मुख्य सचिव ने ली कुम्भ मेला 2027 की तैयारियों को लेकर बैठक, आपत्तियों के निस्तारण को दिया 03 दिन का समय

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में कुम्भ मेला – 2027 की तैयारियों के सम्बन्ध में सम्बन्धित विभागों एवं अधिकारियों के साथ बैठक ली। सर्वप्रथम मुख्य सचिव ने कुम्भ मेले से संबंधित निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने विभिन्न निर्माण कार्यों के शासनादेश जारी ना होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए आपत्तियों का निराकरण कर अगले 3 दिनों में शासनादेश जारी किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि कुंभ मेले के लिए भूमि अधिग्रहण और भूमि आबंटन की प्रक्रिया तत्काल शुरू कर ली जाए। उन्होंने कहा कि विभागों और संस्थानों को आबंटित होने वाली भूमि को 30 जून तक आबंटित कर दिया जाए। उन्होंने आयुक्त गढ़वाल को भूमि अधिग्रहण एवं आवंटन प्रक्रिया कुम्भ मास्टर प्लान में शामिल किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि निर्माणदायी संस्थाओं द्वारा मेला क्षेत्र के अंतर्गत अपने कार्यालयों को मजबूत किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने सभी आवश्यक तैनातियां शीघ्र से शीघ्र सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने अनिवार्य रूप से कराये जाने वाले अस्थायी प्रकृति के कार्यों को भी प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र से शीघ्र शुरू किए जाने की बात कही।

मुख्य सचिव ने कुम्भ मेला क्षेत्र के लिए रेलवे एवं सड़क मार्ग यातायात प्लान तैयार कर फाईनल किए जाने हेतु मेलाधिकारी कुम्भ, आईजी कुम्भ और डीआरएम मुरादाबाद को शीघ्र बैठक कर सभी बुनियादी आवश्यकताएं सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हरिद्वार, नजीबाबाद और मैंगलोर की ओर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए एनएचएआई एवं लोक निर्माण विभाग के स्तर से होने वाले स्पर्र और जंक्शंस का निर्माण और मरम्मत कार्य शीघ्र पूर्ण कराया लिया जाए। उन्होंने कुम्भ क्षेत्र के आसपास के जनपदों में भी ट्रैफिक प्लान और पार्किंग सुविधाओं का विस्तार किए जाने के निर्देश जिलाधिकारियों को दिए।

मुख्य सचिव ने आकस्मिक यातायात प्लान भी तैयार रखे जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रवेश करने वाले स्थानों पर भी पार्किंग, रुकने, खाने एवं शौचालयों की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। कुम्भ मेला क्षेत्र में चिह्नित पार्किंग स्थलों में भी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

मुख्य सचिव ने पूरे कुम्भ क्षेत्र के लिए सैनिटेशन का डेडिकेटेड प्लान तैयार किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कुम्भ मेले के दौरान देश विदेश से लाखों-करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु सम्मिलित होते हैं। इस लिए कुम्भ क्षेत्र में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखे जाने के लिए विशेष सैनिटेशन प्लान शीघ्र तैयार किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने उपयुक्त मात्रा में पर्यटक सूचना केंद्रों की स्थापना किए जाने पर भी जोर दिया, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा ना हो और समय पर उचित जानकारी मिल सके।

मुख्य सचिव ने कुम्भ मेला के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश की विभिन्न लोक कलाओं के निपुण कलाकारों को इससे अपनी संस्कृति देश विदेश तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की अत्यधिक भीड़ के कारण महत्त्वपूर्ण दिवसों को छोड़कर प्रत्येक दिवस ऐसे पौराणिक, ऐतिहासिक एवं लोक संस्कृति से जुड़े कार्यक्रमों का आयोजन किया जाए।

इस अवसर पर सचिव नितेश कुमार झा, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, बृजेश कुमार संत, विनय शंकर पाण्डेय, श्रीधर बाबू अद्दांकी, रणवीर सिंह चौहान, मेलाधिकारी सोनिका, आईजी कुम्भ योगेन्द्र सिंह रावत एवं रेलवे डिवीजन मुरादाबाद से वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्य सचिव ने की कुंभ मेला 2027 की तैयारियों की समीक्षा

कुंभ मेला-2027 की तैयारियों का जायजा लेने हरिद्वार पहुंचे मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने गुरुवार को मेला नियंत्रण भवन में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर मेले से संबंधित कार्यों की प्रगति की समीक्षा की तथा प्रस्तावित योजनाओं की जानकारी ली। इसके साथ ही उन्होंने विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर सुझाव एवं सहयोग पर विचार-विमर्श किया।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि कुंभ मेला का दिव्य एवं भव्य आयोजन सुनिश्चित करने के लिए सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध रूप से पूर्ण की जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी को गंभीरता से लिया जाएगा। हरिद्वार में सीवर लाइन निर्माण कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उन्होंने खोदी गई सड़कों को तत्काल ठीक करने के निर्देश दिए। अपर रोड का कार्य एक सप्ताह में पूर्ण करने तथा शेष कार्य 30 जून तक समाप्त करने के निर्देश दिए गए। सीवर कार्यों की दैनिक निगरानी के लिए अपर जिलाधिकारी, अपर मेलाधिकारी एवं परियोजना प्रबंधक की समिति को प्रतिदिन की प्रगति की निगरानी करने के निर्देश देते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि जिलाधिकारी हरिद्वार अपर रोड को सही करने के संबंध में निरीक्षण कर 10 अप्रैल तक रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।

मुख्य सचिव ने गंगा नदी की स्वच्छता एवं अविरलता बनाए रखने पर विशेष जोर देते हुए निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में गंदा पानी या सीवर गंगा में न जाने पाए। उन्होंने सभी नालों को सीवर लाइन से जोड़ने तथा आज ही निरीक्षण कर वीडियोग्राफी सहित रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए ।

मुख्य सचिव ने कुकिंग गैस की समस्या के समाधान के लिए पीएनजी कनेक्शन वितरण हेतु शिविर आयोजित करने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी आश्रमों, धर्मशालाओं, होटलों एवं अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से एक सप्ताह के भीतर आवेदन प्राप्त किए जाँय। विद्युत व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने भूमिगत लाइनों में खराबी आने पर त्वरित सुधार, खंभों को हटाने तथा वितरण बॉक्स को उपयुक्त स्थानों पर स्थापित करने के निर्देश दिए।

घाटों की सुरक्षा एवं रख-रखाव के लिए प्रभावी प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए उन्होंने नियमित पुलिस पेट्रोलिंग, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था एवं सीसीटीवी कैमरों की स्थापना पर बल दिया। साथ ही मनसा देवी मंदिर एवं चंडी देवी मंदिर मार्गों के सुधार कार्यों को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए। सभी स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समयसीमा से पूर्व पूर्ण करने के लिए संबंधित विभागों को युद्धस्तर पर कार्य करने के निर्देश दिए गए।

स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने हरिद्वार मेडिकल कॉलेज का निर्माण शीघ्र पूर्ण करने तथा इसकी अवस्थापना सुविधाओं को उपयोग में लाने के निर्देश दिए। साथ ही 15 दिनों के भीतर तीन मेगावाट विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने एवं नई लाइन के निर्माण के निर्देश भी दिए गए। बैठक में कुंभ मेले के दौरान बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने, एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस तथा बोट एंबुलेंस की तैनाती पर भी विचार-विमर्श किया गया।

मुख्य सचिव ने कुंभ मेला-2027 के लिए प्रस्तावित ट्रैफिक एवं पार्किंग योजना पर सभी हितधारकों से सुझाव लेने तथा मंडलायुक्त स्तर पर अंतिम रूप देकर अनुमोदन हेतु प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं में श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुगमता का विशेष ध्यान रखा जाए।

बैठक में मेलाधिकारी सोनिका ने बताया कि अब तक 36 स्थायी एवं 19 अस्थायी कार्य स्वीकृत किए जा चुके हैं तथा 32 सेक्टरों का विस्तृत सेक्टर प्लान तैयार किया गया है। सभी कार्यों को गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ पूर्ण करने हेतु विशेष निगरानी व्यवस्था की गई है।

बैठक में सचिव शहरी विकास नितेश झा, आयुक्त गढ़वाल मंडल विनय शंकर पांडे, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर, नगर आयुक्त नंदन कुमार सिंह, मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्रा, अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती, मेला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज वर्मा, उप मेलाधिकारी श्री आकाश जोशी एवं श्री मनजीत सिंह, सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

इससे पूर्व मुख्य सचिव ने श्री गंगा सभा, व्यापार मंडल, आश्रम-होटल-धर्मशाला संचालकों, टैक्सी एवं ऑटो यूनियन तथा सफाई कर्मियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर कुंभ मेला व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की तथा उनके सुझाव एवं समस्याएं जानीं। उन्होंने सभी से कुंभ मेला-2027 के सफल एवं सुव्यवस्थित आयोजन में सहयोग करने का आह्वान किया।

कुम्भ मेला 2027 की तैयारियों का मुख्य सचिव ने किया स्थलीय निरीक्षण

कुम्भ मेला–2027 की तैयारियों का जायज़ा लेने के लिए प्रदेश के मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन ने गुरुवार को हरिद्वार में विभिन्न निर्माणाधीन एवं प्रस्तावित कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कर प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाए तथा विभागीय समन्वय को सुदृढ़ बनाते हुए कार्यों में तेजी लाई जाए।

कुंभ क्षेत्र के कार्यों के विस्तृत निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने अपर गंगा नहर के बाएं तट पर स्थित शहीद भगत सिंह घाट (कामधेनु घाट) से सिंहद्वार तक निर्माणाधीन घाट एवं बैरागी कैम्प घाट का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि घाटों का निर्माण श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा एवं सुगम आवागमन को ध्यान में रखते हुए आधुनिक मानकों के अनुरूप किया जाए, ताकि कुम्भ के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
उन्होंने बुजुर्गों एवं दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए घाटों पर रैम्प एवं अन्य सुगम्यता संबंधी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने, साथ ही चेंजिंग रूम एवं प्रसाधन की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने निर्देशित किया कि इस बार कुम्भ मेला–2027 के लिए ‘ग्रीन घाट’ विकसित किए जाएं, जिसके तहत घाटों पर हरित पट्टियां विकसित कर उन्हें फूलों एवं पौधों से सजाया-संवारा जाए।

इसके पश्चात उन्होंने ज्वालापुर–ईदगाह–पीएसी–शिवालिक नगर मोटर मार्ग के किलोमीटर-3 पर पथरी रौ नदी पर निर्माणाधीन 60 मीटर लंबे प्री-स्ट्रेस्ड आरसीसी सेतु के कार्य की प्रगति का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यदायी संस्था को निर्देशित किया कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न किया जाए तथा कार्य समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाए।

मुख्य सचिव ने बहादराबाद–सिडकुल मार्ग (भाईचारा ढाबा से बीएचईएल सेक्टर-6 होते हुए शिवालिक नगर चौक एवं बीएचईएल मध्य मार्ग तक) के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि यह मार्ग कुम्भ के दौरान यातायात के सुचारू संचालन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए इसे प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण किया जाए।

उन्होंने धनौरी–सिडकुल लिंक मार्ग पर पथरी रौ नदी में पुरानी गंग नहर सायफन के डाउनस्ट्रीम में बन रहे 90 मीटर स्पान के पुल के निर्माण कार्य का निरीक्षण करते हुए कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस पुल से संबंधित नदी तल के कार्य वर्षाकाल से पूर्व पूर्ण कर लिए जाएं, ताकि वर्षा ऋतु में जलस्तर बढ़ने से कार्य प्रभावित न हो।

मुख्य सचिव ने हरिद्वार बाईपास रिंग रोड परियोजना के निर्माण कार्यों का भी स्थलीय निरीक्षण कर प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने एनएचएआई के अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाईपास निर्माण कार्य अविलंब पूर्ण किया जाए तथा सप्ताहवार लक्ष्य निर्धारित कर टाइमलाइन के अनुसार प्रगति की नियमित समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि यह परियोजना कुम्भ मेला प्रारंभ होने से पूर्व पूर्ण होना अत्यंत आवश्यक है।
इसके साथ ही दिल्ली राजमार्ग पर निर्माणाधीन फ्लाईओवर कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ पूर्ण करने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी हरिद्वार को इसकी प्रगति का दैनिक ब्यौरा उपलब्ध कराया जाए।

मुख्य सचिव ने बैरागी कैम्प में 1500 किलोलिटर क्षमता के ओवरहेड टैंक, एवं कार्यों की प्रगति का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी जलापूर्ति संबंधी कार्य समय से पूर्ण कर कुम्भ के दौरान निर्बाध एवं स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि कुम्भ मेला–2027 एक अत्यंत महत्वपूर्ण एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर का आयोजन है, जिसमें देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचेंगे। ऐसे में सभी विभागों को पूर्ण जिम्मेदारी एवं समर्पण के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने निर्माण कार्यों के साथ-साथ यातायात प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं को भी समान प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि सभी परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए तथा किसी भी समस्या का त्वरित समाधान किया जाए, ताकि तैयारियों में किसी प्रकार की कमी न रह जाए।

मुख्य सचिव ने मेला नियंत्रण भवन में संचालित कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का निरीक्षण कर सुरक्षा एवं निगरानी व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने इस व्यवस्था में नवीनतम आईटी अनुप्रयोगों एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर सचिव शहरी विकास नितेश झा, आयुक्त गढ़वाल मंडल विनय शंकर पांडे, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, मेलाधिकारी सोनिका, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर, नगर आयुक्त नंदन कुमार सिंह, मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्रा, अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती, हरिद्वार विकास प्राधिकरण के सचिव मनीष कुमार, उप मेलाधिकारी आकाश जोशी एवं मनजीत सिंह सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

सीएम ने कुंभ मेले के भव्य आयोजन को सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध पूरी करने के अधिकारियों को दिए निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार का भ्रमण कर कुंभ मेला 2027 की तैयारियों की प्रगति की समीक्षा की। डामकोठी में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अगले वर्ष आयोजित होने वाले कुंभ मेले के दिव्य एवं भव्य आयोजन के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समयबद्ध ढंग से पूरी की जाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ जैसे विराट आयोजन में किसी भी स्तर पर कोई कमी नहीं रहनी चाहिए। सभी संबंधित विभाग पूरी क्षमता और समन्वय के साथ कार्य करते हुए समयबद्ध तरीके से तैयारियों को पूरा करें। उन्होंने कहा कि मेला आयोजन से जुड़े सभी हितधारकों, धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों तथा साधु-संतों के सहयोग से कुंभ मेले का भव्य और सुव्यवस्थित आयोजन सुनिश्चित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कुंभ से संबंधित कार्यों के लिए धनराशि की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी तथा प्रस्तावित कार्यों के लिए आवश्यक स्वीकृतियां शीघ्र जारी की जाएंगी। इस संबंध में मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान ही दूरभाष पर मुख्य सचिव से वार्ता कर शासन स्तर पर आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने सड़क, पुल, पेयजल, स्वास्थ्य, यातायात और पार्किंग व्यवस्था से जुड़े स्थायी प्रकृति के कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि आगामी चारधाम यात्रा, वर्षाकाल तथा कांवड़ यात्रा को ध्यान में रखते हुए सभी प्रमुख कार्यों के क्रियान्वयन की रणनीति बनाई जाए और विभाग निरंतर बेहतर समन्वय के साथ कार्य करें।

मुख्यमंत्री ने कुंभ मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित योजनाओं की समीक्षा करते हुए आधुनिक तकनीकों और सुविधाओं से सुसज्जित इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर की स्थापना को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। इसके लिए आवश्यक स्वीकृति शीघ्र जारी की जाएगी।

उन्होंने मेला नियंत्रण भवन के पास प्रस्तावित सीसीआर-2 भवन परियोजना की समीक्षा करते हुए कहा कि कुंभ मेले के सुचारु प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण इस परियोजना को भी शीघ्र वित्तीय स्वीकृति प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए खड़खड़ी पुल तथा श्रीयंत्र पुल से संबंधित योजनाओं को भी प्राथमिकता देते हुए उनके लिए आवश्यक स्वीकृतियां जल्द जारी करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऋषिकेश और मुनीकीरेती सहित कुंभ क्षेत्र के सभी सेक्टरों में बुनियादी सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण, सुरक्षा व्यवस्था, स्वच्छता तथा सीवरेज प्रबंधन के कार्यों पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने डामकोठी अतिथिगृह, हरिद्वार के विस्तार के निर्देश देते हुए कहा कि मौजूदा भवन से सटे क्षेत्र में एक आधुनिक एवं आकर्षक अतिथिगृह निर्माण की योजना तैयार कर प्रस्तुत की जाए।

बैठक में मेलाधिकारी सोनिका ने कुंभ मेला 2027 की तैयारियों से संबंधित व्यवस्थाओं की जानकारी देते हुए बताया कि सड़कों, पुलों, घाटों के निर्माण के साथ-साथ जलापूर्ति, चिकित्सा, सुरक्षा तथा मेला प्रबंधन से संबंधित स्थायी प्रकृति की 33 योजनाएं वर्तमान में निर्माणाधीन हैं। सभी परियोजनाओं पर निर्धारित समयसीमा के अनुसार कार्य प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि कुंभ मेले के अंतर्गत मनसा देवी मंदिर तथा चंडी देवी मंदिर के मार्गों के सुधार की योजना को भी स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके अतिरिक्त मेले के लिए प्रस्तावित अन्य कार्यों और अस्थायी व्यवस्थाओं की भी जानकारी बैठक में दी गई।

बैठक में हरिद्वार की जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, मेयर नगर निगम किरण जैसल, रुड़की मेयर अनीता अग्रवाल, विधायक हरिद्वार मदन कौशिक, विधायक रानीपुर आदेश चौहान, विधायक रुड़की प्रदीप बत्रा, पूर्व मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, भाजपा जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा, राज्य मंत्री देशराज कर्णवाल, शोभाराम प्रजापति, सुनील सैनी, ओम प्रकाश जमदग्नि, जयपाल सिंह चौहान, पूर्व मेयर मनोज गर्ग, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर, मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्रा, अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती, सचिव एचआरडीए मनीष कुमार, उप मेलाधिकारी आकाश जोशी, मंजीत सिंह गिल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

दिव्य, भव्य और ऐतिहासिक होगा कुंभ मेला: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में कुंभ मेला-2027 की तैयारियों की समीक्षा की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिद्वार में अगले वर्ष आयोजित होने वाला कुंभ मेला दिव्य, भव्य और ऐतिहासिक होगा। मेले के दौरान श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधा, सुगमता और सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस महाआयोजन की व्यवस्थाओं में कोई भी कमी नहीं रहने दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कुंभ मेले से संबंधित कार्य निर्धारित समय पर पूर्ण करने के सख्त निर्देश देते हुए कहा कि सभी विभाग बेहतर समन्वय के साथ कार्य करें और लिए गए निर्णयों का अविलंब अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।

मेला नियंत्रण भवन, हरिद्वार में आयोजित इस बैठक में मुख्यमंत्री ने मेले की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने पिछली बैठक में दिए गए निर्देशों पर हुई कार्रवाई तथा वर्तमान में चल रहे कार्यों की प्रगति की जानकारी भी ली। मुख्यमंत्री ने मेले से संबंधित सभी कार्य आगामी अक्टूबर माह तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मेले के लिए सभी प्रमुख स्थायी कार्यों को स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है तथा अस्थायी कार्यों के प्रस्तावों को अंतिम रूप देकर उन्हें भी समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाए। जोन एवं सेक्टर स्तर पर की जाने वाली तैयारियों को तय लक्ष्यों और समयसीमा के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण ढंग से संपन्न करने के निर्देश दिए गए। निर्माण कार्यों की मॉनिटरिंग हेतु थर्ड पार्टी ऑडिट भी कराने के निर्देश दिए गए।

मुख्यमंत्री ने मेले के दौरान परिवहन एवं पार्किंग की प्रभावी एवं पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर देते हुए वैकल्पिक मार्गों को चिन्हित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के सुरक्षित एवं सुविधाजनक आवागमन तथा स्नान की समुचित व्यवस्था की जाए। संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए स्नान, आवागमन एवं ठहराव के लिए विस्तृत योजना तैयार की जाए। महिला एवं वृद्ध श्रद्धालुओं के लिए विशेष प्रबंध किए जाने के भी निर्देश दिए गए।

कुंभ क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्य में स्वयंसेवी संगठनों का सहयोग भी लिया जाए। स्वास्थ्य सुविधाओं की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि बीमार श्रद्धालुओं को निकटतम स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाने के लिए बोट एवं बाइक एंबुलेंस की व्यवस्था की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ मेले के सुव्यवस्थित एवं सफल आयोजन के लिए साधु-संतों, अखाड़ों, जनप्रतिनिधियों तथा धार्मिक एवं स्वयंसेवी संगठनों का सहयोग लिया जाए और उनके सुझावों को ध्यान में रखकर कार्य किए जाएं।

उन्होंने कुंभ मेले में चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती पर जोर दिया। साथ ही साइबर सुरक्षा, अग्निशमन व्यवस्था तथा रेस्क्यू कार्यों के लिए दक्ष कार्मिकों की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा।

स्थायी कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि कुंभ क्षेत्र में निर्मित सभी पुलों का सुरक्षा ऑडिट कराया जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर उनकी मरम्मत समय पर पूर्ण की जाए। गंगा नदी के घाटों के अनुरक्षण हेतु यदि गंग नहर के क्लोजर की आवश्यकता हो तो उत्तर प्रदेश के अधिकारियों से समन्वय स्थापित किया जाए। घाटों के सुदृढ़ीकरण, सुरक्षा रेलिंग तथा फिसलन-रोधी व्यवस्थाएं समय से पूर्ण की जाएं। कुंभ प्रारंभ होने से पूर्व सभी विद्युत लाइनों को भूमिगत कर लिया जाए।

कुंभ क्षेत्र में भूमि प्रबंधन एवं आवंटन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसकी मॉनिटरिंग मेलाधिकारी स्वयं करें तथा क्षेत्र को अतिक्रमणमुक्त रखा जाए।

बैठक में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, सुबोध उनियाल तथा पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने भी प्रतिभाग करते हुए उपयोगी सुझाव दिए। इस अवसर पर मेलाधिकारी सोनिका ने बैठक में मेले से संबंधित स्वीकृत कार्यों की प्रगति की जानकारी दी तथा प्रस्तावित कार्यों एवं व्यवस्थाओं पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण प्रस्तुत किया। बैठक में सचिव, शहरी विकास विभाग नितेश कुमार झा; सचिव, लोक निर्माण विभाग पंकज कुमार पाण्डे; आयुक्त, गढ़वाल मंडल विनय शंकर पाण्डेय; सचिव, पेयजल रणवीर सिंह चौहान; सचिव, सिंचाई युगल किशोर पंत, सचिव, पर्यटन धीराज गर्ब्याल; अपर पुलिस महानिदेशक ए.पी. अंशुमान तथा उत्तर रेलवे के मुरादाबाद मंडल की डीआरएम विनीता श्रीवास्तव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने मेले की तैयारियों की विस्तृत जानकारी दी।

बैठक में मेयर हरिद्वार किरन जैसल, मेयर रुड़की अनीता अग्रवाल, मेयर ऋषिकेश शंभू पासवान, विधायक रानीपुर आदेश चौहान, विधायक रुड़की प्रदीप बत्रा, विधायक हरिद्वार ग्रामीण अनुपमा रावत, विधायक ज्वालापुर रवि बहादुर, दायित्वधारी अजीत चौधरी, जयपाल सिंह चौहान, देशराज कर्णवाल, शोभाराम प्रजापति, पूर्व मंत्री एवं प्रदेश उपाध्यक्ष स्वामी यतीश्वरानंद, जिलाध्यक्ष भाजपा हरिद्वार आशुतोष शर्मा, जिलाध्यक्ष रुड़की डॉ. मधु, पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल राजीव स्वरूप, सचिव सी. रविशंकर, आनंद स्वरूप, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर, मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्रा, अपर जिलाधिकारी पी.आर. चौहान, अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।

कुंभ से संबंधित सभी तैयारियां, अक्टूबर माह तक पूरी हो: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय स्थित वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली सभागार में कुम्भ मेला-2027, हरिद्वार की तैयारियों के सम्बन्ध में समीक्षा बैठक की।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कुंभ से संबंधित सभी तैयारियों को अक्टूबर माह तक पूरा किया जाए। साथ ही कुंभ की आवश्यकताओं को देखते हुए सभी प्रकार के निर्माण कार्य तय समय के अंदर पूरे हों। सभी निर्माण कार्य की गुणवत्ता का भी विशेष ध्यान रखा जाए। शासन स्तर पर कुंभ से संबंधित कोई भी कार्य/फाइल लंबित न रहे। किसी भी कार्य को लंबित रखने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदही तय की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार की प्राथमिकता है की कुंभ मेले का भव्य दिव्य और सफल आयोजन हो।

मुख्यमंत्री ने सचिव, पीडब्ल्यूडी को अगले 24 घंटे के अंदर कुंभ मेले के लिए टेक्निकल पद के अधिकारियों की नियुक्ति के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कुंभ क्षेत्र में बने सभी पुलों का ऑडिट किया जाए। साथ ही कुंभ क्षेत्र में स्थित सभी घाटो का सौंदर्यकरण और आवश्यकता अनुसार पुनर्निर्माण कार्य भी किया जाए। उन्होंने कहा श्रद्धालुओं के लिए हर की पैड़ी के साथ ही अन्य सभी घाटों में भी स्नान की व्यवस्था की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मेला क्षेत्र की स्वच्छता के लिए विस्तृत कार्य योजना तैयार की जाए। सभी प्रमुख स्थानों पर शौचालय और पीने के पानी की व्यवस्था हो। पर्याप्त मात्रा में सुरक्षा बलों, जल पुलिस की तैनाती हो। साथ ही सुरक्षा के मद्देनजर ड्रोन, सीसीटीवी , एवं अन्य आधुनिक उपकरणों का उपयोग भी हो। उन्होंने कहा मेले के दौरान कानून व्यवस्था, पार्किंग, भीड़ प्रबंधन की विस्तृत कार्य योजना अलग से बनाई जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ मेला क्षेत्र में विभिन्न अखाड़ों को भूमि आवंटन तय समय पर किया जाए। इसकी मेलाधिकारी स्वयं मॉनिटरिंग करें। साथ ही सभी अखाड़ों, मठों ,संत समाज, संस्थाओं, समितियां एवं स्थानीय लोगों से परस्पर्म समन्वय किया जाए। साथ ही उनके सुझावों के अनुरूप मेले की तैयारी हो। मुख्यमंत्री ने कहा कुंभ के दौरान लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना न करना पड़े, इसके लिए कुंभ क्षेत्र में व्यापक स्तर पर अतिक्रमण की खिलाफ अभियान चलाया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वन संबंधित मामलों पर जल्द अनुमति ली जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को अन्य प्रदेशों से भी परस्पर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिया। उन्होंने कहा मेले से संबंधित सभी विकास कार्य कागजों के साथ धरातल में भी दिखाई देने चाहिए। मुख्यमंत्री ने आवास व टेंट सिटी की तैयारी समय से पूरी करने एवं मेला क्षेत्र में अस्थायी अस्पताल, एम्बुलेंस व मोबाइल चिकित्सा दल की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कुंभ मेला हमारी संस्कृति, आस्था और करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए एक बड़ा धार्मिक आयोजन है। इस आयोजन को सफल बनाना हम सभी का कर्तव्य है। जो भी श्रद्धालु राज्य में आए वह अच्छा अनुभव यहां से लेकर जाएं।

बैठक में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, विधायक मदन कौशिक, विधायक आदेश चौहान, विधायक रेनू बिष्ट, विधायक अनुपमा रावत, विधायक रवि बहादुर, उत्तराखण्ड अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष विश्वास डाबर, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, डीजीपी दीपम सेठ, प्रमुख सचिव एल. फैनई, आरके सुधांशु, सचिव शैलेश बगौली, सचिव नितेश झा, कुंभ मेलाधिकारी सोनिका सिंह एवं अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

सीएस ने हरिद्वार में घाटों के लिए वेस्ट मैनेजमेंट प्लान तैयार किए जाने के निर्देश दिए

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में कुम्भ मेला 2027 के लिए प्रस्तावित कार्यों की उच्च अधिकार प्राप्त समिति की बैठक सम्पन्न हुयी। बैठक के दौरान विभिन्न विभागों के प्रस्तावों को संस्तुति प्रदान की गई।

मुख्य सचिव ने कुम्भ मेला 2027 से सम्बन्धित कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने फेज-1 में अति आवश्यक प्रकृति के कार्यों को प्राथमिकता पर लेने की बात कही। कहा कि कार्यों को समय से पूर्ण कराए जाने हेतु लगातार मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने कहा कि जिन कार्यों के शासनादेश जारी नहीं हुए हैं, शीघ्र शासनादेश जारी किए जाएं। जिनके शासनादेश जारी हो गए हैं, और टेण्डर प्रक्रिया हो चुकी है, उन कार्यों को शीघ्र शुरू कराया जाए। उन्होंने मनसा देवी मंदिर के फेज-1 का कार्य शीघ्र शुरू कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एक माह के अंदर इसका शासनादेश जारी किया जाए। उन्होंने कांगड़ा घाट में महिलाओं के लिए घाट की व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के निर्देश भी दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि घाटों पर श्रद्धालुओं का प्रवेश और निकास अलग-अलग स्थान पर होता है, जिससे जूते और सामान वापस लेने के लिए श्रद्धालुओं को फिर से वहीं वापस आना पड़ता है, जिससे अनावश्यक भीड़ होती है। उन्होंने घाटों के पास श्रद्धालुओं को जूते और सामान रखने के लिए एक ऐसा मैकेनिज्म तैयार किए जाने निर्देश दिए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को एग्जिट पॉइन्ट पर उनके जूते और सामान मिल जाए। उन्होंने सचिव लोनिवि को इसकी जिम्मेदारी सौंपी।

मुख्य सचिव ने पंतद्वीप और चमगादड़ टापू का ड्रेनेज प्लान सिंचाई विभाग द्वारा तैयार किये जाने की भी बात कही। उन्होंने कहा कि सिंचाई विभाग रानीपुर मोड़ और भगतसिंह चौक के जल भराव की समस्या का समाधान निकालते हुए शीघ्र प्रस्ताव तैयार करे।

मुख्य सचिव ने हरिद्वार में घाटों के लिए वेस्ट मैनेजमेंट प्लान तैयार किए जाने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने इसका स्थायी समाधान निकाले जाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हर की पैड़ी का वेस्ट मैनेजमेंट गंगा सभा करती है। अन्य घाटों के लिए भी वेस्ट मैनेजमेंट प्लान तैयार किया जाए।

मुख्य सचिव ने कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए थर्ड पार्टी मूल्यांकन किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कार्यों की गुणवत्ता की लगातार जांच की जाए, मूल्यांकन एजेन्सी से साप्ताहिक रिपोर्ट संकलित की जाए एवं उसका अध्ययन कराया जाए।

इस अवसर पर सचिव नितेश कुमार झा, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, दिलीप जावलकर, डॉ. आर. राजेश कुमार, श्रीधर बाबू अद्धांकी, युगल किशोर पंत एवं मेलाधिकारी सोनिका सहित सम्बन्धित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे

सीएस बर्द्धन ने सचिवालय में कुम्भ 2027 की तैयारियों के सम्बन्ध में बैठक ली

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में कुम्भ 2027 की तैयारियों के सम्बन्ध में बैठक ली। इस दौरान मुख्य सचिव ने कुम्भ क्षेत्र में कराए जा रहे और कराए जाने वाले विभिन्न कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि कुम्भ मेले से सम्बन्धित सभी स्थायी एवं अस्थायी प्रकृति के कार्यों की प्राथमिकता तय की जाए।

मुख्य सचिव ने नोडल अधिकारियों की तैनाती शीघ्र सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सिंचाई विभाग नहर बंदी के समय कराए जाने वाले कार्यों को समय से पूरा कराने के लिए आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण करा लें। उन्होंने नहर बंदी का समय बढ़ाए जाने हेतु यूपी से लगातार संवाद किए जाने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि विभिन्न प्रकार की अनापत्ति प्रमाण पत्रों के लिए तत्काल कार्यवाही करना सुनिश्चित किया जाए।

मुख्य सचिव ने रेलवे स्टेशनों का सौन्दर्यीकरण के लिए शीघ्र कार्यवाही कराये जाने हेतु डीआरएम मुरादाबाद संग्रह मौर्य से भी अनुरोध किया, साथ ही जीआरपी थानों में मानक व्यवस्थाओं की उपलब्धता सुनिश्चित किए जाने की बात कही। उन्होंने पुलिस एवं रेलवे विभाग को संयुक्त रूप से यातायात प्लान तैयार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस का सर्विलांस सिस्टम एवं अस्थायी थानों की व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने की बात भी कही।

मुख्य सचिव ने कहा कि कुम्भ के दौरान घाटों को लगातार साफ रखना चुनौतिपूर्ण है। उन्होंने कहा कि मुख्य घाटों में लगातार सफाई के लिए प्रणाली विकसित की जाए। उन्होंने कुम्भ मेला क्षेत्र की आंतरिक सड़कों के निर्माण एवं मरम्मत कार्यों को भी शीघ्र शुरू किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आंतरिक सड़कों का कार्य नगर निगम के माध्यम से करवाया जाए। उन्होंने सिंचाई विभाग द्वारा घाटों के सौन्दर्यीकरण में ग्रीन ओपन स्पेस का प्रावधान अनिवार्य रूप से किया जाने के निर्देश दिए। उन्होंने महिला घाटों पर आवश्यक व्यवस्थाएं अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागों को उनके द्वारा कराए जा रहे कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मेला अधिकारी को थर्ड पार्टी क्वालिटी एश्योरेंस की व्यवस्था भी सुनिश्चित किए जाने की बात कही।

इस अवसर पर सचिव शैलेश बगोली, नितेश कुमार झा, एडीजी डॉ. वी मुरूगेशन, आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पाण्डेय, आईजी डॉ. नीलेश आनन्द भरणे, मेला अधिकारी सोनिका, सचिव सी. रविशंकर एवं युगल किशोर पंत सहित सम्बन्धित जनपदों के जिलाधिकारी उपस्थित थे।

हरिद्वार में मुख्य सचिव ने कुंभ मेला क्षेत्रों का निरीक्षण कर दिए निर्देश

2027 के कुंभ को दिव्य एवं भव्य ढंग से आयोजित करने के उद्देश्य से तथा आने वाले श्रद्धालुओं को सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने एवं किए जाने वाले निर्माण कार्यों का आज मुख्य सचिव आनंद वर्धन ने मेला क्षेत्र का स्थलीय किया,निरीक्षण के दौरान मेला अधिकारी सोनिका,जिलाधिकारी मयूर दीक्षित,वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोभाल, उपाध्यक्ष एचआरडीए अंशुल सिंह सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

इस अवसर पर मुख्य सचिव एवं संबंधित अधिकारियों द्वारा नजीबाबाद हाईवे पर गौरी पार्किंग स्थल में मल्टी मॉडल हब बनाये जाने हेतु कार्य का निरीक्षण, चण्डी देवी मन्दिर तक रोपवे का निर्माण हेतु स्थलीय निरीक्षण, दिव्य प्रेम मिशन आश्रम के समीप नीलधारा में कल्चरल हब के निर्माण की योजना कार्य का निरीक्षण,नमामिः गंगे घाट नीलधारा में लेजर शो हेतु स्थिल निर्माण की योजना का निरीक्षण, बैरागी कैम्प क्षेत्र में विभिन्न अखाड़ों एवं धार्मिक संस्थाओं के कैम्पिंग की योजना का निरीक्षण, बैरागी कैम्प क्षेत्र, दक्षद्वीप क्षेत्र में मायापुर स्कैप चौनल के दोनो 15 और नये घाटों के निर्माण कार्य की योजना का निरीक्षण, आईरीस सेतु से श्री यंत्र मन्दिर होते हुए मातृ सदन तक मार्ग के सुदृढ़ीकरण योजना का एवं उक्त मार्ग के मध्य 700 से 800 मी0 की कच्ची सड़क को पक्की सड़क बनाने जाने की योजना कार्य का निरीक्षण, नक्षत्र वाटिका के समीप कनखल ऐरिया कैनाल फ्रन्ट डेवलपमेन्ट योजना जिसके अन्तर्गत नक्षत्र वाटिका के पास पार्किंग ऐरिया, लैण्ड स्कैपिंग, पैदल स्थाई पुल चौड़ाई 7.0 मी0 (01 पुल दक्ष मन्दिर को जोडने हेतु एवं 01 पुल बैरागी क्षेत्र से सतीघाट को जोड़ने हेतु) कार्य का निरीक्षण, शमशान घाट कनखल के सामने 01 नग अतिरिक्त स्थाई सेतु के निर्माण कार्य का निरीक्षण,आनन्दमयी पुलिया से जान्ह्वी डेल होटल तक सिल्टइजैक्टर के ऊपर सड़क निर्माण की योजना कार्य का निरीक्षण,आनन्दमयी पुलिया से झंडा चौक कनखल है होते दक्ष मन्दिर मार्ग का निरीक्षण एवं झंडा चौक कनखल के चौड़ीकरण कार्य का निरीक्षण,भीमगोड़ा स्थित खड़खड़ी शमशान घाट को चमगाद्ध टापू से जोड़ने हेतु स्थाई सेतु निर्माण कार्य का निरीक्षण एवं हरकी पैड़ी क्षेत्र का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने मेलाधिकारी, जिलाधिकारी एवं संबंधित कार्यदाई संस्थाओ के अधिकारियों को निर्देश दिए है कि मुख्यमंत्री की प्राथमिकता है कि 2027 का कुंभ दिव्य एवं भव्य ढंग से आयोजित किया जाए। इसमें जिस स्तर से जो भी स्थाई एवं अस्थाई निर्माण कार्य एवं घाटों का विस्तारीकरण आदि कार्य किए जाने है, उन कार्यों को दिसंबर 2026 तक पूर्ण कर लिए जाए तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षा की दृष्टिगत जिन घाटों पर रेलिंग लगाई जानी है उन घाटों पर प्राथमिकता से रेलिंग का कार्य किया जाए। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए है कि जो कार्य किए जाने है उन कार्य को तत्परता एवं समयबद्धता के साथ पूर्ण किए जाएं।

जनपद आगमन पर मेलाधिकारी सोनिका, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने पुष्प गुच्छ भेंट कर मुख्य सचिव का स्वागत किया। मेलाधिकारी सोनिका एवं जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने मुख्य सचिव को आश्वस्त किया है कि उनके द्वारा जो भी दिशा निर्देश दिए गए उनका संबंधित अधिकारियों से अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा।

निरीक्षण के दौरान प्रमुख अभियंता सिंचाई सुभाष चंद पांडे, मुख्य अभियंता सिंचाई चंद्र शेखर सिंह, डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध, अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती, सचिव एचआरडीए मनीष सिंह, उप जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार, एसपी क्राइम जितेंद्र मेहरा, एसपी सिटी पंकज गैरोला, सिटी मजिस्ट्रेट कुसुम चौहान, अधीक्षण अभियंता लोनिवि डीके सिंह, अभियंता सिंचाई ओमजी गुप्ता, अधिशासी अभियंता लोनिवि दीपक कुमार सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
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मेला के सफल आयोजन को विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों से लिये गए सुझाव

2027 कुंभ मेले को सुव्यवस्थित एवं दिव्य व भव्य ढंग से आयोजित करने के उद्देश्य से मुख्य सचिव आनंद वर्धन की अध्यक्षता में सीसीआर सभागार में जनप्रतिनिधियों,स्टेक होल्डर,श्री गंगा सभा,व्यापार मंडल, प्रेस क्लब एवं विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारी के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जिसमें सभी सुझाव लिए गए।

बैठक में मुख्य सचिव ने सभी जनप्रतिनिधियों एवं विभिन्न संस्थाओं से आए पदाधिकारियों का स्वागत किया, उन्होंने कहा कि कुंभ मेला का सफल संचालन एवं भव्यता के साथ आयोजित किए जाने के लिए सभी का सहयोग बहुत जरूरी है ताकि सभी सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं को ठीक किया जा सके।

उन्होंने कहा कि कुंभ मेले के सफल आयोजन के लिए सभी का सहयोग हर कुंभ मेले में उपलब्ध हो रहा है तथ्य आगामी कुंभ मेले को भी सुगम एवं सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए सभी का सहयोग आवश्यक है जिससे कि सभी के सहयोग से कुंभ मेले को दिव्य एवं भव्य ढंग से आयोजित किया जा सके।

उन्होंने सभी पदाधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को आश्वस्त किया है कि उनके द्वारा जो भी सुझाव दिए गए हैं तथा जो भी व्यवस्थाएं कराई जानी है उसके लिए मेला अधिकारी एवं जिला अधिकारी द्वारा बैठक में आए सभी सुझावों को शामिल किया जाएगा तथा उन पर जो भी कार्यवाही की जानी है वह कार्यवाही संबंधित विभाग द्वारा तत्परता से कराई जाएगी।

बैठक के दौरान महापौर किरण जैसल, मेलाधिकारी सोनिका, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोभाल, उपाध्यक्ष एचआरडीए अंशुल सिंह, जिलाध्यक्ष भाजपा आशुतोष शर्मा, श्रीगंगा सभा अध्यक्ष नितिन गौतम, महामंत्री तन्मय वशिष्ठ, डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध, मुख्य चिकित्सा अधिकारी आरके सिंह, एसपी क्राइम जितेंद्र मेहरा, एसपी सिटी पंकज गैरोला, अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती, सचिव एचआरडीए मनीष सिंह, उपजिलाधिकारी जितेंद्र कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट कुसुम चौहान, सेक्रेटरी होटल एसोसिशन अमित चौहान, अध्यक्ष धर्मशाला समिति महेश गौड़, अध्यक्ष प्रेस क्लब हरिद्वार धर्मेंद्र चौधरी, महामंत्री दीपक मिश्रा, प्रदेश उपाध्यक्ष राज्य व्यापार मंडल तेज प्रकाश साहू, जिला महामंत्री प्रदेश व्यापार मंडल संजय त्रिवाल, जिलाध्यक्ष महानगर व्यापार मंडल सुनील सेठी सहित अन्य संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी भी मौजूद थे।

कुंभ मेला सकुशल सम्पन्न कराने के लिए सरकारी भूमि, सड़कों पर से अतिक्रमण हटाएंः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि हरिद्वार में कुम्भ मेला 2027 के भव्य आयोजन की सभी तैयारियां समय रहते हुए स्थायी प्रकृति के कार्य अक्टूबर 2026 तक पूर्ण किये जाएं। कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर वर्गीकृत कर उन्हें पूर्ण किये जाए। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्यों को आगे बढ़ायें।

आज सचिवालय में हरिद्वार कुंभ 2027 की तैयारी के क्रम में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भव्य और दिव्य कुंभ का आयोजन कराना राज्य सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि मेला संबंधित सभी कार्य विस्तारित क्षेत्र और मास्टर प्लान को ध्यान में रख कर किए जाएं। मास्टर प्लान में सभी सेक्टर, मार्ग, पार्किंग, घाट, कैम्प स्थलों को स्पष्ट तौर पर चिन्हित किया जाए, ताकि इसके अनुसार आवश्यक भूमि का अधिग्रहण करने के साथ ही संबंधित भूमि का अस्थायी उपयोग सुनिश्चित किया जा सके। साथ ही भीड़ का दबाव कम करने के लिए नए घाटों का निर्माण, कांगड़ा घाट का विस्तार और मौजूदा घाटों की मरम्मत भी समय से पूरी कर ली जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेला सकुशल सम्पन्न कराने के लिए सरकारी भूमि, सड़कों पर से अतिक्रमण सख्ती के साथ हटाया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यूआईआईडीबी द्वारा हरिद्वार गंगा कॉरिडोर में जो भी कार्य किए जा रहे हैं, उन्हें कुंभ को देखते हुए प्राथमिकता पर पूरा किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्माणाधीन बहादराबाद – श्यामपुर बाईपास को जल्द पूरा किया जाए, ताकि इसका अधिकतम लाभ कुंभ के दौरान मिल सके। इसी तरह श्यामपुर, गैंडीखाता एवं चण्डीघाट क्षेत्र में विशेष टेंट लगाने के लिए मास्टर प्लान तैयार किया जाए। इसी तरह कुंभ क्षेत्र में यातायात एवं पार्किंग व्यवस्था सुदृढ़ की जाए। श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु ट्रैफिक डायवर्जन योजना, पार्किंग स्थल की व्यवस्था की जाए। पार्किंग दूर होने पर शटल सेवा की व्यवस्था पर विचार किया जाए। कुंभ क्षेत्र में आंतरिक मार्गों को भी समय से ठीक किया जाए, इसका लाभ स्थानीय निवासियों को भी मिलेगा। मंसा देवी, चंड़ी देवी पैदल मार्ग के सुदृढीकरण का कार्य समय से पूरा कर लिया जाए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ठोस कचरा अपशिष्ट के लिए जीरो वेस्ट कॉन्सेप्ट अपनाया जाए, कुंभ क्षेत्र में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, डस्टबिन, रीसाइक्लिंग सिस्टम और मोबाइल टॉयलेट की पर्याप्त व्यवस्था की जाए। महिला श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पिंक टायलेट और चेंजिंग रूम की भी पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। घाटों और गंगा तटों पर 24 घंटे सफाई व्यवस्था की जाए। हरकी पैड़ी में श्रद्धालुओं के लिए आरती और बैठने की समुचित व्यवस्था की जाए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कुंभ के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा से संबंधित सभी इंतजाम समय से पूरी कर ली जाएं। भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण और पार्किंग व्यवस्था के साथ ही पार्किंग स्थलों पर सभी मूलभूत सुविधाएं दी जाए जाएं। श्रद़धालुओं की सुरक्षा के लिए प्रत्येक घाट पर लाइफगार्ड, सुरक्षा रस्सी और मोटर बोट की उपलब्धता हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि श्रद्धालु उत्तराखंड से अच्छे अनुभव लेकर जाएं, इसके लिए यात्रियों के साथ अच्छा व्यवहार किया जाए। इसके लिए कार्मिकों को अभी से प्रशिक्षण दिया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मेला क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाएं सुदृढ़ रखी जाएं। मेला क्षेत्र में अस्थायी अस्पताल, एम्बुलेंस व मोबाइल चिकित्सा दल की व्यवस्था की जाए। मेला प्रबंधन में आईटी व डिजिटल सेवाओं का अधिकतम उपयोग किया जाए। श्रद्धालुओं को रियल-टाइम सूचना देने के लिए मोबाइल ऐप, हेल्पलाइन और सूचना केंद्र स्थापित किए जाएं। उन्होंने मुख्य सचिव को कुंभ मेला तैयारी की समीक्षा 15 दिन में करने के निर्देश दिए हैं।

बैठक में विधायक मदन कौशिक, प्रेमचंद अग्रवाल, आदेश चौहान, रेनू बिष्ट, रवि बहादुर, अनुपमा रावत, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, डीजीपी दीपक सेठ, प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, एल फेनई, आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, नितेश झा, डॉ पंकज पांडेय, डॉ आर राजेश कुमार, धीराज सिंह गर्ब्याल, युगल किशोर पंत, मेलाधिकारी सोनिका और वर्चुअल माध्यम से गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप एवं संबंधित जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक शामिल हुए।