170 अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री ने प्रदान किये नियुक्ति पत्र

सहायक अभियंता, सिविल अभियंत्रण (ग्रामीण निर्माण विभाग) के पद पर 24, सहायक अभियंता, सिविल अभियंत्रण (सिंचाई विभाग) के पद पर 44, सहायक अभियंता, सिविल अभियंत्रण (उत्तराखण्ड जल संस्थान) के पद पर 20, सहायक अभियंता, सिविल अभियंत्रण (लोक निर्माण विभाग) के पद पर 41, सहायक अभियंता, सिविल अभियंत्रण (आवास विभाग) के पद पर 14, सहायक अभियंता, यांत्रिक अभियंत्रण (सिंचाई विभाग) के पद पर 10, सहायक अभियंता, कृषि अभियंत्रण (लघु सिंचाई विभाग) के पद पर 06, सहायक अभियंता, सिविल अभियंत्रण ( लघु सिंचाई विभाग) एवं सहायक विद्युत निरीक्षक, (ऊर्जा विभाग) के पद पर 02-02 एवं सहायक अभियंता, विद्युत /यांत्रिक अभियंत्रण (लोक निर्माण विभाग) एवं सहायक अभियंता, विद्युत /यांत्रिक अभियंत्रण (ग्रामीण निर्माण विभाग) के पद पर 01-01 अभ्यर्थी को नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले सभी अभ्यर्थियों को शुभकामना देते हुए आशा व्यक्त की कि नियुक्ति प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों को जिस भी क्षेत्र में सेवा करने का अवसर मिल रहा है, वे कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण भाव से जन सेवा करेंगे। उन्होंने कहा कि आज नियुक्ति देने का मुख्य उद्देश्य है कि, सभी अभ्यर्थियों को चयन वर्ष का लाभ प्राप्त हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में लाने के लिए राज्य सरकार हर क्षेत्र में तेजी से कार्य कर रही है। उन्होंने सभी चयनित अभ्यर्थियों से अपेक्षा की किअपने क्षेत्र में बेहतर कार्य कर उत्तराखण्ड को श्रेष्ठ राज्य बनाने में सभी चयनित अभ्यर्थी अपना योगदान देंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सबको अपने कार्यक्षेत्र में शत प्रतिशत योगदान देकर अपने माता-पिता और राज्य का गौरव बढ़ाने का कार्य करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 03 सालों में राज्य सरकार का प्रयास रहा है कि हर क्षेत्र में युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ा जाए। इन 03 वर्षों में लोक सेवा आयोग, उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग और मेडिकल चयन बोर्ड के माध्यम से कुल 14 हजार 800 नियुक्तियां प्रदान की गई हैं। राज्य में सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। नकल विरोधी कानून लागू होने के बाद से सभी भर्ती परीक्षाएं पूर्ण पारदर्शिता के साथ सम्पन्न हुई हैं। इस कानून के तहत दोषियों पर सख्त कार्रवाई के प्राविधान किये गये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने विश्वविद्यालय से ही युवा राजनीति में कार्य किया है, युवा वर्ग हमेशा उनकी प्राथमिकता में रहा है।

कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने सभी चयनित अभ्यर्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए आशा व्यक्त की कि सभी सहायक अभियंता अपने कार्यक्षेत्र में उत्कृष्टता के साथ कार्य कर उत्तराखण्ड को विकसित राज्य बनाने में योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि सभी चयनित अभ्यर्थी मन में यह भाव लेकर चलें कि कार्यक्षेत्र में हर समय नई चीजें, सीखने को मिलेगी, उनको आत्मसात करते हुए आगे बढ़ना है।

कैबिनेट मंत्री प्रेमचन्द अग्रवाल ने चयनित सभी अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि चयनित अभ्यर्थियों के लिए यह जीवन की नई पारी की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में कई समय से सहायक अभियंताओं की कमी थी। नई नियुक्तियों से कार्यों में और तेजी आयेगी। उन्होंने कहा कि राज्य के 09 जिलों में विकास प्राधिकरण हैं, जिनमें सहायक अभियंताओं को नियुक्ति मिलेगी। राज्य में प्राधिकरण बनाने का मुख्य उद्देश्य है कि क्षेत्रों का नियोजित विकास हो सके।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ. आर. राजेश कुमार, विनय शंकर पाण्डेय, एस.एन. पाण्डेय, उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी, अपर सचिव विनीत कुमार, कर्मेन्द्र सिंह एवं संबंधित विभागों के विभागाध्यक्ष उपस्थित थे।

पढ़ाई के साथ कमाई भी करेंगे छात्र-छात्राएंः डा. धन सिंह

उत्तराखंड के उच्च शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत छात्र-छात्राएं अब पढाई के साथ-साथ कमाई भी करेंगे। इसके लिये सरकार ने श्सीएम लीप अर्न वाइल यू लर्नश् योजना को अपनी मंजूरी दे दी है। राज्य विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में शीघ्र ही इस योजना को लागू किया जायेगा। योजना के तहत स्नातक, स्नातकोत्तर एवं अनुसंधान स्तर पर चयनित मेधावी छात्र-छात्राओं को अधिकतम छह हजार मासिक पारिश्रमिक दिया जायेगा। अकादमिक रूप से उत्कृष्ट छात्रों को उनके शैक्षणिक गतिविधियों के दौरान वित्तीय सहायता मिलने से छात्रों का पढ़ाई के प्रति जहां रूझान बढ़ेगा, वहीं उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्र नामांकन में भी इजाफा होगा।

उच्च शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने बताया कि राज्य सरकार उच्च शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाने के पक्षधर है ताकि प्रदेश के युवाओं को शिक्षण संस्थानों में उच्च स्तरीय शिक्षा के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव और उपार्जन के अवसर उपलब्ध कराये जा सके। डॉ रावत ने बताया कि सरकार की इसी मंशा के तहत प्रदेश के उच्च शिक्षण संस्थानों में ‘सीएम लीप अर्न वाइल यू लर्न’ योजना लागू की जायेगी, जिसकी मंजूरी सरकार ने दे दी है और शीघ्र ही शासन स्तर से इसका शासनादेश जारी कर दिया जायेगा। उन्होंने बताया कि सीखो और कमाओ आधारित इस महत्वपूर्ण योजना के तहत प्रदेश के समस्त राज्य विश्वविद्यालयों, राजकीय महाविद्यालयों और अन्य उच्च शैक्षणिक संस्थाओं में स्नातक, स्नातकोत्तर एवं अनुसंधान स्तर के पात्र छात्र-छात्राओं को संस्थान में विभिन्न क्षेत्रों में कार्य सौंपे जायेंगे। जिसमें प्रमुख रूप से पुस्तकालय संचालन सहायता कार्य, प्रयोगशालाओं में उपकरण संचालन, रखरखाव और प्रायोगिक सत्रों के लिये प्रयोगशाला सहायता संबंधी कार्य तथा कार्यालयी प्रशासनिक कार्य आदि शामिल हैं। उन्होंने बताया कि योजना हेतु अभ्यर्थियों का चयन उनके समग्र शैक्षणिक स्कोर के आधार किया जायेगा। योजना के अंतर्गत कार्ययोजित छात्र-छात्राओं को सौ रूपये प्रतिघंटे के हिसाब से अधिकतम छह हजार रूपये प्रतिमाह पारिश्रमिक दिया जायेगा। विभागीय मंत्री ने बताया कि योजना के अंतर्गत कार्ययोजित छात्र-छात्राओं पर इसके प्रभाव का समय-समय पर उच्च शिक्षा विभाग द्वारा मूल्यांकन किया जायेगा। मूल्यांकन के दौरान नामंकित छात्रों व नियोजित करने वाले होस्ट दोनों से फीडबैक लिया जायेगा। उन्होंने बताया कि एक निरंतर अंतराल में सीएम लीप योजना की समीक्षा भी की जायेगी ताकि इस नीति की प्रासंगिकता, प्रभावशीलता और उद्देश्यों को सुनिश्चित किया जा सके और भविष्य में छात्र-छात्राओं को इसका अधिक से अधिक लाभ पहुंचाया जा सके।

योजना के लिये पात्रता
सीएम लीप अर्न वाइल यू लर्न योजना के लिये स्नातक द्वितीय वर्ष (तृतीय/चतुर्थ सेमेस्टर) से लेकर स्नातकोत्तर के छात्र-छात्राएं तथा शोधार्थी पात्र होंगे। योजना के लिये छात्र-छात्राओं का चयन उनके समग्र शैक्षिणिक स्कोर के आधार पर किया जायेगा। इसके लिये इच्छुक छात्रों को संबंधित संस्थान में पूर्णकालिक नियमित संस्थागत छात्र होना अनिवार्य होगा। योजना के तहत स्नातक प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय वर्ष में प्राप्त अंक, स्नातकोत्तर प्रथम व द्वितीय वर्ष में प्राप्त अंक, यूसेट में प्राप्त अंक तथा नेट में प्राप्त अंकों के आधार पर मेरिट तैयार की जायेगी। तदोपरांत उच्च प्राथमिकता पात्रता मानदंड को पूरा करने वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जायेगी। इसके लिये इच्छुक छात्र-छात्राओं को संबंधित संस्थान में आवेदन करना होगा। उक्त संस्थान द्वारा सीएम लीप योजना के अंतर्गत नामांकन/आवेदन समर्थ पोर्टल के माध्यम से प्राप्त किये जायेंगे। जिसकी सूचना संस्थान को अपनी वेबसाइट पर प्रसारित करनी होगी और छात्र समूहों में भी इसका प्रचार-प्रसार करना अनिवार्य होगा।

योजना के तहत इन क्षेत्रों में मिलेगा काम’
पढ़ाई के साथ कमाई योजना के तहत उच्च शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत अर्ह छात्र-छात्राएं शैक्षणिक विभाग, अनुसंधान केन्द्र, स्कूल, पुस्तकालय, विभाग और प्रशासनिक कार्यालय में काम कर सकेंगे। जिसमें पुस्तकालय संचालन के तहत पुस्तक व्यवस्था, प्रदर्शन और संचालन शामिल है। अनुसंधान केन्द्र में उपकरण संचालन, रखरखाव और प्रयोगशाला सहायता संबंधी कार्यों किये जायेंगे। जबकि विभाग व प्रशासनिक कार्यालय में विशेष रूप से छात्र वर्ग से संबंधित कार्य, डाटा प्रबंधन, फाइलिंग, ड्राफ्टिंग इत्यादि कार्य शामिल है।

छात्रों को पढाई के साथ मिलेगा पारिश्रमिक
सीएम लीफ योजना के तहत कार्ययोजित छात्र-छात्राओं को रू0 100 प्रतिघंटे की दर से अधिकतम रूपये 6000प्रतिमाह पारिश्रमिक दिया जायेगा। जिसका भुगतान इलेक्ट्रॉनिक क्लियरिंग सेवा (ईसीएस) के माध्यम से करते हुये अर्जित धनराशि सीधे उनके व्यक्तिगत बैंक खाते में जमा की जायेगी।

पंत यूनिवर्सिटी में सीएम ने किया युवाओं से संवाद, युवाओं से पूछे सवाल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के गांधी हॉल में पहुंचकर सेवा पखवाड़े के अंतर्गत आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर युवाओं के सवालों के बहुत ही सहेजता एवं सरलता से जवाब दिए।

युवा संवाद कार्यक्रम में अपने लोकप्रिय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को अपने बीच पाकर युवा बहुत ही प्रफुल्लित एवं उत्साहित हुए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के गांधी हॉल में पहुंचते ही युवाओं ने पूरी गर्मजोशी के साथ मुख्यमंत्री का स्वागत एवं अभिनंदन किया। कार्यक्रम में 800 युवाओं द्वारा प्रतिभाग किया गया।

कार्यक्रम में निशा सिंह ने बैकलोग के पद भरे जाने तथा बरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराने के संबंध में प्रश्न किया, जिस पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि बैकलोग ही नहीं अन्य रिक्त पदों को भरना भी सरकार की प्राथमिकता में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित परीक्षाओं में नकल एवं पेपर लीक की शिकायत पर तुरंत एक्शन लेते हुए डीजीपी को तत्काल जांच के निर्देश दिए गए थे, जिसमें अब तक 41 गुनहगारों की गिरफ्तारियां हो चुकी है। उन्होंने कहा कि गिरफ्तार व्यक्तियों की संपत्तियां कुर्क करने के आदेश दिए गए हैं तथा उन पर गैंगस्टर के साथ ही अन्य धाराओं में मुकदमे दर्ज किए गए हैं। जब तक घोटाले में शामिल हर एक व्यक्ति जेल नहीं पहुंच जाता, तब तक जांच चलती रहेगी। उन्होंने कहां कि अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से भर्ती होने वाले 7000 पदों को तत्काल भरने के लिए, उत्तराखंड लोक सेवा आयोग को भर्ती के लिए नामित किया गया है। उन्होंने कहा कि 7000 भर्तियों के लिए लोक सेवा आयोग द्वारा अक्टूबर माह में विज्ञप्ति जारी हो जाएंगी। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड लोक सेवा आयोग द्वारा समय सारणी निर्धारित कर ली गई है जो कि शीघ्र ही जारी की जाएगी। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही राज्य के विभिन्न विभागों में रिक्त 12000 पदों को भी शीघ्र ही भरा जाएगा।

राहुल भट्ट ने देश की विषम भौगोलिक परिस्थितियों में प्रधानमंत्री द्वारा अर्थव्यवस्था बढ़ाने के लिए किए जा रहे प्रयासों के बारे में पूछा, जिस पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा की देश को खाद्यान्न के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए अधिक उपज उत्पादन पर जोर दिया गया है, जिसके परिणाम स्वरूप खाद्यान्न आयात नहीं करना पड़ रहा और भारत खाद्यान्न के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन रहा है। उन्होंने कहा कि भारत की जीडीपी की बहुत बड़ी धनराशि रक्षा उपकरण एवं हथियार खरीदने में जाती थी, रक्षा उपकरणों के आयात के विपरीत भारत रक्षा क्षेत्र में भी आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा रहा है तथा रक्षा उपकरण आयात के स्थान पर निर्यात की ओर ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले 8 सालों में सकल घरेलू उत्पाद दोगुना हुआ है तथा प्रति व्यक्ति आय में भी वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि 2010 में भारत विश्व की 10वीं बड़ी अर्थव्यवस्था थी परंतु अब भारत विश्व की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गई है। उन्होंने कहा कि देश में जब पोलियो वायरस आया था तब देश को पोलियो की दवाई मिलने में 15 साल का वक्त लग गया था, परंतु जब कोरोना ने विश्व भर में दस्तक दी तो विश्व जगत यह चिंता कर रहा था कि यदि भारत में यह बीमारी फैली तो विश्व के लिए भारत जिम्मेदारी बन जाएगा परंतु पीएम नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में देश के सभी नागरिकों को प्रथम व द्वितीय डोज के साथ ही बूस्टर डोज भी फ्री में लगाई गई तथा विश्व के अन्य देशों को भी कोरोना की वैक्सीन उपलब्ध कराई गई। उन्होंने कहा कि कोरोना कॉल में 80 करोड़ से ज्यादा लोगों को घर चलाने एवं चूल्हा जलाने के लिए प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री ही नहीं बल्कि अभिभावक होने के नाते पूरे देश की चिंता की और किसी भी गरीब को भूखा न सोना पड़े, इसलिए गरीब कल्याण अन्न योजना चलाई तथा सभी परिवारों के लिए अन्न की व्यवस्था की। उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रही है।

विभाष ने वर्तमान आयु में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वस्थ रहने के बारे में जानना चाहा, जिस पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 24 घंटे में से 20 घंटे काम करने के बावजूद भी तरोताजा रहते हैं, उनमें जो ऊर्जा क्षमता सवेरे रहती है वही ऊर्जा क्षमता रात में भी रहती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वस्थ रहने का सबसे बड़ा राज अनुशासन, नियम एवं संयम का ही परिणाम है, जिसके कारण वे आज भी 25 वर्ष के नौजवानों जैसे ही ऊर्जावान दिखाई देते हैं। उन्होंने कहा कि सभी व्यक्ति को अनुशासन के साथ ही व्यायाम एवं शारीरिक गतिविधियां करने के लिए समय निकालना चाहिए और व्यायाम को अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए।

प्रशांत ने नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के पश्चात भारत के पाक तथा चीन संबंधों में आए परिवर्तन के बारे में जानना चाहा, जिस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं भी सैनिक का बेटा हूं और मेरे पिताजी ने 30-32 साल देश की विभिन्न क्षेत्रों में रहकर सेवा की है। उन्होंने कहा कि मेरे पिताजी शांति सेना में श्रीलंका भी गए थे। उन्होंने कहा कि बचपन में मेरे मन मे भी यह सवाल आता था कि भारत-पाक युद्ध हुआ तो हमारी जीत निश्चित होगी परंतु जब चाइना के साथ युद्ध की बात आती थी तो मन में संशय के बादल छाए रहते थे। उन्होंने कहा कि मन में संशय के यह बादल भारत चीन युद्ध की 1962 की लड़ाई का परिणाम थी, परंतु प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के पश्चात गलवान घाटी में देश के सैनिकों ने मुंह तोड़ जवाब दिया। गलवान घाटी में शहीद सैनिक हमें विरासत में सोच देकर गए हैं कि कोई भी आंख उठाकर देखेगा तो उसको नस्तोनाबूद कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि देश की सेना सदा ही शौर्य और पराक्रम का इतिहास लिखती आई है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत शक्तिशाली देश के रूप में उभरा है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद म्यांमार में घर में घुसकर तथा पुलवामा आतंकी हमले का बदला सर्जिकल स्ट्राइक कर के लिया गया है। उन्होंने कहा कि आज भारत विश्व की महाशक्ति बनकर उभर रहा है। उन्होंने कहा कि विश्व में कोई भी घटना होती है तो दुनिया भारत की ओर देखती है। उन्होंने कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान देश के झंडे का पराक्रम देखने को उस समय मिला जब देश के विद्यार्थियों के साथ ही विश्व के अन्य देशों के व्यक्तियों ने भी यूक्रेन से निकलने के लिए हमारे देश के तिरंगे का सहारा लिया।

अरुण कुमार ने पूछा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री स्वयं यह कहते हैं कि यह दशक उत्तराखंड का दशक होगा इसके लिए क्या-क्या योजनाएं चलाई जा रही है, जिस पर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह दशक उत्तराखंड का दशक तब होगा जब राज्य में पर्यटन तेजी से आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि पर्यटकों को अच्छी सुविधाएं मिले। उन्होंने कहा कि पर्यटन के क्षेत्र में अच्छी एवं आधारभूत सुविधाएं कैसे मिले, अवस्थापना विकास सुविधाओं, रेस्टोरेंट, बंगले, यातायात एवं रेलवे परिवहन आदि को सुविधाजनक बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारा राज्य एवं देश अतिथि देवो भावः के भाव से काम करता है, सभी के मन में अतिथि देवो भावः का भाव होना चाहिए। जो भी पर्यटक एक बार राज्य में आए वह सुखद अनुभव लेकर यहां से जाए ताकि एक बार आए तो बार-बार आने की इच्छा करें। उन्होंने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन नीति में बदलाव किया जा रहा है। उन्होंने ऋषिकेश के ताज होटल का हवाला देते हुए कहा कि अकेले एक होटल से ₹20 करोड़ का राजस्व 1 साल में मिलता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के होटल यदि राज्य में होंगे तो निश्चित ही राज्य को विकास में नई दिशा मिलेगी। उन्होंने कहा कि जल विद्युत परियोजनाओ, योगा, वेलनेस सेंन्टर, उद्योग, आयुष के साथ ही सभी क्षेत्रों में मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि इस दशक को उत्तराखण्ड का दशक बनाने के लिए सभी व्यक्तियों को अपना-अपना काम एवं जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा, ईमानदारी एवं कर्तव्य निष्ठा से करना होगा, तभी ये दशक उत्तराखंड का दशक होगा और इसके लिए सभी को सामूहिक प्रयास करने होंगे।

योगेश आर्य ने प्रदेश के पर्यटन प्रदेश के रूप में विकसित किए जाने हेतु पर्यटन विकास लिए चलाई जा रहे स्कीम की के बारे में पूछा, जिस पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जब राज्य गठन हुआ था तब यह प्रश्न गहराई से जुड़ा था कि राजस्व का विकास का आधार क्या होगा कैसे विकास की संरचना को गढ़ा जाएगा। उन्होंने बताया कि राज्य में पर्यटन विकास हेतु पर्यटन नीति में परिवर्तन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस बार चार धाम यात्रा पर रिकॉर्ड तोड़ 31 लाख से ज्यादा यात्री दर्शन कर चुके हैं तथा इस बार कावड़ यात्रा में भी चार करोड़ से ज्यादा शिवभक्त कावड़ लेके जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि केदारनाथ में तीसरे चरण का काम तेजी से चल रहा है तथा बद्रीनाथ का मास्टर प्लान भी तैयार हो गया है। सड़कों को एक कोने से दूसरे कोने तक जोड़ने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रुद्रपुर, हल्द्वानी, मुरादाबाद बायपास तथा काशीपुर-मुरादाबाद रोड फोरलेन स्वीकृत हो चुकी है। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में कैलाश मानसरोवर की यात्रा सड़क मार्ग से ही की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य में पर्यटन के विकास के लिए रेलव,े एयर कनेक्टिविटी, रोड कनेक्टिविटी को बढ़ावा दिया जा रहा है उन्होंने कहा कि ऋषिकेश से कर्णप्रयाग रेल मार्ग शीघ्र शुरू हो जाएगा जिस पर तेजी से कार्य चल रहा है। उन्होंने कहा कि उड़ान सेवा में प्रत्येक जगह को हेली सेवा से जोड़ने का काम उत्तराखंड कर रहा है, उन्होंने कहा कि एवियशन टर्बाे फ्यूल पर टैक्स में 18 पर्सेंट की छूट दी गई है अर्थात 2 परसेंट ही टैक्स वसूला जा रहा है।

चित्रा हलदर ने पूछा कि मोदी जी से वार्तालाप में उत्तराखंड के विषय में क्या वार्ता होती है जिस पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि पहले जब मैं पीएम साहब से मिलने के लिए गया था तब मेरे भी मन में यही था कि किस प्रकार के सवाल होंगे और क्या-क्या जवाब देना होगा, परंतु जब मैं उनसे मिला सवालों के जवाब दे दिये तथा 15 मिनट के बाद में बहुत ही ज्यादा अपने आप को सरल एवं सहज महसूस करने लगा। मैं यह भी भूल गया कि यह मेरे सम्मुख प्रधानमंत्री जी बैठे हैं। उन्होंने कहा कि जब मैंने प्रधानमंत्री जी को अद्वैत आश्रम संबंधित स्वामी विवेकानंद की पुस्तक भेंट की तब उन्होंने नारायण आश्रम, अद्वैत आश्रम, आदि कैलाश, केदारनाथ के विकास तथा बद्रीनाथ के मास्टर प्लान एम्स की प्रगति के साथ ही राज्य के हर सेक्टर एवं क्षेत्र के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी राज्य के हर क्षेत्र एवं परिस्थितियों से भलीभांति परिचित हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी से 15 मिनट का समय मिलने के लिए लिया गया था परंतु प्रधानमंत्री जी द्वारा पूरे 1 घंटा 30 मिनट का समय दिया गया और उन्होंने राज्य के संपूर्ण भूभाग एवं क्षेत्रों के कार्यों की जानकारी ली। प्रधानमंत्री जी का राज्य से गहरा लगाव है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा पोस्ट कार्ड के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को उनके जन्मदिन पर शुभकामना संदेश भी प्रेषित किया गया।

मानसी पांडे ने पूछा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गुजरात मॉडल की तरह आपका क्या मॉडल है जिस पर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 12 साल गुजरात के सीएम रहे, उनका गुजरात मॉडल में सुशासन, उद्योग, सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया गया। उनके शासन में रात दिन का कोई भी अंदर नहीं करते थे। गुजरात मॉडल पूरी दुनिया में सराहा गया। उन्होंने कहा कि मोदी जी की विचारधारा को न मानने वाली सरकारों ने भी गुजरात मॉडल को स्वीकार किया है। उन्होंने कहा कि राज्य के विकास हेतु 6000 एकड़ लैंड बैंक निकाला गया है, पर्यटन नीति में बदलाव कर रहे हैं और वेलनेस सेंटर आदि की स्थापना की जा रही है। उन्होंने कहा कि समस्याओं के समाधान हेतु सरलीकरण, समाधान, निस्तारण एवं चौथे नंबर पर संतुष्टि का भाव से कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में कार्य संस्कृति में बदलाव किया गया है। उन्होंने कहा कि जनसंख्या घनत्व बढ़ रहा है, असामाजिक तत्व राज्य में बनाना ले पाए इसके लिए सघन ड्राइव चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि निवेशकों को कोई परेशानी न हो, उद्योगों से रोजगार मिले एक सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया गया है। इसके साथ ही सभी क्षेत्रों में भी कार्य किये जा रहे है।

इस दौरान विधायक शिव अरोड़ा, पूर्व विधायक राजेश शुक्ला, भाजपा जिलाध्यक्ष विवेक सक्सेना, मेयर रामपाल सिंह, प्रदेश मंत्री बीजेपी विकास शर्मा, अनिल चौहान, भारत भूषण चुघ, शिव कुमार अग्रवाल, हरीश मुंजयाल, डीआईजी निलेश आनन्द भरणे, जिलाधिकारी युगल किशोर पंत, एसएसपी मंजूनाथ टी.सी, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

युवाओं को कर्मवीर बनकर अपनी क्षमताओं को पहचानना होगाः त्रिवेंद्र

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने थानों में जलागम प्रबंधन विभाग द्वारा संचालित ग्राम्या-2 परियोजना अन्तर्गत स्थापित एग्री बिजनेस ग्रोथ सेंटर का लोकार्पण किया। उन्होंने ग्रोथ सेंटर में बनाये जा रहे उत्पादों का निरीक्षण भी किया। मुख्यमंत्री ने ग्रोथ सेंटर के कैटलॉग का विमोचन किया एवं स्थानीय लोगों को मुख्यमंत्री राहत कोष के चेक भी वितरित किये। स्थानीय किसानों और युवाओं को विभिन्न कृषि एवं गैर कृषि आधारित उत्पादों के संग्रहण, प्रसंस्करण एवं विपणन केन्द्र के रूप में थानों में कृषि पर आधारित ‘‘ ग्राम्यनिधि’’ ग्रोथ सेंटर बनाया गया है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि राज्य में 100 से अधिक ग्रोथ सेंटरों को स्वीकृति दी जा चुकी है। सभी ग्रोथ सेंटर अलग-अलग कांसेप्ट पर तैयार किये जा रहे हैं। राज्य सरकार हर न्याय पंचायत पर एक ग्रोथ सेंटर बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि थानों क्षेत्र में कृषि योग्य भूमि काफी है। खेती का सदुपयोग करते हुए यहां कई ग्रोथ सेंटर बनाये जा सकते हैं। थानों में बनाये गये ग्रोथ सेंटर में पैकेजिंग और ब्रांडिग अच्छी की गई है। हमें स्थानीय उत्पादों को और अधिक प्रमोट करने की जरूरत है। स्थानीय उत्पादों की मार्केट में डिमांड भी बहुत अधिक है। उन्होंने कहा कि इस ग्रोथ सेंटर को और अधिक विस्तार दिये जाने की जरूरत है। ग्रोथ सेंटर में हमेशा सामान इतना होना चाहिए कि लोगों को डिमांड पर शीघ्र उपलब्ध हो जाय।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि हमारे युवाओं को कर्मवीर बनना होगा। हमें अपनी क्षमताओं को पहचानना होगा। स्वरोजगार के क्षेत्र में उत्तराखण्ड में अनेक कार्य हो सकते हैं। इससे युवा दूसरों को भी अपने साथ रोजगार दे सकते हैं। युवाओं को ऐसे ग्रोथ सेंटरों में जरूर आना चाहिए। इससे उनके मन में स्वरोजगार की दिशा में कार्य करने के लिए नये विचार आयेंगे। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना एवं एमएसएमई के तहत अनेक क्षेत्रों में कार्य किये जा सकते हैं। इन योजनाओं का लाभ लेकर युवा काफी आमदनी अर्जित कर सकते हैं। आत्मनिर्भर भारत की दिशा में आगे बढ़ने एवं चाइनीज उत्पादों के बहिष्कार के लिए हमें स्थानीय स्तर पर हर प्रकार के उत्पाद तैयार करने होंगे। उन्होंने कहा कि थानों एवं कोटाबाग में ग्राम लाईट की जो शुरूआत हुई है। इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ना होगा। हमारा प्रयास होना चाहिए कि आने वाले त्योहारों में हम सभी स्थानीय उत्पादों का प्रयोग करें। कुछ अच्छे डिजायनरों द्वारा विभिन्न उपकरणों के बनाने के लिए प्रशिक्षण की व्यवस्था भी की जायेगी।

जलागम मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि इस ग्रोथ सेंटर की सबसे अच्छी विशेषता है कि इसे स्थानीय किसानों का संगठन ‘मालकोटी स्वायत्त सहकारिता’ संचालित करेगा। जिसमें 11 राजस्व ग्रामों के 17 कृषक समूहों के 257 कृषक जुड़े हैं। यह खुशी की बात है कि ‘ मालकोटी स्वायत्त सहकारिता’ कृषक संघ द्वारा एक साल में 13.27 लाख का व्यवसाय किया गया जिसमें 6.83 लाख का शुद्ध लाभ प्राप्त किया। संघ के जुड़े किसानों ने प्रसंस्कृत और बेकरी उत्पादों के साथ-साथ संरक्षित नर्सरी में पौधे उगाकर उनका विक्रय भी किया है। इस ग्रोथ सेंटर के बनने से आस-पास के किसानों को भी फायदा मिलेगा। यह प्रसन्नता का विषय है कि ग्रोथ सेंटर में 35 से अधिक कृषि एवं गैर कृषि उत्पाद तैयार किये जा रहे हैं।