उत्तराखंडः स्कूलों में मशरूम गार्डन विकसित करने हेतु भोजनमाताओं को मिलेगा प्रशिक्षण

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने राज्य के स्कूलों में ईट राइट मूवमेंट के तहत मंडुआ, झंगौरा, स्थानीय भोजन को मिड डे मील में शामिल करने के निर्देश दिए हैं। शिक्षा विभाग को सहकारिता विभाग के माध्यम से मिलेट्स प्रोक्यूरमेंट के निर्देश दिए गए हैं। शुरूआत में राज्य में 6 मॉडल ईट राइट स्कूल विकसित किए जाएगें। इसके साथ ही उन्होंने स्कूलों में मशरूम गार्डन विकसित करने हेतु सभी भोजन माताओं को तीन चरणों में मशरूम उत्पादन में प्रशिक्षित करने के निर्देश दिए हैं। इस सम्बन्ध में जिलाधिकारियों को उद्यान विभाग के माध्यम से मशरूम के बीजों की व्यवस्था हेतु निर्देश दिए गए हैं। मशरूम उत्पादन के लिए बेस मटेरियल के रूप में पिरूल का उपयोग किया जाएगा ताकि उत्पादन लागत कम हो। प्रशिक्षित भोजन माताओं द्वारा स्कूलों में मशरूम गार्डन विकसित करने की गतिविधि में छात्रों को भी सम्मिलित किया जा सकता है, ताकि भविष्य में वे कृषि उद्यमी (।हतव म्दजतमचतमदमनत) के रूप में भी कार्य कर सके। सभी डीएम को खाली भूमि पर मिलेट्स की खेती के विस्तार की कार्ययोजना पर भी कार्य करने निर्देश दिए गए हैं। सीएस ने जिलाधिकारियों को ईट राइट मेले आयोजित करने को कहा है।

सीएस राधा रतूड़ी ने सचिवालय में राज्य स्तरीय क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण समिति की 22वीं बैठक की अध्यक्षता के दौरान प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण (पी एम पोषण) की समीक्षा की।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सभी जिलाधिकारियों को स्कूलों में क्षतिग्रस्त किचन की मरम्मत मनेरगा/विधायक निधि/वित्त आयोग/जिला योजना एवं अन्य सम्यक योजनाओं आदि से प्राथमिकता पर कराने निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी जनपदों से विद्यालयों में ‘‘विशेष भोज’’ के आयोजन एवं किचन गार्डन के आधार पर ग्रेडिंग प्रणाली की सूचना तत्काल प्रेषित करने के निर्देश दिए हैं। वर्ष 2025-26 में ग्रेडिंग प्रणाली को पुनरीक्षित किया जाएगा। सीएस ने पीएम पोषण के तहत भोजन माताओं की व्यक्तिगत स्वच्छता हेतु एसओपी तैयार करते हुए अनिवार्यतः पालन सुनिश्चित कराये जाने के निर्देश दिए हैं।

आज की बैठक में पीएम पोषण से जनपद देहरादून का 01 सहायता प्राप्त विद्यालय, हरिद्वार के 06 मदरसों एवं जनपद ऊधमसिंह नगर के 02 मदरसों को योजना से आच्छादित करने पर मुख्य सचिव श्रीमती रतूड़ी ने अनुमोदन प्रदान किया। इसके साथ ही वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण (पीएम पोषण) के तहत प्रदेश में 06 ईट राइट स्कूल विकसित करने हेतु भारत सरकार को प्रस्ताव भेजने पर तथा वित्तीय वर्ष 2025-26 में पीएम पोषण के तहत 120 भोजनमाताओं को मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए धनराशि उपलब्ध कराने हेतु भारत सरकार को प्रस्ताव प्रेषित करने पर अनुमति प्रदान की।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने शिक्षा विभाग को छात्रों के लिए सप्ताह में एक पीरियड स्वास्थ्य सम्बन्धित जानकारी हेतु अनिवार्यतः आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। चिकित्सकों की कमी को देखते हुए मुख्य सचिव ने स्कूलों में बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच हेतु सरकारी चिकित्सकों के साथ ही निजी डॉक्टर्स, मेडिकल इन्टर्न, पेरा मेडिकल स्टाफ एवं आयुष डॉक्टर्स की सहायता लेने के निर्देश दिए हैं। स्कूली बच्चों के शारीरिक स्वास्थ्य के साथ ही मानसिक स्वास्थ्य को अति आवश्यक बताते हुए मुख्य सचिव रतूड़ी ने प्रत्येक कक्षा के पाठ्यक्रम में इसकी जानकारी सम्मिलित करने के निर्देश दिए हैं।

बैठक में सचिव रविनाथ रमन, महानिदेशक शिक्षा बंशीधर तिवारी सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी एवं वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारी मौजूद रहे।

राज्य में क्रिटिकल मिनरल की खोज को लेकर वर्किंग प्लान बनाने के निर्देश

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने खनन विभाग को भारत सरकार तथा प्रधानमंत्री के विज़न के अनुरूप खनिज संपदा में आत्मनिर्भरता बनाए रखने हेतु राज्य में खनिज संपदा की खोज के सम्बन्ध में वर्किंग प्लान बनाने के निर्देश दिए हैं।

सचिवालय में खनन विभाग, आईआईटी रुड़की, मोनाश यूनिवर्सिटी ऑस्ट्रेलिया तथा उद्यम प्रतिनिधियों के साथ बैठक करते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने राज्य में दुर्लभ खनिजों (Critical Mineral) के अनुसंधान हेतु उत्तराखंड सरकार तथा आईआईटी रुड़की के मध्य भागीदारी पर विस्तृत चर्चा की।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने खनन विभाग आईआईटी रुड़की तथा उद्यमियों को क्रिटिकल मिनरल की खोज, निष्कासन, प्रसंस्करण तथा रिसाइकलिंग हेतु कार्य प्रणाली (Methodology) विकसित करने हेतु R & D पर फोकस करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने राज्य में खनिज सम्पदा में आत्मनिर्भरता हेतु राज्य सरकार, शिक्षा क्षेत्र और उद्योग जगत के बीच सहयोग, साझेदारी और पूरकता के सिद्धांतों पर एक साझा मंच विकसित करने की दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए हैँ।

सीएस रतूड़ी ने कहा है कि महत्वपूर्ण खनिजों के मूल्यांकन, अन्वेषण, निष्कर्षण, खनन स्थिरता और आपूर्ति श्रृंखला विश्लेषण में अग्रणी विशेषज्ञों का सहयोग लेना आवश्यक है, जिसमें आईआईटी रुड़की की प्रमुख भूमिका होगी।

मुख्य सचिव ने कहा कि महत्वपूर्ण खनिज प्रौद्योगिकियों में विशेषज्ञता विकसित करने के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम, कार्यशालाएं और व्यावहारिक अनुसंधान तथा क्षमता निर्माण को मजबूत करना आवश्यक है।

इस अवसर पर सचिव बृजेश कुमार संत, आई आई टी रुड़की से डॉ राकेश कुमार तथा सम्बंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

सीएस ने दी ड्रॉप आउट महिलाओं को पुनः शिक्षण संस्थानों में प्रवेश हेतु नियमों में उदारतापूर्ण संशोधन की नसीहत

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने यूएन विमेन इण्डिया के प्रतिनिधियों के साथ सचिवालय में आयोजित बैठक में सचिव उच्च शिक्षा को अधूरी शिक्षा को पूरी करने की इच्छुक महिलाओं को उच्च शिक्षण संस्थानों में आसानी से प्रवेश दिलाने लिए एक उदार कार्ययोजना पर कार्य करने के निर्देश दिए हैं। सीएस ने महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग को गांवों में आंगनबाड़ी भवनों के पूर्णतः उपयोग को सुनिश्चित करते हुए बहुउद्देशीय कार्यों जैसे महिलाओं हेतु कौशल विकास प्रशिक्षण की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव रतूड़ी ने परिवहन एवं शिक्षा विभाग को छात्राओं हेतु शिक्षण संस्थानों तक आसानी से एवं कम लागत में परिवहन की सुविधा सुलभ करवाने हेतु एक प्रभावी कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने यूएन विमेन के राज्य में महिला सशक्तिकरण के विजन को धरातल पर उतारने हेतु नियोजन, श्रम, शिक्षा, कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण एवं परिवहन विभाग को प्रभावी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस सम्बन्ध में कौशल विकास विभाग को नोडल बनाने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने यूएन विमेन इण्डिया से कल्याणकारी योजनाओं का महिलाओं के जीवन पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन करने का आग्रह किया है।

यूएन विमेन इण्डिया के प्रतिनिधियों ने जानकारी दी कि राज्य में यूएन विमेन का फोकस महिलाओं की आय की सुरक्षा, आर्थिक सशक्तिकरण तथा स्वतंत्रता, लैगिंक हिंसा की समाप्ति, राज्य के बजट एवं नियोजन में लैगिंक समानता पर कार्य करना है।

बैठक में यूएन इण्डिया के प्रतिनिधि पदमाकक्षी, सचिव आर मीनाक्षी सुन्दरम, पंकज कुमार पाण्डेय, डा0 रंजीत कुमार सिन्हा सहित वित्त, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास, यूकॉस्ट, ग्राम्य विकास के अधिकारी मौजूद रहे।

राज्य में जल्द ही 238 मिलियन डॉलर की परियोजना हेतु किये जायेेगें ऋण समझौते पर हस्ताक्षर

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी की अध्यक्षता में सचिवालय में आहूत यू0यू0एस0डी0ए0 की हाई पावर स्क्रीनिंग कमेटी बैठक में मुख्य सचिव द्वारा यू0यू0एस0डी0ए0, शहरी विकास विभाग, अतंर्गत विभिन्न प्रस्तावों पर अनुमोदन एवं प्रदत्त निर्देशों के अनुपालन में उत्तराखण्ड शहरी क्षेत्र विकास एजेंसी द्वारा नवीन ऋण हेतु किये जाने वाले समझौते के सम्बन्ध में वित्त मंत्रालय, भारत सरकार, आवास एवं नगरीय मंत्रालय (महुआ), भारत सरकार तथा केन्द्रीय लोक स्वास्थय एवं पर्यावरण अभियान्त्रिकी संस्थान, भारत सरकार से वर्चुअल वार्तालाप किया गया । उक्त ऋण हेतु यूरोपियन निवेश बैंक द्वारा कुल 238 मिलियन डॉलर स्वीकृत किये जा चुके हैं।

राधा रतूड़ी, मुख्य सचिव महोदया, उत्तराखण्ड शासन द्वारा यू0यू0एस0डी.ए0 परियोजनाओं के सापेक्षतः हाई पावर स्क्रीनिंग कमेटी की अध्यक्षता की गई थी। जिसमें उनके द्वारा यू0यू0एस0डी0ए0 को ऋण समझौते पर केन्द्रीय स्तर पर अपेक्षित समस्त औपचारिकताएं पूर्ण किये जाने हेतु तथा ऋण समझौते को यथाशीघ्र हस्ताक्षरित किये जाने हेतु निर्देशित किया गया था।

इसी क्रम में यू0यू0एस0डी0ए0 द्वारा मंगलवार को केन्द्र सरकार के अहम मंत्रालयों वित्त मंत्रालय, आवास एवं नगरीय मंत्रालय, तथा केन्द्रीय लोक स्वास्थ्य एवं पर्यावरण अभियांत्रिकी संस्थान (सी0पी0एच0ई0ई0ओ0), के उच्चाधिकारियों से वर्चुअल वार्तालाप किया। जिसके क्रम में यूरोपियन निवेश बैंक द्वारा स्वीकृत ऋण धनराशि कुल 238 मिलियन डॉलर हेतु आगामी माह में ऋण समझौते को मूर्त रूप दिया जायेगा तथा अभिलेखों पर हस्ताक्षर किये जायेंगे। उक्त परियोजना हेतु 80 व 20 के अनुपात में यूरोपियन निवेश बैंक व राज्य सरकार द्वारा क्रमशः 191 मिलियन डॉलर तथा 47 मिलियन डॉलर दिये जायेंगे। परियोजना के माध्यम से रूद्रपुर, सिंतारगंज, पिथौरागढ़ तथा काशीपुर नगरों में पेयजल तथा सीवरेज प्रणाली के कार्य किये जाने प्रस्तावित हैं।

वर्चुअल बैठक के दौरान भारत सरकार की ओर से अर्पणा भाटिया, मुख्य सलाहकार, वित्त मंत्रालय, आर्थिक कार्य विभाग, भारत सरकार, रजनी तनेजा, निदेशक, वित्त मंत्रालय, आर्थिक कार्य विभाग, भारत सरकार, डॉ0 रमाकान्त, विशेषज्ञ सलाहकार, महुआ, पंकज गंगवार, अनु सचिव, आर्थिक कार्य विभाग, भारत सरकार, जी0 हरेन्द्र नारायण, आर्थिक कार्य विभाग, भारत सरकार, बी0 के0 चौरसिया, विशेषज्ञ सलाहकार सी0पी0एच0ई0ई0ओ0, महुआ उपस्थित रहे।
उत्तराखण्ड की ओर से गौरव कुमार, अपर निदेशक, शहरी विकास विभाग, विनय मिश्रा, अपर कार्यक्रम निदेशक, यू0यू0एस0डी0ए0, संजय तिवारी, उप कार्यक्रम निदेशक, यू0यू0एस0डी0ए0 उपस्थित रहे।

वन स्टेट वन पोर्टल, और नियर डिजास्टर रिकवरी सेंटर उत्तराखंड को डिजिटल डेस्टिनेशन बनाने में होंगे सहायकः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा सचिवालय में सूचना प्रौद्योगिकी विभाग और NIC द्वारा विकसित की गई विभिन्न डिजिटल परियोजनाओं का शुभारंभ किया गया।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में साइबर सुरक्षा और डेटा सुरक्षा की चुनौतियां तथा डिजिटल युग में सार्वजनिक सेवाओं को अधिक दक्ष, तीव्र और समावेशी बनाने के लिए नई तकनीकी को आत्मसात करते हुए आईटीडीए और NIC द्वारा संयुक्त रूप से विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म विकसित किए हैं। जिससे आम जनमानस को ऑल इन वन की तर्ज पर एक ही प्लेटफार्म पर आसानी से विविध प्रकार की सेवाएं मिल सकेगी। विभागों के कार्यों की प्रगति ऑनलाइन देखी जा सकेगी; जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही में वृद्धि होगी।

उन्होंने कहा कि S3WaaS (Secure, Scalable and Sugamya website as a Service) फ्रेमवर्क में बनी समस्त विभागों की वेबसाइट साइबर सुरक्षा की दृष्टि से एक मील का पत्थर साबित होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह महत्वपूर्ण बात है कि राज्य में ITDA को UIDAI द्वारा AUA (ऑथेंटिकेशन यूजर एजेंसी) -KUA(की यूजर एजेंसी) बनाया गया है। इसके उपरांत आधार ऑथेंटिकेशन एवं EKYC से संबंधित सेवाएं राज्य के विभिन्न विभागों द्वारा विकसित किए गए पोर्टलों जैसे कि UCC, वर्चुअल रजिस्ट्री आदि के माध्यम से प्रदान की जा सकेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य डाटा सेंटर ने भी साइबर अटैक के उपरांत अपने आप को इंप्रूव किया है। नियर डिजास्टर रिकवरी को सचिवालय में स्थापित किया गया है। यह बड़ी बात है कि उक्त नियर डिजास्टर रिकवरी में राज्य की विभिन्न संवेदनशील एप्लीकेशन व वेबसाइट को किसी भी आपात स्थिति होने की दशा में 15 मिनट के अंतराल में सुचारू किया जा सकता है। कहा कि सुरक्षा की दृष्टि से राज्य डाटा सेंटर के अधीन सिक्योरिटी ऑपरेशन सेंटर 24 *7 कार्यरत है। यह कदम उत्तराखंड राज्य के अंतर्गत डिजिटल सिस्टम को और भी सशक्त और बेहतर किया जाने का सराहनीय प्रयास है।

मुख्यमंत्री ने डिजिटल डिजिटलीकरण के बेहतर इंप्लीमेंटेशन के लिए सभी विभागों को बेहतर सेटअप बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी विभागों को निर्देशित किया कि अपनी विभागीय सूचनाओं को अपडेट रखें।
उन्होंने आईटीडीए को निर्देशित किया कि विकसित किए गए नए प्लेटफार्म पर सुगमता और तेजी से कार्य करने के लिए सभी विभागों का मार्गदर्शन करें।

मुख्यमंत्री ने NIC और आईटीडीए द्वारा विकसित किए गए प्रयासों की सराहना की तथा भविष्य में भी आईटीडीए और एन आई सी को आपसी समन्वय से उत्तराखंड में आईटी के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने को प्रेरित किया।

इस दौरान बैठक में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव आनंद वर्धन, प्रमुख सचिव आर के सुधांशु व एल फैनई, सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, नितेश झा, पंकज पांडेय, दीपेंद्र चौधरी, डॉ आर राजेश कुमार, निदेशक ITDA नीतिका खंडेलवाल सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

सीएस ने दी कई बाढ़ सुरक्षा कार्यों पर सैद्वांतिक व वित्तीय स्वीकृति

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी सचिवालय में आयोजित व्यय वित्त समिति (ईएफसी) की बैठक में नैनीताल के हल्द्वानी के गोलापार स्थित इन्दिरा गांधी स्पोर्टस कॉम्पलैक्स स्टेडियम के बाढ़ सुरक्षात्मक कार्यों तथा टिहरी गढ़वाल के भिलंगना के बूढ़ाकेदार में धर्मगंगा नदी के बांये तट व बालगंगा नदी के दायें तट पर बाढ़ सुरक्षा कार्यों पर सैद्धान्तिक एवं वित्तीय स्वीकृति दी है।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि अतिवृष्टि के कारण गोला नदी में आयी बाढ़ के पानी के साथ आए मलबें/आरबीएम एवं पत्थरों के स्टेडियम के समीप जमा होने तथा नदी के बहाव स्टेडियम की ओर होने के फलस्वरूप स्टेडियम की तलहटी में कटाव हो जाने के कारण स्टेडियम की काफी भूमि कटकर नदी में बह गयी। भविष्य में स्टेडियम के क्षतिग्रस्त होने का खतरा बना हुआ है। अतः स्टेडियम की सुरक्षा हेतु बाढ़ सुरक्षा के कार्यों का समयबद्धता से एवं गुणवत्तापूर्ण होना आवश्यक है। 3682.97 लाख रूपये की लागत की योजना का वित्त पोषण आपदा न्यूनीकरण मद से किया जाएगा। योजना की कार्यदायी संस्था आपदा प्रबन्धन विभाग तथा सिंचाई विभाग है।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी कहा कि अतिवृष्टि एवं बादल फटने के कारण टिहरी गढ़वाल के भिलंगना के बूढ़ाकेदार में धर्मगंगा नदी के बांये तट व बाल गंगा नदी के दायें तट पर मलबा एवं भारी मात्रा में पानी आने के कारण इस क्षेत्र की दुकानों, आवासीय भवनों व सड़कों को काफी नुकसान हुआ है तथा भविष्य में भी नुकसान होने की सम्भावना बनी हुई है। अतः दुकानों, आवासीय भवनों व सड़कों की सुरक्षा हेतु बाढ़ सुरक्षा कार्यों को समयबद्धता से किया जाना चाहिए। 1706.37 लाख रूपयें की इस योजना का वित्त पोषण आपदा न्यूनीकरण मद से किया जाएगा। सीएस राधा रतूड़ी ने अधिकारियों को बाढ़ सुरक्षा कार्यों में गुणवत्ता एवं समयबद्धता को गम्भीरता से लेने की सख्त हिदायत दी है।

बैठक में विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा सहित सभी सम्बन्धित विभागों के सचिव, अपर सचिव एवं विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

आगामी चारधाम यात्रा को सुव्यवस्थित करने के लिए अभी से पूरा प्लान बनाकर कार्य करेंः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में बैठक लेते हुए कहा कि केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के शीतकालीन प्रवास स्थलों की यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को जीएमवीएन के होटलों में किराये पर 25 प्रतिशत की छूट प्रदान की जायेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि शीतकालीन यात्रा स्थलों के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाए। इस यात्रा के लिए विभिन्न माध्यमों से विभिन्न राज्यों में व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार भी किया जाए। उन्होंने कहा कि शीतकालीन यात्रा राज्य की आर्थिकी को बढ़ाने में भी गेम चेंजर साबित होगी। पंच बद्री और पंच केदार के साथ ही शीतकालीन यात्रा प्रवास के आस-पास के प्रमुख स्थलों को विकसित करने के भी मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये हैं।

आगामी चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री ने संबधित जिलाधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि इस बार चारधाम यात्रा में जिन चुनौतियों का सामना करना पड़ा और उनका उचित समाधान कैसे किया जा सकता है, इस पर एक सप्ताह में शासन को रिपोर्ट प्रेषित करें। चारधाम यात्रा मार्गों पर प्रमुख आबादी वाले क्षेत्रों और होटलों के आस-पास सुव्यवस्थित पार्किंग बनाने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिये हैं। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा राज्य के मान और सम्मान से जुड़ी यात्रा है। यात्रा को सुविधायुक्त बनाना और श्रद्धालुओं को हर संभव सुविधा उपलब्ध कराना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या में हर साल तेजी से वृद्धि हो रही है। चारों धामों में जुटाई गई अवस्थापना विकास की सुविधाओं के दृष्टिगत कैरिंग कैपिसिटी बढ़ाने की दिशा में कार्य किये जाएं। चारधामों के आस-पास के प्रमुख पौराणिक स्थलों को विकसित किया जाए और उनका व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाए। चारधाम यात्रा मार्गों में सड़क, पेयजल, स्वच्छता, स्वास्थ्य सुविधाओं और अन्य मूलभूत सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए। यमुनोत्री के दर्शन के लिए वैकल्पिक मार्ग पर भी कार्य किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुव्यवस्थित चारधाम यात्रा के लिए स्टेक होल्डरों के साथ शासन स्तर पर बैठक की जाए। स्टेक होल्डरों से सुझाव लेकर यात्रा प्रबंधन के लिए जो अच्छा हो सकता है, वह किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिद्वार में होने वाले आगामी अर्द्धकुंभ के लिए अभी से तैयारियां शुरू की जाए। यह बड़ा आयोजन होता है, इस आयोजन को भव्य बनाने के लिए अभी से हर क्षेत्र में कार्य किये जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा कॉरिडोर और शारदा कॉरिडोर पर भी तेजी से कार्य किये जाएं। पूर्णागिरी और कैंची धाम में दर्शनार्थियों की सुविधा के दृष्टिगत वैकल्पिक मार्गों की दिशा में कार्य किया जाए और दुर्घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कार्ययोजना के साथ कार्य किए जाएं। आगामी नंदा देवी राजजात यात्रा के दृष्टिगत भी तैयारियां शुरू की जाए। प्रयागराज कुंभ के लिए राज्य से परिवहन की उचित व्यवस्था करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने परिवहन विभाग को दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि प्रदेश में आने वाले आगंतुकों और महानुभावों को सम्मान और उपहार में उत्तराखण्ड के स्थानीय उत्पाद ही प्रदान किये जाएं। इससे वोकल फॉर लोकल को भी बढ़ावा मिलेगा और हमारे स्थानीय उत्पादों को व्यापक स्तर पर अलग पहचान मिलेगी।

बैठक में अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष विश्वास डाबर, मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, डीजीपी दीपम सेठ, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, सचिन कुर्वे, डॉ. पंकज पाण्डेय, बृजेश कुमार संत, एच.सी. सेमवाल, विनय शंकर पाण्डेय, डॉ. आर. राजेश कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक ए.पी अंशुमन, उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी एवं वर्चुअल माध्यम से चारधाम यात्रा से जुड़े जनपदों के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक उपस्थित थे।

सीएम ने दिए जमरानी बांध परियोजना पर कार्यों में शीघ्रता लाने के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में बैठक लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिये कि सौंग बांध पेयजल परियोजना पर कार्य शुरू करने के लिए विस्थापन की कार्यवाही जल्द की जाए। जिन प्रभावित परिवारों को विस्थापित किया जाना उनकी यथासंभव सहमति के आधार पर शीघ्र भूमि उपलब्ध कराई जाए। जिन परिवारों को विस्थापन किया जायेगा, उनके लिए सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। प्रभावित परिवारों से बातचीत कर सहमति के आधार पर सामुदायिक भवन, मंदिर, संड़क एवं अन्य कोई निर्माण करने की आवश्यकता हो तो किये जाएं। जमरानी बांध परियोजना पर कार्यों में और तेजी लाने के भी मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये।

सौंग बांध पेयजल परियोजना से देहरादून शहर की लगभग 11 लाख आबादी को प्रतिदिन 150 एम.एल.डी. पेयजल की आपूर्ति होगी। जिससे भूजल स्तर में भी सुधार होगा। बांध के डाउनस्ट्रीम में स्थित 10 गांवों की लगभग 15 हजार आबादी की बाढ़ से सुरक्षा भी होगी।

बैठक में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव शैलेश बगोली, विनय शंकर पाण्डेय, एस.एन. पाण्डेय, डॉ. आर. राजेश कुमार, प्रमुख वन संरक्षक डॉ. धनंजय मोहन, अपर सचिव रणवीर सिंह चौहान, ललित मोहन रयाल, सिंचाई विभाग के चीफ इंजीनियर जयपाल सिंह एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

सचिवों द्वारा अपने स्थान पर अन्य अधीनस्थ अधिकारियों को भेजने की प्रवृति व गैर जिम्मेदाराना रवैये पर कड़ी कार्यवाही के निर्देश

सशक्त उत्तराखण्ड @ 25 से सम्बन्धित बैठक सहित सचिवालय में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित सभी महत्वपूर्ण समीक्षा बैठकों में सचिव स्तर के अधिकारियों की गैर मौजूदगी तथा बैठकों को गम्भीरता से ना लेने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने बैठकों में सचिवों की अनिवार्यतः उपस्थिति हेतु निर्देश जारी किए हैं। सीएस राधा रतूड़ी ने भविष्य में सभी महत्वपूर्ण समीक्षा बैठकों में अपेक्षित सचिवों के अनुपस्थिति पर उनके विरूद्ध कड़ी कार्यवाही के निर्देश दिए हैं।

सचिवालय में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठकों में अपेक्षित सचिवों द्वारा अपने स्थान पर अपर सचिव या अन्य अधीनस्थ अधिकारियों को भेजने की प्रवृति व गैर जिम्मेदाराना रवैये पर मुख्य सचिव ने आज सचिवालय में सशक्त उत्तराखण्ड @ 25 से सम्बन्धित तकनीकी समीक्षा समिति की बैठक में अनुपस्थित रहे सभी सचिवों को अपने कार्यालय में तलब कर कड़ी फटकार लगाई तथा भविष्य हेतु अपेक्षित बैठकों में अनिवार्य उपस्थिति के लिए निर्देश जारी किए।

सभी विभागों को सशक्त उत्तराखण्ड @25 के लक्ष्यों को शीर्ष प्राथमिकता व अत्यन्त गम्भीरता से पूरा करने की हिदायत देते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने निर्देश दिए कि सशक्त उत्तराखण्ड @25 के तहत राज्य के सम्पूर्ण विकास के लिए प्रत्येक विभाग को दिए गए लक्ष्यों की नियमित समीक्षा की जाएगी। उन्होंने विभागवार बनाई गई कार्ययोजनाओं के क्रियान्वयन की प्राथमिकता के आधार पर समीक्षा के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने विभागों को निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने के लिए धरातल पर कार्य करने के साथ भविष्य की कार्ययोजना पर तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। सभी विभागाध्यक्ष अवशेष समय में विकास के सभी लक्ष्य पूरा करेंगे। उन्होंने कहा कि सभी कार्ययोजनाओं को पूरे मनोयोग के साथ धरातल पर उतारा जाए।

बैठक में प्रमुख सचिव आर के सुधांशु, सचिव आर मीनाक्षी सुन्दरम सहित सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

सीएम ने भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों तथा रैनफाल की तकनीकी संस्थानों से अध्ययन कराये जाने के दिये निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में शासन के उच्चाधिकारियों एवं वीडियो क्रांफ्रेसिंग के माध्यम से सभी जिलाधिकारियों के साथ आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास से संबंधित कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों से जनपदों में अतिवृष्टि से हुए नुकसान तथा राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने जिलाधिकारी उत्तरकाशी को वरूणावत भूस्खलन क्षेत्र के तकनीकी अध्ययन के लिए आई.आई.टी रूड़की एवं टी.एच.डी.सी. से सहयोग के निर्देश देते हुए कहा कि इस संबंध में पूर्व में हुए अध्ययनों का भी संज्ञान लिया जाए ताकि लैंडस्लाइड जोन के उपचार की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित हो। उन्होंने जानकीचट्टी के आसपास के क्षेत्रों के उपचार एवं विस्तारीकरण के कार्यों में भी तेजी लाए जाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों से भूस्खलन क्षेत्रों की सूची तैयार करने तथा बरसात समाप्त होते ही सड़क मरम्मत सहित अन्य पुर्ननिर्माण योजनाओं पर तेजी से कार्य किए जाने के लिए टेण्डर प्रक्रिया अविंलब प्रारंभ करने को कहा। उन्होंने चारधाम यात्रा मार्ग के मरम्मत के साथ ही भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों तथा रेनफाल की स्थिति की भी तकनीकि संस्थानों से अध्यनन कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में होने वाले पुर्ननिर्माण कार्यों पर पूरा ध्यान केंद्रित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने भूस्खलन से संबंधित चेतावनी प्रणाली को विकसित किये जाने तथा आपदा की चुनौतियों का आपसी समन्वय से सामना किये जाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि आपदा मद में धनराशि की सीमा बढ़ाये जाने से निर्माण कार्य बेहतर ढंग से हो सकेंगे। आपदा पीड़ितो की सहायता एवं पुननिर्माण कार्यों के लिए धनराशि की कमी न होने देने की बात भी मुख्यमंत्री ने कही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा के कारण विकास कार्य प्रभावित न हो इस दिशा में भी ध्यान दिया जाए। उन्होंने 7-8 जुलाई को सितारंगज टनकपुर बनबसा तथा तराई भाबर के क्षेत्रों में दशकों बाद भारी मात्रा में पानी जमा होने तथा बाढ़ की स्थिति पैदा होने की स्थिति के भी अध्ययन की जरूरत बताई। उन्होंने जल निकासी प्रणाली तथा ड्रेनेज सिस्टम को और प्रभावी बनाये जाने के भी निर्देश दिये।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में आपदा के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों की जिलाधिकारियों के प्रयासों की सराहना करते हुए इसके रिस्पांस टाइम को और बेहतर बनाये जाने को कहा। उन्होंने कहा कि आपदा पीड़ितों की तुरंत मदद करना हमारी जिम्मेदारी है। हम आपदा को रोक तो नहीं सकते है, लेकिन उसके प्रभाव को पीड़ितो की मदद कर कम कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों से वृक्षारोपण की रिपोर्ट तैयार करने तथा अमृत सरोवरों की स्थिति की भी जानकारी उपलब्ध कराने को कहा। सभी कार्य धरातल पर दिखाई दे, यह भी सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सितंबर में भी भारी वर्षा की संभावना के दृष्टिगत सभी अधिकारी सतर्क रहे तथा वर्षा के बाद होने वाली बीमारियों की रोकथाम के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार किये जाने के निर्देश दिए।

सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से प्रदेश में आपदा की स्थिति, राहत, पुनर्वास तथा पुनर्निर्माण से संबंधित कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आपदा मद में हुई धनराशि वृद्धि से क्षतिग्रस्त सम्पत्तियों, आवासीय भवनों, मूलभूत सेवाओं को सुचारू किये जाने तथा वृहद योजनाओं को भी पुननिर्मित करने में मदद मिलेगी।

बैठक में उपाध्यक्ष उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन विनय रोहिला, उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण परिषद विश्वास डाबर, प्रमुख सचिव आर. के सुधांशु,, गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पाण्डेय, सचिव आर. राजेश कुमार, एस.एन.पाण्डेय, रविनाथ रामन, डॉ पंकज कुमार पाण्डे, प्रमुख वन संरक्षक डॉ. धनंजय मोहन सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, बी.आर.ओ के अधिकारियों के साथ वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारी उपस्थित थे।