मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने ली राज्य नोडल अधिकारियों की बैठक

देहरादून। उत्तराखण्ड में आगामी अप्रैल माह में होने वाले विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने शुक्रवार को सचिवालय में SIR के लिए तैनता नोडल अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सबंधित अधिकारीयों को विस्तृत दिशा-निर्देश दिए।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बैठक में बताया कि प्रदेश के सभी बूथ लेवल ऑफिर्स के साथ आईटी वॉलिंटियर्स की तैनाती की जा रही है। ये सभी वालिंटियर्स गणना प्रपत्र के डिजिटलाइजेशन में सहायता करेंगे, इसके साथ ही इनका गणना प्रपत्र बांटने और उसके संकलन में भी वालिंटियर्स सहायता करेंगे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने अपर सचिव ग्राम्या विकास और निर्देशक शहरी विकास विभाग को निर्देश दिए इस सम्बंध में जल्द तकनीकी रुप से दक्ष युवाओं को इस अभियान में शामिल किया जाए।

बैठक में मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने गढ़वाल और कुमाऊ आयुक्तों को भी मैपिंग पर विशेष जोर देने के निर्देश दिए।

बैठक में निदेशक शहरी विकास विनोद गिरी गोस्वामी, संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रकाश चन्द्र, अपर सचिव झरना कमठान, निदेशक महिला बाल विकास बीएल राणा, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी, निदेशक एसआईसी मनीष जुगरान, अपर निदेशक आईटीडीए तीरथ पाल, उप निदेश सूचना रवि बिजारनियां सहित गढवाल और कुमाऊ मंडल के अपर आयुक्त शामिल रहे।

मतदान तिथि की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं

देहरादून।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तराखण्ड राधा रतूड़ी ने बताया है कि दैनिक हिन्दुस्तान समाचार पत्र के प्रथम पृष्ठ पर शीर्षक ‘‘उत्तराखण्ड-उत्तर प्रदेश में जनवरी-फरवरी में चुनाव’’ संबंधी समाचार प्रकाशित हुआ है, जिसके अनुसार उत्तराखण्ड में 29 जनवरी, 2017 को मतदान की संभावित तिथि का उल्लेख किया गया है। इस संबंध में मुख्य निर्वाचन अधिकारी राधा रतूड़ी ने बताया है कि उक्त समाचार की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। प्रदेश में चुनाव संबंधी किसी भी तिथि के संबंध में भारत के निर्वाचन आयोग, द्वारा घोषणा की जाती है।
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वर्तमान में निर्वाचन आयोग द्वारा किसी भी प्रकार की चुनाव तिथि की घोषणा नही की गई है। राधा रतूड़ी ने बताया कि उत्तराखण्ड के परिप्रेक्ष्य में अभी तक चुनाव तिथियों का निर्धारण नही किया गया है। जब भी भारत निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव तिथियां निर्धारित की जायेगी, तो उसकी सूचना तत्काल मीडिया के माध्यम से पारदर्शी ढंग से प्रदेशवासियों को उपलब्ध करायी जायेगी।