सभी लोक निर्माण एवं अवसंरचना परियोजनाओं को गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ प्राथमिकता पर पूर्ण करेंः सीएस

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में जनपद टिहरी गढ़वाल के समस्त जिलास्तरीय अधिकारियों के साथ जनपदीय कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन द्वारा अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जनपद में चल रही सभी लोक निर्माण एवं अवसंरचना परियोजनाओं को गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ प्राथमिकता पर पूर्ण किया जाए तथा आपदा से क्षतिग्रस्त सड़कों एवं अन्य सुविधाओं की मरम्मत कार्यों में तेजी लाई जाए। पेयजल, सीवर एवं जल निकासी जैसी मूलभूत सेवाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करते हुए पर्यटन क्षेत्रों में बढ़ती मांग के अनुरूप स्थायी समाधान विकसित किए जाएं। इसके साथ ही जल जीवन मिशन एवं अन्य पेयजल योजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा कर लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण किया जाए।

बैठक में जिलाधिकारी टिहरी नितिका खण्डेलवाल द्वारा जनपद की प्रशासनिक व्यवस्था एवं जनसंख्या सहित विभिन्न विकासात्मक गतिविधियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया। बैठक में सड़क नेटवर्क, मोटरेबल ब्रिज तथा लोक निर्माण विभाग की प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति पर चर्चा की गई। ₹10 करोड़ से अधिक लागत की कुम्भ मेला से संबंधित सेक्शन रोड (नरेंद्रनगरदृ किनवानीदृ नीरगढ़) के पुनर्निर्माण एवं सुधार कार्य, जिसकी निविदा जारी हो चुकी है, के संबंध में जानकारी दी गई। मुख्य सचिव द्वारा कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। रामझूला सेतु के सुदृढ़ीकरण एवं सुरक्षात्मक कार्यों की भी समीक्षा की गई।

पीएमजीएसवाई फेस-4 के अंतर्गत स्वीकृत सड़कों एवं आपदा/बाढ़ से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत की स्थिति पर चर्चा हुई। सिंचाई विभाग द्वारा खंडवार नहरों, नलकूपों एवं लिफ्ट सिंचाई योजनाओं की जानकारी दी गई तथा क्षतिग्रस्त नहरों के संबंध में विस्तृत जानकारी मुख्य सचिव द्वारा प्राप्त की गई।

मुनि की रेती क्षेत्र में ₹40 करोड़ की वर्षा जल निकासी प्रणाली निर्माण कार्य की प्रगति पर चर्चा की गई। चंद्रभागा नदी में बाढ़ सुरक्षा हेतु चौनलाइजेशन कार्य अस्थायी रूप से किए जाने के बावजूद नदी तल का स्तर बढ़ने के कारण अतिरिक्त उपचारात्मक कार्यों की आवश्यकता बताई गई।

राजकीय पॉलिटेक्निक, नई टिहरी के निर्माण कार्य (टेंडर प्रक्रिया पूर्ण) को शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश मुख्य सचिव द्वारा दिए गए। नई टिहरी मालरोड के सौंदर्यीकरण एवं फसाड कार्यों की जानकारी भी प्रस्तुत की गई।

जल जीवन मिशन के अंतर्गत पेयजल योजनाओं की प्रगति (हिंडोलखाल, मणि, चौरास, भरपूर, गजा, तपोवन नगर, कांडी ग्राम समूह, जलकुर एवं मुनि की रेती पंपिंग योजना) पर चर्चा की गई। साथ ही ₹10 करोड़ से अधिक की पेयजल योजनाओं की स्थिति से अवगत कराया गया।

जिलाधिकारी द्वारा देवप्रयाग एवं कीर्तिनगर क्षेत्र में पेयजल पंपिंग योजना की आवश्यकता तथा मुख्य पेयजल आपूर्ति संबंधी समस्याओं को भी रखा गया। नरेंद्रनगर सीवर लाइन योजना में 55 प्रतिशत भौतिक प्रगति की जानकारी दी गई। पर्यटन क्षेत्रों में जल आपूर्ति की बढ़ती मांग एवं रखरखाव हेतु बजट की कमी को प्रमुख चुनौती के रूप में चिन्हित किया गया। जनपद में एसटीपी एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की स्थिति के साथ-साथ होटलों हेतु पर्यावरण अनुकूल ग्रीन रेटिंग प्रणाली की जानकारी दी गई।

मुख्य विकास अधिकारी द्वारा फार्म बेस्ड एवं नॉन-फार्म एक्टिविटीज (ऋषिकेश, चम्बा आदि) के अंतर्गत फूड कार्ट एवं सड़क किनारे ईटरीज़ की योजनाओं से अवगत कराया गया। नॉन-फार्म सेक्टर में भिलंगना में प्रिंटिंग एवं लेबलिंग यूनिट, चम्बा में एग्री इनपुट एवं डेयरी फार्म, थौलधार में हर्बल ऑयल, देवप्रयाग में मशरूम यूनिट, कीर्तिनगर में मत्स्य उत्पादन, जौनपुर में प्लम एवं बकरी पालन, प्रतापनगर में पोल्ट्री एवं हर्बल गार्डन तथा नरेंद्रनगर में ड्रैगन फ्रूट उत्पादन जैसी गतिविधियों की जानकारी दी गई।

प्रभागीय वनाधिकारी नरेंद्रनगर द्वारा ग्रामोत्थान परियोजना के अंतर्गत पिरूल कलेक्शन (131 क्विंटल) की जानकारी दी गई। सीडीओ द्वारा प्रत्येक ब्लॉक में “माई ब्लॉक माई लाइब्रेरी” कार्यक्रम की प्रगति से अवगत कराया गया। बैठक में कृषि, मत्स्य, उद्यान, खेल, शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभागों की योजनाओं एवं उपलब्ध सुविधाओं के साथ-साथ संबंधित चुनौतियों पर भी विस्तृत चर्चा की गई।

इससे बैठक से पूर्व टीएचडीसी गेस्ट हाउस, भागीरथीपुरम के सभागार में एडीबी परियोजना के प्रस्तावित कार्यों की समीक्षा बैठक मुख्य सचिव द्वारा की गई। पर्यटन सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल ने टिहरी झील क्षेत्र में सतत, समावेशी एवं जलवायु-अनुकूल पर्यटन विकास हेतु छह क्लस्टर दृ डोबरा चांटी, तिवाड़ गांव, कोटि कॉलोनी, नई टिहरी, मदन नेगी एवं लेक क्लस्टर कृ के संबंध में अवगत कराया गया।

इस अवसर पर सचिव लोक निर्माण विभाग पंकज पांडेय, एसएसपी श्वेता चौबे, एडीएम शैलेंद्र नेगी, आईएएस प्रशिक्षु ज्योति सहित समस्त जिलास्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

पौड़ी जिले की चुनखेत पंपिंग योजना की खराब गुणवत्ता पर अधिशासी अभियंता निलंबित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में जल जीवन मिशन की समीक्षा बैठक की।

बैठक में मुख्यमंत्री ने जल जीवन मिशन की प्रगति की समीक्षा करते हुए घरों में नलों के साथ पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा अगले एक महीने के अंदर ऐसे स्थान जहां पानी न पहुंच रहा हो, वहां पानी की व्यवस्था हेतु डी.पी.आर. बनाकर योजना पर कार्य करें। मुख्यमंत्री ने एक महीने के अंदर प्रदेश भर में जल जीवन मिशन के अंतर्गत लगाए गए नलों के सत्यापन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा ऐसे सभी घरों को चिन्हित किया जाए जहां किसी भी कारण से नल लगने के बावजूद पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। ऐसे स्थानों की जिओ टैगिंग के साथ पानी की आपूर्ति न होने के कारणों को भी स्पष्ट कर शासन को अवगत करवाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत लाभार्थियों तक पीने योग्य पानी पहुंचे। उन्होंने विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, जिला अधिकारियों एवं अधिशासी अभियंताओ को भी योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत ग्रामीणों को जल संरक्षण हेतु कराई गई ट्रेनिंग एवं जागरूकता के संबंध में जाँच के आदेश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा जांच में ट्रेनिंग करवाने वाली संस्थाओं एवं उन्हें जारी धनराशि की भी जांच की जाए।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री के समक्ष विभिन्न योजनाओं का प्रस्तुतीकरण दिया गया। मुख्यमंत्री ने उक्त प्रस्तुतीकरण के दौरान जल जीवन मिशन के अंतर्गत बनी पौड़ी जिले की चुनखेत योजना के कार्य में खराब गुणवत्ता पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने चुनखेत योजना की खराब गुणवत्ता पर तत्काल प्रभाव से संबंधित गैर जिम्मेदार अधिकारियों को सस्पेंड करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित ठेकेदार पर भी कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ने पिथौरागढ़ जिले की वासुकीनाग पंपिंग योजना की खराब गुणवत्ता पर उक्त योजना को श्रमदान घोषित कर योजना के पुर्ननिर्माण के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा जल जीवन मिशन के अंतर्गत होने वाले सभी कार्यों का विशेष रूप से सत्यापन करवाया जाए। यदि कहीं भी लापरवाही या खराब गुणवत्ता पाई जाती है, तो उसपर कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा राज्य में जनहित के कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में हर घर जल ग्राम प्रमाणीकरण भी तेजी से किया जाए। शासन से जिला समिति एवं शासन से स्वीकृत हो चुकी योजनाओं को तय समय में धरातल पर उतारा जाए। उन्होंने कहा जल जीवन मिशन में तय मानकों के अनुसार ही कार्य हो। मुख्यमंत्री ने वन भूमि के कारण बाधित कार्यों हेतु अलग से बैठक कर उनके निस्तारण के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री जी ने कहा यह सुनिश्चित हो कि राज्य सरकार प्रदेश के हर नागरिक तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने की व्यवस्था करें।

बैठक में बताया गया कि जल जीवन मिशन के अतर्गत अबतक कुल 14.05 लाख परिवारों को जल संयोजन से जोड़ा गया है। प्रदेश में हर घर जल ग्राम प्रमाणीकरण के तहत अब तक कुल 6795 ग्रामों को प्रमाणित किया जा चुका है।

बैठक के पहले पूरी तैयारी करके आएं अधिकारी- मुख्यमंत्री

जल जीवन मिशन की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि बैठक के पहले अधिकारी पूरा होमवर्क करके आए। विभागाध्यक्ष हर प्रकार के आकड़े अपने पास रखें। मुख्यमंत्री ने कहा विभाग से संबंधित हर प्रकार के आंकड़े, विश्लेषण अधिकारियों के पास होने चाहिए।

बैठक में उपाध्यक्ष अवस्थापना परिषद विश्वास डाबर, अपर मुख्य सचिव आनंद बर्धन, प्रमुख सचिव आर. के सुधांशु, विभागीय सचिव शैलेश बगौली, गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडे, महानिदेशक यूकास्ट प्रो. दुर्गेश पंत, अपर सचिव रणवीर सिंह चौहान, विभिन्न जिलों के जिलाधिकारी (वर्चुअल) व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

जल जीवन मिशन के तहत चल रहे प्रोजेक्ट्स को 2024 जून तक पूर्ण करने के निर्देश

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने वर्तमान में जल जीवन मिशन के तहत संचालित सभी प्रोजेक्ट्स को जून 2024 तक पूर्ण करने की डेडलाइन सम्बन्धित अधिकारियों को दी है। सीएस ने सभी 13 जिलों में शत् प्रतिशत एफएचटीसी (फंक्शनल हाउसहॉल्ड टेप कनेक्शन) कवरेज पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने विशेषरूप से स्कूलों में पेयजल, बेसिन के साथ ही शौचालयों में जलापूर्ति के सौ फीसदी लक्ष्य को पूरा करने की डेडलाइन भी अधिकारियों को दिए हैं। मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने देहरादून तथा टिहरी जनपदों में 500 गांवों को स्वच्छ सुजल ग्राम बनाने के पायलट प्रोजेक्ट पर तत्परता एवं गम्भीरता से कार्य करने के निर्देश दिए हैं। इस प्रोजेक्ट के तहत सहभागी स्प्रिंग शेड प्रबन्धन (जल स्रोत संरक्षण/पुर्नजीवीकरण ) तथा जल आपूर्ति योजनाओं की दीर्घकालीन सत्तता के माध्यम से देहरादून एवं टिहरी जनपदों के 500 गांवों को मॉडल वॉश विलेज बनाना है। सीएस ने जल जीवन मिशन के प्रोजेक्ट्स की थर्ड पार्टी मॉनिटरिंग को भी टाइमबाउण्ड करवाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने जल जीवन मिशन (एसडब्ल्यूएसएम तथा डीडब्ल्यूएसएम ) के कर्मचारियों के मूल्यांकन के आधार पर वेतन वृद्धि के भी निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी की अध्यक्षता में राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के तहत जल जीवन मिशन की चतुर्थ शीर्ष समिति की बैठक सचिवालय में सम्पन्न हुई। बैठक में राज्य में जल जीवन मिशन के अपडेट के बारे में बताया गया कि उत्तराखण्ड में एफएचटीसी (फंक्शनल हाउसहॉल्ड टेप कनेक्शन) कवरेज 92.75 प्रतिशत है। राज्य के पांच जिलों में एफएचटीसी कवरेज 99 प्रतिशत से अधिक है। चार जिलों में 90 से 99 प्रतिशत है तथा अन्य चार जिलों में 80 से 90 प्रतिशत है।

बैठक में सचिव अरविन्द सिंह हयांकी, अपर सचिव डा0 अहमद इकबाल, नितिन भदौरिया एवं अन्य सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित थे।

हर घर नल योजना के तहत ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र के हर घर में पहुंचे पानी

क्षेत्रीय विधायक व मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने जल जीवन मिशन के तहत ऋषिकेश विधानसभा में हर घर नल के कार्यों की प्रगति जानी। इस दौरान मंत्री डॉ अग्रवाल ने कार्यों को गुणवत्ता के साथ करने तथा ससमय पूर्ण करने के निर्देश दिए।
बैराज रोड स्थित कैम्प कार्यालय में हुई बैठक में डॉ अग्रवाल को जल संस्थान के अधिकारियों ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत भट्टोवाला, चक जोगीवाला, छिद्दरवाला, गढ़ी मयचक, गौहरी माफी, गुमानीवाला, हरिपुरकलां, खांड गांव रायवाला, खेरीकला, साहबनगर में जल जीवन मिशन के प्रोजेक्ट गतिमान हैं। उन्होंने बताया कि ऋषिकेश तहसील के कई क्षेत्रों में फेज दो के कार्य गतिमान है। जिस पर मंत्री डॉ अग्रवाल ने निर्देशित कर कहा कि जल जीवन मिशन के कार्यों में लापरवाही न बरती जाए, लोगों को आवागमन में परेशानी न हो, इसका विशेष ख्याल रखा जाए।
डॉ अग्रवाल ने निर्देश दिए कि हर हाल में गतिमान कार्यों को समय पर पूर्ण किया जाए। साथ ही उच्च गुणवत्तापूर्ण कार्य हो, इसका ध्यान रखा जाए। इस मौके पर जल संस्थान के सहायक अभियंता एवीएस रावत, अपर सहायक अभियंता मनोज डबराल आदि उपस्थित रहे।

जल स्रोतों को बनाए रखने के लिए मुख्य सचिव ने दिए निर्देश

मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु ने सचिवालय में जल जीवन मिशन के तहत हो रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने कहा कि यह भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक महत्वपूर्ण योजना है जिसे निर्धारित समय सीमा के अंदर पूर्ण किया जाना है। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में विशेषकर दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, इसके लिए हम सबको इस योजना को सफल बनाने को दिशा में काम करना है।
मुख्य सचिव ने कहा कि यदि कहीं योजना पूर्ण होने के बावजूद 55 एमएलडी पानी नहीं मिल पा रहा है तो नए प्रस्ताव भेजे जाएं। जिन जनपदों ने इस दिशा में अच्छा कार्य किया है उन्हें बधाई देते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि अन्य जनपदों को भी इस दिशा में कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने यूपीसीएल को योजना के लिए विद्युत कनेक्शनों को शीघ्र उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने वन भूमि हस्तांतरण मामलों को भी लगातार निस्तारित किए जाने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने जल स्रोतों को बनाए रखने हेतु भी कार्य किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने जल स्रोतों को रिचार्ज करने हेतु चेक डैम और रिचार्ज पिट सहित वनीकरण आदि कार्य लगातार संचालित किए जाने के निर्देश दिए। कहा कि योजना के दीर्घकालीन संचालन के लिए जल स्रोतों को बनाए रखना अतिआवश्यक है। मुख्य सचिव ने योजनाओं के संचालन और रखरखाव पर भी विशेष बल दिए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि स्थानीय लोगों को प्लंबर और फिटर आदि का प्रशिक्षण उपलब्ध कराए जाने हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। उन्होंने कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिए जाने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कार्यों को निर्धारित समय में पूर्ण किए जाने हेतु मैन पावर बढ़ाए जाने के साथ ही जिलाधिकारियों को लगातार समीक्षा किए जाने के निर्देश भी दिए।
इस अवसर पर सचिव अरविंद सिंह ह्यांकी सहित सम्बन्धित उच्चाधिकारी उपस्थित थे।

मोदी सरकार हर वर्ग के लिए बना रही योजनाये-धामी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को शिमला में गरीब कल्याण सम्मेलन में प्रतिभाग किया। उन्होंने अनेक राज्यों के लाभार्थियों से वर्चुअल संवाद भी किया, जो सरकार की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित हुए। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने किसान सम्मान निधि के तहत 10 करोड़ से अधिक किसानों को 21 हजार करोड़ से अधिक की 11वीं किस्त का डिजीटल हस्तांतरण किया। देश के 1500 से अधिक स्थानों से वर्चुअल माध्यम से इस कार्यक्रम में लोग जुड़े थे। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत उत्तराखण्ड के 8 लाख 89 हजार 695 किसानों को 177.94 करोड़ की धनराशि हस्तांतरित की गई।
आजादी का अमृत महोत्सव के एक भाग के रूप में गरीब कल्याण सम्मेलन के माध्यम से भारत सरकार के नौ मंत्रालयों की सोलह योजनाओं के माध्यम से गरीबों को सरकार द्वारा हर संभव मदद दी जा रही है। इसके तहत जिन महत्वपूर्ण योजनाओं के तहत लाभार्थी लाभान्वित हो रहे हैं, उनमें प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, पोषण अभियान, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, स्वच्छ भारत मिशन, जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री स्वानिधि योजना, वन नेशन वन राशन कार्ड, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना, आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, आयुष्मान भारत हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना आदि शामिल हैं। यह सम्मेलन देश भर में अब तक के सबसे बड़े एकल आयोजनों में से एक है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कार्यक्रम में पंतनगर से वर्चुअल माध्यम से जुड़े थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में नई कार्य संस्कृति, कार्य व्यवहार लागू हुआ है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश का मान-सम्मान दुनियां में बढ़ा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी देश ही नहीं विश्व के स्वीकार्य एवं लोकप्रिय नेता बन गए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 8 वर्ष का सफल कार्यकाल पूर्ण होने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में प्रधानमंत्री अन्न योजना के माध्यम से हर व्यक्ति का चूल्हा जलता रहा। सस्ता गल्ला से सम्बन्धित राशन की समस्या को दूर करने के लिए वन नेशन वन राशन कार्ड योजना को बहुत ही सरलता से लागू किया गया है, जिससे जनता को राशन लेने में बहुत आसानी होगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सुशासन की दिशा में सरकार और कठोर निर्णय लेने वाली है। जनता की समस्याओं का सरलता से निराकरण हो, इसके लिए अधिकारियों को प्रातः 10 बजे से 12 बजे तक कार्यालय में उपस्थित रहकर जनसुनवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
उत्तराखण्ड में गरीब कल्याण सम्मेलन का मुख्य आयोजन मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में किया गया। कैबिनेट मंत्री प्रेमचन्द अग्रवाल ने बतौर मुख्य अतिथि राज्य स्तरीय सम्मेलन का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न योजनाओं के तहत 31 लाभार्थियों को सम्मानित भी किया। लाभार्थियों ने इन योजनाओं से हुए लाभ के बारे में अपने विचार साझा किये। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाये गये स्टॉल का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि यह प्रयास किये जाए कि सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सभी पात्र लोगों को मिले। सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं का व्यापक स्तर पर प्रचार किया जाए, जिससे आमजन योजना का पूरा लाभ उठा सकें।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक बंशीधर भगत, सविता कपूर, उमेश शर्मा काऊ, विनोद चमोली, खजानदास, सहदेव सिंह पुण्डीर, जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चौहान, मेयर ऋषिकेश अनिता ममगाईं, मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, आनन्द बर्द्धन, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, सचिन कुर्वे, एच.सी. सेमवाल, विनोद कुमार सुमन, जिलाधिकारी देहरादून डॉ. आर. राजेश कुमार, जिलास्तरीय अधिकारी एवं लाभार्थी मौजूद रहे।

9 करोड़ की योजनाओं से विधानसभा ऋषिकेश की आधी आबादी को मिलेगा स्वच्छ जल

ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र में जल जीवन मिशन के अंतर्गत पेयजल निगम के माध्यम से लगभग 9 करोड 4 लाख रुपए की लागत से निर्मित होने वाली श्यामपुर में पेयजल योजना का आज जलशक्ति केंद्रीय राज्य मंत्री प्रहलाद पटेल, उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष प्रेम चंद अग्रवाल एवं पेयजल मंत्री बिशन सिंह चुफाल ने संयुक्तरुप से शिलान्यास किया।
श्यामपुर के अंतर्गत पंचायत भवन, भल्लाफ़ार्म में आयोजित कार्यक्रम के दौरान जलशक्ति केंद्रीय राज्य मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि ऋषिकेश क्षेत्र में पानी की किल्लत इस पेयजल योजना से दूर हो जाएगी। उन्होंने कहा कि गरीबों की मूल भूत योजनाएं आवास, शौचालय, पेंशन, हर घर को 18 घंटा बिजली, टोंटी से जल 2022 तक प्रत्येक घर को उपलब्ध कराया जाएगा। इस दौरान उन्होंने भाजपा सरकार की उपलब्धियों को गिनाया। उन्होंने कहा कि देशभर में पीएम मोदी की मंशा के अनुरूप हर घर पीने का पानी पहुंचाने के लिए राज्य सरकारों को पैसे की कोई कमी नहीं आएगी। उन्होंने बताया कि सरकार ने इसके लिए खजाना खुला रखा है। उन्होंने कहा कि अब केंद्र सरकार परियोजनाओं के रखरखाव के लिए ट्रेनिंग जैसे कार्यक्रम शुरू कर रही है।
विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचन्द अग्रवाल ने लगभग 9 करोड 4 लाख रुपए की लागत से निर्मित होने वाली श्यामपुर पेयजल योजना के संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि इस योजना से भल्ला फार्म, भट्टा फार्म, श्यामपुर मोहल्ला, श्यामपुर, बैटरी फ़ार्म एवं नंबरदार फार्म के निवासी शुद्ध पेयजल आपूर्ति से लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से क्षेत्र में दो ट्यूबेल, दो उच्च जलाशय, राइजिंग मेन सहित 44 किलोमीटर नई पाइप लाइन बिछाये जाने का कार्य किया जाना है। विस अध्यक्ष ने कहा कि श्यामपुर क्षेत्र में पेयजल की समस्या को देखते हुए वह विगत कई समय इस योजना को स्वीकृत किए जाने के लिए प्रयासरत थे। उन्होंने कहा कि इस पेयजल योजना के बन जाने से श्यामपुर क्षेत्र में पेयजल का संकट दूर होगा एवं हजारों परिवार शुद्ध पेयजल से लाभान्वित होंगे।
पेयजल मंत्री बिशन सिंह चुफाल ने कहा कि प्रदेश में पेयजल योजनाओं को लेकर सरकार द्वारा विशेष कार्य किए जा रहे हैं। प्रदेश के हर व्यक्ति को पानी देने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही पहाड़ी और दूरस्थ क्षेत्रों में पंपिंग योजनाओं के तहत ग्रामीणों को पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। प्रदेश में वर्षा जल संग्रहण को लेकर सरकार द्वारा काफी कार्य किए जा रहे हैं। जिसके लिए प्रदेश स्तर पर विस्तृत कार्य योजना बनाई जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वयं सहायता समूह और एनजीओ की सहायता से वृहद स्तर पर जल संग्रह को लेकर कार्य किया जा रहा है। कहा कि क्षेत्रों मे 1 रूपये पेयजल कनेक्शन उपलब्ध कराना राज्य सरकार द्वारा जनहित में लिया गया महत्वपूर्ण निर्णय है।
इस अवसर पर पेयजल निगम के मुख्य अभियंता केके रस्तोगी, मुख्य अभियंता सुरेश चंद्र पंत, अधिशासी अभियंता मिशा सिन्हा, भाजपा के मंडल अध्यक्ष गणेश रावत, श्यामपुर के प्रधान विजय पाल जेठूडी, किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष नरेंद्र सिंह रावत, क्षेत्र पंचायत सदस्य प्रभाकर पैनूली, क्षेत्र पंचायत सदस्य विजय लक्ष्मी पंवार, प्रधान दीपा राणा, खैरी कला प्रधान चंद्रमोहन पोखरियाल, राजवीर रावत, जसविंदर राणा, पंकज जुगलान, कमला नेगी, इंदु थपलियाल, समा पवार, पवन पांडे, राकेश व्यास, राजेश व्यास सहित अन्य लोग उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन प्रदीप धस्माना ने किया।

राज्य में तेज गति से टीकाकरण अभियान के लिए सीएम की सराहना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री शास्त्री जयंती के अवसर पर उत्तर प्रदेश, गुजरात, तमिलनाडु, मणिपुर सहित उत्तराखंड की मसूरी क्षेत्र की क्यारकुली भट्टा ग्राम पंचायत और पानी समितियों से सीधा वर्चुअल संवाद स्थापित किया गया। वर्चुअल संवाद में प्रधानमंत्री ने पानी पंचायत समितियों से जल जीवन मिशन के इंप्लीमेंट से पूर्व और इंप्लीमेंट के पश्चात गांव के लोगों, विशेषकर गांव की महिलाओं और गांव की अर्थव्यवस्था में आए व्यापक सकारात्मक बदलाव से रूबरू हुए। पानी पंचायत समितियों द्वारा प्रधानमंत्री को अवगत कराया कि जल जीवन मिशन के इंप्लीमेंटेशन के बाद किस तरह से उनके गांव की दशा-दिशा बदल गई है। जल जीवन मिशन से पूर्व जहां गांव की महिलाओं को कई मिलों दूर पानी ढोने जाना पड़ता था तथा कई बार घंटों लाइन में खड़े रहना पड़ता था अब जल जीवन मिशन के इंप्लीमेंटेशन के बाद महिलाओं का पानी ढोने और लाइन में लगने के समय की बचत हुई है जिससे महिलाएं अब अपने समय को बाल बच्चों के अच्छे पालन पोषण, अपने जीवन को उन्नत बनाने, नई-नई स्किल सीखने तथा अपने और सामुदायिक जीवन को आगे बढ़ाने में व्यापक समय दे पा रही है तथा उसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।
इसी कड़ी में मसूरी क्षेत्र की क्यारकुली भट्टा पानी समिति की अध्यक्षा कौशल्या रावत ने प्रधानमंत्री को अवगत कराया कि जल जीवन मिशन के साकार होने से और गांव में पलायन कर चुके लोगों द्वारा वापस रिवर्स पलायन किया जा रहा है। गांव में पहले की तुलना में बहुत अधिक पर्यटन आ रहे हैं जिससे गांव में होमस्टे योजना की डिमांड में भी काफी बढ़ोतरी हुई है तथा गांव में 35 होमस्टे पर्यटन विभाग के समन्वय से बन चुके हैं। अध्यक्ष ने कहा कि कुल मिलाकर कह सकते हैं कि जल जीवन मिशन योजना के क्रियान्वयन के पश्चात गांव का पानी और गांव की जवानी अब गांव के काम आ रही है। उन्होंने कहा कि हमारे गांव में शत प्रतिशत कोरोना की वैक्सीन लग चुकी है। महिलाओं को अब घर-घर पेयजल उपलब्ध होने से वह अपने समय और ऊर्जा का सदुपयोग अब दूसरे काम में करने लगी है जिससे गांव की अर्थव्यवस्था में भी काफी बढ़ोतरी दर्ज हुई है। गांव की पानी पंचायत समिति द्वारा व्यापक पैमाने पर वृक्षारोपण भी किया गया है और आगे भी 1 लाख पौधारोपण का लक्ष्य रखा है।
पानी पंचायत समितियों से वर्चुअल संवाद के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि जल जीवन मिशन योजना का भली-भांति क्रियान्वयन गांव के कर्मठ लोगों और जागरूक महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से पूरा हो पाया। उन्होंने कहा कि पहले के समय हम वाटर ट्रेन और वाटर टैंक से पेयजल आपूर्ति के बारे में सुना करते थे लेकिन जल संरक्षण, जल संवर्धन और जल प्रबंधन के गुजरात के पूर्व अनुभव और उसी जल संरक्षण और जल संभरण के अनुभव से प्रेरित होकर जल जीवन मिशन (हर घर जल) जैसी योजना को क्रियान्वित करने की प्रेरणा मिली। उन्होंने भारत के सभी नागरिकों को जल संरक्षण, जल संचय, भूमिगत जल पुनर्भरण, वर्षा जल संग्रहण इत्यादि की सामूहिक जिम्मेदारी और भागीदारी का संकल्प लेने का आह्वान करते हुए कहा कि हमें जल के महत्व को समझना होगा और अपनी छोटी-छोटी ऐसी नकारात्मक आदतों मैं सुधार लाना होगा जो जल के दुरुपयोग को बढ़ावा देती है। यह कार्य सभी नागरिकों के चौतन्न्य और सक्रिय भागीदारी से ही संभव होगा। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि पानी का एक छोटा सा कुआं बहुत लोगों की प्यास बुझा सकता है लेकिन बड़ा समुंदर किसी भी व्यक्ति की प्यास नहीं बुझा सकता अर्थात किसी भी व्यक्ति का छोटा सा जल संरक्षण, जल संचय, जल संवर्धन और जल के सदुपयोग का प्रयास बहुत बड़ा बदलाव ला सकता है। हमें इस बात को गांठ बांधना चाहिए और यह हमारे जीवन का मिशन होना चाहिए। इस दौरान माननीय प्रधानमंत्री ने जल जीवन मिशन की ई-पुस्तिका, जल जीवन मिशन के बजट के सदुपयोग से संबंधित 15 वें वित्त आयोग की मार्गदर्शिका और जल जीवन मिशन में व्यापक पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने से संबंधित जल जीवन मिशन मोबाइल ऐप का भी विमोचन किया गया।
इस दौरान प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि हमें केवल हर घर जल उपलब्ध ही नहीं करवाना बल्कि जल की गुणवत्ता भी सुनिश्चित करनी होगी। इसके लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत अथवा पानी समितियों के बीच से महिलाओं को पेयजल टेस्ट किट वितरण और उनको पेयजल टेस्टिंग का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है, जो एक तरह से महिला सशक्तिकरण का भी प्रतीक है। साथ ही गांव में स्थानीय स्तर पर ही प्लंबर, मैकेनिकल आदि कार्यबल भी तैयार किया जा रहा है जिससे लोगों को विभिन्न काम करवाने में बहुत सहूलियत होगी तथा स्थानीय स्किल्ड युवाओं को रोजगार भी प्राप्त हो रहा है।
इस दौरान क्यारकुली भट्टा गांव में कार्यक्रम में उपस्थित उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने प्रधानमंत्री के संबोधन के पश्चात गांव के उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि माननीय प्रधानमंत्री की प्रेरणा से महिलाओं के उत्थान और सशक्तिकरण के संबंध में अनेक योजना भारत सरकार और राज्य सरकार के स्तर पर संचालित की जा रही है जिसमें उज्जवला योजना, स्वामित्व योजना, जल जीवन मिशन योजना, प्रधानमंत्री वंदना योजना इतिहास प्रमुख हैं, जो महिलाओं को अनेक प्रकार से लाभ पहुंचा रही है।
इसी कड़ी में जिलाधिकारी देहरादून डॉ. आर. राजेश कुमार ने पंचायत प्रतिनिधि और पानी पंचायत समिति की अध्यक्षा कौशल्या रावत और सभी महिलाओं को प्रधानमंत्री से वर्चुअल संवाद करने की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ग्राम पंचायत में जल जीवन मिशन के बेहतर क्रियान्वयन तथा इसके पश्चात गांव में विभिन्न विकास कार्यों में आए सकारात्मक बदलाव से प्रेरणा लेने के लिए अन्य ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों को भी क्यारकुली भट्टा ग्राम पंचायत का जरूर भ्रमण करना चाहिए तथा उनको भी अपनी ग्राम पंचायत में इसी तरह के विकास कार्यों को इंप्लीमेंट करना चाहिए। कहा कि अन्य जनप्रतिनिधियों को भी इस ग्राम पंचायत से प्रेरणा लेनी चाहिए कि जल जीवन मिशन के सफल क्रियान्वयन के बाद महिलाओं के पास जो अतिरिक्त समय की बचत हुई उसका महिलाओं ने गांव की खेती, हस्तशिल्प, हथकरघा, गांव की अर्थव्यवस्था और गांव के विभिन्न विकास कार्यों में किस तरह से सकारात्मक बदलाव लाने में सदुपयोग किया है।
इस दौरान क्यारकुली गांव में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, सचिव पेयजल नितेश झा, जिलाधिकारी देहरादून डॉ. आर. राजेश कुमार, अपर सचिव नितिन भदौरिया, उप जिलाधिकारी मसूरी मनीष कुमार, महाप्रबंधक जल संस्थान एस के शर्मा, संयुक्त सचिव महावीर सिंह चौहान, डीडीओ सुशील मोहन डोभाल, अधीक्षण अभियंता नमित रमोला, राकेश सिंह सहित पानी पंचायत समिति के सदस्य, विभिन्न विभागों के उच्चस्थ अधीनस्थ कार्मिक और ग्राम पंचायत के लोग उपस्थित थे।

सीएम ने टिहरी जिले में विकास कार्यों की प्रगति जानीं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने एक दिवसीय जनपद भ्रमण के दौरान जिला कार्यालय सभागार में अधिकारियों की बैठक ली। मुख्यमंत्री ने बैठक में कोविड-19 टीकाकरण की स्थिति, खाद्य आपूर्ति विभाग से संबंधित योजनाओं, जल जीवन मिशन, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, सीएम हेल्प लाइन, मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना, मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट इत्यादि की जानकारी ली।
बैठक में बताया गया कि मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के तहत 407 लाभार्थियों का चयन किया गया है। मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट वितरण योजना के तहत अप्रैल से जून तक 740 किट प्राप्त हुई थी जिसमें से 640 का वितरण किया जा चुका है जबकि जुलाई व अगस्त हेतु डिमांड भेजी गयी है। वन भूमि हस्तांतरण के 201 प्रकरणों में से 107 पर सैद्धांतिक स्वीकृति मिलना बताया गया है जबकि 57 एप्रूव्ड व 4 प्रकरण चीफ कंजरवेटर स्तर पर लंबित होना बताया गया हैं। मुख्यमंत्री स्वरोजगार शिविरों का आयोजन अब तक तक सात विकास खंडों में किया जा चुका है जिसमें स्वरोजगार से संबंधित कुल 1800 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। इसके अलावा प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना व जनपद में खाद्य वितरण व राशन कार्डाे की स्थिति की भी जानकारी सम्बंधित अधिकारियों द्वारा दी गई।
मुख्यमंत्री ने ग्रामीण सड़कों के अवरुद्ध होने पर प्रशासन द्वारा उनको खोले जाने की कार्यवाही की भी जानकारी ली। उन्होंने बैठक में जेसीबी ऑपरेटर को सीधे फोन कॉल कर उनकी लोकेशन के साथ-साथ अन्य जानकारी भी प्राप्त की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार नो पेंडेंसी पर कार्य कर रही है जिसके तहत शासन से लेकर जिला प्रशासन स्तर पर किसी भी कार्यालय में कोई भी मामले लंबित रहने पाए। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य की विषम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए दूरस्थ गांव से अपनी समस्याओं के निस्तारण हेतु कार्यालयों में आने वाले आम जनमानस की समस्याओं का निस्तारण हो सके, इस हेतु सभी कार्यालयों में प्रातः 10 से 12 तक सभी अधिकारी अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को सेवा का अवसर मिला है तो इसका शत प्रतिशत सदुपयोग होना चाहिए।
बैठक में विधायकगणों ने ऑल वेदर मोटर मार्ग पर गतिमान निर्माण कार्याे में तेजी लाने की आवश्यकता बताई। जिस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संबंध में संबंधित उच्चाधिकारियों की एक बैठक देहरादून में शीघ्र ही आहूत की जाएगी।
बैठक में कृषि मंत्री सुबोध उनियाल, स्थानीय विधायक धन सिंह नेगी, विधायक धनोल्टी प्रीतम सिंह पंवार, विधायक घनसाली शक्ति लाल शाह, विधायक देवप्रयाग विनोद कंडारी, विधायक प्रतापनगर विजय सिंह पवार, जिला पंचायत अध्यक्षा सोना सजवाण, जिला अध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी विनोद रतूड़ी, जिलाधिकारी इवा आशीष श्रीवास्तव, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक तृप्ति भट्ट, मुख्य विकास अधिकारी नमामि बंसल, डीएफओ कोको रोसे, सीएमओ डॉ संजय जैन आदि उपस्थित थे।

केन्द्रीय और राज्य की पेयजल योजनाओं का लोगों का लाभ दिलाने का निर्देश

पेयजल मंत्री बिशन सिंह चुफाल द्वारा बुधवार को सचिवालय में जल जीवन मिशन की समीक्षा वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग के माध्यम से की गयी। समीक्षा बैठक में राज्य स्तर से सचिव, पेयजल एवं स्वच्छता मिशन निदेशक, अपर सचिव, जल जीवन मिशन, प्रबन्ध निदेशक, उत्तराखण्ड पेयजल निगम मुख्य महाप्रबन्धक, उत्तराखण्ड जल संस्थान, मुख्य अभियन्ता, राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन एवं अन्य अधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया। जनपदों से जिलाधिकारियों, मुख्य विकास अधिकारियों, पेयजल संस्थाओं के अधिशासी अभियन्ताओं एवं अन्य अधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।
जल जीवन मिशन के अन्तर्गत आतिथि तक कुल 15.18 लाख परिवारों के सापेक्ष 6.82 लाख परिवारों को पेयजल संयोजन प्रदान किया जा चुका है। ग्रामीण क्षेत्रों के 96 प्रतिशत विद्यालयों एवं 91 प्रतिशत आंगनबाड़ियों को पेयजल से आच्छादित किया जा चुका है।
पेयजल मंत्री द्वारा समस्त जिलाधिकारियों एवं उपस्थित अन्य अधिकारियों को जल जीवन मिशन के कार्यों को समयबद्ध रूप से गुणवत्ता एवं मानकों के अनुरूप कार्याे को सम्पादित करने हेतु निर्देशित किया गया। उनके द्वारा यह भी निर्देशित किया गया कि ऐसी योजनायें जिनमें पेयजल की उपलब्धता मानकों से कम है के प्राक्कलन प्राथमिकता पर तैयार कर स्वीकृत करवाये जाये। जनपदों में अवस्थित विद्यालयों, आश्रम शालाओं, आंगनबाडी, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, पंचायत घर आदि सार्वजनिक भवनों को दिनांक 2 अक्टूबर, 2021 तक पेयजल से आच्छादित किये जाने हेतु निर्देशित किया गया।
इसके अतिरिक्त नाबार्ड कार्यक्रम में स्वीकृत तथा दीर्घकाल से अपूर्ण पेयजल योजनाओं को पूर्ण करते हुए विगत दो माह में जनता को निम्न पेयजल योजनाओं में पेयजल उपलब्ध कराया गया।

1. जनपद रूद्रप्रयाग के अन्तर्गत जवाड़ी रौठिया ग्राम समूह पेयजल योजना अनु. लागत रू0 1599.74 लाख की स्वीकृति वर्ष 2006 में राज्य सेक्टर ग्रामीण में दी गयी थी, वन भूमि की स्वीकृति लम्बित होने तथा स्थानीय विवाद के कारण योजना के कार्य वर्ष 2012 में प्रारम्भ हो सके थे। तत्पश्चात पाईप सामग्री की दरों में वृद्धि होने के कारण योजना की पुनरीक्षित लागत रू० 2539.53 लाख नाबार्ड कार्यक्रम में वर्ष 2018 में स्वीकृति प्रदान की गयी। योजना का स्रोत लस्तरगाड़ नदी से प्रमुख ग्रामों की दूरी लगभग 55 किमी0 है। योजना में 18 राजस्व ग्रामों की 52 बस्तियां सम्मिलित हैं तथा 10276 आबादी को लाभान्वित किया जाना प्रस्तावित है। वर्तमान में 9 ग्रामों की 24 बस्तियों को पेयजल सुचारू रूप से उपलब्ध हो गया है तथा 850 परिवारों को पेयजल उपलब्ध कराया जा चुका है।

2. जनपद पौड़ी के अन्तर्गत विकासखण्ड कल्जीखाल की डांडा नागराजा पम्पिंग पेयजल योजना अनु. लागत रू० 2648.49 लाख की स्वीकृति वर्ष 2012 में एनआरडीडब्लूपी, नाबार्ड कार्यक्रम में दी गयी थी, उक्त योजना में 72 राजस्व गांवों के 112 बस्तियाँ सम्मिलित हैं। योजना में समय-समय पर विद्युत व्यवधान एवं गंगा नदी में देवप्रयाग के समीप निर्मित इनटेकवैल में नदी में अत्यधिक सिल्ट आने के कारण पम्पिंग बाधित होने से उक्त योजना में सुचारू रूप से पेयजल उपलब्ध नहीं हो रहा था। वर्तमान में गुरुत्व स्रोत रांधीगाड़ से प्राप्त हो रहे 250 एलपीएम डिस्चार्ज को बढ़ाकर 600 एलपीएम किया गया, जिस कारण वर्तमान में पर्याप्त पम्पिंग करते हुए 70 ग्रामों को पेयजल आपूर्ति उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसमें से 2 ग्रामों में नई सड़क निर्माण होने के कारण क्षतिग्रस्त पाईप लाईन को ठीक कराया जा रहा है।

3. जनपद टिहरी गढ़वाल के अन्तर्गत अकरी बारजूला ग्राम समूह पम्पिंग पेयजल योजना स्वीकृत लागत रू० 4770.17 लाख नाबार्ड कार्यक्रम में वर्ष 2015 में स्वीकृत की गयी थी। उक्त योजना में 42 राजस्व ग्रामों की 105 बस्तियों को पेयजल उपलब्ध कराने हेतु योजना वर्ष 2020 में पूर्ण की गयी, विगत कुछ वर्षाे में क्षेत्र के अन्तर्गत निर्माण कार्यों के चलते एवं पर्वतीय क्षेत्रों में बादल फटने, दैवीय आपदा के कारण अलकनन्दा नदी में दिनांक 18.06.2021 को आयी बाढ़ के कारण अत्यधिक सिल्ट आने के कारण इन्टेक वैल से रॉ वाटर पम्पिंग को बार-बार बन्द करना पड़ रहा है, जिससे योजना पर सुचारू रूप से पेयजल की आपूर्ति नहीं हो पाती है। वर्षा ऋतु में अलकनन्दा नदी में सिल्ट की अधिकता को देखते हुये योजना के समीप चन्द्रभागा गदेरे से अल्प समय में वैकल्पिक स्रोत से ट्रीटमेन्ट प्लान्ट तक रॉ वाटर की व्यवस्था की गयी है, जिससे योजना में सम्मिलित सभी ग्रामों में पेयजल उपलब्ध हो रहा है।