गदरपुर को सीएम धामी ने दी 2,830.07 लाख रूपए की विकास परियोजनाओं की सौगात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गदरपुर बस स्टेशन में आयोजित कार्यक्रम में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच ₹2,830.07 लाख लागत की 08 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने फीता काटकर नवनिर्मित गदरपुर बस स्टेशन का लोकार्पण भी किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गदरपुर क्षेत्र को विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात देते हुए ₹694.06 लाख लागत की पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं का लोकार्पण तथा ₹2,136.01 लाख लागत की नई विकास योजनाओं का शिलान्यास किया।

मुख्यमंत्री ने ₹275.70 लाख की लागत से निर्मित विकास खंड गदरपुर के कार्यालय भवन, ₹69.19 लाख की लागत से ग्रामीण क्षेत्र में हरिचंद्र-गुरुचंद्र बंग विशाल सामुदायिक भवन तथा ₹349.17 लाख की लागत से निर्मित गदरपुर बस अड्डे का लोकार्पण किया।

इसके साथ ही उन्होंने ₹1,839.70 लाख की लागत से गदरपुर में बाबा डल मंदिर से बौर जलाशय (डेस्टिनेशन) होते हुए गुलरभोज कूल्हा तिलपुरी वन बैरियर तक सिंचाई विभाग के माध्यम से कंक्रीट सड़क निर्माण कार्य, ₹67.29 लाख की लागत से रामजीवनपुर नंबर-3 एवं ग्राम मझरशिला के आंतरिक मार्गों में इंटरलॉकिंग टाइल रोड निर्माण कार्य, ₹87.09 लाख की लागत से गदरपुर की जयनगर नंबर-4 कॉलोनी के विभिन्न मार्गों के इंटरलॉकिंग टाइल निर्माण कार्य, ₹57.82 लाख की लागत से गुरुनानकपुर के आंतरिक मार्गों के इंटरलॉकिंग टाइल निर्माण कार्य तथा ₹84.11 लाख की लागत से कुल्हा चौराहे से लक्ष्मण सिंह गट्टी ग्राम तक इंटरलॉकिंग टाइल रोड निर्माण कार्य का शिलान्यास किया।

मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनसमूह को श्रावण मास की शुभकामनाएं देते हुए भगवान भोलेनाथ से सभी के सुख, समृद्धि एवं कल्याण की कामना की। उन्होंने कहा कि इन विकास परियोजनाओं से गदरपुर ही नहीं, बल्कि आसपास के समस्त क्षेत्रों के लोगों को भी व्यापक लाभ मिलेगा और इससे पूरे क्षेत्र के विकास को नई गति एवं नई पहचान प्राप्त होगी।

उन्होंने कहा कि गुलरभोज भविष्य में एक प्रमुख पर्यटन एवं विकास केंद्र (डेस्टिनेशन) के रूप में विकसित होगा, जिससे स्थानीय लोगों के लिए आजीविका के नए अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में राज्य सरकार ‘विकास भी, विरासत भी’ के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। एक ओर शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर देवभूमि उत्तराखंड की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के लिए विकास का अर्थ केवल सड़क, पुल और भवन निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक के जीवन को अधिक सुरक्षित, समृद्ध और सुविधाजनक बनाना है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार केवल शिलान्यास तक सीमित रहने वाली सरकार नहीं है। पिछली सरकारों की तरह योजनाओं का शिलान्यास कर उन्हें भुलाया नहीं जाता, बल्कि प्रत्येक परियोजना को चरणबद्ध ढंग से पूरा कर उसका लोकार्पण किया जाता है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में पूरे देश में ऐसी कार्य संस्कृति विकसित हुई है, जिसमें शिलान्यास को समयबद्ध रूप से लोकार्पण में बदलना ही डबल इंजन सरकार की सबसे बड़ी पहचान है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि नवनिर्मित बस स्टेशन में यात्रियों की सुविधा के लिए आधुनिक प्रतीक्षालय, किचन सहित अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे गदरपुर एवं आसपास के क्षेत्रों के लोगों और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। वहीं, नए विकास खंड कार्यालय भवन के निर्माण से ग्रामीण विकास कार्यों को नई गति मिलेगी तथा आमजन को विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ एक ही स्थान पर अधिक सुगमता से प्राप्त होगा।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र को आत्मसात करते हुए पूरे उत्तराखंड में विकास की नई कहानी लिख रही है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि गदरपुर क्षेत्र में शिक्षा के क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं। नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालय में छात्रावास भवन का निर्माण कराया गया है, राजकीय इंटर कॉलेज दिनेशपुर में आधुनिक ऑडिटोरियम बनाया गया है तथा आईटीआई गुलरभोज में बालिका छात्रावास का निर्माण कराया गया है। उन्होंने कहा कि ऐसे अनेक विकास कार्य युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव तैयार कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आश्रम पद्धति कन्या विद्यालय के उच्चीकरण के प्रस्ताव को भी शासन से स्वीकृति प्रदान कर दी गई है, जिससे क्षेत्र की बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। उन्होंने यह भी बताया कि बौर डैम के डाउनस्ट्रीम क्षेत्र में लगभग ₹4 करोड़ की लागत से बाढ़ सुरक्षा कार्य तथा विभिन्न गांवों में लगभग ₹13 करोड़ की लागत से पेयजल योजनाओं का निर्माण कराया गया है।

उन्होंने कहा कि ग्रामोत्थान परियोजना के माध्यम से गदरपुर विकासखंड में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सराहनीय कार्य किए जा रहे हैं। राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, युवाओं को रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने राज्य में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें किसी प्रकार की कोई गड़बड़ी नहीं है। इस प्रकार की प्रक्रिया पूर्व में भी कई बार संपन्न हो चुकी है और इस बार भी सभी कार्य पूर्ण पारदर्शिता के साथ किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य केवल मतदाता सूची का शुद्धिकरण करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में धर्मांतरण विरोधी कानून, लैंड जिहाद पर प्रभावी कार्रवाई, नकल विरोधी कानून, भ्रष्टाचार के विरुद्ध कठोर कदम सहित अनेक ऐतिहासिक निर्णय राज्य के विकास और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार वोट बैंक की नहीं, बल्कि विश्वास की राजनीति करती है। सरकार तुष्टीकरण नहीं, बल्कि संतुष्टीकरण के मार्ग पर चल रही है। उनका लक्ष्य केवल सत्ता में बने रहना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करना है।

कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री प्रदीप बत्रा ने कहा कि हमारी सरकार द्वारा किए गए विकास कार्य धरातल पर दिखाई देते हैं। उन्होंने कहा कि नए आधुनिक बस स्टेशनों के निर्माण से जनता को सुगम यात्रा एवं आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम में विधायक अरविंद पांडे एवं शिव अरोरा ने सभी का स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी दी तथा क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने गदरपुर विधायक के अनुरोध पर कहा कि चीनी मिल कर्मियों को सातवां वेतनमान दिलाने के लिए शीघ्र ही समाधान निकाला जाएगा। उन्होंने पर्यटन क्षेत्र गुलरभोज में जिम कॉर्बेट की जिप्सी परमिट व्यवस्था तथा गदरपुर महाविद्यालय में भविष्य में दो पीजी पाठ्यक्रम प्रारंभ करने का आश्वासन भी दिया। इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के साथ रुद्रपुर रिंग रोड का निरीक्षण भी किया।

इस अवसर पर प्रभारी मंत्री प्रदीप बत्रा, विधायक अरविंद पांडे, शिव अरोरा, त्रिलोक सिंह चीमा, भाजपा जिलाध्यक्ष कमल जिंदल, मनोज पाल, मेयर विकास शर्मा, दीपक बाली, दर्जा राज्य मंत्री अनिल कपूर डब्बू सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री धामी ने गदरपुर में अंतर्राष्ट्रीय क्याकिंग एवं कैनोइंग प्रतियोगिता की तैयारियों का लिया जायजा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज ऊधम सिंह नगर जनपद के गदरपुर क्षेत्र में आयोजित होने वाली अंतर्राष्ट्रीय क्याकिंग एवं कैनोइंग प्रतियोगिता की तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने आयोजन स्थल पर पहुंचकर प्रतियोगिता से संबंधित विभिन्न तैयारियों, खिलाड़ियों के लिए की जा रही सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था, तकनीकी व्यवस्थाओं, आवागमन, ठहरने की व्यवस्था एवं अन्य आवश्यक प्रबंधों का बारीकी से निरीक्षण किया।

मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए सभी तैयारियां निर्धारित मानकों के अनुरूप समयबद्ध रूप से पूर्ण की जाएं। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, निर्णायकों एवं देश-विदेश से आने वाले प्रतिभागियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वयं भी वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों का अनुभव लिया और कहा कि उत्तराखण्ड में साहसिक खेलों की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। राज्य की प्राकृतिक परिस्थितियां जल क्रीड़ा, पर्वतीय खेल और एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए अनुकूल हैं। इस दिशा में सरकार द्वारा खेल सुविधाओं के विस्तार और आधुनिक खेल अवसंरचना विकसित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि उत्तराखण्ड को खेलों के क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाई जाए। इसके लिए खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, सुविधाएं और अवसर उपलब्ध कराने के साथ-साथ बड़े स्तर की प्रतियोगिताओं के आयोजन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं प्रदेश के युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच प्रदान करती हैं और उन्हें वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से केवल खेल गतिविधियों को ही बढ़ावा नहीं मिलता, बल्कि प्रदेश में पर्यटन, स्थानीय व्यवसाय, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलती है। उत्तराखण्ड की पहचान एक साहसिक पर्यटन राज्य के रूप में और अधिक मजबूत होगी तथा देश-विदेश के पर्यटक यहां की प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ खेल गतिविधियों से भी जुड़ेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार खेलों को जन-जन तक पहुंचाने और युवाओं को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए कई स्तरों पर कार्य कर रही है। खेल प्रतिभाओं को चिन्हित कर उन्हें आगे बढ़ाने, प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रतियोगिता स्थल पर स्वच्छता, पेयजल, चिकित्सा सुविधा, सुरक्षा, यातायात प्रबंधन सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं उच्च गुणवत्ता के साथ सुनिश्चित की जाएं, ताकि यह आयोजन उत्तराखण्ड की बेहतर कार्य संस्कृति और आतिथ्य का उदाहरण बने।

इस अवसर पर विधायक अरविन्द पांडेय सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।