भाजपा विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी के रूप में स्थापित: अग्रवाल

भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर रायवाला में आयोजित कार्यक्रम में ऋषिकेश विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. प्रेमचंद अग्रवाल का पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा उत्साह एवं उल्लास के साथ भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर कार्यकर्ताओं ने स्थापना दिवस की अग्रिम शुभकामनाएं भी प्रेषित कीं।

डॉ अग्रवाल ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी, स्व अटल बिहारी बाजपेई एवं पंडित दीनदयाल उपाध्याय की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर व भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं एंव वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानित कर कार्यक्रम के शुरुआत की।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. अग्रवाल ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी केवल एक राजनीतिक पार्टी नहीं, बल्कि एक विशाल परिवार है। उन्होंने कहा कि आज भाजपा विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी के रूप में स्थापित हो चुकी है, जो अपने कार्यकर्ताओं के समर्पण और सेवा भाव के कारण संभव हुआ है।

डॉ. अग्रवाल ने पार्टी के संघर्षपूर्ण इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 1980 में स्थापना के बाद 1984 में एक समय ऐसा भी आया जब भाजपा के मात्र दो सांसद थे, लेकिन कार्यकर्ताओं की अथक मेहनत और संगठन की मजबूती के बल पर आज देश के अनेक राज्यों में भाजपा की सरकारें हैं।

उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है और तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने के साथ उन्होंने वैश्विक स्तर पर भारत की साख को और सशक्त किया है।

कार्यक्रम के दौरान डॉ. अग्रवाल ने संगठन को मजबूत बनाने वाले सभी वरिष्ठ नेताओं एवं कार्यकर्ताओं के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके योगदान को नमन किया।

इस अवसर पर दर्जाधारी श्यामवीर सैनी जी, भाजपा ओबीसी मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष सतपाल सैनी, रायवाला मंडल अध्यक्ष सुरेंद्र बिष्ट, प्रतीत नगर ग्राम प्रधान राजेश जुगलान, पंचायत सदस्य गीता थापा, लक्ष्मी गुरुंग, गणेश रावत, चित्रवीर छेत्री, अजय साहू,शिवकुमार पाल, नीतू सैनी, अनु सैनी सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और स्थानीय जनता मौजूद रही

महामंडलेश्वर अभिरामदास महाराज का आशीर्वाद लेने उनके आश्रम पहुंचे पूर्व मंत्री

ऋषिकेश विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. प्रेमचंद अग्रवाल ने ऋषिकेश के मायाकुंड स्थित रामानंद आश्रम के पीठाधीश्वर एंव महामंडलेश्वर अभिरामदास जी महाराज के दर्शन कर आशीर्वाद लिया।

इस अवसर पर डॉ. अग्रवाल ने शंकराचार्य जी से प्रदेश एवं क्षेत्र की समृद्धि, शांति और जनकल्याण के विषय में विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि संत समाज का मार्गदर्शन समाज को सही दिशा प्रदान करता है तथा उनके आशीर्वाद से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

डॉ. अग्रवाल ने कहा कि धार्मिक एवं आध्यात्मिक स्थलों का संरक्षण और विकास सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने आश्रम की व्यवस्थाओं की सराहना भी की।

महामंडलेश्वर अभिरामदास ने भी डॉ. अग्रवाल को आशीर्वाद देते हुए डॉ अग्रवाल व प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

राज्य में प्रथमबार समाज के महत्वपूर्ण अंग दिव्यांगजनों के लिए ऋषिकेश में बन रहा आधुनिक इंडोर बैडमिंटन हॉल

जनपद देहरादून में दिव्यांगजनों के लिए खेल सुविधाओं के विस्तार एवं उन्हें सशक्त बनाने की दिशा में जिलाधिकारी सविन बसंल के निर्देशन में जिला प्रशासन द्वारा एक महत्वपूर्ण एवं सराहनीय पहल की गई है। राज्य में प्रथमबार दिव्यांगजनों की मांग एवं उनकी विशेष आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए ऋषिकेश क्षेत्र में उनके उपयोगार्थ एक आधुनिक इंडोर बैडमिंटन हॉल का निर्माण कराया जा रहा है, जिसका निर्माण कार्य प्रारम्भ कर दिया गया है। जिला प्रशासन ने दिव्यांगजनों इंडोर बैडमिंटन हॉल निर्माण हेतु भूमि चयनित करते हुए 02 किश्तों में 62.67 लाख की राशि प्रदान की गई है जिसमें नगर निगम ऋषिकेश को प्रथम किस्त 25.41 लाख धनराशि पूर्व में जारी कर दी गई है शेष धनराशि 37.26 का अनुमोदित की कर दी गई है।
जिला प्रशासन की इस पहल से जहां मेधावी दिव्यांगजन खिलाडियों हेतु इंडोर बैडमिंटन हॉल की सुविधा मिलेगी वहीं प्रतिभावान दिव्यांग खिलाड़ियों को अपना हुनर दिखाने का अवसर मिलेगा जिससे छुपी हुई प्रतिभा सामने आ सकेंगी तथा राज्य, राष्ट्रीय अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर देश एवं राज्य का नाम रोशन कर सकेंगे। जिलाधिकारी के इस प्रसाय से ऐसे सितारे जो बहुत कुछ कर सकते हैं किन्तु सुविधओं के आभाव में कुछ नही कर पा रहें हैं उनको अब इस आधुनिक बैडमिंटन हॉल में अपना हुनर दिखाते हुए  राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी चमक बिखेरने का मौका मिलेगा।
जिलाधिकारी ने दिव्यांगजनों हेतु इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए Urgent Need Basis पर जिला खनिज फाउंडेशन (डीएमएफ) मद के अंतर्गत पूर्व में रू0 25.41 लाख की धनराशि स्वीकृत एवं निर्गत की जा चुकी है। उक्त धनराशि नगर निगम, ऋषिकेश को चेक के माध्यम से उपलब्ध कराई गई है, जिस पर निर्माण कार्य प्रारम्भ हो चुका है। इसी क्रम में नगर निगम, ऋषिकेश द्वारा प्रस्तुत संशोधित आंगणन के अनुसार अब इस परियोजना की कुल लागत रू0 62.67 लाख आंकी गई है। जिलाधिकारी ने नगर आयुक्त, नगर निगम ऋषिकेश द्वारा प्रस्तुत शेष रू0 37.26 लाख की अतिरिक्त धनराशि की मांग पर डीएम ने स्वीकृति प्रदान कर दी है।  

जिलाधिकारी सविन बंसल ने स्पष्ट किया कि दिव्यांगजनों के लिए बुनियादी सुविधाओं का विकास प्रशासन की प्राथमिकता में है। यह इंडोर बैडमिंटन हॉल न केवल उनके शारीरिक विकास एवं स्वास्थ्य को प्रोत्साहित करेगा, बल्कि उन्हें समाज की मुख्यधारा में सशक्त रूप से जोड़ने का कार्य भी करेगा। जिला प्रशासन द्वारा यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि परियोजना समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण हो, जिससे दिव्यांगजनों को शीघ्र ही इस सुविधा का लाभ मिल सके।

ऋषिकेश महायोजना 2031 में समाधान का रोडमैप तैयार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के तहत ऋषिकेश महायोजना–2031 को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। इसी क्रम में सचिव आवास डॉ. आर राजेश कुमार की अध्यक्षता में राज्य सचिवालय में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में तीन जनपदों—टिहरी, पौड़ी और देहरादून—से जुड़े अधिकारियों ने भाग लिया। सरकार का उद्देश्य इस महायोजना के माध्यम से ऋषिकेश को एक सुनियोजित, व्यवस्थित और आधुनिक शहर के रूप में विकसित करना है, जहां पर्यटन और शहरी विकास में संतुलन बना रहे।

*तपोवन बना चर्चा का केंद्र, अवैध निर्माण बड़ी चुनौती*
बैठक के दौरान सबसे अधिक फोकस तपोवन क्षेत्र पर रहा, जो टिहरी विकास प्राधिकरण के अधीन आता है। अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2011 की पूर्व महायोजना के बाद इस क्षेत्र में अनियोजित और अवैध निर्माण तेजी से बढ़े हैं। होटल, गेस्ट हाउस और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के अनियंत्रित विस्तार ने न केवल क्षेत्र की भौगोलिक संरचना को प्रभावित किया है, बल्कि यातायात, पार्किंग और सीवरेज जैसी मूलभूत सुविधाओं पर भी दबाव बढ़ाया है। इसके चलते स्थानीय लोगों और पर्यटकों दोनों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

मुख्य नगर एवं ग्राम नियोजक द्वारा प्रस्तुत किए गए प्लान में इन समस्याओं के समाधान के लिए कई अहम प्रावधान शामिल किए गए हैं। जिन क्षेत्रों में पहले से होटल और व्यावसायिक गतिविधियां विकसित हो चुकी हैं, उन्हें ‘पर्यटन उपयोग क्षेत्र’ के रूप में चिन्हित किया गया है। इससे न केवल मौजूदा ढांचे को वैधता और संरचना मिलेगी, बल्कि पर्यटन को भी व्यवस्थित तरीके से बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, भविष्य में अनियोजित निर्माण पर रोक लगाने के लिए सख्त नियामक प्रावधान भी जोड़े गए हैं।

*जनसुनवाई के बाद संशोधन, अब अंतिम चरण में योजना*
अधिकारियों ने जानकारी दी कि महायोजना को पहले संबंधित प्राधिकरण बोर्डों से अनुमोदन मिल चुका है और इसके बाद इसे जनसुनवाई एवं प्रदर्शनी की प्रक्रिया से भी गुजारा गया। जनसुझावों के आधार पर इसमें संशोधन किए गए और फिर इसे शासन स्तर पर भेजा गया। शासन द्वारा पुनर्विचार के बाद इसे एक बार फिर संबंधित बोर्डों को भेजा गया, जहां से इसे अनुमन्य कर दिया गया है। अब योजना अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।

*तीन जिलों का समन्वय, 15 दिन में सुझाव होंगे एकत्र*
ऋषिकेश महायोजना–2031 तीन जनपदों में फैली हुई है—टिहरी, पौड़ी और देहरादून। इनमें से दो जिलों ने योजना को स्वीकृति दे दी है, जबकि पौड़ी जनपद ने कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। इन्हीं सुझावों पर विचार करने के लिए सचिव स्तर पर विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि सभी जिलों से प्राप्त सुझावों को 15 दिनों के भीतर समेकित कर शासन को प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि महायोजना को जल्द अंतिम रूप दिया जा सके।

*पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल*
इस महायोजना के लागू होने से ऋषिकेश में पर्यटन गतिविधियों को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। सुनियोजित विकास के माध्यम से जहां एक ओर पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, वहीं स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। सरकार का मानना है कि यह योजना क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। बैठक के अंत में यह विश्वास व्यक्त किया गया कि सभी संबंधित विभागों के समन्वय से ऋषिकेश महायोजना–2031 को शीघ्र लागू किया जाएगा। इसके लागू होने से न केवल शहर की आधारभूत संरचना मजबूत होगी, बल्कि ऋषिकेश को एक अंतरराष्ट्रीय स्तर के पर्यटन शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में भी बड़ा कदम साबित होगा।

सचिव आवास डॉ. आर राजेश कुमार ने कहा कि ऋषिकेश महायोजना–2031 राज्य के लिए एक दूरदर्शी योजना है, जो आने वाले वर्षों में विकास की दिशा तय करेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सरकार योजनाओं को समयबद्ध तरीके से लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी आपत्तियों और सुझावों का शीघ्र निस्तारण करते हुए महायोजना को अंतिम रूप दिया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि तपोवन जैसे क्षेत्रों में जो अव्यवस्थित विकास हुआ है, उसे सुधारने के लिए इस बार ठोस प्रावधान किए गए हैं, जिससे भविष्य में संतुलित और सतत विकास सुनिश्चित किया जा सके।

श्री श्री रविशंकर और सीएम ने की सामाजिक समरसता और आध्यात्मिक जागरूकता से जुड़े विभिन्न विषयों पर वार्ता

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऋषिकेश में श्री श्री रविशंकर से शिष्टाचार भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान दोनों के बीच सामाजिक समरसता और आध्यात्मिक जागरूकता से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श हुआ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पद्म विभूषण से सम्मानित श्री श्री रविशंकर जी द्वारा स्थापित आर्ट ऑफ़ लिविंग संस्था विश्वभर में शांति, योग और मानवीय मूल्यों के प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उनके मार्गदर्शन से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो रहा है, जो उत्तराखंड जैसे आध्यात्मिक प्रदेश के लिए अत्यंत प्रेरणादायक है।

श्री श्री रविशंकर ने मुख्यमंत्री को आशीर्वाद देते हुए राज्य की उन्नति और समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की आध्यात्मिक विरासत और प्राकृतिक सौंदर्य इसे वैश्विक स्तर पर विशिष्ट पहचान प्रदान करते हैं और इसे और सशक्त बनाने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। मुख्यमंत्री ने संत-महात्माओं के मार्गदर्शन को राज्य के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण बताया।

ऋषिकेश के अंकुश बने अखिल भारतीय राष्ट्रीय गांधीवादी संगठन के प्रदेश महासचिव

अखिल भारतीय राष्ट्रीय गांधीवादी संगठन के राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा उत्तराखंड में, दिनेश सकलानी को प्रदेश अध्यक्ष, आशा रावत को प्रदेश अध्यक्ष महिला प्रकोष्ठ, अंकुश मौर्य को प्रदेश महासचिव एवं रामलाल नौटियाल लब्बू को प्रदेश उपाध्यक्ष की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई।

यह जिम्मेदारी राष्ट्रीय गांधीवादी संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल द्वारा इनको सोपी गई।

इस अवसर कार्यकारिणी में इन लोगों को जिम्मेदारी मिलने पर राष्ट्रीय कार्यकारिणी का धन्यवाद व्यक्त किया गया।

इस अवसर पर अंकुश मौर्य प्रदेश महासचिव पद एवं प्रदेश अध्यक्ष दिनेश सकलानी, एवं प्रदेश में
रामलाल नौटियाल को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाये जाने पर खुशी जाहिर की युवा कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष मुकेश बर्तवाल ब्लॉक अध्यक्ष हिंडोला शशि प्रकाश भट्ट पूर्व विधायक प्रतिनिधि मकान सिंह चौहान, केशवानंद तिवारी पूर्व ब्लाक अध्यक्ष कुंदन सिंह बिष्ट, केशवानंद तिवारी पूर्णानंद चमोली पुरुषोत्तम उनियाल भानु प्रसाद भट्ट प्रधान डागर संजय भट्ट पूर्व प्रधान डागर असाडी देवी नई पंचायत अध्यक्ष लोस्तू बढ़ियारगढ़ कुंदन रावत रजनीश सिंह, न्याय पंचायत अध्यक्ष लोस्तू धीरज पाल बर्तावाल चिलेडी सुमन पुंडीर धारी ढूंढसिर न्याय पंचायत अध्यक्ष महिपाल पवार उत्तम पवार धारी ढूंढसिर न्याय पंचायत अध्यक्ष चौरास प्रमोद पंवार सोशल मीडिया के योद्धा अर्जुन गोदियाल पूर्व प्रधान एवं वर्तमान प्रधान प्रतिनिधि आशीष गैरोला कोषाध्यक्ष अनिल थपलियाल युवा कांग्रेस के विधानसभा अध्यक्ष अंकित सिंह युवा कांग्रेस के सक्रिय साथी पंकज जोशी वरिष्ठ कांग्रेस दिनेश स्नेही वरिष्ठ कांग्रेस घड़ियाल धार वीरेंद्र मेहरा प्रधान दिनेश भंडारी अछरी कुंठ , पूर्व प्रधान जाखनी आशुतोष रावत नगर अध्यक्ष कीर्ति नगर प्रदीप थपलियाल सुनील कुमार जाखनी, पूर्व प्रधान कपरोली एवं जिला पंचायत अध्यक्ष पति सुनील कुमार, खर्क सुनील कुमार प्रदेश सचिव मंगत मटियाल सेवादल के हर्ष मणि कृतवान, जाख़ी भीम सिंह नेगी, महिला कांग्रेस के अध्यक्ष मीनाक्षी पोखरियाल महिला कांग्रेस की अनुसूचित जाति अध्यक्ष अनीता देवी, महिला कांग्रेस की महासचिव मीरा नेगी महिला कांग्रेस की सचिव अंजना कुंवर महिला कांग्रेस की उपाध्यक्ष मंजू देवी, महिला कांग्रेस की ब्लॉक अध्यक्ष हिंडोला खाल देवप्रयाग सुमन रावत,युवा कांग्रेस के पूर्व प्रभारी आशीष पवार हिंडोला खाल पीसीसी सदस्य हिंडोला खाल जितेंद्र उनियाल युवा कांग्रेस के दीपक भंडारी उपगढ़ रगोली से युवा कांग्रेस के राहुल कैंतुरा प्रधान टैली रिगोली कविता नेगी क्षेत्र पंचायत प्रतिनिधि महावीर भंडारी उपगढ़ ब्लॉगर रश्मि कैंतुरा, जय कृत भंडारी धूरेट दीपचंद टम्टा प्रधान उषा टमटा, बूथ अध्यक्ष खोला देवगड़ी लखीचंद, वरिष्ठ कांग्रेसी राकेश बर्तावल प्रवीण बटवाल प्रमोद बर्तावल, मोलधार दीपक गोदियाल खोंगचा दिलीप सिंह , नारायण सिंह जायरा, चोनी बिपिन नेगी, नोडा नारायण सिंह, मोर सिंह पुंडीर मंजुली, मसमोला प्रवीण जोशी देवी जोशी, सतेंद्र बूथ अध्यक्ष, वरिष्ठ कांग्रेसी नरेंद्र रावत, मुकेश कुमार, धारकोट प्रधान kthet, सुपार आनंद लाल, पूर्व प्रधान अशालाल, पूर्व प्रधान निशा कुमारी, सरोज लाल वरिष्ठ कांग्रेसी सुमन नेगी दालढुंग गोविंद पवार शिव प्रसाद गैरोला गोविंद पवार सुरेश पवार विजय पवार प्रताप भंडारी दालढुंग, नरेंद्र भंडारी दालडुंग, बडियार पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य जसपाल बिष्ट, जयवीर बिष्ट महिला कांग्रेस की न्याय पंचायत अध्यक्ष बबली भंडारी राधा भंडारी लक्ष्मण पवार भीम सिंह शैलेंद्र रावत, गोकुल पवार मालगड्डी प्रहलाद सिंह सोहन सिंह असवाल, ध्रुव सिंह पुंडीर पाव भीम सिंह पुंडीर , सिंदरी क्षेत्र पंचायत सदस्य आनंद सजवान , पूर्व विधायक प्रतिनिधि राकेश बिष्ट ,, जिला पंचायत सदस्य कड़ाकोट कविता देवी, पूर्व जिला पंचायत सदस्य विपिन पवार राजेंद्र रावत बूथ अध्यक्ष उत्तम कंडियाल वरिष्ठ कांग्रेसी महामंत्री उदय सिंह रावत न्याय पंचायत अध्यक्ष मलेथा वीरेंद्र राणा दिनेश भट्ट वरिष्ठ कांग्रेसी नरेंद्र राणा, युवा कांग्रेस के सदस्य अनुज थपलियाल, युवा कांग्रेस के सदस्य नीति राज, युवा कांग्रेस के सदस्य विनीत आर्य, सेवादल के प्रदेश सचिव विनोद रौथान, न्याय पंचायत अध्यक्ष मंगल सिंह रौथान, वरिष्ठ कांग्रेसी केशवानंद तिवारी पूर्णानंद चमोली, अनिल कुमार वरिष्ठ कांग्रेसी गमा सिंह, कांग्रेस के महामंत्री कीर्ति नगर बॉबी गुसाईं वरिष्ठ कांग्रेसी मानसिंह जायरा ऋषि जयारा, पूनम राणा जाखनी विनीता असवाल जाखनी , विजयपाल सिंह कलूड़ा जाखनी, रमी रावत ज़ाखनी,रोशन सेमवाल व्यापार सभा कीर्तिनगर राहुल कुमार व्यापार सभा कीर्तिनगर, नगर सचिव कीर्तिनगर कांग्रेस सोहन सिंह वर्तवाल , युवा कांग्रेस के सचिव कीर्तिनगर अनुराग चौहान होशियार सिंह भंडारी कीर्तिनगर, मनमोहन सिंह कीर्तिनगर छड़ियांरा,सुनील कुमार क्षेत्र पंचायत पति डांग चौरा, क्षेत्र पंचायत डांगचोरा, प्रधान डांगचौरा नरेंद्र लिंगवाल, वरिष्ठ कांग्रेस धनवीर मेहर धीरज कुमार पूर्व प्रधान डांगचोरा राजेंद्र रावत, युवा कांग्रेस के प्रभारी दुगड्डा दिनेश गोसाई न्याय पंचायत अध्यक्ष अकरी विपिन फोनंदनी, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य कोठार लखपति फोनदनी कीर्तन मंडली अध्यक्ष डूंगरी चौरास गिरिजा फोदनी अंजना फोदनी, बीना भारती पूर्व प्रधान दीपक कोहली थापली, दीपक नौटियाल थापली, महिला कांग्रेस की महामंत्री आरती बरतवाल चौरास महिला कीर्तन मंडली के अध्यक्ष मंगसू चौरास शुक्ला डंगवाल महिला मंगल दल सदस्य मंगसू बबीता फोदनी, वरिष्ठ कांग्रेसी श्रीधरश्रेष्ठ, पूर्व जिला पंचायत सदस्य प्रत्याशी निकी कुमार क्षेत्र पंचायत सदस्य सुपाना, सुशील पांडेय धारी भुवनेश जोशी, बिपिन पांडेय, शिवचरण रावत डागर कीर्तिनगर, रितिका पंवार महिला कांग्रेस, कांग्रेस नगर महामंत्री विपुल अग्रवाल वरिष्ठ कांग्रेसी रमा अग्रवाल, काशीराम भट्ट नई बस्ती जाखनी , नगर कांग्रेस के सचिव अजय रावत ज़ाखनी , अनिल कीर्तिनगर भगवान सिंह रौथान धनबीर सिंह कीर्तिनगर, डाक्टर संजय गैरोला, मोहन पंवार कीर्तिनगर, युवा कांग्रेस कीर्ति नगर नम्मू थपलियाल, अक्षिता थपलियाल, सते सिंह पुंडीर पेनुला, विकास असवाल प्रकाश सवाल कीर्ति नगर अरुण भट्ट कीर्ति नगर युवा कांग्रेस के पियूष सेमवाल ,रेखा देवी कीर्तिनगर, रिशु थपलियाल कीर्ति नगर सानू भंडारी कीर्ति नगर, मुकेश चंद्र कीर्ति नगर वरिष्ठ कांग्रेसी रघुवर दयाल कीर्ति नगर, सती राम कीर्ति नगर महिला कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष रजनी मेवाड़ पूर्व ब्लाक अध्यक्ष कुसुम लता गोसाई कीर्ति नगर पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष कीर्ति नगर हरीश सकलानी कांग्रेस महामंत्री नगर कीर्ति नगर प्रवीण पालीवाल, दिगपाल रावत कीर्ति नगर, भानु प्रसाद भट्ट रिंग जो गांव, बैरिस्ट कांग्रेस सुभाष लिंगवाल, मनीष कुमार कोठार गोदी, वरिष्ठ कांग्रेसी कुंदन लाल कोठार, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य सुरेश कुमार डागर ने पंचायत अध्यक्ष डागर परविंदर नेगी वरिष्ठ कांग्रेस ए भगवान सिंह नेगी डागर, न्याय पंचायत डागर महासचिव राजू पवार, प्रभारी डागर महर, संदीप नेगी जाखि, धीरेन्द्र राणा धारी ढूंढसिर, वीरेंद्र राणा धार राम सिंह चौहान प्रधान, धीरज राणा, जयवीर राणा, जयपाल पंवार धारी ढूंढसिर, जितेंद्र सिंह चौहान धारी ढूंढसिर पूर्व प्रधान डगर प्रभु दयाल, मदनलाल क्षेत्र पंचायत सदस्य डागर मकान लाल, नगर अध्यक्ष देवप्रयाग त्रिवेंद्र सिंह रावत, क्षेत्र पंचायत सदस्य देवप्रयाग विनोद टोडरिया क्षेत्र पंचायत सदस्य रजनी टोडरिया शशि पचभैया, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य नंदन टोडरिया, राजकुमार ट्यूटोरियल शुभम कुमार मीना ध्यानी कुसुम कोटियाल आदि ने खुशी व्यक्त की निश्चित तौर पर 2027 में उत्तराखंड में कांग्रेस पता की जाएगी और 2019 में केंद्र में भाजपा की सरकार बनाने का परम लक्ष्य हम सब लोग मिलकर प्राप्त करेंगे एवं कांग्रेस को मजबूती मिलेगी

योग महोत्सव में पहुंचे सीएम ने योग को बताया विश्व शांति और आत्मिक संतुलन का सार्वभौमिक विज्ञान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज योग नगरी ऋषिकेश स्थित परमार्थ निकेतन में आयोजित 38वें अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने देश-विदेश से पधारे योग साधकों, योगाचार्यों एवं महानुभावों का देवभूमि उत्तराखंड में स्वागत एवं अभिनंदन किया।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि यह उनका परम सौभाग्य है कि उन्हें इस भव्य अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव में सहभागिता का अवसर प्राप्त हुआ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि माँ गंगा की दिव्य आरती में सहभागी बनना तथा विश्वकल्याण हेतु आयोजित पवित्र यज्ञ में आहुति अर्पित करना उनके लिए अत्यंत सौभाग्य का विषय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि योग भारत की पुण्य भूमि से निकली प्राचीन और महान विधा है, जिसे आज विश्वभर के करोड़ों लोग अपने जीवन का हिस्सा बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि मन, शरीर और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करने वाला सार्वभौमिक विज्ञान है, जो आत्मिक शांति प्रदान करता है।

उन्होंने कहा कि आज जब विश्व तनाव, अवसाद और जीवनशैली जनित रोगों से जूझ रहा है, ऐसे समय में योग एक “नेचुरल हीलिंग सिस्टम” के रूप में आत्मिक शांति और संतुलन प्रदान कर रहा है। योगासन और प्राणायाम के माध्यम से शरीर और मन को तनावमुक्त किया जा सकता है तथा रोग प्रतिरोधक क्षमता और एकाग्रता में वृद्धि होती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि योग ने जाति, भाषा, धर्म और भूगोल की सीमाओं को पार कर मानव समाज को जोड़ने का कार्य किया है तथा “वसुधैव कुटुम्बकम्” और “सर्वे भवन्तु सुखिनः” के संदेश को विश्वभर में पहुंचाया है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने का प्रस्ताव संयुक्त राष्ट्र में रखा गया, जिसके परिणामस्वरूप आज 180 से अधिक देशों में योग का व्यापक अभ्यास हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड केवल देवभूमि ही नहीं, बल्कि योग और अध्यात्म की भूमि भी है। राज्य की नैसर्गिक सुंदरता और शुद्ध वातावरण योग साधना के लिए अत्यंत अनुकूल है। इसी दृष्टि से राज्य सरकार ने उत्तराखंड को योग की वैश्विक राजधानी बनाने हेतु देश की पहली “योग नीति 2025” लागू की है।

उन्होंने बताया कि योग एवं ध्यान केंद्र विकसित करने के लिए 20 लाख रुपये तक की सब्सिडी तथा शोध कार्यों के लिए 10 लाख रुपये तक के अनुदान का प्रावधान किया गया है। साथ ही पाँच नए योग हब स्थापित किए जा रहे हैं तथा सभी आयुष हेल्थ एवं वेलनेस सेंटरों में योग सेवाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष वेलनेस सेंटर एवं नेचुरोपैथी केंद्रों को भी निरंतर बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश में 300 से अधिक आयुष्मान आरोग्य केंद्र संचालित हैं तथा प्रत्येक जनपद में 50 एवं 10 बेड वाले आयुष चिकित्सालय स्थापित किए जा रहे हैं। ई-संजीवनी पोर्टल के माध्यम से विशेषज्ञों द्वारा आयुष परामर्श भी प्रदान किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि ‘उत्तराखंड आयुष नीति’ के माध्यम से औषधि निर्माण, वेलनेस, शिक्षा, शोध एवं औषधीय पौधों के संवर्धन को बढ़ावा दिया जा रहा है। साथ ही गढ़वाल एवं कुमाऊं मंडलों में एक-एक ‘स्पिरिचुअल इकोनॉमिक ज़ोन’ की स्थापना हेतु बजट में 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त की कि इस महोत्सव में देश-विदेश के प्रतिष्ठित योगाचार्य अपने ज्ञान एवं अनुभव साझा कर रहे हैं तथा हठ योग, राज योग, कर्म योग एवं भक्ति योग के साथ ध्यान, प्राणायाम एवं प्राकृतिक चिकित्सा संबंधी सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि परमार्थ निकेतन पिछले 80 वर्षों से भारतीय संस्कृति, योग और अध्यात्म के माध्यम से विश्व को जोड़ने का कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में यह महोत्सव योग, प्राणायाम और आध्यात्म के माध्यम से मानवता को शांति एवं सद्भाव के मार्ग पर प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

कार्यक्रम में परमार्थ निकेतन से स्वामी चिदानन्द सरस्वती एवं साध्वी भगवती सरस्वती, गायक कैलाश खेर, विभिन्न देशों से आए योगाचार्य, योग प्रशिक्षक तथा पर्यटक उपस्थित रहे।

डीएम की निरीक्षण जांच का त्वरित संज्ञान, ऋषिकेश उप निबंधक निलम्बित

जिला प्रशासन की रिपोर्ट पर शासन ने बड़ा एक्शन लेेते हुए उप निबन्धक ऋषिकेश को निलिम्बत करते हुए मुख्यालय सम्बद्ध कर दिया है। विगत माह आमजन को रजिस्ट्रार कार्यालय में आ रही समस्याओं एवं शिकायतों के सम्बन्ध में जिलाधिकारी सविन बसंल ने सब रजिस्ट्रार कार्यालय ऋषिकेश का औचक निरीक्षण किया था।
आमजन की पीड़ा व शिकायतों से प्रेरित डीएम सविन बसंल के सब रजिस्ट्रार कार्यालय ऋषिकेश के औचक निरीक्षण में गंभीर अनियमिताएं उजागर हुई थी जिनमें गहन स्टाम्प चोरी, फर्जी कार्मिक व सब रजिस्ट्रार के बगैर ही लिपिक द्वारा अनाधिकृत रूप विलेख पंजीकरण कार्यवाही सम्पादित करना,  कार्यालय में वर्षों से आमजन के मूल अभिलेख लम्बित पाये जाना,सम्पति मूल्य आंकलन का कोई ज्ञान न होना, करोड़ो की स्टाम्प चोरी हुई, औद्योगिक क्षेत्रों में आवासीय दरों पर भूखंड के छोटे टुकड़े कर कई रजिस्ट्रीयां बरामद हुई थी। निरीक्षण के दौरान उपस्थित फरियादियों ने आपबीती सुनाते हुए  बताया कि मूल अभिलेख लौटाने; रजिस्ट्री की नकल देने में आमजन को कर रहे परेशान किया जा रहा है। कार्यालय में कई महीनों से मूल अभिलेख आवेदकों को वापिस नही किए गए तथा ना ही मुख्यालय को सूचना प्रेषित की गई। जबकि अधिकतम तीन दिन है सीमा, परंतु सैकड़ों मूल विलेख अलमारी में धूल खा रहे थे अर्जेंट रजिस्ट्री नकल अनुमन्य 24 घंटे के सापेक्ष महीनों/वर्षों से मिली लम्बित मिले। जिस पर यह एक्शन लिया गया। इस एक्शन से अन्य रजिस्ट्रार कार्यालयों में भी औचक निरीक्षण जारी रहेंगे।

जिलाधिकारी सविन बसंल ने स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग के अन्तर्गत उप निबंधक कार्यालय, ऋषिकेश का उप जिलाधिकारी, ऋषिकेश एवं जिला शासकीय अधिवक्ता (रा०) देहरादून की उपस्थिति में औचक निरीक्षण किया, जिसके परिणामस्वरूप उप जिलाधिकारी, ऋषिकेश एवं जिला शासकीय अधिवक्ता (रा०) की संयुक्त जॉच आख्या के आधार पर हरीश कुमार, उप निबंधक, ऋषिकेश के बिना किसी सूचना के अनुपस्थिति, संदर्भगत कार्यालय में तत्समय तैनात निबंधक लिपिक द्वारा पंजीकरण की कार्यवाही सम्पादित करना पाया गया। तथा फर्जी कर्मचारी से अनाधिकृत तौर से विलेखों का पंजीकरण निष्पादित कराया जाना, पंजीकृत दस्तावेजों को कार्यालय में महिनों / वर्षों तक विधि विरूद्ध तरीके से धारित/लंबित रखना, ग्राम माजरी ग्रांट, तहसील डोईवाला में दून घाटी विशेष महायोजना 2031 के अंतर्गत आरक्षित औद्योगिक भूमि का आवासीय दरों पर पंजीकरण की कार्यवाही चल रही थी। उप निबन्धक हरीश कुमार द्वारा वर्तमान में प्रचलित / विद्यमान नियमों / अधिनियमों का यथा-भारतीय स्टाम्प (उत्तराखण्ड संशोधन) अधिनियम 2015 की धारा 47क, भारतीय रजिस्ट्रेशन मैनुअल के नियम 325, नियम 195 व 196, सुराज भ्रष्टाचार उन्मूलन एवं जनसेवा अनुभाग, उत्तराखण्ड शासन की अधिसूचना संख्या 368/28.04.2016 का संज्ञान नहीं लिया गया है, जिससे स्टाम्प अपवंचना के दृष्टिगत सरकार को गहन राजस्व क्षति हुई है।
निरीक्षण के दौरान पंजीकरण प्रक्रिया में खुलेआम कानून उल्लंघन, फर्जी कर्मचारी से रजिस्ट्रियां कराना तथा वर्षों से संगठित रूप से स्टांप चोरी किए जाने के प्रमाण सामने आए हैं।  उप निबंधक की अनुपस्थिति में अवैधानिक रूप से रजिस्ट्रियां की जा रही थीं तथा पंजीकृत दस्तावेज महीनों-वर्षों तक कार्यालय में दबाकर रखे गए। कार्यालय में बाहरी व्यक्ति द्वारा रजिस्ट्रेशन कार्य कराए जाने से शासन को करोड़ों रुपये के राजस्व नुकसान की आशंका जताई गई है। जांच में दून घाटी विशेष महायोजना-2031 के अंतर्गत औद्योगिक भू-उपयोग वाली भूमि को आवासीय दर्शाकर दर्जनों छोटे भू-खण्डों में रजिस्ट्री कराए जाने का मामला भी उजागर हुआ है, जिससे न केवल स्टांप अपवंचना हुई बल्कि भूमि क्रेताओं के साथ भी धोखाधड़ी की गई।
निरीक्षण दौरान पाई गई कमियों पर जिला प्रशासन द्वारा उप निबन्धक के निलम्बन एवं अनुशासनात्मक कार्यवाही की संस्तुति शासन को प्रेषित की गई थी। जिला प्रशासन की रिपोर्ट पर शासन द्वारा उप निबन्धक को निलिम्बित करते हुए मुख्यालय से सम्बद्ध करते हुए अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रारंभ कर दी है। जिला प्रशासन के इस एक्शन को राजस्व हितों से खिलवाड़, भ्रष्टाचार एवं अनियमितताओं पर जीरो टॉलरेंस नीति के तहत देखा जा रहा है तथा भविष्य में भी इस तरह के एक्शन देखने को मिल सकते हैं।

नगर निगम एवं जल संस्थान द्वारा क्षेत्र की 02 नालियों की गई टेपिंग, डीएम ने पूर्व में दिए थे निर्देश

जिला प्रशासन देहरादून द्वारा बड़ी कार्रवाई करते हुए बिना सीवर संयोजन के सीधे गंगा जी में जा रहे 14 घरों का ग्रे वॉटर बंद कर दिया है तथा 2 नालियों की टैपिंग कर दी गई है । विगत दिवस जिलाधिकारी सविन बंसल द्वारा चंदेश्वर नाला ऋषिकेश का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने ढालवाला नाले में अपशिष्ट जल (ग्रे-वाटर) प्रवाहित होने पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए नगर निगम, ऋषिकेश एवं जल संस्थान (गंगा), ऋषिकेश के अधिकारियों को नाले में छोड़े जा रहे अपशिष्ट जल के सभी पाइप तत्काल बंद कराने के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुपालन में जल संस्थान (गंगा), ऋषिकेश एवं नगर निगम, ऋषिकेश के अधिकारियों द्वारा संयुक्त निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में पाया गया कि ढालवाला नाले के आसपास कुल 21 भवन स्थित हैं। इनमें से 14 भवनों का ग्रे-वाटर सीधे नाले में जा रहा था, जबकि शेष 07 भवनों का ग्रे-वाटर विधिवत सीवर लाइन से संयोजित पाया गया।
संयुक्त निरीक्षण के उपरांत जल संस्थान ऋषिकेश द्वारा नाले में ग्रे-वाटर प्रवाहित कर रहे 14 भवनों के स्वामियों को नोटिस जारी किए गए तथा मौके पर ही उनके भवनों से नाले में जाने वाली अपशिष्ट जल निकासी को बंद कर दिया गया। इसके अतिरिक्त, जिलाधिकारी द्वारा दिए गए निर्देशों के क्रम में नगर निगम एवं जल संस्थान द्वारा क्षेत्र की 02 नालियों की भी टेपिंग कर दी गई है।
इस प्रकार अब ढालवाला नाला, चन्द्रेश्वर नगर में 14 भवनों एवं 02 नालियों से किसी भी प्रकार का ग्रे-वाटर खुले नाले में प्रवाहित नहीं हो रहा है। जिला प्रशासन द्वारा पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छता बनाए रखने के उद्देश्य से इस प्रकार की कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी।

07 विभागों के वरिष्ठतम प्रतिष्ठान हो या आवासीय भवन, गंदा पानी गंगा में बहाया तो नहीं बख्शे जाएंगे: डीएम

ऋषिकेश स्थित चन्द्रेश्वर नाले से बिना उपचारित गंदे पानी एवं ठोस कचरे के गंगा नदी में प्रवाहित होने संबंधी प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी सविन बंसल ने चन्द्रेश्वर नाला क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित विभागों को नाले के समुचित उपचार हेतु विस्तृत रिपोर्ट एवं कार्ययोजना शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान अधीक्षण अभियंता, सिंचाई विभाग तथा महाप्रबंधक, निर्माण वृत्त (गंगा), उत्तराखंड पेयजल निगम ने नाले का संपूर्ण नक्शा एवं प्रस्तावित एक्शन प्लान से अवगत कराया।

जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में जिला प्रशासन का यह सुनिश्चित प्रयास रहेगा कि किसी भी स्थिति में दूषित जल गंगा नदी में प्रवाहित न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि गंगा में मिलने वाले सभी नालों का जल स्वच्छ एवं उपचारित होना अनिवार्य है। जिलाधिकारी ने कहा कि 07 विभागों के वरिष्ठतम प्रतिष्ठान हो या आवासीय भवन, गंदा पानी गंगा में बहाया तो नहीं कोई भी नही बख्सा जाएगा। इस दौरान डीएम ने नाले में वेस्ट वाटर प्रवाह करते 25 घरों के पाइप-ड्रेन्स को आज ही सीज करने के निर्देश भी दिए।

जिलाधिकारी ने इस समस्या को अत्यंत गंभीर मानते हुए सीवर ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की क्षमता वृद्धि हेतु शीघ्र प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए तथा बिना उपचारित गंदे पानी की रोकथाम के लिए प्राथमिकता के आधार पर कार्य करने को कहा। उन्होंने कहा कि गंगा की स्वच्छता एवं पवित्रता बनाए रखने हेतु एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर शासन को प्रेषित की जाएगी, जिससे प्रदूषण की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जा सके और आने वाली पीढ़ियों के लिए गंगा को स्वच्छ रखा जा सके।

जिलाधिकारी ने कहा कि नगर क्षेत्र में सीवरेज नेटवर्क अधिकांश क्षेत्रों को आच्छादित करता है, किंतु जहां सीवरेज कार्य प्रगति पर है अथवा प्रतिष्ठानों एवं आवासीय भवनों के कनेक्शन अभी सीवर लाइन से नहीं जुड़े हैं, वहां दूषित जल के उपचार हेतु प्राथमिकता से कार्य किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इंटरसेप्शन एवं ड्रेनेज प्लान के अंतर्गत एसटीपी विस्तार की योजना तैयार की जा रही है तथा जिन प्रतिष्ठानों अथवा आवासीय भवनों द्वारा बिना उपचारित जल सीधे प्रवाहित किया जा रहा है, उनके विरुद्ध सख्त प्रवर्तन कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान जिलाधिकारी ने चन्द्रेश्वर नाला क्षेत्र के वार्ड-3 में गली मुहल्ले में पैदल चलकर आवासीय भवनों एवं प्रतिष्ठानों के सीवरेज और गलियों में बह रहे नालियों निरीक्षण करते हुए नालियों को सीवरेज से कनेक्ट कराने के निर्देश भी दिए।

जिलाधिकारी ने नगर निगम के मुख्य नगर आयुक्त, उपजिलाधिकारी, सीवरेज अनुरक्षण इकाई, पेयजल निगम, जल संस्थान एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को आपसी समन्वय से इस विषय पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट प्राप्त होने के उपरांत इसे आम जनता के साथ भी साझा किया जाएगा।

सीवरेज अनुरक्षण इकाई के अधिकारियों ने अवगत कराया कि ऋषिकेश में 7.50 एमएलडी क्षमता का सीवर ट्रीटमेंट प्लांट नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत आई एंड डी एवं एसटीपी, ढालवाला-मुनिकीरेती योजना के तहत निर्मित किया गया है। सीमित भूमि उपलब्धता के कारण यह एसटीपी बहुमंजिला स्वरूप में निर्मित किया गया है, जो देश का अपनी तरह का प्रथम एसटीपी है। यह एसटीपी अक्टूबर 2020 से अनुरक्षणाधीन है।

यह 7.50 एमएलडी एसटीपी तीन नालों के शोधन हेतु निर्मित है, जिनमें श्मशान घाट नाला एवं चन्द्रेश्वर नगर नाला प्रमुख हैं, जबकि ढालवाला नाले में सीवेज के साथ-साथ प्राकृतिक स्रोतों का जल भी अधिक मात्रा में आता है। वर्षा ऋतु के दौरान ढालवाला नाले में प्रवाह एसटीपी की क्षमता से अधिक हो जाता है। ऐसी स्थिति में श्मशान घाट एवं चंद्रेश्वर नगर नाले का संपूर्ण सीवेज एसटीपी में उपच ारित किया जाता है, जबकि ढालवाला नाले के प्रवाह को क्षमता की सीमा तक ही एसटीपी में लिया जाता है।

मानसून काल एवं उसके पश्चात लगभग चार माह तक ढालवाला नाले में भूमिगत जल की मात्रा अधिक रहने के कारण जल की गुणवत्ता परीक्षण में प्रदूषण की मात्रा अत्यंत न्यून पाई जाती है। ढालवाला नाले के दोनों ओर ड्रोन सर्वे एवं परिवारों का सर्वेक्षण किया जा रहा है। प्रारंभिक रूप से 502 परिवार चिन्हित किए गए हैं, जिनमें से 38 परिवारों का सीवर सीधे नाले में तथा 84 परिवारों का ग्रे-वाटर नाले में प्रवाहित हो रहा है। सर्वेक्षण की प्रक्रिया जारी है तथा सभी आंकड़ों का सत्यापन किया जा रहा है। सीधे प्रवाहित हो रहे जल के नमूनों की जांच एनएबीएल प्रमाणित प्रयोगशाला से कराई जा रही है।

इस दौरान उप जिलाधिकारी ऋषिेकेश योगेश मेहरा, नगर आयुक्त राम कुमार बिनवाल, सीओ पुलिस पूर्णिमा गर्ग सहित अनुरक्षण इकाई, जल निगम, जल संस्थान, सिंचाई के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।