आधार कार्ड नहीं बना तो दे डाली सीएम के फोन पर धमकी, हिरासत में

मुख्यमंत्री के मोबाइल पर हरकी पैड़ी को पेट्रोल बम से उड़ाने की धमकी देने वाले युवक को पुलिस ने हिरासत में लिया। जब उससे कारण पूछा गया तो उसे बताया कि उसका आधार कार्ड नहीं बन रहा था। इससे क्षुब्ध होकर उसने सीएम को फोन पर धमकी देने दी।
क्रिमिनल इंवेस्टिगेशन यूनिट (सीआईयू) ने बीते रविवार देर शाम मामले में हरकी पैड़ी क्षेत्र के एक रेस्टोरेंट पर कार्यरत पौड़ी के युवक को हिरासत में लिया था। कई घंटे चली पूछताछ के बाद उसे सीआरपीसी की धारा 41 का नोटिस देकर छोड़ दिया गया।

बीते शनिवार सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत के मोबाइल फोन पर आई एक कॉल ने सभी को हिलाकर रख दिया था। उस वक्त फोन सीएम के प्रोटोकॉल अधिकारी आनंद सिंह रावत के पास था। उन्हीं की ओर से इस संबंध में हरिद्वार कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया था।

मुकदमा दर्ज होते ही हरकत में आई सीआईयू ने मोबाइल फोन नंबर के आधार पर रविवार देर शाम एक युवक केशवानंद नौटियाल पुत्र विद्यादत्त नौटियाल निवासी गांव आंताखोली चैलीसेंण कण्डारस्यू (जिला पौड़ी) हाल निवासी एमटी कालोनी प्रेमनगर, देहरादून को हिरासत में ले लिया।

उसके कब्जे से धमकी में इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन को भी बरामद कर लिया। देर रात तक सीआईयू कार्यालय में आला अफसरान ने बारी बारी से युवक से लंबी पूछताछ की। पता चला कि केशवानंद का आधार कार्ड नहीं बना है। वह जहां भी नौकरी के लिए जाता है, उससे इसकी मांग की जाती है। कई बार कोशिश के बावजूद उसका कार्ड नहीं बन सका। इससे व्यथित होकर उसने सीधे सीएम के नंबर पर ही कॉल कर धमकी दे दी।

कोतवाली प्रभारी प्रवीण सिंह कोश्यारी ने बताया कि आरोपी हाल ही में इलाहाबाद से लौटा है। उसके तीन बच्चे और पत्नी गांव में ही रहते हैं, जिनसे उसका दो साल से कोई संपर्क नहीं है।

आरोपी ने बताया कि 2016 में आधार कार्ड न बन पाने के कारण वह पौड़ी में आयोजित मुख्यमंत्री जनता दरबार में गया था। उचित कार्रवाई न होने के चलते गुस्से में उसने 17 फरवरी 2016 के दिन श्रीनगर थाना में फोन कर सीएम को नुकसान पहुंचाने की बात कही थी। उसके बाद पुलिस ने लुधियाना से गिरफ्तार कर उसे जेल भेज दिया था।

मकान के नीचे जमीन पर खजाना होने की बात कहकर तांत्रिक ने खुदवा दिया घर, पुलिस ने दबोचा

हरिद्वार जनपद में एक तांत्रिक ने एक महिला को स्वयं तंत्र मंत्र का सम्राट बताकर घर के नीचे खजाना होने की बात कही। महिला भी तांत्रिक के झांसे में आ गई और अपने ही घर में सुरंग खुदवा डाली। सुरंग खोदने की सूचना जैसे ही पड़ोसियों को लगी, वह मौके पर पहुंचकर देखने लगे और अनहोनी की सूचना पर पुलिस को सूचित किया। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और तांत्रिक सहित चार लोगों को पकड़कर ले गई।

पुलिस के मुताबिक ज्वालापुर पीठ बाजार निवासी विजय वर्मा कुछ साल पहले अपनी पत्नी रजनी के साथ नोएडा जाकर रहने लगे थे। यहां मकान पर ताला लगा रहता था। इस बीच विजय वर्मा का निधन हो गया। पति की मौत के बाद पत्नी रजनी वर्मा अपना घर बेचना चाहती थी। इसी बीच उनकी मुलाकात तंत्र-मंत्र करने वाले परमेश्वर उर्फ जस्सा निवासी अंबाला से हुई। उसने रजनी वर्मा को झांसा दिया कि मकान बेचने से उसे बहुत नुकसान हो जाएगा। क्योंकि मकान के अंदर जमीन में खजाना दबा है।

वह तंत्र-मंत्र कर सोना निकाल सकता है। खजाना निकलने पर आधा हिस्सा देने की शर्त पर हामी भरते हुए रजनी वर्मा ने तांत्रिक को हरिद्वार लाकर अपने घर में छोड़ दिया। तांत्रिक ने रजनी की बहन सीमा व अन्य लोगों के साथ मिलकर घर में खुदाई शुरू करा दी। कई दिन तक गड्ढा खोदने की आवाज आने पर पड़ोसियों को शक हुआ। उन्होंने जैस ही सुरंग देखी इसकी जानकारी दूसरों को मिलने पर हंगामा होने लगा। लोग मकान में जुटने लगे। सूचना पर रेल चौकी प्रभारी सुनील रावत मौके पर पहुंचे और तांत्रिक व रजनी की बहन सीमा सहित चार लोगों को हिरासत में ले लिया।