खुशखबरीः मुख्यमंत्री ने निर्देश, अब एक रुपये में मिलेगा पानी का कनेक्शन

(एनएन सर्विस)
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि प्रदेश में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जल जीवन मिशन को सफल बनाने के लिये कार्य योजना तैयार की गई है। इसके तहत दिये जाने वाला कनेक्शन गरीब परिवारों को मात्र एक रूपये में दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार अब जनहित में रूपये 2350 के स्थान पर उन्हें मात्र एक रूपये में जल जीवन मिशन के तहत कनेक्शन उपलब्ध करायेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना के अंतर्गत वर्ष 2024 तक हर घर को नल द्वारा मानकों के अनुसार शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित कराने की योजना का लाभ प्रदेश वासियों को मिल सकेगा। देश में इस प्रकार की पहल करने वाला उत्तराखण्ड पहला राज्य होगा जो आम आदमी के जीवन से जुड़ी इस योजना के लिये मात्र एक रूपये में कनेक्शन उपलब्ध करायेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘जल जीवन मिशन’ के तहत होने वाले कार्यों को शीर्ष प्राथमिकता में रखा गया है। 2024 से पूर्व हमें ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर में जल पहुंचाना है। इसके लिए प्रत्येक वर्ष का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें पानी की उपलब्धता के साथ ही शुद्धता का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है तथा पानी की गुणवत्ता के साथ सभी क्षेत्रों के लिए इसके तहत पूरा प्लान भी बनाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में ‘जल जीवन मिशन’ के तहत आगामी 2 वर्षों में ग्रामीण क्षेत्रों में 75 प्रतिशत तक पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। इस वर्ष 3 लाख 58 हजार 880 घरों को इस मिशन के तहत पेयजल उपलब्ध कराने की योजना है। उन्होंने कहा कि अर्द्ध नगरीय क्षेत्रों के लिए भी घरों में प्रतिदिन 16 घण्टे पेयजल की उपलब्धता के लिए 22 अर्द्धनगरीय क्षेत्रों में कार्य किये जा रहे हैं। इस योजना के तहत 96797 घरों को लाभान्वित किया जायेगा।

हर घर में प्रतिदिन 16 घंटे पानी उपलब्ध हो, ऐसी कार्य योजना बनेः मुख्यमंत्री

(एनएन सर्विस)
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सचिवालय में ‘जल जीवन मिशन’ की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि ‘जल जीवन मिशन’ के तहत होने वाले कार्यों को शीर्ष प्राथमिकता में रखा जाय। 2024 से पूर्व हमें ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर में जल पहुंचाना है। इसके लिए प्रत्येक वर्ष का टारगेट बनाया जाये। पानी की उपलब्धता के साथ ही शुद्धता का भी पूरा ध्यान रखा जाय। ऐसे क्षेत्र चिन्हित किये जाय, जहां पानी की गुणवत्ता सही नहीं हैं, उन क्षेत्रों के लिए पूरा प्लान भी बनाया जाय। इस मिशन के सफल क्रियान्वयन के लिए पेयजल, राजस्व एवं वन विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका है। संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य कर इस मिशन के तहत निर्धारित लक्ष्य पूरा करें।
‘जल जीवन मिशन’ के तहत अगले 2 वित्तीय वर्षों में ग्रामीण क्षेत्रों में 75 प्रतिशत तक पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। इस वर्ष 3 लाख 58 हजार 880 घरों को इस मिशन के तहत पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के तहत हर घर जल उपलब्ध कराने के लिए 90 प्रतिशत धनराशि केन्द्र सरकार एवं 10 प्रतिशत धनराशि राज्य सरकार द्वारा दी जायेगी। इस मिशन के तहत वित्तीय वर्ष 2020-21 में रेट्रोफिटिंग एवं नई स्कीम के तहत कुल 1465 करोड़ रूपये के कार्य किये जायेंगे।
अर्द्ध नगरीय क्षेत्रों के लिए घरों में प्रतिदिन 16 घण्टे पेयजल की उपलब्धता के लिए 22 अर्द्धनगरीय क्षेत्रों में कार्य किये जा रहे हैं। इस प्रोजक्ट के तहत 96797 घरों को लाभ मिलेगा। यह प्रोजक्ट 877.50 करोड़ रूपये का है। इस प्रोजक्ट के तहत 22 में से 12 स्कीम पर कार्य शुरू हो गये हैं।
बैठक में मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, सचिव नितेश झा, सौजन्या, एमडी स्वजल उदयराज एवं संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।