पूर्व सीएम ने मिले प्रदेश के फाइनेंस मिनिस्टर


वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने नई दिल्ली में पूर्व केंद्रीय मंत्री व पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक से शिष्टाचार भेंट की। उन्होंने उत्तराखण्ड में संचालित विकास कार्यों के बारे में अवगत कराया।

वित्त मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड केंद्र सरकार के कुशल मार्गदर्शन और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के देखरेख में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने पूर्व केंद्रीय मंत्री से राज्य के विकास में अपने अनुभव साझा करने एवं सुझाव देने का अनुरोध किया। कहा कि आपका मार्गदर्शन से उन्हें सफलतापूर्वक कार्य करने की दिशा में बल मिलेगा।

वित्त मंत्री अग्रवाल ने किया नई दिल्ली में निर्माणाधीन उत्तराखंड निवास का निरीक्षण

उत्तराखण्ड के वित्त मंत्री प्रेमचन्द अग्रवाल ने नई दिल्ली में निर्माणाधीन भवन ‘उत्तराखण्ड निवास’ का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य, गुणवत्ता बनाए रखते हुए तय की गई समय सीमा में पूरा करना सुनिश्चित किया जाए। कैबिनट मंत्री प्रेम चन्द अग्रवाल ने उत्तराखण्ड निवास के नक्शे का अवलोकन करते हुये भवन के सभी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी ली। इसके अलावा निर्माणाधीन भवन में गाड़ियों की पार्किंग व्यवस्था की भी जानकारी ली।

उल्लेखनीय है कि 3, गोपीनाथ बारदोलाई मार्ग, चाणक्यपुरी नई दिल्ली में जून 2020 से उत्तराखण्ड निवास का काम शुरू किया गया। भवन में तीन बेसमेंट होंगे। भवन में भू-तल को सम्मिलित करते हुए कुल सात तल बनाए जाएंगे। भवन उत्तराखण्ड वास्तुकला शैली में बनाया जायेगा। ग्रीन भवन की तर्ज पर बनाए जा रहे इस भवन का अपना सीवेज सोधन संयत्र होगा। भवन में 50 किलो वाट क्षमता का सोलर पावर प्लांट भी है। उत्तराखण्ड निवास का निर्माण कार्य संभावित 2023 तक पूरा कर लिया जायेगा।

इस अवसर पर स्थानिक आयुक्त डॉ0 वीवीआरसी पुरूषोत्तम व उत्तराखण्ड पेयजल निगम के सहायक अभियन्ता अरविन्द सैनी उपस्थित थे।

काबीना मंत्री अग्रवाल ने किए प्रभु हनुमान जी के दर्शन, प्रदेश की खुशहाली की कामना भी की

हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर श्रीजयराम आश्रम अन्नक्षेत्र ऋषिकेश में अखंड रामायण पाठ कार्यक्रम में काबीना मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने शिरकत की। उन्होंने इस मौके पर प्रभु हनुमान के दर्शन किये और प्रसाद ग्रहण किया।

उन्होंने कहा कि प्रभु हनुमान भारतीय चेतना के एक अद्भुत अंग एवं विलक्षण नायक है। प्रभु हनुमान शक्तिशाली, अपराजेय व संकटमोचन है। इसके बावजूद हम उन्हें कभी अपनी शक्ति का दुरूपयोग करते हुए कहीं नहीं पाते है।

ने कहा कि प्रभु हनुमान के चरित्र की सबसे बड़ी विशेषता उनका शक्तिमान होना ही नहीं, बल्कि उनके ज्ञान के साथ ही गुणों का भी सागर होना है। उन्होंने इस पावन पर्व पर हनुमान जी के जीवन को प्रेरणास्पद बताते हुए उनके आदर्शों का अनुकरण करने को कहा है।

इस अवसर पर आश्रम के परमाध्यक्ष ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी महाराज, स्थानीय विधायक की धर्मपत्नी शशिप्रभा, सुपुत्र पीयूष अग्रवाल, मंडल अध्यक्ष ऋषिकेश भाजपा दिनेश सती, पूर्व पालिका अध्यक्ष दीप शर्मा, संदीप खुराना आदि हनुमान भक्त मौजूद रहे।

भारत सरकार के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक अधिकारियों ने की वित्त मंत्री से मुलाकात

प्रदेश के वित्त मंत्री प्रेम चन्द अग्रवाल से विधान सभा स्थित कार्यालय में भारत सरकार के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक से संबंधित उच्चाधिकारी ने शिष्टाचार भेंट की।

टीम के लीडर के रूप में डिप्टी सीएजी संध्या शुक्ला ने लेखापरीक्षा से संबंधित गतिविधियों के संबंध में वित्त मंत्री प्रेम चन्द अग्रवाल को जानकारी दी। बैठक में राजकोषीय एवं वित्तीय अनुशासन एवं प्रबंधन पर विस्तार से चर्चा की गई। चर्चा के दौरान जानकारी दी गई कि उत्तराखण्ड IFMS सिस्टम अन्य राज्यों की तुलना में बेहतर कार्य कर रहा है। इसके माध्यम से DBT प्रणाली को कारगर ढंग से संचालित किया जा रहा है।

वित्त मंत्री प्रेम चन्द अग्रवाल ने कहा कि उत्तराखण्ड में आय के साधन सीमित हैं इसलिए वित्तीय प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जायेगा और मितव्ययता संबंधी उपायों को लागू करने का प्रयास किया जायेगा। प्रदेश की वित्तीय स्थिति को सुधारने के लिए आपसी समन्वय पर बल दिया जायेगा। इस संबंध में नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक से संबंधित सुझावों को भी लागू करने का प्रयाश किया जायेगा।

बैठक में सचिव वित्त सुरेन्द्र पाण्डेय, निदेशक लेखा अहमद इकबाल, प्रिंसिपल एकाउंट जनरल उत्तराखण्ड प्रवीन्द्र यादव तथा अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

छापेमारी हो मगर, लघु व्यापारियों का उत्पीड़न न किया जाएः प्रेमचंद

वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री प्रेमचन्द अग्रवाल ने विधानसभा स्थित सभाकक्ष में विभागीय अधिकारियों के साथ राज्य कर की समीक्षा बैठक की।

उन्होंने प्रदेश में राजस्व बढ़ाने के लिए व्यापक कार्य-योजना बनाने के निर्देश देकर प्रवर्तन कार्य में तेजी लाने को कहा। कहा कि छापेमारी की कार्यवाही हो किन्तु उत्पीड़न की कार्यवाही न हो। टैक्स बढ़ाने के लिए फर्मों/व्यापारियों के साथ मंत्री स्तर की बैठक कराने के भी निर्देश दिये। राजस्व बढ़ाने के लिए व्यापारियों से भी सुझाव लिया जाए। रिक्त पदों के सापेक्ष भर्तियाँ की जाए ताकि विभाग को अधिक उपयोगी बनाया जा सके। पदों के ढांचों को तार्किक बनाने के भी निर्देश दिये।

बैठक में वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने निर्देश दिये कि जीएसटी से संबंधित आडिट व्यवस्था को मजबूत किया जाए और अपीलीय व्यवस्था को कारगर बनाया जाए। रिस्क मैंनेजमेंट और एनालिसेस के आधार पर कार्य-प्रणाली विकसित हो। समय-समय पर ढांचा विकास के साथ-साथ प्रशिक्षण का प्रबन्ध भी किया जाए। कर प्रणाली का ढांचा इस प्रकार विकसित किया जाए ताकि उपभोक्ता-व्यापारी के हितों की रक्षा की जा सके। पर्यटक राज्य में पर्यटकों से लिया जाने वाला सर्विस चार्ज का अध्ययन कर लिया जाए ताकि पर्यटकों के हितों की सुरक्षा की जा सके।

उन्होनें कहा कि समय पर रिटर्न फाईल होने होने वाली व्यवस्था के लिए प्रोत्साहन कार्य योजना बनायी जाए। इसके लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। आफिस में बोर्ड फ्लेक्स इत्यादि लगाये जायें। इसके लिए इलेक्ट्रिॉनिक माध्यम का भी उपयोग किया जाए। गूगल एलर्ट इलेक्ट्रॉनिक कलेंडर बनाने के भी निर्देश दिये। बैठक में 100 दिन की कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिया गया। इसमें विभाग के डिजिटल रूप, ई-गवर्नेंस, ऑनलाईन ए.सी.आर. व्यवस्था, आडियो वीडियों कम्यूनिकेशन तथा स्मार्ट कन्ट्रोल रूम पर विशेष फोकस रखा जाए।

बैठक में सचिव वित्त सुरेन्द्र पाण्डेय, अपर सचिव रोहित मीणा, आयुक्त कर अहमद इकबाल, अपर आयुक्त विपिन चन्द्रा, अनिल सिंह, राहुल गोयल तथा अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

त्रिवेन्द्र के बजट में राजस्व बढ़ाने का संकल्प दिखा

उत्तराखंड में करीब 53 हजार करोड़ से अधिक का बजट पेश करते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने प्रदेश में विकास की बुनियाद को मजबूत करने और रोजगार को बढ़ाने का इरादा जताया। सरकार का ध्यान कुंभ मेले के आयोजन पर भी गया। 2021 में होने वाले हरिद्वार महाकुंभ को प्रदेश सरकार भव्य और ग्रीन कुंभ परिकल्पना के आधार पर आयोजित करेगी। इस परिकल्पना को पंख देने के लिए सरकार ने बजट में 1205 करोड़ रुपये खर्च करना तय किया है। महाकुंभ में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 450 करोड़ के स्थायी और एक हजार रुपये के अस्थायी कार्य किए जाएंगे। सरकार की कोशिश है कि महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालु चारधाम की यात्रा भी कर पाए। इसके लिए चारधाम और ऑलवेदर रोड को महाकुंभ से पहले पूरा करने का सरकार ने लक्ष्य निर्धारित किया है। कुंभ के लिए सरकार अलग से सुरक्षा व्यवस्था के तहत 60.12 करोड़ रुपये भी खर्च करेगी।

विकासपरक बजट पेश करते हुए बतौर वित्त मंत्री सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने एक ही मास्टर स्ट्रोक से विपक्ष को चारो खाने चित कर दिया। मुख्यमंत्री ने बजट पेश करने के तुरंत बाद सदन में गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित कर दिया। इसके साथ ही अब प्रदेश में दो राजधानी होंगी।
बजट में सरकार ने बेहतर रोड कनेक्टिविटी को प्राथमिकता दी है। 2020-21 में सड़कों और पुलों की मरम्मत के लिए 300 करोड़ रुपये रखे हैं। पिछले बजट में कुल 180 करोड़ का प्रावधान था। सीमा के 150 से अधिक जनसंख्या वाले गांवों को सड़कों से जोड़ा जाएगा। मार्च 2020 तक 67 गांवों को ग्रामीण मोटरमार्गों से जोड़ा जाएगा। बुनियादी ढांचे पर जोर देते हुए लोक निर्माण विभाग के लिए 2055 करोड़ का बजट रखा है। सड़क निर्माण में तेजी लाने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में 1072 करोड़ की व्यवस्था की है। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन के लिए सरकार ने 70 करोड़ रखे हैं।
सरकार रोजगार के मुद्दे पर भी संभली है। मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड युवा आयोग के गठन की घोषणा की। सहायक अध्यापक एलटी संवर्ग और प्रवक्ता संवर्ग में 3063 पदों 2020-21 में तैनाती की जाएगी। महिला सशक्तीकरण एवं बाल विभाग में 1224 नई भर्ती होंगी। इसके साथ ही नया हुनर सीखने वालों के लिए एक नई योजना मुख्यमंत्री शिक्षुता योजना शुरू करने का एलान बजट में किया गया। प्रदेश में 2022 तक सभी डिग्री कालेजों के पास अपना भवन होगा। सरकार ने वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए 78 करोड़ का बजट प्रस्तावित किया है। रूसा योजना एवं राज्य योजना के तहत यह बजट प्रस्तावित किया है।

प्रदेश के सात लाख से ज्यादा लोगों को 1165 करोड़ की योजनाओं से पीने का साफ पानी मिल सकेगा। जल जीवन मिशन, अर्द्धनगरीय क्षेत्रों के लिए पेयजल कार्यक्रम और नाबार्ड पोषित योजनाओं के लिए बजट प्रावधान किए गए हैं। रोडवेज बसों में सफर पहले की तुलना में और अधिक सुहाना होगा। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2020-21 में 110 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। बजट में सरकार की ओर से परिवहन सेवाओं को बेहतर बनाने के साथ ही परिवहन निगम को वित्तीय संकट से उबारने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, सांसद, विधायक, स्कूली छात्राएं, मान्यता प्राप्त पत्रकार, दिव्यांग परिवहन निगम बसों में मुफ्त यात्रा कर सकें, इसके लिए बजट में 24 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलें। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2020-21 में 295 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया गया है। सरकार की ओर से बजट जारी होने के साथ ही भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी ताकि एयरपोर्ट का विस्तार किया जा सके। बजट में देहरादून-श्रीनगर-टिहरी, हल्द्वानी-अल्मोड़ा- पिथौरागढ़ध्धारचूला के लिए हेली सेवाएं शुरू करने का प्रावधान किया गया है।
संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम के प्रोजेक्ट सिक्योर हिमालय के तहत गंगोत्री नेशनल पार्क में देश का पहला ‘स्नो लेपर्ड कंजर्वेशन सेंटर’ का निर्माण किया जाएगा। वित्तीय वर्ष 2020-21 में कैंपा योजना के तहत 215 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। बजट वृक्षारोपण व वर्षा जल संरक्षण योजनाओं के लिए होगा। इसके अलावा पर्यावरण निदेशालय के गठन व विशेषज्ञों की नियुक्ति के लिए 12.93 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया है।

प्रदेश सरकार की ओर से निराश्रित वृद्धजनों को आरामदायक जीवन देने के लिए वृद्धाश्रम खोले जाएंगे। वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए राष्ट्रीय कार्ययोजना के तहत सरकार ने अलग से बजट का प्राविधान किया है। इस बजट से प्रत्येक जिले में वृद्धाश्रम तैयार किए जाएंगे। यहां वृद्ध लोगों के रहने, खाने-पीने व मनोरंजन की समुचित व्यवस्थाएं की जाएंगी। सरकार ने वित्तीय वर्ष 2020-21 में हर जरूरतमंद वृद्ध, दिव्यांग, विधवा, किसान, निराश्रित परित्यक्त महिलाओं को पेंशन का लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। इसमें 4 लाख 75 हजार वृद्धजनों, 78 हजार दिव्यांगों, 1 लाख 78 हजार विधवा, 30 हजार किसानों और 5500 निराश्रित परित्यक्त महिलाओं को पेंशन से जोड़ा जाएगा। इसके लिए 1048 करोड़ रुपये की धनराशि बजट में प्रस्तावित की है।प्रदेश सरकार ने बजट में गन्ना किसानों की होली खुशनुमा करने का प्रयास किया है। किसानों को बकाया गन्ना भुगतान के लिए बजट में 240 करोड़ रुपये का प्रस्ताव किया गया है। इसके साथ ही सरकारी, सहकारी और निजी चीनी मिलों को विभिन्न तरह के लोन की सुविधा भी दी गई है। ताकि, किसानों को बकाया और वर्तमान भुगतान त्वरित किया जा सके।
प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2020-21 में स्मार्ट सिटी के लिए 123 करोड़ रुपये का बजट रखा है। जिससे स्मार्ट सिटी के काम होंगे। वहीं अब तक देहरादून स्मार्ट सिटी लि. को लेकर एक हजार करोड़ से अधिक के वर्कआर्डर जारी हो चुके हैं। अब स्मार्ट सिटी का दायरा 10 से बढ़कर 100 वार्डों तक हो गया है।