हल्द्वानी में सीएम बोले, प्रदेश में भ्रष्टाचार मुक्त व पारदर्शी सरकार देना हमारा लक्ष्य

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत द्वारा हल्द्वानी तहसील प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में 11936.77 लाख की 62 योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। जिसमें 20 योजनाओं लागत 3163.56 लाख की धनराशि का लोकार्पण तथा 42 योजना लागत 8773.21 लाख की योजनाओं का शिलान्यास किया गया तथा प्लाज्मा डोनर राहुल दानी, तारा कोरंगा व 6 गरीब अनाथ बच्चियों कोमल राणा, कान्ता आर्या, अर्चना भारती, चन्द्रकला, केसिया गोरखा तथा फेबा गोरखा को उनकी पढाई हेतु 4 लाख 93 हजार के चेक वितरित किये।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार मुक्त एवं पारदर्शी सरकार देना हमारा लक्ष्य है। मुख्यमंत्री समाधान पोर्टल 1905 में प्राप्त 30 हजार समस्याओं का समाधान किया गया है। प्रदेश में 500 विद्यालयों में ऑनलाईन शिक्षा दी जा रही है। उन्होने कहा कि सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़को पर बेहतर कार्य किये हैं। सरकार द्वारा स्वरोजगार देने के ज्यादा से ज्यादा प्रयास किये जा रहे हैं। प्रदेश में स्वरोजगार की पर्याप्त सम्भावनाएं ह,ै प्रदेश में चीड की पत्तियों से विद्युत उत्पादन प्रारम्भ हो चुका है, प्रदेश की चीड के जंगलों से 200 मेगावाट विद्युत उत्पादन सामथ्र्य है तथा 40 हजार लोगों को रोजगार देने की भी सामथ्र्य है। उन्होने कहा कि 10 हजार व्यक्तियों को चीड़ की पत्तियों से विद्युत उत्पादन हेतु स्वरोजगार से जोड़ा जायेगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड पर्यटन प्रदेश है, राज्य सरकार स्वरोजगार हेतु 10 हजार नौजवानों को बाईक के लिए ऋण देगी तथा 02 वर्ष तक ब्याज सरकार वहन करेगी, साथ ही 03 माह में 25 हजार लोगो को कैम्पा योजना के तहत रोजगार दिया जायेगा। फसलों को बन्दरों से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए जनपदों में 04 बन्दरवाडे बनाये जायेगे, जिसका शिलान्यास 09 नवम्बर राज्य स्थापना दिवस पर किया जायेगा। जिनकी क्षमता 30 हजार बन्दरों को रखने की होगी। चिकित्सा विभाग को और सुदृढ़ किया जायेगा, 720 चिकित्सकों व 1000 नर्सो की शीघ्र भर्ती की जायेगी।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि मेडिकल कॉलेज के निर्माणाधीन ऑडिटोरियम हेतु 08 करोड़ की धनराशि अवमुक्त कर दी गई है। आई बैक के लिए 32 करोड तथा पनचक्की चैराहे से काठगोदाम तक सडक निर्माण हेतु 8 करोड की धनराशि स्वीकृत कर दी है। कैंसर रिसर्च इंस्टिटूट के लिए भूमि का ऑनलाइन प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा गया है स्वीकृति मिलते ही कार्य प्रारम्भ किया जायेगा। उन्होने कहा कि हल्द्वानी चिडियाघर एवं आईएसबीटी हेतु भूमि चयन कर वनभूमि हस्तान्तरण प्रस्ताव ऑनलाइन भारत सरकार को भेजा गया है तथा 1822 करोड से बनने वाले हल्द्वानी रिंग रोड का प्रस्ताव भी स्वीकृति हेतु भारत सरकार को भेजा गया है। जिसकी 5 अक्टूबर को केन्द्र सरकार मे महत्वपूर्ण बैठक भी है।

मुख्यमंत्री ने जनपद के विभिन्न पर्यटन में म्यूरल्स में लागत 50.56, आयुर्वेदिक चिकित्सालय भवन निमार्ण कालाआगर में लागत 51.46, माध्यमिक शिक्षा प्रयोगशाला रा.उ.मा.वि. किशनपुर निर्माण कार्य लागत 86.79, रा.उ.मा.वि. शिवपुर बैलजुडी रामनगर में लगात 102.34, रा.आ.इ.का. सुन्दरखाल धारी में लागत 27.85, रा.आ.इ.का. लामाचैड़ लगात 18.72, एन.आर.एल.एम. तहसील हल्द्वानी में कैन्टीन का निर्माण में लागत 7.70, सिंचाई विभाग नाबार्ड योजना के अन्तर्गत जनपद नैनीताल के विकास खण्ड कोटाबाग एंव रामनगर में 70.60 किमी लम्बी सिचांई गूलों के निर्माण में लागत 1092.02, नाबार्ड योजना के अर्न्तगत विकास खण्ड भीमताल, धारी, रामगढ़ में 64.07 किमी पर्वतीय नहरों का पुनरोद्धार व 2.65 किमी गूलों का निर्माण तथा 37 संख्या सिचांई टैकों की योजनाओं की लागत 607.04, विकास खण्ड बेतालघाट में 62.60 किमी नहरों का पुनरोद्धार, लाईनिंग एंव 11 संख्या सिचाई टेकों का निमार्ण योजना में लागत 738.45, बलियानाला में भू-स्खलन से आये मलवे की रोकथाम की योजना में लागत 86.60, पशुपालन विभाग में निराश्रित दुर्घटना ग्रस्त पशुओं की सहायतार्थ आपातकालीन वाहन के शुभारम्भ से संबंधित सूचना में लागत 10.70 एनआर.एल.एम. राष्ट्रीय ग्रामीण आजिविका मिशन के अन्तर्गत गठित स्वंय सहायता समूहों द्वारा संचालित 11 हिलान्स आउट्लेटस निर्माण में लागत 33.15, पर्यटन विभाग में जिला योजना के अन्तर्गत ट्रेक रूट सौन्दर्यीकरण हाईटैक शौचालय निमार्ण कार्य में लागत 67.85,चिकित्सा एंव स्वास्थ्य जिला योजना के अन्तर्गत सोबन सिंह जीना बेस चिकित्सालय हेतु 05 वेन्टीलेटरों की स्थापना में लागत 51.95, बीडी पाण्डे पुरूष चिकित्सालय हेतु कलर डॉप्लर अल्ट्रासाउण्ड मशीन की स्थापना लागत 17.84, निर्माण खण्ड लोनिवि जिला खनिज फाउन्डेशन न्यास मद के अन्तर्गत महिला चिकित्सालय से सरस बाजार तक डिवाईडर के ऊपर रैलिंग लगाने का कार्य नैनीताल माटर मार्ग के किमी 84 से 92 के माध्य फुटपाथ पर जाल लगाने व जल निकासी आउटलेट लगाने का कार्य किमी 87 से 90 के मध्य अनावश्यक क्रांसिग को बन्द करने एंव वर्कशाप लाईन मोटर मार्ग में डिवाईडर का कार्य शहर में यातायात को नियन्त्रण करने हेतु रोड सेफ्टी उपकरणों की आपूर्ति का कार्य लागत 64.69, जमरानी बाध निमार्ण खण्ड-2 गौला बेराज स्थित स्टोर की बाउड्री वाला तथा स्टोर रूम के पास चैकीदार हेतु कक्ष निर्माण का कार्य लगात 19.70, जल संस्थान रामनगर 07 नग हैण्डपम्पों का अधिष्ठापन का कार्य में लगात 22.61, प्राथमिक शिक्षा जिला खजिन फाउन्डेशन न्यास मद के अन्तर्गत विभिन्न विद्यालयों में सुदृढीकरण कार्य हेतु लागत 5.54 लोकार्पण किया।

मुख्यमंत्री ने बिसोद पाडली मोटर मार्ग का नव निर्माण लगात 38.13, घुघुखान सौड मोटर मार्ग के मध्य मिसिंग लिंक का निर्माण लागत 32.62, क्षतिग्रस्त लोअर माल रोड सुदृढीकरण कार्य लगात 82.01, पंगोट दैचोरी का नव निर्माण लागत 356 लाख, मैट्रोपोल पांर्किग समतलीकरण, नाली एंव वायर फेन्सीग कार्य 42.05 लाख, नैनीताल- कालाढूगी मोटर मार्ग नलनी तक हल्का वाहन मार्ग का पुनः निर्माण 179.08 लाख, भीमताल से ढुॅगसिल मोटर मार्ग डामरीकरण 60.47 लाख, भगवानपुर बिचला, हिम्मतपुर तल्ला, कमुलागांजा मेहता कबडाल एंव लोहरियासाल तल्ला के आन्तरिक मार्गो में पीसी एंव नव निर्माण 238.28 लाख, ग्राम सभा डडालय नयाबाद, वासुदेवपुरम हिम्मतपुर मल्ला, बच्चीनगर, भरतपुर न. 02, महाऋषि दयानन्द, कृष्णा इनक्लेव व केशव इनक्लेव आन्तरिक मार्गो का पीसी व नव निर्माण कार्य 86.44 लाख, कार्तिकेय कालोनी फेस -1, हिम्मतपुर मल्ला, लोहरियासाल तल्ला, शिवपुरम, हिम्मतपुर तल्ला, कृष्णा इन्कलेव, वैवभव कॉलोनी, ऊचापुल के आन्तरिक मार्गो का सुधारीकरण डामरीकरण का कार्य 117.34 लाख, विकासपुरम, जजफार्म, गिरिजा विहार, छडायल नायक, उत्तराचंल कालोनी, नीलाचंल कॉलोनी, केशर कॉलोनी व संगम विहार, फेस-5 के आन्तरिक मार्गो का सुधारीकरण एंव डामरीकरण का कार्य 189.44 लाख, रामनगर में पडने वाले विभिन मार्गो पर साईनेज लगाने का कार्य 25.92 लाख, रानीबाग-भीमताल-पदमपुरी-लोहाघाट-पंचेश्वर मोटर मार्ग लोडिग स्टील ट्रस सेतु का निर्माण 717.59 लाख,खैरना-रानीखेत मोटर मार्ग स्टाल गर्डर ब्रिज का निर्माण 1003.77 लाख, थाना भीमताल परिसर में टाईप- 2 के दो आवासीय भवनों के निर्माण कार्य 49.54, रा.इ.का कशियालेख में विज्ञान प्रयोगशाला, आर्ट एंव क्राफ्ट कक्ष निर्माण 86.84 लाख, राजकीय महाविद्यालय बेतालघाट भवन निर्माण हेतु 224.39 लाख , ओखलकाण्डा विकास खण्ड के खनस्यूॅ ग्राम में गौला नदी के बायें एंव दायें पाश्र्व पर बाढ़ सुरक्षा योजना 226.15 लाख, खैरना के अन्तर्गत कोसी नदी पर रोपा एंव चापड़ गांव को जोडने हेतु 125 मी. विस्तार सेतु का निर्माण का कार्य 700.88 लाख, खैरना के अन्तर्गत कोसी नदी पर अमेल एंव खैराली गांव को जोडने हेतु 160-200 मी. विस्तार के पैदल सेतु का निर्माण का कार्य 1186 लाख, खैरना के अन्तर्गत तल्ली सेठी एंव सिमटिया गांव को जोडने हेतु कोसी नदी पर 160ध्90 मी. विस्तार का पैदल सेतु का निर्माण का कार्य 581.43 लाख, विकास खण्ड रामनगर के गाम नया झरना न. 2 नया ढांग, देवीपुरा बॉसीटीला, रूपपुर एंव नािपर छोई में 05 सं. राजकीय नलकूपों के निर्माण की परियोजना 496.33 लाख, नलकूप निमार्ण की योजना हिम्मपुर, सावल्दें 198.19 लाख, विकास खण्ड कोटाबाग के गा्रम मोहनपुर बजवालध् मोहनपुरा मेहरा में 01 सं. राजकीय नलकूप निमार्ण की योजना 97.12 लाख, गरमापानी, कोश्याकुटोली, नैनीताल में कार पार्किग एंव कामर्शियल शॉप के निर्माण कार्य 251.42 लाख, के.एम.बी.एन. के बारातघर तक एंव देवदार लॉज के सामने सड़क के किनारे सतह पार्किग विकसित किये जाने का कार्य 70.03 लाख, विद्यालयों में सुदृढीकरण व नवावार का कार्य 80.05 लाख, विद्यालयों में सुदृढीकरण व नवाचार कार्य 78.80 लाख, पर्यटन स्थलों का अवस्थापना विकास, ओपन एयर थियेटर , ओपन एयर जिम तथा साइनेजेज की स्थापना 87.45 लाख, पर्यटन स्थलों में म्यूरल्स की स्थापना 60 लाख, बी.डी. पाण्डे महिला चिकित्सालय में उपकरणों की स्थापना एंव विभिन्न अनुभागों में लघु निर्माण व मरम्मत कार्य 41.98 लाख, राजकीय महाविद्यालय कोटाबाग के भवन निर्माण हुत 230.39 लाख, गौलापार नहर के 0.00 किमी से 1.100 किमी तक जीर्णोद्धार की योजना ध्तीनपानी बाईपास में पेराफीट निर्माण 33.41 लाख, बेतालघाट में रामनगर-भण्डारपानी-अमगढी-बोहराकोट-ओखलढूॅगा-तल्लीसेठी- बेताघाट-रतौडा- भुजान-विशालकोट-जैना- रीची-बिल्लेख मोटर मार्ग के किमी 52,53 एंव 54 में पुनः निमार्ण कार्य 104.11 लाख, हल्द्वानी नगरीय-ग्रामीण पेयजल योजना के सुदृढीकरण का कार्य 213.74 लाख, हल्द्वानी ग्रामीण, लालकुऑ अन्तर्गत वि.ध्या. एंव पाईन लाईन कार्य 46.35 लाख, 04 पेयजल योजनाओं ताकुला, बुरूसिया-देवीधुरा, दोगड़ा एंव रानीबाग में पाईप लाईन सुदृढीकरण एंव जलाशय निर्माण का कार्य 16.35 लाख, शक्तिनगर पूछडी में पाईप लाईन बिछाये जाने तथा नरसिंहपुर ऐरडज्ञ में सिचांई नलकूप से पाईप लाईन जोडे जाने का कार्य 26.54लाख, लालकुऑ मे निकासी नाली, शौचालय निर्माण तथा हाथी गेट निर्माण का कार्य 11.80 लाख, विभिन्न चिकित्सालयों में उपकरण क्रय व सुदृढीकरण कार्य 305.86 लाख, चित्रशाला गेट के समाने मुख्य मार्ग से चैहानपाटा तक हल्का वाहन मार्ग का निर्माण तथा जवाहर नवोदय विद्यालय गंगरकोट सुयालबाडी के छात्रावासों में प्लाईवुड व मुख्य द्वार के पास शैड निर्माण का कार्य 35.62 लाख तथा समम्त जनपद के विद्यालयों में सुदृढीकरण का कार्य 62.80 लाख की योजनाओं का शिलान्यास किया।

कालाढूगी विधायक एवं प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने कहा कि सरकार जनस्वास्थ को ध्यान मे रखते हुये 108 वाहनों की संख्या बढा रही है साथ ही एयर एम्बुलैस भी चलायेगी। उन्होने प्लाज्मा डोनरों का स्वागत करते हुये इस पुण्य कार्य हेतु उन्हंे बधाई दी।

राम मंदिर आंदोलन में कोई षडयंत्र नहीं था, कोर्ट के निर्णय से यह साबित हुआ

सीबीआई की विशेष अदालत के बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में निर्णय आने के बाद उत्तराखंड मुख्यमंत्री ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे सत्य और न्याय की जीत बताया। बताया कि राम मंदिर आंदोलन एक लोकतांत्रित रहा, इसमें किसी भी प्रकार का कोई षडयंत्र नहीं था। यह कोर्ट के निर्णय से साबित हो गया है।

उत्तराखंड के भाजपा अध्यक्ष बंशीधर भगत ने भी न्यायालय के निर्णय का स्वागत किया। कहा कि सत्य की जीत हुई है। श्री राम मंदिर आंदोलन से जुड़े रहे भगत ने कहा कि 28 वर्ष तक मुकदमा चलने के बाद यह निर्णय आया। श्री राम मंदिर का विषय राजनीति का नहीं अपितु आस्था का विषय है, जबकि अन्य दल इस पर राजनीति करते रह।

सीएम त्रिवेंद्र ने किसानों से कालावासा की खेती करने का किया आह्वान

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने जनपद उत्तरकाशी के विकास खण्ड डुण्डा के ग्राम चकोन धनारी में 25 लाख लागत की 25 किलोवाट क्षमता की पिरूल से विद्युत उत्पादन की पहली परियोजना का लोकार्पण किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि पर्यावरणीय चक्र को आग से बचाने के लिए यह परियोजना बेहद उपयोगी होगी। जंगलों में आग लगने के कारण जहां अनेक पेड, औषधीय पौधे, वनसपत्तियां नष्ट हो जाती थी वहीं बड़ी संख्या में जंगली जानवर भी प्रभावित होते हैं।

पिरूल से विद्युत उत्पादन परियोजना के बनने से वनों एवं जीव जन्तुओं को आग से सुरक्षा होगी तथा इससे रोजगार के अवसर भी पैदा होगें। अभी राज्य को 1 हजार करोड़ की बिजली क्रय करनी पड़ रही है, इस प्रकार की परियोजना के बनने से राज्य को आर्थिक मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश भर में 23 लाख मिट्रीक टन सालाना पिरूल उत्पादन होता है, जिससे लगभग 200 मेगावाट बिजली उत्पादित की जा सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में कालावासा काफी मात्रा में पाया जाता है। इसमें औषधीय तत्व विद्यमान हैं। यह विकरण किरणों से भी बचाता है तथा एंटीबायटिक हैं। मुख्यमंत्री ने किसानों से कालावासा की खेती करने का आहवान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सीमान्त क्षेत्रों में नेटवर्किंग की समस्या को देखते हुए 250 सेटेलाईट फोन दिये गए है ताकि सीमान्त वासियों को नेटवर्क को लेकर कोई समस्या न हो। इसी तरह प्रदेश भर में जहां कनेक्टिविटी नहीं है तथा टावर लगाये जाने हैं वहां टावर लगाने के लिए सरकार द्वारा 40 लाख रूपये स्वीकृत किये हैं। सीमान्त वासियों की समस्याओं के निस्तारण के लिए बीएडीपी की तर्ज पर मुख्यमंत्री सीमान्त क्षेत्र विकास निधि में इस वर्ष 20 करोड़ रूपये की व्यवस्था की गई है, ताकि उनकी समस्याओं को हल किया जा सके। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि सामरिक दृष्टि से सीमान्त क्षेत्रों में स्थानीय समुदाय का होना अति आवश्यक है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि प्रदेश में जल जीवन मिशन के अन्तर्गत हर घर नल द्वारा जल देना है। इस वर्ष में 10 लाख लोगों को पानी का कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया है। इस हेतु हर जिले की दैनिक रूप से मॉनिटरिंग की जा रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 14 लाख कनेक्शन दिये जाने है। वर्तमान में तीन माह के भीतर 51 हजार कनेक्शन दिये जाने का लक्ष्य रखा गया था जिसमें आज तक 67 हजार कनेक्शन दिए जा चुके हैं।

अटल आयुष्मान योजना के अन्तर्गत अब तक 2 लाख लोगों ने इसका लाभ लिया है। तथा देश भर में 22 हजार अस्पतालों में गोलडन कार्ड से 5 लाख रूपये तक का ईलाज निःशुल्क करवा सकते हैं। इस योजना के अन्तर्गत 23 लाख लोगों को जोड़ा गया है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में तीन मेडिकल कालेज उद्यमसिंह नगर, हरिद्वार, व पिथोरागढ़ की स्वीकृति मिल चुकी है। जिसका शीघ्र ही निर्माण कार्य करवाया जाएगा। मेडिकल कालेज के क्षेत्र में उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य हैं जहां छोटी सी आबादी में 6 मेडिकल कालेज होगें। किसानों को पहले 2 लाख तक बिना ब्याज के ऋण दिया जाता है अब यह बढ़ाकर 3 लाख रूपये कर दिये है।

मुख्यमंत्री ने धनपति व इन्दिरावती नदी में बाढ़ सुरक्षा कार्य धन स्वीकृत व सौरा-सारी-पिलंग-बुढ़ाकेदार-पवाली केदारनाथ 45 किमी. सड़क स्वीकृत करने की घोषणा की। गंगोत्री विधायक गोपाल सिंह रावत ने मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र का आभार जताया। उन्होंने कहा कि जनपद में सोलर व पिरूल प्लांट के स्थापित होने से यहां के स्थानीय लोगों को इससे रोजगार मिलेगा। उन्होंने नौजवानों से स्थानीय स्तर पर ही रोजगार के नए आयाम विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गांव के नौजवान स्वरोजगार अपनाने के लिए आगे आयें तथा समूह बनाएं उन्हें सरकार की ओर से हर स्तर पर सहयोग करने की बात कही। गंगाड़ी पिरूल प्लांट के स्वामी महादेव सिंह गंगाड़ी ने भी मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

डोईवाला विस के लिए सीवर सफाई के लिए जेटिंग मशीनों की क्रय को स्वीकृति

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने डोईवाला विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत पेयजल नलकूपों में डी.जी. सेटों एवं सीवर सफाई हेतु जेटिंग मशीनों के क्रय की स्वीकृति प्रदान की है।
मुख्यमंत्री द्वारा विधानसभा क्षेत्र राजपुर के अन्तर्गत चक्खुवाला में निर्मित जर्जर पेयजल लाइनों के निर्माण व मरम्मत के लिये प्रथम चरण में 71.25 लाख की धनराशि स्वीकृत की है। किरसाली ऊषा कॉलोनी पेयजल योजना के प्रथम चरण हेतु भी मुख्यमंत्री द्वारा 37.72 लाख की धनराशि की स्वीकृति प्रदान की है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सुसवा जलागम क्षेत्र के अन्तर्गत रिसपना बिन्दाल तथा सौंग नदी के साथ ही कोसी एवं गोला नदी क्षेत्र में बाढ नियंत्रण से सम्बन्धित कार्य योजना तैयार करने हेतु 92.79 लाख की धनराशि स्वीकृत की है।

गांधी जयंती पर खादी वस्त्रों की बिक्री पर रहेगी 10 प्रतिशत की छूट
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने गांधी जयन्ती के अवसर पर आगामी 02 अक्टूबर से 108 कार्यकारी दिवसों के लिये खादी वस्त्रों की बिक्री पर 10 प्रतिशत छूट दिये जाने तथा इस मद में अपेक्षित आवश्यक धनराशि की स्वीकृति प्रदान की है।

वन गूजरों के पुनवार्स हेतु समिति गठन की मुख्यमंत्री ने दी स्वीकृति
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने वन गूजरों के पुनर्वास एवं उन्हें विधिक अधिकार आदि दिये जाने के सम्बन्ध में समिति गठित करने की स्वीकृति प्रदान कर दी है। समिति इस संबंध में 06 माह में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। समिति के अध्यक्ष प्रमुख वन संरक्षक वन्य जीव होंगे तथा निदेशक राजाजी सदस्य सचिव होंगे। मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक, निदेशक भारतीय वन्य जीव संस्थान एवं डब्ल्यू.डब्ल्यू.एफ द्वारा नामित प्रतिनिधि समिति के सदस्य होंगे।

प्रदेश में मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के लाभार्थियों की संख्या की गई दोगुनी
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने प्रदेश में मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत प्राप्त होने वाले आवेदनों की बढ़ती संख्या के दृष्टिगत मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत स्वरोजगार योजनाओं के लिए व्यक्तिगत उपादान सब्सिडी की अनुमन्यता के लिए लाभार्थियों की संख्या 1500 से बढ़ाकर 3000 करने की स्वीकृति प्रदान की है। इस प्रकार अब यह संख्या दो गुनी कर दी गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 के कारण प्रदेश में लौटे प्रवासी प्रदेशवासियों को स्वरोजगार के अधिक अवसर प्रदान करने के लिए यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि इसके लिए सभी जनपदों को लक्ष्य भी आवंटित किए गए हैं। इसके लिए एमएसएमई के साथ ही जिला योजनाओं में स्वरोजगार योजनाओं को भी सम्मिलित किया गया है।

संतो ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र को किया स्वस्थ और दीर्घायु होने का आशीर्वाद

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से मुख्यमंत्री आवास में श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा के वरिष्ठ महामंडलेश्वर स्वामी यतीन्द्रानन्द गिरि महाराज के नेतृत्व में हरिद्वार के प्रमुख संतों ने भेंट की। भेंट करने वाले संतों में निर्मल आश्रम के महंत जसजीत, गरीबदास, महंत आनंद, वाल्मीकि समाज के संत महंत मान दास महाराज, वैष्णव अखाड़े से महंत दुर्गा दास महाराज एवं नगर के प्रसिद्ध एडवोकेट श्रेयस अग्रवाल थे। संतो ने हरिद्वार नगर में संतों के आश्रम का पंजीकरण कमर्शियल किए जाने पर अपनी आपत्ति दर्ज की। बिजली के बिल भी कमर्शियल आने पर मुख्यमंत्री से अपनी बात रखी।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने संतो को आश्वासन दिया और तुरंत कार्रवाई का निर्देश भी दिया। संतों ने कहा आगामी कुंभ में जिस प्रकार की भी व्यवस्था और परिस्थिति होगी, सन्त सरकार का भरपूर सहयोग करेंगे। कुंभ हमारी प्राचीन परंपरा है किंतु कोरोना महामारी के चलते हुए जैसी भी स्थिति होगी उसी प्रकार से सभी संत और अखाड़े सरकार का सहयोग करेंगे। महामंडलेश्वर स्वामी यतीन्द्रानंद गिरी ने केदारनाथ मॉडल पर ही बद्रीनाथ गंगोत्री एवं यमुनोत्री धाम के विकास हेतु प्रयासरत मुख्यमंत्री की प्रशंसा की। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि देवस्थानम बोर्ड के तहत स्थानीय पुरोहित समाज के हितों का पूरा ध्यान रखा गया है। सभी संतो ने मुख्यमंत्री को स्वस्थ और दीर्घायु होने का आशीर्वाद दिया।

सीएम ने 13 जिलों के विकास के लिए जिला योजना से किए 100 करोड़ रूपये अवमुक्त

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के निर्देश पर जिला योजना के लिए सभी जिलों को कुल 100 करोड़ रूपए की धनराशि अवमुक्त की जा रही है। वर्तमान वित्तीय वर्ष 2020-21 में जिला योजना के लिए प्राविधानित 665 करोड़ 50 लाख रूपए के सापेक्ष 350 करोड़ रूपए की धनराशि पहले ही अवमुक्त की जा चुकी है। अब 100 करोड़ रूपए और अवमुक्त किए जाने पर मुख्यमंत्री ने अनुमोदन किया है।

इन 100 करोड़ रूपए में से जनपद नैनीताल हेतु 7 करोड़ 2 लाख 20 हजार 160 रूपये, ऊधमसिंह नगर हेतु 07 करोड़ 42 लाख 18 हजार 140 रूपये, अल्मोड़ा हेतु 07 करोड़ 47 लाख 74 हजार 250 रूपये, पिथौरागढ़ हेतु 07 करोड़ 17 लाख 98 हजार 10 रूपये, बागेश्वर हेतु 05 करोड़ 96 लाख 54 हजार 70 रूपये, चम्पावत हेतु 05 करोड़ 83 लाख 76 हजार 520 रूपये, देहरादून हेतु 09 करोड़ 94 लाख 98 हजार 200 रूपये, पौड़ी हेतु 11 करोड़ 98 लाख 84 हजार 490 रूपये, टिहरी हेतु 09 करोड़ 51 लाख 45 हजार 110 रूपये, चमोली हेतु 07 करोड़ 42 लाख 92 हजार 990 रूपये, उत्तरकाशी हेतु 07 करोड़ 65 लाख 77 हजार 750 रूपये, रुद्रप्रयाग हेतु 05 करोड़ 81 लाख 81 हजार 120 रूपये, हरिद्वार हेतु 06 करोड़ 73 लाख 79 हजार 190 रूपये की राशि शामिल है।

सीएम त्रिवेंद्र ने दिया भरोसा, बोले कोविड की स्थिति सामान्य होने पर पर्यटन में होगा सुधार

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर पर्यटन विभाग द्वारा वेबनार के माध्यम से आयोजित कार्यक्रम में कहा कि उत्तराखण्ड में पर्यटन तेजी से बढ़ा है। राज्य में धार्मिक एवं अन्य पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। कोविड के कारण पर्यटन गतिविधियों में जरूर कमी आई है, लेकिन स्थिति सामान्य होने पर पर्यटन की स्थिति में तेजी से सुधार होगा। उन्होंने कहा कि राज्य में प्रत्येक जनपद में थीम आधारित पर्यटन स्थल विकसित किये जा रहे हैं। उत्तराखण्ड में पर्यटन एक ऐसा क्षेत्र है, जिसमें रोजगार की बहुत संभावनाएं हैं।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि उत्तराखण्ड विभिन्न जैव विविधताओं वाला राज्य है। बर्फ से ढ़की पर्वत श्रृंखलाएं, बुग्याल, विभिन्न प्रकार के जीव -जन्तु एवं अच्छा मानव संसाधन देवभूमि उत्तराखण्ड की ओर पर्यटकों का ध्यान आकर्षित करता है। उत्तरकाशी जनपद में स्नो लेपर्ड पार्क बनाया जा रहा है। उत्तराखण्ड में पर्यटन पर आधारित गतिविधियां पूरे साल हो, इसके लिए सरकार द्वारा प्रयास किये जा रहे हैं। क्याकिंग, राफ्टिंग, पैराग्लाइडिंग जैसी गतिविधियों के लिए उत्तराखण्ड में अनुकूल वातावरण है। सीमान्त क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रयास किये जा रहे हैं। राज्य में होमस्टे को बढ़ावा दिया जा रहा है। अभी 2200 से अधिक होम स्टे रजिस्टर्ड हो चुके हैं। अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, पौड़ी में काफी अच्छे होम स्टे बनाये गये हैं। होम स्टे के प्रति लोगों का रूझान भी बढ़ा है। होम स्टे पर्यटकों को आकर्षित तो करता ही है साथ ही यहां के लोगों के लिए रोजगार के भी अच्छे अवसर उपलब्ध करा रहा है। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि उत्तराखण्ड आगमन के लिए अब पर्यटकों के लिए अच्छी सुविधा है। सर्दियों के समय उत्तराखण्ड का प्राकृतिक एवं नैसर्गिक सौन्दर्य पर्यटकों को यहां आने के लिए प्रेरित करता है। अब उत्तराखण्ड में आवागमन के लिए अनेक साधन हैं।

समग्र प्रयास से बदलेगी उत्तराखंड की तस्वीरः सतपाल
पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि पर्यटन क्षेत्र का उत्तराखण्ड की जीडीपी में अहम योगदान रहा है। हम पर्यावरण हित पर्यटन की तरफ आगे बढ़ रहे हैं। पर्यटन एवं तीर्थाटन के माध्यम से स्थानीय लोगों की आजीविका बढ़ाने के लिए प्रयास किये जा रहे हैं। हमारा प्रयास आपदा को अवसर में बदलने का है। विश्व पर्यटन की इस वर्ष की थीम ‘पर्यटन और ग्रामीण विकास है’। ग्रामीण विकास के साथ ही पर्वतीय क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार द्वारा अनेक प्रयास किये जा रहे हैं। आने वाले दिनों में हमारे समग्र प्रयास से फिर उत्तराखण्ड की तस्वीर बदलेगी, पर्यटन गतिविधियों से लोगों की आजीविका में सुधार होगा।

मुख्यमंत्री आवास में फिल्म कुतुब मीनार का हुआ मुहूर्त शाॅट

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मुख्यमंत्री आवास में इंडियन सिनेफिले, फिल्म एवं मेन स्ट्रीम प्रोडक्शन के बेनर तले बन रही फिल्म ‘‘कुतुब मीनार’’ का मुहूर्त शॉट लिया। फिल्म डायरेक्टर राज आशू, प्रोड्यूसर पंचम सिंह, निर्मला सिंह एवं मनोज वोहरा तथा प्रमुख कलाकार संजय मिश्रा, करनवीर बोहरा, मनीषा लाम्बा हैं। इस फिल्म की अधिकांश शूटिंग उत्तराखण्ड में होगी।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि उत्तराखण्ड में फिल्मांकन के लिए फिल्म निर्माताओं का ध्यान उत्तराखण्ड की ओर बढ़ा है। उत्तराखण्ड का प्राकृतिक एवं नैसर्गिक सौन्दर्य फिल्मकारों को आकर्षित करता है। राज्य सरकार ने भी राज्य में सरल फिल्म नीति बनाई है। फिल्मों के फिल्मांकन के लिए तीन दिन के अन्दर अनुमति दी जा रही है। फिल्मांकन के दौरान राज्य वासियों क सहयोग को भी फिल्मकारों ने सराहा है। पिछले तीन साल में राज्य में बॉलीवुड के अलावा अनेक दक्षिण भारतीय फिल्मों की भी शूटिंग हुई है।

मन की बातः पीएम ने भारतीय अर्थव्यवस्था में कृषि क्षेत्र के महत्व को रेखांकित किया

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ’मन की बात’ हम सभी के मन से जुड़ी होती है। काफी सरलता से प्रस्तुत की गई भारतीय सभ्यता और संस्कृति से जुड़ी बातें हमें प्रेरित करती हैं। प्रधानमंत्री ने मन की बात में महात्मा गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री और शहीद भगत सिंह का स्मरण किया। निश्चित तौर पर गाँधी के विचार आज ज्यादा प्रासंगिक हैं। इसी प्रकार देश के लिये भगतसिंह जैसा जज्बा हम सभी के दिलों में होना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने भारतीय अर्थव्यवस्था में कृषि क्षेत्र के महत्व को रेखांकित किया। कृषि ने हमेशा अर्थव्यवस्था को मजबूती दी है। किसान और खेती जितना मजबूत होंगे, देश भी उतना ही मजबूत होगा। कृषि विधेयक से किसानों को अपनी फसल अपनी मर्जी से बेचने की स्वतंत्रता मिली है। आने वाले समय में इसके अच्छे परिणाम भी देखने को मिलेंगे।

संयुक्त परिवार भारतीय समाज की विशेषता रहे हैं। हम बचपन से ही अपनी दादी-नानी से कहानियां सुनते रहे हैं। बदलते परिवेश में हमें अपनी इस अनमोल परम्परा को बचाए रखना है। बङों से सुनी कहानियां से अपनी अगली पीढ़ी को अवगत कराएं। इससे घर परिवार में रचनात्मक और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा। पारिवारिक मूल्यों में विश्वास बढेगा। कोविड-19 को देखते हुए तमाम सावधानियां रखनी हैं। जब तक दवाई नहीं तब तक ढिलाई नहीं।

अतिथि देवो भवः की हमारी को उत्तराखंड ने सदैव कायम रखाः त्रिवेंद्र

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड पर्यटन, वेलनेस टूरिज्म तथा आयुष के क्षेत्र में एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरा है। प्रदेश का नैसर्गिक प्राकृतिक सौन्दर्य सदियों से पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहा है। जबकि यहां के चारधाम देश व दुनिया के करोड़ों लोगों के आस्था के केंद्र है। प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने मे पर्यटन का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। इसी के दृष्टिगत राज्य में पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि ‘अतिथि देवो भवः’ की हमारी परम्परा रही है। हमें अपनी इस परम्परा को सदैव कायम रखना होगा। उन्होंने कहा कि पर्यटन दिवस को मनाये जाने का मुख्य उद्देश्य, दुनियाभर में लोगों को पर्यटन के महत्व के प्रति जागृत करना है। उन्होंने कहा कि पर्यटन की किसी भी देश के सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के पर्यटन को वर्षभर स्थानीय निवासियों के लिए आर्थिक गतिविधियों का स्रोत बनाये जाने का हमारा प्रयास है। प्रदेश में पर्यटन को बढावा देने के लिये ’13 जिले-13 नए पर्यटन गंतव्य’, स्थापित किये जाने के साथ ही अनेक अन्य पर्यटन गंतव्य विकसित करने की दिशा में भी पहल की जा रही है। चारधाम सड़क योजना एवं ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाईन का निर्माण तेजी से हो रहा है। इससे प्रदेश में आने वाले पर्यटकों, तीर्थयात्रियों को आवागमन में आसानी होगी। श्री केदारनाथ धाम का पुनर्निर्माण कार्य अंतिम चरण पर है। इसे विश्व स्तरीय धार्मिक स्थल बनाया जा रहा है। बद्रीनाथ मन्दिर के सौन्द्रयीकरण की दिशा में पहल की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड 19 का प्रभाव अन्य क्षेत्रों की भांति प्रदेश के पर्यटन व्यवसाय पर भी पड़ा है। पिछले छः माह से पर्यटन व्यवसाय में आये ठहराव को अब आगे बढ़ाने के प्रयास किये जा रहे है। होटल, राफ्टिंग, फिल्म शूटिंग, चारधाम यात्रा जैसे क्षेत्रों को शुरू करने की दिशा में कदम बढ़ाये जा रहे हैं। इसके लिए एसओपी के तहत गाइड लाइन भी तैयार की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शीघ्र ही वैश्विक महामारी का यह दौर भी समाप्त होगा तथा देवभूमि में पर्यटन व्यवसाय चार धाम यात्रा तथा यहां के नैसंर्गिक प्राकृतिक स्थलों पर फिल्मांकन आदि व्यवसाय अपने पूर्व स्वरूप में दृष्टिगोचर होने लगेगा।