सैनिक कभी पूर्व नहीं होता, वह जीवनभर सैनिक रहता है: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी में आयोजित ‘गौरव सेनानी मिलन एवं पूर्व सैनिक सम्मान समारोह’ में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में कुमाऊं मंडल के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं एवं सैनिक परिवारों ने प्रतिभाग किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व सैनिकों और वीरांगनाओं को नमन करते हुए कहा कि हमारे सैनिकों ने अपने जीवन का स्वर्णिम समय राष्ट्र की रक्षा और सेवा के लिए समर्पित किया है। उन्होंने अपने आज की चिंता किए बिना देश के सुरक्षित भविष्य के लिए अपना सर्वस्व समर्पित किया। सैनिक कभी पूर्व या भूतपूर्व नहीं होता, वह जीवनभर सैनिक रहता है। हमारे पूर्व सैनिक ‘भूतपूर्व’ नहीं बल्कि ‘अभूतपूर्व’ हैं। वे अपने अनुशासन, समर्पण, राष्ट्रभक्ति और अनुभव से समाज एवं राष्ट्र को निरंतर नई दिशा देने का कार्य करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्वयं एक सैनिक के पुत्र हैं, इसलिए सैनिक और उसके परिवार के त्याग, अनुशासन तथा संघर्ष को भली-भांति समझते हैं। उत्तराखण्ड देवभूमि के साथ वीरभूमि भी है। विक्टोरिया क्रॉस विजेता दरबान सिंह नेगी और गबर सिंह नेगी से लेकर जनरल बी.सी. जोशी और जनरल बिपिन रावत तक उत्तराखण्ड की इस पावन भूमि ने देश को अनेक वीर सपूत दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की रक्षा व्यवस्था और सैन्य सामर्थ्य में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। भारत रक्षा क्षेत्र में तेजी से आत्मनिर्भर बन रहा है। देश में स्वदेशी रक्षा उपकरणों का निर्माण बढ़ने के साथ ही भारत आज रक्षा उत्पादों का निर्यात भी कर रहा है। उन्होंने कहा कि नया भारत अपनी सीमाओं और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए पूरी दृढ़ता और सामर्थ्य के साथ निर्णय लेने में सक्षम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दशकों से लंबित ‘वन रैंक-वन पेंशन’ की मांग को पूरा कर पूर्व सैनिकों के हित में ऐतिहासिक निर्णय लिया। केंद्र और राज्य सरकार सैनिकों, पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं तथा उनके परिवारों के सम्मान और कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निरंतर कार्य कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने सैनिकों एवं उनके परिवारों के कल्याण के लिए अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। देहरादून के गुनियाल गांव में भव्य सैन्य धाम का निर्माण लगभग पूर्ण हो चुका है। यह सैन्य धाम उत्तराखण्ड के वीर सैनिकों के शौर्य, त्याग और बलिदान का प्रतीक बनने के साथ ही भावी पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद सैनिकों के आश्रितों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये किया गया है। परमवीर चक्र विजेताओं को दी जाने वाली एकमुश्त अनुदान राशि को 50 लाख रुपये से बढ़ाकर 2 करोड़ रुपये की गई है। बलिदानी सैनिक के परिवार के एक सदस्य को सरकारी सेवा में सेवायोजित करने की व्यवस्था के तहत आवेदन की समय-सीमा को दो वर्ष से बढ़ाकर पांच वर्ष किया गया है। राज्य के सेवारत एवं पूर्व सैनिकों को 25 लाख रुपये तक की अचल संपत्ति की खरीद पर स्टाम्प शुल्क में 25 प्रतिशत की छूट प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों, पूर्व सैनिकों एवं उनके परिजनों के हितों से जुड़े विषयों के त्वरित समाधान के लिए प्रतिबद्ध है।

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन नवीन ने कहा कि उत्तराखण्ड की धरती वीरों की भूमि है और यहां के सैनिकों ने देश की रक्षा में अतुलनीय योगदान दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय सेना आधुनिक और सशक्त हुई है तथा भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ा है। आज भारत रक्षा उपकरणों का निर्यात करने वाले देशों में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सदैव सैनिकों के बीच जाकर उनका मनोबल बढ़ाने का कार्य किया है। सीमावर्ती गांवों को देश का अंतिम गांव मानने की सोच को बदलकर उन्हें देश का प्रथम गांव मानते हुए उनके विकास को प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए उत्तराखण्ड सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की।

नितिन नवीन ने कहा कि देहरादून में बन रहा सैन्य धाम उत्तराखण्ड के वीर सैनिकों और शहीदों के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता का प्रतीक बनेगा। उन्होंने सैनिक कल्याण की दिशा में सीएम पुष्कर सिंह धामी द्वारा लिए गए निर्णयों की सराहना करते हुए कहा कि इन प्रयासों से भावी पीढ़ियों को भी देश के वीर सैनिकों के शौर्य और बलिदान से प्रेरणा मिलेगी।

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि राज्य सरकार पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं एवं सैनिक परिवारों के कल्याण के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। सैनिकों एवं उनके आश्रितों के कल्याण, शिक्षा, रोजगार और अन्य आवश्यक सुविधाओं के लिए विभिन्न योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। सैनिक कल्याण से जुड़े प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री धामी ने हल्द्वानी में व्यापारियों एवं उद्योग प्रतिनिधियों के साथ किया संवाद

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रीय खेल दिवस कार्यक्रम के उपरांत आईटीसी फॉर्च्यून, हल्द्वानी में आयोजित संवाद कार्यक्रम में कुमाऊं मंडल के व्यापारियों, उद्योग प्रतिनिधियों एवं विभिन्न व्यापार मंडलों के पदाधिकारियों से संवाद किया। मुख्यमंत्री ने व्यापारियों की समस्याओं, सुझावों एवं अपेक्षाओं को सुना और राज्य सरकार की ओर से उनके समाधान के लिए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

संवाद के दौरान व्यापारियों एवं उद्योग प्रतिनिधियों ने जीएसटी से संबंधित प्रक्रियाओं के सरलीकरण, मंडी शुल्क, अतिक्रमण एवं पार्किंग की समस्या, लीज नवीनीकरण, औद्योगिक क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं के विस्तार, स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने तथा युवा उद्यमियों को प्रोत्साहित करने सहित विभिन्न विषय मुख्यमंत्री के समक्ष रखे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यापारी और उद्योग प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। व्यापारी न केवल रोजगार सृजन करते हैं, बल्कि उत्पादन और उपभोक्ता के बीच महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में राज्य की अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करते हैं। छोटे दुकानदार से लेकर बड़े उद्यमी तक प्रत्येक व्यापारी प्रदेश की विकास यात्रा का महत्वपूर्ण भागीदार है। राज्य सरकार व्यापारियों एवं उद्यमियों के हितों के प्रति संवेदनशील है और उनके लिए सुरक्षित, पारदर्शी तथा सरल व्यावसायिक वातावरण तैयार करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड जैसे चुनौतीपूर्ण समय में भी प्रदेश के किराना एवं रिटेल व्यापारियों ने अपनी जान की परवाह किए बिना लोगों तक राशन एवं अन्य आवश्यक वस्तुएं पहुंचाईं। संकट के समय व्यापारी वर्ग ने समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन कर यह सिद्ध किया कि वह देश और प्रदेश का मजबूत स्तंभ है। उन्होंने कहा कि हमारे व्यापारी “ब्रांड इंडिया” के सच्चे राजदूत हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में देश में व्यापार, उद्यमिता और नवाचार के प्रति नया विश्वास पैदा हुआ है। प्रधानमंत्री का निरंतर प्रयास रहा है कि देश में ऐसा वातावरण तैयार हो, जिसमें सामान्य परिवार का युवा भी नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनने का सपना देख सके। केंद्र एवं राज्य सरकार इसी सोच के साथ युवाओं में उद्यमिता और स्वरोजगार को प्रोत्साहित कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को और अधिक सरल एवं प्रभावी बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। निवेशकों एवं उद्यमियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए “निवेश मित्र” की व्यवस्था की गई है और सिंगल विंडो सिस्टम को मजबूत किया गया है। वर्तमान में 26 प्रमुख विभागों की 206 से अधिक सेवाएं सिंगल विंडो पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन उपलब्ध हैं।

उन्होंने कहा कि इन्वेस्टर्स समिट के दौरान उद्योग जगत एवं व्यापारियों से प्राप्त सुझावों को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार ने 30 से अधिक नीतियां तैयार की हैं। इन नीतियों के निर्माण में उद्योग एवं व्यापार जगत के सुझावों को प्राथमिकता दी गई, जिसके सकारात्मक परिणाम प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के रूप में सामने आ रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश में 29 हजार से अधिक नई एमएसएमई इकाइयां स्थापित हुई हैं, जिनसे लगभग 1.27 लाख युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार मिला है। सरकार की सोच स्पष्ट है कि शासन उद्योगों के लिए बाधा नहीं, बल्कि सहयोगी और भागीदार बने। उद्योग बढ़ेंगे तो रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और रोजगार बढ़ने से उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के युवाओं को अपने विचारों, नवाचार एवं उद्यम के माध्यम से रोजगार देने वाला बनाने के उद्देश्य से उत्तराखंड स्टार्टअप नीति लागू की गई है। इसके साथ ही 200 करोड़ रुपये का वेंचर फंड भी स्थापित किया गया है। सरकार का प्रयास है कि पर्वतीय क्षेत्रों का युवा भी अपने गांव में रहकर देश और दुनिया के बाजार के लिए कारोबार खड़ा कर सके।

उन्होंने कहा कि प्रदेश का औद्योगिक विकास केवल मैदानी क्षेत्रों तक सीमित न रहे, इसके लिए पर्वतीय जनपदों में भी औद्योगिक गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए विशेष औद्योगिक पार्कों हेतु भूमि चिन्हित की गई है। छोटे उद्यमियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए हरिद्वार में फ्लैटेड फैक्ट्री विकसित की जा रही है तथा भविष्य में सेलाकुई और पंतनगर में भी इस प्रकार की सुविधाएं विकसित करने की योजना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि जहां प्रतिभा हो, वहीं अवसर उपलब्ध हों और जहां युवा हों, वहीं रोजगार के साधन विकसित किए जाएं। उत्तराखंड का विकास केवल बड़े उद्योगों से संभव नहीं है। गांवों में तैयार होने वाले उत्पाद, शिल्पकार, किसान, छोटे व्यापारी एवं स्थानीय उद्यमी भी प्रदेश की विकास यात्रा के महत्वपूर्ण भागीदार हैं।

उन्होंने कहा कि “वन डिस्ट्रिक्ट, टू प्रोडक्ट” जैसी पहलों के माध्यम से स्थानीय उत्पादों एवं पारंपरिक शिल्प को बड़े बाजारों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि “मेड इन उत्तराखंड” केवल प्रदेश के उत्पादों की पहचान न रहे, बल्कि गुणवत्ता और विश्वास के साथ वैश्विक बाजार में एक मजबूत ब्रांड के रूप में स्थापित हो। राज्य में फार्मा, हर्बल, आयुष, इंजीनियरिंग और ऑटो-कंपोनेंट जैसे क्षेत्र तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों के रूप में विकसित हुए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में व्यापार करने वाला प्रत्येक व्यक्ति राज्य की विकास यात्रा का भागीदार है। व्यापार की प्रगति में ही प्रदेश की प्रगति निहित है। जब व्यापारी का व्यवसाय बढ़ता है तो रोजगार के नए अवसर पैदा होते हैं और राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत होती है। इसलिए सरकार की प्राथमिकता है कि प्रत्येक व्यापारी को सुरक्षित वातावरण, पारदर्शी व्यवस्था, सरल प्रक्रियाएं और निवेश के बेहतर अवसर उपलब्ध हों।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार चाहती है कि उत्तराखंड का व्यापारी केवल प्रदेश के बाजार तक सीमित न रहे, बल्कि देश और दुनिया के बाजार में अपनी विशिष्ट पहचान बनाए। आज देश और उत्तराखंड तेजी से आगे बढ़ रहे हैं तथा व्यापार और उद्योग के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम सभी को मिलकर ऐसा उत्तराखंड बनाना है, जो अपनी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक शक्ति के साथ आर्थिक शक्ति का भी प्रमुख केंद्र बने, जहां युवाओं के हाथ में रोजगार, व्यापारियों के मन में विश्वास और उद्यमियों के सामने नए अवसर हों।

मुख्यमंत्री ने व्यापारियों एवं उद्योग प्रतिनिधियों से प्रदेश में निवेश एवं व्यापारिक गतिविधियों को और आगे बढ़ाने का आह्वान करते हुए कहा, “आप व्यापार बढ़ाइए, सरकार आपके साथ खड़ी है।” उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के अपने “विकल्प रहित संकल्प” के साथ निरंतर आगे बढ़ रही है। व्यापार एवं उद्योग जगत के सहयोग और सहभागिता से विकसित उत्तराखंड का संकल्प साकार होगा और उत्तराखंड विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

इस अवसर पर सांसद अजय भट्ट, मंत्री राम सिंह कैड़ा, दायित्वधारी नवीन लाल वर्मा, डॉ. अनिल कपूर ‘डब्बू’, शंकर कोरंगा, हुकुम सिंह कुंवर, व्यापार एवं उद्योग प्रतिनिधियों में कश्मीरी लाल गोयल, नीरज शारदा, राधेराम अग्रवाल, साकेत अग्रवाल, दीपक माहेश्वरी, गौरव गोयल सहित जीएसटी, उद्योग, सिडकुल एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन अपर सचिव मनमोहन मैनाली ने किया।

फेक नैरेटिव और भ्रामक सूचनाओं से सतर्क रहेंः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी में आयोजित “सोशल मीडिया मंथन विथ सीएम धामी” कार्यक्रम में प्रतिभाग कर सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर्स, कंटेंट क्रिएटर्स, डिजिटल वॉलेंटियर्स एवं युवाओ के साथ संवाद किया।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित युवाओं ने सोशल मीडिया, उत्तराखंड के विकास, रोजगार, संस्कृति, राष्ट्रवाद और युवाओं की भूमिका से जुड़े विभिन्न विषयों पर मुख्यमंत्री श्री धामी से सवाल पूछे, जिनका उन्होंने बेबाकी, स्पष्टता और आत्मीयता के साथ जवाब दिया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वर्तमान समय में सोशल मीडिया केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करने, सकारात्मक परिवर्तन लाने और राष्ट्र निर्माण में भागीदारी निभाने का एक प्रभावशाली प्लेटफॉर्म बन चुका है। उन्होंने कहा कि आज का युवा डिजिटल माध्यमों के जरिए अपनी बात पूरी दुनिया तक पहुंचाने की क्षमता रखता है और उत्तराखंड के युवाओं में अपार प्रतिभा मौजूद है।

मुख्यमंत्री धामी ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि सोशल मीडिया का उपयोग सकारात्मकता, सत्य और समाजहित के लिए किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि फेक नैरेटिव, भ्रामक सूचनाओं और समाज को बांटने वाली ताकतों से सतर्क रहने की आवश्यकता है। सोशल मीडिया पर जिम्मेदार व्यवहार और तथ्यपरक जानकारी साझा करना आज प्रत्येक युवा की जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोशल मीडिया को जनसंवाद का सशक्त माध्यम बनाया है और निरंतर युवाओं से सीधे संवाद स्थापित कर उन्हें राष्ट्र निर्माण में सहभागी बनने के लिए प्रेरित किया है। इसी भावना के साथ उत्तराखंड सरकार भी युवाओं को आगे बढ़ाने, रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने, स्टार्टअप, नवाचार, खेल, संस्कृति और पर्यटन के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने नकल विरोधी कानून, समान नागरिक संहिता, धर्मांतरण विरोधी कानून और सख्त भू-कानून जैसे ऐतिहासिक निर्णय लेकर युवाओं और प्रदेश के भविष्य को सुरक्षित करने का कार्य किया है। उत्तराखंड की संस्कृति, परंपरा और देवभूमि की पहचान को संरक्षित रखते हुए विकास के नए आयाम स्थापित किए जा रहे हैं।

कार्यक्रम के दौरान सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर्स और कंटेंट क्रिएटर्स ने अपने सुझाव एवं अनुभव भी साझा किए। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरकार युवाओं के सुझावों और सकारात्मक सहभागिता का सदैव स्वागत करती है तथा डिजिटल इंडिया के इस दौर में उत्तराखंड के युवा प्रदेश के ब्रांड एम्बेसडर बनकर दुनिया के सामने राज्य की सकारात्मक छवि प्रस्तुत करें।

इस अवसर पर सांसद अजय भट्ट, कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा, राम सिंह कैड़ा, विधायक सरिता आर्या, जिलाध्यक्ष भाजपा प्रताप सिंह बिष्ट, दायित्वधारी शंकर कोरंगा, महापौर गजराज सिंह बिष्ट, गोविंद सिंह समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

हल्द्वानी में वरिष्ठ नागरिक सम्मान आयोजित, सीएम धामी ने किया प्रतिभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज हल्द्वानी स्थित डॉ सुशीला तिवारी राजकीय मेडिकल कॉलेज प्रेक्षागृह में आयोजित वरिष्ठ नागरिक सम्मान एवं खेल समारोह-2026 में प्रतिभाग किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ नागरिकों को संबोधित करते हुए कहा कि समाज में बुजुर्गों का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है और उनका सम्मान ही किसी भी सभ्य समाज की पहचान है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठजन समाज और राष्ट्र की अमूल्य धरोहर हैं, जिनके अनुभव और मार्गदर्शन से समाज को सही दिशा मिलती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस परिवार और समाज में बुजुर्गों का सम्मान होता है, वहां सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है। उन्होंने वरिष्ठजनों को समाज की मजबूत जड़ों की संज्ञा देते हुए कहा कि उनका आशीर्वाद और मार्गदर्शन सामाजिक संरचना को सुदृढ़ बनाए रखता है।

उन्होंने समारोह में वरिष्ठ नागरिकों द्वारा वॉलीबॉल, फुटबॉल और बैडमिंटन जैसी प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि यह संदेश देता है कि उम्र केवल एक संख्या है और जीवन में ऊर्जा एवं उत्साह का कोई विकल्प नहीं है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, सुरक्षा और कल्याण को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने बताया कि विभिन्न योजनाओं जैसे अटल वयोअभ्युदय योजना, प्रधानमंत्री वय वंदना योजना और राष्ट्रीय वयोश्री योजना के माध्यम से वरिष्ठजनों के जीवन को सुरक्षित और गरिमामय बनाने का कार्य किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। वृद्धावस्था पेंशन योजना के अंतर्गत राज्य के लगभग 6 लाख वरिष्ठजनों को प्रतिमाह 1500 रुपये की पेंशन डीबीटी के माध्यम से प्रदान की जा रही है। साथ ही, पति-पत्नी दोनों को अलग-अलग पेंशन देने का निर्णय उनकी आर्थिक सुरक्षा को और सुदृढ़ कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि राज्य में वृद्धाश्रमों की व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। बागेश्वर, चमोली और उत्तरकाशी में राजकीय वृद्धाश्रम संचालित हैं, जबकि देहरादून, अल्मोड़ा और चम्पावत में नए भवनों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इसके अतिरिक्त, रुद्रपुर में एक आधुनिक मॉडल वृद्धाश्रम का निर्माण भी किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि अटल वयोअभ्युदय योजना के तहत वरिष्ठ नागरिकों के लिए पोषण, स्वास्थ्य सेवाएं और मनोरंजन की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही, राज्य में पहली बार जेरियाट्रिक केयर गिवर प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से मानव संसाधन तैयार किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय वयोश्री योजना के अंतर्गत वरिष्ठजनों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं तथा निशुल्क मोतियाबिंद सर्जरी की सुविधा भी दी जा रही है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष 1300 वरिष्ठ नागरिकों की निशुल्क सर्जरी का लक्ष्य रखा गया है।

उन्होंने यह भी कहा कि माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण अधिनियम को प्रभावी रूप से लागू किया गया है, जिसके तहत वरिष्ठ नागरिकों को अपने भरण-पोषण के लिए कानूनी अधिकार प्राप्त हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ नागरिकों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार उनके सम्मान, सुरक्षा और सुविधाओं के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है तथा उनके गरिमामय जीवन के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।

हल्द्वानी में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद नैनीताल के हल्द्वानी भ्रमण के दौरान रामपुर रोड स्थित पीएसपी मल्टी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल एवं रिसर्च सेंटर के शुभारंभ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।

इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अवसर केवल एक अस्पताल के उद्घाटन का नहीं, बल्कि दृढ़ निश्चय, संघर्ष और सेवा की प्रेरक यात्रा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि पीएसपी मल्टी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल एवं रिसर्च सेंटर का शुभारंभ समाज के प्रति समर्पित एक ऐसे परिवार की कहानी को दर्शाता है, जिसने अपने जीवन मूल्यों को कर्म के माध्यम से साकार किया है।

मुख्यमंत्री ने संस्थान के संस्थापक, जनपद बागेश्वर के गागरी गोल गांव से निकलकर स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करने वाले श्री जगदीश सिंह पिमोली को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि एक साधारण ग्रामीण परिवेश से प्रारंभ हुई उनकी यात्रा आज स्वास्थ्य सेवा के इस आधुनिक केंद्र तक पहुँची है, जो हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। श्री पिमोली का संघर्ष, परिश्रम और संकल्प आज उनकी सफलता की सच्ची मिसाल है। दूरस्थ गांव से आकर उन्होंने पहले व्यापार के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई और अब चिकित्सा क्षेत्र में प्रवेश कर मानव सेवा के इस पवित्र कार्य को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 250 बेड का यह आधुनिक मल्टी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं से सुसज्जित है। यह संस्थान भविष्य में चिकित्सा उत्कृष्टता के मानचित्र पर उत्तराखंड को और अधिक सशक्त बनाएगा।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने बताया कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रीय एचपीवी टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया गया है। यह अभियान बालिकाओं में सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के उद्देश्य से प्रारंभ किया गया है। उन्होंने कहा कि सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी हमारी बेटियों के जीवन के लिए बड़ा खतरा बनती जा रही थी। बेटियों को इस गंभीर रोग से सुरक्षित करने के संकल्प के साथ यह राष्ट्रव्यापी अभियान प्रारंभ किया गया है, जो आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित एवं स्वस्थ भविष्य प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को आमजन तक सुलभ और प्रभावी रूप से पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। प्रदेश में आयुष्मान उत्तराखंड योजना के अंतर्गत 61 लाख से अधिक नागरिकों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। निःशुल्क जांच योजना के तहत मरीजों को 207 प्रकार की पैथोलॉजिकल जांचें बिना किसी शुल्क के उपलब्ध कराई जा रही हैं।

उन्होंने बताया कि ऊधमसिंह नगर में एम्स के सैटेलाइट सेंटर का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जिससे क्षेत्र की बड़ी आबादी को उच्च स्तरीय चिकित्सा सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेंगी। ये सभी प्रयास प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को बेहतर, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के अपने “विकल्प रहित संकल्प” को सिद्धि तक पहुंचाने के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने होली गायन कार्यक्रम में भी प्रतिभाग किया तथा सभी प्रदेशवासियों को होली की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम में सांसद नैनीताल-ऊधमसिंह नगर अजय भट्ट, पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप सिंह बिष्ट, जिला पंचायत अध्यक्ष दीपा दरमवाल, विधायक लालकुआं मोहन सिंह बिष्ट, विधायक भीमताल राम सिंह कैड़ा, विधायक नैनीताल सरिता आर्या, विधायक कपकोट सुरेश गड़िया, मेयर हल्द्वानी गजराज सिंह बिष्ट, दायित्वधारी अनिल कपूर डब्बू, दिनेश आर्या, शंकर कोरंगा, नवीन लाल वर्मा सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

इसके अतिरिक्त कुमाऊँ आयुक्त दीपक रावत, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी, पीएसपी मल्टी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के संस्थापक जगदीश पिमोली एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।

थाल सेवा का यह आयोजन सामाजिक सहभागिता और जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता का प्रेरक उदाहरण: धामी

हल्द्वानी में आयोजित थाल सेवा कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सहभागिता करते हुए स्वयं थाल सेवक के रूप में जरूरतमंदों को भोजन परोसा। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि थाल सेवा केवल भोजन वितरण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि सच्ची जनसेवा और मानवीय संवेदनाओं की जीवंत मिसाल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हल्द्वानी स्थित सुशीला तिवारी अस्पताल में उपचार हेतु प्रदेश के दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों से आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों को इस सेवा से बड़ी राहत मिलती है। आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों के लिए यह पहल संबल का कार्य कर रही है तथा समाज में सेवा और सहयोग की भावना को मजबूत कर रही है।

उन्होंने थाल सेवा से जुड़े सभी स्वयंसेवकों के समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की सामाजिक पहलें समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती हैं और ‘सबका साथ, सबका विकास’ की भावना को साकार करती हैं।

टीम थाल सेवा के अध्यक्ष उमंग वासुदेवा ने बताया कि यह सेवा कई वर्षों से निरंतर संचालित की जा रही है, जिसका उद्देश्य जरूरतमंदों को सम्मानपूर्वक पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना है। उन्होंने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री श्री धामी द्वारा प्रत्येक माह एक दिन थाल सेवा के लिए सहयोग प्रदान किया जाता रहा है, जिससे इस अभियान को निरंतरता और मजबूती मिली है।

कार्यक्रम में टीम थाल सेवा के प्रतिनिधियों, जनप्रतिनिधियों एवं शहर के गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

थाल सेवा का यह आयोजन सामाजिक सहभागिता और जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता का प्रेरक उदाहरण बनकर उभरा है ।

दिव्यांगजन दिव्यांग नहीं, समाज के दिव्य अंग हैंः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विश्व दिव्यांगजन दिवस के अवसर पर समाज कल्याण विभाग द्वारा हल्द्वानी एमबीपीजी कॉलेज ऑडिटोरियम में राज्य स्तरीय दक्षता पुरस्कार वितरण समारोह में दिव्यांगजन प्रतिभागियों को पुरस्कार राशि, मेडल, प्रशस्ति पत्र एवं मानपत्र प्रदान किए।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने देहरादून में ₹905.13 लाख की लागत से बनने वाले आयुक्त दिव्यांगजन उत्तराखण्ड, उत्तराखण्ड बहुउद्देशीय वित्त एवं विकास निगम लिमिटेड तथा समाज कल्याण आईटी सेल के बहुउद्देशीय कार्यालय भवन का शिलान्यास तथा प्रधानमंत्री दिव्याशा केंद्र, नैनीताल (एलिम्को) का लोकार्पण किया।

मुख्यमंत्री ने सभी दिव्यांगजनों को विश्व दिव्यांग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह दिवस केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि उन असाधारण व्यक्तियों को सम्मान देने का अवसर है जिन्होंने चुनौतियों को अवसर और संघर्षों को प्रेरणा में बदलकर समाज को दिशा दी है। उन्होंने कहा कि “दिव्यांगता शरीर में हो सकती है, लेकिन सपनों में नहीं”, और आज हमारे दिव्यांग भाई-बहन प्रत्येक क्षेत्र में देश का गौरव बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन दिव्यांग नही समाज के दिव्य अंग है।

उन्होंने भारत के पहले पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता मुरलीकांत पेटकर, इंग्लिश चौनल पार करने वाले सत्येंद्र सिंह लोहिया तथा बिना हाथों के विश्व पैरा तीरंदाजी चौंपियन बनीं शीतल देवी जैसे प्रेरक उदाहरण साझा किए। मुख्यमंत्री ने हाल ही में भारत की दिव्यांग महिला क्रिकेट टीम द्वारा कोलंबो में टी-20 ब्लाइंड वूमेन वर्ल्ड कप-2025 जीतने पर भी गर्व व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज केन्द्र और राज्य सरकार दोनों दिव्यांगजनों को समान अवसर और गरिमामय जीवन प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। नए भवनों, अस्पतालों व बस अड्डों के निर्माण में दिव्यांगजन-अनुकूल व्यवस्थाएँ अनिवार्य की गई हैं। कई पुराने भवनों में भी सुगम्यता हेतु आवश्यक परिवर्तन किए गए हैं। साथ ही “कॉमन साइन लैंग्वेज” के प्रसार और दिव्यांगजन हितैषी स्टार्ट-अप्स को प्रोत्साहन भी सरकार की प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा आर्थिक रूप से कमजोर दिव्यांगजनों को ₹1500 मासिक पेंशन, दिव्यांग बच्चों के अभिभावकों को ₹700 मासिक भरण-पोषण अनुदान, तीलू रौतेली विशेष दिव्यांग पेंशन योजना व बौना पेंशन योजना के तहत ₹1200 मासिक पेंशन के साथ ही सरकारी नौकरियों में दिव्यांगजनों के लिए क्षैतिज आरक्षण 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 4 प्रतिशत किये जाने, दिव्यांग छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति तथा कृत्रिम अंगों हेतु ₹7000 अनुदान, दिव्यांग से विवाह करने पर ₹50,000 प्रोत्साहन राशि, दिव्यांग छात्रों के लिए सिविल सेवा परीक्षा की निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग सुविधा उपलब्ध कराते हुए जिला दिव्यांग पुनर्वास केन्द्रों के माध्यम से उन्हें सभी योजनाओं का एकीकृत लाभ प्रदान किया जा रहा है।

इसके साथ ही देहरादून स्थित आयुक्त दिव्यांगजन कार्यालय में ऑनलाइन सुनवाई की व्यवस्था तथा ऊधमसिंह नगर में मानसिक रूप से दिव्यांगों के लिए पुनर्वास गृह का निर्माण किया गया है। देहरादून में राज्य का पहला “प्रधानमंत्री दिव्यांशा केंद्र” भी प्रारंभ किया गया है। राज्य गठन के बाद पहली बार दिव्यांग सर्वेक्षण भी प्रारंभ किया गया है, जिससे दिव्यांगजनों की वास्तविक संख्या व आवश्यकताओं का सही आकलन हो सकेगा।

मुख्यमंत्री ने राज्य के “यंग इनोवेटिव माइंड्स” से अपील की कि वे अपने आविष्कारों में दिव्यांगजनों की जरूरतों को विशेष स्थान दें और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित तकनीक विकसित कर दिव्यांगजनों के जीवन को और सुगम बनाएं। उन्होंने अधिकारियों को ऐसे युवाओं को आवश्यक सहयोग प्रदान करने के निर्देश भी दिए।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री द्वारा 41 प्रतिभाशाली दिव्यांगजनों को ₹8000 की पुरस्कार राशि, मेडल, प्रशस्ति पत्र एवं मानपत्र प्रदान किए गए। मुख्यमंत्री ने सभी से व्यक्तिगत रूप से मिलकर उनका मनोबल भी बढ़ाया।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष दीपा दरमवाल, मेयर गजराज बिष्ट, विधायक बंशीधर भगत, सरिता आर्या, राम सिंह कैड़ा, दर्जा राज्यमंत्री सुरेश भट्ट, सचिव समाज कल्याण श्रीधर बाबू अदांगी, आईजी रिद्धिम अग्रवाल, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में दिव्यांगजन उपस्थित रहे।

हल्द्वानी में अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के आयोजन पर सीएम ने 17 करोड़ से अधिक की सहायता बांटी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज एम0बी0 इंटर कॉलेज, हल्द्वानी (जनपद नैनीताल) में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के उपलक्ष्य में भव्य सहकारिता मेले में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश की स्वयं सहायता समूहों और सहकारी समितियों को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पशुपालन एवं सब्जी उत्पादन में कार्यरत स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को मध्यकालीन दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता कल्याण योजना के तहत 16.97 करोड़ रुपये तथा एनआरएलएम स्वयं सहायता समूहों के अंतर्गत 75.50 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की। कार्यक्रम में उपस्थित जनसमुदाय ने गर्मजोशी से मुख्यमंत्री का स्वागत किया।

मेले के शुभारंभ पर संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष और राज्य स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर आयोजित यह मेला प्रदेश में सहकारिता आधारित अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करेगा। उन्होंने बताया कि ‘सहकारिता से पर्यटन विकास’ थीम पर आधारित इस सात दिवसीय मेले में प्रदेश की सहकारी समितियों, स्वयं सहायता समूहों और किसानों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों को मंच मिलेगा। साथ ही ईको-आतिथ्य, ईको-पर्यटन, होमस्टे प्रबंधन, स्थानीय व्यंजन, कृषि एवं फल उत्पाद संवर्धन जैसे विषयों पर विशेष कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह मेला स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और सहकारिता की भावना को जन-जन तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम बनेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सहकारिता मानव समाज का प्राचीन सिद्धांत है, जो सामूहिक प्रगति, सहयोग और एकता को बढ़ावा देता है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा वर्ष 2025 को “अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष” घोषित किया जाना सहकारिता की वैश्विक महत्ता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि देश में सहकारिता क्षेत्र को नई दिशा देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक अलग सहकारिता मंत्रालय का गठन किया गया है, जो केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में अभूतपूर्व कार्य कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तराखंड में सहकारिता को सशक्त बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा अनेक ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। प्रदेश में सहकारी समितियों के कंप्यूटरीकरण की शुरुआत पूरे देश में पहली बार उत्तराखंड से हुई और आज सभी 671 समितियाँ पूरी तरह डिजिटल प्रणाली से कार्यरत हैं। 24 समितियाँ जन औषधि केंद्रों के रूप में कार्य कर रही हैं तथा 640 समितियाँ कॉमन सर्विस सेंटर के रूप में विकसित की गई हैं, जहां ग्रामीण क्षेत्रों में बीमा, पेंशन, आधार तथा अन्य डिजिटल सेवाएँ उपलब्ध हो रही हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश की 5511 समितियों में से 3838 समितियों का डेटा राष्ट्रीय सहकारी डेटाबेस पर अपलोड किया जा चुका है, जिससे पारदर्शिता और दक्षता दोनों बढ़ी हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार ने फरवरी 2023 से अब तक 800 नई च्।ब्ै, 248 नई डेयरी समितियाँ और 116 मत्स्य समितियाँ गठित की हैं। मिलेट मिशन के अंतर्गत किसानों से मंडुवा की खरीद दर भी बढ़ाई गई है, जो इस वर्ष 48.86 रुपये प्रति किलो निर्धारित की गई है। उन्होंने बताया कि “दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना” के तहत किसानों व स्वयं सहायता समूहों को पशुपालन, दुग्ध व्यवसाय, मत्स्य पालन एवं फ्लोरीकल्चर जैसे कार्यों हेतु 5 लाख रुपये तक का ब्याज-मुक्त ऋण, तथा सहकारी समितियों के माध्यम से 1 लाख रुपये का ब्याज-मुक्त फसली ऋण प्रदान किया जा रहा है। प्रदेश के सहकारी बैंकिंग क्षेत्र में 16 हजार करोड़ रुपये से अधिक की जमापूंजी होना जनता के भरोसे का प्रमाण है।

कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की स्वयं सहायता समूहों की बहनें आर्थिक रूप से मजबूत हो रही हैं और यह गर्व का विषय है कि प्रदेश की 1 लाख 68 हजार से अधिक महिलाएँ आज “लखपति दीदी” बन चुकी हैं। उन्होंने कहा कि सहकारिता और पर्यटन आधारित आजीविका की दिशा में मेले में की जा रही पहलें स्थानीय समुदायों को नए अवसर प्रदान करेंगी।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री धामी ने हल्द्वानी क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों का विस्तृत उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि हल्द्वानी में योग एवं आयुष अस्पताल, अंबेडकर पार्क, ओपन जिम जैसे अनेक जनकल्याणकारी कार्य किए गए हैं। हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज में राजकीय कैंसर संस्थान का निर्माण तेज़ी से चल रहा है। उन्होंने कहा कि 792 करोड़ रुपये की रिंग रोड, हल्द्वानीदृलालकुआं बाईपास, नगर की सड़कों का सुधारीकरण, मल्टीस्टोरी पार्किंग निर्माण, वेस्ट मैनेजमेंट, लीगेसी वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट, पोलिनेटर पार्क और एस्ट्रो पार्क जैसे कार्य क्षेत्रीय विकास को नई ऊंचाई पर ले जाएंगे। इसके अतिरिक्त हल्द्वानी से विभिन्न जिलों तथा मुंबई के लिए रेल एवं हेलीकॉप्टर सेवाओं की शुरुआत कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की सांस्कृतिक पहचान और डेमोग्राफी की सुरक्षा के प्रति सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। प्रदेश में कठोर धर्मांतरण विरोधी एवं दंगा विरोधी कानून बनाए गए हैं। लैंड जिहाद, लव जिहाद जैसी अवैध गतिविधियों पर कड़ी कार्रवाई करते हुए 10 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि मुक्त कराई गई है, 250 अवैध मदरसों को सील किया गया है तथा मदरसा बोर्ड को समाप्त किया गया है। उन्होंने कहा कि “ऑपरेशन कालनेमि” के माध्यम से सनातन संस्कृति के विरुद्ध पाखंड फैलाने वालों पर कठोर कार्रवाई की जा रही है। राज्य में देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू होने से पिछले साढ़े चार वर्षों में 26 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है। भ्रष्टाचार के विरुद्ध “ज़ीरो टॉलरेंस” की नीति अपनाते हुए 200 से अधिक भ्रष्टाचारी जेल भेजे गए हैं।

मुख्यमंत्री ने अंत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्वदेशी उत्पादों के उपयोग के लिए किए गए आह्वान का समर्थन करते हुए कहा कि उत्तराखंड को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में जनसहभागिता सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने प्रदेशवासियों से स्वदेशी उत्पादों के प्रयोग को जन आंदोलन का रूप देने का आग्रह किया।

कार्यक्रम में सांसद अजय भट्ट, विधायक दीवान सिंह बिष्ट, राम सिंह कैड़ा, दर्जाधारी मंत्री सुरेश भट्ट, बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएँ एवं स्थानीय उत्पादक उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री धामी ने किया हल्द्वानी सिटी बस सेवा का शुभारंभ

हल्द्वानी शहर के आम नागरिकों के लिए मंगलवार का दिन नई राहत लेकर आया, जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी सिटी बस सेवा का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने सर्किट हाउस परिसर से हरी झंडी दिखाकर बसों को रवाना किया।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सिटी बस सेवा का शुभारंभ शहर के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस सेवा से नागरिकों को सस्ती, सुलभ और सुरक्षित परिवहन सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस पहल से शहर के यातायात दबाव में कमी आएगी, प्रदूषण घटेगा और ऊर्जा संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड के प्रत्येक नगर में आधुनिक, पर्यावरण अनुकूल और सुरक्षित परिवहन व्यवस्था विकसित करना है, ताकि आम जन को बेहतर आवागमन सुविधा उपलब्ध हो सके।

परिवहन विभाग के अधिकारियों ने जानकारी दी कि सिटी बस सेवा को चरणबद्ध तरीके से शहर के प्रमुख मार्गों पर प्रारंभ किया जाएगा, जिससे स्थानीय नागरिकों, विद्यार्थियों तथा नौकरीपेशा लोगों को अधिक सुविधा मिलेगी।

इस अवसर पर विधायक बंशीधर भगत (कालाढूंगी), राम सिंह कैड़ा (भीमताल), भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत, आईजी रिद्धिम अग्रवाल, मुख्य विकास अधिकारी अनामिका सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

हल्द्वानी में सीएम ने ली सोशल मीडिया पदाधिकारियों की बैठक

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी हल्द्वानी पहुंचे, जहां उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के सोशल मीडिया प्रभारी और संगठन पदाधिकारियों के साथ समन्वय बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए “स्वदेशी अपनाओ अभियान” को अधिक प्रभावी बनाने के लिए सोशल मीडिया टीम को सक्रिय रूप से जनता से जुड़ने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने जीएसटी दरों में कमी कर स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहन देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि राज्य में भी इस अभियान को व्यापक स्तर पर फैलाने के लिए लगातार जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया टीम से कहा कि वे डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से स्वदेशी उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाएं, ताकि “हर घर स्वदेशी, घर-घर स्वदेशी” का संदेश आम जनता तक पहुंच सके।

मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि इस वर्ष राज्य में चारधाम यात्रा ऐतिहासिक और व्यवस्थित रही। उन्होंने बताया कि यात्रियों की सुविधा के लिए केंद्र सरकार की मदद से नई हेलीकॉप्टर सेवा नीति तैयार की गई है, जिससे हवाई सेवाओं को राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचाया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आमजन की सुविधा और विकास के लिए हर संभव कदम उठा रही है और “विकसित उत्तराखंड” के लक्ष्य की ओर तेजी से अग्रसर है।