मुख्यमंत्री द्वारा परिवहन विभाग के प्रस्ताव को दी गई स्वीकृति

सचिव परिवहन अरविंद सिंह ह्यांकी द्वारा बताया गया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के द्वारा परिवहन विभाग के इस प्रस्ताव पर अनुमोदन प्रदान कर दिया गया है जिसमें 15 वर्ष से अधिक पुराने वाहनों की फिटनेस टेस्ट कराने हेतु पुरानी दरों पर ही फीस लिए जाने की जो सुविधा शासनादेश दिनांक 21 फरवरी 2023 द्वारा एक वर्ष हेतु प्रदान की गई थी वह सुविधा अब दिनांक 22 फरवरी 2024 से दिनाँक 21 फरवरी 2025 तक भी लागू रहेगी।

सचिव परिवहन ने कहा कि वाहन स्वामी अब एक वर्ष तक पुरानी दरों पर ही अपने वाहन की फिटनेस जांच करा सकेंगे। इस सुविधा हेतु परिवहन व्यवसाय से जुड़े विभिन्न संगठन काफ़ी दिनों से मांग कर रहे थे जिसे मुख्यमंत्री द्वारा आज पूरी कर दी गई है।

चार धाम यात्रा के बेहतर संचालन के लिए सभी विभाग बनाए समन्वयः गढ़वाल कमिश्नर

आयुक्त गढ़वाल मंडल विनय शंकर पांडेय ने ऋषिकेश में चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर बैठक ली। उन्हांनें यात्रा को सुगम बनाने के लिए सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध पूर्ण करने, यात्रा रूट की सड़कों को 30 अप्रैल से पूर्व चाक चौबन्ध करने, पार्किंग क्षमता बढाने, पैदल मार्ग का सुधारीकरण, स्वास्थ्य सुविधा बेहतर बनाएं, हेली सर्विस आरटीसी के माध्यम से करने के निर्देश दिए।

चारधाम यात्रा की पहली बैठक में बीते यात्रा वर्ष की कार्ययोजना के परिणामों की समीक्षा आगामी बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री धाम और हेमकुंट साहिब यात्रा की तैयारियों के विषय में मंथन हआ। बैठक में गढ़वाल आयुक्त ने कहा कि चारधाम यात्रा से संबंधित सभी विभाग 15 अप्रैल तक यात्रा तैयारियां पूर्ण करें और कार्यप्रगति से अवगत करायें।

आयुक्त गढ़वाल मंडल ने निर्देश दिए कि चारधाम यात्रा रूट की सड़के, पैदल मार्ग अच्छे रहें, आपदा के दृष्टिगत आपदा संभावित क्षेत्र के आस पास आपदा बचाव के साधन एवं आधुनिक उपकरण की व्यवस्था रहे। यात्रा रूट एवं पैदल मार्ग पर शौचालय, गर्म पेयजल, आदि की बेहतर सुविधा रहे।

उन्होने संबंधित जनपदों के वरिष्ठ पुलिस दुर्घटना संभावित क्षेत्र का चिन्हीकरण के जिलाधिकारियों को 1 सप्ताह की भीतर सूचना देंगे, तथा जिलाधिकारियों को ऐसे क्षेत्रों पर सुधारीकरण के निर्देश दिए। बीमार घोड़े, खच्चर का रजिस्ट्रेशन न हो तथा जानवरों के लिए चिकित्सा सुविधा एवं शेल्टर रहे।

आयुक्त गढवाल मण्डल ने निर्देश दिए कि यात्रा रूट पर मादक पदार्थों का सेवन कर वाहन ना चलाए इसकी जांच की जाए ताकि दुर्घटनाओं को कम किया जा सके। टैक्सी, होटल, भोजन की निर्धारित दर चस्पा रहें। शटल सेवा के लिए आउटसोर्स पर कार्मिक रखे, यात्रा मार्गों परिवहन विभाग द्वारा मोटर साइकिल ग्रुप भी रखे जा रहे हैं।

आयुक्त गढ़वाल ने निर्देश दिए कि चारधाम यात्रा में जिन चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई जा रही है, उनका रोस्टर तय करें। उन्होंने निर्देश दिए कि चारधाम यात्रा से सम्बन्धित जनपदों के सीएचसी, पीएचसी चिकित्सालयों के चिकित्सकों की ड्यूटी चारधाम यात्रा में न लगाई जाए, वे अपने चिकित्सालयों में ही बने रहेंगे। यात्रा सीजन में प्रत्येक रूट पर सफाई व्यवस्था रहे, प्रत्येक शौचालय में पानी रहे तथा 24 घंटे सफाई हेतु कार्मिक तैनात रखने के निर्देश दिए। उन्होंने सफाई हेतु एक शौचालय में 3 व्यक्तियों की ड्यूटी रहे जो 8-8 घंटे की ड्यूटी पर रहेंगे। पेट्रोल पंप पर शौचालय, पानी की सुविधा के साथ साफ रहें, जिलाधिकारी निर्देशित करें।

यात्रा रूट पर उरेडा के पावर हाउस एक्टिवेट रहें। यूपीसीएल के पावर कट के दौरान प्रभावी बैकअप रहे। पावर कट के दौरान त्वरित रिस्पॉन्स रहे। पूर्ति विभाग यात्रा के दौरान पेट्रोल, डीजल, गैस की आपूर्ति पर फर्क न पड़े। पूर्ति विभाग योजना पर काम करें। बीएसएनएल कॉनेक्टिविटी प्रभावी रखें। यूकाडा हैली टिकेट ब्लैक पर रोक लगाने हेतु सम्बन्धित कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक कर कार्य योजना बनाएं, टिकेट बुकिंग वेबसाइट का प्रचार प्रसार कराएं। यूटीडीबी यात्रा रजिस्ट्रेशन के दौरान चारधाम यात्रा खुलने की तिथि, विभिन्न सुविधाओं हेतु की बुकिंग के लिए दी गई, वेबसाइट, का विवरण, यात्रा हेतु बनाए गए विभिन्न कंट्रोल रूम के नंबर, एवं आवश्यक एवं महत्वपूर्ण सेवाओं सहित सम्बन्धित अधिकारियों के नंबर चस्पा रहें। बद्रीनाथ, केदारनाथ मंदिर समिति के पदाधिकारियों को निर्देश दिए कि वीआईपी दर्शन के स्लॉट दिए जाएं, समय वर्णित रहे।आईजी गढ़वाल के एस नग्याल ने आपदा के दृष्टिगत बेहतर तैयारी रखने, चारधाम यात्रा मार्गों पर सुगम यातायात एवं सुरक्षा व्यवस्था रखने के निर्देश दिए।

ब्लड डोनेशन कैंप का सीएम ने किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य सेवक सदन में आदर्श औद्योगिक स्वायत्तता सहकारिता (मिस्सरवाला) डोईवाला द्वारा ड्रग्स फ्री उत्तराखंड मिशन-2025 के तहत आयोजित ब्लड डोनेशन कैम्प का शुभारम्भ किया।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर आह्वान किया कि प्रदेश के युवाओं को नशे से बचाने के साथ ही स्वैच्छिक रक्तदान के लिये लोगों को प्रेरित करना समय की जरूरत है। उन्होंने कहा कि रक्तदान को महादान की संज्ञा दी गयी है। यह मानव जीवन से जुड़ा विषय है।

मुख्यमंत्री ने बड़ी संख्या में स्वैच्छिक रक्तदान करने वाले युवा रक्तदानदाताओं से मुलाकात भी की तथा उनके इस पुनीत कार्य के लिये उनका उत्साहवर्द्धन करते हुये उनकी प्रशंसा की।

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने आदर्श औद्योगिक स्वायत्तता सहकारिता संस्था की अध्यक्ष व कार्यक्रम संयोजक आशा कोठारी, सचिव हरीश कोठारी के इस पुनीत प्रयास की सराहना की। दून हॉस्पिटल ब्लड बैंक देहरादून से डॉक्टर शशी उप्रेती, डॉक्टर नितेष गुप्ता के नेतृत्व में टीम ने रक्तदान में सहयोग प्रदान किया।

इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्वैच्छिक रक्तदानदाता तथा संस्था से जुड़े सैकडो पदाधिकारी उपस्थित थे। इस मौके पर पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष प्रकाश कोठारी, छात्र नेता विनायक नौटियाल, गुरजीत सिंह लाडी, पंकज शर्मा आदि भी उपस्थित थे।

आदि कैलाश की यात्रा के दौरान पर्यटकों को मिले उचित सुविधाः राधा रतूड़ी

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सचिवालय में आदि कैलाश की यात्रा पर आने वाले पर्यटकों के लिए सुविधाओं और कनेक्टिविटी को मजबूत करने के सम्बन्ध में पर्यटन विभाग के साथ बैठक की। बैठक में जानकारी दी गई कि माननीय प्रधानमंत्री जी की परिकल्पना के अनुरूप पर्यटन विभाग द्वारा पिथौरागढ़ जिले के धारचूला क्षेत्र में स्थित आदि कैलाश अथवा छोटा कैलाश, ओम पर्वत, पार्वती सरोवर पवित्र धार्मिक स्थलां के दर्शनों के लिए हैली सेवाएं प्रारम्भ की जा रही हैं। आदि कैलाश एवं ओम पर्वत के दर्शन पर्यटकों द्वारा जौलिंगकौंग एवं नाबीढांग से कराये जाने की योजना है।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि विषम मौसम एवं उच्च हिमालयी क्षेत्रों के अत्यधिक ठण्ड व विषम मौसम के कारण सर्दियों के दौरान छः माह में यहां के नागरिकां के पास कोई व्यवसायिक गतिविधियां न होने के कारण उन्हें मजबूर होकर निचले क्षेत्रों में आजीविका हेतु पलायन करना पड़ता है, जबकि सामरिक दृष्टिकोण, धार्मिक पर्यटन एवं साहसिक पर्यटन की दृष्टि से यह क्षेत्र अत्यन्त महत्वपूर्ण होने के कारण इस क्षेत्र में विंटर टूरिज्म को बढ़ावा देकर एक ओर जहां इस क्षेत्र में वर्ष पर्यन्त नागरिकां की उपस्थिति से न केवल सामरिक दृष्टिकोण अपितु वहीं दूसरी ओर एक नया शीतकालीन पर्यटन गन्तव्य व उत्पाद केन्द्र तैयार कर स्थानीय नागरिकों के लिये रोजगार के संसाधन उपलब्ध कराने तथा राजस्व अर्जित का प्रमुख स्रोत विकसित हो सकता है।

बैठक में जानकारी दी गई कि हैली सेवाएं प्रारम्भिक रूप से छः माह के लिए संचालित किये जाने का प्रस्ताव है एवं छः माह के उपरान्त यात्रा संचालन का व्यापक परीक्षण कर भविष्य में इस योजना को नियमित रूप से यात्रियां/पर्यटकों के लिए संचालित किया जा सकेगा। मुख्य सचिव ने पर्यटन विभाग को आदि कैलाश क्षेत्र में पर्यटकों के लिए मूलभूत सुविधाओं को विकसित करने की कार्ययोजना पर गम्भीरता और तत्परता से कार्य करने के निर्देश दिए हैं।

बैठक में सचिव सचिन कुर्वे, अपर सचिव पूजा गर्ब्याल तथा पर्यटन विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

सीएम ने साहित्यकारों को वितरित किए उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड भाषा संस्थान द्वारा सर्वे चौक स्थित आई0आर0डी0टी0 सभागार में आयोजित कार्यक्रम में 10 साहित्यकारों को उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मान प्रदान किये। मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड भाषा संस्थान के साहित्य गौरव सम्मान समारोह में उपस्थित प्रदेश और देश के विभिन्न हिस्सों से आये साहित्यकारों और भाषा प्रेमियों का स्वागत करते हुए सभी को विश्व मातृभाषा दिवस की भी शुभकामनाएं दी।

मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड भाषा संस्थान से अपेक्षा की कि वे अपनी साहित्यिक एवं भाषाई गतिविधियों को व्यापक स्तर प्रदान कर प्रदेश में साहित्य ग्राम बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन भी करें, इससे प्रदेश में स्थानीय भाषाओं के साथ-साथ छोटे-छोटे क्षेत्रों में बोली जाने वाली बोलियों व उनमें रचे जा रहे साहित्य को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की पहचान एक ऐसे राज्य के रूप में है, जहां भाषा और साहित्य की सेवा करने वाली अनेक विभूतियों- सुमित्रानंदन पंत, भजन सिंह, गोविंद चातक, गुमानी पंत, शैलेश मटियानी, डॉ० पीताम्बर दत्त बड़थ्वाल, मनोहर श्याम जोशी, गौरा पंत शिवानी, शेखर जोशी, लीलाधर जगूड़ी, वीरेन डंगवाल, गिरीश तिवारी गिर्दा और भैरव दत्त धूलिया ने जन्म लिया, जिन्होंने अपनी रचनाओं से उत्तराखण्ड की चिंतन परंपरा को विराट भावभूमि प्रदान की है। इसके अतिरिक्त इलाचंद्र जोशी, ओमप्रकाश वाल्मीकि, सरदार पूर्ण सिंह, प्रसून जोशी, गंगाप्रसाद विमल, शेरजंग गर्ग आदि अनेकों साहित्यकारों का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में साहित्य के क्षेत्र में छोटे से स्थानों में जन्म लेकर सुमित्रानन्दन पन्त, शैलेश मटियानी, लीलाधर जगूड़ी आदि जैसे महान रचनाकारों ने इसकी चिन्तन परम्परा को विराट भाव भूमि प्रदान की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मान पाने वाले साहित्यकारों में वे साहित्यकार भी शामिल हैं जो अनेक विशिष्ट बोलियों में रचना कर्म कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो समाज अपनी भाषा और बोलियों का सम्मान नहीं करता वह अपनी प्रतिष्ठा गवां देता है। उन्होंने आम लोगों का आह्वान किया कि अपनी भाषा एवं बोलियों को बचाने और उन्हें बढ़ाने के कार्य में आम लोगों की व्यापक सहभागिता बहुत जरूरी है तथा इस महत्वपूर्ण कार्य को हम सभी को अपने घर से आरम्भ करना होगा तथा विशेष रूप से बच्चों के साथ संवाद करते समय अपनी मातृ भाषा और आम बोलियों का प्रयोग करना होगा।

मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि इस कार्यक्रम के माध्यम से लोक भाषाओं पर विद्वान साहित्यकारों के मध्य विचार-विमर्श किया जाएगा, जिससे हिंदी व अन्य लोक भाषाओं का संरक्षण, विकास और उत्थान हो सके तथा आपके महत्वपूर्ण सुझावों को संस्थान अपनी भविष्य की कार्ययोजना में अवश्य सम्मिलित करेगा।

मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड भाषा संस्थान के प्रयासों की सराहना करते हुये कहा कि अपनी स्थापना के बाद से उत्तराखण्ड भाषा संस्थान ने कई महत्वपूर्ण कार्य किये हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने हिन्दी अकादमी, पंजाबी अकादमी, उर्दू अकादमी और लोक भाषा बोली अकादमी को एक छत के नीचे लाते हुए उत्तराखण्ड भाषा संस्थान को पुनर्गठित किया है तथा भाषा संस्थान की स्वायत्तता को बरकरार रखते हुए इसके विकास के लिए सरकार हर संभव कार्य करने को प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने साहित्यकारों, भाषाविदों, शोधार्थियों से अनुरोध किया कि वे भाषा संस्थान के साथ मिलकर भाषाई विकास के लिए कार्य करें और इस संस्थान को देश के प्रतिष्ठित संस्थान के तौर पर विकसित करने के लिए मिलकर कार्य करें। उन्होंने कहा कि इसी के अनुरूप हमारे भाषा संस्थान की पहचान भी पूरे देश में होनी चाहिए।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रो. लक्ष्मण सिंह बटरोही को सुमित्रानन्दन पन्त पुरस्कार, देवकीनंदन भट्ट मयंक को गुमानी पन्त पुरस्कार, गिरीश सुंदरियाल को भजन सिंह सिंह’ पुरस्कार, सुरेश मंमगाई को गोविन्द चातक पुरस्कार, प्रेम कुमार साहिल को अध्यापक पूर्ण सिंह पुरस्कार, के0ए0 खान उर्फ नदीम बरनी को प्रो0 उनवान चिश्ती पुरस्कार, प्रो.शैलेय को महादेवी वर्मा पुरस्कार, डॉ० सुशील उपाध्याय को शैलेश मटियानी पुरस्कार, डॉ० ललित मोहन पंत को डॉ0 पीताम्बर दत्त बड़थ्वाल पुरस्कार तथा गणेश खुगशाल ‘गणी’ को भैरव दत्त धूलिया पुरस्कार से सम्मानित किया तथा कहा कि आप सभी को सम्मानित कर भाषा संस्थान स्वयं सम्मानित हुआ है।

उत्तराखण्ड साहित्य गौरव सम्मान समारोह को भाषा मंत्री एवं कार्यकारी अध्यक्ष सुबोध उनियाल ने सभी सम्मानित साहित्यकारों को हार्दिक बधाई व शुभकामना देते हुये कहा कि हमारे लिये यह गौरव के क्षण हैं तथा किसी भी समाज में साहित्य व कला का महत्वपूर्ण स्थान होता है।

कार्यक्रम को मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुये पूर्व मुख्य सचिव इन्दू कुमार पाण्डेय ने कहा कि वेदों के जो भी मंत्र हैं, उनमें देवता का आह्वान होता है। उन्होंने कहा कि कवि को परिभाषित नहीं किया जा सकता है, वह मंत्र द्रष्टा है। इसी कारण शब्द को ब्रह्म का नाम दिया गया है। उन्होंने कहा कि भारतीय परम्परा में शब्द को ब्रह्म कहा गया है तथा हमारी साहित्य की परम्परा काफी समृद्ध है।

कार्यक्रम को विधायक खजान दास, निदेशक उत्तराखण्ड भाषा संस्थान स्वाति एस0 भदौरिया, डॉ0 सुधा पाण्डे ने भी भाषा संस्थान द्वारा उठाये गये कदमों के सम्बन्ध में विस्तार से प्रकाश डाला।

इस मौके पर मुख्यमंत्री व अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने संस्थान की पत्रिका तथा कुमाऊंनी भाषा साहित की पराण नामक पुस्तिका का विमोचन भी किया। मंच का सफल संचालन हेमन्त बिष्ट ने किया।

इस अवसर पर सचिव विनोद रतूड़ी, प्रो0 कुमुदिनी नौटियाल, प्रो0 लक्ष्मण, बीना वेंजवाल, प्रतिबिम्ब बड़थ्वाल, नवीन लोहानी, लोक गायक नरेन्द्र सिंह नेगी, हयात सिंह रावत सहित बड़ी संख्या में साहित्यकार व साहित्य प्रेमी उपस्थित थे।

विकसित भारत संकल्प 2024 मेगा प्रदर्शनी कार्यक्रम को सीएम ने किया वर्चुअल संबोधित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऋषिकुल मैदान हरिद्वार में आयोजित विकसित भारत संकल्प 2024 मेगा प्रदर्शनी कार्यक्रम को वर्चुअल संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भारत को ’’विकसित भारत’’ बनाने का संकल्प महज एक संकल्प नहीं, बल्कि भारत को पुनः विश्वगुरू बनाने का दृढ़ विश्वास है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से ऐलान किया था कि ’’जब 2047 में देश आजादी के 100 साल मनाएगा, तब हमारा राष्ट्र ध्वज ’’एक विकसित भारत’’ का ध्वज होना चाहिए। इस संकल्प को पूरा करने के लिए हमें बिना रूके, बिना थके आगे बढ़ना है और इस संकल्प के लिए सुचिता, पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ कार्य करना है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में देशभर में विकसित भारत संकल्प यात्रा निकाली जा रही है। महज दो माह में ही इस यात्रा से लगभग 60 करोड़ से अधिक लोग जुड़ चुके हैं। प्रधानमंत्री जी द्वारा साढ़े 9 वर्षों में अपने महत्वपूर्ण निर्णयों, दूरदर्शी सोच एवं योजनाओं से देश भर में जो सकारात्मक माहौल बनाया है, वह किसी भारतीय से छिपा नहीं है। इस संकल्प में केंद्र और राज्य सरकार की योजनाएं अत्यंत सहायक सिद्ध हुई हैं, जिसका भव्य रूप आज हम सभी को देखने को मिल रहा है। विकसित भारत संकल्प यात्रा, आने वाले कुछ वर्षों में विकसित भारत की संकल्पना को जन-जन तक पहुंचाने में अत्यंत सहायक सिद्ध होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार में देश भर के गांवों में करोड़ों परिवारों को सरकार की किसी न किसी योजना का लाभ अवश्य मिला है। उसमें भी जब ये लाभ अंत्योदय की भावना को ध्यान में रखते हुए अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति को मिलता है तो एक विश्वास बढ़ता है, जिंदगी जीने की एक नई ताकत आ जाती है। प्रधानमंत्री श्री मोदी जी के नेतृत्व वाली सरकार में, 80 करोड़ लोगों को खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की गई। दिव्यांग जनों को सशक्त बनाया, करीब 50 करोड़ जनधन खाते खोले गए, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लगभग साढ़े तीन करोड़ आवास बनाए गए, 8.67 करोड़ घरों तक नल से जल पहुंचाया गया। जहां एक ओर किसान सम्मान निधि के रूप में 2019 से हर वर्ष किसानों को छह हजार रुपये दिए गए वहीं प्रधानमंत्री जी ’’फसल बीमा योजना’’ भी लेकर लाए। महिला सशक्तिकरण के लिए ग्रामीण क्षेत्र में 11.72 करोड़ इज्जत घर बनाए गए और दस करोड़ से ज्यादा उज्ज्वला कनेक्शन दिए गए। इसके अलावा रोजगार मेला लगाकर दस लाख भर्तियों का अभियान प्रारंभ किया गया। कोरोना जैसी महामारी का हमने डटकर मुकाबला किया और लोगों को इसके मुफ्त टीके लगाए गए। इसके साथ ही आयुष्मान भारत योजना से दस करोड़ परिवारों का पांच लाख रुपए का बीमा भी कराया गया। पूर्वोत्तर में शांति व समृद्धि स्थापित करने के उद्देश्य से कई समझौते किए गए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में जहां भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर का उद्घाटन किया गया, वहीं दूसरी ओर वाराणसी में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, उज्जैन में महाकाल लोक सहित कई अन्य परियोजनाएं पूरी की गई। राम मन्दिर को लेकर देश में अनेक भ्रांतियां फैलायी गई किन्तु प्रधानमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार में सभी भ्रांतियां शून्य साबित हुई। इसके अलावा 34 साल पुरानी शिक्षा नीति भी बदली गई और कश्मीर घाटी में घुसपैठ की घटनाओं में भी कमी आई। उन्होंने कहा कि मोदी के नेतृत्व में जी-20 सम्मेलन में भारत ने जहां एक ओर अपनी धाक जमाई वहीं, भारत दुनिया की पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने में भी सफल रहा। देश में डिजिटल लेन-देन भी बढ़ा और 776 अरब डॉलर का निर्यात भी हुआ। 2014 से पूर्व देश के विकास का इंजन बहुत धीमी गति से चल रहा था परन्तु, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में विकास का यही इंजन आज हर क्षेत्र में तेजी से दौड़ रहा है। 2014 से पूर्व देश में स्वास्थ्य सेवाएं स्वयं बीमार थी, लेकिन प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में आज स्वास्थ्य सेवाओं का जिस तरह विस्तार हुआ है, वह पहले संभव नहीं था।

2014 से पूर्व देश में सड़कों की खस्ता हालत किसी से छिपी नहीं हैं, लेकिन प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में आज देश में प्रतिदिन 38 किलोमीटर सड़क का निर्माण हो रहा है। 2014 से पूर्व बच्चों को वैक्सीन लगवाने के लिए दर-दर भटकना पड़ता था, लेकिन मोदी के नेतृत्व में मिशन इन्द्रधनुष योजना के तहत बच्चों को जानलेवा बीमारियों से बचाने के लिए वैक्सीन लगाई जा रही है। आज मोदी जी के नेतृत्व में देश का सांस्कृतिक वैभव पुनः वापस लौट रहा है। 2014 से पहले भारत एक पिछलग्गू राष्ट्र की श्रेणी में पहुंच गया था, लेकिन आज प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत विश्व का एक अग्रणी राष्ट्र बन चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रधानमंत्री के कुशल मार्गदर्शन का ही प्रतिफल है कि हम उत्तराखंड को श्रेष्ठ राज्य बनाने की ओर अग्रसर हैं। प्रधानमंत्री से प्रेरणा पाकर हमने भी उत्तराखंड में विगत ढाई वर्षों में कुछ ऐसे महत्वपूर्ण और कठोर निर्णय लिए हैं, जो विगत 23 वर्षों में नहीं लिए गए थे। हमने एक ओर जहां उत्तराखंड में देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया, वहीं धर्मांतरण रोकने के लिए भी कानून बनाया। हमने देवभूमि में पहली बार लैंड जिहाद के खिलाफ कठोर कदम उठाए। इसके अलावा उत्तराखंड बनने के 23 वर्षों में पहली बार भ्रष्टाचारियों पर कड़ी कार्रवाई की गई। मातृशक्ति को मजबूत करने के लिए जहां हमने प्रदेश की महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित की वहीं वर्ष में तीन मुफ्त सिलेंडर रिफिल देने की योजना भी हम लेकर आए। अब हमने देवभूमि में समान नागरिक आचार संहिता को भी लागू कर ये देखा दिया है कि हम जो कहते हैं, वो अवश्य करते हैं। यूसीसी के माध्यम से हमने सभी को समान अधिकार देने का एजेंडा तैयार किया हैं। लेकिन, कई लोग यूसीसी को लेकर भी भ्रांतियां फैला रहे हैं, इस मामले में अब जनता किसी भी प्रकार से फैलाए जा रहे भ्रम से भ्रमित होने वाली नहीं है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सबको यह संकल्प लेना होगा कि हम 2047 तक विकसित भारत बनाने के यज्ञ में अपने परिश्रम की आहुति प्रदान करेंगे। हम उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के अपने संकल्प को लेकर चल रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि हम अपने इस ’’विकल्प रहित संकल्प’’ को सभी के सहयोग से पूर्ण करने में अवश्य सफल होंगे।

मार्च से राज्य में एलाइन्य एयर के साथ एमओयू के बाद शुरू होंगी हवाई सेवाएंः राधा रतूड़ी


मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सचिवालय में नागरिक उड्डयन विभाग तथा एलाइन्स एयर के साथ राज्य में एयर कनेक्टिविटी को मजबूत करने के सम्बन्ध में बैठक की। मुख्य सचिव ने जानकारी दी कि जल्द ही मुख्यमंत्री द्वारा राज्य सरकार की एयर कनेक्टिविटी स्कीम लॉच की जाएगी। इस सम्बन्ध में एलाइन्स एयर के साथ एक एमओयू किया जाएगा। राज्य सरकार द्वारा वीजीएफ स्पोर्ट मॉडल के माध्यम से आरम्भ में पायलट प्रोजेक्ट के आधार पर फिक्सड वीजीएफ मॉडल पर वाराणसी -पंतनगर- वाराणसी तथा पंतनगर-पिथौरागढ़-पंतनगर एयर कनेक्टिविटी शुरू की जाएगी। इसके साथ ही ब्वेज डपदने त्मअमदनम डवकमस के आधार पर अमृतसर-देहरादून-अमृतसर, देहरादून-पंतनगर-देहरादून तथा देहरादून-अयोध्या-देहरादून रूट्स पर एयर कनेक्टिविटी शुरू की जाएगी। इन रूट्स पर 70 सीटर प्लेन आई ई 72 की सेवाएं ली जाएगी। यह हवाई सेवा मार्च के पहले सप्ताह में आरम्भ हो जाएगी।
मुख्य सचिव ने कहा कि पर्यटन राज्य होने के कारण प्रदेश में मजबूत एयर कनेक्टिविटी तथा हवाई सेवाओं में सुधार होना आवश्यक है। बेहतर हवाई सेवाओं के कारण राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों में भी पर्यटन गतिविधियों को अधिक से अधिक बढ़ावा मिलेगा तथा आपात स्थितियों में स्थानीय लोग भी लाभान्वित होंगे।
बैठक में अपर सचिव सी रविशंकर सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित थे।

राज्यसभा में निर्विरोध सांसद चुने जाने पर सीएम ने दी महेंद्र भट्ट को शुभकामना


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट को राज्यसभा के सदस्य सम्यक रूप से निर्वाचित होने पर हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महेन्द्र भट्ट के राज्यसभा सदस्य निर्वाचित होने से केंद्र सरकार के स्तर पर राज्य के विकास से जुड़े विषयों के क्रियान्वयन में और अधिक तेजी आएगी।

राज्य में प्रचलित सभी ब्रांड की गुणवत्ता में सुधार करने को हाउस आफ हिमालयास कंपनी का गठन

राज्य में प्रचलित सभी ब्रान्ड के उत्पादों की पहुंच बढ़ाने, गुणवत्ता में सुधार करने, मानकीकृत पैकेजिंग सुनिश्चित करने और ब्रान्डिंग एवं विपणन करने हेतु House of Himalayas Company तथा अम्ब्रेला ब्रान्ड – House of Himalayas का गठन किया गया है। Company के पंजीकरण / विधिमान्यकरण आदि कार्यवाहियां प्रचलित है। प्रथम चरण में दिल्ली एवं देहरादून में House of Himalayas Brand के आउटलेट / स्टोर खोले जाने की कार्यवाही भी गतिमान है।

Women on Wings (WoW½ एक नीदरलैन्ड बेस्ड गैर सरकारी संस्था है, जो ग्रामीण क्षेत्र में महिलाओं की स्थायी आजीविका का निर्माण करने एवं रोजगार बढ़ाने के क्षेत्र में वर्ष 2007 से कार्य कर रही है। वर्तमान में उक्त संस्था सम्पूर्ण भारत में लगभग 50 से ज्यादा सामाजिक उपक्रमों एवं महाराष्ट्र तथा झारखण्ड की राज्य संस्थाओं के साथ कार्य कर रही है।

House of Himalayas की Branding / Marketing हेतु Business Plan / Road Map विकसित करने में सहायता के उद्देश्य से उत्तराखण्ड ग्राम्य विकास समिति ( UGVS ) एवं Women on Wings (WoW) के साथ गैर वित्तीय समझौता ज्ञापन ( MoU) निष्पादित किया गया है, जिसके अनुसार Women on Wings (WoW) House of Himalayas Company के संचालन हेतु SoP तैयार करने, House of Himalayas Brand को Scalable and Sustainable Brand के रूप में स्थापित करने, Business Strategy, Branding, Marketing, Product Pricing, Positioning, Supply Chain Creation, Capacity Building of Human Resource आदि तथा महिला उत्पादकों की सतत् आजीविका सृजित करने में UGVS@House of Himalayas Company को सहायता प्रदान करेगी।

मुख्य सचिव, उत्तराखण्ड शासन द्वारा ग्राम्य विकास विभाग की इस पहल को काफी सराहा गया तथा यह निर्देशित किया गया कि House of Himalayas की Website एवं Storeखोले जाने के संबंध में तत्काल कार्यवाही की जाय।

सीएम ने कैबिनेट सहयोगियों के साथ की श्रीराम मंदिर अयोध्या में पूजा व अर्चना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने कैबिनेट सहयोगियों के साथ अयोध्या में रामलला के दर्शन किए। इस दौरान सभी बेहद उत्साहित और भक्ति भाव में डूबे हुए नजर आए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मंत्रिमंडल में अपने सहयोगियों सतपाल महाराज, प्रेमचंद अग्रवाल, सुबोध उनियाल, डॉ धन सिंह रावत, रेखा आर्य एवं राज्यसभा सांसद नरेश बंसल के साथ जॉलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचे, जहां से वे श्री अयोध्या धाम के लिए रवाना हुए। अयोध्या में महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा में पहुंचे पर मुख्यमंत्री धामी और उनके सहयोगियों का भव्य स्वागत हुआ। इस दौरान पूरा परिसर जय श्रीराम के नारों से गूंज उठा। यहां से वह राम जन्मभूमि के लिए रवाना हुए। मुख्यमंत्री एवं उनके सहयोगी श्री अयोध्या धाम में प्रभु राम को साष्टांग नमन कर पूजा अर्चना की। दर्शन करने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भावुक हो गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री रामलला के दर्शन से रोम-रोम भक्तिमय और मन प्रफुल्लित है। उन्होंने कहा कि रामलला को कई वर्षों तक टेंट में रहना पड़ा। आज भव्य मंदिर में रामलाला के दर्शन किए। मैं भाव विह्वल हूं और प्रभु श्रीराम के चरणों में समर्पित हूं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभु श्री राम की नगरी अयोध्या में उत्तराखंड वासियों के लिए उत्तराखंड सरकार राज्य अतिथि गृह बनाने की तैयारी कर चुकी है। 4700 वर्ग मीटर में बनने वाले इस राज्य अतिथि गृह को बनाने के लिए हमारी सरकार ने भूमि की खरीद को लेकर 32 करोड़ रुपए की धनराशि स्वीकृत की है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड से भगवान श्री राम के दर्शन करने के लिए अयोध्या पहुंचने वाले श्रीराम भक्तों को इस राज्य अतिथि गृह में सुविधा मुहैया करवाई जाएगी।