजाति के पौधे लगाये गये।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन पर्यावरण संरक्षण और जल स्रोतों को बचाने के लिए संकल्प लेने का दिन है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अह्वाहन किया कि सभी परिवारों को जल संरक्षण में अपना योगदान देना होगा। हिमालय पर्वत की विश्व को स्वच्छ हवा और पानी देने में महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए देवभूमि उत्तराखंड की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है।

पौधारोपण कार्यक्रम में शहरी विकास मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल, विधायक उमेश शर्मा काऊ, निवर्तमान मेयर सुनील उनियाल गामा, अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी उपस्थित थे।

सीएम धामी की पहल पर देहरादून में संचालित की जा रही है हाईटेक ड्रग्स, मेडिकल डिवाइस एंड कास्मेटिक लैब

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा निर्देशों पर प्रदेश खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने औषधि, मेडिकल उपकरण और कास्मेटिक सैंपलों की जांच के लिए देहरादून में एक हाईटेक लैब संचालित की जा रही है। इस लैब में औषधि, मेडिकल उपकरण और कास्मेटिक सैंपलों की जांच अत्याधुनिक मशीनों हो रही है। लैब में आनलाइन सर्टिफिकेशन की सुविधा है। आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग डॉ. आर राजेश कुमार का कहना है कि लैब को जल्द ही राष्ट्रीय परीक्षण और अंशशोधन प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीएल) से भी मान्यता मिलने की संभावना है। इसके बाद लैब टेस्टिंग की रिपोर्ट पूरे विश्व में मान्य हो जाएगी। आयुक्त डा. आर राजेश कुमार ने कहा कि लैब खुलने से औषधि, मेडिकल उपकरण और कास्मेटिक सैंपलों की जांचों में तेजी आएगी तथा नकली और मिलावटी उत्पाद निर्मित करने वाली कंपनियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

’केन्द्र के सहयोग से 7 करोड़ की लागत से बनी लैब’
देहरादून के सहस्रधारा रोड डांडा लखौण्ड में खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन परिसर में हाईटैक लैब तैयार की गयी है। इस लैब का निर्माण मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा निर्देशन में किया गया । ड्रग कंट्रोलर ताजबर सिंह जग्गी ने बताया कि भारत सरकार के सहयोग से लगभग सात करोड़ की लागत से निर्मित इस लैब में फार्मा और इंजेक्टेबल मेडिकल डिवाइस की टेस्टिंग की जाती है। इसके अलावा सौंदर्य प्रसाधनों की जांच भी की जाती है। लैब में एचपीएलसी, यूवी/विजुअल फोटो, एफटीआईआर, जीसीएचएस जैसी अत्याधुनिक मशीनों से जांच होती है जिनकी एक्यूरेसी अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होती है।

’जांच रिपोर्ट पूरे देश में मान्य’
ड्रग कंट्रोलर ताजबर सिंह जग्गी का कहना है कि लैब में भारत में निर्मित होने वाले सभी संबंधित उत्पादों की जांच की जाती है। अत्याधुनिक मशीनों की जांच सटीक रही हैं और पूरे देश में मान्य हैं। उनके अनुसार रुद्रपुर लैब में अब तक जांच का बोझ रहता था लेकिन अब इस लैब के खुलने से यहां जांचों में तेजी आएगी। गौरतलब है कि खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन लगातार प्रदेश में मिलावट खोरों और नकली उत्पाद बेचने वालों के खिलाफ अभियान चला रहा है। प्रदेश में खाद्य लाइसेंस की आड़ में किये जा रहे नकली दवाओं के उत्पादन और विपणन को रोकने के लिए विभाग हरसंभव कोशिश कर रहा है।

’लैब में अब तक हुई 2 हजार जांच’
खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन की हाईटैक लैब में अब तक 2000 से अधिक जांच हो गयी हैं। यहां पांच प्रयोगशालाएं बनाई गयी हैं। इनमें रसायन परीक्षण लैब, मानइर, मेजर, कास्मेटिक और माइक्रो बायोलॉजी लैब हैं। इस लैब में ड्रग्स, टेबलेट, कप सिरप मसलन ओरल लिक्विड, मेडिकल डिवाइस और कास्मेटिक उत्पादों के सैपंलिंग की जांच की जाती है। लैब की क्षमता 3000 सैंपलिंग की है।

’सौंदर्य प्रसाधनों की जांच पर विशेष फोकस’
ड्रग कंट्रोलर ताजबर सिंह जग्गी ने कहा कि यह लैब रुद्रपुर के बाद दूसरी लैब है। रुद्रपुर लैब में ड्रग्स सैंपलिंग की महज एक हजार टेस्टिंग की क्षमता है। उल्लेखनीय है कि सौंदर्य प्रसाधनों को लेकर महिलाओं में विशेष आर्कषण होता है। बाजार में बढ़ती मांग को देखते हुए कुछ असामाजिक तत्व नकली या मिलावटी सौंदर्य उत्पाद निर्मित कर बेचने का प्रयास करते हैं। विभाग ऐसे नकली उत्पाद निर्माण में जुटी कंपनियों के खिलाफ अंकुश लगाने में जुटा हुआ है।

चारधाम यात्रा में रजिस्ट्रेशन के बाद निर्धारित तिथि पर ही दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिये कि सुरक्षित और सुगम चारधाम यात्रा के लिए शासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी सड़क मार्ग से ग्राउंड जीरो पर यात्रा व्यवस्थाओं को देंखें। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी पहली प्राथमिकता चारधाम यात्रा पर आने वाले सभी श्रद्धालुओं की सुरक्षा है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि उनको चारधाम यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन के अनुसार जो तिथि मिली है, उसके अनुसार ही दर्शन के लिए आयें। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से स्वास्थ्य परीक्षण और मौसम का पूर्वानुमान देखने के बाद ही चारधाम यात्रा पर आने के लिए अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है कि चारधाम यात्रा भी सुरक्षित हो और सभी श्रद्धालु भी स्वस्थ और सुरक्षित हों। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि चारो धामों में 31 मई तक वीआईपी दर्शन की व्यवस्था स्थगित रखी जाय।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए चारों धामों में प्रतिदिन के लिए जो क्षमता निर्धारित की गई है, उसके अनुसार ही दर्शन के लिए भेजे जाएं। रजिस्ट्रेशन की व्यवस्थाओं को और मजबूत बनाया जाए। श्रद्धालुओं का चार धाम यात्रा हेतु रजिस्ट्रेशन होने पर ही चेक प्वाइंट से आगे जाने दें। परिवहन विभाग, राजस्व विभाग, पुलिस विभाग को संयुक्त रूप से चेक पोस्ट पर चेकिंग करने के निर्देश दिए। आगामी तीन दिनों तक ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन रोक दिए जाय। यह सुनिश्चित हो कि चार धाम यात्रा नियमों के अनुरूप ही चले। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि चार धाम के सभी मार्गों के एंट्री प्वाइंट एवं विकास नगर, यमुना पुल क्षेत्र, धनौल्टी, सुवाखोली में भी सख्ती से चेकिंग की व्यवस्था सुनिश्चित हो। इन स्थलों पर यात्रियों की सुविधा का भी पूरा ध्यान रखा जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं से सबंधित सभी जानकारियां लोगों तक स्पष्ट रूप से जाए इसके लिए शासन के वरिष्ठ अधिकारी प्रतिदिन मीडिया ब्रीफिंग करें। यात्रा से संबंधित सभी जानकारियां आमजन तक पहुंचाने के लिए मीडिया को उपलब्ध कराई जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये है कि चारधाम यात्रा के दौरान भीड़ प्रबंधन और यात्रा प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिये कि वे यातायात प्रबंधन और भीड़ प्रबंधन के लिए स्वयं स्थलीय निरीक्षण करें और चारों धामों में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को इसकी जिम्मेदारी दी जाय। सभी अधिकारि सहयोगी के रूप में अपने दायित्वों का निर्वहन करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा प्रदेश की लाईफ लाईन है। यह यात्रा राज्य की आर्थिकी से भी जुड़ी है। जिस तेजी से चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि हो रही है, हम सबका दायित्व है कि यात्रा को सुगम और सरल बनाने में सभी मिलकर सहयोगी बनें। व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने में राज्य सरकार द्वारा लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा मार्गों से जुड़े सभी जनपद यात्रा व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के लिए समन्वय के साथ कार्य करें। मुख्यमंत्री ने सभी श्रद्धालुओं से अपेक्षा की है कि देवभूमि उत्तराखण्ड के इन धामों की धार्मिक यात्रा में स्वस्थ मानकों के अनुसरण पर भी ध्यान दें।

मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा से जुड़े जनपदों रूप्रदप्रयाग, चमोली और उत्तरकाशी के जिलाधिकारियों से वर्चुअल माध्यम से चारधाम यात्रा से सबंधित विभिन्न व्यवस्थाओं की जानकारी ली और शासन स्तर से चारधाम यात्रा के दृष्टिगत सबंधित जिलाधिकारियों को जो भी सहयोग की आवश्यकता है, उसके बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने शासन और पुलिस के अधिकारियों को निर्देश दिये कि चारधाम यात्रा से सबंधित जो भी आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए जिला प्रशासन से अनुरोध किया जाता है, उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाए।

बैठक में राज्य आपदा प्रबंधन के उपाध्यक्ष विनय रोहिला, मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, प्रमुख सचिव आर. के सुधांशु, डीजीपी अभिनव कुमार, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, अरविन्द सिंह ह्यांकी, सचिन कुर्वे, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, सचिव एवं गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पाण्डेय, विशेष सचिव रिद्धिम अग्रवाल, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी एवं वर्चुअल माध्यम से चारधाम यात्रा से सबंधित जिलों के जिलाधिकारी और एसपी उपस्थित थे।