सनातन संस्कृति और राष्ट्र चेतना के प्रतीक थे स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी महाराज: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार स्थित सप्तऋषि आश्रम मैदान (भारत माता मंदिर के समीप, सप्त सरोवर मार्ग) में आयोजित ‘संत सम्मेलन’ में प्रतिभाग किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सनातन चेतना के जीवंत प्रतीक आप सभी संत-महात्मा, धर्मगुरु एवं श्रद्धालुजन, माँ गंगा के पावन तट पर स्थित सप्तऋषि क्षेत्र में एकत्र होकर राष्ट्र और संस्कृति के लिए अपना अमूल्य योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिन महापुरुषों ने अपना सम्पूर्ण जीवन राष्ट्रधर्म, सेवा, त्याग और करुणा के लिए समर्पित किया, वे केवल संन्यासी नहीं बल्कि राष्ट्र चेतना से जुड़े दिव्य संत थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्यमित्रानंद गिरी महाराज ने आध्यात्मिक ज्ञान को सामाजिक सेवा से जोड़ते हुए ऐसा जीवन दर्शन प्रस्तुत किया, जिससे अनगिनत लोगों को सेवा और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिली। उन्होंने भारत माता मंदिर की स्थापना कर सनातन संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण का कार्य किया, जो आज भी श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणा का केन्द्र बना हुआ है। वर्ष 1998 के कुंभ मेले में उन्हें आचार्य महामंडलेश्वर बनाया गया, जिसके बाद अब तक 10 लाख से अधिक नागा साधुओं को दीक्षा प्रदान की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्यमित्रानंद गिरी महाराज की मूर्ति स्थापना नई पीढ़ी के लिए आध्यात्मिक जागरण का माध्यम बनेगी। संत परंपरा किसी एक पंथ या संप्रदाय तक सीमित न होकर वसुधैव कुटुंबकम के भाव से सम्पूर्ण विश्व को जोड़ने का कार्य करती है। सनातन धर्म मानव निर्मित नहीं, बल्कि शाश्वत सिद्धांतों पर आधारित है, जो समय के साथ चलता है और कभी पराजित नहीं होता।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने धर्मांतरण विरोधी कानून, सख्त दंगारोधी कानून, तथा लैंड जिहाद, लव जिहाद और थूक जिहाद जैसी जिहादी मानसिकताओं के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की है। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू कर सभी नागरिकों के लिए समान कानून की स्थापना की गई है। युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने हेतु सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया, जिसके परिणामस्वरूप 28 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरी प्राप्त हुई है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में सांस्कृतिक उत्थान का नया युग प्रारंभ हुआ है। अयोध्या में श्रीराम मंदिर का निर्माण तथा बदरीनाथ धाम मास्टर प्लान जैसे कार्य भारत को पुनः विश्व गुरु के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि हरिद्वार में गंगा तट पर स्थित भारत माता मंदिर देश की सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि 2027 के कुंभ मेले की तैयारियाँ की जा रही हैं और महाराज का जीवन निरंतर सद्कर्म और साधना से प्रेरित रहा।

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि भारत में बीते वर्षों में अभूतपूर्व परिवर्तन हुआ है और आज भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। उन्होंने कहा कि जल, थल और वायु मार्गों का तीव्र विकास हुआ है तथा युवा शक्ति देश को विकसित राष्ट्र की ओर अग्रसर कर रही है। संत समाज भारतीय संस्कृति को सुदृढ़ करने और देश को एकता के सूत्र में पिरोने का कार्य कर रहा है।

बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि संतों का सान्निध्य जीवन के दुखों का समाधान है। भारत की पहचान सनातन संस्कृति से है। शंकराचार्य द्वारा स्थापित चार मठ देश की आध्यात्मिक एकता के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि परमात्मा एक है, उसकी अभिव्यक्ति विभिन्न आस्थाओं के माध्यम से होती है।

कार्यक्रम में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, शंकराचार्य राजराजेश्वराश्रम महाराज, योग गुरु बाबा रामदेव, सहित बड़ी संख्या में साधु-संत, जनप्रतिनिधि एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।

विश्व की महान सभ्यताओं का निर्माण सामूहिक चरित्र निर्माण के माध्यम से ही संभव हुआ: शेखावत

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं केन्द्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने हरिद्वार में देव संस्कृति विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित ‘ध्वज वंदन समारोह’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह शताब्दी समारोह वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा के तपस्वी जीवन, निःस्वार्थ सेवा और अखंड साधना के प्रति राष्ट्र की कृतज्ञता का साक्षात भावात्मक अभिव्यक्ति है। माताजी का संपूर्ण जीवन त्याग, बलिदान और साधना की वह ज्योति है, जिसने असंख्य जीवनों को सही दिशा और नई दृष्टि दी। उन्होंने कहा कि गायत्री परिवार को किसी एक संगठन की सीमाओं में नहीं बाँधा जा सकता, यह उस युग चेतना का वह प्रवाह है, जो व्यक्ति से समाज और समाज से राष्ट्र के उत्थान की ओर अग्रसर करता है।

मुख्यमंत्री ने देवभूमि उत्तराखण्ड की आध्यात्मिक चेतना का स्मरण करते हुए कहा कि गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ, बद्रीनाथ और आदि कैलाश जैसे तीर्थस्थल भारत की आत्मा की धड़कन हैं। ऐसे पावन परिवेश में आयोजित यह शताब्दी समारोह भारतीय संस्कृति, संस्कार और साधना परंपरा के नवजागरण का संदेश देता है।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार देवभूमि उत्तराखंड के मूल स्वरूप को बचाए रखने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा राज्य में समान नागरिक संहिता लागू किया गया है। सख्त दंगारोधी कानून एवं धर्मांतरण कानून भी लाया गया है मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 10 हजार एकड़ से अधिक अवैध अतिक्रमण को हटाया गया है।

केन्द्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री ल गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि सेवा, साधना और संस्कार के त्रिवेणी संगम यह शताब्दी समारोह नवयुग का निर्माण में मील का पत्थर साबित होगा। विश्व की महान सभ्यताओं का निर्माण सामूहिक चरित्र निर्माण के माध्यम से ही संभव हुआ है। जब समाज के व्यक्ति नैतिक मूल्यों, अनुशासन और सेवा भाव को अपने जीवन का आधार बनाते हैं, तभी सशक्त संस्कृति और स्थायी सभ्यता का निर्माण होता है। जनशताब्दी समारोह इसी सामूहिक चेतना को जाग्रत करने का महत्त्वपूर्ण प्रयास है।

शताब्दी समारोह के दलनायक एवं देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने कहा कि यह समारोह किसी वैराग्यपूर्ण एकांत तपोभूमि का आयोजन नहीं है, बल्कि यह युगऋषि पूज्य आचार्यश्री का “खोया-पाया विभाग” है, जहाँ व्यक्ति स्वयं को और अपने दायित्व को पुनः खोजता है। उन्होंने कहा कि यह सौभाग्य किसी के द्वार पर खड़ा होकर प्रतीक्षा नहीं कर रहा, वरन् यह आयोजन स्वयं आपके सौभाग्य का द्वार खोलने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने समाज परिवर्तन का संदेश देते हुए कहा कि “गंगा की कसम, यमुना की कसम, यह ताना-बाना बदलेगा। कुछ हम बदलें, कुछ तुम बदलो, तभी यह ज़माना बदलेगा।” उन्होंने जनसमूह से आत्मपरिवर्तन को ही सामाजिक परिवर्तन की प्रथम शर्त बताते हुए कहा कि जब व्यक्ति स्वयं बदलने का साहस करता है, तभी राष्ट्र और समाज के नवनिर्माण की नींव सशक्त होती है। शताब्दी समारोह का उद्देश्य भी इसी चेतना को जाग्रत करना है, ताकि विचार, आचरण और कर्म के स्तर पर सकारात्मक बदलाव संभव हो सके।

शताब्दी समारोह के अवसर पर पर्यटन मंत्री श्री सतपाल महाराज, राज्य मंत्री विनय रुहेला, सुदर्शन न्यूज के प्रबंध निदेशक सुरेश चव्हाण, ईडी के पूर्व निदेशक राजेश्वर सिंह सहित अनेक विशिष्ट अतिथियों ने अपने विचार व्यक्त किए।

कार्यक्रम में डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने विशिष्ट अतिथियों सहित न्यायाधीश परविन्दर सिंह, भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला, स्वामी सम्पूर्णानंद जी, स्वामी वेलु बापू जी,के नारायण राव,रमेश भट्ट,दिनेश काण्डपाल, आचार्य डॉ दयाशंकर विद्यालंकार, आदि को शांतिकुंज का प्रतीक चिह्न, गंगाजली, रुद्राक्ष की माला तथा युग साहित्य आदि भेंट कर सम्मानित किया गया।

राजा दक्ष की नगरी कनखल के वैरागी द्वीप की भूमि पर जब शताब्दी ध्वज लहराया, तो मानो एक युग ने अपने गौरवशाली अतीत को नमन करते हुए नवसंकल्प लिया। अखिल विश्व गायत्री परिवार, शांतिकुंज के तत्वावधान में आयोजित गायत्री परिवार की संस्थापिका वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा जी व अखण्ड दीपक के शताब्दी समारोह का शुभारंभ ध्वज वंदन के साथ श्रद्धामय वातावरण में हुआ। यह आयोजन 23 जनवरी तक चलेगा।

इस कार्यक्रम में विधायक हरिद्वार मदन कौशिक, दायित्वधारी श्यामवीर सैनी, देशराज कर्णवाल, शोभाराम प्रजापति, जिला अध्यक्ष भाजपा आशुतोष शर्मा, पूर्व विधायक संजय गुप्ता, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

जिला पूर्ति अधिकारी हरिद्वार अपने सहायक के साथ 50 हजार की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट निर्देशों एवं जीरो टॉलरेंस ऑन करप्शन की नीति के तहत प्रदेश में भ्रष्टाचार के विरुद्ध लगातार सख्त और निर्णायक कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में विजिलेंस विभाग की टीम ने हरिद्वार जनपद में बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला पूर्ति अधिकारी श्याम आर्य एवं उनके सहायक को ₹50,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार देहरादून से आई विजिलेंस टीम को काफी समय से जिला पूर्ति कार्यालय हरिद्वार से जुड़े इन अधिकारियों की रिश्वतखोरी की लगातार सूचनाएं प्राप्त हो रही थीं। सूचनाओं के सत्यापन एवं सटीक योजना के बाद विजिलेंस टीम ने जाल बिछाकर यह कार्रवाई की। गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस टीम द्वारा दोनों आरोपियों से जिला पूर्ति कार्यालय हरिद्वार में ही गहन पूछताछ की जा रही है, साथ ही संबंधित कार्यालय के अभिलेखों एवं अन्य दस्तावेजों की भी बारीकी से जांच की जा रही है, ताकि भ्रष्टाचार से जुड़े अन्य पहलुओं का भी खुलासा किया जा सके।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के प्रति किसी भी स्तर पर कोई समझौता नहीं करेगी। उन्होंने दोहराया कि सरकारी सेवा को जनता की सेवा मानते हुए यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी अपने पद का दुरुपयोग करता है, तो उसके विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री के निर्देश पर विजिलेंस, एसटीएफ एवं अन्य जांच एजेंसियों को पूर्ण स्वतंत्रता के साथ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में बीते वर्षों में प्रदेश में भ्रष्टाचार के विरुद्ध लगातार आक्रामक अभियान चलाया गया है। चाहे वह रिश्वत लेते अधिकारियों की गिरफ्तारी हो, अवैध संपत्ति पर कार्रवाई हो या भ्रष्टाचार में संलिप्त कर्मचारियों के विरुद्ध विभागीय दंड, राज्य सरकार ने हर स्तर पर कड़ा संदेश दिया है कि उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के लिए कोई स्थान नहीं है। इन निरंतर कार्रवाइयों से आमजन में शासन-प्रशासन के प्रति विश्वास मजबूत हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पारदर्शी, जवाबदेह और जनहितकारी प्रशासन उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कहीं भी भ्रष्टाचार की शिकायत हो, तो निःसंकोच संबंधित माध्यमों से सूचना दें, सरकार उनकी पहचान गोपनीय रखते हुए त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।

हरिद्वार में हुई यह कार्रवाई मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उस प्रतिबद्धता का स्पष्ट प्रमाण है, जिसके तहत उत्तराखंड को भ्रष्टाचार मुक्त, सुशासन युक्त और विश्वास आधारित शासन प्रणाली की दिशा में निरंतर आगे बढ़ाया जा रहा है।

कम भूमि और कम जल में अधिक लाभ देने वाला उद्यम है मशरूम उत्पादन: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार जनपद के बुग्गावाला में एमबी फूड्स द्वारा विकसित ‘मशरूम ग्राम’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह पहल किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने और कृषि क्षेत्र में नवाचार को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री ने एमबी फूड्स की टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि मशरूम उत्पादन कम भूमि, कम जल और कम समय में अधिक लाभ देने वाला प्रभावी उद्यम है, जिससे किसान अतिरिक्त आय अर्जित कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना के माध्यम से स्थानीय युवाओं और महिलाओं को स्वरोज़गार के नए अवसर प्राप्त होंगे तथा स्वयं सहायता समूहों को भी आर्थिक मजबूती मिलेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ‘मशरूम ग्राम’ मॉडल राज्य के अन्य क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगा और कृषि आधारित उद्यमिता को नई दिशा प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में देश ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। केंद्र सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य के साथ निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत देशभर के 11 करोड़ किसानों को आर्थिक सहायता दी जा रही है, जिसमें उत्तराखंड के लगभग 9 लाख किसान भी लाभान्वित हो रहे हैं। साथ ही न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और मृदा स्वास्थ्य कार्ड जैसी योजनाओं से किसानों को व्यापक लाभ मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान मानधन योजना, मिलेट मिशन, बागवानी विकास मिशन, कृषि यंत्र सब्सिडी, बूंद-बूंद सिंचाई योजना और डिजिटल कृषि मिशन जैसी योजनाएं किसानों को सशक्त बना रही हैं। उन्होंने कहा कि इस वर्ष के बजट में किसान क्रेडिट कार्ड की सीमा को तीन लाख रुपये से बढ़ाकर पाँच लाख रुपये करना किसानों के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भी किसानों के उत्थान के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। फार्म मशीनरी बैंक योजना के अंतर्गत कृषि उपकरणों पर 80 प्रतिशत तक सब्सिडी, तीन लाख रुपये तक ब्याजमुक्त ऋण तथा नहरों से मुफ्त सिंचाई की सुविधा दी जा रही है। उन्होंने बताया कि किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से पॉलीहाउस निर्माण हेतु 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसके तहत अब तक लगभग 350 पॉलीहाउस स्थापित किए जा चुके हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गेहूं खरीद पर प्रति क्विंटल 20 रुपये का बोनस, गन्ने के दामों में 30 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि, नई सेब नीति, कीवी नीति, स्टेट मिलेट मिशन और ड्रैगन फ्रूट नीति जैसी योजनाएं राज्य में कृषि और बागवानी को नई ऊंचाइयों तक ले जा रही हैं। इसके साथ ही ‘महक क्रांति’ के माध्यम से सुगंध फसलों की खेती को बढ़ावा देकर हजारों किसानों को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड के माध्यम से राज्य के स्थानीय कृषि उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन सभी प्रयासों से उत्तराखंड कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा और किसानों की समृद्धि सुनिश्चित होगी।

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने बुग्गावाला और हरिद्वार क्षेत्र के नागरिकों से सरकार के प्रयासों में सहयोग की अपील करते हुए कहा कि जनसहभागिता के माध्यम से ही देवभूमि उत्तराखंड को कृषि सहित सभी क्षेत्रों में अग्रणी राज्य बनाया जा सकता है।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक प्रदीप बत्रा, जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहित सभी जनपद स्तरीय अधिकारी तथा बड़ी संख्या में स्थानीय जनता उपस्थित थी।

उत्तराखंड: अब खंड शिक्षा अधिकारी 20 हजार की घूस लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार

आज खंड शिक्षा अधिकारी बहादराबाद बृजपाल सिंह राठौड़ को पुलिस मॉडर्न स्कूल 40वीं वाहिनी पीएसी के नवीनीकरण/मान्यता प्राप्त आदि कार्यों के एवज में 20 हजार की रिश्वत लेते हुए विजिलेंस देहरादून द्वारा रंगे हाथ विकास भवन रोशनाबाद से हिरासत में लेकर वैधानिक कार्यवाही हेतु देहरादून ले जाया गया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विजिलेंस को भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए खुली छूट प्रदान की हुई है। इसका असर, साल दर साल बढ़ते विजिलेंस ट्रैप और गिरफ्तारियों की संख्या के रूप में नजर आ रहा है। यही नहीं मजबूत साक्ष्य के आधार पर सतर्कता विभाग आरोपियों को कोर्ट से सजा दिलाने में कामयाब रही है। मुख्यमंत्री के भ्रष्टाचार के विरूद्ध जीरो टॉलरेंस के स्पष्ट निर्देशों का असर विजिलेंस की कार्यवाही में निरंतर दिखाई दे रहा है।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर सतर्कता विभाग ने शिकायत दर्ज कराने के लिए टोल फ्री नम्बर 1064 भी जारी किया है। यही नहीं मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को अंतिम फैसला आने तक आरोपियों को पूर्व के दायित्व या अहम जिम्मेदारी नहीं देने के साथ ही ट्रैप के मामलों में अभियोजन की प्रक्रिया में तेजी लाने के भी निर्देश दिए हैं।

*देवभूमि उत्तराखंड को भ्रष्टाचार मुक्त करते हुए, सुशासन की कार्य संस्कृति विकसित करने का हमारा प्रयास है। भ्रष्टाचारियों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई किये जाने के लिये विजिलेंस को भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान छेड़ने के निर्देश दिए गये हैं। प्रदेश में भ्रष्टाचार में लिप्त किसी भी व्यक्ति के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जायेगी। उत्तराखण्ड में ईमानदार शासन व्यवस्था हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।*
*पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड*

मुख्यमंत्री ने प्रदेश की प्रगति एवं खुशहाली के साथ ही आगामी कुंभ मेले के सफल आयोजन की कामना की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कनखल-हरिद्वार में दक्षेश्वर महादेव मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना करने के साथ ही सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी मंदिर के भी दर्शन किए। मुख्यमंत्री ने दक्षेश्वर महादेव मंदिर में दुग्धाभिषेक एवं पूजा-अर्चना कर प्रदेश की प्रगति एवं खुशहाली के साथ ही आगामी कुंभ मेले को दिव्य, भव्य ढंग से आयोजित करने की कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न अखाड़ों के पदाधिकारियों एवं साधु-संतो से भेंटकर उनका आशीर्वाद लिया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वर्ष 2027 में हरिद्वार में कुंभ मेला का आयोजन प्रदेश के लिए बहुत बड़ा सुअवसर है। देश व दुनिया में कुंभ मेला एवं कुंभ नगरी हरिद्वार का अत्यधिक महत्वपूर्ण स्थान है। राज्य सरकार कुंभ मेला के दिव्य एवं भव्य आयोजन के लिए ठोस कार्य कर रही है। कुंभ मेला क्षेत्र को विस्तार देने तथा मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा, सुगमता और सुरक्षा को लेकर प्रभावी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही है। ताकि देश-दुनिया से आने वोल लोग यहां से बेहतर अनुभव लेकर लौट सकें। मुख्यमंत्री ने साधु-संतो से प्रदेश सरकार को मिल रहे आशीर्वाद के लिए आभार व्यक्त करते हुए आगामी कुंभ मेले को सफलतापूर्वक आयोजित करने हेतु सांधु-संतों और स्थानीय लोगों से निरंतर समर्थन व सहयोग बनाए रखने का आग्रह किया।
इस अवसर पर श्री पंचायती महानिर्वाणी अखाड़े के सचिव महंत रवींद्र पुरी ने संस्कृति के संरक्षण के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना करते हुए कहा कि दिव्य एवं भव्य कुंभ आयोजन के लिए संत समाज द्वारा राज्य सरकार को पूर्ण सहयोग दिया जाएगा।
इस अवसर पर अखाड़ा परिषद के महामंत्री महंत राजेंद्र दास, दिगंबर अखाड़े के वैष्णो दास, निर्वाणी अखाड़े के श्रीमहंत मुरलीदास, निर्मल अखाड़े के कोठारी जसविंदर सिंह, बड़ा उदासीन अखाड़े के राघवेंद्र दास, नया अखाड़े से जगतार मुनि, अटल अखाड़े के सत्य गिरी, मनोज गिरी सहित अनेक साधु-संत मौजूद रहे।
इसके पश्चात मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कनखल स्थित सिद्ध पीठ हनुमानगढ़ी मंदिर के दर्शन कर विशेष पूजा-अर्चना की।
इस दौरान विधायक हरिद्वार मदन कौशिक, रानीपुर विधायक आदेश चौहान, रुड़की विधायक प्रदीप बत्रा, पूर्व विधायक स्वामी यतीश्वरानंद, संजय गुप्ता, संजय गुप्ता, भाजपा जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा, दायित्वधारी सुनील सैनी, ओमप्रकाश जमदग्नि, जयपाल सिंह चौहान, जिला उपाध्यक्ष लव शर्मा, आशु चौधरी, आयुक्त गढ़वाल मंडल विनय शंकर पांडेय, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोभाल सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

हरिद्वार में गन्ने भाव ऐतिहासिक रूप से बढ़ाने पर सीएम धामी का किसानों ने किया भव्य स्वागत

हरिद्वार में गुरुकुल कांगड़ी हेलिपैड पर आज किसानों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का उत्साहजनक स्वागत किया। किसानों, जनप्रतिनिधियों तथा स्थानीय अधिकारियों ने फूलों की माला पहनाकर, पुष्पवर्षा कर और गन्ना भेंट कर मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया। उपस्थित किसानों ने सम्मान स्वरूप उन्हें “किसान पुत्र” की उपाधि से सम्मानित भी किया।

मुख्यमंत्री ने स्वागत और सम्मान प्रकट किए जाने पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों व किसानों का आभार व्यक्त किया। उन्होने कहा कि सरकार किसानों के हित में समर्पित है और किसानों की आय बढ़ाने व उनकी फसलों का उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। किसानों की मांगों व भावना के अनुरूप गन्ने का समर्थन मूल्य ऐतिहासिक रूप से ₹405 प्रति क्विंटल तय किया गया है-जो पूर्व की तुलना में ₹30 अधिक है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश की प्राथमिकता है कि चीनी मिलों द्वारा किसानों को उनकी उपज का समय पर भुगतान सुनिश्चित हो। जहाँ कहीं भी भुगतान या क्रय में कमी प्रतीत होती है, उसे तुरंत ठीक करने का निर्देश दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार व राज्य सरकार मिलकर किसान हितकारी नीतियों-जैसे किसान सम्मान निधि, समर्थन मूल्य निर्धारण और समय पर भुगतान-के माध्यम से किसान की आय बढ़ाने पर कार्य कर रही हैं।

उन्होंने लक्सर क्षेत्र के गंगदासपुर की सड़क ऊँची करने की घोषणा भी की। साथ ही उन्होंने कहा कि इकबालपुर एवं सितारगंज के बंद चीनी मिलों के कारण हुई समस्याओं के निराकरण के लिए राज्य सरकार कदम उठा रही है और प्रभावित किसानों को शीघ्र राहत उपलब्ध कराई जाएगी।

प्रदेश उपाध्यक्ष स्वामी यतीश्वरानंद के नेतृत्व में भारी संख्या में आए जनपद के किसानों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इस अवसर पर स्वामी यतीश्वरानंद ने कहा कि मुख्यमंत्री के कार्यकाल में किसान हित के संवर्धन हेतु अनेक सार्थक कदम उठाए जा रहे हैं और गन्ने के भाव में यह ऐतिहासिक वृद्धि किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय है।

कार्यक्रम में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक मदन कौशिक, विधायक आदेश चौहान, विधायक प्रदीप बत्रा, पूर्व विधायक संजय गुप्ता, मेयर रूड़की अनिता अग्रवाल, उपाध्यक्ष/मैलाधिकारी सोनिका, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित सहित अनेक जनप्रतिनिधि व भारी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

उत्तराखंड में संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने हेतु कई छात्रवृत्ति व प्रोत्साहन योजनाएँ संचालितः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज हरिद्वार में आयोजित अंतरराष्ट्रीय संस्कृत सम्मेलन में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर उन्होंने संस्कृत भाषा के उत्थान एवं विकास हेतु एक उच्च स्तरीय आयोग के गठन की घोषणा की।

कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों और विद्वानों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि “भारतीय ज्ञान परंपरा- वैश्विक ज्ञान के विकास में संस्कृत का योगदान” जैसे महत्वपूर्ण विषय पर आयोजित यह सम्मेलन भारतीय सभ्यता की गौरवमयी जड़ों को विश्व पटल पर मजबूती से प्रस्तुत करता है। उन्होंने विश्वविद्यालय परिवार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस दो दिवसीय सम्मेलन में भारत सहित विभिन्न देशों के विद्वानों द्वारा संस्कृत की समृद्ध ज्ञान-परंपरा पर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा, जो एक प्रेरणादायी पहल है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि उनके लिए संस्कृत भाषा हमेशा से प्रेरणा का विषय रही है। उन्होंने विद्यालयी शिक्षा के दौरान कक्षा 9 तक संस्कृत का अध्ययन किया और उस दौरान सीखे गए श्लोक, व्याकरण एवं भाषा की मधुरता आज भी स्मरण में है। उन्होंने कहा कि संस्कृत केवल भाषा नहीं बल्कि संस्कृति, परंपरा, ज्ञान और विज्ञान का आधार है, जिसने प्राचीन मानव सभ्यताओं के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया कि विश्व की अनेकों भाषाओं की जड़ें संस्कृत से जुड़ी हुई हैं। वेद, पुराण, उपनिषद, आयुर्वेद, योग, दर्शन, गणित, साहित्य, विज्ञान और खगोलशास्त्र जैसे सभी प्राचीन ग्रंथ संस्कृत में रचे गए, जिसने भारत की वैचारिक धरोहर को समृद्ध किया।

मुख्यमंत्री ने 18वीं और 19वीं शताब्दी में यूरोपीय विद्वानों द्वारा संस्कृत साहित्य में बढ़ती रुचि का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि तक्षशिला, नालंदा, विक्रमशिला और वल्लभी जैसे विश्वविद्यालयों ने संस्कृत आधारित ज्ञान को विश्व में प्रसारित किया, जहाँ से चरक, सुश्रुत, आर्यभट्ट, भास्कराचार्य, चाणक्य, ब्रह्मगुप्त और पाणिनि जैसे महान विद्वानों ने जन्म लिया। संस्कृत केवल विज्ञान की भाषा नहीं, बल्कि नीति, मानवीय मूल्यों और वैश्विक बंधुत्व का संदेश देने वाली भाषा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में संस्कृत भाषा के प्रचार-प्रसार हेतु कई सार्थक प्रयास जारी हैं। नई शिक्षा नीति में संस्कृत को आधुनिक और व्यवहारिक भाषा के रूप में स्थापित करने पर विशेष बल दिया गया है। ई-संस्कृत शिक्षण प्लेटफॉर्म, मोबाइल एप्स, ऑनलाइन साहित्य उपलब्धता जैसी पहलों से संस्कृत को नई पीढ़ी तक सरल रूप में पहुंचाया जा रहा है। कर्नाटक के मट्टूर गांव का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि संस्कृत आज भी दैनिक जीवन की भाषा बन सकती है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में लोकसभा की कार्यवाही के संस्कृत अनुवाद की पहल भी इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि देवभूमि उत्तराखंड सदियों से संस्कृत का केंद्र रहा है। राज्य में संस्कृत को द्वितीय राजभाषा का दर्जा प्रदान करना इसी विरासत का सम्मान है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विद्यालयों में संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सतत प्रयासरत है।

मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की प्रमुख योजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि गार्गी संस्कृत बालिका छात्रवृत्ति योजना के माध्यम से संस्कृत विद्यालयों में अध्ययनरत छात्राओं को प्रति माह 251 रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है। डॉ. भीमराव अंबेडकर एससी/एसटी छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत संस्कृत विषय के एससी/एसटी विद्यार्थियों को समान आर्थिक सहायता दी जा रही है। संस्कृत छात्र प्रतिभा सम्मान योजना के तहत हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को 5100, 4100 और 3100 रुपए की पुरस्कार राशि दी जा रही है। इसके साथ ही उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय और रघुनाथकीर्ति केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के स्नातक व स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तराखंड संस्कृत अकादमी द्वारा अखिल भारतीय शोध सम्मेलन, वेद सम्मेलन, ज्योतिष सम्मेलन, संस्कृत शिक्षक कौशल विकास कार्यशालाएँ एवं छात्र प्रतियोगिताओं जैसे विभिन्न कार्यक्रमों का लगातार आयोजन किया जा रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार ने प्रत्येक जनपद में आदर्श संस्कृत ग्राम स्थापित करने का संकल्प लिया है, जिससे देववाणी संस्कृत को जन-जन तक पहुंचाने के प्रयास और मजबूत होंगे। साथ ही संस्कृत विद्यार्थियों के लिए सरकारी सहायता, शोध कार्यों में सहयोग और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर भी कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की पावन भूमि, जिसने वेदों और ऋषि-मुनियों के ज्ञान को जन्म दिया, वहाँ संस्कृत को समृद्ध करना हमारा कर्तव्य है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि एक दिन संस्कृत केवल पूजा-पाठ की भाषा न रहकर आम बोलचाल की भाषा के रूप में भी स्थापित होगी।

कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल, विधायक आदेश चौहान, प्रदीप बत्रा, प्रदेश उपाध्यक्ष स्वामी यतीश्वरानंद, विदेश सचिव (भारत सरकार) मीना मल्होत्रा, सचिव संस्कृत उत्तराखंड दीपक गैरोला, संस्कृत विश्वविद्यालय कुलपति दिनेश चंद्र शास्त्री, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र सिंह डोभाल सहित विभिन्न देशों से आए वक्ता एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने सुनी किसानों की समस्याएं, लॉन में बैठकर लिया गन्ने का स्वाद

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से हरिद्वार जनपद से आए गन्ना किसानों ने मुलाकात की। किसानों ने पेराई सत्र 2025-26 के लिए गन्ना का समर्थन मूल्य घोषित करने सहित अन्य मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर किसानों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को गन्ना भी दिया, मुख्यमंत्री ने किसानों के साथ ही धूप के बीच लॉन में ही बैठकर ही गन्ना का स्वाद लिया, साथ ही किसानों की मांगों पर सकारात्मक आश्वासन दिया।

विधायक आदेश चौहान और पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद के नेतृत्व में मिले गन्ना किसानों ने रायसी – बालावाली पुल तक तटबंद का निर्माण, इकबालपुर झबरेड़ा भगवानपुर क्षेत्र में शुगर मिल स्थापित किए जाने, इकबालपुर झबरेड़ा क्षेत्र में सिंचाई नहर निर्माण और डोईवाला मिल पर किसानों का बकाया भुगतान कराने की मांग उठाई। किसानों ने पेराई सत्र 2025-26 के लिए राज्य परामर्शित मूल्य घोषित करने की मांग उठाई। मुख्यमंत्री ने लॉन में बैठकर ही किसानों की मांगों को सुनते हुए, गन्ना मूल्य सहित अन्य सभी मांगों पर सकारात्मक निर्णय का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने किसानों के साथ जमीन पर बैठकर गन्ना का स्वाद भी लिया। इस मौके पर विधायक प्रदीप बत्रा जिला पंचायत अध्यक्ष किरन चौधरी के साथ ही पूर्व विधायक संजय गुप्ता भी शामिल हुए।

मुख्यमंत्री ने हरिद्वार में आयोजित देवभूमि रजत उत्सव 2025 में किया प्रतिभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार में आयोजित देवभूमि रजत उत्सव 2025 कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने राज्य निर्माण में अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले राज्य आंदोलनकारियों, मातृशक्ति को नमन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का ये रजत उत्सव एक उत्सव मात्र नहीं, बल्कि उन राज्य आंदोलनकारियों, माताओं-बहनों और युवाओं के प्रति अपनी भावांजलि अर्पित करने का पावन अवसर है जिन्होंने उत्तराखंड राज्य स्थापना के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया।

अनेक चुनोतियों से घिरा हुआ था राज्य
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि वर्ष 2000 में जब उत्तराखंड अस्तित्व में आया तब ये नवजात राज्य भौगोलिक कठिनाइयों, सीमित संसाधनों समेत अनेक चुनौतियों से घिरा हुआ था, लेकिन हमारी देवभूमि की जनता में ये अटूट विश्वास था कि कुछ भी हो जाए हम इस राज्य को आगे बढ़ाकर ही दम लेंगे और आज जब 25 वर्षों बाद हम पीछे मुड़कर देखते हैं, तो ये गर्व से कह सकते हैं कि इन वर्षों में उत्तराखंड न केवल इन चुनौतियों से लड़कर आगे बढ़ा, बल्कि आज विकास के नए मानक स्थापित कर रहा है।

गौरवशाली इतिहास का प्रतीक है रजत उत्सव
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड की पहचान केवल हमारी अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता से ही नहीं, बल्कि हमारी समृद्ध संस्कृति, लोक परंपराओं और अटूट आस्था से भी है। कहा कि ये देवभूमि रजत उत्सव उसी गौरवशाली विरासत का प्रतीक है, जो हमारी सांस्कृतिक आत्मा को जीवंत बना रहा है। कहा कि यहां आयोजित प्रदर्शनी और विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से हम देश-दुनिया को ये संदेश देना चाहते हैं कि उत्तराखंड अपनी परंपराओं में रचा-बसा होने के साथ ही भविष्य की ओर भी तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।

गांव से शहर तक, मातृशक्ति से श्रमशक्ति तक के लिए बनाई योजनाएं
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज हम गांवों से लेकर शहरों तक, किसानों से लेकर युवाओं तक, मातृशक्ति से लेकर श्रमशक्ति तक, व्यापारियों से लेकर कमचारियों तक प्रत्येक क्षेत्र और वर्ग के लिए कई नई योजनाएं बनाकर प्रदेश का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित कर रहे हैं। आज प्रदेश में जहां एक ओर शहरों से लेकर सुदूर सीमावर्ती व पर्वतीय गांवों तक शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, खेल, पेयजल और हवाई कनेक्टिविटी जैसे सभी प्रमुख क्षेत्रों में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने की दिशा में सार्थक प्रयास किया जा रहा है, वहीं, लोकल फॉर वोकल, मेक इन इंडिया और स्टार्टअप इंडिया जैसी पहलों के माध्यम से विकसित भारत एवं विकसित उत्तराखंड बनाने के स्वप्न को साकार करने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हम स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर कार्य कर रहे हैं।

4 वर्षाे के कठोर निर्णयों को बताया जनहित के निर्णय
इस मौके पर मुख्यमंत्री धामी ने चार वर्षों में लिए गए कठोर निर्णयों को जनहित के निर्णय बताया। उन्होंने धर्मांतरण विरोधी, सख्त दंगा रोधी कानून, लैंड जिहाद, लव जिहाद और थूक जिहाद सहित नकल विरोधी कानून का उल्लेख किया। इसके साथ ही समान नागरिक संहिता कानून, अवैध मदरसों पर की गई कार्यवाही सहित ऑपरेशन कालनेमि अभियान का भी बखान किया। उन्होंने भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए ज़ीरो टॉलरेंस की नीति के तहत की जा रही कार्यवाही की भी बात कही।

हरिद्वार के चहुंमुखी विकास के लिए अनेक परियोजनाओं पर चल रहा कार्य
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार के चहुंमुखी विकास को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दौहराते हुए कहा कि हम हरिद्वार शहर में जहां एक ओर 186 करोड़ रुपए से सीवरेज नेटवर्क निर्माण के साथ ही पूरे शहर में 187 करोड़ रुपए से अधिक की पेयजल परियोजनाओं पर कार्य कर रहे हैं। स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृण बनाने के लिए मेडिकल कॉलेज के निर्माण के साथ ही लालढांग क्षेत्र में मॉडल डिग्री कालेज की स्थापना की और हरिद्वार में शिक्षा के प्रचार प्रसार के लिए भी हर संभव प्रयास किए हैं।

कहा कि हमारी सरकार धर्मनगरी को काशी विश्वनाथ एवं उज्जैन महाकाल कॉरिडोर की भांति भव्य और दिव्य रूप देने के लिए हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर का निर्माण भी करा रहे हैं, जिसकी डीपीआर भी तैयार हो चुकी है। इसके साथ ही हरिद्वार में हेली सेवाओं के लिए हेलीपोर्ट का निर्माण करने की कार्ययोजना भी तैयार की जा रही है। कहा कि हम हरकी पैड़ी से मां चंडी देवी तक रोपवे के निर्माण और लालढ़ांग की बरसाती नदी में पुल का निर्माण करवा रहे हैं।

कुंभ के कार्यों में न बरतें अनियमितता, अन्यथा होगी कार्यवाही
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि धर्मनगरी में वर्ष 2027 में आयोजित होने वाले कुंभ के लिए हम अभी से तैयारियों में जुट गए हैं। लेकिन, उनके संज्ञान में कुंभ के लिए किए जा रहे निर्माण कार्यों में कुछ अनियमितताएं बरतने शिकायत आई है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्यों में लगे अधिकारियों व कार्यदायी संस्थाएं या तो गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य करें, अन्यथा कार्यवाही के लिए तैयार रहें। क्योंकि हमारी सरकार धर्मनगरी हरिद्वार को एक विश्वस्तरीय शहर बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही हैं।

एआई रोबोट ने सुनाई डिजिटल इंडिया की गाथा
हरिद्वार में आयोजित देवभूमि रजत उत्सव 2025 के दौरान आधुनिक तकनीक और परंपरा का संगम भी देखने को मिला, जब एक अत्याधुनिक एआई रोबोट ने मंच से “डिजिटल इंडिया” की सफलता गाथा सुनाई। रोबोट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया अभियान की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि कैसे भारत आज विश्व का टेक्नोलॉजी हब बन चुका है।

कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट से स्वागत किया।

कार्यक्रम में हरिद्वार मेयर किरण जैसल, रुड़की मेयर अनीता अग्रवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी,,रानीपुर विधायक आदेश चौहान, पूर्व कैबिनेट मंत्री/प्रदेश उपाध्यक्ष स्वामी यतीश्वरानंद, दर्जाधारी राज्य मंत्री विनय रुहेला, राज्यमंत्री सुनील सैनी, राज्यमंत्री श्यामवीर सैनी, राज्यमंत्री शोभाराम प्रजापति, राज्यमंत्री ओमप्रकाश जमदग्नि, अजीत सिंह, ब्लॉक प्रमुख कविंद्र, भाजपा जिलाध्यक्ष हरिद्वार आशुतोष शर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष रुड़की डॉ मधु सिंह, शिवालिक नगर पालिका अध्यक्ष राजीव शर्मा, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल, सिटी मजिस्ट्रेट कुश्म चौहान, उप जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार, जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश, डीपीआरओ अतुल प्रताप सिंह, एपीडी नलिनीत घिल्डियाल, संजीव चौधरी,पूर्व विधायक संजय गुप्ता,पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चौंपियन, जिला उपाध्यक्ष लव शर्मा,युवा मोर्चा अध्यक्ष विक्रम भुल्लर उपस्थित रहे।