देश के विकास में जनसंचार और कम्युनिकेशन की निर्णायक भूमिका

देहरादून। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने कहा कि महिलाओं का वास्तविक सशक्तीकरण तभी संभव है जब वे आर्थिक रूप से स्वतंत्र हों। उन्होंने कहा कि जब तक महिलाओं को रोजगार, उद्यमिता और निर्णय प्रक्रिया में समान अवसर नहीं मिलेंगे, तब तक समावेशी विकास की कल्पना अधूरी रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि जनसंचार और पब्लिक रिलेशन आज देश और प्रदेश के विकास का एक प्रभावी माध्यम बन चुका है, जिसके जरिए सरकार और जनता के बीच मजबूत संवाद स्थापित किया जा सकता है।

विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी सहस्रधारा रोड स्थित होटल द एमराल्ड ग्रैंड में आयोजित पब्लिक रिलेशन सोसाइटी ऑफ इंडिया (पीआरएसआई) के 47वें वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन के दूसरे दिन मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रही थीं। उन्होंने पीआरएसआई की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्था सरकार की नीतियों, योजनाओं और विकास कार्यों को आम जनता तक पहुंचाने में एक सशक्त सेतु का कार्य कर रही है। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि आज का युग सूचना और संवाद का है। जनसंचार के माध्यम से अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाई जा सकती है। उन्होंने इस क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि पीआर और कम्युनिकेशन जैसे क्षेत्रों में महिलाओं के लिए अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि पीआर इंडस्ट्री का आकार लगातार बढ़ रहा है, लेकिन इसके साथ-साथ यह चुनौती भी है कि सूचना विश्वसनीय, पारदर्शी और प्रभावी तरीके से जनता तक पहुंचे। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने पीआरएसआई के माध्यम से जनसंचार के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली विभिन्न एजेंसियों, संस्थानों और व्यक्तियों को सम्मानित भी किया।

*जनसंचार देश के विकास की रीढ़ : डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’*

पब्लिक रिलेशन सोसाइटी ऑफ इंडिया (पीआरएसआई) के 47वें वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने कहा कि जनसंचार और कम्युनिकेशन देश के विकास की रीढ़ बन चुका है। उन्होंने कहा कि पीआरएसआई जैसी संस्थाएं सरकार और समाज के बीच संवाद की कड़ी को मजबूत कर रही हैं। यह अत्यंत सराहनीय है कि देशभर से पब्लिक रिलेशन इंडस्ट्री से जुड़े विशेषज्ञ एक मंच पर एकत्र होकर भविष्य की चुनौतियों और संभावनाओं पर मंथन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बदलते तकनीकी परिदृश्य में पीआर इंडस्ट्री को नवाचार, डिजिटल माध्यमों और विश्वसनीयता पर विशेष ध्यान देना होगा, ताकि लोकतंत्र की जड़ें और अधिक मजबूत हो सकें।

*उत्तराखंड ने 25 वर्षों में तय की विकास की लंबी यात्रा : पद्मश्री डॉ. बी.के. संजय*

विशिष्ट अतिथि पद्मश्री डॉ. बी.के. संजय ने उत्तराखंड राज्य के 25 वर्षों की विकास यात्रा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बीते ढाई दशकों में राज्य ने उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, मेडिकल एजुकेशन और आधारभूत ढांचे के क्षेत्र में उत्तराखंड ने नए मानक स्थापित किए हैं। मूलभूत सुविधाओं में लगातार सुधार हुआ है और राज्य विकास के नए आयाम छू रहा है।

*स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार को राष्ट्रीय सम्मान*

सम्मेलन के दौरान उत्तराखंड के स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार को राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए पीआरएसआई राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार उन्हें विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ द्वारा प्रदान किया गया। सम्मान ग्रहण करते हुए डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के मार्गदर्शन में प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में निरंतर सुधार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य में टेलीमेडिसिन सेवाओं का विस्तार किया गया है तथा दुर्गम क्षेत्रों के लिए एयर एम्बुलेंस सेवा शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान मुख्यमंत्री के नेतृत्व और स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम को समर्पित है। हमारा लक्ष्य राज्य के अंतिम छोर तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है।

*सम्मेलन में गणमान्य जनों की उपस्थिति*

इस अवसर पर पीआरएसआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजीत पाठक ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किए। सम्मेलन के दूसरे दिन गेल के सीईओ संदीप गुप्ता, स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार, सचिव मुख्यमंत्री एवं एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी, प्रो. दुर्गेश पंत, संयुक्त निदेशक सूचना नितिन उपाध्याय, वरिष्ठ पत्रकार अनुपम त्रिवेदी, डॉ. हिमांशु शेखर, सीआईएमएस के चेयरमैन एडवोकेट ललित जोशी, डॉ. सुरभि दहिया, समिदा देवी, मेजर अतुल देव, सी. रविंद्र रेड्डी सहित देशभर से आए पीआर और मीडिया जगत के अनेक प्रतिष्ठित प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

विधानसभा सत्र को लेकर स्पीकर से मिले सीएम धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण से उनके यमुना कॉलोनी स्थित आवास पर शिष्टाचार भेंट की और विधानसभा सत्र की तैयारियों को लेकर चर्चा की। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल भी मौजूद थे।

विधानसभा भर्तीयों की जॉच हेतु गठित तीन सदस्यीय समिति की हैं अपनी सीमाएंः करन माहरा

उत्तराखण्ड विधानसभा में जिस तरह सरकार की नाक के नीचे गुपचुप भर्तियां कर दी गयी उस पर प्रदेश कंाग्रेस के अध्यक्ष करन माहरा ने विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी द्वारा तीन सदस्यीय समिति के गठन पर सवाल उठाए।

करन माहरा ने कहा कि जहॉ एक ओर हमारे पडोसी राज्य उत्तर प्रदेश में 403 विधानसभा में लगभग 543 कर्मचारी है वहीं हमारे उत्तराखण्ड प्रदेश की छोटी सी 70 सदस्यों वाली विधानसभा में 560 से अधिक कर्मचारी कार्यरत होना अपने आप में नियुक्तियों में हुई बंदरबाट की ओर ईशारा करता हैं।

करन माहरा ने कहा कि उत्तराखण्ड विधानसभा में राज्य गठन (वर्ष 2000) के उपरान्त विभिन्न पदों पर हुई भर्तियों पर आरोप लगाये जा रहे हैं कि राजनेताओं एवं जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा विधानसभा में अपने परिजनों तथा रिश्तेदारों की भर्तियां की गई हैं। इन आरोपों के मद्देनजर सरकार द्वारा विधानसभा में विभिन्न पदों पर हुई भर्तियों की जांच हेतु तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है।

माहरा ने कहा कि विधानसभा में हुई भर्तियों की जांच हेतु जिस तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है उसमें डी0के0 कोटिया, आई.ए.एस. (वर्तमान में राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के अध्यक्ष तथा पूर्व में लोक सेवा अभिकरण के अध्यक्ष), अवनेन्द्र सिंह नयाल, (वर्तमान में लोक सेवा आयोग के सदस्य), एवं सुरेन्द्र सिंह रावत (पूर्व सूचना आयुक्त) को सदस्य बनाया गया है। जबकि विधानसभा एक संवैधानिक संस्था है जिसके किसी भी मामले की जांच का अधिकार केवल उच्च न्यायालय अथवा सर्वाेच्च न्यायालय में निहित होता है। ऐसे में सरकार के अधीन कार्य करने वाले लोक सेवकों द्वारा की जाने वाली जांच की निष्पक्षता संदेहास्पद है।

माहरा ने कहा कि राज्य विधानसभा द्वारा भर्तियों की जांच हेतु गठित समिति की जांच पूरी होने से पूर्व ही जांच से सम्बन्धित सूचनाओं का सार्वजनिक होना जांच समति की निष्पक्षता पर प्रश्न चिन्ह खडा करता है।

माहरा ने कहा कि चूंकि विधानसभा एक संवैधानिक संस्था है तथा इसके चलते कमेटी की जांच मे यह सुनिश्चित किया जाना नितांत आवश्यक है कि विधानसभा में हुई भर्तियों मे कानून का पालन होने के साथ-साथ नैतिकता का पालन किया गया है अथवा नहीं तथा इन भर्तियों की जांच जनहित में होनी चाहिए। साथ ही विधानसभा में हुई सभी प्रकार की भर्तियों की जांच वर्ष 2012 के उपरान्त नहीं अपितु वर्ष 2000 से की जानी चाहिए।

माहरा ने कहा कि उत्तराखण्ड विधानसभा में मुख्य विपक्षी दल होने के नाते कांग्रेस पार्टी सरकार द्वारा भर्तियों की जांच हेतु समिति के गठन पर असंतोष व्यक्त करते हुए मांग करती है कि विधानसभा में हुई भर्तियों की जांच मा0 उच्च न्यायालय के वर्तमान न्यायाधीश की देखरेख में कार्रवाई जाय।

स्पीकर खंडूड़ी ने योगी आदित्यनाथ से की शिष्टाचार भेंट

विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूडी भूषण ने अपने लखनऊ प्रवास के दौरान को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष एवं यूपी सीएम के बीच उत्तराखंड राज्य के विकास एवं कोटद्वार विधानसभा क्षेत्र से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर लंबी वार्ता हुई।

विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूडी भूषण ने लखनऊ पहुंचने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लोकभवन स्थित उनके कार्यालय कक्ष में भेंट कर उनका आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने भगवान हनुमान की मूर्ति भेंट कर ऋतु खंडूडी का सम्मान किया। कोटद्वार से विधायक एवं उत्तराखंड की विधानसभा अध्यक्ष बनने के बाद ऋतु खंडूडी की उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से यह प्रथम मुलाकात है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने ऋतु खंडूडी को उत्तराखंड की प्रथम महिला विधानसभा अध्यक्ष बनने पर शुभकामनाएं दी।

इस मुलाकात के दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने उत्तराखंड के विकास संबंध में विभिन्न विषयों पर वार्ता की। वहीं अपनी विधानसभा क्षेत्र कोटद्वार से जुड़े अहम मुद्दों को लेकर भी सीएम योगी से विस्तृत में बातचीत की, मुख्यमंत्री ने भी विधानसभा अध्यक्ष को क्षेत्र के विकास में हर संभव सहयोग करने का आश्वासन दिया।

तीर्थनगरी पहुंचकर रितु खंडूरी ने गंगा आरती कर लिया आशीर्वाद

उत्तराखंड की पहली महिला विधानसभा अध्यक्ष बनने जा रही रितु खंडूरी आज अपने समर्थकों के साथ त्रिवेणी घाट पहुंची। यहां उन्होंने कार्यकर्ताओं से मुलाकात की और गंगा आरती में शामिल होकर भाजपा हाईकमान का आभार व्यक्त किया। गौरतलब है कि रितु खंडूरी का विधानसभा अध्यक्ष पद पर निर्विरोध चुना जाना तय है। उत्तराखंड की प्रथम महिला विधानसभा अध्यक्ष बनेगी।

आज कोटद्वार विधायिका रितु खंडूरी अपने समर्थकों के साथ तीर्थ नगरी स्थित त्रिवेणी घाट पहुंची। जहां पर भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी कर उनका भव्य स्वागत किया। कार्यकर्ताओं से मुलाकात के बाद रितु खंडूरी पूरे विधि विधान के साथ मां गंगा की आरती मैं सम्मिलित हुई। इस अवसर पर उन्होंने साधु संतों का आशीर्वाद भी प्राप्त किया।

गंगा आरती के पश्चात उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा हाईकमान का आभार प्रकट किया। कहा कि प्रधानमंत्री ने और भाजपा नेतृत्व ने जो उनको इतनी बड़ी जिम्मेदारी दी है उस पर वह पूर्ण निष्ठा और पारदर्शिता से निर्वहन करेंगी।

कहां की उत्तराखंड की महिलाओं का केंद्रीय नेतृत्व ने सम्मान किया है उन्होंने पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल के आदर्श पर चलने की बात भी कही। कहा कि विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल जी ने अपने 5 साल के कार्यकाल में विधानसभा को सफलतापूर्वक संचालित किया।

इस मौके पर अश्विनी गुप्ता, नवनीत राजपूत, मीनाक्षी भंडारी, कपिल गुप्ता, अभिनंदन दुबे, राम कृपाल गौतम, लक्ष्मी गुरुंग सहित कई भाजपाई मौजूद रहे।

उत्तराखंड की पहली महिला स्पीकर बनेंगी ऋतु खंडूडी भूषण, आज नामांकन किया दाखिल

राज्य की पांचवीं विधानसभा में विधानसभा अध्यक्ष पद पर गुरुवार को बीजेपी से कोटद्वार विधायक ऋतु खंडूडी भूषण ने नामांकन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर धामी, कैबिनेट मंत्रियों में प्रेमचंद अग्रवाल, सुबोध उनियाल, रेखा आर्य सहित कई विधायक मौजूद थे।

कोटद्वार विधानसभा से विधायक ऋतु खंडूडी भूषण ने उत्तराखंड विधानसभा के इतिहास में पहली महिला प्रत्याशी के रूप में विधानसभा अध्यक्ष के पद के लिए नामांकन भरा। विधानसभा सचिव के कार्यालय में नामांकन प्रक्रिया पूर्ण की गई। बता दें कि विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए 24 एवं 25 मार्च नामांकन की तिथि रखी गई है जबकि 26 मार्च को सदन में विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए निर्वाचन किया जाएगाद्य इस दौरान मुख्यमंत्री सहित मंत्रियों और विधायकों द्वारा ऋतु खंडूडी भूषण को बधाई एवं शुभकामनाएं दी गई।

नामांकन के दौरान प्रस्तावक में खजान दास, मुन्ना सिंह चौहान, सरिता आर्या, दुर्गेश लाल, चंदन राम दास, प्रमोद नैनवाल, सविता कपूर, उमेश शर्मा, विनोद कंडारी, महेश जीना, भरत चौधरी, भोपाल राम टम्टा, बिशन सिंह चुफाल, सतपाल महाराज, मदन कौशिक, कैलाश चंद्र गहतोडी मौजूद रहे।
वहीं समर्थक में सुरेश गढ़िया, बृज भूषण गैरोला, राम सिंह केड़ा, शैला रानी, सुरेश चौहान, मोहन सिंह बिष्ट, शक्ति लाल, रेणु बिष्ट, शिव अरोड़ा, अनिल नौटियाल, सौरभ बहुगुणा, रेखा आर्य, सुबोध उनियाल, दीवान सिंह बिष्ट मौजूद रहे।

नामांकन भरने के बाद ऋतु खंडूडी भूषण ने केंद्रीय नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें खुशी है कि उत्तराखंड राज्य में महिलाओं के सम्मान करते हुए विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए उन्हें प्रत्याशी बनाया गया। उन्होंने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष बनने के बाद वह प्रदेश की जनता की अपेक्षाओं एवं आकांक्षाओं के अनुरूप कार्य करेंगी साथ ही सदन की संसदीय परंपराओं के निर्वहन के लिए प्रतिबद्ध रहेंगी। उन्होनें कहा की वह दलगत राजनीति से ऊपर उठकर काम करेंगे। साथ ही पद की गरिमा का पालन करेंगी।