मुख्यमंत्री ने किया सर्वाेदय-2024 कार्यक्रम में प्रतिभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रामनगर स्थित पी.एन.जी.पी.जी. कॉलेज में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद उत्तराखण्ड द्वारा आयोजित सर्वाेदय-2024 कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर अपने सम्बोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ऐसा संगठन है जो संस्कृतिक एवं नैतिक मूल्यों के लिये समर्पित है। देश का भविष्य़ युवा पीढी के हाथ में है। उन्होने कहा कि युवा पीढ़ी पर देश को नई ऊचाई और विकास के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने की जिम्मेदारी है, उन्होने छात्र राजनीति को नये भारत के निर्माण मे योगदान देने वाला बताया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने रामनगर में मीडिया सेंटर बनाने, पेयजल के 40 नलकूपों को ऊर्जा मुक्त किये जाने, पालिका इलाकों में नई सीवर लाइन, बालिका संकाय में कक्षा कक्ष निर्माण और महा विद्यालय के खेल मैदान को बेहतर बनाने की घोषणा की। रामनगर में समाज सेवा तथा सामाजिक कार्यों में अपना योगदान देने वाले 5 समाज सेवियों को मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस आयोजन में उन्हे छात्रों की ऊर्जा देखकर अपने विद्यार्थी जीवन का स्मरण हो रहा है। आज पूरी दुनिया भारत को आशा भरी निगाह से देख रही है। इसके पीछे मुख्य योगदान हमारी युवा शक्ति का है। जब इतनी बड़ी शक्ति देश निर्माण में अपना योगदान दे रही तो वह दिन दूर नहीं जब भारत विश्व के देशों का भी मार्गदर्शन करेंगा। हमें छात्र राजनीति भविष्य में कैसी होनी चाहिए इस पर चिंतन करना होगा, क्योंकि आने वाले भविष्य में युवा छात्र ही देश का नेतृत्व करेंगे।

केदारनाथ यात्रा मार्ग में फंसे लोगों का किया जा रहा रेस्क्यू
मुख्यमंत्री ने कहा कि केदारनाथ मार्ग में बीते दिनों प्राकृतिक आपदा से जन जीवन प्रभावित हुआ है। वहा फंसे लोगों का रेस्क्यू किया जा रहा है। राहत और बचाव के कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। जिला प्रशासन एनडीआरएफ सेना और अन्य सुरक्षा टीम बचाव कार्य कर रही है। धाम में फंसे लोगों को हैली सेवा के माध्यम से सुरक्षित स्थानों में भेजा जा रहा है।

उत्तराखंड सतत विकास सूचकांक की सूची में भारत में प्रथम स्थान पर
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य में लगातार बेहतर विकास कार्य हो रहे हैं। समाज के अंतिम पंक्ति में खडे व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना हमारा लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि नीति आयोग, भारत सरकार द्वारा सतत विकास सूचकांक की रिपोर्ट जारी की गई है पूरे देश में उत्तराखंड सतत विकास सूचकांक की सूची में प्रथम स्थान पर है। यह राज्य सरकार द्वारा राज्य के समग्र विकास में की जा रही पहल को भी दर्शाता है।

3 साल में 16 हजार युवाओं को दी गई सरकारी नौकरी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने पिछले तीन साल में बिना किसी भेदभाव, बिना किसी पेपर लीक, बिना किसी रिश्वत या सिफारिश के 16 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी दिये जाने का कार्य किया है। राज्य सरकार व शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता बढ़ाये जाने के लिये हमेशा प्रयत्नशील रही है तथा हर क्षेत्र में हर वर्ग के लोगो के विकास के लिये प्रतिबद्ध है। आज हमारी सरकार ने नकल माफियाओं के विरुद्ध सख्त नकल विरोधी कानून का प्रावधान किया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज हमारा देश प्रगति के नये आयाम प्राप्त कर रहा है। देश विश्व में प्रेरणा का स्रोत बन रहा है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन से उत्तराखण्ड के विकास को नई दिशा मिली है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर्यावरण संरक्षण, संवर्धन और उसकी महत्ता के प्रति पूर्ण मनोयोग से कार्य कर रहे हैं। इसी क्रम में पर्यावरण संरक्षण के लिए प्राधानमंत्री ने सभी देशवासियों से एक पेड़ मां के नाम थीम पर अधिक से अधिक संख्या में वृक्षारोपण करने की अपील की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प को साकार रूप देने के लिए उत्तराखण्ड में हरेला लोकपर्व के अवसर पर एक माह तक वृक्षारोपण किया जाएगा। राज्य में पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन की दिशा में बेहतर कार्य किया जा रहा है।

इस दौरान रामनगर विधायक दीवान सिंह बिष्ट, छात्र संघ अध्यक्ष पीयूष जोशी, जिलाधिकारी वंदना सिंह, एसएसपी पीएन मीणा, एडीएम शिव चरण द्विवेदी, सहित कई पदाधिकारी छात्र छात्राएं मौजूद रहे।

चंपावत में प्रगतिशील उन्नत किसानों द्वारा सेब उत्पादन के क्षेत्र में लाया जा रहा है क्रांतिकारी परिवर्तनः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह ने कहा कि चंपावत में कोका-कोला इंडिया और इंडो डच हॉर्टिकल्चर टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड (आईडीएचटी) प्रोजेक्ट उन्नति एप्पल को सफल बनाने में महत्वपूर्ण साझेदारी निभा रहे हैं। गोरलचोड़ निकट ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड सदन नई दिल्ली से वर्चुवल रूप से कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा की “उन्नति एप्पल परियोजना“ इस बात का शानदार उदाहरण है कि किस प्रकार सामूहिक प्रयासों से कृषि परिवर्तन को बढ़ावा मिल सकता है। इस पहल की सफलता हमारे किसानों की दृढ़ता और कड़ी मेहनत का परिणाम है। इस परियोजना से प्रदेश में सेब के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन आया है। इस परियोजना से चंपावत में सेब की खेती करने वाले किसानों में आए सकारात्मक बदलावों के प्रति प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ये काश्तकार चंपावत को आदर्श जनपद की परिकल्पना को साकार करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने चम्पावत में हाई डेंसिटी प्लांटेशन तकनीक से लगाए गए 100 सेब के बगानों से 20 माह में ही फलों का उत्पाद होना सेब की खेती के लिये शुभ संकेत बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना ने किसानों को उन्नत रोपण सामग्री, अच्छे कृषि अभ्यासों (जीएपी) में प्रशिक्षण और आधुनिक बुनियादी ढांचे तक पहुंच प्रदान की है, जिसके परिणामस्वरूप सेब उत्पादन और किसानों की आय में पर्याप्त वृद्धि हुई है। जिससे किसानों की आर्थिकी मजबूत होने के साथ ही प्रगतिशील किसानों द्वारा अन्य को भी रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कृषि और बागवानी राज्य की आजीविका, समृद्धि और विकास का प्रतीक है। सेब के उत्पादन को बढ़ाने के लिए कोका-कोला इंडिया और इंडो-डच हॉर्टिकल्चर टेक्नोलॉजीज की परियोजना उन्नति एप्पल जैसी आधुनिक कृषि-तकनीक पहल अत्यधिक उत्पादक और लाभदायक साबित हुई है। इससे हमारे किसानों के सामाजिक-आर्थिक उत्थान को भी बढ़ावा मिला है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की जलवायु कीवी, अखरोट, नाशपाती,प्लम, खुमानी और पैशन फ्रूट की खेती के लिए अनुकूल है। इन फलों के उत्पादन के लिए चम्पावत क्षेत्र उपुयक्त माना जाता है। यहां के सेब अपनी गुणवत्ता, स्वाद व पोषण तत्वों के लिए देशभर में प्रसिद्ध हैं। राज्य सरकार प्रदेश में फलों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास कर रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य में एप्पल मिशन के साथ अधिक से अधिक किसानों को जोड़ने के प्रयास किये जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एप्पल मिशन के अंतर्गत सेब बागान लगाने वाले किसानों को 80 प्रतिशत सब्सिडी दी जा रही है। सरकार ने प्रदेश में नई सेब नीति बनाई है इसमें आठ वर्ष में पांच हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सेब की अति सघन बागवानी का लक्ष्य रखा गया है। हमारा लक्ष्य है कि प्रदेश में सेब का सालाना टर्नओवर 200 करोड़ से बढ़ाकर 2000 करोड़ रुपए तक किया जाए। प्रदेश में उद्योगों के साथ ही बागवानी के विकास के लिए भी अनुकूल नीति बनाकर कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के किसानों को सेब की खेती के प्रति अधिक से अधिक प्रेरित किया जाए ताकि सेब उत्पादन में उत्तराखण्ड को अग्रणी राज्य बनाया जा सके। राज्य में नई तकनीकी से सेब के उन्नत किस्म के पेड़ लगाने से हम जम्मू-कश्मीर व हिमाचल प्रदेश से भी अच्छी क्वालिटी का सेब उत्पादन कर सकते हैं। जम्मू-कश्मीर व हिमाचल प्रदेश के साथ-साथ उत्तराखण्ड की भी सेब उत्पादन में विशेष पहचान हो, इसके लिए गुणवत्ता व पैकिंग पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को आवश्यक संसाधन और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास कर रही है। किसानों को तीन लाख रुपए और महिला स्वयं सहायता समूहों को बिना ब्याज के पांच लाख रुपए तक का ऋण दिया जा रहा है। परम्परागत कृषि विकास योजना के अंतर्गत जैविक खेती को प्रमोट करने के लिए किसानों को लाभान्वित किया जा रहा है। फार्म मशीनरी बैंक योजना के तहत किसानों को 80 फीसदी तक सब्सिडी पर कृषि उपकरण उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। सतत् कृषि योजना के तहत कृषि में खाद्यान्न, मछली पालन, पशुपालन एवं डेयरी में बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक सेक्टर में अनुदान दिया जा रहा है। पशुधन बीमना योजना के तहत पशु बीमा से किसानों को पशुओं की आकस्मिक मृत्यु होने पर होने वाली हानि से बचाया जा रहा है। राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत राज्य में कलस्टर आधारित छोटे पॉलीहाउस लगाकर फूल, सब्जी आदि बागवानी फसलों को बढ़ावा दिया जा रहा है। हमारा लक्ष्य है कि आने वाले चार-पांच सालों में विभिन्न फलों की पैदावार को 20 गुना तक बढ़ाया जाए, इससे न केवल किसानों को रोजगार मिलेगा बल्कि प्रदेश में एक पूरी फ्रूट इंडस्ट्री भी विकसित होगी। उन्होंने कहा कि प्रोसेसिंग की इकाइयां भी भविष्य में लगाई जाएगी, ताकि यहां का उत्पादन बेहतर तरीके से बाजार में जा सके। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर किसानों और काश्तकारों से संवाद भी किया।
इस अवसर पर अध्यक्ष जिला पंचायत ज्योति राय ने कहा कि सभी के अथक प्रयासों और मेहनत से जनपद में सेब उत्पादन के अच्छे परिणाम आ रहे, जिससे किसानों की आर्थिकी में भी बढ़ोत्तरी हुई है। इंडो डच हॉर्टिकल्चर टेक्नोलॉजीज के निदेशक सुधीर चड्ढा ने कहा, “प्रोजेक्ट उन्नति एप्पल“ इस बात का उदाहरण है कि कैसे निजी और सार्वजनिक संस्थाओं के बीच साझेदारी समाज में स्थायी और सकारात्मक बदलाव ला सकती है। उन्होंने बताया की 2018 में लॉन्च किया गया। प्रोजेक्ट उन्नति एप्पल आनंदना, कोका-कोला इंडिया फाउंडेशन ने किसानों को उन्नत कृषि तकनीक प्रदान करके और उन्हें शिक्षित करके उनकी आजीविका को बढ़ाने के लिए अपने क्रियान्वयन भागीदार के रूप में इंडो डच हॉर्टिकल्चर टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड के साथ भागीदारी की। के माध्यम से सेब की खेती और किसानों की आय बढाने में भी मदद मिली है।

निदेशक कोकाकोला राजीव गुप्ता ने कहा कि इस मिशन के अंतर्गत चंपावत में सेब के उत्पादन के बेहतर परिणाम आ रहे है। नई तकनीक एवं सभी के सहयोग से सेब का उत्पादन हम दो से तीन गुना और बढ़ा सकते है। जिससे किसानों के आय में भी वृद्धि होगी और किसान देश के विकास में अपनी भागीदारी कर सकेंगे।

कार्यक्रम में प्रदेश प्रवक्ता भाजपा सुरेश जोशी, भाजपा जिलाध्यक्ष जिलाध्यक्ष निर्मल महरा, विधायक प्रतिनिधि प्रकाश तिवारी, जिलाधिकारी नवनीत पांडे, ब्लॉक प्रमुख चंपावत रेखा देवी, विनीता फर्त्याल, सुमनलता, समेत प्रगतिशील किसान तथा अन्य मौजूद रहे।

खटीमा में अतिवृष्टि से हुए जलभराव का निरीक्षण करने पहुंचे सीएम, हर संभव सहायता का दिया आश्वासन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा क्षेत्र में गत दिवस अतिवृष्टि से हुए जलभराव क्षेत्र चकरपुर, अमाऊं, खटीमा बाजार, रेलवे क्रासिंग, आवास विकास, पकड़िया आदि क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर नुकसान का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने प्रभावित लोगों से वार्ता कर हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि सरकार जनता के साथ है, बाढ़ आपदा प्रभावित परिवारों को हर संभव त्वरित सहायता दी जायेगी। उन्होंने मौके पर जिलाधिकारी व अन्य अधिकारियों को जनता के सभी प्रकार के हुए नुकसान का आंकलन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने आपदा प्रभावितों के रहने-खाने व दवाओं की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ ही आपदा के कारण हुए फसलों की हुई क्षति का आंकलन करते हुए पीड़ितों को मुआवजा जल्द से जल्द वितरित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के साथ बाढ़, जल भराव प्रभावित क्षेत्र आमऊं वार्ड नं 7, पूर्णागिरी कालोनी का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने नगर पालिका खटीमा को जल भराव क्षेत्रों को सही करने व कालोनी मार्ग को ठीक कराने के निर्देश दिए। इसके बाद मुख्यमंत्री ने बाजार होते हुए आवास विकास, पकड़िया क्षेत्र में टूटी सड़कों व नालों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने आपदा से हुए परिसंपत्तियों का शीघ्र-अतिशीघ्र सर्वे आंकलन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश अधिकारियों को दिए व जनता से वार्तालाप कर उनकी समस्याएं भी जानी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि किसी भी आपदा को रोका नहीं जा सकता किंतु इसके होने वाले प्रभावों को न्यून करना हम सबका दायित्व है। इसके लिए सभी अधिकारी अपने अपने क्षेत्रों में निगरानी बनाएं रखे और निरंतर मॉनिटरिंग करें। किसी भी क्षेत्र से सूचना प्राप्त होते ही तत्काल टीम को भेजकर यथासंभव राहत बचाव कार्य शुरू करे। इस प्रकार का मेकेनिज्म हो कि प्रभावितों को मौके पर ही राहत सामग्री और राशि दी जाए। आवश्यकता पड़ने पर राहत शिविरों का संचालन हो इसके लिए स्थानों को चिन्हित कर लिया जाए। हमारा प्रयास होना चाहिए कि यथा शीघ्र आम जन के जीवन को सामान्य किया जाए।
मुख्यमंत्री ने जनपद के प्रभारी मंत्री गणेश जोशी, सांसद अजय भट्ट, अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ मंडलायुक्त दीपक रावत, डीआईजी डा. योगेंद्र सिंह रावत, जिलाधिकारी उदय राज सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डा मंजुनाथ टीसी सहित विभागीय अधिकारियों के साथ चकरपुर क्षेत्र व वनखंडी महादेव मन्दिर परिसर से संचालित अस्थाई राहत शिविर का निरीक्षण किया व राहत शिविर में विस्थापित लोगों से वार्ता की व बाढ़ जलभराव से हुए नुकसान व उत्पन्न समस्याओं के निस्तारण के निर्देश मौके पर अधिकारियों को दिए। मुख्यमंत्री ने राहत शिविर में मौजूद लोगों को भोजन वितरित किया तथा उन्हें मिल रहे भोजन के गुणवत्ता की जानकारी ली। पीड़ितों ने बताया कि गत दिवस से राहत शिविर में शुद्ध-ताजा भोजन व शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है, साथ ही चाय व बच्चों को दूध भी उपलब्ध कराया गया।
मुख्यमंत्री को जिलाधिकारी ने बताया कि राहत कैम्प लगाए गए हैं, प्रभावितों को पका हुआ भोजन व पानी आदि उपलब्ध कराया जा रहा है साथ ही कच्चा फूड पैकेट भी वितरित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि अहेतुक सहायता राशि वितरित की जा रही है, मुआवजा राशि भी शीघ्र वितरित की जाएगी।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर मंडलायुक्त दीपक रावत ने तत्काल अधिकारियों की बैठक लेते हुए अधिकारियों को आपदा पीड़ितों को सहायता राशि उपलब्ध कराने के साथ ही आपदा से हुए परिसंपत्तियों का आंकलन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

सीएम ने अतिवृष्टि से हुए नुकसान का आंकलन कर मुआवजा राशि वितरित करने के दिये निर्देश।


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने टनकपुर, बनबसा के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय एवं हवाई सर्वेक्षण कर बाढ़ प्रभावितों से मिलकर उनकी समस्यायें सुनी। मुख्यमंत्री ने आयुक्त कुमाऊं तथा जिलाधिकारी को निर्देश दिये कि जनपद में अतिवृष्टि से हुए नुकसान का आंकलन कर पीड़ितों को मुआवजा धनराशि का वितरण सुनिश्चित किया जाए। विगत दिनों में हुई भारी बारिश के चलते जनपद चंपावत में हुए नुकसान के साथ ही मैदानी क्षेत्रों में जलभराव से हुए नुकसान व प्रभावितों से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी टनकपुर व बनबसा पहुंचे और अधिकारियों से हुए नुकसान की जानकारी लीं। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर प्रभावितों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी व अधिकारियों से आपदा के कारण हुए क्षति, नुकसान की जानकारी ली और आश्वस्त किया की भारी बारिश के कारण प्रभावित लोगों को जो भी नुकसान हुआ है उसकी भरपाई सरकार द्वारा की जायेगी, उन्होंने कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत एवं जिलाधिकारी नवनीत पांडे को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश देते हुए कहा कि तत्काल प्रभावितों को सहायता राशि वितरित करने के साथ ही रिस्टोरेशन के कार्य तत्परता से किया जाए। स्थलीय भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने सैलानीगोठ, शारदा घाट पहुंचकर जल भराव के साथ ही अन्य प्रकार से प्रभावित लोगों से वार्ता कर भरोसा दिलाया कि सरकार इस आपदा की घड़ी में प्रभावित लोगों की सहायता हेतु प्रतिबद्ध है। शारदा घाट में स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री को बताया कि सिंचाई विभाग द्वारा किए गए कार्यों के कारण क्षेत्र में नुकसान कम हुआ है तथा मांग की कि इसी प्रकार के बाढ़ सुरक्षा के कार्य अन्य स्थानों में भी कराए जाय। इस दौरान मुख्यमंत्री ने टनकपुर, बनबसा क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण भी किया,तत्पश्चात अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को शीघ्र ही बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों, परिवारों को हुई क्षति व नुकसान की जानकारी लेते हुए प्रभावितों को तत्काल राहत राशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। उन्होंने प्रभावित लोगों से मुलाकात कर कहा कि इस संकट में सरकार प्रभावित लोगों को हर सम्भव मदद पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है और सरकार लोगों को हुए नुकसान की भरपाई करेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि भारी बारिश के चलते जनपद में हुए सरकारी परिसम्पत्तियों का आंकलन शीघ्र तैयार कर उसके भरपाई हेतु प्रस्ताव अविलम्ब तैयार कर शासन को भेजें, ताकि सरकारी परिसम्पत्तियों को हुए नुकसान की भरपाई शीघ्र की जा सकें। उन्होंने टनकपुर, बनबसा मैदानी क्षेत्रों में जहा-जहा जल भराव हुआ है वहा से पानी की निकासी की तत्काल व्यवस्था करने के निर्देश अधिकारियों को दिये।

मुख्यमंत्री ने बताया कि टनकपुर, बनबसा क्षेंत्रों में जो ड्रेनेज की समस्या के स्थाई समाधान हेतु धनराशि अवमुक्त कर दी जायेगी, जिससे यहा के लोगों को ड्रेनेज की समस्या से निजात मिल जायेगा। उन्होंने सिचाई विभाग को किरोड़ा नाला के डाईवर्जन के लिए बृहद कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिये, ताकि किरोड़ा नाला का पानी आबादी क्षेत्र में ना जाये और लोगों को किसी भी प्रकार का नुकसान न हो। उन्होंने सड़कों पर आये मलवा, बोल्डर आदि के निस्तारण की कार्यवाही तुरन्त करने के निर्देश सड़क निर्माण विभागों के अधिकारियों को दिये। उन्होंने कहा किरोड़ा पुल से लेकर बाटनगाढ़ तक यदि मलवे आदि के कारण मार्ग अवरूद्ध हो तो उसके तत्काल खोलने की कार्यवाही करें ताकि मॉ पूर्णागिरि के दर्शन हेतु आये श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की समस्या न हो।

जिलाधिकारी नवनीत पाण्डे ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि भारी बारिश के दौरान सोमवार तक जनपद में 01 जनहानि, 17 गाय तथा 43 बकरियों की हानि हुई है, 02 भवन पूर्ण क्षतिग्रस्त तथा 42 भवन आंशिक क्षतिग्रस्त हुए। उन्होंने बताया कि टनकपुर, बनबसा क्षेत्र में जलभराव से प्रभावित परिवारों को राहत शिविर एवं उनके रिश्तेदारों के यहां पहुंचाया गया है।

इस दौरान, आयुक्त कुमाऊँ दीपक रावत डीआईजी योगेंद्र रावत, जिलाधिकारी नवनीत पांडे, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, सीडीओ संजय कुमार सिंह सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, ग्रामीण आदि मौजूद रहे।

हल्द्वानी में गौला नदी से हुए भू कटाव का सीएम ने किया निरीक्षण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी में गौला नदी से हुए भू-कटाव का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सिंचाई विभाग को गौला नदी के 500 मीटर भाग में चौनलाइजेशन, वायर क्रेट और सुरक्षात्मक कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिलाधिकारी नैनीताल को निर्देश दिये कि हल्द्वानी स्थित अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम को भू-कटाव से बचाव के लिए सुरक्षात्मक उपायों के लिए ठोस नीति बनाकर कार्य किये जाएं। उन्होंने कहा कि इसके लिए शासन स्तर जो भी वित्तीय स्वीकृति के लिए आवश्यकता होगी, शीघ्र उपलब्ध कराई जायेगी। मुख्यमंत्री ने कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिये कि निर्माण कार्यों में सुनियोजित विकास के नाम पर हो रहे निर्माण से किसी अन्य भौगोलिक, प्राकृतिक संरचना को कोई खतरा न हो, इसके लिए निकासी योजना को प्राथमिकता देते हुए योजना का क्रियान्वयन किया जाए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि मानसून सीजन में आपदा प्रबंधन की दृष्टि से सभी अधिकारी 24 घण्टे अलर्ट मोड पर रहें। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा से होने वाले प्रभावों को न्यून करना हम सबका दायित्व है, इसके लिए सभी विभाग अपने-अपने कार्यक्षेत्रों में निरंतर पेयजल, विद्युत, सड़क कनेक्टिविटी एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की नियमित मॉनिटरिंग करें। किसी भी क्षेत्र में अतिवृष्टि की सूचना प्राप्त होते ही तत्काल टीम को भेजकर यथासंभव राहत बचाव कार्य किये जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि यह सुनिश्चित किया जाए कि राहत एवं बचाव कार्यों के लिए प्रभावितों को मौके पर ही राहत सामग्री और अनुमन्य राशि दी जा सके।

जिलाधिकारी नैनीताल वंदना सिंह ने बताया कि सिंचाई विभाग द्वारा दीर्घालिक कार्यों के लिए 200 मीटर के भू कटाव से रोकथाम की 02 करोड़ 60 लाख लागत की डीपीआर शासन को भेजी गई है, जो कि स्वीकृति के चरण पर है। अतिवृष्टि के कारण अब लगभग कुल 600 मीटर का भू कटाव हो गया। अतिरिक्त 400 मीटर भाग की डीपीआर शीघ्र तैयार कर शासन को भेजी जा रही है।

इस अवसर पर विधायक डा. मोहन सिंह बिष्ट, कृषि उत्पादन एवं विपणन बोर्ड मंडी के अध्यक्ष डॉ. अनिल कपूर डब्बू, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पी एन मीणा एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

आदि कैलाश में सीएम ने मनाया अंतरराष्ट्रीय योग दिवस, 15 हजार फीट की ऊंचाई से दिय संदेश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समुद्रतल से लगभग 15 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित आदि कैलाश में योग कर पूरे विश्व के शिवभक्तों को आदि कैलाश दर्शन का निमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन से आज सीमांत के गांवों की तस्वीर बदल रही है। प्रधानमंत्री मोदी के पार्वतीकुण्ड आदि कैलाश के दर्शन के बाद व्यास घाटी में आदि कैलाश, ओम पर्वत, कैलाश दर्शन, काली मंदिर, व्यास गुफा आदि तीर्थ स्थलों के दर्शन को हर रोज बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर भगवान शिव की प्रवास स्थली में योग कर दुनिया के सैलानियों और तीर्थयात्रियों को आदि कैलाश के साथ ही इस समूची व्यास घाटी की यात्रा का न्योता देने के साथ ही स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की अपेक्षा की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत द्वारा विश्व को दी गई ‘योग’ रूपी अमूल्य धरोहर से आज करोड़ों लोग लाभान्वित हो रहे हैं। उन्होंने इस अवसर पर सभी से शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक शक्ति हेतु योग को अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल करने एवं अन्य लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करने की भी अपील की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नैसर्गिक प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण सीमांत जनपद पिथौरागढ़ के सुदूर क्षेत्र में स्थित देवाधिदेव महादेव को समर्पित श्री आदि कैलाश और ओम पर्वत का अद्भुत वातावरण मन में भक्ति, शक्ति और असीम ऊर्जा का संचार करता है। पर्वत राज हिमालय की गोद में बसे गुंजी, कुटी और नाभीढाँग गाँव जहां व्यास घाटी की संस्कृति, परंपरा और विरासत को अपने आँचल में समेटे हुए हैं तो वहीं शिव-पार्वती मंदिर, गौरीकुंड, पार्वती सरोवर, व्यास गुफा और पाण्डव पर्वत सनातन धर्म की अनंत ऊर्जा का परिचय कराते हैं।

योग दिवस पर मुख्यमंत्री ने आदि कैलाश में योग कर देश दुनिया के तीर्थयात्रियों को आदि कैलाश, ओम पर्वत और पार्वती सरोवर के दर्शन का निमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री का यह आह्वान मानसखण्ड मन्दिरमाला मिशन अभियान को आगे बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगा।

प्रधानमंत्री की यात्रा से आदिकैलाश क्षेत्र को मिली अन्तरराष्ट्रीय पहचान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बीते वर्ष 12 अक्टूबर को पिथौरागढ़ जिले के एक दिवसीय दौरे पर आए थे। तब प्रधानमंत्री ने ज्योलिंगकोंग पहुंचकर आदि कैलाश और पार्वती सरोवर के दर्शन किए थे। प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा ने आदि कैलाश धाम को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान देने के साथ ही मानसखण्ड में धार्मिक पर्यटन को नए आयाम प्राप्त हुए है। यहां पर्यटकों और तीर्थयात्रियों की संख्या में भारी बढोत्तरी हुई है। इन दिनों हर रोज एक हजार से लेकर डेढ़ हजार तक की संख्या में पर्यटक और तीर्थयात्री ओम पर्वत, आदि कैलाश और पार्वती सरोवर के दर्शन को पहुंच रहे हैं।

पर्यटकों और तीर्थयात्रियों की बढ़ती संख्या से अब यह भी स्पष्ट है कि आगामी कुछ वर्षों में ही पिथौरागढ़ का यह सीमांत क्षेत्र बड़ा टूरिस्ट डेस्टिनेशन बनने की ओर तेजी से अग्रसर है। है। इससे इस क्षेत्र के चतुर्दिक विकास और स्थानीय कारोबार को भी बढ़ावा मिलेगा।

पर्यटकों से गुलजार चीन बॉर्डर से सटे इलाके

पिथौरागढ़ के सीमांत इलाके इन दिनों देश दुनिया के सैलानियों से गुलजार हैं। आदि कैलाश, पार्वती सरोवर और ओम पर्वत के दर्शन को हर रोज बड़ी संख्या में पर्यटक और तीर्थयात्री पहुंच रहे हैं। पिथौरागढ़ से लेकर ज्योलिंगकांग तक होटल और होम स्टे यात्रियों और पर्यटकों से पैक हैं। आदि कैलाश, पार्वती सरोवर, गौरी कुंड, ओम पर्वत देखकर यात्री अभिभूत हैं। हर रोज बस, टैक्सी और निजी वाहनों से ही नहीं बल्कि दोपहिया वाहनों से भी बड़ी संख्या में पर्यटक और तीर्थयात्री धारचूला पहुंच रहे हैं।

ऑनलाइन उपलब्ध है इनर लाइन परमिट

कैलाश मानसरोवर यात्रा बंद होने से शिवभक्तों का आदि कैलाश यात्रा के प्रति रुझान बढ़ा है। कैलाश मानसरोवर की यात्रा के लिए चीन सरकार का वीजा लेना पड़ता है, जबकि आदि कैलाश के भारत की सीमा में ही होने से मात्र इनर लाइन परमिट पर ही यह यात्रा हो जाती है। पर्यटकों और तीर्थयात्रियों को इनरलाइन परमिट के लिए भटकना न पड़े, इसके लिए आनलाइन परमिट की व्यवस्था की गई है।

यह है आदि कैलाश यात्रा का रूट

आदि कैलाश की यात्रा के लिए सबसे पहले टनकपुर या हल्द्वानी होकर पिथौरागढ़ पहुंचना होगा। दिल्ली से बस या ट्रेन से आप हल्द्वानी या टनकपुर पहुंच सकते हैं। इसके बाद पिथौरागढ़ की यात्रा बस या टैक्सी से तय कर सकते हैं। पिथौरागढ़ से धारचूला तक की 90 किमी की दूरी टैक्सी से तय करने के बाद आगे के सफर के लिए इनर लाइन परमिट लेना अनिवार्य है। धारचूला से आदि कैलाश पहुंचने के लिए 80 किमी का सफर तय करना होगा। इसके लिए धारचूला में टैक्सियां उपलब्ध हैं।

मुख्यमंत्री ने की कुमाऊँ मण्डल में पेयजल, विद्युत आपूर्ति सहित विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एफटीआई सभागार हल्द्वानी में मानसखंड मन्दिर माला के अंतर्गत कैंची धाम में आयोजित होने वाले मेले की तैयारियों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कुमाऊँ मण्डल में पेयजल, विद्युत आपूर्ति सहित विभिन्न विकास कार्यों की भी समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि कैंची धाम में आने वाले पर्यटकों की संख्या में हर रोज इजाफा हो रहा है। इसके लिए जिलाधिकारी नैनीताल को पर्यटन विभाग के माध्यम से कैंची धाम में यात्रियों के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था चालू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य सभी यात्रा मार्गों में यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसके लिए यात्रा प्राधिकरण बनाया जाएगा जिसका उद्देश्य पर्यटकों और यात्रियों को अधिकतम सुविधाएं प्रदान करना होगा। मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को यात्रा मार्ग में बनाई जाने वाली संरचना, सुविधाओं आदि के प्रपोजल भी भेजने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने बैठक में निर्देश दिये कि जल जीवन मिशन के कार्यों की गुणवत्ता और पेयजल योजना में लगने वाले पाइपों की मोटाई मानकों के अनुरूप ने होने की शिकायतों पर शीघ्र आवश्यक कार्यवाही की जाय। इस संबंध में कुमाऊं मण्डल के सभी डीएम को उन्होंने 05 करोड़ से अधिक लागत की कतिपय योजनाओं के भौतिक सत्यापन हेतु स्थलीय निरीक्षण के निर्देश भी दिए। साथ ही कुमाऊं आयुक्त को योजनाओं की मॉनिटरिंग करने और लापरवाही पाए जाने पर सम्बंधित के विरुद्ध कारवाई की संस्तुति के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजनाओं में हीलाहवाली और लीपापोती किसी भी कीमत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन ईमानदारी और निष्ठा से करें, यही उनका दायित्व है। आम जन को योजनाओं का लाभ मिले, इसलिए योजनाओं का निर्माण किया जाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हर रोज समाचार पत्रों, सोशल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में विभागों के द्वारा किए जा रहे कार्यों की वास्तविक स्थिति दिखाई जाती है। जिस भी विभाग से संबंधित खबरें मीडिया में छपती है या दिखाई जाती है सम्बंधित अधिकारी जिम्मेदारी लेते हुए खबर का संज्ञान ले और कार्यों को जांच करते हुए गुणवत्ता में सुधार करे। इसके साथ ही खबर के संबंध में की गई कार्यवाही से संबंधित मीडिया संस्थान को भी अवगत कराए।

मुख्यमंत्री ने कुमाऊं मंडल में बिजली और पेयजल किल्लत पर लोगों को कम से कम परेशानी हो इसके लिए ऊर्जा और पेयजल अधिकारियो को मांग के अनुरूप कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए। लोगों को किस प्रकार तत्कालिक राहत की जा सकती है इस पर अधिकारी ध्यान दें। भविष्य में किस प्रकार ऊर्जा और पेयजल संकट से निपटा जा सके इसके लिए दीर्घकालिक योजना भी तैयार करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये तथा स्वीकृत किये गये नये बिजली घरों पर कार्य शीघ्र आरंभ करने को कहा।

बैठक में जिलाधिकारी वंदना सिंह ने जानकारी दी कि कैंची धाम के मेले के लिए जिला और पुलिस प्रशासन पूरी तरह से तैयार है। स्थाई और अस्थाई तौर पर 11 पार्किंग तैयार की गई है जिसकी क्षमता लगभग 1500 से 2 हजार वाहनों की होगी।

मुख्यमंत्री ने नगर निगम के पास नहर कवरिंग कार्यों का किया निरीक्षण

मुख्यमंत्री श्री धामी ने नगर निगम के पास नहर कवरिंग सड़क का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान डामरीकरण पर उन्होंने संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि नहर कवरिंग हो जाने से हल्द्वानी शहर को काफी हद तक जाम से निजात मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने शीशमहल फिल्टर प्लांट का भी किया निरीक्षण

पेयजल से जुड़े अधिकारियों द्वारा मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि जलनिगम व जल संस्थान द्वारा 2055 की जनसंख्या को ध्यान में रखते हुए हल्द्वानी शहर की पेयजल समस्या को देखते हुए जलनिगम ने शहर के लिए पानी की मात्रा को बढ़ाते हुए ग्रेविटी स्कीम पर आधारित एक वाटर ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने के लिए डीपीआर तैयार की है। इसके साथ ही पूर्व में स्थापित दोनों वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (डब्ल्यू टी पी) शीशमहल व शीतलाहाट को रेनोवेट करने की योजना है। विभाग द्वारा लगभग 155 करोड़ की लागत से एक डब्ल्यूटीपी प्लान व वर्तमान में संचालित डब्ल्यूटीपी व अन्य कार्यों के सुदृढ़ीकरण हेतु प्लान तैयार किया गया है।

निरीक्षण के दौरान एसई जल संस्थान विशाल सक्सेना ने कहा कि गौला नदी से ग्रैविटी पर आधारित स्कीम तैयार की जा रही है जिससे भूमिगत जल पर निर्भरता कम भर रहे। इसके साथ ही ट्यूबवेल से संचालित पेयजल योजनाओं को आकस्मिकता के तौर पर प्रयोग में लाया जाएगा। इससे वर्तमान व भविष्य में होने वाली पेयजल समस्या से निजात मिल पाएगी।

ज्ञातव्य है कि हल्द्वानी में शीश महल व शीतलाहाट में दो वाटर फिल्टर प्लांट है जो कि काफी पुराने व अपनी समयावधि पूर्ण कर चुके है। बरसात के समय गौला नदी में सिल्ट आने से पेयजल आपूर्ति बाधित हो जाती है व वर्तमान में हल्द्वानी के दोनों वाटर प्लांट की पानी के प्यूरीफाई की क्षमता भी काफी कम है। इसके अलावा गर्मियों के दिनों में ट्यूबवेल फूंकने से भी पेयजल आपूर्ति बाधित रहती है।

बैठक में विधायक दीवान सिंह बिष्ट, सरिता आर्या,मण्डी परिषद अध्यक्ष डा0 अनिल कूपर डब्बू, दर्जा राज्यमंत्री दीपक मेहरा, प्रताप बिष्ट, निवर्तमान मेयर डॉ जोगेन्दर पाल सिंह रौतेला, आयुक्त कुमाऊं दीपक रावत, डीआईजी योगेन्द्र रावत, जिलाधिकारी वंदना, एसएसपी पीएन मीणा, मुख्य वन संरक्षक पीके पात्रो, मुख्य नगर आयुक्त विशाल मिश्रा के साथ ही जल संस्थान, विद्युत, लोनिवि के मण्डल स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

सीएम ने चंपावत में उत्तर भारत के सुप्रसिद्ध मां पूर्णागिरी मेले की तैयारियों के संबंध में ली समीक्षा बैठक

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एनएचपीसी, बनबसा में उत्तर भारत के सुप्रसिद्ध मां पूर्णागिरी मेले की तैयारियों के संबद्ध में समीक्षा बैठक ली।

मुख्यमंत्री ने मां पूर्णागिरी मेले के संबंध में विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि पूर्णागिरी मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा सुगम, सुरक्षित हो। श्रद्धालुओं को यात्रा एवं पैदल मार्गाे पर किसी तरह की कोई दिक्कत न हो, इसका विशेष रूप से ध्यान रखा जाए। उन्होने कहा सभी के सहभागिता से पूर्णागिरी मेले को नया स्वरूप देना है। हमारा संकल्प है कि पूर्णागिरी मेले से श्रद्धालु अच्छा अनुभव लेकर जाए।

मुख्यमंत्री ने जिला पंचायत द्वारा मेले के अंतर्गत मुंडन हेतु लिए जाने वाली धनराशि पर नाराजगी व्यक्त करते हुए मुंडन हेतु कम से कम शुल्क लिए जाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा शासन प्रशासन का ध्येय लोगों को सहूलियत पहुंचाना है। उन्होंने कहा मुंडन हेतु ली जाने वाली धनराशि के कम होने से श्रद्धालुओं को राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री ने बनबसा कैनाल क्षेत्र में 1 हज़ार लोगों के लिए रैन बसेरे की व्यवस्था किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा स्थानीय लोगों, मंदिर समिति एवं प्रशासन के सहयोग से शारदा एवं बूम घाट में नियमित रुप से भव्य शारदा आरती का आयोजन हो। उन्होंने कहा श्रद्धालुओं को अधिक से अधिक इस आरती से जोड़ा जाए एवं आरती हेतु जागरूक किया जाए।

मुख्यमंत्री ने शारदा कॉरीडोर (शारदा रिवर फ्रंट डेवलपमेंट) के विकास कार्य बारे में भी जानकारी लेते हुए कहा कि शारदा कॉरिडोर का भव्य निर्माण हो, इसके लिए यू.आई.डी.बी को जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने कहा क्षेत्र का विकास दीर्घ कालीन विजन के साथ किया जाए। हमे वर्तमान के साथ भविष्य के विकास को भी ध्यान के रखना है। उन्होंने कहा सभी विभाग, पूर्णागिरी मेला क्षेत्र में अस्थाई व्यवस्थाओं की जगह स्थाई व्यवस्थाओं पर अधिक प्रथमिकता दे। साथ ही सभी ऑनरशिप लेकर कार्य करें। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को मेले हेतु पुनः मैनपावर का आंकलन करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा अनुसार पैदल मार्गाे पर स्वास्थ शिविरों, डॉक्टरों की तैनाती, आवश्यक दवाईयों की व्यवस्था की जाएं। उन्होंने कहा यात्रा मार्ग पर पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था हो। इसके साथ ही पूर्णगिरी क्षेत्र हेतु अतिरिक्त पेयजल योजना बनाई जाए। उन्होने कहा पूर्णागिरी एवं टनकपुर क्षेत्र में जन सहभागिता से विशेष स्वच्छता कार्यक्रम चलाए जाए। मार्गाे पर बने शौचालयों में भी स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा पूर्णागिरी क्षेत्र में यातायात व्यवस्थाओं को सुगम संचालन हो। आने वाले श्रद्धालुओं हेतु पार्किंग की भी पर्याप्त व्यवस्था हो। साथ ही मार्गाे पर पुलिस की अस्थाई चौकी एवं खोया पाया केंद्र की व्यवस्था हो। उन्होंने संपूर्ण यात्रा मार्ग पर हाई मास्क लाइट, सौर ऊर्जा लाइट, स्ट्रीट लाइट लगाए जाने के भी निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्णागिरी मेले में आने वाले श्रद्धालु अधिक से अधिक दिनों तक क्षेत्र में रुके एवं आस पास के पर्यटक स्थलों का दीदार करें, इसके लिए योजना बनाई जाए। उन्होंने कहा मेले में स्थानीय उत्पादों की उपलब्धता हो इसके लिए स्थानीय उत्पादों के स्टॉल खोले जाए। साथ ही प्लास्टिक फ्री पूर्णागिरी यात्रा पर भी कार्य हो। मुख्यमंत्री ने पूर्णगिरि मेले में स्थानीय लोगों को रोजगार से जोड़े जाने, मेले में आने वाले श्रद्धालुओं हेतु पर्यटन स्पॉट का विकास, बच्चों हेतु पार्क एवं मेले के साथ ही साहसिक खेलों को भी आगे बढ़ाने की बात कही।

मुख्यमंत्री ने पूर्णागिरि मंदिर हेतु पूर्व में की गई घोषणाओ के अंतर्गत कराए जा रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि संचार व्यवस्था हेतु स्वीकृति दो मोबाइल टावरों को शीघ्र लगाया जाए। संपूर्ण पूर्णागिरी मंदिर, पैदल मार्ग , गाड़ी मार्ग में संचार व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होने बाटनागाढ पुल निर्माण कार्य, पूर्णागिरी मुख्य मंदिर से काली मंदिर तक व्यकल्पिक पैदल मार्ग, एवं रोपवे निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्थाई मेला कार्यालय, सामुदायिक भवन का व्यवस्था किए जाने के भी निर्देश दिए।

इस दौरान अध्यक्ष जिला पंचायत ज्योति राय, दर्जा राज्यमंत्री डॉ. अनिल डब्बू, जिला अध्यक्ष भाजपा निर्मल माहरा, पूर्णागिरी मंदिर समिति अध्यक्ष किशन तिवारी, सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, डीएफओ आरसी कांडपाल, अपर जिलाधिकारी हेमंत कुमार वर्मा, सीडीओ संजय सिंह, जीएम एनएचपीसी राजिल व्यास एवं अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे।

सीएम धामी ने परिवारजनों के साथ लाइन में लगकर आम मतदाता की तरह किया मतदान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा स्थित नगरा तराई मतदान केंद्र में आम मतदाता की भांति लाइन में लगकर मतदान कर लोकतंत्र के महापर्व में अपनी भागीदारी सुनिश्चित की।

मुख्यमंत्री आज सुबह खटीमा स्थित नगरा तराई मतदान केंद्र पर पहुँचे और एक सामान्य मतदाता की तरह कतार में लगकर वोट डाला। वोट डालने के बाद मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि आप भी सुदृढ़ और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए बड़ी संख्या में मतदान करें। उन्होंने विशेषकर पहली बार वोट डाल रहे युवाओं से अनुरोध किया कि अधिक से अधिक संख्या में मतदान कर देश के उज्ज्वल भविष्य निर्माण में अपना योगदान दें। उन्होंने पहले मतदान, फिर जलपान का भी संदेश दिया।

उत्तराखंड शौर्य और पराक्रम की भूमि हैः केंद्रीय रक्षा मंत्री

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रामलीला मैदान, काशीपुर (ऊधमसिंहनगर) में आयोजित विजय संकल्प रैली में प्रतिभाग किया।

जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सभी का अभिनंदन करते हुए देवभूमि उत्तराखंड को नमन किया। उन्होंने कहा पूरे उत्तराखंड को देवताओं का आशीर्वाद है। इस धरती ने वीर सपूतों को जन्म दिया है, ये शौर्य और पराक्रम की भूमि है। बड़ी संख्या में सैनिक उत्तराखंड की धरती से निकलते हैं। उन्होंने कहा मेरा, हमारी पार्टी एवं प्रधानमंत्री का सैनिकों के प्रति विशेष लगाव है। हमारी सरकार ने वन रैंक वन पेंशन की व्यवस्था लागू की। कांग्रेस ने वर्षों तक पूर्व सैनिकों को बस ओ.आर.ओ.पी का आश्वासन दिया। वन रैंक वन पेंशन के तहत अब तक 1 लाख करोड़ पूर्व सैनिकों को हस्तांतरण कर दिए गए हैं। जो त्याग, बलिदान सैनिक देते हैं, वो बहुमूल्य है।

केंद्रीय रक्षा मंत्री ने कहा कि कांग्रेस की सरकार ने सीमा में बसे गांवों को अंतिम गांव बताकर उनका विकास नहीं किया, मगर प्रधानमंत्री मोदी ने सीमांत गांव को पहला गांव बताकर उनमें बुनियादी ढांचो का विकास किया। उन्होंने कहा हमारी सरकार बनने के बाद अंतरराष्ट्रीय जगत में भारत का कद ऊंचा हुआ है। आज अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जब भारत बोलता है तो पूरी दुनिया कान खोल कर सुनती है। आज भारत विश्व की 11 वें स्थान की अर्थव्यवस्था से 5वें स्थान पर आ गया है और 2027 तक भारत विश्व की तीसरी बड़ा आर्थिक शक्ति बन जाएगा।

केंद्रीय रक्षा मंत्री ने कहा कि डबल इंजन की सरकार में डबल रफ्तार के साथ उत्तराखंड का विकास हो रहा है। उन्होंने कहा भारत के 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर निकले हैं। उन्होंने कहा आज कोई दुश्मन देश यदि भारत को आंख दिखाता है तो उससे बड़ी आंख भारत दुश्मन देश को दिखाता है। भारत ने हमेशा से अपने पड़ोसियों के साथ अच्छे रिश्ते बनाने की कोशिश की है। उन्होंने कहा अटल बिहारी वाजपेई कहा करते थे – जिंदगी में दोस्त बदल जाते हैं, लेकिन पड़ोसी नहीं बदलता। इसलिए पड़ोसियों के साथ अच्छे रिश्ते बनाकर रखने चहिए। उन्होंने कहा हम सभी से अच्छे रिश्ते बनाने की कोशिश करते हैं। लेकिन हमारी कोशिश को कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए।

केंद्रीय रक्षा मंत्री ने कहा कि भाजपा जो कहती है वो करती है। हमने हर घोषणा पत्र में किए वादों को पूर्ण किया है। 1984 से भाजपा अपने घोषणा पत्र में कहती थी कि सदनों में बहुमत मिलने के बाद भव्य राम मंदिर का निर्माण किया जाएगा। जनता ने संसद के दोनों सदनों में भाजपा को बहुमत दिया और आज अयोध्या की धरती पर भव्य राम मंदिर बनकर तैयार है। प्रभु श्री राम अपनी झोपड़ी से निकलकर भव्य महल में प्रवेश कर चुके हैं, भारत में राम राज्य आने का यह शुभ संकेत है। भाजपा ने अपने धारा 370 को समाप्त करने के वादे को भी पूर्ण किया। अपने वादे अनुसार हमने देश में सी.ए.ए लागू किया। उन्होंने कहा सीएए नागरिकता छीनने वाला नहीं नागरिकता देने वाला कानून है।

केंद्रीय रक्षा मंत्री ने कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी युद्धविराम करवाकर 22 हजार भारतीय छात्रों को युद्ध के बीच से सकुशल भारत लेकर आए थे।भारतीय नौसेना के सेवानिवृत्त सैनिकों को कतर की अदालत ने फांसी की सजा दी थी, परंतु प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कतर के राष्ट्रपति से संपर्क करके सभी 8 पूर्व सैनिकों को सुरक्षित भारत लाने की बात की। यह भारत की ताकत है। उन्होंने कहा कांग्रेस की हालत ऐसी हो गई है कि वो अब पहाड़ पर नहीं चढ़ सकती है। उन्होंने कहा जैसे डायनासोर पृथ्वी से लुप्त हो गए हैं वैसे कांग्रेस भी 2024 के बाद लुप्त हो जायेगी।

केंद्रीय रक्षा मंत्री ने कहा कि आज की कांग्रेस के लोग एक दूसरे के कपड़े फाड़ रहे हैं। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी राजनीति की पिच पर एकदम चौंपियन ऑल राउंडर की तरह नज़र आते हैं। उन्होंने कहा पुष्कर सिंह धामी जब बैटिंग करते हैं पिच पर टिकना और चौके छक्के लगाना जानते हैं। उन्होंने कहा पुष्कर सिंह धामी जब बोलिंग करते हैं तो अच्छे अच्छे के विकेट उखाड़ देते हैं। उन्होंने कहा पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड में सारी राजनीतिक पार्टियों को आउट कर दिया है।

केंद्रीय रक्षा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में आज दिल्ली से अगर 100 पैसा निकलता है तो सीधा 100 पैसा जनता के पास पहुंचता है। उन्होंने कहा अपने सिख भाइयों को देखकर मुझे गौरव की अनुभूति होती है। प्रधानमंत्री जी ने करतारपुर साहिब में कॉरिडोर बनाने का काम किया। सिख भाइयों का देश की सीमा में योगदान भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने सभी से भाजपा प्रत्याशी श्री अजय भट्ट को भारी मतों से विजय बनाकर सदन में भेजने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह का देवभूमि की जनता की ओर से काशीपुर आगमन पर हार्दिक स्वागत करते हुए कहा कि जनता के आशीर्वाद से सबको पता है कि पुनः भाजपा की सरकार बनने वाली है और मोदी ही प्रधानमंत्री बनने वाले हैं। उन्होंने कहा नैनीताल लोक सभा सीट की जनता जनार्दन ने अजय भट्ट जी को पुनः जीताने का मन बनाया है। उन्होंने पिछले लोक सभा चुनाव के भांति इस वर्ष भी नैनिताल लोकसभा में और अधिक मत मिलने चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में कई ऐतिहासिक फैसले हुए हैं। कश्मीर से धारा 370 का अंत किया है। देश में सीएए लागू किया। लंबे इंतजार के बाद अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण कार्य हुआ है। उत्तराखंड में भी राज्य सरकार ने कई ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। हमारा राज्य हिंदुस्तान के श्रेष्ठ राज्य में शामिल हो इसके लिए निरंतर कार्य जारी है। उन्होंने इस बार प्रधानमंत्री द्वारा 400 पार का नारा दिया गया है। उन्होंने कहा जनता के आशीर्वाद से निश्चित ही नैनीताल-ऊधमसिंह नगर लोकसभा सीट सहित देवभूमि की पांचों सीटें, लक्ष्य को प्राप्त करने में सभी अपना योगदान देंगे।

इस दौरान भाजपा प्रत्याशी अजय भट्ट, विधायक त्रिलोक सिंह चीमा, हरभजन सिंह चीमा, खिलेंद्रर चौधरी, गुजन सुखीजा एवं अन्य लोग मौजूद रहे।