गोदियाल को आड़े हाथों लेते हुए बोले मंदिर समिति अध्यक्ष, बोले मंदिर को चंदे में मिले दान को अपने चहेतों पर लुटाने वाले दे रहे ज्ञान

श्री बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने गोदियाल के अनर्गल आरोपों को कांग्रेस के शर्मनाक कृत्यों से ध्यान भटकाने की कोशिश बताया है। कहा, जिस तरह एक कार्यकर्ता और छात्रा की मौत के ग़मगीन माहौल में गोदियाल समेत तमाम कांग्रेसी अपने युवराज के स्वागत में बेशर्मी से नाचते नजर आए, वो उनकी खराब मानसिकता को दर्शाता है। वहीं पलटवार कर कहा, जिन्होंने समिति के करोड़ों रुपए के संसाधन अपनी सेवा में खर्च किए, जिन्होंने मंदिर को चंदे में मिले दान को अपने चहेतों पर लुटाया, उनका मंदिर पर ज्ञान और नैतिकता का पाठ देना दुर्भाग्यपूर्ण है। फिलहाल मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर गड़बड़ी और चोरी आदि सभी प्रकरण पर जांच चल रही है और जो भी दोषी पाया गया, उसे किसी कीमत पत्र बख्शा नहीं जाएगा।

पार्टी मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए, उन्होंने कहा, श्री बदरीनाथ और श्री केदारनाथ करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र हैं। यह किसी राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं, बल्कि पूरे देश की श्रद्धा का विषय है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री पुष्कर धामी के नेतृत्व में भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की सरकार कार्य कर रही है। वर्तमान गड़बड़ी और चोरी के सामने आए दुर्भाग्यपूर्ण प्रकरण को मुख्यमंत्री ने पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता से लिया है। उनके निर्देश पर उच्च स्तरीय जांच चल रही है, इसलिए हमारा उद्देश्य किसी को बचाना या इसकी छवि को खराब करना नहीं, बल्कि हम चाहते है कि सत्य सबके सामने आना चाहिए। इन सारे मामलों में तीन तरह की जांच चल रही है।

उन्होंने कहा कि एसआईटी, विभागीय जांच, और उच्च स्तरीय जांच राज्य स्तर पर कमिश्नर की अध्यक्षता में जांच गतिमान है। आज पूर्व अध्यक्ष, श्री बद्री-केदार मंदिर समिति और वर्तमान में कांग्रेस के अध्यक्ष, गणेश गोदियाल ने प्रेस वार्ता में कहा कि मंदिर के चंदा चोर आरोपों में जो दूसरा अभियुक्त गिरफ्तार हुआ है, उसने यह कहा है कि उसको ऊपर से निर्देश मिलते थे। मैं जानना चाहता हूँ कि गोदियाल जी को यह जानकारी कहाँ से मिली? क्या आरोपी से उनकी कोई बातचीत हुई है या पुलिस की जो जांच कर रही है, उसमें गोदियाल को कोई जानकारी प्राप्त हुई है? क्योंकि यह कहीं पर भी पब्लिक डोमेन में, मेरी जानकारी में यह बात नहीं है। और अगर यह बात झूठी है, तो मैं दावे के साथ कह सकता हूँ कि वह कहीं ना कहीं इस जांच को प्रभावित करने के लिए, दोषियों को बचाने के लिए, इस तरह की बयानबाजी कर रहे हैं।

वहीं जोर देते हुए कहा कि मंदिर में चंदा चोरी के जघन्य अपराध में जो भी कोई लिप्त होगा, उसको किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। हमारे प्रदेश क मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश हैं और इस प्रकरण में उन्होंने स्पष्ट कहा भी है कि कोई भी दोषी होगा, उसको किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। और मैं स्वयं इस बात के लिए प्रतिबद्ध हूँ कि इस मामले में दूध का दूध और पानी का पानी अलग होकर सबके सामने आना चाहिए।

कहा, गोदियाल से पूछना चाहता हूँ कि जब वह बद्रीनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष थे, तो क्या उन्हें सारे काम के निर्देश राहुल गांधी या प्रियंका गांधी जी से मिलते थे? अगर ऐसी परंपरा थी, जिसके आधार पर वह दावा कर रहे हैं, तो मैं उनको बताना चाहता हूँ कि यह भारतीय जनता पार्टी की परंपरा नहीं है। उनके यहाँ यह परंपरा रही होगी, शायद उसी परंपरा के आधार पर वह इस तरह की बेतुकी बातें कर रहे हैं। भाजपा में कभी भी किसी गलत काम को करने की शिक्षा नहीं दी जाती है। हमारी पार्टी सनातन के मार्गदर्शन में चलने वाली पार्टी है, जहाँ किसी को दिखाने के लिए ईमानदारी का ढोंग नहीं करना पड़ता है। हमारी पार्टी स्वयं से अनुशासित होकर, अनुशासित रहने का मंत्र देकर जनसेवा की सीख देती है।

​उन्होंने स्पष्ट किया कि हमारी लड़ाई किसी व्यक्ति से भी नहीं है, किसी दल से भी नहीं है, बल्कि पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए है। बद्री-केदार की पवित्रता और श्रद्धालुओं के विश्वास से कोई समझौता नहीं होगा। यदि कोई दोषी होगा, तो उसे कानून अपने अनुसार दंड मिलेग और यदि कोई निर्दाेष है, तो उस पर राजनीति करने के आरोप लगाने वालों को उनकी ही भाषा में करारा जवाब दिया जाएगा।

​कहा, जिस प्रकार उन्होंने आज कहा, जिस कर्मचारी के ऊपर यह आरोप लगे हैं वे मेरे करीबी थे, जबकि उसकी 2003 में नियुक्ति हुई थी। वह मुंबई में एक कंपनी थी, जिसमें वह कार्यरत था। वहाँ से वह आया था, उसको एक टेंपरेरी नौकरी वहाँ पर मिली थी, इंटरनेट कोऑर्डिनेटर के पद पर। लगातार वह इंटरनेट कोऑर्डिनेटर के पद पर काम कर रहा था। उसके बाद सरकार से जो 34 पद स्वीकृत होकर आए उसमें एक पद इंटरनेट कोऑर्डिनेटर का स्वीकृत होकर आया था। उन्होंने उसको स्थाई किया, उनके हस्ताक्षरों से वह स्थाई हुआ। उन्होंने सारे नियम-कानूनों को साइड रखते हुए, एक्ट का उल्लंघन करते हुए, आखिर उस 34 लोगों में से उसी कर्मचारी को वैयक्तिक सहायक के पद पर सीधे बिठा दिया! जबकि इंटरनेट कोऑर्डिनेटर के पद का कोई वहाँ पर समायोजन का कोई प्रावधान नहीं है। आप पद को समायोजित नहीं कर सकते हैं। आज की तारीख में भी वह इंटरनेट कोऑर्डिनेटर का पद यहाँ पर खाली है विभाग के अंदर। और उन्होंने सीधे उसको वैयक्तिक सहायक पर पदोन्नति देकर, जो 1984 से एक पद खाली था। आखिर उनका ऐसा क्या प्रेम था? सिर्फ एक व्यक्ति को ही लगातार उन्होंने दो प्रोन्नति दे दी! 2800 ग्रेड पे से सीधे 4600 के पद पर लेकर आ गए!

​वहीं बतौर अध्यक्ष समिति के संसाधनों के दुरुपयोग और वित्तीय डकैती के आरोप लगाते हुए कहा, वह बार-बार यह कहते हैं साहब कि वैयक्तिक सहायक को अपने साथ ले गए। जबकि मैंने14 महीने का मेरा कार्यकाल है, मैंने एक भी बद्री-केदार मंदिर समिति का स्टाफ अपने साथ में नहीं रखा हुआ है। और इस बार की जो यात्रा वह ऐतिहासिक यात्रा रही है। इतनी अधिक संख्या में देश भर से तीर्थयात्री वहाँ पर आए। और मंदिर समिति के पास आप जानते हैं कि सीमित स्टाफ है। हमने निर्णय लिया कि सारा स्टाफ फील्ड में काम करेगा। कोई मेरे पास एक स्टाफ नहीं रहता है। जो आज यह बात कह रहे हैं, 10-10 लोगों का स्टाफ उनके घरों में, उनके विद्यालय में, उनके राजनीतिक फील्ड में हमेशा रहा है। उन्होंने किस तरह से मंदिर समिति का दुरुपयोग किया, किस तरह से लूटपाट मचाई, उसके प्रमाण पुख्ता हैं। 2025 में, यह कमिश्नर, तत्कालीन कमिश्नर सुशील कुमार की जांच रिपोर्ट में वह सारी चीजें यहाँ पर आई हुई हैं। गोदियाल कहते हैं कि श्मैं ₹1 भी नहीं लेता हूँ जबकि वे विधानसभा में सदस्य थे? विधायक की तनख्वाह वहाँ से लेते थे और सारा लाभ संसाधन करोड़ों रुपए का आपने बद्री-केदार मंदिर समिति से लिया था। थे!

​आरोप लगाते हुए कहा, उन्होंने अपने उस 5 साल के कार्यकाल में अधीनस्थ मंदिरों में, धर्मशालाओं मेंकृ27 धर्मशालाएं हैं हमारी, 7 हमारे संस्कृत विद्यालय हैंकृउन पर कहीं पर भी उन्होंने ₹1 भी खर्च नहीं किया। और लाखों-करोड़ों रुपया बाहर खर्च किया। इससे भी ज्यादा देखिए कि मंदिर समिति के उन्होंने जो बजट था, उसमें साफ एक्ट में प्रावधान है, क्योंकि मंदिर की आय का स्रोत दान के पैसों से, जो दानदाता हैं, उन दानदाताओं से ही मंदिर का खर्चा चलता है। लेकिन उन्होंने सारे एक्ट को, सारे नियम-कानूनों को धता बताते हुए, उन्होंने अपनी विधानसभा क्षेत्र के अंदर पैसा लगाया, उन्होंने जो अपना कॉलेज है वहाँ पर, उस कॉलेज के अंदर पैसा लगाया। उन्होंने विवेकाधीन कोष जैसे ही मंदिर समिति के धन का दुरुपयोग किया। वह चोरी की बात कर रहे हैं, चंदा चोरी? उन्होंने तो डकैती मचाई। उस चंदा डकैत ने जैसे विवेकाधीन कोष से पैसा बांटा जाता है, व्यक्तिगत लोगों को उन्होंने कई लोगों को अपनी विधानसभा के अंदर 25,000, 50,000, 1 लाख, 2 लाख, 5 लाख दिया। उन्होंने ऐसा पैसा लुटाया है और आज वह यह दुहाई देते हैं कि चंदा चोरी! चंदा चोरी!

​जबकि यह घटना हमारे संज्ञान में आई, तत्काल कठोर कार्रवाई करते हुए शो-कॉज नोटिस जारी किए, जांच समिति बना दी। माननीय मुख्यमंत्री जी के निर्देश पर तत्काल उन्होंने इसकी गंभीरता को देखते हुए इस पर। इसका संज्ञान लिया और उसके बाद उन्होंने इस पर उच्च स्तरीय कमेटी बना दी और जांच आज भी गतिमान है। लगातार उसमें जो है कि जो भी इसमें संलिप्त होंगे, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई हो रही है, वह जेल जा रहे हैं। लेकिन वह किस तरह से इसका राजनीतिकरण कर रहे हैं और किस तरह से लोगों को वह दिग्भ्रमित कर रहे हैं?

अभी हाल ही में परसों देखिए आप, उनकी तो संवेदनाएं मर चुकी हैं। उनके अंदर ना संवेदनाएं हैं, ना मर्यादाएं हैं। आज जिस बिटिया ने आत्महत्या की थी, उसकी फोटो लगी है उस मंच में, उसके पिताजी उस मंच पर खड़े हैं। और उसी दिन शाम को जो है कि एक कांग्रेस कार्यकर्ता की जो है कि वहाँ पर जो है कि मृत्यु हो जाती है, एक दुर्घटना घट जाती है। और देखिए वह किस प्रकार से डांस कर रहे हैं! किस प्रकार से वह नाच रहे हैं वहाँ पर! कुछ तो शर्म करे कांग्रेसी। जो वहां डांस कर रहे हैं उनकी संवेदनाएं खत्म हो गई थी और अब पोल खुल गई तो भ्रमित करने के लिए, इस मुद्दे को भटकाने के लिए, मर्यादा की बात करते हैं उनका कार्यकर्ता, वह किस तरह से उसने अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया है और किस तरह से उसने सोशल मीडिया पर महिलाओं के खिलाफ उन्होंने किस तरह का किस तरह की बातें कही हैं।आपको तो किसी पर भरोसा ही नहीं! देश के निर्वाचन आयोग पर भरोसा नहीं है, देश की सीबीआई पर भरोसा नहीं है, देश की किसी जांच एजेंसी पर आपको भरोसा नहीं है। फिलहाल जांच होने दीजिए, जांच आने दीजिए, दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।

इस दौरान पत्रकार वार्ता में प्रदेश सह मीडिया प्रभारी राजेंद्र नेगी, प्रदेश प्रवक्ता मथुरा दत्त जोशी एवं मीडिया संपर्क संयोजक हरीश चमोली भी मौजूद थे।

गढ़वाल कुमायूं क्षेत्रवाद के आरोपों का धामी ने दिया करारा जबाव

चंद्रापुरी। केदारनाथ उपचुनाव के मद्देनजर चंद्रापुरी में आयोजित भारतीय जनता पार्टी के अनुसूचित जाति सम्मेलन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपने भाषण के दौरान पूरी रौ में नजर आए। तकरीबन आधा घंटे के भाषण में उन्होंने केदारनाथ क्षेत्र के लिए न सिर्फ अपनी और केंद्र सरकार की उपलब्धियां गिनाईं बल्कि मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के आरोपों का दो टूक जवाब भी दिया। क्षेत्रवाद (गढ़वाल-कुमाऊं), केदारनाथ की यात्रा को कैंचीधाम की ओर मोड़े जाने और केदारनाथ मंदिर से दिल्ली शिला ले जाने के आरोपों का सिलसिलेवार जवाब भी दिया। उन्होंने बाबा केदार की सौगंध खाकर कहा कि उन्होंने कभी ऐसा नहीं किया। धामी ने पूरा खम ठोककर अपनी बात कही और तमाम मसलों को लेकर कांग्रेस के नेताओं का नाम लेकर उनको कठघरे में खड़ा किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धानी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के पास चुनाव लड़ने के लिए कोई मुद्दे नहीं हैं। कांग्रेस के नेता मुझ पर झूठे आरोप लगाते हुए अफवाह फैला रहे हैं। यह सही है कि उत्तराखण्ड के प्रवासी कुछ भाइयों के आग्रह पर में दिल्ली में केदारनाथ मंदिर के शिलान्यास समारोह में गया था। बाद में जब मुझे पता चला तो मैने तत्काल कैबिनेट बुलाकर चारधाम के नाम से कोई मंदिर न बनाए जाने को लेकर कड़ा कानून बनवाया। लेकिन हरीश रावत और गणेश गोदियाल जवाब दें कि क्या उनके कार्यकाल में उन्होंने मुंबई में बदरीनाथ मंदिर का शिलान्यास किया या नहीं ? उन्होंने क्यों नहीं चारधाम के नाम का इस्तेमाल को लेकर कानून क्यों नहीं बनाया ?

धामी ने कहा कि जब भी राज्य में कोई दैवीय आपदा आती है तो वह तत्काल ग्राउंड जीरो पर पहुंचते हैं। बीते 31 जुलाई को जब केदारनाथ में आपदा आई थी तो सूचना मिलते ही दिन के 12 बजे वह प्रभावितों के बीच पहुंच गए थे। कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज और कुछ विधायकों के साथ मौके पर मौजूद रहकर उन्होंने पूरे सरकारी तंत्र को बचाव और राहत कार्य में झोंक दिया। 16 हजार से ज्यादा यात्रियों को बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। लेकिन क्या कांग्रेस के साथी इस बात का जवाब देंगे कि 2013/14 की आपदा के वक्त उनकी सरकार ने प्रभावितों को उनके हाल पर क्यों छोड़ दिया था ? उनके शहजादे भी विदेश दौरे पर निकल गए थे।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि कोई भी यात्रा जब चारधाम के दर्शन करने आते हैं तो एक साल या छह माह पूर्व अपना कार्यक्रम बना लेता है, ऐसे में कोई उनकी यात्रा की डायवर्ट कर सकता है। यह सिर्फ कांग्रेस का प्रोपेगैंडा है। यहां केदारघाटी के लोग भोले भाले जरूर हैं लेकिन जागरूक हैं, वो कांग्रेस के बईमान नेताओं के कहने पर बंटेंगे नहीं एकजुट रहेंगे। धामी ने कहा कि समाज को बांटने वाली कांग्रेस ने अनुसूचित जाति के भाइयों के लिए कभी कुछ नहीं किया, ऐसी कांग्रेस को जड़ से उखाड़ फेंकने का वक्त आ गया है।

भाजपा नेता जुगरान ने कहा, मुंबईवासी है गोदियाल, कर रहे भ्रामक प्रचार

भाजपा ने रेबासी मुद्दे पर फैलाए जा रहे भ्रम पर पलटवार करते हुए कांग्रेस प्रत्याशी गोदियाल को मुंबईवासी ठहराया है। पार्टी नेता एवं पूर्व दायित्वधारी रविंद्र जुगरान ने उनके द्वारा नामांकन में दी गई जानकारी का हवाला देते हुए कहा, व्यवसाय, घर, शिक्षा, गाड़ी एवं परिवार समेत लगभग सभी जानकारियां उनके बाहरी होने का सबूत देती है और वे दूसरों पर झूठा आरोप लगा रहे हैं। 2003 में देवभूमि आने वाले मुद्दाविहीन और विचारहीन कांग्रेस उम्मीदवार, अब दूसरों को रैबासी, प्रवासी का प्रमाणपत्र बांट रहे हैं।

प्रदेश मीडिया सेंटर में हुई पत्रकार वार्ता में जुगरान कांग्रेस के पौड़ी प्रत्याशी गणेश गोदियाल पर नामांकन के दौरान दिए हलफनामा के आधार पर बाहरी होने का कटाक्ष किया है। उन्होंने अफसोस जताते हुए कहा, उनके द्वारा एवं कांग्रेस पार्टी द्वारा लगातार सोशल मीडिया एवं अन्य माध्यमों से भाजपा प्रत्याशी को लेकर झूठे एवं अनर्गल आरोप लगाए जा रहे हैं। जबकि स्वयं गोदियाल के चुनाव आयोग को दिए गए दस्तावेज बताते हैं कि उनकी तमाम संपत्ति महाराष्ट्र में है जिनके किराया एवं अन्य आय से उनका जीवन यापन होता है, इसी तरह उनका व्यापार महाराष्ट्र में है, उनकी शिक्षा महाराष्ट्र के पुणे में हुई, उनके पास जो गाड़ियां हैं वह भी मुंबई की ही है और उनका परिवार भी वहीं रहता है। इसके अतिरिक्त जो भी इनकम टैक्स या अन्य नोटिस उन्हें मिले हैं वे सभी महाराष्ट्र में चल रहे उनके उद्योगों से संबंधित हैं। उन्होंने मीडिया के सम्मुख आयोग को दिए दस्तावेजों को प्रस्तुत करते हुए कहा, मुंबई में पले बड़े, मुंबई में व्यवसाय करके आगे बढ़े, मुंबई में आज भी अपना जीवनयापन चला रहे इस व्यक्ति को रेबासी या प्रवासी शब्द से चिढ़ क्यों है। उनका यह भेदभाव आधारित दुष्राचार दिल्ली एवं अन्य स्थानों पर रह रहे प्रवासियों का भी सरासर अपमान है।

उन्होंने तंज किया कि जिनका राज्य निर्माण से पहले तक उत्तराखंड से कोई लेना-देना नहीं था और उस समय ठीक चुनाव के समय वे यहां आए थे। हैरानी है कि वही मुंबईवासी अब यहां आने के बाद औरों को निवासी, प्रवासी होने का सर्टिफिकेट बांट रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उनके प्रत्याशी मुद्दाविहीन, विचारहीन हैं, साथ ही विकास के मुद्दे पर जनता के बीच जाने का उनमें नैतिक साहस नहीं है। यही वजह है कि शीशे के घर में रहने के बावजूद भी वह दूसरों के घरों पर बाहर से पत्थर फेंकने को आमादा हैं। लेकिन गढ़वाल की महान और स्वाभिमानी जनता जानती है कि कौन उनके सुख दुख में साथ रहता है, कौन उनके स्वाभिमान की चिंता करता है, कौन उनके क्षेत्र के विकास के लिए लगातार काम करता आ रहा है, कौन उनकी आवाज बनकर संसद में उनके मुद्दों की बुलंद पैरवी कर सकता है ?

पत्रकार वार्ता के दौरान प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान, सह मीडिया प्रभारी राजेंद्र नेगी, राजीव तलवार प्रदेश प्रवक्ता सुनीता विद्यार्थी, हनी पाठक प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

तीर्थनगरी में निकाली गई भारत जोड़ो तिरंगा यात्रा

भाजपा की हर घर तिरंगा यात्रा के विपरीत कांग्रेस ने तीर्थनगरी में भारत जोड़ो तिरंगा यात्रा निकाली। अच्छी बात यह रही कि दोनों ही पार्टियों के अभियान अलग-अलग हैं, मगर सभी का मकसद तिरंगे का सम्मान है।

आज भारत जोड़ो तिरंगा यात्रा पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने किया। यात्रा गांधी स्तम्भ त्रिवेणी घाट से प्रारम्भ होकर नगर के मुख्य मार्गों से होकर हरिद्वार मार्ग पर शान्ति फार्म पर सम्पन्न हुई।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि आज देश की आज़ादी के 75 वर्ष पूर्ण होने पर पूरे देश में भारत जोड़ो तिरंगा यात्रा के माध्यम के देश को एकता और अखंडता का संदेश देने का काम कांग्रेस कर रही है। वहीं दूसरी ओर भाजपा के लोग हर घर तिरंगा कार्यक्रम कर देश भक्त होने का दिखावा कर रहे हैं देश की आज़ादी से कई वर्षों तक भाजपा व आरएसएस के लोगों कभी भी अपने कार्यालयों पर तिरंगा नहीं फहराया और आज आगामी चुनाव को देखते हुऐ दिखावा करने का ढोंग कर रहे हैं।

ज़िलाध्यक्ष अश्वनी बहुगुणा ने कहा कि मंहगाई, भ्रष्टाचार, जीएसटी सहित आज देश को जाति व धर्म को बाँटने का जो काम भाजपा सरकार कर रही है उसी के तहत भारत में सभी को जोड़ने सहित मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाकर जागरूक करने का काम किया है।

कांग्रेस पूर्व विधायक प्रत्याशी व अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य जयेन्द्र रमोला व नगर कार्यकारी अध्यक्ष सुधीर राय ने कहा कि आज इस यात्रा की शुरूआत के माध्यम से जन जन को देश में केन्द्र सरकार द्वारा हो रही मनमानी जिसमें देश की धरोहरों को केन्द्र सरकार द्वारा लगातार बेचने का काम किया जा रहा उसके विषय में अवगत करवाना है।

कार्यक्रम में महानगर कांग्रेस अध्यक्ष महन्त विनय सारस्वत, प्रदेश महासचिव राजपाल खरोला, प्रदेश महासचिव राजेन्द्र भण्डारी, राजेश चमोली, प्रदेश सचिव शैलेंद्र बिष्ट, सुरेन्द्र रांगढ, सेवादल के प्रदेश उपाध्यक्ष नीरज त्यागी, जिला उपाध्यक्ष चंदन सिंह पंवार, पार्षद नेता प्रतिपक्ष मनीष शर्मा, पार्षद राकेश सिंह, प्रदेश सचिव विजय पाल सिंह रावत, प्रदेश सचिव मनोज गुसाईं, प्रदेश सचिव लल्लन राजभर, ललित मोहन मिश्रा, रवि कुमार जैन, विवेक तिवारी, पार्षद पुष्पा मिश्रा, मधु मिश्रा, पार्षद जगत सिंह नेगी, पार्षद भगवान सिंह पंवार, पार्षद राधा रमोला, पार्षद शकुंतला शर्मा, यूंका अध्यक्ष जितेंद्र पाल पाठी, मदन शर्मा, सरोज देवराडी, धर्मेन्द्र गुलियाल, चन्द्रकान्ता जोशी, मनीष जाटव, परमेश्वर राजभर, उमा ओबरॉय, मधु जोशी, नवीन प्रसाद भट्ट, इमरान सैफी, राजेश सिंह, सतीश शर्मा, अमित पाल, ममता रमोला, हरी राम वर्मा, चंद्र कांता जोशी, राज कुमार बतालिया, राम मूर्ति, सिंह राज पोशवाल, विकास केवट, किशोर गौर, राहुल रावत, प्यारे लाल जुगरान, अभिनव सिंह, विस्वास गोयल, कार्यालय प्रभारी अशोक शर्मा, प्रवीन पुरोहित, आशा मनोरमा डोबरियाल, शशिशरण, देवेन्द्र बैलवाल, हीरा पोखरियाल, विकास, शिवम् प्रजापति, हिमांशु जाटव, आदित्य झा, गौरव राणा, जतिन जाटव, मुकेश जाटव, अलका क्षेत्री, दीपा चमोली, मंजु क्षेत्री, अनुपमा क्षेत्री, रक़म पोखरियाल, जगजीत सिंह जग्गी, विकास कुमार, सुनील शर्मा, अंकित मौर्य, दिनेश चंदोला, पद्म सिंह, महेन्द्र भट्ट, देवी प्रसाद व्यास, भगवती सेमवाल, राजेन्द्र गैरोला, अभिषेक शर्मा, रेणु नेगी, सरोजिनी थपलियाल, वेद प्रकाश शर्मा, गोकुल रमोला, राकेश कंडियाल, ममता, करतार नेगी आदि मौजूद रहे।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोदियाल ने दिया इस्तीफा

विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने पद से इस्तीफा दे दिया है। इससे पहले कांग्रेस हाईकमान ने पांचों राज्यों के पार्टी अध्यक्षों को हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ने को कहा था। गोदियाल का कहना है कि वो कांग्रेस के सिपाही के तौर पर काम करते रहेंगे।

गणेश गोदियाल ने लिखा है कि प्रदेश में हुये विधानसभा चुनावों में पार्टी की हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए आज मैंने अपना इस्तीफा सौंप दिया है। मैं परिणाम के दिन ही इस्तीफा देना चाहता था पर हाईकमान के आदेश की प्रतीक्षा पर रुका था। आज दिल्ली पंहुच कर जैसे ही यह अवगत हुआ कि अन्य वह सभी राज्यों के जबावदेह पदाधिकारी, जहां चुनावों में आशातीत सफलता नहीं मिली, अपने पदों से इस्तीफा दे रहे हैं, मैंने भी अपना इस्तीफा सौंप दिया है। कांग्रेस के कार्यकर्ता के तौर पर संघर्ष करता रहूंगा।

अब ये देखना दिलचस्प होगा कि प्रदेश कांग्रेस की कमान किसको मिलती है, क्या पार्टी नए चेहरे के साथ जाएगी। नेता प्रतिपक्ष के लिए भी कांग्रेस में माथा पच्ची चल रही है।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने ली राज्य में हार की जिम्मेदारी

देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा चुनाव के परिणामों के सामने आने के बाद कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। कांग्रेस की झोली में 19 सीटें आई। जिसके बाद आज शनिवार को पत्रकारवार्ता कर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने विधानसभा चुनाव में मिली हार की जिम्मेदारी ली।
उन्होंने कहा कि पार्टी मंथन करेगी और हार की समीक्षा भी करेगी। शनिवार को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने राजधानी में पत्रकारवार्ता में कहा कि अगर हाईकमान कहेगा तो वह अपना पद छोड़ने को भी तैयार हैं। गणेश गोदियाल खुद भी पौड़ी की श्रीनगर सीट से बेहद कम मुकाबले में चुनाव हारे हैं।

विपक्ष ने सिर्फ प्रधानमंत्री के नाम पर वोट मांगे
उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता का आभार व्यक्त करता हूं। परिणाम हमारे पक्ष में नहीं आए, लेकिन हम मंथन करेंगे। सभी कार्यकर्ताओं ने पूरी मेहनत की है। उन्होंने कहा कि हम जनता के हितों के लिए हमेशा लड़ते रहेंगे। गोदियाल ने बताया कि मैंने पूरे प्रदेश में जब दौरा किया तो बेरोजगारी की बहुत बुरी स्थिति देखी। उसके बावजूद परिणाम ऐसे देखने को मिले। मैं खुद भी नहीं समझ पाया। इसलिए हम भी मंथन करेंगे कि क्या कारण रहे। उन्होंने कहा कि विपक्षी केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे पर वोट मांग रहे थे, लेकिन प्रधानमंत्री मुख्यमंत्री और विधायक की जगह नहीं आएंगे। विपक्ष को सरकार बनाने पर बधाई। फैसला हमारे पक्ष में नहीं आया, लेकिन हम राज्य के हित में काम करते रहेंगे।

गणेश गोदियाल ने सीएम से की मांग, बोले यूक्रेन में फंसे उत्तराखंड के वासियों की हो वापसी

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल नें मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर यूक्रेन में फंसे उत्तराखण्ड प्रदेश के विभिन्न जनपदों के लोगों की घर वापसी सुनिश्चत करने हेतु केन्द्र सरकार से विशेष विमानों की व्यवस्था करवाये जानें कि मांग की।

उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष के आदेश पर स्ट्रांग रूम के बाहर ईवीएम की सुरक्षा में तैनात कांग्रेस कार्यकर्ता

विधानसभा चुनाव के नतीजे तो 10 मार्च को आएंगे, मगर कांग्रेस को ईवीएम के साथ छेड़छाड़ की चिंता सता रही है। यहां तक की कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कार्यकर्ताओं को यहां तक आदेश तक दिया है कि ईवीएम मशीन की सुरक्षा में जुट जाएं। इसका असर अब दिखने भी लगा है स्ट्रांग रूम मे बाहर कांग्रेस के सिपाही अब तंबू लगाकर निगरानी करने में जुट गए है।

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के ईवीएम की सुरक्षा पर उठाए थे। पार्टी अध्यक्ष गणेश गोदियाल जिलाध्यक्षों और कार्यकर्ताओं से सर्तक रहने की अपील कर चुके हैं। निर्वाचन आयोग ने ईवीएम की सुरक्षा के मद्देनजर त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की है। इसके बावजूद भी कांग्रेस को ईवीएम से छेड़छाड़ का डर सता रही है। इसी कड़ी में कार्यकर्ता स्ट्रॉन्गरूम के बाहर डेरा डाले हुए हैं। रुद्रपुर से ऐसी तस्वीरें सामने आई हैं जहां कांग्रेस कार्यकर्ता ईवीएम की निगरानी के लिए तंबू लगाकर रह रहे हैं। खासतौर से कार्यकर्ता खटीमा विधानसभा के स्ट्रॉन्गरूम के बाहर कड़ा पहरा दे रहे हैं।

इसके लिए कार्यकर्ताओं की बकायदा शिफ्ट लगाई गई है। दिन में तीन शिफ्ट में कार्यकर्ता तंबू में रह रहे हैं। औऱ ईवीएम की निगरानी कर रहे हैं। यहां अपने मोबाइल लैपटॉप के जरिए जानकारी अपने आलाकमान को दे रहे हैं।

कांग्रेस डेलीगेशन ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मुलाकात कर मतपत्रों में गड़बड़ी की जताई आशंका


चुनाव के नतीजों से पहले कांग्रेस को ईवीएम के साथ साथ अब डाक मतों की गणना में भी गड़बड़ी का डर सता रहा है। इसी मुद्दे पर आज कांग्रेस के डेलिगेशन ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मुलाकात की औऱ ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस का आरोप है कि डाक मतपत्रों में गड़बड़ी हुई है।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने आरोप लगाते हुए कहा है कि वर्तमान विधानसभा चुनाव में निर्वाचन आयोग द्वारा दिव्यांग, 80 वर्ष से अधिक आयु वर्ग एवं अशक्तजनों की सुविधा हेतु मतपत्रों की छपाई कर ऐसे मतदाताओं के घर पर जाकर मतदान की व्यवस्था सुनिश्चित की गई थी। साथ ही जो शासकीय अधिकारी एवं कर्मचारी चुनाव ड्यूटी पर तैनात किये गये थे उन्हें भी डाक मतपत्रों के माध्यम से मतदान करने की सुविधा दी गई है। परन्तु पौडी गढ़वाल सहित कई अन्य जनपदों से यह सूचना आई है कि दिव्यांग, 80 वर्ष से अधिक आयु वर्ग एवं अशक्तजनों हेतु छपवाये गये मतपत्र उन मतदाताओं तक न पहुंचकर इन मत पत्रों का दुरूपयोग भाजपा के पक्ष में किया गया है। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी पौडी गढ़वाल से उनके द्वारा स्वयं कई बार वार्ता करने के उपरान्त भी कोई समाधान प्राप्त नहीं हो पाया।

गणेश गोदियाल ने यह भी आरोप लगाते हुए कहा कि मतदान ड्यूटी पर तैनात कर्मियों के डाक मतपत्रों के सम्बन्ध में भी यही शिकायत प्राप्त हुई है कि कई ऐसे कर्मचारियों, जिन्होंने डाक मतपत्र हेतु आवेदन किया है उन्हें डाक मतपत्र आवंटित नहीं किये गये हैं।

कांग्रेस प्रतिनिधिमण्डल ने निर्वाचन आयोग से इन मतपत्रों का दुरूपयोग रोकने हेतु जिलाधिकारी पौडी गढ़वाल के साथ-साथ अन्य सभी जिलाधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी करने की मांग की।

एक अन्य ज्ञापन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने निर्वाचन आयोग से शिकायत की कि हरिद्वार जनपद में होने वाले आगामी पंचायत चुनावों के मद्देनजर शासन स्तर से परिसीमन एवं आरक्षण की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश जारी किये गये हैं, जबकि प्रदेश में विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया अभी समाप्त नहीं हुई है तथा राज्य में विधानसभा चुनावों हेतु जारी आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू है।

भाजपा के खिलाफ हुंकार, केंद्र और प्रदेश सरकार को बताया जनविरोधी

तीर्थनगरी ऋषिकेश में कांग्रेस ने महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दे को लेकर पद यात्रा निकाली। कांग्रेसियों ने भाजपा के खिलाफ हुंकार भरते हुए केंद्र और प्रदेश सरकार को जनविरोधी करार दिया। मंगलवार को पदयात्रा रेलवे रोड स्थित कांग्रेस कार्यालय से पार्टी प्रदेशाध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में शुरू हुई। पदयात्रा कांग्रेस भवन रेलवे रोड से हरिद्वार रोड, चंद्रभागा पुल से होते हुए चंद्रेश्वरनगर में दुर्गा मंदिर चौक पर जाकर संपन्न हुई।
कांग्रेसियों ने भाजपा की केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ आक्रोश जताया। दुर्गा मंदिर चौक पर सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि देश और प्रदेश में पेट्रोल, डीजल से लेकर अन्य उपभोक्ता वस्तुओं के दाम आसमान छू रहे हैं, लेकिन केंद्र और प्रदेश की सरकार महंगाई को काबू नहीं कर रही है। जनविरोधी सरकार को जनता से सरोकार नहीं है। बेरोजगारी चरम पर है। पदों को भरने की घोषणा कर प्रदेश सरकार बेरोजगार युवाओं को छल रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस चुनाव में महंगाई और बेरोजगारी को मुद्दा बनाएगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से जनविरोधी सरकार को सत्ता से बाहर करने के लिए चुनावी तैयारी में जुटने का आह्वान किया।
वहीं, कांग्रेस के प्रदेश महासचिव राजपाल खरोला ने कहा कि ऋषिकेश विधानसभा में न डिग्री कालेज है, न युवाओं के लिए रोजगार का कोई साधन। गंगा के कटाव से किसानो की जमीने नदी में समा रही है। सडको में भ्रष्टाचार का जाल बिछा हुआ है जो हर दो महीने में टूटने लग जाती है। क्षेत्र की जनता त्रस्त है और क्षेत्रीय विधायक विधानसभा अध्यक्ष राजनीति में व्यस्त है। खरोला ने ऋषिकेश विधानसभा की जनता से अपील करते हुए कहा कि अगर ऋषिकेश विधानसभा को अपना हक चहिये जो उसे बहुत पहले मिल जाना चाहिए तो क्षेत्र की जनता को यह प्रण लेना होगा की आगामी विधानसभा चुनाव में अहंकारी भाजपा विधायक की जमानत जब्त कर कांग्रेस के प्रत्याशी को विधानसभा भेजेंगे ।
मौके पर प्रदेश सचिव मदनमोहन शर्मा, कांग्रेस महानगर अध्यक्ष विनय सारस्वत, कार्यकारी अध्यक्ष सुधीर राय, पूर्व मंत्री शूरवीर सिंह सजवाण, एआईसीसी सदस्य जयेंद्र रमोला, प्रदेश सचिव विजयपाल सिंह रावत, ब्लॉक अध्यक्ष श्यामपुर देवेंद्र रावत, देव पोखरियाल, सोहनलाल रतूड़ी, पार्षद मनीष शर्मा, राकेश मियां, भगवान सिंह पंवार, सत्येंद्र पंवार, रूकम पोखरियाल, सरोज देवराडी, राव शहीद अहमद आदि मौजूद रहे।