ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी का अनुमान, ठंड बढ़ी

उत्तराखंड के सात जिलों में भारी बारिश और बर्फबारी का अनुमान है। मौसम विभाग ने ज्यादातर क्षेत्र में बारिश, ओलावृष्टि और बर्फ गिरने का अनुमान जताया है। वहीं, कई मैदानी क्षेत्रों में तेज झोकेदार हवा चल सकती है। वहीं आज राजधानी देहरादून सहित कई क्षेत्रों में बारिश हो रही है।
चारधाम समेत ऊंची चोटियों और पिथौरागढ़ के उच्च हिमालय पर बर्फबारी हो रही। जबकि लगभग सभी मैदानी इलाकों में रुक-रुककर बारिश हो रही है। इससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।
मौसम केंद्र की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार राजधानी देहरादून, टिहरी, पौड़ी, अल्मोड़ा, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल में ज्यादातर स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। वहीं प्रदेश के तीन हजार मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फ गिरने का अनुमान है। कुछ हिस्सों में ओले गिरने की आशंका भी जताई गई है।

आज और कल मौसम खराब
मौसम विभाग के अनुसार हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, देहरादून और नैनीताल के कुछ क्षेत्रों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोकेदार हवा भी चल सकती है। मौसम केंद्र निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि राजधानी दून और आसपास के इलाकों में भी बादल छाये रहने का अनुमान है। तेज गरज और चमक के साथ बारिश भी हो सकती है। उन्होंने तेज हवाओं से बचने की सलाह दी है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार और शनिवार को मौसम खराब रहेगा। रविवार को मौसम में सुधार हो सकता है।
पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम ने फिर करवट बदल ली है। कुमाऊं के अधिकांश इलाकों में बृहस्पतिवार सुबह बारिश हुई और पिथौरागढ़ के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हिमपात हुआ। उसके बाद दिन भर सर्द हवाएं चलती रहीं।
राज्य मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक विक्रम सिंह ने बताया कि छह मार्च को तीन हजार मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना है, जबकि उत्तराखंड में कहीं-कहीं ओलावृष्टि हो सकती है। मैदानी क्षेत्रों में 30 से 40 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है। सात मार्च को ओलावृष्टि और तेज हवाएं चल सकती हैं।

सैलानियों के लिए खुशखबरी, एक बार फिर हो सकती है बर्फबारी

उत्तराखंड में एक बार फिर बारिश और बर्फबारी हो सकती है। मौसम विभाग ने 19 और 20 फरवरी को प्रदेशभर में बारिश और बर्फबारी का अनुमान जताया है।
मौसम विभाग की ओर से रसाप्ताहिक बुलेटिन जारी करके बताया गया कि 17 और 18 फरवरी को प्रदेशभर में मौसम साफ रहेगा। उसके बाद 19 और 20 फरवरी को फिर मैदानी इलाकों में हल्की बारिश और पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी का अनुमान जताया है। इससे तापमान फिर गोता खा सकता है। हालांकि 21 फरवरी से दोबारा मौसम साफ हो जाएगा। वहीं रविवार को प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में आंशिक बादल छाए रहे। जहां शनिवार को दिन का अधिकतम तापमान 27 डिग्री था, वहीं रविवार को गिरकर 24.8 डिग्री पर आ गया।
वहीं, केंद्रीय खेल मंत्री किरेन रिजिजू ने रविवार को औली की वादियों का जमकर लुत्फ उठाया। आईटीबीपी और गढ़वाल मंडल विकास निगम के अधिकारियों के साथ उन्होंने औली की बर्फीली ढलानों का निरीक्षण किया।
केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने रविवार सुबह आईटीबीपी जवानों के साथ बर्फ की ढलानों पर दौड़ लगाकर जवानों को फिट इंडिया का संदेश दिया। उन्होंने औली के विकास को लेकर अधिकारियों के साथ चर्चा भी की। रिजिजू अपने दो दिवसीय दौरे पर शनिवार को औली पहुंचे थे। उन्होंने यहां स्नो स्कूटर की सवारी करने के साथ ही औली के प्राकृतिक सौंदर्य को भी करीब से निहारा।
केन्द्रीय मंत्री ने औली के विभिन्न स्थानों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि औली बहुत खूबसूरत स्थान है, लेकिन इसे विकसित करने की जरूरत है। यहां अभी भी कई कमियां हैं, जिन्हें दूर करना केंद्र और राज्य सरकार की प्राथमिकता है।

पहाड़ों में बर्फबार से बढ़ी परेशानी, पशुओं के लिए चारा उपलब्ध कराना बना चुनौती

मौसम विभाग ने आज देहरादून सहित राज्य के कई हिस्सों में बारिश के साथ ओले और भारी बर्फबारी का अलर्ट जारी किया है। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी में स्थानीय लोगों और पर्यटकों को किसी तरह की दिक्कत न हो इसके लिए जिला प्रशासन ने सभी विभागों को सतर्क कर दिया है।
प्रदेश भर में आज सुबह से ही अधिकांश जगह बादल छाये रहने से कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इसके बाद दून में बूंबाबांदी शुरू हो गई। वहीं, बर्फबारी के बाद अब पहाड़ी इलाकों में खून जमाने वाली ठंड पड़ रही है। कुमाऊं में आज काशीपुर, रामनगर में धूप खिली है। पंतनगर, अल्मोड़ा, लोहाघाट, चंपावत और रुद्रपुर में बादल छाए हैं।
आपदा प्रबंधन विभाग की मानें तो मौसम विभाग की ओर से जारी अलर्ट के हिसाब से जिले में सभी विभागों को सतर्क कर दिया है। इसके लिए यदि किसी विभाग के पास संसाधनों की कमी है तो वह जिला प्रशासन से संपर्क कर सकता है। लोक निर्माण विभाग, जल संस्थान आदि विभागों के कर्मचारियों को ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जेसीबी, चूना और नमक आदि के साथ तैनात रहने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
लोनिवि और राजमार्ग को बर्फबारी वाले स्थानों पर जेसीबी की तैनाती, चूना आदि की व्यवस्था करने के निर्देश दिये गये है। वैकल्पिक मार्गों से यातायात सुचारु कराना। अपने-अपने विभागीय गेस्ट हाउस को अलर्ट मोड पर रखना जिससे किसी भी स्थिति में पर्यटकों और स्थानीय जनता को इनमें शिफ्ट करने में दिक्कत न हो।
जल संस्थान व पेयजल निगम को बर्फबारी के कारण पानी जमने और पाईप लाइन क्षतिग्रस्त होने की दशा में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा गया है।
विद्युत विभाग से विद्युत आपूर्ति बाधित होने के तत्काल बाद स्थिति को सामान्य बनाने काम प्रमुख रूप से करने के निर्देश दिये गये है।
गौरतलब है कि पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी के बाद रविवार को मौसम साफ हुआ तो बर्फबारी का लुत्फ उठाने के लिए ऊंची चोटियों पर पर्यटकों का हुजूम उमड़ पड़ा। बड़ी संख्या में पर्यटकों ने लोखंडी, धारना धार, देववन, बुधेर पहुंच बर्फबारी का लुत्फ उठाया। दिनभर ऊंची चोटियां पर्यटकों से गुलजार नजर आई हालांकि, शाम चार बजे बाद चलने वाली ठंडी हवाओं ने लोगों को सिहरन का एहसास करा दिया।
शाम को चली ठंडी हवाओं के चलते तापमान माइनस में चला गया। रविवार को चकराता का अधिकतम तापमान छह डिग्री और न्यूनतम -01 डिग्री रहा। शाम ढलते ही लोगों के घरों और दुकानों में अलाव जल उठे।बर्फबारी के चलते होटल मभी फुल हो गए। सोमवार को भी बड़ी संख्या में पर्यटकों के चकराता और आसपास की ऊंची चोटियों का रुख करने का अनुमान है।
गोपेश्वर जिले में हो रही बर्फबारी ने दूरस्थ गांव के लोगों की दुश्वारियां बढ़ा दी हैं। जिले में 30 से अधिक गांवों में इस समय बर्फ की चादर बिछी हुई है। अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में घरों के ऊपर तक कई फीट बर्फ जमी हुई है।
चारों तरफ बर्फ पड़ने से मवेशियों के लिए चारा पत्ती की समस्या आ गई है। ठंड के कारण नलों में पानी जम रहा है, जिससे लोग प्राकृतिक स्रोत का सहारा ले रहे हैं। पाणा गांव की बीना देवी, शांति देवी, सीमा देवी, अनीता देवी सहित अन्य लोगों ने बताया कि पिछले बर्फबारी से आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। बर्फबारी का नजारा देखने के लिए रविवार को पर्यटन नगरी धनोल्टी और काणाताला क्षेत्र बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचे, लेकिन पर्यटकों को चंबा-धनोल्टी मार्ग पर सुबह से लेकर अपराह्न तक जाम की समस्या से जूझना पड़ा। बर्फ के ऊपर पाला गिरने से वाहन रपटने के कारण बार-बार मार्ग पर जाम लगता रहा। जाम को देखते हुए पुलिस प्रशासन को बुरांशखंडा और कद्दूखाल में बैरियर लगाकर वाहनों को रोकना पड़ा।