सीएम ने खटीमा में किया 215 फीट ऊँचे तिरंगे का लोकार्पण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कंजाबाग तिराहा खटीमा में मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत कार्यदायी संस्था लघु सिंचाई विभाग द्वारा 47.42 लाख की लागत से स्थापित किए गए 215 फीट ऊँचे राष्ट्रीय ध्वज का विधिवत पूजा अर्चना कर फीता काटकर व ध्वजारोहण कर लोकार्पण किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह राष्ट्रीय ध्वज केवल एक प्रतीक नहीं, बल्कि हमारे देश की एकता, अखंडता और शौर्य का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह ध्वज यहां खड़ा होगा और हर नागरिक को देशभक्ति की भावना से प्रेरित करेगा।

इस अवसर पर लघु सिंचाई विभाग द्वारा प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (पीएम कुसुम) योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु सोलर प्रदर्शनी भी लगाकर किसानों व जनता को योजना की विस्तृत जानकारियां भी दी गई।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, मेयर विकास शर्मा नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, दर्जामंत्री फरजाना बेगम, अनिल कपूर डब्बू, शंकर कोरंगा, जिलाध्यक्ष कमल जिंदल, पूर्व विधायक डॉ प्रेम सिंह राणा, मोहनी पोखरिया, किशन सिंह (किन्ना), जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा, उपाध्यक्ष जिला विकास प्राधिकरण जय किशन, अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय, मुख्य चिकित्साधिकारी के के अग्रवाल, अधिशासी अभियंता लघु सिंचाई विभाग सुशील कुमार एवं जनप्रतिनिधि व जनता मौजूद थी।

खटीमा में ‘स्वदेशी अपनाओ’ अभियान के तहत पारंपरिक दीयों और स्थानीय उत्पादों की खरीदारी कर सीएम ने दिया जोर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज अपने गृह क्षेत्र खटीमा में ‘स्वदेशी अपनाओ’ अभियान के तहत पारंपरिक मिट्टी के दियों और स्थानीय रूप से निर्मित वस्तुओं की खरीदारी की।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों से अपील की कि दीपावली के पर्व पर स्थानीय कारीगरों, शिल्पकारों और स्वदेशी उत्पाद निर्माताओं को प्रोत्साहित करें, जिससे न केवल आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को बल मिलेगा, बल्कि गांवों और कस्बों की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि दीपावली केवल रोशनी, उत्साह और आनंद का पर्व नहीं है, बल्कि यह आत्मनिर्भरता, सम्मान और स्वाभिमान का प्रतीक भी है। उन्होंने कहा “जब हम अपने गाँव-कस्बों में बने दीये या अन्य स्वदेशी वस्तुएँ खरीदते हैं, तो हम किसी परिवार की आजीविका, उसकी मेहनत और उसकी उम्मीद को सम्मान देते हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के “वोकल फॉर लोकल” और “आत्मनिर्भर भारत” के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि स्वदेशी उत्पादों की खरीद से स्थानीय शिल्प, कुटीर उद्योग और महिला स्वयं सहायता समूहों को भी सीधा लाभ मिलता है।


उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड के कारीगरों की परंपरा और कौशल अत्यंत समृद्ध है। मिट्टी के दीये, हस्तनिर्मित सजावटी सामग्री, जैविक उत्पाद और पहाड़ी खाद्य पदार्थ न केवल स्थानीय स्तर पर लोकप्रिय हैं, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना रहे हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि हर नागरिक को यह संकल्प लेना चाहिए कि इस दीपावली वह स्वदेशी उत्पादों से ही अपने घरों को रोशन करें, ताकि किसी अन्य परिवार के घर में भी खुशियों के दीप जल सकें। “इस दीपावली हम सब मिलकर आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करें। हमारी छोटी-छोटी खरीदारी किसी परिवार के जीवन में नई उम्मीद की किरण बन सकती है।”

मुख्यमंत्री ने सभी प्रदेशवासियों को दीपावली, धनतेरस और भैयादूज की हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह पर्व सबके जीवन में खुशियाँ, समृद्धि और नई ऊर्जा लेकर आए।

इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, व्यापारीगण, स्वयं सहायता समूहों की महिलाएँ एवं नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

2019 से खटीमा में संचालित केंद्रीय विद्यालय को मिला अपना भवन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा में अखिल भारतीय शिक्षा समागम के अन्तर्गत आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए ₹ 26.23 करोड़ की लागत से निर्मित केंद्रीय विद्यालय, खटीमा का लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय परिसर में पौधरोपण भी किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह सभी के लिए हर्ष और गौरव के क्षण हैं। देश में शिक्षा के क्षेत्र में आई नई क्रांति के 5 वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर पर खटीमा में भी ज्ञान और विज्ञान के नए युग का आरंभ हो रहा है। मुख्यमंत्री ने खटीमा को केंद्रीय विद्यालय की सौगात देने के सभी खटीमा वासियों की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा केंद्रीय विद्यालय की शिक्षा हमारी सेना, अर्धसैनिक बलों तथा उन तमाम कार्मिकों के बच्चों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा यदि मेरे छात्र जीवन के दौरान खटीमा में केंद्रीय विद्यालय होता, तो वो स्वयं भी केन्द्रीय विद्यालय के छात्र होते। उन्होंने कहा खटीमा के छात्र-छात्राओं को शिक्षा के लिए यहां से पलायन न करना पड़े, इसके लिए उन्होंने विधायक रहते हुए खटीमा में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना के लिए हर संभव प्रयास किए और आज उसी विद्यालय को अपना भवन भी मिल गया है। उन्होंने कहा खटीमा क्षेत्र में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना से यहाँ के बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलने और उनके समग्र विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में वर्ष 2020 में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से देश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से बच्चों को रोजगारपरक शिक्षा के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करने में भी सहायता मिल रही है। इसमें शोध और अनुसंधान को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे बच्चों और युवाओं में वैज्ञानिक सोच का विकास भी हो रहा है। उन्होंने कहा राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य है। जिसके अंतर्गत हमने प्रदेश के 5600 से अधिक आंगनवाड़ी केन्द्रों में बालवाटिका कक्षाओं की शुरुआत कर एक महत्वपूर्ण और दूरगामी शैक्षणिक पहल की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खटीमा उनका घर है और वहां के निवासी उनके परिवार के सदस्य। उन्होंने कहा खटीमा से ही उन्होंने जनसेवा की यात्रा प्रारंभ की थी। खटीमा की माटी और लोगों से उन्हें हमेशा ऊर्जा और प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा राज्य सरकार ने खटीमा में स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल से लेकर बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। खटीमा में हाईटेक बस स्टैंड, आधुनिक आईटीआई और पॉलीटेक्निक कॉलेज तथा 100 बेड के नए अस्पताल परिसर, राष्ट्रीय स्तर के अत्याधुनिक खेल स्टेडियम का निर्माण कर बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया है। क्षेत्र में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने हेतु गदरपुर और खटीमा बाईपास का निर्माण, नौसर में पुल निर्माण के साथ ही पूरे क्षेत्र में सड़कों का व्यापक नेटवर्क विकसित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने राजकीय महाविद्यालय खटीमा में एमकॉम और एमएससी की कक्षाएं शुरू करवाई हैं। जनजाति बाहुल्य क्षेत्र में एकलव्य विद्यालय का संचालन भी प्रारंभ किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ निरंतर कार्य कर रही है। जिसके परिणाम स्वरूप एसडीजी इंडेक्स रिपोर्ट में सतत विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने में पूरे देश में हमारा राज्य प्रथम स्थान पर पहुंचा है। उन्होंने कहा कि बीते वर्ष में बेरोजगारी दर में रिकॉर्ड 4.4 प्रतिशत की कमी लाने में सफलता प्राप्त की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में घृणित मानसिकताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है। राज्य में सख्त दंगारोधी और धर्मांतरण विरोधी कानून को लागू किया गया है। राज्य में साढ़े छह हजार एकड़ से अधिक की सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है। 200 से अधिक अवैध मदरसों को सील करने के साथ 500 से अधिक अवैध संरचनाओं को भी हटाया है। प्रदेश में ऑपरेशन कालनेमि भी प्रारंभ किया है जिसके माध्यम से हम राज्य में सनातन धर्म को बदनाम करने वाले पाखंडियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रहे हैं। राज्य में समान नागरिक संहिता कानून लागू किया गया है। इसके साथ राज्य के 23 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी देने का कार्य किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य से भ्रष्टाचार रूपी दीमक को जड़ से समाप्त करने के लिए ज़ीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्य किया जा रहा है। इसी का परिणाम है कि पिछले तीन वर्षों में हमने भ्रष्टाचार में लिप्त आईएएस, पीसीएस सहित करीब 200 से अधिक लोगों को जेल की सलाखों के पीछे पहुँचाया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार देवभूमि उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के अपने विकल्प रहित संकल्प को पूर्ण करने हेतु निरंतर प्रयास कर रही है।

इस दौरान कार्यक्रम में मेयर विकास शर्मा, दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, शंकर कोरंगा, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद जोशी, जिलाध्यक्ष भाजपा कमल जिंदल, पूर्व विधायक डॉ प्रेम सिंह राणा, राजेश शुक्ला, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा, एवं शिक्षक व छात्र-छात्राएं आदि मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री पहुंचे खटीमा, गेस्ट हाउस में सुनी लोगों की समस्याएं, निस्तारण को दिए निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लोक निर्माण विभाग अतिथि गृह खटीमा में क्षेत्र की जनता से मुलाकात की तथा उनकी समस्याएं सुनी। मुख्यमंत्री ने समस्याओं के निस्तारण हेतु सरलीकरण, समाधान, निस्तारण एवं संतुष्टि के आधार पर हल करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार आमजन की परेशानियों को दूर कराने के प्रति गंभीर है और आमजन की समस्याओं का निराकरण करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि जन समस्याओं के समयबद्ध तरीके से निराकरण करने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिये गये हैं। हमारी पूरी कोशिश है कि लोगों को अपने काम के लिये अनावश्यक रूप से परेशान न होना पड़े।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जन समस्याओं का समाधान तेजी से हो इसके लिए जिलाधिकारियों को नियमित रूप से जन समस्याओं को सुनने के निर्देश दिये गये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्वयं जनपदों के भ्रमण के दौरान सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का लगातार फीडबैक ले रहे हैं। जिलाधिकारियों को जनपदों में जनता दरबार, तहसील दिवस आदि की नियमित बैठकें करने के भी निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश की जनता के हित में काम कर रही है और जनहित में जटिल से जटिल मुद्दों को भी सुलझाया जा रहा है।

इस दौरान मेयर काशीपुर दीपक बाली, रूद्रपुर विकास शर्मा, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, प्रेम सिंह टुरना, दर्जा मंत्री शंकर कोरंगा,राजपाल सिंह, गंभीर सिंह धामी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय जनता उपस्थित थी।

किसानों के श्रम को नमन करने का सीएम का तरीका, खेत में की धान रोपाई

खटीमा के नगरा तराई क्षेत्र में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने खेत में धान की रोपाई कर किसानों के परिश्रम, त्याग और समर्पण को नमन किया। उन्होंने कहा कि खेतों में उतरकर पुराने दिनों की यादें ताजा हो गईं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्नदाता न केवल हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, बल्कि वे हमारी संस्कृति और परंपराओं के संवाहक भी हैं।

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत “हुड़किया बौल” के माध्यम से भूमि के देवता भूमियां, जल के देवता इंद्र और छाया के देवता मेघ की वंदना भी की। मुख्यमंत्री के इस सांस्कृतिक जुड़ाव और कृषकों के साथ आत्मीय सहभाग ने क्षेत्रीय जनता को गहरे स्तर पर प्रेरित किया।

मुख्यमंत्री धामी की यह पहल उत्तराखंड की ग्रामीण संस्कृति, कृषकों की अहमियत और पारंपरिक लोक कलाओं के संरक्षण की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम है।

निर्माणाधीन मां पूर्णागिरी मंदिर का स्थलीय निरीक्षण को पहुंचे सीएम धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नगला तराई, खटीमा में 254 लाख की धनराशि से निर्माणाधीन मां पूर्णागिरी मंदिर का स्थलीय निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने कार्यदायी संस्था को मंदिर कार्य को शीघ्र पूर्ण करने तथा मंदिर में पानी व शौचालय व्यवस्था करने के निर्देश दिए। साथ ही कार्यों में गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए।

उन्होंने कहा प्रदेश में विकास कार्यों की गुणवत्ता पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने समयबद्धता पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि जो कार्यदायी संस्था अथवा ठेकेदार अच्छा कार्य नहीं करेंगे उनके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने लोहिया हेड कैम्प कार्यालय में जनता से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनी। उन्होंने सम्बंधित अधिकारियों को समस्याओं के निस्तारण के लिए आवश्यक निर्देश भी दिए।

इस अवसर पर विधायक शिव अरोड़ा, मेयर काशीपुर दीपक बाली, अनिल कपूर डब्बू, अध्यक्ष नगर पालिका खटीमा रमेश चंद्र जोशी, जिलाध्यक्ष बीजेपी कमल जिंदल, पूर्व विधायक डॉ प्रेम सिंह राणा उपस्थित थे।

सीएम धामी ने खटीमा में 213 फीट ऊँचे राष्ट्रीय ध्वज की स्थापना के लिए किया भूमि पूजन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कंजाबाग तिराहे, खटीमा में स्थापित किए जा रहे 213 फीट ऊँचे राष्ट्रीय ध्वज का भूमि पूजन किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज देश की एकता, अखंडता और शौर्य का प्रतीक है। जो हर नागरिक को देशभक्ति की भावना से प्रेरित करता है। आने वाले समय में यह ध्वज पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, सौरभ बहुगुणा, सांसद अजय भट्ट, ले. जनरल संदीप जैन, मेयर रुद्रपुर विकास शर्मा, काशीपुर दीपक बाली, हल्द्वानी गजराज बिष्ट, दर्जा राज्यमंत्री डॉ. अनिल कपूर डब्बू, विनय रुहेला, विधायक शिव अरोड़ा, त्रिलोक सिंह चीमा, गोपाल सिंह राणा, सुरेश गड़िया, भाजपा जिलाध्यक्ष मनोज पाल, कमल जिंदल, अध्यक्ष नगर पालिका रमेश चंद्र जोशी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

खटीमा में 50 जोड़ों के सामूहिक विवाह समारोह में सीएम धामी ने की शिरकत

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा में गौरी शंकर महादेव मंदिर, भ्रह्म कालोनी एंव आरपी पब्लिक स्कूल, मेलघाट रोड में महाशिवरात्रि के अवसर पर सामूहिक विवाह कार्यक्रम में शामिल होकर नव दम्पतियों को आशीर्वाद व बधाई देते हुए उनके नव दाम्पत्य जीवन के लिए शुभकामनाएं दी। इस दौरान दोनों स्थानों पर कुल 50 जोड़ो विवाह सम्पन्न हुआ।

मुख्यमंत्री ने नव दम्पतियों को उनके सुखमय वैवाहिक जीवन के शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कन्यादान को हमारे समाज व संस्कृति में महादान की संज्ञा दी गई है। उन्हें भी एक अभिभावक के रूप में विवाह में शामिल होने का अवसर मिला यह सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा खटीमा एक बगीचा है जिसमे सभी समुदाय के लोग प्रेम भाव से रहते हैं। यह एक लघु भारत का स्वरूप लगता है, इसी भावना का उदाहरण यह सामूहिक विवाह भी है।

मुख्यमंत्री ने कहा बेटियां दो-दो घरों को रोशन करती हैं। बेटियों के सशक्त होने से राष्ट्र सशक्त होता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बालिका एवं महिला सशक्तिकरण के लिए कार्य कर रही है। राज्य सरकार ने सभी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया है। जिससे राज्य में महिलाओं को आगे बढ़ाने का काम हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश में 38 वें राष्ट्रीय खेलों का सफल आयोजन हुआ। इन खेलों के आयोजन की चारों ओर प्रशंसा मिल रही है। जिसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय खेलों में मेडल तालिका में हम 25वें स्थान से 7वें स्थान पर आएं है। जिसमें बेटियों ने अधिक मेडल जीतकर हमें गौरवान्वित किया है।

इस दौरान गीता धामी, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, पूर्व विधायक प्रेम सिंह राणा, जिलाध्यक्ष कमल जिंदल, गणेश जोशी, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, एसएसपी मणिकांत मिश्रा, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

खटीमा में न्यूजीलैंड से आए डेलिगेशन ने सीएम से की शिष्टाचार भेंट

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से खटीमा में न्यूजीलैंड से आए डेलिगेशन ने शिष्टाचार भेंट की।

ग़ौरतलब है कि प्राइमरी इंडस्ट्री मिनिस्ट्री, न्यूजीलैंड सरकार के सलाहकार प्रोफेसर गैरी तथा न्यूजीलैंड के पशुचिकित्सा वैज्ञानिक प्रोफेसर निकोलस द्वारा जनपद उधम सिंह नगर के तहसील किच्छा, गदरपुर, काशीपुर के अंतर्गत भारत सरकार की ब्रीड मल्टीप्लीकेशन फार्म योजना के लाभार्थियों के फार्माे का निरीक्षण व अध्ययन किया जा रहा है।

इस दौरान जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, एसएसपी मणिकांत मिश्रा, मुख्य विकास अधिकारी मनीष कुमार, अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ आशुतोष जोशी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

भगवान भोलेनाथ की कृपा सभी पर बनी रहेः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महाशिवरात्रि के अवसर पर चकरपुर, खटीमा स्थित श्री वनखंडी महादेव शिव मंदिर में सपत्नी जलाभिषेक एवं पूजा अर्चना कर प्रदेश में सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री ने श्री वनखण्डी महादेव मंदिर में 12 दिवसीय महाशिवरात्रि मेले का भी शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं को महाशिवरात्रि की बधाई देते हुए कहा कि भगवान भोलेनाथ की कृपा सभी पर बनी रहे। उन्होंने कहा वे कई वर्षाे से महाशिवरात्रि के अवसर पर श्री वनखंडी महादेव शिव मंदिर में आ रहे हैं। राज्य सरकार, प्रदेश में शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने पर कार्य कर रही है। शीतकालीन यात्रा का शुभारंभ उखीमठ के ओंकारेश्वर मंदिर से किया गया है। अब वर्ष भर हमारे धार्मिक स्थलों में श्रद्धालु आ सकेंगे, जिससे प्रदेश व क्षेत्र की जनता को सीधा लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वनखण्डी मंदिर को सुन्दर डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जायेगा। माँ पूर्णागिरि मंदिर में शीघ्र रोपवे, एवं टनकपुर में शारदा रिवर फ्रंट बनाया जा रहा है। जिसमें खटीमा व उसके आस पास के क्षेत्रों को रिवर फ्रंट डीपीआर में जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि हनोल क्षेत्र के विकास के लिए सरकार ने 120 करोड़ की धनराशि दी है। सरकार द्वारा पूरे प्रदेश का समेकित विकास किया जा रहा है। उन्होंने कहा खटीमा बस अड्डा शीघ्र तैयार होगा। टनकपुर बस अड्डे को 200 करोड़ रूपये की धनराशि से आई.एस.बी.टी बनाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के अंदर धार्मिक स्थलों का कायाकल्प हुआ है। जिससे पूरे देश में धार्मिक पुनर्जागरण हुआ है। उन्होंने कहा केदारनाथ में भीषण आपदा आने से श्रद्धालुओं का आना बहुत कम हो गया था। प्रधानमंत्री ने केदारनाथ धाम का पुनर्निर्माण कर वहां पूजा अर्चना की एवं रात्रि प्रवास किया। और अब केदारनाथ धाम में हर साल 20 लाख से भी अधिक श्रद्धालु दर्शन करने आ रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिथौरागढ़ के आदि कैलाश, जोलीकोंग की यात्रा की, जिससे मानसखंड को भी विश्व पटल नई पहचान मिली है। उन्होंने कहा आदि कैलाश पर जाने वाले यात्री कुमाऊँ सड़क मार्ग से ही जाते है। जिससे यहाँ के सभी प्रकार के कारोबारियों को वर्ष भर रोजगार मिलेगा। मानसखण्ड योजना के अंतर्गत कुमाऊँ के सभी मंदिरों को जोड़ा जा रहा है। जिससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

कार्यक्रम में मेला समिति द्वारा मुख्यमंत्री का मंदिर सौंदर्यकरण हेतु पूर्व में 1 करोड़ रुपए की धनराशि प्रदान करने हेतु आभार व्यक्त किया। मंदिर समिति ने मुख्यमंत्री को स्मृति चिन्ह व अंगवस्त्र देकर सम्मानित भी किया।

इस दौरान नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, मंदिर समिति अध्यक्ष गोपाल सिंह बिष्ट, जिलाध्यक्ष कमल जिंदल, गणेश जोशी, सुधीर वर्मा, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, एसएसपी मणिकांत मिश्रा, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।