राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू करने वाला देश का पहला राज्य होगा उत्तराखंड-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को इण्डियन पब्लिक स्कूल, झाझरा में विद्यालयी शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय शैक्षिक चिंतन शिविर में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर ‘बाल वाटिका’ पुस्तक एवं शिक्षा विभाग की मार्गदर्शिका के साथ ही पुस्तक ‘निपुण भारत’ एवं ‘सामान्य ज्ञान एक पहल’का विमोचन भी किया गया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आशा व्यक्त की, कि शिक्षा विभाग के इस चिंतन शिविर में जो चिंतन होगा, उसके आने वाले समय में सुखद परिणाम आयेंगे। उन्होंने सरकारी स्कूलों में घटती छात्र संख्या पर चिन्ता व्यक्त करते हुए कहा कि सरकारी स्कूलों में छात्र संख्या बढ़ाने की चुनौती एवं गुणात्मक शिक्षा के उपायों पर इस शिविर में गहनता से मंथन किये जाय। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में छात्र संख्या घटने के कारणों एवं इसको बढ़ाने के लिए गहनता से ध्यान देने की जरूरत है। नौनिहालों के व्यक्तित्व निर्माण में शिक्षा विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में शिक्षा के क्षेत्र में नई शिक्षा नीति एक क्रान्तिकारी परिवर्तन है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का लक्ष्य विद्यालयी शिक्षा के सभी स्तरों पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करते हुए श्रेष्ठ मानव का निर्माण करना है। यह शिक्षा नीति प्राचीन भारतीय सनातन ज्ञान और विचार की समृद्ध परंपरा के आलोक में तैयार की गयी है, जो प्रत्येक व्यक्ति में निहित रचनात्मक क्षमताओं के विकास पर विशेष ज़ोर देती है। इस नीति का लक्ष्य एक ऐसी शिक्षा प्रणाली को विकसित करना है, जो भारतीय ज्ञान परंपरा और मूल्यों से परिपूर्ण हो। उन्होंने कहा कि हर्ष का विषय है कि उत्तराखण्ड राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रावधानों को यथावत् लागू करने वाला देश का प्रथम राज्य बनने जा रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि 09 नवम्बर 2025 को उत्तराखण्ड राज्य स्थापना की रजत जंयती मनायेगा। शिक्षा विभाग तब तक बेस्ट प्रैक्टिस के तहत क्या कर सकता है, इस पर आज से ही ध्यान देना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड महामारी के कारण शैक्षिक हानि हुई है, वहीं दूसरी ओर बच्चों के मानसिक व्यवहार पर भी बुरा प्रभाव पड़ा है। उन्होंने कहा कि विद्यालयों के नियमित अनुश्रवण एवं प्रशासकीय कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विकास खण्ड स्तरीय अधिकारियों को भी वाहन देने अथवा मासिक रूप में धनराशि उपलब्ध कराने हेतु शिक्षा विभाग द्वारा शासन को प्रस्ताव भेजा जाय, ताकि इस समस्या का निदान हो सके।
शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि शिक्षा के गुणात्मक सुधार के लिए राज्य में यह पहला शैक्षिक चिंतन शिविर आयोजित किया जा रहा है। इसके बाद प्राचार्यों, शिक्षकों एवं अभिभावकों को भी इस तरह के शैक्षिक चिंतन शिविर में बुलाया जायेगा। इस तरह के शैक्षिक चिंतन शिविरों के आयोजन से शिक्षा के क्षेत्र में आगे का रोडमैप तैयार होगा। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत 30 छात्रों पर एक टीचर का होना जरूरी है। उत्तराखण्ड में अभी 15 छात्रों पर एक टीचर है। उन्होंने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने वाला उत्तराखण्ड पहला राज्य बनने जा रहा है। नई शिक्षा नीति राज्य में बहुत जल्द लागू हो जायेगी। उन्होंने कहा कि राज्य में नई शिक्षा नीति के तहत सिलेबस परिवर्तित किया जा रहा है। भारतीय ज्ञान परंपरा आधारित शिक्षा, योग, वेद, पुराणों, स्थानीय बोलियों एवं संस्कृत आधारित शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में विद्या समीक्षा केन्द्र एक साल में बनकर तैयार हो जायेगा।
इस अवसर पर विधायक सहदेव सिंह पुण्डीर, पूर्व राज्यसभा सांसद आर.के सिन्हा, सचिव शिक्षा रविनाथ रमन, महानिदेशक शिक्षा बंशीधर तिवारी, शिक्षा निदेशक आर.के कुंवर, निदेशक एस.सी.ई.आर.टी सीमा जौनसारी, शिक्षा विभाग के निदेशालय एवं जिला स्तरीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

महक जैन ने बढ़ाया ऋषिकेश का मान, किया सम्मानित

लायंस क्लब ऋषिकेश डिवाइन ने ऋषिकेश की बेटी महक जैन को सम्मानित किया। महक ने सिविल सेवा परीक्षा में देश में 17वीं रैंक प्राप्त की है।
सोमवार को हरिद्वार मार्ग स्थित आईसीए कंप्यूटर संस्थान में लायंस क्लब ऋषिकेश डिवाइन ने कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम में सिविल सेवा परीक्षा में सफलता प्राप्त करने वाली ऋषिकेश निवासी महक जैन को सम्मानित किया गया। क्लब के संस्थापक ललित मोहन मिश्र ने कहा कि बेटियां बेटों से कम नहीं है। महक की इस सफलता से अन्य बालिकाओं को भी प्रोत्साहन मिलेगा। अन्य छात्राओं को भी महक से प्रेरणा लेनी चाहिए। महक जैन ने देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा पास कर पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित किया है। महक जैन ने छात्र-छात्राओं से अपने अनुभव बांटे और उन्हें किसी भी परीक्षा की तैयारी करने के टिप्स भी दिए। कहा कि सफलता का मूल मंत्र मेहनत और लगन है।
मौके पर मेमोरी चैंपियन प्रतीक यादव, संस्थान अध्यक्ष मुकेश अग्रवाल, महेश किंगर, क्लब अध्यक्ष जगमीत सिंह, विकास ग्रोवर, पवन शुक्ला, लायन आशु ढंग, विक्की पनेशर, श्रेयांश जैन, मोनिका जैन आदि मौजूद रहे।

मस्ती की पाठशाला में बच्चों को मिला सीखने का अवसर

मस्ती की पाठशाला में आज एक भ्रमण कार्यक्रम के अन्तर्गत प्रतिभागी बच्चों को योग नगरी रेलवे स्टेशन के पार्क मे ले जाया गया। जहाँ बच्चों ने पेंटिंग, खेल कूद एवं अन्ताक्षरी आदि के माध्यम से शिविर में प्रतिभाग किया। बच्चों को मनोरंजन के साथ संरचनात्मक कलाओं से जोड़े रखने के उद्देश्य से भ्रमण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

ग्रीष्मकालीन अवकाश में भी बच्चों को अनौपचारिक तौर पर विद्यालयी वातावरण से जोड़े रखना, विशेषतया संरचनात्मक कलाओं को निखारने व खेल खेल में शिक्षा से जोड़े रखना शिविर के आयोजन का मुख्य उद्देश्य है।

शिविर की संचालक अध्यापिका सुश्री निरुपमा शर्मा ने बताया कि शिविर में बच्चों को विभिन्न प्रकार की पेंटिंग, घर पर तुरंत तैयार किए जाने वाले फूड आइटम्स बनाना, नृत्य गायन आदि सिखाए जाएंगे एवं खेल-खेल में मनोरंजन के साथ शैक्षिक ज्ञान वर्धन सत्रों का संचालन भी किया जा रहा है।

संस्था सचिव सरिता भट्ट ने बताया कि 15 दिवसों तक चलाए जाने वाले इस शिविर के समापन दिवस पर बच्चों की कला प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी व बच्चों द्वारा तैयार कलाकृतियों एवं अन्य कलाओं का प्रदर्शन भी किया जाएगा। तथा प्रमाण पत्र व पुरुस्कार वितरण भी किया जाएगा।
ज्ञात हो कि ग्राम मनसा देवी ऋषिकेश में सेतु फाउंडेशन संस्था द्वारा प्राथमिक शैक्षिक कार्यक्रम बड्स एकेडमी के अंतर्गत निर्धन परिवार के बच्चों के लिए एक ग्रीष्मकालीन शिविर मस्ती की पाठशाला का आयोजन किया जा रहा है।

कार्यक्रम में संस्था सचिव सरिता भट्ट, अध्यक्ष श्याम प्रकाश, माधव भट्ट, सुमित बडोला, संजय कौशिक अश्वनी गुप्ता, अध्यापिकाएं निरुपमा शर्मा, प्रीति, ममता एवं स्वयमसेवी प्रथम रतूडी, दीपा, कोमल आदि उपस्थित रहे।

अग्निपथ की योजनाओं को छात्रों को मिली जानकारी

रायवाला थाना क्षेत्र में थानाध्यक्ष रायवाला भुवन चंद्र पुजारी के नेतृत्व में छात्रों को अग्निपथ योजना की जानकारी दी गई।

थानाध्यक्ष ने बताया कि राजकीय इंटर कॉलेज छिद्दरवाला, रायवाला, हरिपुरकलां के स्टेडियम में आर्मी व पैरामिलिट्री फोर्स आदि की तैयारी कर रहे स्थानीय युवाओं को भारत सरकार द्वारा जारी अग्निपथ योजना के संबंध में जानकारी दी गई। बताया कि सोशल मीडिया आदि के माध्यम से प्रसारित हो रही अधूरी जानकारी एक अफवाह है। इस पर ध्यान न दिया जाए। इससे जागरूक रहा जाए।

बताया कि अधूरी जानकारी एवम अफवाहो में आकर कोई ऐसा अनुचित/असंवैधानिक कार्य ना करें जिससे कि आपके भविष्य पर कोई प्रतिकूल प्रभाव पड़े। साथ ही युवाओं के सवालों का जवाब देते हुए उनकी शंकाओं को दूर करते हुए उन्हें अग्निपथ योजना के संबंध में निम्न जानकारी दी गई।

बताया कि भारत सरकार द्वारा 17 वर्ष से 23 वर्ष तक के युवाओं को सेना की थल सेना, वायु सेना तथा जल सेना में अधिक से अधिक अवसर देकर आत्मनिर्भर बनाए जाने का संकल्प लिया गया है। जिसमें युवाओं को 4 साल की सेवा के पश्चात लगभग 11.71 लाख रुपए एकमुश्त दिए जाएंगे तथा उन्हें कोशल सेवा प्रमाण पत्र दिया जाएगा। साथ ’ही 25 युवाओं को भारतीय सेना की तीनों इकाइयों में स्थाई किया जाएगा।

थानाध्यक्ष ने बताया कि अग्नि वीरों को राज्य सरकार की सेवाओं में भी आरक्षण दिये जाने की भी संभावना है। उपरोक्त योजना से सभी युवाओं को कम उम्र में एकमुश्त अच्छी खासी रकम के साथ अन्य विभागों की तैयारी करने का अवसर प्रदान होगा। इस उम्र में आत्मनिर्भर बनने का सबसे सुनहरा अवसर है और इस एकमुश्त प्राप्त रकम का उपयोग हम आगे की पढ़ाई और तैयारी के लिए भी सकते हैं। जो उनके भविष्य के लिए एक ठोस आधार होगा, आदि जानकारी युवाओं को दी गई। जिसकी युवा वर्ग द्वारा सराहना की गई। मौके पर थाना रायवाला से उप निरीक्षक ज्योति प्रसाद उनियाल, उप निरीक्षक नीरज त्यागी आदि अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।

ग्रीष्मकालीन अवकाश में बच्चों के लिए मस्ती की पाठशाला का आयोजन

मनसा देवी ऋषिकेश में सेतु फाउंडेशन संस्था द्वारा प्राथमिक शैक्षिक कार्यक्रम बड्स एकेडमी के अंतर्गत निर्धन परिवार के बच्चों के लिए एक ग्रीष्मकालीन शिविर का शुभारंभ किया गया। मस्ती की पाठशाला नामक इस शिविर का शुभारंभ करते हुए संस्था की सचिव सरिता भट्ट ने बताया कि ग्रीष्मकालीन अवकाश में भी बच्चों को अनौपचारिक तौर पर विद्यालयी वातावरण से जोड़े रखना, विशेषतया संरचनात्मक कलाओं को निखारने व खेल खेल में शिक्षा से जोड़े रखना शिविर के आयोजन का मुख्य उद्देश्य है।
शिविर की संचालक अध्यापिका निरुपमा शर्मा ने बताया कि शिविर में बच्चों को विभिन्न प्रकार की पेंटिंग, घर पर तुरंत तैयार किए जाने वाले फूड आइटम्स बनाना, नृत्य गायन आदि सिखाए जाएंगे एवं खेल-खेल में मनोरंजन के साथ शैक्षिक ज्ञान वर्धन सत्रों का संचालन भी किया जाएगा।
संस्था सचिव ने बताया कि 15 दिनों तक चलाए जाने वाले इस शिविर के समापन दिवस पर बच्चों की कला प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी व बच्चों द्वारा तैयार कलाकृतियों एवं अन्य कलाओं का प्रदर्शन भी किया जाएगा।
इस अवसर पर अध्यक्ष श्याम प्रकाश, उपाध्यक्ष माधव भट्ट, सह सचिव सुमित बडोला, सदस्य संजय कौशिक, अश्वनी गुप्ता, प्रीति, ममता आदि उपस्थित रहे।

सोनी सेमवाल की सफलता पर ग्रामीणों में खुशी की लहर

लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती, कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती। ये लाइन सोनी सेमवाल पर चरितार्थ है। जिन्होंने उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा बोर्ड की हाई स्कूल परीक्षा की पांचवा स्थान प्राप्त कर तीर्थ नगरी का नाम रोशन किया है।
सोनी सेमवाल खदरी ग्रामीण क्षेत्र के विवेका एकेडमी सीनियर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा है। उन्होंने 98 प्रतिशत फीसदी अंक प्राप्त किया है। सोनी भागीरथी पुरम खदरी की रहने वाली है। सोनी ने बताया उनके पिता राकेश प्रसाद सेमवाल सेना से सेवानिवृत्त है और ऋषिकेश टीएचडीसी में नौकरी करते है। उन्होंने कहा एग्जाम में तीन महीने का टूयशन लिया उसके बाद सेल्फ स्टडी से सफलता हासिल की। सोनी ने 500 में से 490 अंक प्राप्त करे है इसका श्रेय गुरुजनों‌ व माता-पिता को दिया है। सोनी सेमवाल के प्रदेश में 5वां स्थान प्राप्त होने पर क्षेत्र पंचायत सदस्य बीना चौहान ने बालिका के आवास पर जाकर शुभकामनाएं प्रेषित की। बीना चौहान ने कहा बालिकाएं किसी भी क्षेत्र में कमजोर नही पर उन्हें अपने हुनर दिखाने की जरूरत है। सोनी की सफलता पर ग्रामवासियों में खुशी का माहौल है। इस अवसर पर क्षेत्र पंचायत सदस्य बीना चौहान, लक्ष्मण राणा, समाजसेवी विनोद चौहान, सुदपाल, नवीन नेगी, अनिल रावत आदि मौजूद रहे।

उत्तराखंड बोर्ड के परिणाम जारी, इंटर में दिया और हाईस्कूल में मुकुल अव्वल

उत्तराखंड बोर्ड का हाईस्कूल और इंटरमीडिएट का परीक्षा परिणाम घोषित हो गया है। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत की मौजूदगी में परिषद की ओर से परीक्षा परिणाम जारी किया गया। छात्र परिषद की आधिकारिक वेबसाइट पर रिजल्ट देख सकते हैं। उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद की सचिव डॉ. नीता तिवारी ने बताया कि उत्तराखंड बोर्ड की हाईस्कूल और इंटर मीडिएट का परीक्षा परिणाम जारी कर दिया है। हाईस्कूल की परीक्षा में 77.74 फीसदी छात्र उत्तीर्ण हुए हैं। जबकि इंटरमीडिएट का परीक्षा फल 82.63 रहा। शिक्षा मंत्री ने टॉपर्स को बधाई दी है।
इंटर में हरिद्वार जनपद की दिया राजपूत ने बाजी मारते हुए पहला स्थान प्राप्त किया है। दिया ने पांच सौ में से 485 अंक 97 प्रतिशत अंक ला कर पहला स्थान प्राप्त किया है। जबकि दूसरे स्थान में चमोली जनपद के अंशुल बहुगुणा ने 400/500, 96.80 प्रतिशत अंक पा कर दूसरा स्थान प्राप्त किया है। जबकि तीसरे स्थान पर उधम सिंह नगर जनपद से सृष्टि चौहान और बागेश्वर के सुमित सिंह मेहता ने बाजी मारते हुए 483/500, 96.60प्रतिशत अंक पाए है।
जबकि हाई स्कूल में टिहरी गढ़वाल के मुकुल ने बाजी मारते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया है। मुकुल को 495/500 अंक प्राप्त हुए है। दूसरे स्थान में उत्तरकाशी की आयुष अवस्थी और टिहरी के आयुष जुयाल ने 493/500 अंक प्राप्त किए है। जबकि तीसरे स्थान पर बागेश्वर की रबीना कोरंगा द्वारा 492/500 अंक के साथ बाजी मारी है। सभी टॉपर को शिक्षा मंत्री द्वारा शुभकामनाए दी गई।

कल जारी होंगे उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा के परिणाम

उत्तराखंड बोर्ड की 10वीं एवं 12वीं की परीक्षा का रिजल्ट 6 जून 2022 को घोषित किया जायेगा। जिसे परिषद की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी कर दिया जायेगा। हाईस्कूल एवं इण्टरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद रामनगर में राज्य के शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत की उपस्थिति में घोषित किये जायेंगे।
उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद की सचिव डॉ नीता तिवारी ने मीडिया को जारी एक बयान में बताया कि 6 जून को अपराह्न 4 बजे उत्तराखंड बोर्ड की 10वीं एवं 12वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम जारी कर दिये जायेंगे। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद रामनगर में इस वर्ष के हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाओं के रिजल्ट सूबे के शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत की गरिमामयी उपस्थिति में घोषित किये जायेंगे। डॉ तिवारी ने बताया कि परीक्षाफल घोषित होने के उपरांत परिषद कार्यालय रामनगर की आधिकारिक वेबसाइट www-ubse-uk-gov-inwww-uaresults-nic-in पर रिजल्ट जारी किये जायेंगे, जहाँ परीक्षार्थी अपना परीक्षाफल देख सकेंगे। उन्होंने बताया कि परिषद द्वारा बोर्ड परीक्षाएं 28 मार्च 2022 से 19 अप्रैल 2022 के मध्य आयोजित की गई थी जो कि 1333 परीक्षा केन्द्रों में सफलतापूर्वक सम्पादित की गई। इस वर्ष संपादित बोर्ड परीक्षाओं के अंतर्गत हाईस्कूल में कुल 129778 एवं इंटरमीडिएट में कुल 113164 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। परीक्षा के उपरांत दिनांक 25 अप्रैल 2022 से 9 मई 2022 के मध्य उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया गया। विद्यालयी परिषद की सचिव ने बताया कि शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत के निर्देश पर पूरी पारदर्शिता के साथ समय पर बोर्ड परीक्षाओं के परीक्षा परिणाम तैयार किये गये हैं। सोमवार को रामनगर में शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत एवं परिषद के सभापति व निदेशक माध्यमिक शिक्षा डॉ आरके कुंवर सहित विभागीय अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति में बोर्ड परीक्षाओं के परीक्षाफल घोषित कर दिये जायेंगे।

सरकारी स्कूलों में किताब बांटने में देरी पर आज हुई बड़ी कार्रवाई

उत्तराखंड में सरकारी स्कूलों में किताबें में बांटने में हुई देरी को गंभीरता से लेते हुए शिक्षा महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने 600 से ज्यादा अधिकारी-कार्मिकों के वेतन पर रोक लगा दी। खुद को भी नैतिक रूप से जिम्मेदार मानते हुए खुद तिवारी ने भी सभी छात्रों को किताब न मिलने तक वेतन नहीं लेने का निर्णय किया है।
ब्लॉकवार शतप्रतिशत किताब वितरण का प्रमाणपत्र देने पर ही वेतन जारी किया जाएगा। यह पहला मौका है जबकि शिक्षा विभाग इस इतने बड़े पैमाने पर कार्रवाई की गई है। महानिदेशक ने बताया कि कि सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जहां जहां किताबें नहीं बंट पाई हैं, वहां छुट्टियों के दौरान भी घर घर जाकर किताबें मुहैया कराई जाएं। इसके लिए एक हफ्ते का वक्त मुकर्रर किया गया है। बेसिक और माध्यमिक शिक्षा निदेशकों से किताबों के समय पर न बंटने के लिए जिम्मेदार अफसर-कार्मिकों की सूची सोमवार तक मुहैया कराने के निर्देश भी दिए हैं।
अप्रैल के पहले हफ्ते तक किताबें मुहैया कराने के दावे के बावजूद आज तक शिक्षा विभाग शतपतिशत छात्रों को किताबें नहीं दे पाया। यह बात दीगर है कि महानिदेशक की अध्यक्षता में 17 मई को हुई बैठक में अधिकांश अधिकारियों ने दावा किया था कि वो शतप्रतिशत किताबें बंटवा चुके हैं।
हाल में विभिन्न जिलों में हुए मुआयनों में अधिकारियों के किताब वितरण के दावे हवाई साबित हुए। आज महानिदेशक ने सुबह सुबह ही अधिकारियों के वाट्सअप ग्रुप में तीन बिंदुओं पर कार्रवाई का आदेश जारी कर दिया। साथ ही शाम को चार बजे वर्चुअल बैठक भी बुला ली।
बैठक में महानिदेशक ने किताबें का वितरण समय पर न होने के लिए कड़ी नाराजगी जाहिर की। कहा कि प्रत्येक छात्रों को किताबें मुहैया कराना सीईओ की व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी। किताब वितरण से जुड़े बेसिक, माध्यमिक शिक्षा निदेशक समेत सभी अफसर और जिला और ब्लॉकवार कार्मिकों का वेतन पुस्तक वितरण पूरा होने तक रुका रहेगा।
वहीं, अपनी गलतियों को दूसरे सिर मढ़ने के दौर में महानिदेशक शिक्षा बंशीधर तिवारी ने एक मिसाल पेश की है। तिवारी ने कहा कि समय पर किताब न मिल पाने से वो स्वयं भी व्यथित हैं। यदि बच्चों को समय पर किताब मिल जाती तो वो अधिक समय पढ़ाई को दे पाते। अब गर्मियों का अवकाश शुरू हो गया है।
ऐसे बिना किताब के रहना और भी गलत है। विभागीय मुखिया होने के नाते यह मेरा भी नैतिक अपराध है। जब तक सभी छात्रों को पुस्तक मिलने का प्रमाणपत्र नहीं मिल जाएगा तब तक मैं भी वेतन नहीं लूंगा। उन्होंने कहा कि 31 मई तक अधिकांश छात्रों को किताबें मुहैया करा दी गई हैं। कुछ स्थानों पर तकनीकी और व्यहारिक रूप से किताबें नहीं पहुंच पाई हैं, उन्हें सर्वाेच्च प्राथमिकता से पहुंचाया जाएगा।

शिक्षा विभाग को शीघ्र मिलेंगे 449 प्रवक्ताः शिक्षा मंत्री

उत्तराखंड लोक सेवा आयोग द्वारा चयनित विभिन्न विषयों के 449 प्रवक्ताओं को शीघ्र विद्यालयी शिक्षा के अंतर्गत तैनात किया जायेगा, जिसके निर्देश विभागीय उच्चाधिकारियों को दे दिये गये हैं। आयोग से चयनित शिक्षकों को पर्वतीय क्षेत्रों के विद्यालयों में प्राथमिकता के आधार पर नियुक्ति दी जायेगी। जिससे पर्वतीय क्षेत्रों के स्कूलों में पठन-पाठन सुचारू रूप से चल सकेगा।

शिक्षा मंत्री डॉ0 धन सिंह रावत ने मीडिया को जारी एक बयान में बताया कि विद्यालयी शिक्षा विभाग द्वारा प्रवक्ता संवर्ग के अंतर्गत सामन्य एवं महिला शाखा के सीधी भर्ती के रिक्त 571 पदों पर चयन हेतु उत्तराखंड लोक सेवा आयोग को अधियाचन भेजा था, जिस पर आयोग ने परीक्षा का अंतिम परिणाम घोषित कर विभिन्न विषयों के 449 शिक्षकों का चयन कर दिया है, जबकि विभिन्न श्रेणी के शेष पदों पर योग्य अभ्यर्थी न मिलने के कारण चयन नहीं किया गया। डॉ0 रावत ने आयोग द्वारा चयनित शिक्षकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वह अपने दायित्वों एवं कर्तव्यों का भली-भांति निर्वहन करेंगे। उन्होंने बताया कि आयोग से चयनित विभिन्न विषयों के 449 शिक्षकों को विभागीय प्रक्रिया पूर्ण करते हुए शीघ्र तैनाती के आदेश विभागीय अधिकारियों को दे दिये गये हैं। चयनित प्रवक्ताओं को पर्वतीय क्षेत्रों के विभिन्न स्कूलों में नियुक्ति दी जायेगी ताकि पर्वतीय क्षेत्रों में पठन-पाठन सुचारू रूप से चल सके। विभागीय मंत्री ने बताया कि उत्तराखंड लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित परीक्षा में प्रवक्त संवर्ग की सामान्य शाखा के अंतर्गत अंग्रेजी विषय में 64, हिन्दी में 81, संस्कृत में 18, भौतिक विज्ञान में 46, रसायन विज्ञान में 42, गणित में 6, जीव विज्ञान में 35, नागरिकशास्त्र में 38, अर्थशास्त्र में 74, इतिहास में 8, भूगोल में 17, समाजशास्त्र में 6, कला, मनोविज्ञान एवं कृषि में एक-एक अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। जबकि महिला शाखा के अंतर्गत हिन्दी विषय में 2, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान एवं अर्थशास्त्र में 3-3 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। डॉ0 रावत ने बताया कि सरकार का मकसद स्कूलों में शत-प्रतिशत शिक्षकों की तैनाती करना है ताकि कोई भी छात्र-छात्राएं विद्यालयी शिक्षा से वंचित न रह सके।