30 राज्यो के 500 से अधिक हस्त शिल्पकार और हुनरमंद पहुंचे देहरादून

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं केन्द्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने शुक्रवार को रेसकोर्स देहरादून में हुनर हाट मेले का उद्घाटन किया। हुनर हाट मेले में 30 से अधिक राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों से 500 से अधिक हस्त शिल्पकारों एवं हुनरमंदों द्वारा प्रतिभाग किया जा रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री एवं केन्द्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री के साथ विश्वकर्मा वाटिका एवं विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया। 75वें आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री एवं केन्द्रीय मंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों को भी सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हुनर हाट मेले का आयोजन देहरादून में करवाने पर केन्द्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने देवभूमि उत्तराखण्ड में विभिन्न राज्यों से आये हुनरमंदों का स्वागत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत की दिशा में हुनर हाट मेले का आयोजन एक सराहनीय प्रयास है। इससे जहां बाजारों को उत्पाद मिलेगा वहीं उत्पादों को बाजार मिलेगा। वोकल फॉर लोकल को बढ़ावा देने के लिए भी इस तरह के आयोजन महत्वपूर्ण हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास किये जा रही हैं। प्रदेश में वन डिस्ट्रिक टू प्रोडक्ट को बढ़ावा दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड के जनजातीय क्षेत्रों में अनेक हुनरमंद लोग हैं। उन्होंने केन्द्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी से अनुरोध किया कि इन हुनरमंद लोगों के लिए अपने उत्पादों के लिए बाजार मिल सके इसके लिए केन्द्र से कोई योजना बनाई जाय। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। सरलीकरण, समाधान एवं निस्तारण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उत्तराखण्ड पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण राज्य है। राज्य में पर्यटन को तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है। केन्द्र सरकार के सहयोग से राज्य में सड़क, रेल एवं हवाई कनेक्टिविटी तेजी से बढ़ी है।
केन्द्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि देशभर में हुनर हाट मेलों का आयोजन किया जा रहा है। 30वां हुनर हाट मेले का आयोजन देहरादून में किया जा रहा है। यह मेला 10 दिनों तक चलेगा। उन्होंने कहा कि हुनर हाट के माध्यम से अभी तक लगभग 06 लाख शिल्पकारों एवं कारीगरों को रोजगार के अवसर मिले हैं। इसमें देश के अलग-अलग हिस्सों के हस्तशिल्प कलाओं को देख सकते हैं। विभिन्न राज्यों के पकवानों के स्टॉल लगाये गये हैं। हुनरमंद लोगों द्वारा वेस्ट को बेस्ट में बदलकर स्वरोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है।
पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि इस तरह के मेलों के आयोजन से हस्तशिल्प एवं हस्तकला को प्रोत्साहन मिलेगा और हुनरमंदों को एक-दूसरे से अनुभवों को साझा करने का मौका भी मिलेगा।
पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि वोकल फॉर लोकल की दिशा में यह अच्छा प्रयास किया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के आत्मनिर्भर भारत की दिशा में प्रत्येक विभागों द्वारा योजनाएं चलाकर लोगों को स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
इस अवसर पर सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक हरबंस कपूर, शक्ति लाल शाह, मेयर सुनील उनियाल गामा, भाजपा के महामंत्री संगठन अजय कुमार, भाजपा के प्रदेश महामंत्री सुरेश भट्ट, बलजीत सोनी, केन्द्रीय अल्पसंख्यक मामलों की सचिव रेणुका देवी मौजूद थे।

सीएम की घोषणा और कैबिनेट के फैसलों पर तेजी लाने के दिए निर्देश

अपर मुख्य सचिव आनन्द वर्द्धन ने आज सचिवालय में पेयजल, उच्च शिक्षा, ग्राम्य विकास एवं विद्यालयी शिक्षा विभाग से सम्बन्धित मुख्यमंत्री की घोषणाओं, कैबिनेट में लिये गये निर्णयों एवं कोविड-19 राहत पैकेज से सम्बन्धित घोषणाओं की समीक्षा की।
इस अवसर पर उन्होंने निर्देश दिये कि विभागीय स्तर पर जिन घोषणाओं एवं परियोजनाओं के संदर्भ में कार्यदायी संस्था का चयन कर लिया गया है, उनके संदर्भ में अविलम्ब आगणन गठित कर शासन को उपलब्ध कराया जाय एवं 15 दिन के अन्दर उक्त के शासनादेश निर्गत करना सुनिश्चित किया जाय। उन्होंने कहा कि विभागीय स्तर पर जिन घोषणाओं एवं परियोजनाओं के आगणन शासन को प्राप्त हो चुके हैं, उनके संदर्भ में एक सप्ताह के अन्दर शासनादेश निर्गत करने की कार्यवाही सुनिश्चित की जाय। अपर मुख्य सचिव ने विभागीय स्तर पर प्रत्येक घोषणा के संदर्भ में परियोजना के टीएसी की संस्तुति का अनुश्रवण किया जाय एवं टीएसी की संस्तुति के आधार पर विभागीय स्तर पर निविदा इत्यादि आमंत्रित करने की कार्यवाही कर ली जाए, जिससे समय की बचत हो, उनके द्वारा यह भी निर्देश दिये गये कि विभागीय स्तर पर अनुबंध की कार्यवाही शासनादेश निर्गत होने के उपरांत कर ली जाय और यह सुनिश्चित कर लिया जाय कि मुख्यमंत्री घोषणाओं के संदर्भ में प्रत्येक दशा में दिनांक 15 नवम्बर 2021 तक कार्य प्रारम्भ हो जाए।
पेयजल विभाग की समीक्षा के दौरान बताया गया कि 14 घोषणाओं के क्रियान्वयन की कार्यवाही जल जीवन मिशन के अन्तर्गत की जा रही है। 21 घोषणाओं का क्रियान्वयन राज्य सैक्टर से किया जाना प्रस्तावित है। 3 घोषणाओं से सम्बन्धित परियोजनाएं चूॅकि बड़ी परियोजनाएं हैं अतः उनके क्रियान्वयन की कार्यवाही एडीबी के माध्यम से सुनिश्चित की जा रही हैं तथा 18 घोषणाओं हैण्डपम्प लगाये जाने से सम्बन्धित हैं, जिनके प्रस्ताव वित्त विभाग को संदर्भित हैं।
इस सम्बन्ध में भी अपर मुख्य सचिव द्वारा निर्देश दिये गये कि जल जीवन मिशन तथा राज्य सैक्टर से जिन घोषणाओं का क्रियान्वयन प्रस्तावित है, उनके संदर्भ में समस्त औपचारिकताएं पूर्ण करते हुए दिनॉक 15 नवम्बर, 2021 तक शासनादेश निर्गत करने की कार्यवाही कर दी जायेगी। ए0डी0बी0 के माध्यम से क्रियान्यन हेतु प्रस्तावित योजनाओं के संदर्भ में विभाग द्वारा प्रभावी अनुश्रवण सुनिश्चित किया जाय। हैण्डपम्प से संबंधित मा0 मुख्यमंत्री घोषणाओं के क्रियान्वयन के संदर्भ में निर्देशित किया गया कि विभाग द्वारा वित्त विभाग की पृच्छाओं का समाधान करते हुए वित्त विभाग से समन्वय कर घोषणाओं के शासनादेश दिनांक 15 नवम्बर 2021 तक निर्गत किये जाने सुनिश्चित किये जाय।
ग्राम्य विकास विभाग की समीक्षा के दौरान बताया गया कि कुल 5 घोषणाओं में सभी के शासनादेश निर्गत किये जा चुके हैं। अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिये कि कोविड-19 राहत पैकेज के अन्तर्गत मुख्ममंत्री घोषणाओं के क्रम में प्रभावी रूप से लाभार्थियों को धनराशि उपलब्ध कराये जाना सुनिश्चित किया जाय एवं उक्त का प्रभावी अनुश्रवण सचिव स्तर पर किया जाय।
अपर मुख्य सचिव महोदय ने निर्देश दिये कि ’’महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने हेतु मुख्यमंत्री नारी शक्तिकरण योजना प्रारम्भ की जायेगी’’ के संदर्भ में सर्व सम्बन्धित विभागों से विचार विमर्श कर कार्ययोजना तैयार कर घोषणा का क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाय।
विद्यालयी शिक्षा एवं उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान बताया गया कि ’’राज्य के राजकीय स्कूलों के कक्षा-10 और कक्षा-12 के छात्र-छात्राओं को निःशुल्क मोबाईल टैबलेट प्रदान किया जायेगा। इन मोबाईल टैबलेटों में सभी शिक्षण सामग्री पहले से लोड रहेगी।’’ सम्बन्धी घोषणा के संदर्भ में विभाग द्वारा अवगत कराया गया कि निविदा प्रक्रिया गतिमान है एवं 10 नवम्बर, 2021 तक निविदा आमंत्रित करने की अतिंम तिथि निर्धारित है। 15 नवम्बर, 2021 तक कार्य आदेश निर्गत कर दिया जायेगा।
अपर मुख्य सचिव द्वारा निर्देश प्रदान किये गये कि टेबलेट का क्रय एवं आपूर्ति होने के उपरांत उनके वितरण की समुचित एवं प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाय। ’’600 अतिरिक्त विद्यालयों में वर्चुअल क्लास की व्यवस्था की जायेगी।’’ सम्बन्धी घोषणा के संदर्भ में विभाग द्वारा अवगत कराया गया कि उक्त घोषणा का क्रियान्वयन समग्र शिक्षा अभियान के अन्तर्गत प्राविधान मद में उपलब्ध धनराशि से सुनिश्चित किया जा रहा है। उक्त के अन्तर्गत देहरादून में स्टुडियो की स्थापना की जायेगी।
अपर मुख्य मुख्य सचिव द्वारा उक्त के संदर्भ में अविलम्ब शासनादेश निर्गत करते हुए घोषणा के क्रियान्वयन के निर्देश प्रदान किये गये। ’’प्रत्येक विद्यालय में बालिकाओं के लिए अलग शौचालय की व्यवस्था की जायेगी’’ में विभाग द्वारा अवगत कराया गया कि सम्प्रति उक्त हेतु आगणन प्राप्त हो गया है एवं क्रियान्वयन हेतु धनराशि रू0 10.00 करोड़ की आवश्यकता है, पुनर्विनियोग के माध्यम से धनराशि की स्वीकृति का प्रस्ताव वित्त विभाग को संदर्भित किया गया है। अपर मुख्य सचिव महोदय द्वारा निर्देशित किया गया कि वित विभाग से अनुरोध कर दिनांक 15 नवम्बर 2021 तक धनराशि स्वीकृति की कार्यवाही सुनिष्चित की जाय।
इस अवसर पर सचिव एसए मुरूगेषन, बीवीआरसी पुरूषोत्तम, सचिव (प्रभारी) दीपेन्द्र कुमार चौधरी, अपर सचिव एमएस बिष्ट, मुख्य अभियन्ता, पेयजल विभाग एसई पंत, विशेष कार्याधिकारी, आरसी शर्मा, उपसचिव हीरा सिंह बसेड़ा आदि उपस्थित रहे।

धामी की पहल पर मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना का पुनः शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए मुख्यमंत्री आँचल अमृत योजना का पुनः शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना का पुनः शुभारंभ होना बच्चों के विकास एवं उन्हें पर्याप्त पोषण मिलने में बड़ी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार माँ का आंचल बच्चे की धूप-छांव से बचाव करता है, उसी प्रकार आंचल अमृत योजना बच्चों में कुपोषण को दूर करने में निश्चित रूप से सहायक होगा। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी ने सभी क्षेत्रों को प्रभावित किया, इससे यह योजना भी कुछ समय तक प्रभावित रही जिसे अब पुनः शुरू कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना के अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्रों में 3 से 6 वर्ष के बच्चों को सप्ताह में 4 दिन निशुल्क फोर्टीफाइड मीठा एवं सुगंधित दूध मिलेगा। उन्होंने कहा इस योजना से प्रदेश के 1 लाख 70 बच्चों को लाभ मिलेगा ,साथ ही बच्चों के पोषण एवं स्वास्थ्य में सुधार होगा। उन्होंने कहा राज्य सरकार बच्चों, महिलाओं, बहनों के लिए हर वह जरूरी योजना लाएगी जिससे उन्हें लाभ पहुंचाया जा सके।
मुख्यमंत्री पोषण योजना के तहत 1 लाख गर्भवती महिलाओं तथा 85 हजार धात्री महिलाओं को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि वे आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों की समस्याओं से अवगत है। वे जिन परिस्थितियों में कार्य करती हैं उससे भी वे परिचित हैं। क्योंकि स्वयं उनके बच्चे आंगनबाड़ी केन्द्रों में पढ़े हैं। जिस प्रकार वे बच्चों की इन केन्द्रों में देखभाल के साथ अन्य कार्य करती हैं वह सराहनीय है। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों की मांगों से सम्बन्धित प्रस्ताव शीघ्र कैबिनेट में लाया जायेगा। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को रक्षाबन्धन पर एक-एक हजार तथा कोरोना प्रोत्साहन 5 माह तक 2-2 हजार रूपये का भुगतान किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सभी की समस्याओं के समाधान के प्रति कटिबद्ध है। ग्राम प्रधानों के मानदेय में भी 1500 रू. की वृद्धि की गई है। 2001 बैच के पुलिस आरक्षियों को 4500 ग्रेड पे स्वीकृत किया गया है। आशा कार्यकत्रियों का मानदेय 1500 बढ़ाया गया है।
उपनल कार्मिकों के मानदेय में 10 साल की सेवा वालों को 2 हजार तथा उससे उपर की सेवा पर 03 हजार की वृद्धि की गई है। बिजली कार्मिकों की समस्याओं का भी समाधान किया गया है। कोरोना महामारी के कारण पर्यटन एवं स्वास्थ्य कार्मिकों को हुए नुकसान की भरपाई के लिये क्रमशः 200 एवं 205 करोड़ के पैकेज की घोषणा की गई है। युवाअें को सेना एवं अर्द्धसैनिक बलों में सेवा के अवसर उपलब्ध कराने तथा उनके शारीरिक दक्षता के लिये स्वस्थ्य युवा, स्वस्थ उत्तराखण्ड योजना के तहत सभी न्याय पंचायतों में ओपन जिम खोलने जा रहे हैं। कोरोना से अनाथ हुए बच्चों के लिये वात्सल्य योजना शुरू की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड में भी तेजी से कार्य हो रहा है। हर क्षेत्र में विकास कार्यों को दुगनी रफ़्तार से किया जा रहा है। उन्होंने कहा हाल ही में आई दैवीय आपदा से निपटने के लिए सरकार ने तेजी से कार्य किया जिसके फलस्वरूप चार धामों की यात्रा पर आये करीब डेढ़ लाख पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं को सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुंचाया गया। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में श्री केदारनाथ एवं श्री बदरीनाथ धामों का विकास कार्य तेजी से किया जा रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 11 बच्चों को दूध भी वितरित कर योजना का शुभारम्भ किया।
मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना का संक्षिप्त विवरण देते हुए सचिव महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास सचिव हरिचन्द्र सेमवाल ने बताया कि प्रदेश में 7 मार्च, 2019 को मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना का शुभारंभ किया गया। योजना के अर्न्तर्गत राज्य सरकार द्वारा राज्य के समस्त आंगनवाडी केन्द्रों में आने वाले स्कूल पूर्व शिक्षा के 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों के पोषण एवं स्वास्थ में सुधार के साथ-साथ कुपोषण दर कम करना तथा आंगनवाडी केन्द्रों में बच्चों की संख्या में वृद्धि किये जाने के उददेश्य से यह योजना राज्य में प्रारम्भ की गई।
वर्ष 2019 में मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना के तहत प्रदेश के समस्त आंगनवाड़ी केन्द्रों में 3 से 6 वर्ष के बच्चों उपयोगार्थ डेरी विकास विभाग, उत्तराखण्ड के माध्यम से सुगन्धित फोर्टीफाइड मिल्क विटामिन ए व डी युक्त दूध सप्ताह में 4 दिन प्रति बच्चा 10 ग्रा दूध पाउडर से 100 मीली दूध तैयार कर किया गया। राज्य में लगभग कुल 1,70,000 लाभार्थी बच्चों को प्रतिमाह लाभान्वित करते हुये योजनान्तर्गत कुल रू0 6.33 करोड़ का व्यय किया गया। वित्तीय वर्ष 2021-22 में आंगनवाड़ी केन्द्रों में 3 से 6 वर्ष के कुल 256199 बच्चों के उपयोगार्थ माह अक्टूबर से दिसम्बर, 2021 हेतु कुल रू० 4,33,33,000/- की धनराशि का अग्रिम भुगतान दुग्ध पाउडर की आपूर्ति हेतु डेरी विकास विभाग, उत्तराखण्ड को किया गया।
इस अवसर पर विधायक उमेश शर्मा काऊ ने भी विचार व्यक्त किये, प्रबन्ध निदेशक आंचल जयदीप अरोड़ा के साथ ही कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आंगनवाड़ी कार्यकत्री एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

चमोली और उत्तरकाशी के लिये आधुनिक एम्बुलेंस रवाना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री आवास में राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम (एन.एच.आई.डी.सी.एल.) द्वारा आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित दो एम्बुलेंसों को जनपद चमोली एवं उत्तरकाशी के लिये फ्लैग ऑफ कर रवाना किया।
मुख्यमंत्री ने एम्बुलेंसों में आकस्मिक उपचार की व्यवस्थाओं का अवलोकन करते हुए एन.एच.आई.डी.सी.एल. के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि जनपद चमोली एवं उत्तरकाशी की जनता को समर्पित ये एम्बुलेंस इन क्षेत्रों में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों को त्वरित उपचार प्रदान करने में मददगार होगी।
इस अवसर पर अधिशासी निदेशक एन.एच.आई.डी.सी.एल., कर्नल (से.नि.) सन्दीप सुधेरा, महाप्रबन्धक ले. कर्नल वरुण वाजपेई, विनोद पैन्यूली, वी.एस. खेरा, सीएमओ चमोली उमा रावत आदि उपस्थित थे।

बदरीनाथ पहुंचे सीएम ने पूजा अर्चना कर कार्यों में तेजा लाने के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज बद्रीनाथ धाम पहुंचकर भगवान श्री बद्रीनाथ की विशेष पूजा अर्चना करते हुए देश और प्रदेश की खुशहाली की कामना की। इस दौरान रावल ईश्वर प्रसाद नंबूदरी, धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल ने पूजा अर्चना कराई। मुख्यमंत्री अपने कार्यक्रम के तहत गुरुवार को बद्रीनाथ धाम पहुॅचे। उन्होंने भगवान बद्रीनारायण की पूजा की। इस दौरान उन्होंने बद्रीनाथ धाम में तीर्थयात्रियों से भी बातचीत करते हुए यात्रा व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी भी ली।
पत्रकारों से वार्ता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत बद्रीनाथ धाम के लिए मास्टर प्लान के तहत कार्य चल रहा है। इसके लिए 250 करोड़ की धनराशि भी प्राप्त हो गई है। मुख्यमंत्री ने बद्रीनाथ धाम में मास्टर प्लान के तहत संचालित कार्यों का निरीक्षण करते हुए प्रस्तावित कार्याे में तेजी लाने के भी निर्देश दिए।

दूसरे दिन सीएम ने खटीमा में बूथ कार्यक्रम में भाग लिया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपने दो दिवसीय जनपद भ्रमण के दौरान आज प्रातः से ही अपने निजी आवास नगला तराई खटीमा में आम जनता की जन समस्याएं सुनी। इसके उपरान्त मुख्यमंत्री ने फाईबर कम्पनी के परिसर में पहुंचकर दीप प्रज्ज्वलित करते हुए बूथ कार्यक्रम प्रारम्भ किया। अपने सम्बोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के समग्र विकास के लिए राज्य सरकार द्वारा अनेक कदम उठाए जा रहे हैं। सभी वर्गों को ध्यान में रखते हुए कार्य हो रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार का राज्य को पूरा सहयोग मिल रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कहा कि सरकार प्रत्येक जनमानस के साथ हर दुख-सुख में खड़ी है। उन्होने कहा कि सरकार प्रत्येक व्यक्ति के हित के बारे में लगातार विकास कार्याे कर रही है। उन्होने कहा कि खटीमा नागरिक चिकित्सालय में एक हजार एलपीएम का ऑक्सीजन प्लांट लगा दिया गया है व पुराना अस्पताल में अस्थाई सैनिक कैन्टीन बनाया जा रहा है, जिसे आगामी माह नवम्बर तक संचालित कर दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि खटीमा में बस अड्डा निर्माण, खटीमा बाईपास निर्माण, एकलव्य विद्यालय निर्माण, राजकीय आश्रम पद्धति जनजाति स्कूल, शहीद स्मारक एवं मण्डी में धान क्रय केन्द्रों का औचक निरीक्षण कर सम्बन्धित अधिकारियों व कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित किया गया है कि कार्याे में तेजी लाते हुये शीघ्र कार्य पूर्ण करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं की मजबूती के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। आयुष्मान योजना के तहत निःशुल्क ईलाज व 207 प्रकार की जांचे निःशुल्क की जा रही हैं। कोविड-19 संक्रमण के दौरान अनाथ हुये बच्चों के लिये वात्सल्य योजना के तहत तीन हजार रूपया प्रत्येक बच्चे को दिया जा रहा है व बच्चे को बड़े होने पर पांच प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की गई है। बहनों एवं नवजात कन्याओं को महालक्ष्मी किट प्रदान की जा रही है।नौजवानो को विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाओं के लिये निःशुल्क आवेदन करने की प्रक्रिया, ग्राम प्रधानों का मानदेय रू0 1500 से बढाकर 3500, आशा कार्यकत्रियों को रू0 3500 से बढ़ाकर 6500, उपनल कर्मियों की मांग मानते हुये दस साल की सेवा पूर्ण करने वाले कर्मचारियों को मानदेय में रूपया-2000 व दस वर्ष से अधिक सेवा पूर्ण करने वाले कर्मचारियों को रूपया 3000 देने का काम सरकार द्वारा किया गया है। उन्होने कहा कि सरकार द्वारा लगातार सभी के लिये कुछ ना कुछ रास्ता निकाला जा रहा है जिसके लिये सब लोगों का साथ बहुत जरूरी है। उन्होने कहा कि प्रत्येक न्यायपंचायत स्तर युवाओं के लिये ओपन जिम खोला जायेगा जिससे की हमारे युवा स्वस्थ व निरोग्य रहे।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने मगरमछ के हमले से मृत्यु होने के कारण मृतक के परिजन लक्ष्मी देवी को तीन लाख रूपये का चौक अर्थिक सहायता के रूप में प्रदान किया।
इस अवसर पर विधायक डॉ. प्रेम सिंह राणा, कैलाश चन्द्र गहतोड़ी, उपाध्यक्ष किसान आयोग राजपाल सिंह, अध्यक्ष किच्छा मण्डी समिति कमलेन्द्र सेमवाल, अध्यक्ष मण्डी समिति खटीमा नन्दन सिंह खड़ायत, जिलाधिकारी रंजना राजगुरू, एसएसपी दलीप सिंह कुवंर, मुख्य विकास अधिकारी आशीष भटगांई, उप जिलाधिकारी निर्मला बिष्ट, तुषार सैनी, जनप्रतिनिधि मोहनी देवी, उर्मिला, माया जोशी, सतीश गोयल, अजय मौर्या, नवीन चन्द्र, गोविन्द, किशन, खुब सिंह विकल, तेज सिंह मेहरा, पूजा बत्रा, प्रियंका आदि उपस्थित थे।

बहुगुणा ने हरीश पर बोला हमला, कहा-अपनी सीट घोषित करे रावत

’’कई बार रंग बदला है आसमां सहर होने तक’’ इस वाक्य के साथ पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने कांग्रेस के लिए अगले दो सप्ताह बहुत सावधान रहने के निर्देश दिये है। वहीं, बहुगुणा ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को भी अपनी विधानसभा सीट घोषित करने की चुनौती भी दी है। भाजपा की सियासत में चल रही सरगर्मी के बीच दो दिन से देहरादून में डेरा जमाये हुए पूर्व सीएम विजय बहुगुणा ने आज मीडियाकर्मियों से बातचीत के दौरान भाजपा में सब कुछ सामान्य होने की बात कही और कांग्रेस में बड़ी टूट के संकेत दिए। राजनीतिक पंडित अब इसके गुणाभाग में जुट गये है।
भाजपा में असंतुष्ट बताए जा रहे हरक सिंह, उमेश शर्मा काऊ सहित अन्य नेताओं की बयानबाजी पर पूर्व सीएम विजय बहुगुणा ने दो साफ कहा कि 2016 में भाजपा में आए सभी नौ लोग साथ बने रहेंगे। फिर उन्होंने शायराना अंदाज में ’’कई बार रंग बदला है आसमां सहर होने तक’’ की टिप्पणी करते हुए कहा कि समय बीत जाने दीजिए, कांग्रेस का क्या हाल होगा बस 15 दिन रुक जाओ। बहुगुणा बोले कि हरीश रावत बहुत मेहनती नेता हैं लेकिन वो अपने लिए विधानसभा क्षेत्र की घोषणा तो करें, कहीं ऐसा तो नहीं कि जिस लहर का वो अपने दम पर दावा कर रहे हैं, उसमें खुद ही डूब जाएं।
भाजपा आलाकमान द्वारा असंतुष्ट नेताओं से बातचीत के लिए भेजे जाने के सवाल पर बहुगुणा ने कहा कि कुछ दिन से चल रही चर्चाओं के कारण राजनैतिक धुंध उत्पन हो गई थी। अपने देहरादून आने के मकसद को उन्होंने कोविड के बाद की सामान्य मेल मुलाकात करार देते हुए कहा कि जिन राजनैतिक वजहों से कांग्रेस से संबंध तोड़े गए थे, उन परिस्थितियों में आज भी कोई बदलाव नहीं आया है। उन्होंने कहा कि देश का नेतृत्व और प्रदेश के विकास के लिए मोदी और भाजपा ही एक मात्र विकल्प हैं। इसलिए हम सब मिल कर 22 के चुनाव में जीत का प्रयास करेंगे। बहुगुणा ने कहा कि हरक, सुबोध, चैम्पियन, सिंघल, शैलारानी सभी स्वीकार करतें हैं कि हालात नहीं बदले हैं। अलबत्ता उन्होंने स्वीकार किया कि राजनीति में कुछ वाद विवाद होते रहते हैं, इन्हें हल कर लिया जाएगा। इसमें उनकी जो भूमिका होगी, उसे निभाने का प्रयास करेंगे।

टिहरी के अदरक को पहचान दिलाने के लिए अंतराष्ट्रीय अदरक महोत्सव का आयोजन

टिहरी जनपद के अदरक को विश्वभर में पहचान मिलेगी। इसके लिए मुनिकीरेती क्षेत्र में अंतराष्ट्रीय अदरक महोत्सव कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। बुधवार को पोखरी, चाका में आयोजित सम्मान समारोह के संबोधन के दौरान कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने यह बात कही।
पोखरी, चाका में भाजपा मंडल के पदाधिकारियों और स्थानीय ग्रामीणों ने नरेंद्रनगर मंडी अध्यक्ष पद पर वीर सिंह रावत को मनोनीत किए जाने पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल का आभार जताया। सभी ने कैबिनेट मंत्री और मंडी अध्यक्ष का फूलमालाओं से जोरदार स्वागत किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि किसानों को अपने उत्पाद का उचित मूल्य मिले यही सरकार का उद्देश्य है। बताया कि नरेंद्रनगर की मंडी प्रदेश की बेहतरीन मंडियों में शुमार है, इसमें पर्वतीय क्षेत्र का किसान सुनियोजित प्लान के तहत अपने उत्पादों को मंडी में बेच सकेगा। साथ ही मंडी में अत्याधुनिक सुविधाएं होने के कारण ऑफसीजन में भी उचित मूल्य पर उत्पाद बिक सकेंगे। उन्होंने बताया कि किसानों की सुविधा हेतु उत्तरकाशी जनपद में 13 करोड़ की लागत से जल्द मंडी खुलेगी। इसके साथ ही आराकोट में 23 करोड़ की लागत से कोल्ड स्टोरेज भी खोला जाएगा। बताया कि इससे प्रदेश में कृषि उत्पादों के बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी।
मौके पर ब्लाक प्रमुख राजेन्द्र भंडारी, मीना खाती, मंडल अध्यक्ष अरविंद उनियाल, क्रेजी फेडरेशन अध्यक्ष मनीष डिमरी, जिला अध्यक्ष रेखा राणा, रोशनी राणा, गजेंद्र खाती आदि उपस्थित थे।

सीएम ने अपनी विधानसभा के विकास कार्यों को लेकर अधिकारियों को दिए निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज अपने एक दिवसीय दौरे पर खटीमा पहुंचकर क्षेत्र में किये जा रहे विभिन्न कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कर सम्बन्धित अधिकारियों के साथ तहसील खटीमा के सभागार में समीक्षा बैठक ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि जो भी विकास कार्य होने हैं उन्हें शीघ्र प्राथमिकता एवं जनहित को देखते हुये प्रारंभ करें एवं जो विकास कार्य प्रगति पर हैं उनमें गुणवत्ता, पारदर्शिता के शीघ्र पूर्ण करना सुनिश्चित करें। उन्होंने अधिशासी अभियन्ता लोनिवि को निर्देश दिए हैं कि सड़को को गड्डामुक्त करने हेतु पैचवर्क का शीघ्र पूर्ण करें व जिन मार्गों का स्टीमेट नहीं बना है उनका तत्काल स्टीमेट बना कर शासन को प्रस्तुत करें। उन्होंने विकास प्राधिकरण द्वारा किये जा रहे शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, बस अड्डा, कुष्ठ आश्रम, तहसील का सौन्दर्यीकरण आदि विभिन्न विकास कार्यों की विस्तृत रूप से जानकारी लेते हुए शीघ्र कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने जल निगम व जल संस्थान के कार्यों की समीक्षा करते हुए सम्बंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि विकास कार्यों को तेजी से पूर्ण करें। उन्होंने स्वास्थ्य, विद्युत, पुलिस आदि विभागों की समीक्षा की। उन्होंने सम्बंधित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि विभाग अपने कार्यों को तेजी से पूर्ण करें इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए।
जिलाधिकारी रंजना राजगुरू ने मुख्यमंत्री को जनपद में किये जा रहे विभिन्न विकास कार्याे एवं अतिवृष्टि (आपदा) के दौरान प्रभावित हुये लोगों हेतु राहत कार्याे के सम्बन्ध में विस्तृत रूप से जानकारी दी। उन्होने बताया कि सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं कि मुख्यमंत्री घोषणाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करना सुनिश्चित करें। उन्होंने अवगत कराया कि अतिवृष्टि से जलभराव होने के कारण जनजनित रोगों की रोकथाम हेतु सभी नगर निकायो को साफ सफाई, कीटनाशक छिड़काव, फागिंग आदि कराने के निर्देश दिये गये है।
इस अवसर पर विधायक प्रेम सिंह राणा, किसान आयोग के उपाध्यक्ष राजपाल सिंह, अध्यक्ष मण्डी समिति नन्दन सिंह खड़ायत, कमलेन्द्र सेमवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दलीप सिंह कुंवर, मुख्य विकास अधिकारी आशीष भटगांई, अपर जिलाधिकारी जय भारत सिंह, सीएमओ डीएस पंचपाल , पीडी हिमांशु जोशी, जिला विकास अधिकारी डॉ. महेश कुमार, उप जिलाधिकारी निर्मला बिष्ट, तहसीलदार युसुफ अली, मण्डल अध्यक्ष भाजपा सतीश मौर्या आदि उपस्थित थे।

शासनादेश जारी होने से अब मिल सकेगा 50 हजार तक का ऋण

उत्तराखंड में छोटे व्यवसायियों एवं उद्यमियों को मजबूत बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर उत्तराखंड शासन ने मुख्यमंत्री स्वरोजगार नैनो योजना का संशोधित शासनादेश जारी कर दिया है।
पूर्व के शासनादेश को संशोधन करते हुए योजना के अंतर्गत ऋण देने की सीमा को 50 हज़ार रुपए तक बढ़ा दिया गया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस योजना को संशोधित करने के पीछे का मकसद प्रदेश में छोटे उद्यमी एवं व्यापारियों को आत्मनिर्भर और उन्हें मजबूत करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना में ऋण सीमा बढ़ाने से ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में सभी फल रेड़ी, सब्ज़ी, चाय ठेली, दर्जी, प्लंबर, इलेक्ट्रिशियन, मोबाइल रिपेयरिंग, मोबाइल रिचार्ज, पेपर बैग निर्माण, छोटी बेकरी शॉप, लॉन्ड्री जैसे व्यवसाय से जुड़े लोग लाभान्वित होंगे।
सचिव उद्योग अमित नेगी ने उक्त योजना के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना के तहत सरकार द्वारा दिए जाने वाले अनुदान हेतु प्रदेश में 5 श्रेणियाँ क्रमशः ए, बी, बी$, सी और डी निर्धारित की गई हैं।
श्रेणी ए में पिथौरागढ़, उत्तरकाशी, चमोली, चंपावत रुद्रप्रयाग और बागेश्वर जिले को शामिल किया गया है। इस श्रेणी में सामान्य अभ्यर्थियों को (परियोजना की लागत पर) 35 प्रतिशत अधिकतम 17500 रुपए एवं अनुसूचित जाति/अनु जनजाति/भूतपूर्व सैनिक/महिला/दिव्यांग पिछड़ा वर्ग/अल्पसंख्यक श्रेणी के अभ्यर्थियों हेतु 40 प्रतिशत अधिकतम 20 हज़ार रुपए का अनुदान दिया जाएगा।
इसी प्रकार श्रेणी बी और बी $ में अल्मोड़ा, पौड़ी गढ़वाल और टिहरी गढ़वाल के मात्र पर्वतीय बहुल विकासखण्ड (श्रेणी बी $ में वर्गीकृत क्षेत्रों को छोड़कर), नैनीताल और देहरादून जिले के मात्र पर्वतीय बहुल विकासखण्ड (बी $ और सी श्रेणी में वर्गीकृत क्षेत्रों को छोड़कर), पौड़ी गढ़वाल के दुगड्डा विकासखण्ड के कोटद्वार सिगड्डी और इनसे जुड़े हुए मैदानी क्षेत्र तथा टिहरी गढ़वाल के फकोट विकासखण्ड के ढालवाला, मुनीकी रेती, तपोवन तथा उससे जुड़े हुए मैदानी क्षेत्र, नैनीताल के कोटाबाग विकासखण्ड का सम्पूर्ण क्षेत्र और देहरादून के कालसी विकासखण्ड के मैदानी क्षेत्र में सामान्य श्रेणी के अभ्यर्थियों हेतु (परियोजना लागत पर) 30 प्रतिशत और अधिकतम 15000 रुपए एवं अनुसूचित जाति/अनु जनजाति/भूतपूर्व सैनिक/महिला/दिव्यांग पिछड़ा वर्ग/अल्पसंख्यक श्रेणी के अभ्यर्थियों हेतु 35 प्रतिशत अधिकतम 17500 रुपए का अनुदान दिया जाएगा।
इसी प्रकार श्रेणी सी और डी हेतु देहरादून जिले के विकासखंड रायपुर, सहसपुर, विकासनगर व डोईवाला विकासखण्ड के समुद्रतल से 650 मी. से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्र, नैनीताल जिले के रामनगर और हल्द्वानी विकासखण्ड में आने वाले क्षेत्र, हरिद्वार और उधमसिंहनगर का सम्पूर्ण क्षेत्र तथा देहरादून व नैनीताल जिले के अवशेष समस्त मैदानी क्षेत्र (श्रेणी-बी, बी $ और श्रेणी सी सम्मिलित क्षेत्र को छोड़कर) सामान्य श्रेणी के अभ्यर्थियों हेतु (परियोजना लागत पर) 25 प्रतिशत और अधिकतम 12500 रुपए एवं अनुसूचित जाति/अनु जनजाति/भूतपूर्व सैनिक/महिला/दिव्यांग पिछड़ा वर्ग/अल्पसंख्यक श्रेणी के अभ्यर्थियों हेतु 30 प्रतिशत अधिकतम 15000 रुपए का अनुदान दिया जाएगा।