उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण को लेकर उत्तराखंड सरकार प्रतिबद्धः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, देहरादून शाखा द्वारा चकराता रोड देहरादून स्थित स्थानीय होटल में नेशनल डॉक्टर्स डे के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश के चिकित्सकों, स्वास्थ्य कर्मियों और चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े सभी लोगों को डॉक्टर्स डे की शुभकामनाएं दीं तथा उत्कृष्ट चिकित्सकों को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने भारत रत्न डॉ. बिधान चंद्र रॉय की जयंती एवं पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका जीवन चिकित्सा सेवा, मानव कल्याण और राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पण की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि चिकित्सक केवल रोगों का उपचार करने वाले विशेषज्ञ नहीं होते, बल्कि वे समाज में विश्वास, उम्मीद और जीवन की नई ऊर्जा का संचार करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में चिकित्सकों को विशेष सम्मान दिया गया है। चिकित्सक अपनी सेवा, संवेदना और समर्पण से मानवता की सबसे बड़ी सेवा करते हैं। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में चिकित्सक कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच भी जनसेवा कर रहे हैं और पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य व्यवस्था की मजबूती के महत्वपूर्ण आधार हैं।

उन्होंने कोरोना महामारी के दौरान चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल कर्मियों और समस्त स्वास्थ्य योद्धाओं के योगदान को याद करते हुए कहा कि संकट के उस दौर में स्वास्थ्य कर्मियों ने अपने कर्तव्य को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी। अनेक चिकित्सकों ने मानव जीवन की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान तक दिया, उनका त्याग सदैव प्रेरणादायी रहेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश और प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है। उत्तराखंड में आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से लाखों जरूरतमंद परिवारों को कैशलेस उपचार की सुविधा मिल रही है। प्रदेश में अब तक 62 लाख से अधिक आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं तथा लगभग 12 लाख से अधिक मरीजों को 2300 करोड़ रुपये से अधिक का निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया गया है।

उन्होंने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए मेडिकल कॉलेजों, नर्सिंग संस्थानों और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। वर्तमान में प्रदेश में पांच मेडिकल कॉलेज संचालित हैं जबकि दो मेडिकल कॉलेज निर्माणाधीन हैं। इसके साथ ही नर्सिंग शिक्षा को भी मजबूत किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि देहरादून, हल्द्वानी और श्रीनगर मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं को बढ़ाया जा रहा है। हल्द्वानी में आधुनिक कैंसर संस्थान का निर्माण प्रगति पर है। जिला अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। किच्छा में एम्स के सेटेलाइट सेंटर का निर्माण भी अंतिम चरण में है।

उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए टेलीमेडिसिन सेवाओं का विस्तार किया गया है। इसके साथ ही आपातकालीन परिस्थितियों में हेली एंबुलेंस सेवा भी लोगों के लिए जीवनरक्षक साबित हो रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार चिकित्सकों, नर्सिंग अधिकारियों और स्वास्थ्य कर्मियों की नियुक्तियों पर विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चिकित्सकों की सुरक्षा, सम्मान और उनके बेहतर कार्य वातावरण को सुनिश्चित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। किसी भी चिकित्सक के साथ हिंसा या अभद्र व्यवहार को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक जैसे डिजिटल हेल्थ, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और टेलीमेडिसिन स्वास्थ्य सेवाओं में नए अवसर लेकर आई हैं, लेकिन स्वास्थ्य व्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत समर्पित मानव संसाधन ही है। मरीज के लिए चिकित्सक उपचार के साथ विश्वास और संवेदना का प्रतीक होता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार, चिकित्सा संस्थानों, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन और समाज के सामूहिक प्रयासों से उत्तराखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि दुर्गम क्षेत्रों में सेवा दे रहे चिकित्सकों का योगदान विशेष रूप से सराहनीय है।

मुख्यमंत्री ने सभी चिकित्सकों से अपने स्वास्थ्य का भी ध्यान रखने का आह्वान किया और कहा कि स्वस्थ चिकित्सक ही स्वस्थ समाज के निर्माण में प्रभावी भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि उत्तराखंड का प्रत्येक नागरिक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ सके और सभी के सहयोग से एक स्वस्थ, सशक्त एवं आत्मनिर्भर उत्तराखंड का निर्माण किया जाएगा।

इस अवसर पर विधायक सविता कपूर सहित अन्य जनप्रतिनिधि, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पदाधिकारी, चिकित्सा क्षेत्र के विशेषज्ञ डॉक्टर, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

देहरादून में पूर्व विधायक सुरेश राठौर की जमानत अर्जी स्वीकार, हुए रिहा

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट देहरादून की अदालत ने पूर्व विधायक सुरेश राठौर को जमानत दी है। इस संबंध में पूर्व विधायक राठौर के अधिवक्ता अभिलाष शर्मा और कार्तिक पांडेय ने अदालत में मजबूत पैरवी करते हुए जमानत के लिये प्रार्थना पत्र दाखिल किया था।

अधिवक्ता अभिलाष शर्मा व कार्तिक पांडेय ने अदालत को बताया कि आरोपी सुरेश राठौर के विरूद्ध दिनांक 14.06.2026 को धारा 308(6) भारतीय न्याय संहिता, 2023 की वृद्धि की गई। उससे पूर्व आरोपी को धारा 35(3) भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के नोटिस पर छोड़ा गया था। बताया कि धारा 308(6) भारतीय न्याय संहिता, 2023 का अपराध जमानती प्रकृति का है।

अधिवक्ता ने बताया कि आरोपी के विरूद्ध आपराधिक अपराध केवल धारा 353(2) भारतीय न्याय संहिता, 2023 अजमानती प्रकृति का है, जिसमें अधिकतम तीन वर्ष के कारावास की सजा है। बताया कि आरोपी को अरेस्ट करने की कोई आवश्यकता नहीं थी, लेकिन पुलिस द्वारा मनमाने तरीके से आरोपी को अरेस्ट कर जेल भेजा गया है।

इस संबंध में न्यायधीश रवि प्रकाश की अदालत ने आरोपी सुरेश राठौर की जमानत स्वीकारते हुए एक लाख रूपये का व्यक्तिगत बन्ध पत्र एवं समान धनराशि के दो सक्षम व विश्वसनीय जमानती प्रस्तुत करने के बाद सुरेश राठौर को रिहा किया।

डीएम दून सविन बंसल ने कुख्यात बिल्डर पुनीत अग्रवाल को किया 6 माह के लिए जिला बदर

जिला प्रशासन ने कानून व्यवस्था एवं आमजन की सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए एटीएस कॉलोनी में आतंक और भय का वातावरण पैदा करने वाले बिल्डर पुनीत अग्रवाल के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई की है। जिला मजिस्ट्रेट सविन बंसल ने उत्तर प्रदेश/उत्तराखण्ड गुण्डा नियंत्रण अधिनियम-1970 की धारा 3(3) के अंतर्गत पुनीत अग्रवाल को “गुण्डा” घोषित करते हुए 06 माह के लिए जनपद देहरादून की सीमा से बाहर रहने के आदेश जारी किए हैं।

प्रकरण की शुरुआत एटीएस कॉलोनी निवासी एवं डीआरडीओ वैज्ञानिक हेम शिखा सहित अन्य निवासियों द्वारा 25 अप्रैल 2026 को जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत शिकायती प्रार्थना पत्र से हुई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि पुनीत अग्रवाल द्वारा 13 अप्रैल 2026 को डीआरडीओ में कार्यरत वैज्ञानिक के परिवार पर आक्रामक एवं जानलेवा हमला किया गया। मारपीट में पीड़ित का कान का पर्दा फट गया तथा महिलाओं एवं बुजुर्गों के साथ अभद्रता और गाली-गलौच की गई। शिकायतकर्ताओं ने आरोपी को महिलाओं, बच्चों एवं वरिष्ठ नागरिकों को डराने-धमकाने वाला असामाजिक तत्व बताते हुए गुण्डा एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला मजिस्ट्रेट ने उप जिलाधिकारी मसूरी से गोपनीय जांच कराई गई। जांच में क्षेत्रवासियों ने बताया कि पुनीत अग्रवाल का व्यवहार लगातार भय और असुरक्षा का वातावरण उत्पन्न कर रहा था तथा उसके विरुद्ध पहले से कई आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। थाना रायपुर में दर्ज एफआईआर, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो क्लिप्स तथा स्थानीय निवासियों की सामूहिक शिकायतों को न्यायालय ने गंभीरता से लिया। प्रकरण में डीआरडीओ के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं निदेशक मनोज कुमार ढाका द्वारा भी शिकायत प्रस्तुत कर कार्रवाई की मांग की गई थी। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि आरोपी का व्यवहार समाज में भय और असुरक्षा का कारण बन चुका है तथा यदि उस पर रोक नहीं लगाई गई तो कभी भी गंभीर अप्रिय घटना हो सकती है।

वहीं विपक्षी पक्ष द्वारा इसे आपसी रंजिश एवं सिविल विवाद बताया गया, लेकिन उपलब्ध साक्ष्यों, दर्ज मुकदमों, वायरल वीडियो, शिकायतों तथा गोपनीय जांच रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी न्यायालय ने पाया कि पुनीत अग्रवाल अभ्यस्त आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति है, जो लोगों को डराने-धमकाने और क्षेत्र में अशांति फैलाने का आदी है।

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि पुनीत अग्रवाल अगले 06 माह तक देहरादून जनपद की सीमा में बिना अनुमति प्रवेश नहीं कर सकेगा। यदि वह आदेश का उल्लंघन करता है तो उसके विरुद्ध कठोर कारावास एवं जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी। थाना रायपुर पुलिस को आदेश की तत्काल तामील कराते हुए आरोपी को 24 घंटे के भीतर जनपद से बाहर भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

शहर के सहस्त्रधारा रोड स्थित एटीएस कालोनी में बिल्डर की गूंडागर्दी पर जिला मजिस्ट्रेट कोर्ट ने स्वतरू संज्ञान लेते हुए गुंडा एक्ट में मामला दर्ज किया था। इससे पूर्व भी विवादित बिल्डर पर दीपावली में नाबालिग बच्चों पर पिस्टल लहराने तथा लाईसेंसी शस्त्र को प्रदर्शित करने पर डीएम ने शस्त्र लाईसेंसधारक पुनीत अग्रवाल की लापरवाही मानते हुए उनका शस्त्र जब्त करते हुए शस्त्र लाईसेंस निलम्बित कर दिया था। आरोपी बिल्डर पर डीआरडीओं वैज्ञानिक के साथ मारपीट एवं उत्पीड़न, नशे में धुत होकर एटीएस आरडब्ल्यूए अध्यक्ष के साथ मारपीट, बच्चों से गाली गलौच, दीपावली पर पिस्टल तानने, बच्चों से गाली गलौच एवं गाड़ी से टक्कर मारने का प्रयास, जनरल बाडी मीटिंग में धमकाने अभद्र भाषा का प्रयोग, आरोपी द्वारा निवासियों एवं आरडब्ल्यूए के सदस्यों को जानबूझकर झूठे मुकदमों एवं निराधार आरोपों में फंसाकर उत्पीड़न करने का प्रयास, विधवा महिला की भूमि को कूट रचित रजिस्ट्री एवं अनाधिकृत कब्जा मामलों विभिन्न धाराओं में 05 एफआईआर दर्ज हैं।

जिला मजिस्ट्रेट सविन बंसल ने जनमानस महिला, बुजुर्ग बच्चे, असहायों की सुरक्षा के दृष्टिगत समय-समय पर कड़े एक्शन लिए है। साथ ही अधिकारियों को सख्त निर्देश हैं कि कानून हाथ में लेकर ऐसा कृत्य करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नही जाएगा। बिल्डर के विरूद्ध बीएनएस की धारा 115 (2), 351(2), 352, 74,126(2), 324(4), 447 में पांच मुकदमें दर्ज हैं। तथा बिल्डर द्वारा आए दिन कोई न कोई विवाद किए जा रहे हैं, जनमानस की सुरक्षा के दृष्टिगत जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय द्वारा स्वतः संज्ञान लेते हुए बिल्डर के विरूद्ध गुंडाएक्ट में बुक कर दिया था।

शहर के सहस्त्रधारा रोड स्थित एटीएस कॉलोनी में बिल्डर की कथित दबंगई का मामला सामने आने जिला प्रशासन ने यह एक्शन लिया है । बिल्डर पुनीत अग्रवाल पर नगर निगम/एमडीडीए की जमीन पर अवैध निर्माण के विरोध में 01 डीआरडीओ मे तैनात वैज्ञानिक के साथ मारपीट का आरोप लगा है। पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बिल्डर द्वारा कथित रूप से नगर निगम /एमडीडीए की जमीन पर दीवार निर्माण कराया जा रहा था, जिसका मलबा उनके घर की ओर गिर रहा था। इसका विरोध करने पर बिल्डर ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया तथा विवाद बढ़ने पर बिल्डर ने कथित रूप से डीआरडीओ के सांईटिस्ट से मारपीट की। मारपीट में घायल डीआरडीओ के सांइटिस्ट अनिरुद्ध शर्मा को चोटें आई थी मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय लोगों के थाने पहुंचने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। एटीएस कॉलोनी के निवासियों ने आरोप लगाए थे कि बिल्डर के खिलाफ कई शिकायतों के बावजूद सख्त/ प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पाती थी। जिला प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से अपराधी प्रवृत्ति के लोगों में कानून का भय बढ़ा है तथा आमजन में सुरक्षा और विश्वास का संदेश गया है।

पीएम मोदी के नेतृत्व में सेना ने आतंकवाद के विरुद्ध ऑपरेशन सिंदूर को सफलतापूर्वक अंजाम दिया: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दून सैनिक इंस्टीट्यूट, गढ़ी कैंट, देहरादून में ऑपरेशन सिंदूर-शौर्य, सम्मान और वीरता का एक वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व एवं सेना के शौर्य के कारण आतंकवाद के विरुद्ध ऑपरेशन सिंदूर को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया। मुख्यमंत्री ने सेना के साहस और शौर्य के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि सेना के साहस, समर्पण और त्याग के कारण दुश्मन कभी भी भारत की ओर आँख उठाने की हिम्मत नहीं कर सकता।

मुख्यमंत्री ने कहा ऑपरेशन सिंदूर, आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरणा देता रहेगा। उन्होंने कहा जब पूरा देश सो रहा था, तब सेनाओं ने 22 मिनट में पाकिस्तान में चल रहे आतंकी ठिकानों को निशाना बनाते हुए ध्वस्त कर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा देश की अत्याधुनिक वायु सुरक्षा प्रणाली ने भारत की ओर होने वाले हमलों को नाकाम कर दिया और एक भी मिसाइल भारतीय जमीन पर नहीं गिरने दी। भारतीय सेनाओं ने चार दिनों के भीतर अपने पराक्रम से पाकिस्तान को युद्धविराम के लिए भारत के सामने झुका दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा उत्तराखंड के प्रत्येक परिवार से कोई न कोई सदस्य सेना में होता है, इसलिए हमारा सेना और सैनिकों के साथ भावनात्मक लगाव है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में जवानों का मनोबल बढ़ाने के साथ-साथ सेना को अत्याधुनिक तकनीक और हथियारों से सुसज्जित किया जा रहा है। भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने के साथ कई अन्य देशों को भी रक्षा उपकरणों और संसाधनों का निर्यात कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में बीते 12 वर्षों में रक्षा सामग्री के निर्यात में 38 गुना की ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई है। भारत दुनिया के 80 से अधिक देशों को रक्षा उपकरण, हथियार और अन्य रक्षा सामग्रियां उपलब्ध करवा रहा है। उन्होंने कहा ऑपरेशन सिंदूर से यह सिद्ध हो गया है कि हमारे स्वदेशी हथियार अन्य किसी भी देश के हथियारों से कई गुना बेहतर हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा यह नया भारत है, जो दुश्मनों की हर नापाक हरकत का मुंहतोड़ जवाब देता है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सैनिकों के हितों में भी कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जा रहे हैं। वन रैंक वन पेंशन योजना, नेशनल वॉर मेमोरियल का निर्माण, रक्षा बजट में वृद्धि, बॉर्डर पर इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने जैसे कई कार्य किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार ने शहीदों के परिजनों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि में पाँच गुना तक की वृद्धि की है। पूर्व सैनिकों को विभिन्न सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही है। सेना में परमवीर चक्र से लेकर मेंशन इन डिस्पैच तक सभी वीरता पुरस्कारों से अलंकृत सैनिकों को दी जाने वाली एकमुश्त एवं वार्षिक सम्मान राशि में बढ़ोतरी की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार ने शहीद सैनिक के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी में समायोजित करने का भी निर्णय लिया है, इसके साथ सरकारी नौकरी के लिए आवेदन करने की अवधि को भी 2 वर्ष से बढ़ाकर 5 वर्ष किया है। राज्य में वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों और पूर्व सैनिकों हेतु सरकारी बसों में यात्रा की निःशुल्क व्यवस्था की गई है। पूर्व सैनिकों हेतु 25 लाख रुपए मूल्य की स्थायी सम्पत्ति की खरीद पर स्टाम्प ड्यूटी में 25 प्रतिशत की छूट भी प्रदान की जा रही है।

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि ऑपरेशन सिन्दूर केवल एक सैन्य अभियान का नाम नहीं है, बल्कि यह भारत की उस अटल प्रतिज्ञा का प्रतीक है कि हमारी माताओं-बहनों के सम्मान, राष्ट्र की संप्रभुता और नागरिकों की सुरक्षा के साथ कोई भी खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

सैनिक कल्याण मंत्री ने कहा कि सिन्दूर भारतीय संस्कृति में नारी सम्मान, सौभाग्य और शक्ति का प्रतीक है। जब इस अभियान का नाम ऑपरेशन सिन्दूर रखा गया, तब यह संदेश स्पष्ट था कि भारत अपनी मातृशक्ति के सम्मान और सुरक्षा के लिए हर स्तर पर दृढ़ता से खड़ा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने बार-बार यह सिद्ध किया है कि नया भारत अन्याय को सहन नहीं करता, बल्कि उसका मुँहतोड़ जवाब देता है।

इस अवसर पर सचिव सैनिक कल्याण युगल किशोर पंत, सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी मेजर जनरल शमी सभरवाल, मेजर जनरल डी अग्निहोत्री, मेजर जनरल पीएस राणा, उपनल के एमडी ब्रिगेडियर जेएनएस बिष्ट, ब्रिगेडियर केजी बहल, सैनिक कल्याण निदेशक श्याम सिंह, मेजर जनरल गुलाब सिंह रावत, वाइस एडमिरल अनुराग थपलियाल एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

शक्ति, भक्ति, साहस और सेवा के प्रतीक हैं बजरंग बलिः धामी

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को चकराता रोड़ स्थित, प्राचीन श्री हनुमान मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर उन्होंने भगवान बजरंगबली से प्रदेशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना करते हुए प्रदेश की उन्नति, विकास और जनकल्याण की कामना की।

उन्होंने कहा कि भगवान हनुमान शक्ति, भक्ति, साहस और सेवा के प्रतीक हैं। उनका जीवन हमें निस्वार्थ सेवा, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा देता है। भगवान हनुमान की उपासना से भय, संकट और नकारात्मकता का नाश होता है तथा जीवन में साहस, ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार होता है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से भगवान हनुमान के आदर्शों को अपनाकर समाज में एकता, सेवा और सहयोग की भावना को मजबूत करने का भी आह्वान किया है।

मानसून से पहले उत्तराखण्ड को बड़ी सौगात, सफल हुआ सेल ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम परीक्षण

देहरादून। राष्ट्रीय स्तर पर आपदा पूर्व चेतावनी प्रणाली को और अधिक प्रभावी एवं समयबद्ध बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण तथा सी-डॉट द्वारा उत्तराखण्ड सहित पूरे देश में सेल ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम के माध्यम से सफल परीक्षण अलर्ट जारी किया गया। प्रातः 11 बजकर 46 मिनट पर यह अलर्ट संदेश प्रसारित किया गया।

उत्तराखण्ड ने लगातार इस आधुनिक तकनीक को जल्द से जल्द लागू किए जाने के लिए केंद्र सरकार एवं संबंधित एजेंसियों के समक्ष प्रभावी पैरवी की थी। इस उपलब्धि पर माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया तथा राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिकारियों का आभार व्यक्त किया है।

इस सफल परीक्षण के साथ ही राज्य में आपदाओं के दौरान आम जनमानस तक त्वरित एवं लक्षित चेतावनी संदेश पहुंचाने हेतु सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक का आधिकारिक तौर पर शुभारंभ हो गया है। इस तकनीक के माध्यम से अब उत्तराखण्ड में किसी विशेष भौगोलिक क्षेत्र में स्थित मोबाइल उपभोक्ताओं को एक साथ अलर्ट भेजे जा सकेंगे।

बता दें कि उत्तराखण्ड में आगामी मानसून सीजन से पहले ही इस तकनीक को लागू करने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विशेष अनुरोध पर इस प्रणाली का प्रथम परीक्षण भी उत्तराखण्ड में ही किया गया था। राज्य द्वारा उस परीक्षण के आधार पर महत्वपूर्ण तकनीकी एवं व्यवहारिक फीडबैक राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण तथा सी-डॉट को उपलब्ध कराए गए थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह तकनीक उत्तराखण्ड जैसे आपदा-संवेदनशील राज्य के लिए अत्यंत उपयोगी एवं वरदान सिद्ध होगी। विशेष रूप से चारधाम यात्रा एवं आगामी मानसून सीजन के दौरान इस प्रणाली का व्यापक उपयोग किया जाएगा, जिससे यात्रियों एवं स्थानीय निवासियों को समय रहते सटीक एवं प्रभावी चेतावनी उपलब्ध कराई जा सकेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा निरंतर यह प्रयास किया गया कि मानसून प्रारंभ होने से पूर्व यह तकनीक राज्य को उपलब्ध हो, ताकि संभावित आपदाओं के प्रति जनमानस को समय रहते सचेत किया जा सके।

आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने इस पहल को आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में एक गेम-चेंजर बताते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक के समुचित उपयोग से राज्य में आपदा जोखिम न्यूनीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति होगी। उन्होंने कहा कि सेल ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम के माध्यम से अंतिम व्यक्ति तक समय पर चेतावनी पहुंचाना अब संभव हो सकेगा, जिससे आपदाओं के दौरान त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित होगी और जनहानि में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकेगी।

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि किसी भी आपदा की स्थिति में, प्रभावित क्षेत्र में सक्रिय सभी मोबाइल टावरों की सीमा में आने वाले उपभोक्ताओं को सेल ब्राडकास्टिंग तकनीक के माध्यम से स्वतः अलर्ट प्राप्त होगा। यह प्रणाली स्थान- विशिष्ट चेतावनी प्रसारण को सक्षम बनाती है, जिससे केवल प्रभावित क्षेत्र के नागरिकों को ही संदेश प्राप्त होता है और अनावश्यक भ्रम की स्थिति से बचा जा सकता है।

उन्होंने कहा कि यूएसडीएमए द्वारा इस तकनीक से एलर्ट भेजे जाने की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। यूएसडीएमए के विशेषज्ञों द्वारा एनडीएमए व सी-डॉट के दिशा-निर्देशन में प्रशिक्षण प्राप्त कर लिया गया है तथा अब इस तकनीक से एलर्ट भेजे जाएंगे और इसका प्रदेश में व्यापक तौर पर उपयोग किया जाएगा।

मन की बात कार्यक्रम से मिलती है आगे बढ़ने की प्रेरणाः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मोथरोवाला, देहरादून में बड़ी संख्या में उपस्थित स्थानीय लोगों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम के 133वें संस्करण को सुना।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मन की बात कार्यक्रम देशवासियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रधानमंत्री समाज के विभिन्न वर्गों के प्रेरक कार्यों, नवाचारों, स्टार्टअप, स्वच्छता, आत्मनिर्भर भारत, पर्यावरण संरक्षण एवं लोक संस्कृति से जुड़े विषयों को प्रभावी रूप से सामने रखते हैं, जिससे लोगों को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मन की बात कार्यक्रम ने आमजन के प्रयासों को एक मंच प्रदान किया है। इससे देश के कोने-कोने में हो रहे उत्कृष्ट कार्यों को पहचान मिल रही है और समाज में सकारात्मक परिवर्तन का वातावरण बन रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री का यह कार्यक्रम अनवरत रूप से निरंतर जारी है, जो करोड़ों देशवासियों के लिए प्रेरणादायक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मेहनत, परिश्रम और काम करने वाले लोगों को अवश्य फल मिलता है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत का मान, सम्मान, स्वाभिमान प्रत्येक क्षेत्र में बड़ रहा है। भारत बड़ी आर्थिक शक्ति बनकर उभरा है। हमारा देश विज्ञान, रक्षा, ए.आई के क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रहा है। आज हम रक्षा उपकरणों, हथियारों का अन्य देशों को निर्यात भी करते हैं, जो आत्मनिर्भर भारत की तस्वीर दर्शाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में राज्य निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है। देश के सीमांत क्षेत्रों में भी अब रोड, रेल और आधुनिक सुविधाएं पहुंच रही हैं। उन्होंने कहा उत्तराखंड, विकसित भारत के संकल्प में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री का उत्तराखंड से विशेष लगाव है। बाबा केदार की भूमि से प्रधानमंत्री ने 21वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखंड का दशक बताया था, जिस संकल्प पर राज्य सरकार निरंतर आगे कार्य कर रही है और अब इसके परिणाम भी सामने आ रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार का संकल्प है कि हम उत्तराखंड की संस्कृति, आस्था और साधना को हमेशा संरक्षित रखें। राज्य सरकार, देवभूमि के दैवत्व को हमेशा अमर रखने का काम करेगी। राज्य सरकार ने सख्त दंगारोधी कानून, धर्मांतरण कानून, नकल विरोधी कानून, जैसे कई कानून लागू किए हैं जो अन्य राज्यों के लिए भी उदाहरण बन रहा है। उन्होंने कहा जहां डबल इंजन की सरकार है वहां विकास दुगनी रफ़्तार से आगे बढ़ रहा है।

इस अवसर पर विधायक विनोद चमोली, दायित्वधारी प्रताप सिंह पंवार, सरिता डंगवाल, मोहित शर्मा एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

स्व. बहुगुणा का संपूर्ण जीवन जनकल्याण, सामाजिक समरसता और समावेशी विकास के मूल्यों के प्रति समर्पित रहाः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घंटाघर के निकट एमडीडीए कॉम्प्लेक्स में उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय हेमवती नंदन बहुगुणा की 107वीं जयंती के अवसर पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बहुगुणा के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय भूमिका निभाई और अपने दूरदर्शी नेतृत्व से देश एवं समाज को नई दिशा प्रदान की। उन्होंने कहा कि बहुगुणा केवल एक कुशल राजनेता ही नहीं, बल्कि जनसेवा के प्रति समर्पित एक प्रेरणादायी व्यक्तित्व थे, जिन्होंने विशेष रूप से पर्वतीय अंचलों के विकास के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बहुगुणा ने पर्वतीय क्षेत्रों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी पहल की। उनके प्रयासों से क्षेत्रीय विकास को नई गति मिली। उन्होंने कहा कि बहुगुणा का संपूर्ण जीवन जनकल्याण, सामाजिक समरसता और समावेशी विकास के मूल्यों के प्रति समर्पित रहा। उनके आदर्श और विचार आज भी समाज को प्रेरित करते हैं और हमें जनहित में कार्य करने की दिशा में मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय बहुगुणा जी का योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा।

इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा, कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, सौरभ बहुगुणा,खजान दास, विधायक दुर्गेश्वर लाल एवं अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद थे।

सचिव, विभागाध्यक्ष एवं जिलाधिकारी अपने लक्ष्यों को निर्धारित करते हुए कार्ययोजना तैयार कर लेंः बर्द्धन

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सचिवालय में 25 बिंदु कार्यक्रम 2025-26 की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने प्रत्येक जनपद के सभी बिंदुओं पर विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने 25 बिंदु कार्यक्रम के वर्ष 2026-27 के लिए शीघ्र लक्ष्य निर्धारित किए जाने के भी निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि विभागों द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए सभी जनपदों के लिए टारगेट अगले एक महीने में निर्धारित करते हुए पोर्टल में अपडेट कर लिए जाएँ। उन्होंने कहा कि सभी जनपदों की अपनी जनपदों में अलग अलग समस्याएं हैं, चौलेंज हैं। जनपदों को अपने फोकस एरिया निर्धारित करते हुए अपने लक्ष्य निर्धारित किए जायें।

मुख्य सचिव ने कहा कि सचिव, विभागाध्यक्ष एवं जिलाधिकारी अपने लक्ष्यों को निर्धारित करते हुए कार्ययोजना तैयार कर लें। उन्होंने कहा कि सभी इंडिकेटर्स के वर्षभर के लक्ष्य निर्धारित करते हुए मासिक लक्ष्य निर्धारित करें। मुख्य सचिव ने कहा कि प्रत्येक माह इसकी समीक्षा की जाएगी।

मुख्य सचिव ने कहा कि वन विभाग से सम्बन्धित लक्ष्यों को सभी जनपदों के लिए निर्धारित किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि देशी व विदेशी पर्यटकों की संख्या के लक्ष्य बढ़ाए जाने पर फोकस किया जाए। उन्होंने विभाग को ऐसे जनपदों, जहां ईको टूरिज्म की योजनाएं नहीं चल रही हैं, को भी ईको टूरिज्म योजनाओं में शामिल किए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश में गवर्नेंस एंड जस्टिस के क्षेत्र में काफी सुधार हुआ है, परंतु अभी बहुत संभावनाएं हैं। इस दिशा में कार्य किए जाने की आवश्यकता है।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम एवं सचिव नितेश कुमार झा सहित सम्बन्धित विभागों के उच्चाधिकारी एवं जनपदों से जिलाधिकारी उपस्थित थे।

एलपीजी सिलेंडर कालाबाजारी पर डीएम दून ने लिया सख्त एक्शन, प्राथमिकी दर्ज

जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशों के क्रम में जनपद में एलपीजी गैस की कालाबाजारी पर प्रभावी रोक लगाने हेतु गठित क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) द्वारा सत्त प्रवर्तन कार्यवाही की जा रही है।
जनपद में एलपीजी गैस की कालाबाजारी एवं अवैध रिफिलिंग पर प्रभावी रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई लगातार जारी है। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशों के क्रम में गठित क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) द्वारा निरंतर प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है।
इसी क्रम में क्यूआरटी को मुखबिर के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि सुधोवाला चौक से मांडूवाला मार्ग पर आनंदी हाउस के समीप एक मकान में अवैध रूप से गैस रिफिलिंग का कार्य किया जा रहा है। सूचना का संज्ञान लेते हुए क्यूआरटी टीम द्वारा तत्काल मौके पर छापेमारी की गई। छापेमारी के दौरान मौके बरामद सामग्री को पुलिस के सहयोग से कब्जे में ले लिया गया हैं, जिनमें 19 किलोग्राम के 02 गैस सिलेंडर, 14 किलोग्राम के 04 गैस सिलेंडर, 01 इलेक्ट्रॉनिक कांटा, 01 हैंगिंग वेटिंग मशीन, 01 बांसुरी (रिफिलिंग उपकरण) जब्त किए गए हैं। मौके पर शिवम पुत्र मुकेश को अवैध रिफिलिंग कार्य करते हुए पाया गया। जांच में आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7 तथा एलपीजी (रेगुलेशन ऑफ सप्लाई एंड डिस्ट्रीब्यूशन) ऑर्डर के प्रावधानों का उल्लंघन पाया गया। उक्त प्रकरण में संबंधित के विरुद्ध थाना प्रेमनगर में प्राथमिकी दर्ज कर विधिक कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि जनपद में गैस की कालाबाजारी, अवैध भंडारण एवं रिफिलिंग जैसे अवैध कार्यों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आमजन से अपील की गई है कि ऐसी किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना तत्काल जिला प्रशासन या संबंधित अधिकारियों को दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। जिला प्रशासन की टीमें आगे भी जनपद में सत्त निरीक्षण एवं प्रवर्तन कार्यवाही जारी रखेंगी, जिससे उपभोक्ताओं को सुचारू एवं सुरक्षित रूप से एलपीजी गैस की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।

जिला प्रशासन द्वारा प्रसारित 1077, 0135-2626066, 2726066 और व्हाट्सएप नंबर 7534826066 के माध्यम से कुल 09 शिकायतें एलपीजी गैस की आपूर्ति के सम्बन्ध में दर्ज हुई है, वही कंट्रोलरूम में मौजूद जिला खाद्य पूर्ति विभाग, देहरादून में एलपीजी गैस की आपूर्ति, सिलेंडर उपलब्धता या अन्य किसी प्रकार की समस्या को लेकर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में आज लगभग 13913 से अधिक उपभोक्ताओं को घरेलू तथा 1005 उपभोक्ताओं को व्यवसायिक गैस सिलेंडर की आपूर्ति की गई है।एलपीजी का घरेलू 25861 तथा व्यवसायिक का 4313 स्टॉक उपलब्ध है। घरेलू के साथ ही व्यवसायिक एलपीजी गैस सिलेंडर का लोड निंरतर बढाया जा रहा है।