मुख्य सचिव ने ली कुम्भ मेला 2027 की तैयारियों को लेकर बैठक, आपत्तियों के निस्तारण को दिया 03 दिन का समय

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में कुम्भ मेला – 2027 की तैयारियों के सम्बन्ध में सम्बन्धित विभागों एवं अधिकारियों के साथ बैठक ली। सर्वप्रथम मुख्य सचिव ने कुम्भ मेले से संबंधित निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने विभिन्न निर्माण कार्यों के शासनादेश जारी ना होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए आपत्तियों का निराकरण कर अगले 3 दिनों में शासनादेश जारी किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि कुंभ मेले के लिए भूमि अधिग्रहण और भूमि आबंटन की प्रक्रिया तत्काल शुरू कर ली जाए। उन्होंने कहा कि विभागों और संस्थानों को आबंटित होने वाली भूमि को 30 जून तक आबंटित कर दिया जाए। उन्होंने आयुक्त गढ़वाल को भूमि अधिग्रहण एवं आवंटन प्रक्रिया कुम्भ मास्टर प्लान में शामिल किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि निर्माणदायी संस्थाओं द्वारा मेला क्षेत्र के अंतर्गत अपने कार्यालयों को मजबूत किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने सभी आवश्यक तैनातियां शीघ्र से शीघ्र सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने अनिवार्य रूप से कराये जाने वाले अस्थायी प्रकृति के कार्यों को भी प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र से शीघ्र शुरू किए जाने की बात कही।

मुख्य सचिव ने कुम्भ मेला क्षेत्र के लिए रेलवे एवं सड़क मार्ग यातायात प्लान तैयार कर फाईनल किए जाने हेतु मेलाधिकारी कुम्भ, आईजी कुम्भ और डीआरएम मुरादाबाद को शीघ्र बैठक कर सभी बुनियादी आवश्यकताएं सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हरिद्वार, नजीबाबाद और मैंगलोर की ओर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए एनएचएआई एवं लोक निर्माण विभाग के स्तर से होने वाले स्पर्र और जंक्शंस का निर्माण और मरम्मत कार्य शीघ्र पूर्ण कराया लिया जाए। उन्होंने कुम्भ क्षेत्र के आसपास के जनपदों में भी ट्रैफिक प्लान और पार्किंग सुविधाओं का विस्तार किए जाने के निर्देश जिलाधिकारियों को दिए।

मुख्य सचिव ने आकस्मिक यातायात प्लान भी तैयार रखे जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रवेश करने वाले स्थानों पर भी पार्किंग, रुकने, खाने एवं शौचालयों की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। कुम्भ मेला क्षेत्र में चिह्नित पार्किंग स्थलों में भी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

मुख्य सचिव ने पूरे कुम्भ क्षेत्र के लिए सैनिटेशन का डेडिकेटेड प्लान तैयार किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कुम्भ मेले के दौरान देश विदेश से लाखों-करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु सम्मिलित होते हैं। इस लिए कुम्भ क्षेत्र में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखे जाने के लिए विशेष सैनिटेशन प्लान शीघ्र तैयार किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने उपयुक्त मात्रा में पर्यटक सूचना केंद्रों की स्थापना किए जाने पर भी जोर दिया, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा ना हो और समय पर उचित जानकारी मिल सके।

मुख्य सचिव ने कुम्भ मेला के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश की विभिन्न लोक कलाओं के निपुण कलाकारों को इससे अपनी संस्कृति देश विदेश तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की अत्यधिक भीड़ के कारण महत्त्वपूर्ण दिवसों को छोड़कर प्रत्येक दिवस ऐसे पौराणिक, ऐतिहासिक एवं लोक संस्कृति से जुड़े कार्यक्रमों का आयोजन किया जाए।

इस अवसर पर सचिव नितेश कुमार झा, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, बृजेश कुमार संत, विनय शंकर पाण्डेय, श्रीधर बाबू अद्दांकी, रणवीर सिंह चौहान, मेलाधिकारी सोनिका, आईजी कुम्भ योगेन्द्र सिंह रावत एवं रेलवे डिवीजन मुरादाबाद से वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

स्थाई प्रकृति के कार्य अक्टूबर 2020 तक पूर्ण कर लिये जाएंः मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सचिवालय में नगर विकास मंत्री मदन कौशिक के साथ 2021 में हरिद्वार में होने वाले महाकुंभ की तैयारियों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ के कार्यों में तेजी लाने के लिए जल्द ही स्थाई मेला अधिकारी व मेला पुलिस अधिकारी की नियुक्ति की जायेगी। कुंभ में होने वाले स्थाई कार्यों की जल्द स्वीकृति दी जायेगी। उन्होंने कहा कि अक्ूटबर 2020 तक स्थाई प्रकृति के सभी कार्य पूर्ण कर लिये जाय। कार्यों की गुणवत्ता व पारदर्शिता का पूरा ध्यान रखा जाय। महाकुंभ को सुविधाजनक बनाने व भीड़ प्रबंधन में सहयोग के लिए आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर विशेष ध्यान दिया जाय। बुजुर्ग श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाय।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिद्वार महाकुम्भ के लिए लोगो (प्रतीक चिन्ह) व स्लोगन के लिए जनता के सुझाव आमंत्रित किये जाय। इसके लिए पुरस्कार राशि का प्राविधान किया जाय। कुंभ क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधा, पेयजल, टॉयलेट, सफाई आदि की व्यवस्था के लिए सुनियोजित प्लानिंग करने के लिए कहा। सकुशल कुंभ कराने व कार्यों की निरंतर निगरानी के लिए एक उच्च स्तरीय कमेटी बनायी जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ के दौरान हरिद्वार में भीड़ प्रबंधन कैसे हो इसके समाधान के लिए जिलाधिकारी, पुलिस के अधिकारी व रेलवे के अधिकारी आपसी समन्वय कर सुनियोजित कार्ययोजना बनाये। मुख्यमंत्री ने कहा कि बैरागी कैम्प व अन्य पार्किंग स्थलों पर अतिक्रमण न हो इसका विशेष ध्यान रखा जाय। अति महत्वपूर्ण प्रकृति के कार्यों को शीर्ष प्राथमिकता दी जाय। मेला क्षेत्र में स्नान घाटों का विस्तार करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि अखाड़ों की सुविधा का पूरा ध्यान रखा जाय।
शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि स्नान पर्वों पर करोड़ों श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए आते हैं, इसलिए मेला क्षेत्र में स्नान घाटों का विस्तार करना अति आवश्यक है। जटवाड़ा पुल से हरकी पैड़ी तक घाटों का विस्तार करना जरूरी है। मेले के दौरान हिल बाईपास को खोले रखने के लिए प्रयासों की जरूरत है। उन्होंने कहा कि मेडिकल कैंप के लिए पहले से ही स्थान चयन कर लिये जाय।
पुलिस महानिदेशक अनिल रतूड़ी ने बताया कि कुंभ मेले में 20 हजार से अधिक सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जायेगी। आग एवं भगदड़ की घटनाओं को रोकने के लिये विशेष कार्ययोजना बनाई जायेगी। कुंभ मेले में करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु आते है ऐसे में भीड़ प्रबन्धन और सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टि से हर सम्भव प्रयास किये जायेंगे। उन्होंने कहा श्रद्धालुओं को स्नान के लिए आने व जाने के मार्गों के लिए पूरी प्लानिंग की जायेगी।
जिलाधिकारी/मेलाधिकारी हरिद्वार दीपक रावत ने कहा कि कुंभ के दौरान भीड़ प्रबंधन के लिए हरिद्वार में रेलवे ट्रेक डबल 27 किमी होना है। जिसमें से 17 किमी पूर्ण हो चुका है। उन्होंने कहा कि एनएच कार्य जल्द पूर्ण होने पर कुंभ के दौरान श्रद्वालुओं के लिए काफी सुविधा हो जायेगी। जिलाधिकारी दीपक रावत ने कुंभ के लिए किये जा रहे कार्यों व आवश्यकताओं पर विस्तार से प्रस्तुतीकरण दिया। बैठक में अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश, प्रमुख सचिव आनन्द वर्द्धन, सचिव डॉ. भूपेन्दर कौर औलख, शैलेश बगोली, अरविन्द सिंह ह्यांकी, गढ़वाल कमिश्नर बीवीआरसी पुरूषोत्तम, आईजी संजय गुंज्याल आदि उपस्थित थे।

विशेष संयोग में लाभ उठानें के लिए करें यह काम!

इस बार 3 जून को शनि जयंती और ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की सोमवती अमावस्या एक साथ मनाई जाएगी। इसके साथ ही वट सावित्री का व्रत भी रखा जाएगा। ज्योतिषविदों के मुताबिक इस बार की शनि जयंती लोगों के लिए खास रहेगी। इसके साथ ही एक में दिन तीन शुभ आयोजन होने के चलते इसका महत्व कई गुणा बढ़ जाता है।

ऐसा संयोग 149 वर्ष बाद बनने जा रहा है। इससे पहले यह संयोग 30 मई 1870 को बना था। प्रमुख पंडितों का मानना है कि जिन राशियों में शनि की ढैय्या या साढ़ेसाती चल रही है। उनके लिए यह दिन विशेष रहेगा। साथ ही वह लोग इस विशेष संयोग के बीच भगवान शनि की पूजा कर लाभ उठा सकते है। शनि जयंती के दिन सर्वार्थसिद्धि योग बन रहा है। जिसका प्रभाव 24 घंटे तक रहेगा। इस दिन पूजा पाठ करने से विशेष प्रकार का फल मिलेगा।

शनि जयंती का महत्व
माना जाता है कि इस दिन सूर्य व छाया पुत्र शनि का जन्म हुआ था। सूर्य और चंद्रमा जब वृषभ राशि में होते हैं तो उस समय शनि जयंती मनाई जाती है। इस साल शनि धनु राशि में वक्री होकर गोचर हो रहे हैं। शनि के साथ केतू के गोचर का भी योग है।

न्याय के देवता शनि देव की पूजा
पंडित रामगोपाल ने बताया कि लोग शनिदेव जयंती पर उपवास भी रखते हैं। खासकर उपवास करने वालों को विधिवपूर्वक पूजा करनी चाहिए। पूजा करने के लिए साफ लकड़ी की चैकी पर काले रंग का कपड़ा बिछाकर उसके ऊपर शनिदेव की प्रतिमा को स्थापित करें। शनि देव को पंचामृत व इत्र से स्नान करवाने के बाद कुमकुम, काजल, अबीर, गुलाल अर्पित करें।

इसके बाद पूजा करने के दौरान भगवान शनि मंत्र की माला का जाप करना चाहिए। उन्होंने बताया कि शनि देव कर्मदाता व न्याय प्रिय देव हैं। जिस राशि में भगवान शनि का प्रवेश होता है। उसे धर्म व अध्यात्म की पालना करते हुए समाज में न्याय करना चाहिए। भगवान शनि देव अच्छे कर्म करने वालों को बेहतर और बुरे कर्म वालों की बुरे परिणाम देते हैं।

कब से है अमावस्या
दो जून को शाम 4 बजकर 39 मिनट से सोमवती अमावस्या शुरू हो जाएगी। जोकि तीन जून को दोपहर 3 बजकर 31 मिनट पर समाप्त होगी। सोमवती अमावस्या के दिन गंगा स्नान व दान करना शुभ माना जाता है। पिंडदान करने से घर और मन में शांति का वास होता है। कार्यक्षेत्र में भी फायदा मिलता है।
किस राशि कैसे बरतें सावधानी

मेष-पैसे निवेश करने से बचें व ड्राइविंग ध्यान से करें। जरूरतमंद को सरसों का तेल व नमक का दान करें।

वृषभ-शनि के ढैय्या का प्रभाव रहेगा। बेहतर आय के साधन बन सकते है। गुड़ व चने का दान करें।

मिथुन-समय समान्य रहेगा। भगवान शिव की आराधना करें व जरूरतमंदों को वस्त्र दान करें।

कर्क-कारोबार में वृद्धि की स्थिति है। विवाद निपटाने में सफलता। गोसेवा करें।

सिंह-विवाद से दूर रहे। पक्षियों को जल व पानी उपलब्ध करवाएं।

कन्या-नया काम शुरू करने से परहेज करें। चावल का दान करें।

तुला-कारोबार संभालकर करें। जरूरतमंद को भोजन व फल भेंट करें।

वृश्चिक-कारोबार व समाज मे ध्यानपूर्वक रहें। जरूरतमंद लोगों व पक्षियों की सेवा करें।

धनु-कारोबार में उन्नति व नौकरी में तरक्की की संभावना। असहाय लोगों की मदद करें।

मकर-शनि की साढ़ेसाती होने के चलते समझदारी से मुश्किलों का समाधान करे। पशु व पक्षियों की सेवा करें।

कुंभ-प्रतिभा बनी रहेगी। व्यापार में लाभ की संभावना। फल व मिठाइयों का दान करें।

मीन-कारोबार में सफलता व कार्यक्षेत्र में विस्तार की संभावना। फलों का दान करें।