विकास कार्यों को निर्धारित समय से पूर्ण किए जाने को लगातार मॉनिटरिंग की जाए: वर्धन

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में प्रदेश के अंतर्गत पर्यटक स्थलों के विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने जागेश्वर धाम, महासू देवता, जादूंग, माणा, एवं नीति टिम्मरसैण के विकासकार्यों की प्रगति विस्तार से जानकारी ली।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यों को निर्धारित समय से पूर्ण किए जाने हेतु लगातार मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने सभी कार्यों की कार्य शुरू होने से लेकर प्रत्येक स्तर पर कार्य समाप्ति की तिथि निर्धारित करते हुए पर्ट चार्ट तैयार किया जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि भूमि हस्तांतरण एवं अधिग्रहण आदि की प्रक्रिया में तेजी लाएं। कहा कि कैंचीधाम में नया पैदल पुल और जादूंग में फेस्टिव ग्राउंड आदि का कार्य समय से पूर्ण कराए जाने हेतु यदि श्रमिकों को बढ़ाए जाने की आवश्यकता है तो बढ़ाए जाएं।

इस अवसर पर सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, अपर सचिव अभिषेक रुहेला सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

हवन में आहूति देकर की गीताभवन प्रबंधन की सदबुद्धि की कामना

गीता भवन स्वर्गाश्रम से संचालित आयुर्वेद औषधि निर्माण शाला के सिडकुल हरिद्वार स्थानांतरण के विरोध स्वरूप धरने का आयोजन तीसरे दिन भी लगातार जारी रहा। गीता भवन गेट नंबर एक पर सभी जनप्रतिनिधियों व स्थानीय नागरिकों ने गीता भवन प्रबंधन की एक सुर में आलोचना की। आज सभी लोगों ने गीता भवन ट्रस्ट प्रबंधन की बुद्धि शुद्धि हेतु यज्ञ का आयोजन किया।

संघर्ष समिति के संयोजक आशुतोष शर्मा ने कहा कोविड-19 के दौर में अल्प वेतनभोगी कर्मचारियों को गीता भवन प्रबंधन द्वारा इस तरह बीच मझधार में छोड़ कर जाना बहुत ही निंदनीय है। प्रबंधन तंत्र को वार्ता से ना भागकर इनकी समस्याओं के समाधान हेतु निकालने चाहिए और आयुर्वेद औषधि निर्माणसाला का संचालन यथास्थान गीता भवन से ही होना चाहिए।

मौके पर स्वर्गाश्रम जौंक चेयरमैन माधव अग्रवाल, सुभाष शर्मा, वीरेंद्र, विजेंद्र कंडारी, वीरेंद्र रावत, संदीप कुमार, आदेश तोमर, अंकित गुप्ता, चेतन चैहान, नवीन राणा, जितेंद्र धाकड़, प्रमोद चैहान, कृष्ण कुमार, पिंकी शर्मा आदि उपस्थित थे।

सातताल व सूखाताल का होना पुनर्जीवीकरण, सीएम ने दिए निर्देश

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने नैनीताल के आस-पास के क्षेत्रों का पर्यटन की दृष्टि से विकास किये जाने पर ध्यान देने को कहा है। उन्होंने नैनीताल सहित आस पास के क्षेत्रों में पार्किंग की व्यवस्था में भी सुधार पर ध्यान देने पर बल दिया।

जिलास्तरीय प्राधिकरण नैनीताल के माध्यम से नैनीताल, सातताल, सूखाताल, हल्द्वानी तहसील भवन एवं रामनगर से सम्बन्धित विभिन्न योजनाओं से सम्बन्धित प्रस्तुतीकरण का अवलोकन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सातताल व सूखाताल के पुनर्जीवीकरण के साथ ही इन्हें पर्यटक स्थल के रूप में विकसित किये जाने पर ध्यान दिया जाय। इन क्षेत्रों में किये जाने वाले निर्माण कार्यो में स्थानीय शिल्प शैली को उपयोग में लाये जाने, इन स्थलों को बर्ड वाचिंग स्थल के रूप में विकसित करने के लिये वन विभाग के सहयोग से चिडियों के अनुकूल पौधो के रोपण पर ध्यान देने को कहा। उन्होंने इन क्षेत्रों से अवैध निर्माण हटाने के साथ ही पर्याप्त पार्किंग स्थल विकसित किये जाने पर ध्यान देने को कहा।

मुख्यमंत्री ने हल्द्वानी तहसील को शहर से बाहर उपयुक्त स्थल पर शिफ्ट करने को कहा तथा इस भवन को मिनी सचिवालय के रूप में पर्याप्त पार्किंग सुविधा के साथ बहुमंजिला बनाया जाय ताकि अन्य आफिस भी इसमें शिफ्ट किये जा सके। मुख्यमंत्री ने रामनगर में भी पार्किंग स्थल के निर्माण पर बल दिया। मुख्यमंत्री ने नैनीताल रोपवे निर्माण के लिये एचएमटी परिसर में भूमि उपलब्ध कराने के निर्देश सचिव राजस्व को दिये।

वीसी नैनीताल विकास प्राधिकरण रोहित मीना द्वारा प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बताया कि सातताल के समग्र विकास के लिये सातताल में पर्यटको की सुविधा के साथ ही बच्चों के लिये चिल्ड्रन पार्क की व्यवस्था बनायी जायेगी। उन्होंने कहा कि इस पर लगभग 07 करोड़ का व्यय आगठित है। इसी प्रकार सूखाताल के लिये बनायी जा रही योजनाओं पर लगभग 25 करोड़ का व्यय आगणित है। उन्होंने कहा कि नैनीताल में पार्किंग के लिये भी कई स्थान चिन्हित किये गये हैं। रामनगर में भी पार्किंग स्थल की व्यवस्था की योजना है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, सचिव आर.के.सुधांशु, अमित नेगी, शैलेश बगोली, दिलीप जावलकर, सौजन्या, आयुक्त कुमाऊं अरविन्द सिंह ह्यांकी, प्रभारी सचिव सुशील कुमार आदि उपस्थित थे।