एड्स के मरीजों के लिए एम्स में एआरटी सेंटर हुआ शुरू


अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश में विश्व एड्स दिवस पर एचआईवी वायरस से ग्रसित मरीजों की समग्र जांच एवं उपचार के लिए एंटी रिट्रोवायरल थैरेपी सेंटर (एआरटी सेंटर) का विधिवत शुरू हो गया। एम्स में खुले सेंटर में गढ़वाल मंडल के विभिन्न जिलों के पंजीकृत एड्स मरीजों को सरकार द्वारा प्रदत्त निशुल्क उपचार मिल सकेगा।

निदेशक प्रो. रविकांत ने संस्थान में एंटी रिट्रोवायरल थैरेपी एआरटी सेंटर का विधिवत शुभारंभ कर बताया कि 2019 में विश्वभर में लगभग 6 लाख 90 हजार लोगों की मौत हुई है। इस बीमारी का कोई शर्तिया इलाज नहीं है लिहाजा इसे सिर्फ जनजागरूकता से ही रोका जा सकता है।

बताया कि संस्थान में एमबीबीएस, टेक्निशियन व नर्सिंग के पाठ्यक्रम में इस बीमारी को आवश्यक सुधार के साथ सम्मिलित किया जाएगा तथा समय- समय पर एम्स की सोशियल आउटरीच सेल के द्वारा विभिन्न हाईरिस्क ग्रुप्स को इस बीमारी के बारे में जागरूक किया जाएगा।

जनरल मेडिसिन विभागाध्यक्ष डा. मीनाक्षी धर, एआरटी सेंटर प्रभारी डा. मीनाक्षी खापरे व फैकल्टी इंचार्ज डा.मुकेश बैरवा ने बताया कि हर साल 1 दिसंबर को विश्व एड्स दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिवस पर जनसामान्य को एचआईवी संक्रमण से बचाव व जरुरी एहतियात के बारे में जागरुक किया जाता है। साथ ही उन्हें स्वयं व दूसरों को इस लाइलाज बीमारी से बचाव के बारे में आवश्यक जानकारियां उपलब्ध कराई जाती हैं।
उन्होंने बताया कि एम्स में स्थापित एआरटी सेंटर के अंतर्गत रजिस्टर्ड एचआईवी पेशेंट का ट्रीटमेंट निशुल्क किया जाएगा। जिसमें मरीजों को लैब इन्वेस्टीगेशन व दवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं साथ ही उपचार के दौरान उनमें उत्पन्न होने वाली दूसरी बीमारियों का परीक्षण व दवा भी इसमें शामिल होती हैं। बताया गया कि एम्स ऋषिकेश में उत्तराखंड राज्य का चैथा एआरटी सेंटर स्थापित किया गया है। इस सेंटर में गढ़वाल मंडल के पौड़ी, टिहरी, रुद्रप्रयाग, हरिद्वार आदि जिलों के पंजीकृत एचआईवी ग्रसित मरीजों का परीक्षण एवं उपचार करा सकते हैं। एम्स में एआरटी सेंटर स्थापित होने से पर्वतीय जिलों के मरीजों को उपचार के लिए अब देहरादून नहीं जाना पड़ेगा। साथ ही एंटी रिट्रोवायल थैरपी सेंटर न सिर्फ मरीजों को मेडिसिन एवं परीक्षण सेवा देता है

इसके अलावा उन्हें केयर में सहयोग भी करता है और विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों के माध्यम से मरीज व उनके परिवार को आर्थिक व अन्य तरह का सहयोग भी उपलब्ध कराया जाता है।

एम्स के जनरल मेडिसिन विभाग में स्थापित एआरटी सेंटर में मरीज सप्ताह में दो दिन (सोमवार व बुधवार को) निशुल्क परामर्श व उपचार प्राप्त कर सकते हैं।
इस दौरान डीन एकेडमिक प्रोफेसर मनोज गुप्ता, डीएचए प्रो.यूबी मिश्रा, प्रो. लतिका मोहन, प्रो. वर्तिका सक्सेना, डा. नैरिता हजारिका आदि मौजूद थे।

17 पेटी अंग्रेजी शराब से लोगों का स्वास्थ्य खराब करने की थी योजना, पुलिस ने पकड़ा

ऋषिकेश के ग्रामीण क्षेत्रों में सप्लाई होने जा रही 17 पेटी अगं्रेजी शराब को कोतवाली पुलिस ने वाहन के साथ जब्त किया है।

कोतवाली प्रभारी रितेश शाह ने बताया कि पुलिस उच्चाधिकारियों की ओर से अवैध नशा के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश मिला हुआ है, इसी क्रम में उनके नेतृत्व में गठित टीम ने बीते रोज की शाम को संदिग्ध व्यक्ति एवं वाहन चेकिंग के दौरान आरटीओ ऑफिस ऋषिकेश के पास हुंडई एसेंट गाड़ी नंबर को रोका। तलाशी लेने पर उसमें 17 पेटी अंग्रेजी शराब बरामद हुई। प्रभारी कोतवाली ने आरोपी की पहचान विनोद प्रसाद पुत्र भगवती प्रसाद निवासी दिल्ली फार्म श्यामपुर खदरी के रूप में कराई।

तीर्थनगरी के यह कैडेट्स 2021 की राजपथ परेड दिल्ली के लिए हुए चयनित

प्रत्येक वर्ष के भांति इस वर्ष भी ऋषिकेश महाविद्यालय के एनसीसी प्रभारी डॉ सतेन्द्र कुमार के मार्गदर्शन व कड़ी मेहनत के कारण महाविद्यालय के अंडर ऑफिसर (दीपक और ममता) का चयन 2021 में दिल्ली राजपथ परेड की लिए हुआ है दोनों ही कैडेट्स द्वारा देहरादून में आरडी परेड से पूर्व सम्पन होने वाले कैम्प मे प्रतिभाग कर अपना स्थान 2021 के लिए पक्का किया। 31 यूके बीएन एनसीसी हरिद्वार से कुल तीन एनसीसी कैडेटस का चयन हुआ जिसमें 2 कैडेट्स ऋषिकेश कॉलेज से चुने गए है।

महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ सुधा भारद्वाज, प्रो. गुलशन कुमार, डॉ वीके गुप्ता, प्रो. सुषमा गुप्ता, डॉ प्रीतपाल, डॉ अनिता, डॉ मृत्युंजय, प्रो. राकेश, मयंक रैवानी, आयुष, साक्षी, इशिता आदि ने हर्ष व्यक्त किया व साथ ही कैप्टन डॉ सतेन्द्र कुमार के साथ साथ दोनों एन सी सी कैडेट्स (दीपक और ममता) को बधाईयां प्रेषित की। डॉ सतेन्द्र कुमार ने बताया कि इस वर्ष कोविड महामारी के कारण आर डी परेड के लिए कम सीटों पर चयन किया गया जिससे चयन होने वाले कैडेटस की संख्या में भी कमी आयी।

अनेकों ड्रीम योजनाओं को मेयर अनिता ने अपने राजनीतिक कौशल से कराया पूरा

ऋषिकेश नगर निगम के दो वर्ष उपलब्धियों की दृष्टि से शहरवासियों के लिए बेमिसाल साबित हुए हैं। यह तेजी के साथ विकास के पथ पर अग्रसर है। ट्रिपल इंजन की सरकार के सहयोग से निगम ने योजनाओं को धरातल पर उतारा और जनता को एक विकास का रास्ता दिखाया। यह बात मेयर अनिता ममगाई ने अपने दो वर्ष के कार्यकाल के दौरान कही।

मेयर अनिता ममगाई ने अपने दो वर्षों का रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत किया। बताया कि कचरा प्रबंधन के लिए निगम द्वारा सभी वार्डो में 50 हजार डस्टबिन निशुल्क बांटे गए। हर घर कूड़ा गाड़ी पहुंचाने का लक्ष्य भी पूरा हुआ। इसके लिए सरकार की मदद से 20 नए कूड़ा वाहन खरीदे गए।

जानकारी देते हुए बताया कि सफाई व्यवस्था की मॉनिटरिंग के लिए जियो टैगिंग, जीपीएस और डिजिटल मॉनिटरिंग के लिए बापू ग्राम में एक कंट्रोल रूम बन रहा है।
– लाल पानी में नए टचिंग ग्राउंड की सैद्धांतिक स्वीकृति एवं गोविंद नगर से पिछले 40 साल से कूड़ा हटाने के प्रयास की भी शासन द्वारा स्वीकृति मिलना ऋषिकेश नगर निगम की सबसे बड़ी उपलब्धि रही है।
– पथ प्रकाश की बात करें तो नगर निगम में 5000 नई स्ट्रीट लाइट एवं 330 डबल आर्म डिवाइडर लाइट भी शहर वासियों के लिए लगवाई है। जिसके चलते शहर के अंधकार को दूर कर जगमगाती रोशनी के रूप में तब्दील करने में निगम कामयाब रहा है।
– निगम का तीसरा सबसे महत्वपूर्ण कार्य शहर को खुले में शौच मुक्त करना और पब्लिक टॉयलेट का निर्माण कराना रहा है। इसी को देखते हुए निगम ने प्रथम चरण में 5 हाईटेक शौचालय बनाए जा रहे हैं। प्रथम चरण जनवरी माह में पूरा हो जाएगा। बताया कि शहर वासियों के लिए 10 नये हाईटेक शौचालय बनाने का लक्ष्य है।
– वेंडिंग जोन का कार्य जिसमें रेहड़ी और खोखे वाले नियम अनुसार बसाये जा रहे हैं और उनको सरकार द्वारा सब्सिडाइज लोन की प्रक्रिया भी कराई जा रही है। निगम की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल है।
– चैक और घाट के सौंदर्यीकरण के लिए इंद्रमणि बडोनी चैक, आम्बेकर चैक, 72 सीढ़ी घाट
का सौंदर्यीकरण जैसी योजनाओं को धरातल पर उतारा गया। इसी तर्ज पर गौरा देवी चैक का भी जल्द लोकार्पण होना है।
– कोरोना काल में विशेष सफाई अभियान और निशुल्क राशन वितरण के लिए शासन द्वारा कोरोना वारियर की उपाधि से नवाजी गई। वह उत्तराखंड की पहली मेयर रही जिन्हें यह पुरस्कार मिला।
उन्होंने बताया कि भवन कर में 50ः की छूट कराना, मेयर हेल्पलाइन के माध्यम से जनता की समस्या को सुलझाना, ऋषिकेश के रेलवे स्टेशन का नाम योग नगरी ऋषिकेश देना निगम की उपलब्धियों में चार चांद लगाने वाला साबित हुआ।
– एम्स में उत्तराखंड वासियों और ऋषिकेश वासियों के लिए अलग ओपीडी की व्यवस्था कराकर जनता को राहत पहुचाने की कोशिश की गई। मिशन 2021 के लिए उन्होंने बताया कि गंगा की धारा को त्रिवेणी घाट तक लाना,संजय झील का जीर्णोद्धार, शहर के प्रमुख पार्को का सौंदर्यीकरण जैसी योजनाओं को धरातल पर लाने के लिए पुरजोर प्रयास किए जा रहे हैं।महापौर ममगाई ने बताया लालपानी में 50 करोड़ की लागत से कूड़ा निस्तारण प्लांट का लगना अगले साल जनवरी से शुरू हो जाएगा।

पुलिस ने रात्रि गश्त के दौरान बड़ी चोरी होने से रोक दी, सिपाहियों को किया सम्मानित

ऋषिकेश कोतवाली में तैनात कांस्टेबल प्रशांत व होमगार्ड मयंक की सक्रियता के चलते एक ज्वेलर्स का सामान लूटने से बच गया। गढ़वाल ज्वेलर्स की दुकान को समय रहते इन पुलिसकर्मियों ने लूटने से बचा लिया।

प्रेसवार्ता कर पुलिस क्षेत्राधिकारी बीसी ढौड़ियाल व कोतवाल रितेश शाह ने बताया कि बीती रात ड्यूटी पर श्यामपुर क्षेत्र में गश्त के दौरान कांस्टेबल प्रशांत सैनी व होमगार्ड मयंक द्वारा क्षेत्र में भ्रमण रहने के दौरान, ज्वेलरी मार्केट के तालों को चेक किया जा रहा था, तभी दो बजे ज्वेलर्स मार्केट में गढ़वाल ज्वेलर्स नामक दुकान के स्वामी वैभव भारद्वाज द्वारा दुकान पर ताले नहीं लगाए गए थे। पुलिसकर्मियों ने तत्काल रात्रि अधिकारी को उक्त विषय में सूचना दी गई। रात्रि अधिकारी मौके पर गए और दुकान के अंदर जाकर चेक किया तो दुकान में सोने चांदी के सभी जेवरात बाहर ही रखे हुए थे।

जिस पर दुकान के बाहर लगे बोर्ड से मोबाइल नंबर प्राप्त कर उसके स्वामी से संपर्क किया गया। कॉल की गई एवं उसको दुकान के ताले खुले होने की सूचना देकर मौके पर बुलाया गया। दुकान स्वामी द्वारा अपने सामान को चेक कर देखा गया तो लाखों रुपए का सभी सोने व चांदी सामान सुरक्षित पाया गया।

दुकानदार की लापरवाही आई सामने
पुलिस पूछताछ पर दुकान मालिक वैभव ने बताया कि वह अपने भांजे को दुकान पर बैठा कर आवश्यक कार्य से हरिद्वार चले गए थे। भांजे आदित्य ने रात्रि में दुकान का शटर नीचे कर चला गया तथा शटर पर ताले लगाना भूल गया। उन्होंने दोनों पुलिसकर्मियों को 10 हजार रूपए ईनाम के तौर पर देने का वायदा किया है।

50.25 करोड़ की लागत से बनी सूर्यधार झील का सीएम त्रिवेंद्र ने किया लोकार्पित

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने अपने ड्रीम प्रोजेक्ट स्व. गजेन्द्र दत्त नैथानी, जलाशय सूर्याधार का लोकार्पण किया। 50.25 करोड़ रूपये की लागत से बनी इस झील की धारण क्षमता 77 हजार घन मीटर है। यह झील 550 मी. लम्बी, 28 मीटर चैड़ी एवं 10 मीटर गहरी है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने झील पर नौकायन किया एवं मत्स्य के बीज डाले। यह झील मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत रावत के ड्रीम प्रोजेक्ट में है।

मुख्यमंत्री ने विकासखण्ड डोईवाला में सुसवा नदी के दायें किनारे पर लाल माटी खाले से बडकली पुल तक सुरक्षात्मक कार्य के लिए 2.63 करोड़ की सुरक्षात्मक कार्ययोजना, विकासखण्ड रायपुर के बांदल नदी पर सरखेत ग्राम की 1.85 करोड़ रूपये की लागत की बाढ़ सुरक्षा योजना एवं डोईवाला विकासखण्ड के अन्तर्गत सिमलासग्रान्ट नहर के विस्तारीकरण व सुरक्षा एवं नवीनीकरण की 2.31 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास किया। उन्होंने स्व. गजेन्द्र दत्त नैथानी को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि सूर्याधार क्षेत्र में लोगों को संचार सुविधाओं हेतु जियो का टावर लगाया जायेगा।

सूर्यधार झील से 18 गांवों को ग्रेविटी वाटर मिलेगाः त्रिवेंद्र
कहा कि आज उत्तराखण्ड को एक ऐसा प्रोजेक्ट समर्पित किया जा रहा है, जिसके पीछे एक दूरगामी सोच है। इसका प्रयोजन व संदेश बहुत बड़ा है। उन्होंने कहा कि इस झील को बनाने का उद्देश्य सिर्फ पेयजल एवं सिंचाई ही नहीं है, इसके व्यापक परिणाम आयेंगे। इससे पानी के सोर्स रिचार्ज होंगे, पर्यावरण के लिए बेहतर ईको सिस्टम होगा। राज्य सरकार का प्रयास है कि आने वाले समय में यह क्षेत्र पर्यटन की दृष्टि से बेहतर डेस्टिनेशन बने। इससे आने वाले समय में इस क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि झील से 18 गांवों को ग्रैविटी वाटर की उपलब्धता होगी एवं 1247 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी। पहले इस क्षेत्र में 534 हेक्टेयर क्षेत्र में ही सिंचाई हो पाती थी। इस जलाशय के बनने से क्षेत्र की 30 हजार आबादी की प्रति व्यक्ति की प्रतिदिन 40 लीटर पानी की उपलब्धता से बढ़कर 100 लीटर प्रतिदिन हो जायेगी, अर्थात् प्रतिव्यक्ति को ढाई गुना अधिक पानी की उपलब्धता हो जायेगी। इस सूर्याधार में वाटर स्पोर्ट्स को विकसित करने के प्रयास किये जायेंगे। यहां पर साल में 3-4 दिन के कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। स्व. गजेन्द्र दत्त नैथानी जी के नाम पर इस झील का नाम रखा गया है। नैथानी जी ने अपना सम्पूर्ण जीवन समाज सेवा के लिए समर्पित किया। वे हमेशा से आरएसएस संघ की विधारधारा से जुड़े रहे। समाज की सेवा करना ही उनका एकमात्र धेय था।

इस अवसर पर भाजपा के जिलाध्यक्ष शमशेर सिंह पुण्डीर, राज्यमंत्री करन बोहरा, कृष्ण कुमार सिंघल, खेमपाल सिंह, सचिव सिंचाई नितेश झा, प्रमुख अभियंता सिंचाई मुकेश मोहन, जिलाधिकारी देहरादून आशीष श्रीवास्तव, मुख्यमंत्री के विशेष कार्याधिकारी धीरेन्द्र पंवार, मुख्य अभियंता सिंचाई जयपाल सिंह, अधिशासी अभियंता सिंचाई डीके सिंह, स्व. गजेन्द्र दत्त नैथानी के भतीजे संजीव नैथानी आदि उपस्थित थे।

आईडीपीएल संस्थान को बचाने को चलाया हस्ताक्षर अभियान

उत्तराखंड से पलायन रोकना है तो आईडीपीएल संस्थान को पुनर्जीवित करना होगा। इससे न सिर्फ युवाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि पलायन भी रूकेगा। प्रदेश के युवा यही रहकर राज्य की उन्नति के लिए काम करेंगे।

आज स्वदेशी जागरण ऋषिकेश की ओर से आईडीपीएल बचाओ हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। आईडीपीएल हाट बाजार में चले अभियान में जीएमवीएन निदेशक आशुतोष शर्मा ने प्रधानमंत्री और रसायन व उर्वरक मंत्रालय के प्रभारी मंत्री से निवेदन किया।

कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में लोगों को सस्ती व गुणवत्तापूर्ण दवाइयां भी मुहैया हो सके। इससे पीएम के आत्मनिर्भर भारत अभियान को भी गति मिलेगी।

मौके पर मंच के नगर संयोजक सुनील कुमार शर्मा, जिला संघर्ष वाहिनी प्रमुख अनिल फर्सवान, ग्रामीण संयोजक सौरभ मिश्रा, ग्रामीण संघर्ष वाहिनी प्रमुख अभिषेक राठौर, जिला संयोजक सूरज बिजल्वाण, जिला सह संयोजक मदन लाल, सूरज थपलियाल, जिला मीडिया प्रभारी यशपाल गंगावत, बेचन गुप्ता आदि उपस्थित रहे।

हमारे स्थानीय उत्पादों को ज्यादा डिजीटल प्लेटफाॅर्म उपलब्ध कराना होगाः सीएम

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने गैरसैंण में स्थापित होने वाले सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के सम्बन्ध में प्रस्तुतीकरण का अवलोकन किया। कहा कि यह सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थानीय स्तर पर लोगों की आर्थिकी में सुधार एवं कौशल विकास की दिशा में अहम भूमिका निभायेगा। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्वरोजगार सृजन के क्षेत्र में अह्म योगदान देगा। उन्होंने कहा कि मत्स्य पालन एवं दुग्ध उत्पादन के क्षेत्रों को भी विशेष तौर पर शामिल किया जाए। प्रदेश के युवा परिश्रमी एवं ईमानदार है, इनके हुनर को कौशल विकास से और अधिक निखारा जा सकता है। हमें क्षेत्रीय प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए कार्ययोजना बनानी होगी।

कृषि में मंडूआ, झंगोरा, मसूर, चैलाई के साथ ही अन्य क्षेत्रीय उत्पादों को ब्रांडिंग एवं मार्केटिंग के माध्यम से राजस्व सृजन का बेहतर श्रोत बनाना होगा। हमारे स्थानीय उत्पादों को और अधिक डिजीटल प्लेटफार्म उपलब्ध कराना होगा। कृषि, बागवानी, दुग्ध उत्पादन, मत्स्य पालन, भेड-बकरी पालन के साथ ही स्थानीय उत्पादों की बेहतर प्रोसेसिंग आदि की आधुनिक तकनीकि दक्षता के साथ प्रशिक्षण प्राप्त होने से लोगो को इन व्यवसायों से जुड़ने में मदद मिलेगी तथा अधिक से अधिक लोग इन क्षेत्रों में स्वरोजगार के लिये आगे आयेंगे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों से पलायन को रोकने एवं लोगों की आर्थिकी में सुधार की दिशा में राज्य सरकार द्वारा अनेक प्रयास किये जा रहे हैं। प्रदेश में स्थापित किये जा रहे विभिन्न रूरल ग्रोथ सेंटर भी लोगों की आर्थिकी को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

बैठक में मुख्यमंत्री के तकनीकि सलाहकार डॉ. नरेन्द्र सिंह, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, अपर सचिव झरना कमठान आदि उपस्थित थे।

रविवार को प्रदेश को मिलेगा सूर्यधार झील का तोहफा

पहले डोबराचांठी, जानकी सेतु और अब सूर्यधार। विकास की इबारत लिखते मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत रविवार को प्रदेशवासियों को सूर्यधार झील के रूप में एक नया तोहफा देने जा रहे हैं। सूर्यधार में झील बनकर तैयार हो गई है जिसका रविवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत लोकार्पण करेंगे।

सूर्यधार झील मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के ड्रीम प्रोजेक्टों में से एक है। इस झील से क्षेत्र को पेयजल और सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होगा। इससे लगभग 18 गांवों को सिंचाई और 19 गांवों को पेयजल मिलेगा, जो कि पूरी तरह से ग्रैविटी आधारित होगी। बता दें कि इस क्षेत्र में लंबे समय से पेयजल और खेतों की सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता न होने की समस्या रही है। क्षेत्रवासियों की इसी दिक्कत को समझते हुए मुख्यमंत्री ने सूर्यधार में झील बनाने का ऐलान किया था।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र द्वारा समय-समय पर सूर्यधार में निर्माणाधीन झील के निरीक्षण किए जाते रहे। अब, रिकार्ड समय में यह झील बनकर तैयार हो गई है। यह झील आने वाले दिनों में देहरादून जिले में नए टूरिस्ट डेस्टिनेशन के तौर पर भी उभरेगी। यहां पर सरकार की योजना नौकायन के साथ ही लोगों को प्रकृति का दीदार कराने व अन्य पर्यटन गतिविधियां संचालित करने की है। इस बहुउद्देशीय योजना के माध्यम से प्रति वर्ष 7 करोड़ रुपये की बिजली की बचत भी होगी. इससे किसानों को बारह महीने पानी मिलेगा।

स्व. इन्द्रमणि बडोनी सभागार हुआ आंदोलनकारियों के सुपर्दु, बनेगा शहीद स्मारक

आंदोलनकारियों की मांग को प्रमुखता से लेते हुए मेयर अनिता ममगाईं ने नगर निगम का स्व. इंद्रमणि बडोनी हाॅल आंदोलनकारियों को देने का निर्णय लिया। इसके लिए 26 पार्षदों ने अपना समर्थन दिया है। बता दें कि एक जनहित याचिका के बाद एनएच की कारवाई में अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान हरिद्वार रोड़ पर निर्मित शहीद स्मारक को ध्वस्त कर दिया गया था।
आज नगर निगम के 26 पार्षदों ने मेयर को अपना समर्थन पत्र सौंपा। उत्तराखंड शहीद स्मारक समिति के मुख्य संस्थापक वेद प्रकाश शर्मा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मेयर अनिता ममगाई से मुलाकात की।

मेयर अनिता ममगाई ने बताया कि जल्द ही इस संदर्भ में निगम अधिकारियों की ओर से शासन को कार्यवाही के लिए आदेशित किया जाएगा। वहां से हरी झंडी मिलने के बाद स्व. इंद्रमणि बडोनी सभागार को शहीद स्मारक के लिए समिति के सुपुर्द कर दिया जाएगा। मौके पर विक्रम सिंह भंडारी, प्यारेलाल जुगलान, बीना बहुगुणा, सरोजनी थपलियाल, बृजपाल राणा, युद्धवीर सिंह चैहान, सुशीला पोखरियाल, सुनीता ममगाई, जशोदा नेगी, मुनी ध्यानि आदि मौजूद थे।