सोशल मीडिया काॅर्डिनेटर की सक्रियता से युवाओं की समस्याओं का हो रहा निराकरण

मुख्यमंत्री के सोशल मीडिया काॅर्डिनेटर नितिन सिंह रावत इन दिनों लगातार युवाओं से सपंर्क कर संवाद स्थापित कर रहे है। दूरस्थ क्षेत्रों में जाकर उनकी समस्याएं सुनना और उनका निराकरण करने के लिए मुख्यमंत्री से मिलना उनके दिनचर्या का हिस्सा है। अपने दैनिक कार्यक्रमों में से वह प्रतिदिन मुख्यमंत्री की विधानसभा के क्षेत्रों में युवाओं से संपर्क कर एक टीम का गठन भी कर रहे है। इस दौरान युवाओं से संवाद कर सरकार के कार्यों की चर्चा और उन्हें बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए सरकार और क्षेत्र के लोगों के बीच पुल का माध्यम बनकर कार्य कर रहे है।
नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के जन्म दिवस पर नितिन रावत आज डोईवाला विधानसभा के दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्र इठारना पहुंचे। यहां नव युवक मंगल दल के सदस्यों ने उनका स्वागत किया।

खास बात यह रही कि इठारना गांव के साथ ही मतसी, केमट, मानकी, गोनेन्ड क्षेत्र के युवा यहां पहुंचे थे। नितिन रावत ने सरकार के द्वारा किये जा रहे कार्यो और युवाओं के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं की युवाओं को जानकारी दी। उन्होंने सरकार के द्वारा किये जा रहे कार्यों को धरातल पर परखा। युवाओं ने उन्हें बताया कि क्षेत्र में मुख्यमंत्री के द्वारा कई कार्य किये जा रहे है। क्षेत्र की जनता भी उनके कार्यों से सतुंष्ठ है।
गौरतलब है कि नितिन रावत मुख्यमंत्री के सोशल मीडिया के अलावा उनके क्षेत्र के कार्यों का भी संपादन करते है। मुख्यमंत्री के बेहद करीबी माने जाने वाले नितिन रावत ईमानदार कार्यप्रणाली और साफ छवि के युवा है। माना जाता है कि मुख्यमंत्री तक क्षेत्र की समस्या पहुंचना और सही जानकारी देने से मुख्यमंत्री को काफी मदद मिलती है।
इस अवसर पर बालावाला, शमशेर गढ़ और आगरखाल के युवाओं की टीम ने भी उनसे मुलाकात की और अपने क्षेत्र की समस्याओं से उन्हें अवगत कराया। इस मौके पर राजीव रावत, मोंटी रावत, सोहन, मोहन, दिनेश, मयंक, रश्मि नेगी, ज्योति सहित सैकंड़ों की संख्या में युवा मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने नेताजी के जन्म दिवस पर छात्रों को किया सम्मानित

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मुख्यमंत्री आवास स्थित जनता दर्शन हॉल में उच्च शिक्षा विभाग द्वारा राष्ट्रीय युवा चेतना दिवस एवं नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित राज्य स्तरीय निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया। इस प्रतियोगिता में प्रथम तीन विजेताओं को क्रमशः 1 लाख, 75 हजार एवं 50 हजार रूपये की धनराशि का चेक दिया गया। राज्य स्तर पर निबंध प्रतियोगिता में डी.डब्ल्यू.टी कॉलेज की बीएड की छात्रा सौम्या ने प्रथम, डीएवी पीजी कॉलेज के छात्र उज्जवल शर्मा ने द्वितीय एवं बाल गंगा महाविद्यालय सैन्दूल कैमर की छात्रा अंजलि मंमगाई ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। युवा कल्याण विभाग द्वारा ‘‘ नेताजी सुभाष चन्द्र बोस युवाओं की प्रेरणा’’ विषय पर राज्य स्तरीय भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें देहरादून के श्री गौतम खट्टर ने प्रथम, अल्मोड़ा की हिमानी दुर्गापाल ने द्वितीय एवं नैनीताल के रोहित सिंह रावत एवं हरिद्वार की कुमारी अक्षी गौड़ ने संयुक्त रूप से तृतीय स्थान प्राप्त किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि शीघ्र ही राज्य में युवा आयोग का गठन किया जायेगा, ताकि हमारे युवा क्या सोचते हैं, अपने लक्ष्यों को पूरा करने की उनकी क्या आकांक्षायें हैं। इसका स्पष्ट रोड मेप तैयार हो सके। उन्होंने कहा कि आज के युवा हर क्षेत्र में अपडेट हैं वे अपनी आकांक्षाओं को पूर्ण कर स्वयं के भाग्य विधाता बन सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी जो वीर गाथायें तथा समृद्ध सांस्कृतिक विरासत है उसे हमारे विश्वविद्यालयों को आगे बढ़ाना होगा ताकि हमारी भावी पीढ़ी अपनी संस्कृति से जुड़े तथा देश व दुनिया को भी इसकी जानकारी हो सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की जयंती को पराक्रम दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। भारत सरकार ने उन्हें जो सम्मान दिया है वह सराहनीय है। वे सच्चे अर्थों में देश के सच्चे सपूत थे। इसी प्रकार स्वामी विवेकानन्द ने तमाम देशों का भ्रमण कर लोगों को भारत की संस्कृति से परिचित कराया। अमेरिका में उनका सम्बोधन भारत की वैश्विक सांस्कृतिक एकता की पहचान बना। वे सच्चे अर्थों में हमारे सांस्कृतिक गुरू थे।
उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा चेतना दिवस से 23 जनवरी तक युवा चेतना और ऊर्जा में नवीन प्रवाह गतिमान करने के उद्देश्य से युवा पखवाड़ा का आयोजन किया गया। इसमें उच्च शिक्षा विभाग एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा अनेक कार्यक्रम आयोजित किये गये। ’’स्वामी विवेकानन्द जी के विचारों की उत्तराखण्ड राज्य में प्रासंगिकता’’ विषय पर राज्य स्तरीय निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें कुल 5229 प्रतिभागियों द्वारा प्रतिभाग किया गया। इस पखवाड़े में 1005 रक्तदाताओं द्वारा 545 यूनिट रक्तदान किया गया।
मुख्य सचिव ओमप्रकाश ने कहा कि स्वामी विवेकानन्द जी ने सनातन धर्म की संस्कृति एवं उच्च आदर्शों का परिचय विश्वभर में कराया। उन्होंने भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं का व्यापक स्तर पर प्रसार किया। नेताजी सुभाषचन्द्र बोस ने राष्ट्र को स्वतंत्र कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनमें साम्प्रदायिक एकता एवं सबको साथ लेकर चलने की भावना थी।
इस अवसर पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी साधू सिंह बिष्ट ने अपने विचार व्यक्त किये। स्वामी नरसिम्हानन्द ने स्वामी विवेकानन्द के जीवन दर्शन एवं प्रो. संजय कुमार ने सुभाष चन्द्र बोस के जीवन दर्शन के बारे में जानकारी दी।

25 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात करेंगे अनुराग रमोला

दून के अनुराग रमोला प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2021 के लिए चुने गए हैं। महिलाएं बाल विकास मंत्रालय ने उनका चयन किया है। उत्तराखंड से वह इकलौता छात्र है। जिन्हें इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए चुना गया है। 25 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनसे संवाद करेंगे।

दून निवासी अनुराग रमोला के पिता सीएस रमोला नगर निगम में कार्यरत हैं। इस अवार्ड के लिए केंद्रीय विद्यालय ओएनजीसी में 16 वर्षीय 10वीं के छात्र अनुराग का चयन कला एवं संस्कृति की श्रेणी में किया गया है। मंत्रालय की संयुक्त सचिव आस्था सक्सेना खटवानी ने राज्य की सचिव महिला एवं बाल विकास सौजन्य को पत्र लिखकर अनुराग के चयन की सूचना दी है। उन्होंने लिखा है कि अवार्ड विजेताओं के साथ 25 जनवरी को प्रधानमंत्री मोदी वीडियो कॉलिंग से बात करेंगे।

एम्स ऋषिकेश में आप भी कर सकते है अपने नेत्र का दान, डायल करें…

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश में गतवर्ष 2020 में लाॅकडाउन के मद्देनजर स्थगित की गई नेत्रदान की सुविधा को फिर से शुरू कर दिया गया है। बीते अक्टूबर माह से अब तक एम्स के आई बैंक में 13 लोगों के संकल्प के तहत आंखें दान की गई हैं, जिनसे 19 लोगों का जीवन रोशन हुआ है।

मार्च 2020 में विश्वव्यापी कोविड19 महामारी के मद्देनजर देशभर में लाॅकडाउन के बाद एम्स ऋषिकेश के नेत्र कोष विभाग में काॅर्निया प्रत्यारोपण की प्रक्रिया भी स्थगित कर दी गई थी। यह सुविधा सितंबर 2020 महीने तक स्थगित रखी गई। मगर इसके बाद हालात सामान्य होने पर अक्टूबर माह से इसे फिर से शुरू कर दिया गया। तब से अब तक एम्स स्थित नेत्र विभाग के आई बैंक में 13 लोगों के नेत्रदान महादान के संकल्प के तहत आंखें दान कर 19 लोगों को जीवन ज्योति प्रदान की गई।

इस बाबत एम्स निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत जी ने अपने संदेश में बताया कि नेत्रदान करना सबसे महान कार्य है। उन्होंने कहा कि नेत्रदान से किसी के अंधेरे जीवन को रोशन करने के समान कोई दूसरा महादान नहीं है। लिहाजा जो लोग अपनी आंखें दान करने का संकल्प लेते हैं, वह जरुरतमंद व्यक्ति को नेत्र ज्योति देकर मृत्यु उपरांत भी अमर हो जाते हैं। निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत जी ने बताया कि एम्स ऋषिकेश में स्थापित आई बैंक में कोई भी व्यक्ति अपनी आंखें दान कर सकता है। इस प्रक्रिया में किसी भी उम्र तक का व्यक्ति प्रतिभाग कर नेत्र दान जैसे पुण्यकार्य का प्रतिभागी बन सकता है।

गौरतलब है कि एम्स ऋषिकेश में लोगों को नेत्र दान जैसे पुनीत कार्य के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से नेत्र कोष आई बैंक की स्थापना 26 अगस्त 2019 को की गई थी। जिसमें लगभग डेढ़ वर्ष में एम्स आई बैंक के माध्यम से काॅर्निया प्रत्यारोपण के बाद 92 लोगों को जीवन ज्योति प्राप्त हो चुकी है। इस बाबत संस्थान के नेत्र विभागाध्यक्ष प्रोफेसर संजीव मित्तल जी ने बताया कि एम्स ऋषिकेश में काॅर्निया प्रत्यारोपण की सभी विश्वस्तरीय आधुनिकतम सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि आंखें दान करने के इच्छुक व्यक्ति अपने इस संकल्प को साकार करने के एम्स आई बैंक में सीधे संपर्क कर अथवा ’ऋषिकेश आई बैंक’ से ऑनलाइन जुड़कर इस महान कार्य में योगदान कर सकता है। डाॅ. मित्तल ने बताया कि संस्थान में कोविड19 महामारी की वजह से स्थगित रखी गई काॅर्निया प्रत्यारोपण की सुविधा को अक्टूबर 2020 से फिर से बहाल कर दिया गया है। लिहाजा आंखें दान करने को इच्छुक व्यक्ति ऋषिकेश आई बैंक के 90685 63883 नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि एम्स संस्थान में संचालित काॅर्निया प्रत्यारोपण प्रक्रिया में कोविड19 गाइडलाइन का पूरा पालन करते हुए विशेष सावधानी बरती जा रही है।

मान्यता प्राप्त विद्यालयों को खोलने का सरकार दे आदेश, सौंपा ज्ञापन

मान्यता प्राप्त प्रबंधकीय विधालय एसोसिएशन ने राज्य मंत्री कृष्ण कुमार सिंघल ने विद्यालय को खोले जाने की गुहार लगाई है। एसोसिएशन की ओर से आरटीई के 2019- 20 विद्यालय के शुल्क दिए जाने की मांग भी की गई है।

मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से शिक्षा के अध्यक्ष प्रमोद कुमार शर्मा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल गढ़वाल मंडल विकास निगम के उपाध्यक्ष राज्य मंत्री कृष्ण कुमार सिंघल से उनके कार्यालय पर मिला। इस दौरान अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रतिनिधि मंडल की ओर से राज्य मंत्री को एक ज्ञापन भी सौंपा गया। एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रमोद कुमार शर्मा ने राज्यमंत्री सिंघल को अवगत कराया कि लंबे अर्से से विद्यालयों के बंद होने की वजह से स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों के अभिभावक मासिक शुल्क नहीं दे रहे हैं। इसके साथ ही सरकार द्वारा अध्धययनरत बच्चों को दिए जाने वाला आरटीआई शुल्क भी नहीं दिया जा रहा जिसकी वजह से विद्यालयों के संचालकों की आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो गई है।

सरकारी स्कूलों में ऑनलाइन शिक्षा देने की भरपूर कोशिश किए जाने के बावजूद गरीब बच्चों के पास स्मार्टफोन ना होने की वजह से ऑनलाइन शिक्षा का लाभ भी बच्चों को नहीं मिल पा रहा है।इससे उनकी शिक्षा की नींव कमजोर होने का खतरा भी उत्पन्न हो गया है जिसकी वजह से जल्द से जल्द विद्यालयों का खोला जाना बेहद आवश्यक है। प्रतिनिधिमंडल की तमाम बातें गौर से सुनने के पश्चात राज्यमंत्री सिंघल ने आश्वासन दिया कि वे इस बाबत जल्द ही उत्तराखंड के मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री से वार्ता कर समस्या के निस्तारण कराने की कोशिश करेंगे। प्रतिनिधिमंडल में राजीव थपलियाल, कमला प्रसाद भट्ट, राहुल रावत ,संजय पांडे आदि शामिल थे।

शार्ट फिल्म ‘तेरी आँखो में’ यूट्यूब पर हुई रिलीज

जीएमवीएन के निदेशक आशुतोष शर्मा व यूजेपी कनक धनाई के द्वारा शार्ट फिल्म तेरी आंखों में रिलीज की गई। यूट्यूब पर रिलीज के दौरान आशुतोष शर्मा ने कहा कि क्षेत्र के बच्चों में इस प्रकार की प्रतिभा का होना काबिले तारीफ है। शार्ट फिल्म के निर्देशक गोविन्दा शाह ने बताया कि उनके द्वारा बनायी शार्ट फिल्म दोस्ती और पढ़ायी से सम्बन्धित है। इस शार्ट फिल्म को उनकी टीम के नीरज राणा और विनोद भारद्वाज ने शूट किया है। यह फिल्म लोगों को काफी पसंद आयेगी। इससे पहले गोविन्दा शाह द्वारा जिन्दगी दी पौड़ी बनाया गया था जिसको अबतक 164000 से ज्यादा लोग देख चुके है।

बताया कि तेरी आँखों में शार्ट फिल्म यूटूब चैनल गोविंदा शाह पर देखने को मिलेगी। इस अवसर पर नीरजा गोयल ( नीरजा ट्रस्ट ) सीमा रानी (पूर्व सभासद) रजत मिश्रा ( खुशी एनजीओ) प्रियांशु सक्सेना, रजत कालरा, शैलेंद्र चैरसिया, प्रदीप यादव, अभिषेक कुमार, अनिल रावत और गोविन्दा शाह की पुरी टीम मौजूद थी।

अटल उत्कृष्ट विद्यालय खोलने का शासनादेश हुआ जारी

प्रदेश में शिक्षा, शिक्षण एवं शैक्षणिक कार्यों के उच्च मापदंड स्थापित करने हेतु अटल उत्कृष्ट योजना के अंतर्गत सीबीएसई बोर्ड से सम्बद्ध 190 विद्यालयों (प्रत्येक विकासखंड में दो) को खोलने का शासनादेश हो गए हैं।

देश के भूतपूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को समर्पित यह 190 ’अटल उत्कृष्ट विद्यालय’ आगामी शैक्षणिक सत्र से प्रारंभ किये जायेंगे। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि भविष्य में उक्त योजना, प्रदेश में शिक्षा, शैक्षणिक कार्यों एवं शिक्षा व्यवस्थाओं को नए उच्च आयाम प्रदान करेगी। साथ ही कोरोना महामारी से उत्पन्न परिथितियों के दृष्टिगत पलायन को रोकने, नवीन रोजगारों के सृजन हेतु सहायक सिद्ध होगी। राज्य सरकार, प्रदेश में शिक्षा के उन्नयन हेतु कृतसंकल्पित है।

देवभूमि ऑटो रिक्शा ऑनर्स एसोसिएशन के निर्वाचित पदाधिकारियों को मेयर नेे दिलााई शपथ

देवभूमि ऑटो रिक्शा ऑनर्स एसोशिएसन के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को मेयर अनिता ममगाईं ने पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। मेयर ने अतिथि देवो भवः की सीख देते हुए ऑटो चालकों को तीर्थनगरी ऋषिकेश में बाहर से आने वाले पर्यटकों से मधुर व्यवहार करने की नसीहत दी।

स्वर्ण जंयती सभागार में आयोजित अधिष्ठापन समारोह में मेयर अनिता ममगाईं ने नव निर्वाचित अध्यक्ष राजेंद्र लांबा व उनकी टीम के महासचिव बेचैन गुप्ता ,उपाध्यक्ष अनिकेत गुप्ता, कोषाध्यक्ष नवीन कुमार गुप्ता, सहसचिव अजय सिंह सहित निर्वाचित कार्यकारिणी को शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि पर्यटन एवं तीर्थ को बढ़ावा देने के लिए परिवहन संस्थाओं का मजबूत होना बेहद आवश्यक है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों से आहृवान करते हुए कहा कि एसोसिएशन अपने तमाम सदस्यों से यहां आने वाले यात्रियों के संग मधुर व्यवहार करने की अपील करे ताकि यहां से अपने गंतव्य की और जखते समय यात्री सुखद यादें लेकर रवाना हो। उन्होंने एसोसिएशन को हर संभव मदद का आश्वासन भी दिया।

इस दौरान पालिकाध्यक्ष मुनिकीरेती रोशन रतूड़ी, विनोद शर्मा, जयेंद्र रमोला, आशुतोष शर्मा, संदीप शास्त्री, सुरेंद्र मोघा, संजय वालिया, विजय सिंह, राजेश कुमार, सूरत चंद रमोला, सुनील जाटव, भूपेंद्र कुमार, कमल किशोर, रिंकू, प्रदीप, कमल ममगाईं, कृष्णा पाल आदि मौजूद रहे।

नए साल पर यूपी सीएम का युवाओं को तोहफा, प्रतियोगी परीक्षा की दी जाएगी फ्री कोचिंग

नए साल 2021 की शुरूआत में ही उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने युवाओं को तोहफा दिया है। योगी सरकार ने आज प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को फ्री कोचिंग देने का वायदा किया। बताया कि मंडल स्तर से इसके प्रथम चरण की शुरूआत होगी। इसके बाद जिला स्तर पर भी यह सुविधा शुरू होगी।

गोरखपुर में अपने संबोधन में सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोचिंग कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए जल्द नया सॉफ्टवेयर लाया जाएगा। योजना की शुरुआत भारतीय प्रशासनिक सेवा, पुलिस सेवा के लिए कोचिंग से होगी। उसके बाद अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग भी शुरू की जाएगी। योगी ने कहा कि यही नहीं इंजीनियरिंग, मेडिकल और अन्य प्रवेश परीक्षाओं के लिए भी तैयारी निशुल्क कराई जाएगी। ताकि उत्तर प्रदेश के युवा देश की प्रतिष्ठित नौकरियों के लिए स्वयं को अग्रिम पक्ति में पाएं। योगी ने कहा कि इससे छात्रों का पलायन रुकेगा। उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं एवं प्रदेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए अपना जिला और प्रदेश नहीं छोड़ना पड़ेगा।

एमबीबीएस की कक्षाएं आज से एम्स ऋ़षिकेश में शुरू

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, ऋषिकेश में एक जनवरी 2021 (शुक्रवार) से एम्स ऋषिकेश व एम्स विजयपुर (जम्मू) की नए शैक्षणिक सत्र की एमबीबीएस प्रथम वर्ष की वर्चुअल क्लासेस शुरू हो गई हैं। कोविड19 के मद्देनजर शुरू की गई वर्चुअल क्लास में ऋषिकेश एम्स के 119 व एम्स जम्मू के 35 विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया।

एम्स निदेशक प्रो. रवि कांत ने कहा कि एम्स ऋषिकेश में शुक्रवार से एमबीबीएस प्रथम वर्ष की कक्षाएं विधिवत शुरू हो गई हैं, जिसमें संस्थान के साथ साथ जम्मू एम्स के विद्यार्थी भी शामिल होंगे। कहा कि हमारी चिकित्सा पद्धति में साइंस के साथ साथ आर्ट भी है। चिकित्सा के विद्यार्थियों को अपने चिकित्सकीय पेशे में सफलता अर्जित करने के लिए विज्ञान के साथ ही कला को भी अनिवार्यरूप से आत्मसात करना होगा, तभी वह मरीजों को बेहतर चिकित्सा सेवा दे सकते हैं।

उन्होंने बताया कि चिकित्सा प्रणाली में प्रत्येक पांच वर्ष के समयांतराल में दवा, उपचार विधि व परीक्षण के तौर तरीकों में बदलाव आ जाता है मगर इसके इस प्रणाली में अपनाई जाने वाली आर्ट में कोई बदलाव नहीं आता। लिहाजा चिकित्सक को पेशेंट के साथ कुशल व्यवहार व बेहतर संबंधों की कला में भी दक्ष होना होगा। उनका कहना है कि भारत में चिकित्सा विज्ञान में मौजूद कला के पक्ष की ओर गौर कम होने लगा है।

कहा कि चिकित्सा के विद्यार्थियों को मरीज के प्रति व्यवहारिक कुशलता के ज्ञान में दक्ष बनाने के लिए आर्ट ऑफ मेडिसिन को साफ्ट स्किल जैसे क्रिएटिव राइटिंग, संगीत, ड्रामा आदि माध्यमों को अपनाया जाएगा, जिसके लिए एम्स संस्थान में प्रोफेशनल डेवलपमेंट एंड हिमेनिटी विभाग स्थापित किया गया है। उन्होंने जोर दिया कि चिकित्सक में अपनी बात मरीज व उसके तीमारदारों तक ठीक से पहुंचाने की दक्षता का होना जरुरी है। साथ ही उसमें सामाजिक उत्तरदायित्व का बोध व अपने साथियों के साथ अच्छे व्यवहार का ज्ञान होना चाहिए।

उन्होंने बताया कि एक कुशल चिकित्सक में होलिस्टिक हैल्थ को प्राप्त करने के लिए इमोशनल, सोशल, स्प्रिच्वल, फिजिकल व मेंटल सभी प्रकार के गुणों से परिपूर्ण होना चाहिए। उन्होंने चिकित्सा विज्ञान में एविडेंस बेस्ड मेडिसिन पर जोर दिया और इसके लिए रेंडमाइज्ड कंट्रोल ट्रायल पर ध्यान देने की आवश्यकता बताई।

गौरतलब है कि एम्स विजयपुर (जम्मू) में संस्थान का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। जम्मू एम्स में इस वर्ष से 50 सीटों के साथ एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू कर दी गई है। यह छात्रों का प्रथम बैच है, चूंकि जम्मू का मेंटर इंस्टिट्यूट एम्स ऋषिकेश है, लिहाजा एम्स ऋषिकेश के छात्र छात्राओं के साथ ही एम्स जम्मू की एमबीबीएस की पढ़ाई अपने संस्थान के छात्रों के साथ शुरू की है।

इस अवसर पर संस्थान के डीन एकेडमिक प्रोफेसर मनोज गुप्ता, जम्मू एम्स के उप निदेशक कर्नल प्रभात शर्मा, फैकल्टी मेंबर्स डा. मनीषा नैथानी, डा. पूर्वी कुलश्रेष्ठा, फाउंडेशन कोर्स कमेटी की डा. गीता नेगी, डा. हरीश आदि मौजूद थे।