पूरी रौ में दिखे धामी, विरोधियों से पूछ डाले 5 सवाल

लोकतांत्रिक व्यवस्था में सवाल अक्सर सरकार से पूछे जाते हैं। मुख्यमंत्री से जवाब मांगा जाता है। इस परंपरा में सरकार कई बार बेबाक जवाब देती है, कई बार घिर जाती है तो कई बार असहज भी हो जाती है। लेकिन इस व्यवस्था से उलट कुछ ऐसे भी मौके देखने को मिलते हैं जब सरकार का मुखिया जनता से सवाल करते हुए पूछता है कि मेरी सरकार ने ये काम किया या नहीं किया। वो तब होता है जब मुखिया आत्मविश्वास से लबरेज हो। इस तरह का वाकया आज जौनसार बावर के प्रवेश द्वार कालसी में देखने को मिला। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी यमुना नदी के तट पर आयोजित क्रीड़ा एवं सांस्कृतिक महोत्सव में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करने पहुंचे थे।
इस वाक्य को साझा करने से पहले यहां ये बताना जरूरी है कि बेरोजगारों पर हुए पुलिस लाठी चार्ज के बाद धामी सरकार की चैतरफा घेराबंदी की जा रही है। इत्तेफाक से बेरोजगार महासंघ के अध्यक्ष बॉबी पंवार (जो आंदोलन में हुए उपद्रव के चलते फिलहाल पुलिस की गिरफ्त में हैं) जौनसार बावर से ताल्लुक रखते हैं और मुख्यमंत्री धामी रविवार को इस क्षेत्र के ऐतिहासिक नगर कालसी में जनता से सीधे मुखातिब हुए। चूंकि बॉबी पंवार जौनसार बावर के ही निवासी हैं तो पुलिस प्रशासन को आशंका थी कि मुख्यमंत्री को कालसी में स्थानीय युवाओं का विरोध न झेलना पड़े। इस वजह से पूरे सरकारी तंत्र ने बीती रात मुख्यमंत्री का कार्यक्रम कैंसिल करवाने के लिए पूरा जोर लगा दिया। मुख्यमंत्री से वहां न जाने की मिन्नतें की, लेकिन मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी बात है तो मैं कालसी जरूर जाऊंगा और विरोध कर रहे युवाओं से मिलकर कुछ सवाल जरूर पूछूंगा। हालांकि, पुलिस प्रशासन की यह आशंका निर्मूल साबित हुई। महोत्सव में भारी संख्या में युवा वर्ग शामिल हुआ। विरोध हुआ पर नाममात्र का। युवाओं ने मुख्यमंत्री के संबोधन को इत्मीनान से सुना। विरोधियों का भी धन्यवाद करते हुए धामी ने विनम्रता के साथ जनता से ही सवाल पूछ डाले।

1- उत्तराखण्ड में नकल माफिया को नासूर किनकी सरकार ने बनने दिया?
2- क्या किसी मुख्यमंत्री ने नकल माफिया गिरोह के सदस्यों और इसमें संलिप्त अधिकारियों, कर्मचारियों को जेल की सलाखों में डाला?
3- अब तक जेल जा चुके गिरोह के 60 से अधिक लोगों की संपत्ति जब्त और उन पर गैंगेस्टर जैसी सख्त धाराओं के तहत करवाई कौन कर रहा है?
4- गड़बड़ी की शिकायत मिलने पर किसकी सरकार ने 4 परीक्षाएं निरस्त की और अब कौन उनको लीक प्रूफ सिस्टम के साथ फिर से आयोजित कर रहा है?
5- मुख्यमंत्री ने धामी से ये भी पूछा कि शिकायत मिलने के छह माह के भीतर किसकी सरकार ने प्रदेश में देश का सबसे कड़ा “नकल विरोधी कानून” लागू किया?

अक्सर शांत मन से अपनी बात रखने वाले धामी आज अपने भाषण के दौरान पूरी रौ में दिखे। उन्होंने कहा कि देश के कई राज्यों में फैल चुके नकल माफिया की जड़ें बहुत गहरी हैं। इस नासूर को मिटाने में वक्त जरूर लगेगा। इसके लिए इच्छाशक्ति और दृढ़ निश्चय की जरूरत है। धामी ने ताल ठोक कर कहा कि विरोधी भी ये जानते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी के दिखाए मार्ग पर चलकर पुष्कर सिंह धामी ही इस नासूर का खात्मा कर सकता है, हालांकि मुझे मालूम है कि इसके लिए मुझे अभी कई विरोध झेलने पड़ेंगे और साजिशों का सामना करना पड़ेगा।

चकराता के युवाओं ने बड़ी संख्या में सीएम से की मुलाकात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सोमवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में प्रसिद्ध गायक जुबिन नौटियाल एवं रामशरण नौटियाल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में जौनसारी बावर क्षेत्र के युवाओं एवं छात्रों ने भेंट की। उन्होंने नवीन चकराता टाउन शिप विकसित करने के लिये 2 करोड़ की धनराशि टाउन प्लानिंग विभाग को उपलब्ध कराने के लिये मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नवीन चकराता टाउनशिप को पुरोड़ी-नागथात-लखवाड़ से यमुना नदी तक विकसित किया जायेगा। इसके लिये 2 करोड़ की धनराशि टाउन प्लानिंग विभाग को अवमुक्त करने की घोषणा पूर्व में की जा चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘‘नवीन चकराता टाउनशिप’’ को चकराता-मसूरी राजमार्ग से लगी भूमि पर विकसित किया जायेगा तथा इसके अतंर्गत पड़ने वाले ग्रामों की पौराणिक पहचान एवं सांस्कृतिक विरासत को बचाये रखने के लिए टाउनशिप की सीमाओं को इन ग्रामों के आबादी क्षेत्र से बाहर रखा जायेगा। इस टाउनशिप के विकास से यहां पर्यटन उद्योग को तो बढ़ावा मिलेगा ही साथ-साथ यहां की जलवायु तथा भौगोलिक स्थिति के अनुरूप औद्योगिक क्षेत्र भी विकसित किये जा सकेंगे जिससे स्थानीय बेरोजगारों के लिये स्वरोजगार के कई आयाम स्थापित होंगे।
मुख्यमंत्री ने युवाओं से स्वरोजगार के प्रति ध्यान देने की अपेक्षा करते हुए कहा कि सरकारी नौकरियां हजारों में है जबकि बेरोजगार युवा लाखों में। युवा रोजगार लेने वाले नही रोजगार देने वाले बने इसके लिए राज्य सरकर द्वारा विभिन्न स्वरोजगार योजनाएं संचालित की है तथा योजनाओं के ऋण सुविधा आसान बनाई गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पलायन, रोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा जैसे तमाम मुद्दों पर आने वाले सालों में किस तरह सरकार और जनता के बीच समन्वय बनाकर कार्य किया जाए इसके लिए सरकार ने बोधिसत्व विचार श्रृंखला कार्यक्रम की शुरुआत की है। जिसके माध्यम से सरकार विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर चुके अनुभवी लोगों से सुझाव प्राप्त किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा 5700 करोड़ लखवाड़ वाली परियोजना की स्वीकृति प्रदान की गई है। इससे भी क्षेत्र का विकास होगा तथा राज्य की 300 मेगावॉट बिजली उपलब्ध होगा तथा 6 राज्यों को पानी उपलब्ध होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन एवं केन्द्र सरकार के सहयोग से राज्य में ऐसे बहुत से काम हुए हैं, जिनकी पहले कल्पना नहीं की जा सकती थी। मोदी जी ने पहाड़ पर रेल पहुचाने के सपने को साकार किया है। आज ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना तथा सामरिक दृष्टि एवं भौगोलिक दृष्टि से महत्वपूर्ण टनकपुर-बागेश्वर रेल परियोजना पर तेजी से काम हो रहा है। इसी प्रकार चार धाम ऑल वेदर रोड, भारत माला प्रोजेक्ट पर भी तीव्र गति से काम किया जा रहा है। चार धाम यात्रा उत्तराखण्ड के लिए लाइफ लाईन है और ये परियोजनाएं जहां चारधाम यात्रा को सुगम बनाएंगी, पर्यटन को बढ़ावा देगी वहीं हमारी अर्थव्यवस्था में क्रांतिकारी परिवर्तन भी लाएगी। दिल्ली देहरादून एक्सप्रेस वे देहरादून से दिल्ली की दूरी को और कम करने वाला है।
इस अवसर पर यशपाल चौहान, अर्जुन शर्मा, बाबी पंवार, लाखी राम जोशी, सरदार सिंह, महिपाल सिंह आदि उपस्थित रहे।