किसानों के व्यापक हित में है कृषि सुधार कानूनः मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने ऋषिकुल मैदान हरिद्वार में किसान सम्मेलन में वर्चुअल माध्यम से प्रतिभाग किया। सीएम ने कहा कि कृषि सुधार कानून किसानों के हित में लाये गये कानून है। उन्होंने कहा कि किसानों की आय दुगनी करने का जो भारत सरकार का लक्ष्य प्राप्त करने की ओर यह एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि कृषि सुधार कानून के माध्यम से किसानों को स्वतंत्रता प्रदान की गयी है, अब किसान को जहाँ अच्छा मूल्य मिलेगा, वहाँ अपनी फसल बेचेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विज्ञानी स्वामीनाथन कमीटी की रिपोर्ट के आधार पर यह कानून बनाये गये हैं जो किसानों के व्यापक हित में हैं। इसमें किसानों के लिए अनेक विकल्प रखे गये हैं, पहले केवल मण्डी ही खरीदारी करती थी, आज उसके लिए ओपन मार्केट की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि एमएसपी समाप्त करने के सम्बन्ध में किसानों में भ्रम फैलाने का प्रयास हो रहा है जबकि एमएसपी कही भी समाप्त नही की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में किसानों को बरगलाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा किसानों की आर्थिक उन्नति के लिए पीएम किसान सम्मान निधि योजना लागू की गई है, जिसमें 6000 रूपये प्रतिवर्ष किसानों को उपलब्ध कराये जा रहे हैं। इसके साथ ही, एमएसपी पर खरीद को लगातार सुदृघ्ढ़ किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की आय दुगनी करने के लक्ष्य की ओर राज्य सरकार द्वारा भी प्रभावी कदम उठाए गए हैं। किसानों को मण्डी के साथ ही कहीं भी उत्पादों को बेचने की आजादी है। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं को दूर करने हेतु उनसे लगातार वार्ता कर उनकी समस्याओं का समाधान किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की सरकारी गन्ना मिलों द्वारा गन्ना किसानों को सौ प्रतिशत गन्ना मूल्य का भुगतान कर दिया गया है। धान मूल्य का भुगतान आरटीजीएस के माध्यम से बिल प्राप्त होने के 24 घण्टे के अन्दर किसानों के खाते में जमा की जा रही है। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र की बन्द पड़ी इकबालपुर शुगर मिल को 36 करोड़ की गारन्टी देकर खुलवाया है ताकि किसानों को उनके गन्ना मूल्य का भुगतान हो सके। राज्य में खाद्य की सब्सिडी दो साल पहले से ही दी जा रही है। किसानों को 03 लाख तक का ऋण बिना ब्याज का दिया जा रहा है।

कार्यक्रम में शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक, विधायक यतीश्वरानन्द, कुंवर प्रणव सिंह चैम्पियन, देशराज कर्णवाल, सुरेश राठौर, प्रदीप बत्रा, आदेश चैहान एवं संजय गुप्ता भी उपस्थित थे।

सिद्ध पीठ मंशा व चंडी देवी मंदिर मार्ग को किया जाए सुदृढ़ः त्रिवेंद्र सिंह रावत

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मेला नियंत्रण कक्ष, हरिद्वार में स्वच्छ, सुरक्षित, हरित और भव्य, दिव्य हरिद्वार कुम्भ 2021 के आयोजन के संबंध में समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये कि कुम्भ के कार्य हर हाल में समय पर पूर्णं कर लिये जाएं, यदि आवश्यकता पड़े तो कार्य में लेबर की संख्या बढाई जाए और शिफ्ट की संख्या भी बढ़ा ली जाए।

लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिया कि कुम्भ क्षेत्र के मठ, मन्दिर, आश्रम, धर्मशाल, अखाड़ा और पेशवाई मार्ग को दुरूस्त कर लिया जाए। इसके साथ ही मंशा देवी और चण्डी देवी मार्ग का सुदढ़ीकरण कर लिया जाए। कुम्भ क्षेत्र के साज-सज्जा और सौंदर्यीकरण के कार्य कुम्भ श्रद्धालुओं का स्वागत करेगा।

कुम्भ कार्यों में पारदर्शिता और ईमानदारी बनाएं रखने को गम्भीरता से लेने को कहा तथा कहा कि कुम्भ के बाद और कुम्भ के दौरान किसी प्रकार के प्रश्न चिह्न उठने की सम्भावना को समाप्त करें।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कुम्भ मेले की बैठक के उपरांत यूपीसीएल के 33-11 के.वी. उपसंस्थान जगजीतपुर-ललतारौ का लोकार्पण किया। कुम्भ मेला-2021 के अन्तर्गत हरिद्वार क्षेत्र में अस्थायी सैक्टरों एवं पार्किंग में कुम्भ की विद्युत मांग को देखते हुए तथा वर्तमान उपसंस्थानों का बेहतर लोड मैनेजमेंट करने के लिये 2 नये उपसंस्थान ललतारों एवं जगजीतपुर में बनाये गये हैं।

कुम्भ मेला-2021 में प्रस्तावित कनखल, बैरागी कैम्प सेक्टरों को विद्युत आपूर्ति के लिये आवश्यक अस्थायी विद्युत नेटवर्क की विद्युत आपूर्ति करने वाले उपसंस्थानों बैरागी कैम्प एवं कनखल-प्प् का लोड कम करने के लिये प्रस्तावित जगजीतपुर उपसंस्थान का निर्माण किया गया है। इससे कुम्भ मेला-2021 में प्रस्तावित रोडीवाला, बेलवाला एवं हर की पैडी सेक्टरों में आवश्यक अस्थायी विद्युत नेटवर्क को विद्युत आपूर्ति करने वाले उपसंस्थानों लालजीवाला एवं मायापुर का लोड कम करने के लिये एवं बेहतर विद्युत आपूर्ति होगी। यह उपसंस्थान 2 अलग-अलग 132 के0वी0 उपसंस्थानों भूपतवाला एवं ज्वालापुर से निकलने वाले 33 के०वी० फीडरों से पोषित होगा, इस प्रकार अलग-अलग सोर्स से कनेक्टिविटी बनी रहेगी। साथ ही लगभग 4000 वर्तमान निवासरत विद्युत उपभोक्ता इस उपसंस्थान से लाभान्वित होंगे। यह उपसंस्थान प्री-फेब्रिकेटेड पावर डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर आधुनिक तकनीक पर आधारित है। यह आधुनिक क्षमता का तकनीक पर आधारित देवभूमि उत्तराखण्ड के कुम्भ क्षेत्र हरिद्वार में पहला उपसंस्थान है।

इस अवसर पर नगर विकास मंत्री मदन कौशिक, विधायक आदेश चैहान, मुख्य सचिव ओम प्रकाश, प्रबन्ध निदेशक यूपीसीएल नीरज खैरवाल, मेलाधिकारी दीपक रावत, जिलाधिकारी हरिद्वार सी रविशंकर उपस्थित थे।

नारसन से रूड़की के मध्य एनएच कार्यों का निरीक्षण करने पहुंचे सीएम, जताई संतुष्टि

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने नारसन से रूड़की के मध्य राष्ट्रीय राजमार्ग के कार्यों एवं रूड़की बाईपास पर चल रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने कुंभ क्षेत्र में चल रहे विभिन्न कार्यों एवं पुलों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि 31 दिसम्बर 2020 तक स्थाई प्रकृति के सभी कार्य पूर्ण किये जाय। 31 जनवरी, 2021 तक कुम्भ से संबंधित सभी कार्य पूर्ण कर लिये जाए। उन्होंने पुहाना-छुटमलपुर बाईपास, फ्लाईओवर ब्रिज, कोर कॉलेज के समीप से मंगलौर को जोड़ने वाले बाईपास, रानीपुल झाल में बनाये जा रहे पुल एवं लोक निर्माण विभाग द्वारा बनाये जा रहे विभिन्न पुलों एवं मेला क्षेत्र के अन्तर्गत विभिन्न निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि आगामी कुंभ में श्रद्धालुओं की सुविधा के दृष्टिगत 98 प्रतिशत कार्य दिसम्बर 2020 के अंत तक पूर्ण हो जाएंगे। जनवरी अंत तक सभी कार्य पूर्ण करने के निर्देश अधिकारियों को दिये। उन्होंने कहा कि पुलों, बाईपास को जोड़ने एवं सड़क निर्माण के जो कार्य हो रहे हैं, इससे लोगों को आने वाले समय में काफी फायदा होगा। हरिद्वार में सालभर में अनेक स्नान पर्व एवं कांवड़ मेले का आयोजन होता है। इन पर्वों में भी श्रद्धालुओं को आवागमन के लिए काफी सुविधा होगी एवं स्थानीय लोगों को भी सुविधा होगी। हरिद्वार देश-विदेश के पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केन्द्र है। हरिद्वार में श्रद्धालुओं को आवागमन में किसी भी प्रकार की परेशानी न इसके लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने निरीक्षण के दौरान निर्देश दिये कि कुंभ मेला क्षेत्र में सौन्दर्यीकरण के कार्यों पर भी विशेष ध्यान दिया जाय। यात्रा मार्गों पर साइनेज की पर्याप्त व्यवस्था हो। पार्किंग स्थलों, स्वच्छता, पेयजल एवं अन्य मूलभूत आवश्यकताओं की उचित व्यवस्था हो। उन्होंने कहा कि कोविड के कारण बीच में जो निर्माण कार्य प्रभावित हुए हैं, उनमें और तेजी लाई जाय। कुंभ शुरू होने से पूर्व सभी व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली जाय।

मुख्यमंत्री ने कुंभ कार्यों का निरीक्षण करने के बाद हरकी पैड़ी पर पूजा-अर्चना की एवं प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना ही।

मेलाधिकारी दीपक रावत ने कुंभ मेला क्षेत्र में चल रहे विभिन्न कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि स्थाई प्रकृति के अधिकांश कार्य पूर्णता की ओर हैं, अवशेष कार्य भी कुंभ शुरू होने से पूर्व पूर्णं हो जायेंगे। सौन्दर्यीकरण, घाटों की सफाई, अतिक्रमण हटाने, स्वच्छता आदि के कार्य लगातार किये जा रहे हैं।

इस अवसर पर शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक, विधायक आदेश चैहान, प्रदीप बत्रा, कुंवर प्रणव चैंपियन, मुख्य सचिव ओम प्रकाश, सचिव आरके सुधांशु, शैलेश बगौली, आईजी मेला संजय गुंज्याल, जिलाधिकारी हरिद्वार सी. रविशंकर, एसएसपी सेंथिल अबुदई कृष्णराज एस, अपर मेलाधिकारी हरवीर सिंह आदि उपस्थित थे।

त्रिवेंद्र सरकार ने किया आदेश निरस्त, हरकीपैड़ी नहीं होगी स्केप चैनल

देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने आज तत्कालीन कांग्रेस सरकार के हरिद्वार में हर की पैड़ी को स्केप चैनल घोषित करने के आदेश को निरस्त किया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर सचिव आवास ने इसका शासनादेश जारी कर दिया है।

पूरा मामला जानें

वर्ष 2016 में हरीश रावत की कांग्रेस की सरकार ने हर की पैड़ी से होकर बहने वाली धारा को नहर (स्केप चैनल) घोषित किया था। उस के बाद से ही अखाड़ा परिषद सहित अन्य संत इसका विरोध कर रहे थे। यह मामला पिछले चार साल तक दबा रहा और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत इस आदेश को लेकर संतो के बीच पहुंच कर माफी मांगी तो यह मामला फिर उठ खड़ा हुआ था।

मुख्य सचिव को 15 दिन में कुंभ मेले की समीक्षा करने के निर्देश

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने अखाड़ा परिषद् के साथ हरिद्वार कुम्भ 2021 की तैयारियों के संबध में बैठक की। कहा कि कुंभ मेला अपने दिव्य एवं भव्य स्वरूप में होगा। कुंभ की परंपरा एवं संस्कृति का पूरा ध्यान रखा जायेगा। कोविड के कारण अनेक कुछ व्यावहारिक समस्याएं आयी हैं, कुम्भ के शुरू होने पर कोविड की स्थिति कैसी रहती है, उसके अनुसार कुंभ के स्वरूप को विस्तार दिया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ में परिस्थितियों के हिसाब से जो भी निर्णय लिये जायेंगे, उसमें अखाड़ा परिषद् एवं साधु-संतों के सुझाव जरूर लिये जायेंगे। राज्य सरकार का प्रयास है कि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि कुंभ के कार्यों की समय-समय पर समीक्षा की जा रही है, जो कार्य अभी प्रगति पर हैं, उन्हें जल्द पूर्ण करने के लिए संबंधित विभागीय सचिवों को नियमित निगरानी करने के निर्देश दिये गये हैं। मुख्य सचिव को भी 15 दिन में कुभ मेले की समीक्षा के निर्देश दिये गये हैं।

शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि सकुशल कुंभ सम्पन्न कराने के लिए अखाड़ा, परिषद् एवं संत समाज का पूरा सहयोग लिया जायेगा। माँ गंगा के आशीर्वाद से भव्य हरिद्वार कुंभ का आयोजन किया जायेगा।

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद् के अध्यक्ष महन्त नरेन्द्र गिरी ने कहा कि हरिद्वार कुंभ के सफल आयोजन के लिए राज्य सरकार को पूर्ण सहयोग दिया जायेगा। कुंभ के स्वरूप के लिए जो भी निर्णय लिया जायेगा, उसमें पूरा सहयोग दिया जायेगा। इस अवसर पर उन्होंने अखाड़ों की कुछ समस्याओं से भी अवगत कराया।

मेलाधिकारी दीपक रावत ने कहा कि 15 दिसंबर 2020 तक अधिकांश स्थाई प्रकृति के कार्य पूर्ण हो जायेंगे। 31 दिसम्बर 2020 तक सभी कार्य पूर्ण कर लिए जायेंगे। इस बार कुंभ के लिए बनाये जा रहे 09 नये घाटों, 08 पुलों व सड़कों का कार्य पूर्णता की ओर है। स्वच्छता पर विशेष बल दिया जा रहा है। पेयजल, पार्किंग की व्यवस्था, अतिक्रमण हटाने का कार्य लगातार किया जा रहा है। कुंभ शुरू होने से पूर्व सभी व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली जायेंगी।

इस अवसर पर महामंत्री अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद् महन्त हरि गिरी, महन्त प्रेम गिरी, महन्त सत्यगिरी, महन्त कैलाशपुरी, महन्त मुकुन्दानन्द ब्रह्मचारी, महन्त रवीन्द्र पुरी, गढ़वाल कमिश्नर रविनाथ रमन, आईजी गढ़वाल अभिनव कुमार, आईजी कुंभ मेला संजय गुंज्याल, अपर सचिव शहरी विकास विनोद कुमार सुमन, अपर मेलाधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र, हरवीर सिंह, रामजी शरण शर्मा आदि उपस्थित थे।

मुस्लिम से हिंदू बनी युवती ने परिवार पर लगाया गंभीर आरोप, बदायुं से हरिद्वार पहुंचकर रखी बात

बदायुं उत्तर प्रदेश से एक मुस्लिम युवती अपने परिवार पर यौन शोषण जैसे गंभीर आरोप लगाकर हरिद्वार पहुंची है। हिंदू धर्म अपनाकर युवती ने कोतवाली हरिद्वार की शरण ली है। युवती को हरिद्वार के हिंदूवादी संगठनों और बजरंग दल जैसे संगठनों का भी समर्थन मिला है।

दरअसल, उत्तर प्रदेश के बदायुं की रहने वाली एक मुस्लिम युवती ने हरिद्वार कोतवाली में पहुंचकर बताया कि उनके पिता इंद्रेश खान आईजी आफिस बरेली में कार्यरत है। कहा कि पिता जबरन उनकी शादी ताऊ वकार यूनिस के बेटे के साथ कराना चाहते है। उन्होंने पिता व परिवार पर यौन शोषण का भी आरोप लगाया है।

युवती ने बताया कि वह परिवार के शोषण से तंग आकर हरिद्वार पहुंची है और उन्होंने हिंदू धर्म भी अपना लिया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि पूवी की पुलिस उनके पिता के कहने पर काम कर रही है और उन्हें जबरन लेने पहुंची है। बताया कि उनके मजिस्ट्रेट बयान होने है, मगर यूपी की पुलिस का कहना है कि यह बयान उनके क्षेत्र में होंगे, इस बात का युवती ने विरोध किया है। उन्होंने यूपी की पुलिस पर यह भी आरोप लगाया कि उनका साथ देने वाले संगठनों के लोगों को परिवार के लोग एकाउंटर करने की बात कह रहे है। बहरहाल, युवती के मजिस्ट्रेट बयान होने बाकी है।
इस बात से यह तो तय है कि बालिग युवती पर जबरन शादी करने का दबाव बनाना गलत है। इसके लिए हर कोई बालिग इंसान स्वतंत्र है कि वह किससे शादी करें।

बाल विकास कार्यालय में नौकरी और स्थाई निवास का प्रस्ताव लेकर हंसा प्रहरी से मिली रेखा आर्य

विधायक का चुनाव लड़ चुकी और वर्तमान में हरिद्वार में भीख मांगकर अपना और बच्चे का जीवन यापन करने वाली हंसा प्रहरी की सुध अब सरकार की ओर से राज्यमंत्री रेखा आर्य ने ली। उन्होंने हंसा प्रहरी के मीडिया में छाने के बाद उनके समक्ष हरिद्वार बाल विकास कार्यालय में नौकरी और स्थाई निवास का प्रस्ताव रखा।

कौन है हंसा प्रहरी
हंसा प्रहरी अल्मोड़ा जिले के हवालबाग ब्लॉक स्थित ग्राम रणखिला गांव की निवासी है। पांच भाई-बहनों में सबसे छोटी हंसी की इंटर तक की शिक्षा गांव में ही हुई और फिर उसने कुमाऊं विश्वविद्यालय के अल्मोड़ा परिसर में प्रवेश ले लिया। छात्र राजनीति में सक्रिय रहकर कुमाऊं विश्वविद्यालय के अल्मोड़ा परिसर में छात्रसंघ उपाध्यक्ष भी निर्वाचित हुई। अंग्रेजी और राजनीति शास्त्र में एमए डिग्रीधारी हंसा वर्तमान में हरिद्वार में अपने बेटे के साथ भीख मांगती है और फर्राटेदार अंग्रेजी बोलती है। उनकी एक बेटी नानी के पास रहती है।

खाली पदों को भरने के लिए सिडकुल के उद्यामियों और राज्य सरकार एमओयू करेंः हरीश रावत

पूर्व मुख्यमंत्री व पंजाब कांग्रेस के प्रभारी हरीश रावत बेरोजगारी के खिलाफ सरकार का ध्यान आकर्षित करने हरिद्वार पहुंचे है। यहां वह सिडकुल पर पैदल पदयात्रा निकालेंगे। हरीश रावत ने कहा कि उन्होंने संकल्प लिया था कि बढ़ती बेरोजगारी को लेकर हरिद्वार और रुद्रपुर सिडकुल में नौ लोगों के साथ परिक्रमा करूंगा। इसका उद्देश्य सिडकुल में खाली पड़े पदों पर स्थानीय युवाओं को रोजगार और जो कार्यरत लोगों को उनकी मेहनत का उचित मेहनताना मिलना है।

पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वह बेरोजगारी मुद्दे पर राज्य सरकार का ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं। उन्होंने सुझाव देते हुए कहा कि खाली पदों को भरने को लेकर सिडकुल क्षेत्र के उद्यमियों के साथ राज्य सरकार एक एमओयू हस्ताक्षर करंे। इसको लेकर पहले हुए समझौतों को सख्ती से लागू किया जाए।

कुंभ मेला में दिखेगा स्वच्छ भारत मिशन का का असर

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बुधवार सांय सीएम आवास में कुम्भ मेला 2021 की तैयारियों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कुम्भ मेले की तैयारियों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिये।

मेलाधिकारी को कोविड-19 के मानकों के अनुरूप सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने पर हरिद्वार की क्षमता का आंकलन करने के निर्देश दिये गये। यह भी देखा जाए कि स्नान घाटों की कितनी क्षमता है। अखाड़ों के संत महात्माओं से लगातार समन्वय बनाए रखें। कुम्भ मेला दिव्य और भव्य होगा। इसके आयोजन में धार्मिक और सांस्कृतिक परम्पराओं का ध्यान रखना है। कुम्भ मेला क्षेत्र में स्वच्छता का भी पूरा ध्यान रखा जाए। कुम्भ मेले के सुरक्षित आयोजन के लिए पुख्ता कार्ययोजना तैयार कर ली जाए। कुम्भ मेले के लिए कोविड के दृष्टिगत बङी संख्या में मास्क और सेनेटाईजर की व्यवस्था की जाए। मेले में जो भी श्रद्धालु बिना मास्क के दिखे, उन्हें निशुल्क मास्क दिये जाएं। इसमें सामाजिक संगठनों का भी सहयोग लिया जा सकता है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, मुख्य सचिव ओम प्रकाश, डीजी लॉ एंड आर्डर अशोक कुमार, सचिव नितेश झा, अमित नेगी, शैलेश बगोली, पंकज पाण्डेय, मेलाधिकारी दीपक रावत, आईजी संजय गुन्ज्याल, जिलाधिकारी हरिद्वार सी. रविशंकर उपस्थित थे।

संतो ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र को किया स्वस्थ और दीर्घायु होने का आशीर्वाद

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से मुख्यमंत्री आवास में श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा के वरिष्ठ महामंडलेश्वर स्वामी यतीन्द्रानन्द गिरि महाराज के नेतृत्व में हरिद्वार के प्रमुख संतों ने भेंट की। भेंट करने वाले संतों में निर्मल आश्रम के महंत जसजीत, गरीबदास, महंत आनंद, वाल्मीकि समाज के संत महंत मान दास महाराज, वैष्णव अखाड़े से महंत दुर्गा दास महाराज एवं नगर के प्रसिद्ध एडवोकेट श्रेयस अग्रवाल थे। संतो ने हरिद्वार नगर में संतों के आश्रम का पंजीकरण कमर्शियल किए जाने पर अपनी आपत्ति दर्ज की। बिजली के बिल भी कमर्शियल आने पर मुख्यमंत्री से अपनी बात रखी।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने संतो को आश्वासन दिया और तुरंत कार्रवाई का निर्देश भी दिया। संतों ने कहा आगामी कुंभ में जिस प्रकार की भी व्यवस्था और परिस्थिति होगी, सन्त सरकार का भरपूर सहयोग करेंगे। कुंभ हमारी प्राचीन परंपरा है किंतु कोरोना महामारी के चलते हुए जैसी भी स्थिति होगी उसी प्रकार से सभी संत और अखाड़े सरकार का सहयोग करेंगे। महामंडलेश्वर स्वामी यतीन्द्रानंद गिरी ने केदारनाथ मॉडल पर ही बद्रीनाथ गंगोत्री एवं यमुनोत्री धाम के विकास हेतु प्रयासरत मुख्यमंत्री की प्रशंसा की। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि देवस्थानम बोर्ड के तहत स्थानीय पुरोहित समाज के हितों का पूरा ध्यान रखा गया है। सभी संतो ने मुख्यमंत्री को स्वस्थ और दीर्घायु होने का आशीर्वाद दिया।