मुख्यमंत्री ने बनबसा में प्रबुद्धजनों से किया संवाद, योजनाओं पर की चर्चा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बनबसा में आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम के उपरांत प्रबुद्धजनों से संवाद कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।

मुख्यमंत्री ने सभी प्रबुद्धजनों का हार्दिक अभिनंदन करते हुए कहा कि प्रबुद्धजन समाज के दर्पण होते हैं। उनके विचार और चिंतन समाज को दिशा देने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रबुद्धजनों से मिलने वाली ऊर्जा, सुझाव और आशीर्वाद विकास कार्यों को नई गति प्रदान करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चम्पावत के प्रबुद्धजनों से मिलने वाला मार्गदर्शन और आशीर्वाद सरकार को और बेहतर कार्य करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता और सामूहिक प्रयासों के साथ उत्तराखंड को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का अभियान निरंतर जारी रहेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपद चम्पावत को आदर्श चम्पावत बनाने के संकल्प के साथ उत्तराखंड को आदर्श उत्तराखंड बनाने के लिए भी निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि टनकपुर में आईएसबीटी और शारदा कॉरिडोर जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं के पूर्ण होने से क्षेत्र में पर्यटन, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों के नए अवसर सृजित होंगे।

उन्होंने कहा कि मां पूर्णागिरि धाम को वर्षभर तीर्थयात्रियों के लिए सुगम बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। ककराली गेट से मां पूर्णागिरि धाम तक स्थायी प्रकाश व्यवस्था के साथ ही रोपवे एवं हेलीपैड के विकास पर भी कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कैलाश मानसरोवर यात्रा के दृष्टिगत टनकपुर पर्यटन एवं तीर्थाटन का महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपद में पार्किंग, एपीजे अब्दुल कलाम संस्थान, अत्याधुनिक साइंस सेंटर सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विकास कार्यों को गति दी जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देवभूमि उत्तराखंड सतत विकास, कानून-व्यवस्था, निवेश और पर्यटन सहित विभिन्न क्षेत्रों में निरंतर प्रगति कर रहा है। राज्य की जीएसडीपी पिछले पांच वर्षों में दोगुनी हुई है तथा पर्यटन के क्षेत्र में उत्तराखंड ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि कर्तव्य पथ पर मानसखंड की झांकी को प्रथम स्थान मिलना भी उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का गौरव है।

कार्यक्रम के दौरान प्रबुद्धजन बंशीधर उपाध्याय ने मुख्यमंत्री द्वारा अपने व्यस्ततम कार्यक्रम के बीच समय निकालकर संवाद करने के लिए आभार व्यक्त किया। पूर्व सैनिक पुष्कर कापड़ी, पूर्व कैप्टन भानी चंद एवं अर्जुन सिंह ने भी अपने विचार रखते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में चम्पावत सहित पूरा उत्तराखंड विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। उन्होंने खेल, पर्यटन, मंदिरों के सौंदर्यीकरण, महिला सशक्तिकरण, साइंस सेंटर, टनकपुर में रेल सुविधाओं, शारदा कॉरिडोर एवं आईएसबीटी टनकपुर जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर बनबसा की प्रथम महिला ग्राम प्रधान एवं दिव्यांग कमला देवी जो मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए आगे आना चाह रही थी, उन्हे देखकर मुख्यमंत्री स्वयं उनके पास पहुंचे और पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री के इस आत्मीय व्यवहार ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों को भावुक कर दिया।

सीएम ने की नेपाल से लगे तीन सीमांत जनपदों के अधिकारियों के साथ बैठक

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मुख्यमंत्री आवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पड़ोसी देश नेपाल में हाल के दिनों में उत्पन्न हुए राजनीतिक हालातों को ध्यान में रखते हुए राज्य के तीन सीमांत जनपदों चंपावत, पिथौरागढ़ और उधम सिंह नगर के जिला प्रशासन, सशस्त्र सीमा बल के अधिकारियों एवं पुलिस प्रशासन के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में नेपाल से सटी उत्तराखण्ड की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर सुरक्षा को लेकर संपूर्ण स्थिति की समीक्षा की गई ।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नेपाल से लगी सीमाओं पर सघन चेकिंग अभियान चलाए जाएं और वहां किसी भी असामाजिक या उत्पाती तत्व की गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जाए। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया की निगरानी भी सतत रूप से की जाए ताकि किसी भी प्रकार की अफवाह, भ्रामक सूचना या उकसाने वाले कंटेंट पर समय रहते कार्रवाई की जा सके। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि वे केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों एवं एसएसबी के साथ निरंतर संपर्क व समन्वय बनाकर कार्य करें। सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों, स्थानीय ग्राम समितियों, पुलिस बल एवं वन विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर सामूहिक भागीदारी से निगरानी व्यवस्था को सशक्त बनाया जाए।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सीमाओं से लगे प्रवेश मार्गों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और सीमा पार से होने वाले आवागमन पर विशेष सतर्कता बरती जाए। उन्होंने भारत सरकार द्वारा जारी सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का कठोरता से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, साथ ही आवश्यकतानुसार अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती के भी आदेश दिए।

बैठक में सीमांत क्षेत्रों की सुरक्षा चुनौतियों, सामुदायिक भागीदारी, खुफिया सूचना तंत्र की मजबूती, तथा केंद्रीय एजेंसियों से तालमेल के विभिन्न पहलुओं पर गहन विचार-विमर्श किया गया।

इस उच्चस्तरीय बैठक में राज्य के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, प्रमुख सचिव (गृह), एडीजी लॉ एंड ऑर्डर, एडीजी इंटेलिजेंस, कुमाऊं मंडलायुक्त, कुमाऊं परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक, तथा चंपावत, पिथौरागढ़ और उधम सिंह नगर जिलों के जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक व सशस्त्र सीमा बल के अधिकारी भी उपस्थित रहे।