बीते तीन माह में बाल कल्याण समिति के समक्ष 236 प्रकरण प्रस्तुत हुए, जिनमें 120 का हुआ निस्तारणः डीएम

जिलाधिकारी व अध्यक्ष जिला बाल संरक्षण इकाई, देहरादून डा. आशीष चौहान की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में देर शाम बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति, बाल कल्याण समिति, चाइल्ड हेल्पलाइन-1098 तथा बाल भिक्षावृत्ति निवारण प्रयास/इंटेंसिव केयर सेंटर, साधु राम इंटर कॉलेज की त्रैमासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में बाल संरक्षण, पुनर्वास, दत्तक ग्रहण, शिक्षा, स्वास्थ्य, बालश्रम, बाल विवाह एवं बाल भिक्षावृत्ति उन्मूलन से संबंधित कार्यों की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि प्रत्येक प्रकरण में बच्चे के सर्वाेत्तम हित, सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पुनर्वास को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जाए। बाल संरक्षण से जुड़े सभी विभाग एवं संस्थाएं आपसी समन्वय से प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें तथा लापरवाही पाए जाने पर जवाबदेही तय की जाए।

बैठक में बताया गया कि विगत तीन माह में बाल कल्याण समिति के समक्ष 236 प्रकरण प्रस्तुत हुए, जिनमें 120 का निस्तारण किया जा चुका है। संस्थागत बालगृहों में निवासरत 06 बच्चों को दत्तक ग्रहण हेतु विधिक रूप से मुक्त किया गया। वित्तीय वर्ष 2026 में अब तक 05 बच्चों को दत्तक ग्रहण में दिया गया है। वर्ष 2016 से अब तक जनपद से कुल 109 बच्चों को देश एवं विदेश में दत्तक ग्रहण में दिए जाने की जानकारी दी गई।

चाइल्ड हेल्पलाइन-1098 की समीक्षा में अप्रैल-जून के दौरान 200 तथा जुलाई से अब तक 174 प्रकरण प्राप्त होने की जानकारी दी गई। बाल विवाह के 02 मामले तथा बालश्रम के 46 प्रकरण प्राप्त हुए हैं। जिलाधिकारी ने पारिवारिक समस्याओं एवं अन्य संवेदनशील प्रकरणों में काउंसलिंग और नियमित फॉलोअप के निर्देश दिए।

जनपद में संचालित 19 राजकीय एवं स्वैच्छिक बालगृहों की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने आवास, भोजन, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं को मानकों के अनुरूप बनाए रखने तथा कमियों का समयबद्ध समाधान कराने के निर्देश दिए। समीक्षा अवधि में बालगृहों के 16 निरीक्षण किए गए। संस्थाओं में कार्यरत 156 कार्मिकों में से 138 का पुलिस सत्यापन हो चुका है तथा शेष का सत्यापन शीघ्र कराने को कहा गया।

बालगृहों में निवासरत 302 बच्चों की दस्तावेजी स्थिति की समीक्षा में बताया गया कि 236 के आधार कार्ड, 95 के आयुष्मान कार्ड एवं 116 के राशन कार्ड बनाए जा चुके हैं तथा 219 बच्चे विद्यालयों में अध्ययनरत हैं। शेष बच्चों के दस्तावेज प्राथमिकता से तैयार कराने के निर्देश दिए गए।

बैठक में बाल भिक्षावृत्ति एवं बालश्रम उन्मूलन अभियान की समीक्षा में बताया गया कि दिसंबर 2024 से अब तक 744 बच्चों को चिन्हित/रेस्क्यू किया गया, जिनमें 111 बाल भिक्षावृत्ति, 173 कूड़ा बीनने वाले, 101 बालश्रम, 307 ड्रॉपआउट एवं 52 अन्य श्रेणी के बच्चे शामिल हैं। इनमें से 216 बच्चों का विद्यालयों में प्रवेश कराया गया है। जिलाधिकारी ने रेस्क्यू के बाद शिक्षा, स्वास्थ्य, काउंसलिंग एवं पुनर्वास के लिए प्रभावी फॉलोअप सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने मिशन वात्सल्य के तहत ब्लॉक, ग्राम, नगर निकाय एवं वार्ड स्तर पर बाल संरक्षण समितियों को सक्रिय करने तथा उपलब्ध अनटाइड अनुदान की 5 प्रतिशत धनराशि बच्चों के कल्याण एवं सुरक्षा पर नियमानुसार व्यय करने के निर्देश दिए। साथ ही अनाथ एवं परित्यक्त बच्चों के प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र, दत्तक ग्रहण, अन्य राज्यों के बच्चों को गृह राज्य भेजने तथा बच्चों के अभिलेख अद्यतन रखने की कार्रवाई समयबद्ध रूप से करने को कहा।

बैठक में संयुक्त मजिस्ट्रेट हर्षिता सिंह, अध्यक्ष जिला बाल कल्याण समिति नमिता ममगाईं, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, जिला शिक्षा अधिकारी प्रेमलाल भारती, पुलिस क्षेत्राधिकारी वंदना वर्मा, जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर हीपसकपलंस, जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास जितेंद्र कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

डीएम दून का नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के तहत यातायात सुधार पर विशेष फोकस

मोबिलिटी प्लान के अंतर्गत देहरादून शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम, सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाने तथा पार्किंग की समस्या के स्थायी समाधान के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान की अध्यक्षता में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में शहर की यातायात व्यवस्था में सुधार, पार्किंग स्थलों के बेहतर उपयोग, लंबित निर्माण कार्यों की प्रगति एवं आगामी कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की गई।

जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि देहरादून शहर में बढ़ते यातायात दबाव को कम करने के लिए आवश्यकतानुसार सड़कों, चौराहों एवं जंक्शनों के सुधारीकरण हेतु माइक्रो लेवल प्लान तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि यातायात व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा योजनाओं को समयबद्ध रूप से धरातल पर उतारें।

बैठक में आढ़त बाजार क्षेत्र में यातायात सुधार एवं व्यवस्थाओं, जंक्शन इम्प्रूवमेंट कार्यों की प्रगति, पार्किंग उपयोगिता की मॉनिटरिंग व्यवस्था, इंदिरा मार्केट पुनर्विकास कार्य, मंडी शिफ्टिंग, परेड ग्राउंड पार्किंग, रामराय पार्किंग सहित विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी ने आढ़त बाजार क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक सुधारात्मक कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि शहर के प्रमुख चौराहों के सुधारीकरण एवं सौंदर्यीकरण के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करते हुए कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराया जाए, जिससे यातायात का सुचारू संचालन सुनिश्चित हो सके।

बैठक में इंदिरा मार्केट में निर्माणाधीन मल्टीलेवल कार पार्किंग की प्रगति की समीक्षा करते हुए बताया गया कि यहां लगभग 1050 वाहनों की क्षमता वाली पार्किंग विकसित की जा रही है। जिलाधिकारी ने कार्य की धीमी गति पर असंतोष व्यक्त करते हुए एमडीडीए के अधिकारियों को निर्देश दिए कि संबंधित कार्यदायी संस्था/फर्म के साथ बैठक कर प्रगति की विस्तृत आख्या प्रस्तुत की जाए तथा निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि पार्किंग स्थलों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने के लिए नियमित मॉनिटरिंग व्यवस्था विकसित की जाए, ताकि शहर में अनावश्यक जाम की स्थिति को कम किया जा सके और आमजन को सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।

नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के अंतर्गत शहर की यातायात व्यवस्था में सुधार के लिए जिलाधिकारी ने पुलिस अधीक्षक यातायात एवं नगर निगम को प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यातायात प्रबंधन के साथ-साथ प्रदूषण नियंत्रण, बेहतर पार्किंग व्यवस्था एवं सार्वजनिक सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए योजनाएं तैयार की जाएं।

जिलाधिकारी ने मंडी शिफ्टिंग, आढ़त बाजार सड़क सुधार, परेड ग्राउंड एवं रामराय पार्किंग सहित अन्य विकास कार्यों की नियमित समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को लंबित कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने देहरादून शहर की यातायात व्यवस्था को आधुनिक, व्यवस्थित एवं जनसुविधा केंद्रित बनाने के लिए सभी विभागों को गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिए।

बैठक में पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व के.के मिश्रा, उप जिलाधिकारी सदर अपूर्वा सिंह, संभागीय परिवहन अधिकारी संदीप सैनी, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, एमडीडीए, नगर निगम सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

मानसून को लेकर दून डीएम सख्त, जलभराव, जर्जर भवन, गड्ढों, विद्युत सुरक्षा एवं डेंगू नियंत्रण पर दिए कड़े निर्देश

जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में आगामी मानसून के दृष्टिगत शहर क्षेत्र में आवश्यक व्यवस्थाओं, सड़क सुरक्षा, जल निकासी, विद्युत व्यवस्था एवं जनसुविधाओं से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं की विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को मानसून अवधि में सतर्कता बरतते हुए त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने रिस्पना एवं बिंदाल नदी किनारे निवासरत लोगों की सुरक्षा के लिए किए गए कार्यों की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने एवं आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने शहर की सफाई व्यवस्था एवं मानसून के दृष्टिगत नालियों/नालों की सफाई कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी प्रमुख नालों की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए, ताकि जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो। उन्होंने कहा कि जलभराव वाले संभावित क्षेत्रों को चिन्हित कर पूर्व में ही आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएं। जिलाधिकारी ने सिंचाई विभगा के अधिकारियों को शहर में नहर एवं अण्डरग्राउंड नहर के सम्बन्ध में विस्तृत विवरण प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए।

बैठक में जिलाधिकारी ने शहर क्षेत्र में रोड कटिंग के उपरांत सड़क रिस्टोरेशन कार्यों की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करते हुए सड़क कटिंग के बाद तत्काल मरम्मत कार्य पूर्ण करें, ताकि आमजन को आवागमन में असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने मानसून के दौरान सड़कों पर उत्पन्न होने वाली संभावित समस्याओं के समाधान हेतु कार्ययोजना तैयार रखने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि निर्माण कार्य के दौरान खोदी गई सड़कों को पुर्नस्थापित करने के निर्देश साथ ही चेतावनी दी तथा सदस्य सचिव सड़क सुरक्षा समिति अधीक्षण अभियंता लोनिवि, नगर निगम, यूयूएसडीए संचालित निर्माण कार्यों स्थलीय निरीक्षण करते हुए आख्या प्रस्तुत करने तथा सड़क को तत्काल गुड्डामुक्त करते हुए यातायात हेतु सुरक्षित करने के निर्देश दिए। साथ ही गेल द्वारा संचालित कार्यों में सुरक्षा मानकों की लापरवाही बरतने की शिकायत पर सम्बन्धित ठेकेदार के विरूद्ध अर्थदण्ड की कार्यवाही करने तथा पुनरावृत्ति होने पर ब्लैकलिस्ट की चेतावनी दी। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया किया यदि सड़क पर गड्डो से यदि कोई दुर्घटना होती है अथवा जानमाल की हानि होती है तो सम्बन्धित की जिम्मेदारी तय करते हुए विधिक कार्यवाही की जाएगी।

बैठक में डेंगू नियंत्रण एवं रोकथाम के लिए किए जा रहे कार्यों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग एवं नगर निकाय अधिकारियों को निर्देश दिए कि डेंगू प्रभावित क्षेत्रों में नियमित फॉगिंग, लार्वा नष्ट करने की कार्रवाई तथा जनजागरूकता अभियान प्रभावी रूप से संचालित किए जाएं। जिलाधिकारी ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को जिले में अवस्थित समस्त स्कूलों में डेंगू, मलेरिया सुरक्षा के दृष्टिगत बच्चों को फूल बाजू की डेªस में आने की व्यवस्था लागू करने के साथ ही डेंगे मलेरिया से जनमानस को जागरूक करने हेतु जनजागरूकता कार्यक्रम चलाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने मानसून सीजन के दृष्टिगत दुर्गम क्षेत्रों में हाईरिस्क प्रेगनेंसी, गर्भवती महिलाओं से दूरभाष पर वार्ता कर उनका हॉल चाल जाना तथा मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए कि गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य के निरंतर मॉनिटिरिंग की जाए, निर्देशित किया कि महिलाओं को प्रसव तिथि से एक सप्ताह पूर्व ही नजदीकि चिकित्सालय सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाए।

जिलाधिकारी ने पेयजल निगम एवं जल संस्थान को पानी शुद्वता एवं खाद्य सुरक्षा विभाग को संचालित होटल रेस्टोंरेट में खाने गुणवत्ता एवं की निरंतर जांच कराते हुए रिपोर्ट प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने शहर में स्ट्रीट लाइटों की स्थिति की समीक्षा करते हुए खराब एवं बंद पड़ी लाइटों को तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश नगर निकाय एवं संबंधित विभागों को दिए। उन्होंने कहा कि रात्रि के समय प्रकाश व्यवस्था बेहतर रहना जनसुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। डीएम ने नगर मजिस्टेªट एवं उप जिलाधिकारी नगर निगम, नगर निकाय के अधिकारी अपने क्षेत्रों में स्ट्रीट लाईटों का निरीक्षण करते हुए खराब स्ट्रीट लाईट ठीक कराने तथा जिन क्षेत्रों में स्ट्रीट लाईट नही है वहां स्ट्रीट लाईट लगवाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी स्वयं इसकी मॉनिटिरिंग कर रहे हैं। बैठक में शहर क्षेत्र में संचालित रैनबसेरों की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी रैनबसेरों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध रहें तथा जरूरतमंद लोगों को समय पर आश्रय एवं अन्य सुविधाएं मिल सकें। जिलाधिकारी ने शहर में स्थित जर्जर एवं असुरक्षित भवनों के संबंध में की गई कार्रवाई की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि ऐसे भवनों का चिन्हीकरण कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि वर्षा ऋतु में किसी भी प्रकार की दुर्घटना की संभावना को रोका जा सके, नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि नगर में 23 भवन चिन्हिकरण किए गए है जिस पर जिलाधिकारी ने कहा कि मा0 न्यायालय में लम्बित वाद वालें भवनों को छोड़कर जनसुरक्षा के दृष्टिगत ऐसे शेष भवनों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत् ध्वस्तीकरण की कार्यवाही की जाए।

बैठक में विद्युत पोलों, आवासीय भवनों एवं वृक्षों से सटे अथवा लटकते विद्युत तारों की स्थिति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने विद्युत विभाग को निर्देशित किया कि ऐसे स्थानों को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित कर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि ढीले एवं असुरक्षित तार जनसुरक्षा के लिए खतरा बन सकते हैं, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। यूपीसीएल के अधिकारियों को निर्देश दिए कि क्षेत्र चिन्हित करते हुए केबल भूमिगत कराने के कार्य को व्यवस्थित ढंग से पूर्ण करने तथा विद्युत लाईन की स्थिति तथा मानसून के दृष्टिगत खराब विद्युत लाईन चिन्हीकरण एवं सुधारीकरण कार्य हेतु टास्कफोर्स बनाने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान ने कहा कि मानसून के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनहित से जुड़े कार्यों में लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।
बैठक में अपर जिलाधिकारी वि/रा के.के मिश्रा, पुलिस अधीक्षक नगर प्रमोद कुमार, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 मनोज शर्मा, अधीक्षण अभियंता लोनिवि ओमपाल सिंह, अधीक्षण अभियंता सिंचाई, नगर निगम, लोक निर्माण विभाग, ऊर्जा निगम, स्वास्थ्य विभाग सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।