दादी के साथ घास काट रही थी पोती, मगरमच्छ ने तालाब में खींचा और मार डाला

हरिद्वार जिले के लक्सर से एक दुखद घटना प्रकाश में आई हैं यहां सात साल की एक पोती अपनी दादी के साथ खेत में घास काट रही थी। तभी खेत के समीप तालाब से मगरमच्छ निकल आया और पोती को उठाकर तालाब लेकर गया। सूचना पाकर पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद शव को तालाब से बाहर निकाला।

रायसी चैकी क्षेत्र के पंडितपुरी गांव निवासी जयेंद्र की मां रेलवे लाइन से सटे खेत में घास काटने गई थीं। जयेंद्र की सात साल की बेटी राधिका और पड़ोस की एक अन्य लड़की भी उनके साथ थी। तभी तालाब में कमल के फूल को देखकर बच्ची ललचा गई और फूल तोड़ने के लिए पानी के भीतर चली गई। इस दौरान मगरमच्छ ने बच्ची को दबोच लिया। बच्ची चिल्लाई तो उसकी दादी के साथ मौजूद दूसरी लड़की ने उसे देख लिया। दोनों ने शोर मचाया लेकिन मगरमच्छ बच्ची को खींचकर तालाब के गहरे पानी में चला गया।

चैकी प्रभारी ब्रजपाल सिंह के अनुसार वन विभाग की टीम के साथ मगरमच्छ को पकड़ने तथा बच्ची को उसके चंगुल से निकालने के लिए तालाब में जाल डाला गया। काफी खोजबीन के बाद करीब पांच घंटे बाद बच्ची का शव तालाब से बरामद हो गया।

हरिद्वार की अस्थाई जेल से फरार आठ कैदी, पुलिस ने शुरू की काॅबिंग

देहरादून की अस्थाई जेल से फरार कैदी वाली घटना अब हरिद्वार में दोहराई गई है। हरिद्वार की अस्थाई जेल से खंूखार बदमाश कलीम और नरेंद्र वाल्मीकी गैंग के पांच गुर्गे सहित आठ कैदी फरार हो गए है। यह कैदी अस्थाई जेल की दो मंजिला छत से कूद कर भाग निकले। अब, पुलिस फरार कैदियों की तलाश के लिए काॅबिंग में लग गई है। वहीं, एसएसपी ने सीमाओं पर चैकसी बढ़ा दी है।

बता दें कि रोशनाबाद स्थित भिक्षुक गृह में बनी इस अस्थाई जेल का मंगलवार की सुबह कैदियों ने बैरिक में लगा ताला तोड़ा और दो मंजिला छत से कूदकर अस्थाई जेल से फरार हो गए। इसका पता तब चला जब सुरक्षाकर्मी बैरिक पर पहुंचा। देखा की दो बैरिक खाली है। सूचना के बाद पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया।

यह कैदी हुए फरार
फरार कैदियों में नरेंद्र वाल्मीकि गैंग के शूटर सागर चैहान पुत्र अमर राज चैहान निवासी सैनिक कॉलोनी चाऊ मंउी रुड़की, निशांत वर्मा पुत्र धीरज वर्मा निवासी सैनिक कॉलोनी चाऊ मंडी रुड़की के साथ ही कलीम गैंग के गुर्गे रजत सती पुत्र राजेंद्र सती निवासी खड़खड़ी हरिद्वार, नीशु शर्मा उर्फ बिजली पुत्र देवेंद्र शर्मा निवासी मोहल्ला रामगढ़ खड़खड़ी हरिद्वार, शुभम पंवार पुत्र विक्रम पंवार निवासी सेलाकुंई देहरादून के अलावा अन्य तीन कैदी विपुल उर्फ छोटा पुत्र मांगेराम निवासी ब्रह्मपुर मंगलौर, बिट्टू पुत्र मोहर सिंह उर्फ कल्लू निवासी देवबंद सहारनपुर, वाजिद पुत्र नाजिर निवासी गढ़मीरपुर रानीपुर।

हरिद्वार गंगा में युगल ने लगाई छलांग, पुलिस तलाश में जुटी

हरिद्वार में चंडी घाट पुल पर लोगों के साथ एक युगल ने गंगा में छलांग लगा दी। मौके पर जमा भीड़ के अनुसार छलांग युवक और युवती ने लगाई। मौके से पुलिस को पुल के ऊपर एक बैग भी मिला है। इसमें एक युवती की आईडी पुलिस को मिली है। हालांकि अभी यह कहना कि यह उसकी युवती की आईडी है। पुलिस ने गंगा में रेस्क्यू अभियान चलाया। मगर, अभी तक उनका कुछ पता नहीं चल सका।

जानकारी के मुताबिक, गंगा में छलांग लगाते वक्त लोगों ने उन्हें देखा है। लोगों की ही सूचना पर नगर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। नगर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक अमरजीत सिंह ने बताया कि एक युवक और युवती ने चंडी पुल से छलांग लगाई है।

17 सितंबर को पितरों के मोक्ष के लिए गंगा स्नान की इजाजत नहीं

कोविड-19 के खतरे को देखते हुए पितृ विसर्जन अमावस्या पर गंगा स्नान पर रोक रहेगी। हरिद्वार जिला प्रशासन की ओर से बुधवार की शाम को गंगा घाट सील कर दिए गए।

डीएम हरिद्वार सी रविशंकर ने कहा है कि केंद्र और राज्य सरकार की गाइडलाइन का अनुपालन करते हुए तमाम प्रतिबंध किए जा रहे हैं। बृहस्पतिवार को होने वाली पितृ विसर्जन अमावस्या पर गंगा घाट पर किसी को भी एंट्री नहीं दी जाएगी। बता दें कि अमावस्या पर भारी संख्या में लोग अपने पूर्वजों का पिंडदान और तर्पण करने हरिद्वार के हरकी पैड़ी में पहुंचते हैं।

कचहरी परिसर में वकील पर फायरिंग, भगदड़ की रही स्थिति

हरिद्वार जनपद के रूड़की में दिन दहाड़े दो अज्ञात बदमाशों ने एक वकील पर फायरिंग कर दी। फायरिंग रामनगर की नई कचहरी परिसर में चली। गोली की आवाज से मौके पर भगदड़ सी मच गई। गोली चलाने वाले दो अज्ञात बदमाश मौके से फरार हो गए। वहीं, वकील की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

वकील मेधार्थी मलिक पर दो बदमाशों ने फायर झोंक दिया। सूचना पुलिस को मिली तो मोके पर तत्काल पहुंची और वकील को निजी चिकित्सालय ले जाया गया। यहां चिकित्सकों ने घायल वकील को सिविल अस्पताल रूड़की में भर्ती कराया। चिकित्सकों के अनुसार वकील की हालत खतरे से बाहर है। स्थानीय कोतवाली प्रभारी मनोज मैनवाल ने बताया कि पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है। साथ ही मौके से साक्ष्य जुटाए जा रहे है।

कुंभ मेला के कार्यों को टाईमबाउंड तरीके से पूरा करने के निर्देश

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सीएम आवास में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कुम्भ मेला 2021 की तैयारियों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुम्भ मेले के स्वरूप के बारे में अखाड़ा परिषद के संत महात्माओं के मार्गदर्शन में कोविड-19 की उस समय की परिस्थिति के अनुसार निर्णय लिया जाएगा।

संतों के आशीर्वाद से इस आयोजन को सभी धार्मिक परम्पराओं का पालन करते हुए बेहतर तरीके से सम्पन्न किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कुम्भ मेले के कार्यों को टाईमबाउंड तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाओं की पुख्ता व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर ली जाएं। तैयारियों में कोविड-19 की उस समय की सम्भावित परिस्थितियों का भी ध्यान रखा जाए। जहां जरूरी हो, अन्य राज्यों से भी आवश्यक सहयोग के लिये संबंधित अधिकारियों से सम्पर्क कर समन्वय किया जाए। मेलाधिकारी दीपक रावत ने कुम्भ मेला क्षेत्र में सड़क, घाट, पार्किंग, शौचालय, सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट, स्वास्थ्य सुविधाएं आदि की जानकारी दी। आईजी कुम्भ मेला संजय गुन्ज्याल ने क्राउड मैनेजमेंट और ट्रेफिक प्लान पर प्रस्तुतिकरण दिया।

गंभीर आरोप लगने से निलंबित हुए हरिद्वार जिले के जिला शिक्षा अधिकारी

जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक शिक्षा हरिद्वार ब्रह्मपाल सिंह सैनी को कुछ स्कूलों में गलत मान्यता देने और कई तरह की अनियमितताओं के आरोप लगने से निलंबित कर दिया है। शिक्षा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम ने आदेश जारी करते हुए कहा कि निलंबन के दौरान वह निदेशक माध्यमिक शिक्षा के कार्यालय में संबद्ध रहेंगे।

बता दें कि जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक शिक्षा हरिद्वार ब्रह्मपाल सिंह सैनी अपने गृह जनपद में तैनात हैं। उन पर एक शिक्षक को गलत सत्रांत लाभ देने का भी आरोप है। शिक्षा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम ने कहा कि हाईकोर्ट नैनीताल में दाखिल जनहित याचिका पदम कुमार बनाम उत्तराखंड राज्य व अन्य में 30 जुलाई 2020 को पारित आदेश के क्रम में जिला शिक्षा अधिकारी को पांच अगस्त 2020 को आरोप पत्र दिया गया था। कहा कि आरोप गंभीर प्रकृति के हैं, जिसे देखते हुए उन्हें निलंबित कर दिया गया है।

प्रेमिका से मिलने घर आए प्रेमी की घर वालों ने कर दी जमकर धुनाई

प्रेमिका के घर आए प्रेमी की उसके परिजनों ने जमकर धुनाई कर दी। यह बात प्रेमिका को नागवर गुजरी और उसके गुस्से में जहरीला पदार्थ निगल लिया। परिजनों ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया। यहां उसकी सेहत में सुधार है। तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर युवती के बयान लिए।

यह घटना है हरिद्वार जिले के लक्सर क्षेत्र की। यहां कोतवाली क्षेत्र की युवती का गांव के ही युवक के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा है। युवक ने अपने परिजनों को शादी का प्रस्ताव लेकर दो बार युवती के घर पर भी भेजा, मगर उन्होंने इनकार कर दिया। युवक को खबर मिली कि युवती के परिवार वालों ने उसका रिश्ता किसी अन्य जगह कर दिया है। इसी वजह से शुक्रवार को युवक युवती से बात करने उसके घर चला गया, इसी बीच युवती के परिजनों ने पकड़कर उसकी पिटाई कर दी। इससे नाराज युवती ने शुक्रवार देर शाम जहरीला पदार्थ खा लिया, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई। तहसीलदार सुनैना राणा ने अस्पताल पहुंचकर युवती के बयान दर्ज किए। फिलहाल युवती की हालत में सुधार है।

कुंभ कार्यों को समय और गुणवत्ता के साथ संपन्न करांए अधिकारीः त्रिवेन्द्र

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने हरिद्वार में कुम्भ 2021 के सम्बन्ध में अखाड़ा परिषद के संत महात्माओं के साथ विचार विमर्श किया। बैठक के दौरान मेलाधिकारी दीपक रावत ने कुम्भ मेले हेतु किए जा रहे कार्यों की अद्यतन जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने सभी महात्माओं का माल्यार्पण कर स्वागत करते हुए कहा कि कुंभ की परंपरा में संतों के आशीर्वाद की आवश्यकता रहती है। संत महात्माओं ने मुख्यमंत्री के आश्वासन पर संतोष व्यक्त करते हुए मेले के सफल आयोजन के लिए अपना पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने श्री गंगा सभा हरिद्वार द्वारा कुम्भ महापर्व 2021 की प्रमुख स्नान तिथियों में से सभी अखाड़ों के संत महात्माओं की उपस्थिति में उनकी सर्वसम्मति से आगामी कुंभ मेले में आयोजित होने वाले चार शाही स्नानों की घोषणा की कुंभ मेले में होने वाले शाही स्नान में 11 मार्च 2021 (महाशिवरात्रि), 12 अप्रैल 2021 सोमवती अमावस्या, 14 अप्रैल 2021 बैसाखी कुम्भ स्नान एवं 27 अप्रैल 2021 चौत्र पूर्णिमा स्नान आयोजित होंगे। इसके साथ ही 6 पर्व स्नान 14 जनवरी 2021 (मकर संक्रान्ति), 11 फरवरी 2021 (मौनी अमावस्या), 16 फरवरी 2021 (बसंत पंचमी), 27 फरवरी 2021 (माघ पूर्णिमा), 13 अप्रैल 2021 (नव सम्वत् सर) एवं 21 अप्रैल 2021 (राम नवमी) को आयोजित होंगे।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि वे कुंभ कार्यों को समयबद्धता एवं गुणवत्ता के साथ संपन्न कराएं। इसमें जिन विभागों को कोई भी समस्या हो, उसे मेलाधिकारी के संज्ञान में लाएं। यदि स्वीकृति शासन स्तर से की जानी हो तो उसकी भी व्यवस्था की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने जल संस्थान के अधिकारियों को सीवर के कार्यों में तेजी लाते हुए निर्धारित समय पर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने एनएचएआई को भी कुम्भ क्षेत्र में नेशनल हाइवे के कार्यों को पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों को दिन रात करते हुए युद्ध स्तर पर करने के निर्देश देते हुए कहा कि राज्य सरकार की ओर से हर संभव सहायता दी जाएगी। उन्होंने सभी आवश्यक अधिकारी तैनात किए जाने के भी निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रमुख संतों को आवश्यक सुरक्षा एवं अखाड़ों से लगातार संपर्क कर कुंभ मेले हेतु कार्य किए जाएं। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण हटाने के लिए समयबद्धता के साथ कार्य किया जाए। कुंभ क्षेत्र में निर्माण कार्यों के लिए निर्माण सामग्री की आवश्यकता के अनुसार विभागों को पट्टे आबंटित किए जाएंगे। इसके लिए दिन रात कार्य करने हेतु परमिट दिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ मेले के सफल आयोजन हेतु सभी अखाड़ों के संत महात्माओं का सहयोग आवश्यक है।

बैठक में कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, विधायक सुरेश राठौर, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी महाराज, महामंत्री हरिगिरी महाराज, रविन्द्र पुरी महाराज, महंत प्रेम गिरी महाराज, महंत धर्म दास, महंत राजेन्द्र दास, मुखिया मंहत भगत राम, महन्त जसविंदर सिंह, महंत साधना नन्द, मंहत देवेंद्र सिंह शास्त्री, महंत राम दास आदि उपस्थित रहे।

10 फरवरी से ड्रोन से होगी राज्य के मगरमच्छ और घड़ियालों की गिनती

10 फरवरी से राज्य में मगरमच्छों और घड़ियालों की गिनती ड्रोन कैमरे से हो सकेगी। दस दिन के भीतर यह काम पूरा हो जाने की उम्मीद है। इसी के साथ उत्तराखंड देश में पहला ऐसा राज्य बन जाएगा जहां मगरमच्छ और घड़ियालों की गिनती ड्रोन से होगी।

वन विभाग ड्रोन फोर्स नेपाल और उत्तर प्रदेश की सीमा के अंदर उत्तराखंड के चार वन वृत्त में काम करेगी। नेपाल सीमा से सटी शारदा नदी, हरिद्वार के शिवालिक वृत्त, राजाजी टाइगर रिजर्व और कार्बेट पार्क के 6370 वर्ग किलोमीटर में लगभग 12 साल बाद मगरमच्छ व घड़ियाल की गणना करेगा। गणना में राज्य की नदियों, झीलों, दलदल में छोटे और हाई क्वालिटी ड्रोन कैमरों की सहायता ली जाएगी। शारदा नदी, गोला नदी, गंडोर टुंबड़िया, रामगंगा, नानक सागर, बाण गंगा, कालागढ़ जलाशयों में पानी के बहाव के अनुरूप ड्रोन कैमरों को फिक्स किया जाएगा। इन कैमरों की प्रतिदिन की वीडियोग्राफी का विश्लेषण किया जाएगा। मगरमच्छ और घड़ियालों की गणना के बाद वन विभाग की ड्रोन फोर्स पूरे उत्तराखंड के वन क्षेत्र की निगरानी करेगा। उत्तराखंड में मगरमच्छ और घड़ियाल की गणना वर्ष 2008 में की गई थी। तब गणना में सामने आया था कि प्रदेश में 123 मगरमच्छ व 223 घड़ियाल हैं।

प्रभागीय वनाधिकारी हरिद्वार आकाश वर्मा बताते है कि ड्रोन का इस्तेमाल मगरमच्छों की गणना में किया जाएगा। इसके लिए पूरी तैयारी कर ली गई है। हालांकि हरिद्वार वन प्रभाग में दो साल से निजी ड्रोन की मदद ले रहे हैं।

डॉ. धकाते ने बनाई थी ड्रोन फोर्स
देशभर में उत्तराखंड ने सबसे पहले ड्रोन फोर्स बनाई है। ड्रोन फोर्स बनाने का श्रेय वन संरक्षक कुमाऊं जोन डॉ. पीएम धकाते को जाता है। डॉ. पीएम धकाते ड्रोन फोर्स के जन्मदाता एवं समन्वयक हैं। उनका दावा है कि ड्रोन फोर्स वन तस्करी रोकने और वनों की सुरक्षा के लिए मील का पत्थर साबित होगी। पर्यावरण मित्र रविंद्र मिश्रा का कहना है कि ड्रोन फोर्स इस कार्य में शत प्रतिशत परिणाम देगी। ड्रोन फोर्स से वनों की सुरक्षा में मदद तो मिलेगी और जल्दी नतीजे प्राप्त होंगे।