जिला गंगा सुरक्षा समिति की हुई वर्चुअल बैठक, पौराणिक नदियों को नाला कहना गलत


जनपद में नमामि गंगे कार्यों की समीक्षा एवं सम्बंधित कार्यों की प्रगति हेतु गठित जिला गंगा सुरक्षा समिति देहरादून की 36 वीं बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सम्पन्न हुई। इससे पूर्व में सम्पन्न हुई बैठकों में जिलाधिकारी देहरादून द्वारा दिये गए निर्देशों पर कृत कार्यवाही तथा वर्तमान में संचालित कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए मुख्य विकास अधिकारी निकिता खंडेलवाल द्वारा विभागवार निर्देश दिए। बैठक में जिला गंगा सुरक्षा समिति के नामित सदस्य पर्यावरण विद विनोद जुगलान ने तीर्थ नगरी ऋषिकेश में पौराणिक रम्भा एवं सरस्वती नदियों को नमामि गंगे परियोजना में नाला शब्द प्रयोग किये जाने पर आस्था पर चोट पहुंचने का मामला उठाया था। जिसके प्रत्योत्तर में उपजिलाधिकारी ऋषिकेश वरुण चैधरी ने बैठक की अध्यक्षता कर रही मुख्य विकास अधिकारी को स्पष्ट किया कि पूर्व में जिलाधिकारी महोदय द्वारा दिये गए निर्देश के अनुपालन में 1938 से पूर्व के भूअभिलेखों की जाँच में पाया गया है कि उक्त नदियों के लिए किसी भी स्थान पर नाला शब्द का प्रयोग नहीं किया गया है। नमामि गंगे योजना में त्रुटिवश पौराणिक नदियों को नाला कह कर संबोधित किया गया है। जो कि महज एक भूल है। इसलिए भविष्य में भी इन पौराणिक नदियों को नदियों के नाम से ही जाना जाएगा।

गौरतलब है कि पर्यावरणविद विनोद जुगलान द्वारा इन नदियों के संरक्षण संवर्धन को स्थानीय प्रशासन के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम पत्र भी प्रेषित किया गया था,जिसका संज्ञान लेते हुए केंद्र सरकार द्वारा एसपीएमजी उत्तराखंड को पत्र लिखकर संज्ञान लेने के निर्देश पूर्व में दिए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त समिति के नामित सदस्य द्वारा गंगा नदी के तटीय क्षेत्र में मृतपशुओं के निस्तारण का मामला भी उठाया गया। साथ ही ऋषिकेश वन क्षेत्र अंतर्गत 15 हेक्टेयर प्लांटेशन के निकट ग्राम सभा खड़क माफ की खाली पड़ी 10 एकड़ भूमि पर बर्ड टूरिज्म विकसित करने का सुझाव दिया गया। उन्होंने कहा कि इससे न केवल पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी बल्कि स्थानीय स्तर पर युवाओं को नेचर गाईड के रूप में रोजगार के अवसर और सरकार और पंचायत सहित ग्रामीणों को राजस्व की प्राप्ति भी होगी।

मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि उनका सुझाव नोट कर लिया गया है और अगली बैठक में इस पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। नगर निगम ऋषिकेश के सहायक नगर आयुक्त ऐलम दास ने बताया कि त्रिवेणी घाट पर गंगा अवलोकन केंद्र की स्थापना के लिए टिन शेड का निर्माण कराया जा रहा है और दिव्यांगों की गंगा तक पहुंच के लिए रैम्प की सुविधा की गई है। इसके अतिरिक्त पेयजल, जल संस्थान, प्रदूषण नियंत्रण विभाग, वनविभाग के कार्यों की प्रगति पर चर्चा की गई।