सचिव आवास ने ली झीलों के पुनर्विकास और सौन्दर्यकरण परियोजना से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक

देहरादून। उत्तराखंड के प्रमुख पर्यटन जनपद नैनीताल की झीलों को और अधिक आकर्षक और व्यवस्थित बनाने की दिशा में सरकार ने कदम तेज कर दिए हैं। आवास विभाग के सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने राज्य सचिवालय में जनपद नैनीताल की आवास विभाग से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक ली। बैठक में नैनीताल के जिलाधिकारी डॉ. ललित मोहन रयाल वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए। इस दौरान उप सचिव आवास रजनीश जैन, अनुसचिव वित्त गौरीशंकर जोशी और राज्य सरकार के विशेष सलाहकार जी.पी. पंत भी मौजूद रहे।

*भीमताल झील के सौन्दर्यीकरण पर विशेष जोर*
समीक्षा बैठक में भीमताल झील के पुनर्विकास और सौन्दर्यकरण परियोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। इस परियोजना की अनुमानित लागत 2567.49 लाख रुपये निर्धारित की गई है। योजना का उद्देश्य भीमताल झील क्षेत्र को पर्यटन के लिहाज से अधिक आकर्षक, सुविधाजनक और व्यवस्थित बनाना है ताकि पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिल सके और क्षेत्र का समग्र विकास हो।

*पाथ-वे, पार्क और पार्किंग जैसी सुविधाएं होंगी विकसित*
परियोजना के तहत झील के चारों ओर आकर्षक और सुरक्षित पाथ-वे का निर्माण किया जाएगा, जिससे पर्यटक झील के चारों ओर आसानी से घूम सकेंगे। इसके अलावा सुभाष पार्क और दीनदयाल पार्क का सौन्दर्यीकरण किया जाएगा। योजना में लगभग 40 वाहनों की क्षमता वाली पार्किंग, लैंडस्केपिंग, आधुनिक उपकरणों की स्थापना, ओपन सिटिंग एरिया का निर्माण तथा बच्चों के लिए खेल क्षेत्र विकसित करने का भी प्रावधान किया गया है। साथ ही पूरे क्षेत्र में बेहतर प्रकाश व्यवस्था के लिए विद्युत्तीकरण का कार्य भी किया जाएगा।

बैठक में नौकुचियाताल झील और कमलताल झील के पुनर्विकास और सौन्दर्यकरण परियोजना की भी समीक्षा की गई। इस परियोजना की अनुमानित लागत 2097.02 लाख रुपये आंकी गई है। योजना के तहत नौकुचियाताल झील के चारों ओर लगभग 2089 मीटर लंबा पाथ-वे बनाया जाएगा, जिससे पर्यटकों को झील के चारों ओर सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सकेगी।

*पर्यटकों के लिए बनेंगे गजिबो, सेल्फी प्वाइंट और बोटिंग स्टैंड*
इस परियोजना के तहत झील के आसपास चार गजिबो, एक आकर्षक सेल्फी प्वाइंट, पार्किंग सुविधा तथा बोटिंग स्टैंड का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही क्षेत्र में लैंडस्केपिंग, बच्चों के खेलने के लिए आधुनिक उपकरण, हॉर्टिकल्चर कार्य और विद्युत्तीकरण की व्यवस्था भी विकसित की जाएगी। इन सुविधाओं के विकसित होने से नौकुचियाताल क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है।

*पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा*
अधिकारियों का मानना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से नैनीताल जनपद की झीलों के आसपास पर्यटन सुविधाओं में बड़ा सुधार होगा। इससे न केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आजीविका के नए अवसर भी पैदा होंगे। साथ ही झीलों के आसपास का क्षेत्र अधिक सुव्यवस्थित और आकर्षक दिखाई देगा।

*सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार का बयान*
आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि नैनीताल जनपद की झीलें उत्तराखंड की प्राकृतिक धरोहर हैं और इनके संरक्षण तथा सुव्यवस्थित विकास के लिए सरकार गंभीरता से कार्य कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भीमताल, नौकुचियाताल और कमलताल झील से जुड़ी सभी परियोजनाओं को तय समयसीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का उद्देश्य केवल सौन्दर्यीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यटकों के लिए बेहतर आधारभूत सुविधाएं विकसित करना, पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए संतुलित विकास सुनिश्चित करना और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करना भी है। डॉ. कुमार ने कहा कि झीलों के आसपास स्वच्छता, हरियाली और आधुनिक पर्यटन सुविधाओं का समन्वित विकास किया जाएगा। इसके साथ ही जिलाधिकारी और संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि परियोजनाओं की नियमित निगरानी की जाए और कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।

आवास सचिव का एमडीडीए की तीन महत्वपूर्ण परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के क्रम में देहरादून शहर को सुनियोजित, आधुनिक एवं सुव्यवस्थित स्वरूप देने के उद्देश्य से मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा संचालित प्रमुख परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि शहरी आधारभूत संरचना को सुदृढ़ किया जाए तथा यातायात, पार्किंग और व्यापारिक गतिविधियों से जुड़ी समस्याओं का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए। इसी क्रम में आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार लगातार विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर रहे हैं तथा समय-समय पर स्थलीय निरीक्षण कर कार्यों की गुणवत्ता और समयसीमा की निगरानी कर रहे हैं। आज आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार द्वारा मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) की तीन अति महत्वपूर्ण परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।

*इंदिरा मार्केट पुर्नविकास परियोजना*
इंदिरा मार्केट एवं टैक्सी स्टैंड क्षेत्र के प्रभावित दुकानदारों को एक सुव्यवस्थित और आधुनिक मार्केट में स्थानांतरित किए जाने हेतु यह परियोजना संचालित की जा रही है। परियोजना के प्रथम चरण का कार्य प्रगति पर है। वर्तमान में C एवं D ब्लॉक में दो तल का बेसमेंट निर्माण पूर्ण किया जा चुका है तथा शीर्ष तल का निर्माण कार्य गतिमान है। परियोजना के अंतर्गत तीन तल के बेसमेंट का प्रावधान करते हुए कुल 1050 कार पार्किंग की व्यवस्था की गई है। बेसमेंट निर्माण पूर्ण होने के उपरांत दुकानों का निर्माण कार्य किया जाएगा। परियोजना को दिसंबर माह तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, ताकि प्रभावित दुकानदारों को शीघ्र दुकानों का आवंटन किया जा सके। निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों तथा निर्धारित समयसीमा के अनुरूप कार्य पूर्ण करने के संबंध में विशेष निर्देश दिए गए।

*आढ़त बाजार परियोजना*
देहरादून शहर के केंद्र में तहसील चौक से सहसपुर चौक के मध्य स्थित सड़क को 24 मीटर चौड़ी व्यवस्थित सड़क के रूप में विकसित किया जाना प्रस्तावित है। वर्तमान में सड़क की चौड़ाई 16 से 18 मीटर होने के कारण यातायात जाम की समस्या बनी रहती है। इस समस्या के समाधान हेतु हरिद्वार बाइपास पर लगभग 7.7 हेक्टेयर भूमि पर नवीन आढ़त बाजार विकसित किया जा रहा है। परियोजना के अंतर्गत विभिन्न श्रेणियों की मंडियों हेतु सुव्यवस्थित लेआउट तैयार कर निर्माण कार्य प्रगति पर है।व्यवसायियों एवं आमजन की सुविधा हेतु लगभग 650 वाहनों की क्षमता वाली मल्टी लेवल कार पार्किंग का निर्माण किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त वेयरहाउस, कार्यालय, ओवरहेड वाटर टैंक, एसटीपी (STP), पार्क एवं अन्य आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। विद्युत एवं पेयजल आपूर्ति की समुचित व्यवस्था भी सुनिश्चित की जा रही है। सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने निर्देश दिए कि गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न करते हुए निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण किया जाए।

*मल्टी लेवल कार पार्किंग, तहसील परिसर*
पलटन बाजार एवं तहसील चौक क्षेत्र में पार्किंग की समस्या को दृष्टिगत रखते हुए नवीन तहसील कार्यालय के साथ मल्टी लेवल कार पार्किंग का निर्माण प्रस्तावित है। इस संबंध में दरबार साहिब से वार्ता की प्रक्रिया प्रचलित है। उक्त स्थल पर आधुनिक तहसील कार्यालय के साथ लगभग 1000 वाहनों की पार्किंग सुविधा विकसित करने का प्रस्ताव है। परियोजना की जटिलता को देखते हुए सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वार्ता प्रक्रिया को शीघ्र पूर्ण कर परियोजना को धरातल पर उतारने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं।

*निरीक्षण के दौरान उपस्थित अधिकारी*
निरीक्षण के दौरान प्राधिकरण सचिव मोहन सिंह बर्निया, अधिशासी अभियंता सुनील कुमार, अपर अभियंता नवीन चंद्र जुनेजा, नज़ीर अहमद, वास्तुविद प्रशांत नौटियाल एवं परियोजना निदेशक निर्माण इकाई सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों को परियोजनाओं में गति लाने तथा मानकों के अनुरूप समयबद्ध पूर्णता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

*आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार का बयान*
आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में देहरादून शहर के समग्र एवं संतुलित विकास के लिए ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ईसी रोड मार्केट, आढ़त बाजार एवं मल्टी लेवल कार पार्किंग जैसी परियोजनाएं शहर की यातायात व्यवस्था, व्यापारिक गतिविधियों और आमजन की सुविधाओं को सुदृढ़ करेंगी। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कार्य गुणवत्ता मानकों के अनुरूप एवं निर्धारित समयसीमा में पूर्ण किए जाएं। परियोजनाओं में पारदर्शिता, तकनीकी मजबूती एवं दीर्घकालिक उपयोगिता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों को नियमित निगरानी रखने तथा किसी भी प्रकार की तकनीकी या प्रशासनिक बाधा को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए, ताकि आमजन को समय पर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

सीएम के दिशा निर्देशन में आवास परिषद का बड़ा फैसला, प्रदेश के प्रमुख शहरों में विकसित होंगे आधुनिक सामुदायिक केंद्र और आवासीय योजनाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा निर्देशन में उत्तराखण्ड आवास एवं विकास परिषद ने शहरी विकास को नई दिशा देने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। गुरुवार को आवास सचिव एवं आवास आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगी। उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में परिषद की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई और आम जनता को सुनियोजित, सुविधायुक्त एवं किफायती आवास उपलब्ध कराने के लिए ठोस कार्ययोजना तय की गई। बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि परिषद की योजनाएं केवल भवन निर्माण तक सीमित न रहें, बल्कि नागरिकों को बेहतर जीवनस्तर और आधुनिक आधारभूत सुविधाएं भी उपलब्ध कराएं।

*प्रमुख शहरों में बनेंगे आधुनिक सामुदायिक केंद्र*
बैठक की अध्यक्षता करते हुए आवास सचिव एवं आवास आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि परिषद द्वारा देहरादून, ऋषिकेश, रूड़की, काशीपुर सहित अन्य नगरों में आधुनिक सामुदायिक केंद्र विकसित किए जाने का प्रस्ताव रखा गया है। इन केंद्रों को इस प्रकार डिजाइन किया जाएगा कि आम नागरिक विवाह समारोह, सामाजिक कार्यक्रम एवं अन्य आयोजनों के लिए कम दरों पर इनका उपयोग कर सकें। यह पहल मध्यमवर्गीय और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए विशेष राहत लेकर आएगी। परिषद का मानना है कि इससे सामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और लोगों को निजी महंगे बैंक्वेट हॉल पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

*चौड़ी सड़क, पार्क और बेहतर सुविधाओं से युक्त आवासीय कॉलोनियां*
आवास सचिव एवं आवास आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि समीक्षा बैठक में देहरादून, ऋषिकेश, हरिद्वार, रूड़की, काशीपुर, जसपुर और अल्मोड़ा में भूखण्डों और भवनों के आवंटन की प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए गए। इन योजनाओं में चौड़ी सड़कें, हरित पार्क, सामुदायिक केंद्र और अन्य मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी। परिषद का उद्देश्य है कि नागरिकों को सुनियोजित वातावरण में सुरक्षित और व्यवस्थित आवास मिल सके। इससे न केवल जीवनस्तर सुधरेगा बल्कि राज्य की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

*श्रीनगर और जसपुर योजना को प्राथमिकता*
बैठक में श्रीनगर आवास योजना और जसपुर आवास योजना को प्राथमिकता के आधार पर विकसित करने का निर्णय लिया गया। इन योजनाओं में आधुनिक सुविधाओं से युक्त आवासीय ढांचा तैयार किया जाएगा, जिससे स्थानीय नागरिकों को बेहतर आवासीय विकल्प उपलब्ध हो सकें। परिषद ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन योजनाओं की रूपरेखा समयबद्ध तरीके से तैयार कर शीघ्र क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।

आवास सचिव एवं आवास आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद की तर्ज पर उत्तराखण्ड में भी लैंड पूलिंग मॉडल लागू करने के प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा हुई। इस मॉडल के माध्यम से भूमि स्वामियों की सहभागिता से बड़ी और सुव्यवस्थित आवासीय योजनाएं विकसित की जाएंगी। इस व्यवस्था से अवैध प्लॉटिंग पर रोक लगेगी और पारदर्शी, योजनाबद्ध विकास को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही आम नागरिकों को बेहतर बुनियादी ढांचे के साथ आवास उपलब्ध कराना संभव होगा। इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में अपर आवास आयुक्त दिनेश प्रताप सिंह, सीनियर अस्टिेंट नवीन शाह समेत अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे।

आवास सचिव एवं आवास आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि परिषद का लक्ष्य केवल मकान बनाना नहीं, बल्कि नागरिकों को सम्मानजनक और सुविधायुक्त जीवन देना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विभिन्न शहरों में सामुदायिक केंद्रों का निर्माण सामाजिक दृष्टि से एक बड़ी पहल होगी, जिससे आम जनता को कम लागत में बेहतर सुविधा मिल सकेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी आवासीय योजनाओं में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। श्रीनगर और जसपुर योजनाओं को शीघ्र धरातल पर उतारने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही लैंड पूलिंग मॉडल को अपनाकर सहभागितापूर्ण और संतुलित शहरी विकास सुनिश्चित किया जाएगा।

आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने ली प्राधिकरण की समीक्षा बैठक, विकास कार्यों में तेजी लाने के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के तहत प्रदेश में आवास एवं नगर विकास से जुड़ी योजनाओं को गति देने के उद्देश्य से आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने पदभार ग्रहण करने के बाद *“मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए)”* की पहली समीक्षा बैठक ली। सचिवालय स्थित अपने कक्ष में आयोजित इस बैठक में उन्होंने प्राधिकरण की विभिन्न योजनाओं, निर्माणाधीन परियोजनाओं और विकास कार्यों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की और अधिकारियों को समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

*चल रही परियोजनाओं की गहन समीक्षा*
समीक्षा बैठक में मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) की सभी गतिमान परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इसमें पार्किंग निर्माण, पार्कों का विकास, आवासीय योजनाएं, बाजार पुनर्विकास और अन्य शहरी विकास से जुड़े कार्य शामिल रहे। आवास सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं को तय समयसीमा के भीतर पूर्ण किया जाए और निर्माण गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की गति के साथ-साथ गुणवत्ता और पारदर्शिता सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

*मानचित्र स्वीकृति प्रक्रिया होगी और अधिक सरल व त्वरित*
समीक्षा बैठक में मानचित्र स्वीकृति प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई। आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानचित्र स्वीकृति प्रणाली को और अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाया जाए, ताकि आम नागरिकों और निवेशकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि तेज और सुगम प्रक्रिया से शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा और अवैध निर्माण की प्रवृत्ति पर भी अंकुश लगेगा।

*स्थलीय निरीक्षण कर खुद करेंगे परियोजनाओं की निगरानी*
आवास सचिव ने यह भी कहा कि वे स्वयं सभी महत्वपूर्ण और निर्माणाधीन परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण करेंगे। उन्होंने कहा कि मौके पर जाकर कार्यों की वास्तविक स्थिति का आकलन करने से समस्याओं की पहचान आसान होती है और समय रहते उनका समाधान किया जा सकता है। इससे परियोजनाओं की गुणवत्ता और समयबद्धता दोनों सुनिश्चित की जा सकेगी।

*ऋषिकेश, देहरादून, आढ़त बाजार व इंदिरा मार्केट परियोजनाएं प्राथमिकता में*
समीक्षा बैठक में मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ऋषिकेश, देहरादून तहसील क्षेत्र, आढ़त बाजार और इंदिरा मार्केट से जुड़ी परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली गई। आवास सचिव ने इन सभी परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाजारों और सार्वजनिक स्थलों का सुव्यवस्थित विकास न केवल शहर की सुंदरता बढ़ाता है, बल्कि आमजन को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ स्थानीय व्यापार को भी मजबूती देता है।

*पार्कों में गंदगी फैलाने वालों पर लगेगी पेनल्टी*
आवास सचिव ने मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा विकसित और संचालित पार्कों के रखरखाव पर भी सख्त रुख अपनाया। उन्होंने निर्देश दिए कि पार्कों में गंदगी फैलाने या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों पर पेनल्टी की प्रभावी व्यवस्था लागू की जाए। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थलों की सुरक्षा और स्वच्छता सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है और इसमें नागरिकों की सहभागिता भी जरूरी है।

*मास्टर प्लान और लैंड पूलिंग नीति पर बनेगी विशेष कार्ययोजना*
डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि आवास विभाग सभी विकास प्राधिकरणों के साथ समन्वय बनाकर काम करेगा। प्राधिकरण स्तर पर शासन में लंबित महत्वपूर्ण योजनाओं को प्राथमिकता पर निस्तारित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सभी विकास प्राधिकरणों के साथ माहवार समीक्षा बैठकें आयोजित की जाएंगी। प्रदेश के कई शहरों के मास्टर प्लान लंबे समय से लंबित हैं, जिन्हें समयबद्ध रूप से पूरा करने के लिए विशेष कार्ययोजना बनाई जाएगी। साथ ही लैंड पूलिंग नीति के तहत लैंड बैंक बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया जाएगा, ताकि सरकारी आवासीय योजनाओं के लिए भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।

*अधिकारियों ने दी परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी*
बैठक से पूर्व प्राधिकरण सचिव मोहन सिंह बर्निया ने आवास सचिव का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने प्राधिकरण की प्रमुख योजनाओं और परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। बैठक में वित्त नियंत्रक संजीव कुमार, अधिशासी अभियंता सुनील कुमार, सहायक अभियंता अजय मलिक, सहायक अभियंता सुनील गुप्ता, लेखपाल नजीर अहमद तथा वास्तुविद दृष्टि जैन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

*आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार का बयान*
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के तहत आवास एवं नगर विकास विभाग प्रदेश के सभी विकास प्राधिकरणों के साथ समन्वय बनाकर कार्य करेगा। हमारी प्राथमिकता है कि सभी विकास योजनाएं समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरी हों। मानचित्र स्वीकृति प्रक्रिया को सरल किया जाएगा और लंबित मास्टर प्लान व लैंड पूलिंग नीति पर विशेष कार्ययोजना बनाकर तेजी से अमल किया जाएगा।

उत्तराखंडः मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों में राज्यव्यापी फायर सेफ्टी ऑडिट अभियान होगा शुरू

उत्तराखंड सरकार ने राज्यभर के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों में सुरक्षा और फायर सेफ्टी को लेकर सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के निर्देशों पर सचिवालय में महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य व परिवार कल्याण एवं चिकित्सा शिक्षा डॉ. आर. राजेश कुमार ने की।

बैठक में यह निर्देश दिया गया कि राज्य के सभी सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों एवं अस्पतालों में फायर सुरक्षा प्रणाली को मजबूत किया जाएगा, हर महीने ड्रिल प्रैक्टिस आयोजित की जाएगी और समय-समय पर सुरक्षा ऑडिट किया जाएगा। सचिव ने स्पष्ट किया कि अस्पतालों में किसी भी प्रकार की लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी, और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सचिवालय में हुई समीक्षा बैठक में निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ अजय आर्य, प्राचार्य दून मेडिकल कॉलेज गीता जैन, उपसचिव जसंविदर कौर, सीएमएस दून मेडिकल कॉलेज डॉ आर एस बिष्ट सहित यूपीआरएल (न्.च्.त्.स्.) के प्रतिनिधि सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

दून मेडिकल कॉलेज में फायर सेफ्टी को लेकर सचिव ने दिए सख्त निर्देश
सचिव स्वास्थ्य डॉ आर राजेश कुमार ने फायर सेफ्टी से जुड़ी कार्यदायी संस्था को निर्देश दिया कि अग्नि संकटी से संबंधित अनापत्ति प्रमाण पत्र (छव्ब्) शीघ्र उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। इस संदर्भ में सचिव ने अग्निशमन विभाग से भी आवश्यक कार्रवाई करने का मौखिक अनुरोध किया। सचिव स्वास्थ्य डॉ आर राजेश कुमार ने यह भी निर्देश दिया कि स्प्रिंकलर, मोटर्स एवं अन्य फायर सेफ्टी उपकरणों की जांच कर उनका डेमो कराया जाए, ताकि किसी आपात स्थिति में तत्परता सुनिश्चित हो सके। इसके अलावा उन्होंने निदेशक, चिकित्सा शिक्षा को आदेशित किया कि प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में प्रत्येक माह फायर मॉक ड्रिल कराई जाए। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य को निर्देश दिए गए कि कार्यदायी संस्था के साथ नियमित रूप से प्रतिमाह बैठक की जाए। कार्यदायी संस्था ने बैठक में जानकारी दी कि ओटी बिल्डिंग की फायर एनओसी 30 अक्टूबर 2025 तक और सीएसएसडी विभाग की एनओसी 30 नवम्बर 2025 तक हस्तांतरित कर दी जाएगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का बयान
राज्य के सभी सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों एवं अस्पतालों में फायर सुरक्षा प्रणाली को मजबूत किया जाएगा। अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करना अनिवार्य है। हमारी प्राथमिकता मरीजों और अस्पताल स्टाफ की सुरक्षा है। राज्य सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि उत्तराखंड के सभी अस्पताल सुरक्षा मानकों के अनुरूप संचालित हों। किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार का बयान
मुख्यमंत्री के निर्देशन में राज्यभर के सरकारी और निजी अस्पतालों में सुरक्षा जांच और फायर ड्रिल अभियान को तेज किया जाएगा। हमारी टीम नियमित निरीक्षण कर सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करेगी। हमने सभी जिला अधिकारियों और अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिए हैं कि वे हर अस्पताल में फायर सिस्टम की मजबूती, इमरजेंसी ड्रिल और सुरक्षा ऑडिट सुनिश्चित करें। किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हमारा उद्देश्य है कि उत्तराखंड के अस्पताल पूर्णतरू सुरक्षित और आपातकाल के लिए तैयार रहें।

राज्यव्यापी फायर सेफ्टी अभियान की रूपरेखा
फायर अलार्म और स्प्रिंकलर सिस्टम की जांच सभी अस्पतालों में। महीने में कम से कम एक बार ड्रिल प्रैक्टिस आयोजित करना और स्टाफ को प्रशिक्षित करना। समय-समय पर सुरक्षा ऑडिट और रिकॉर्डिंग। लापरवाही या मानकों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई, जिसमें प्रशासनिक और कानूनी कदम शामिल हैं। यह अभियान राज्य सरकार की ओर से मरीजों और अस्पताल स्टाफ की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।

अस्पतालों के लिए सख्त संदेश
उत्तराखंड सरकार ने स्पष्ट किया है कि अस्पतालों में सुरक्षा और आपातकालीन तैयारी को लेकर किसी भी स्तर की ढील बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अस्पताल प्रबंधन को समय पर रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी और सभी सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य होगा।

इस पहल के माध्यम से राज्य सरकार ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि मरीजों की जान और अस्पताल स्टाफ की सुरक्षा सर्वाेपरि है। राज्यभर में चलाया जा रहा फायर सेफ्टी ऑडिट अभियान अस्पतालों की सुरक्षा को मजबूत करने और आपातकालीन तैयारियों को सुनिश्चित करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा।