नैनीताल राजभवन का भवन ब्रिटिश काल की गोथिक स्थापत्य शैली का उत्कृष्ट उदाहरणः मूर्मु

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रपति निकेतन में आयोजित कार्यक्रम में नैनीताल स्थित राजभवन के 125 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में विशेष डाक टिकट जारी किया। इस अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने इस ऐतिहासिक धरोहर को राष्ट्रीय स्मृति में स्थान दिलाने के लिए राष्ट्रपति के प्रति आभार जताया।

नैनीताल स्थित राजभवन का भवन ब्रिटिश काल की गोथिक स्थापत्य शैली का उत्कृष्ट उदाहरण है। राजभवन की भव्य वास्तुकला, भू-संरचना और इसके आसपास का प्राकृतिक सौंदर्य इस धरोहर स्थल को विशिष्ट बनाते हैं। राजभवन पर विशेष डाक टिकट जारी करने के अवसर पर राज्यपाल ने राष्ट्रपति को एक भारत-श्रेष्ठ भारत काफी टेबल बुक भेंट की।

यह काफी टेबल बुक राजभवन में मनाए जाने वाले प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के स्थापना दिवस पर केंद्रित है। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, राज्यपाल के सचिव रविनाथ रमन, उत्तराखंड की चीफ पोस्टमास्टर जनरल शशि शालिनी उपस्थित रहे।

आत्मीयता से मिलीं राष्ट्रपति

नए कलेवर में निखरे राष्ट्रपति निकेतन में आयोजित एट होम रिसेप्शन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सभी अतिथियों से बेहद आत्मीयता से मुलाकात की। उन्होंने हाथ जोड़कर सभी का अभिवादन किया।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, रेखा आर्या, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक व तीरथ सिंह रावत, विधायक खजानदास, पद्मश्री प्रीतम भरतवाण, प्रेमचंद शर्मा, बसंती बिष्ट व डा बीकेएस संजय, मुख्य सूचना आयुक्त राधा रतूड़ी, पूर्व डीजीपी अनिल रतूड़ी, राज्य निर्वाचन आयुक्त सुशील कुमार के साथ ही भारतीय प्रशासनिक सेवा के कई अधिकारी, सैन्य अधिकारी और प्रबुद्ध जन उपस्थित रहे।

पर्वतीय मार्गो की सड़कें प्राथमिकता के आधार पर खोलें: राज्यपाल

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नैनीताल।
राज्यपाल डॉ. कृष्ण कंात पॉल श्निवार को राजभवन नैनीताल पहुँचे। खराब मौसम के चलते राज्यपाल आर्मी हैलीपैड हल्द्वानी उतरे जहाँ से वे सड़क मार्ग से नैनीताल राजभवन पहुँचे।
राजभवन पहुँचने पर कुमायूँ मण्डलायुक्त अवनेन्द्र सिंह नयाल, पुलिस उपमहानिरीक्षक पुष्कर सिंह सैलाल, जिलाधिकारी दीपक रावत, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक स्वीटी अग्रवाल, महाप्रबंधक कुमविनि टीएस मर्ताेलिया, अधीक्षक अभियंता लोक निर्माण डीएस नबियाल, व राजभवन स्टाफ द्वारा पुष्पगुच्छ से राज्यपाल का स्वागत किया। गार्ड ऑफ आनर लेने के उपरान्त राज्यपाल द्वारा आयुक्त, उपमहानिरीक्षक पुलिस, जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के साथ वार्ता कर कुमाऊँ मण्डल में हो रही बरसात के कारण अवरूद्ध सड़कों की जानकारी ली गई।
राज्यपाल ने कहा कि सड़के पर्वतीय क्षेत्रों की जीवन रेखा हैं ऐसे में आपदा के दौेरान सड़के लंबे समय तक अवरूद्ध ना रहें, लिहाजा सभी अधिकारी प्राथमिकता के आधार पर सड़कें खुलवाने का कार्य करें। साथ ही भूस्खलन से सम्भावित क्षेत्रों में जेसीबी व अन्य संसाधनों की व्यवस्था भी करें। राज्यपाल के साथ सचिव राज्यपाल अरूण कुमार ढौंडियाल, परिसहाय मेजर अनुज राठौर भी नैनीताल पहुँचे।