एक नए जोश के साथ एक नई सुबह देखने के लिए तैयार युवावस्था में खड़ा उत्तराखंड

उत्तराखंड को वर्ष 2025 तक देश के अग्रणी राज्यों में शुमार करने का लक्ष्य लेकर चल रहे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर प्रदेश में पहली बार आयोजित हुआ तीन दिवसीय चिंतन शिविर राज्य की नौकरशाही को एक नई ऊर्जा से लबरेज कर गया है। इस चिंतन शिविर में जहां कार्यप्रणाली की पुरानी जड़ता को खत्म करने का प्रयास हुआ तो साथ ही नौकरशाहों को चिंतन शिविर यह भरोसा भी देने में कामयाब रहा कि युवावस्था में खड़ा उत्तराखंड एक नए जोश के साथ एक नई सुबह देखने के लिए तैयार है।
प्रदेश के युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यप्रणाली से बेहद प्रभावित हैं। यूं भी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का देवभूमि से गहरा लगाव है और पर्वतीय राज्य उत्तराखंड में विशेषरूप से पर्वतीय जिलों पर ध्यान केंद्रित कर ऑल वेदर रोड से लेकर ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल मार्ग, केदारनाथ एवं बद्रीनाथ धाम के मास्टर प्लान पर काम गतिमान है। इन योजनाओं का सीधा लाभ पहाड़ की आर्थिकी को अभी से मिलने लगा है। बहरहाल, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नक्शे कदमों पर चलते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से राज्य में पहली बार आयोजित हुआ नौकरशाहों का चिंतन शिविर भी उसी तर्ज पर आयोजित हुआ जिस तरह पीएम मोदी केंद्र एवं इससे पहले गुजरात में मुख्यमंत्री रहते हुए कर चुके हैं।
पहाड़ों की रानी मसूरी में लाल बहादुर शास्त्री प्रशासनिक अकादमी में तीन दिनों तक चले चिंतन शिविर में राज्य के पर्वतीय जिलों को केंद्र में रखकर आगामी वर्षों का विकास का एजेंडा तय किया गया। शिविर में खासतौर से इस बात पर जोर दिया गया कि अब समय आ गया है कि जब हम देहरादून, हरिद्वार और उधमसिंहनगर से इतर एक समग्र राज्य की सोच के साथ आगे बढ़ें। योजनाएं अगर केवल इन 3 जिलों के साथ ही पर्वतीय जिलों को ध्यान में रखकर बनेंगी तो न केवल बेरोजगारी बल्कि पलायन जैसी गंभीर समस्या भी खुद ब खुद गायब हो जाएगी।
शिविर के पहले दिन जिस अंदाज में मुख्य सचिव एसएस संधू ने अपने अनुभव को नौकरशाहों के समक्ष निचोड़ कर रख डाला तो युवा अधिकारियों को वह ये भरोसा दिलाने में कामयाब रहे कि उत्तराखंड उनके युवा जोश का। इस्तकबाल करने के लिए तत्पर है। वहीं, उन्होंने जूनियर और सीनियर अफसरों में तारतम्य एवं योजनाओं को लेकर खुलकर निर्णय लेने की भी मंशा जाहिर की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने पहले दिन के वक्तव्य और फिर दूसरे दिन एकाएक चिंतन शिविर में एक विद्यार्थी की तरह उपस्थित रहकर दर्शाया कि राज्यंक टॉप माइंड द्वारा जो मंथन किया जा रहा था उससे निकलने वाले अमृत से उत्तराखंड का कोना-कोना तृप्त हो जाये। यह मुख्यमंत्री धामी के अपने अफसरों पर भरोसे का ही असर था कि तीन दिन तक चले चिंतन में अधिकारी इस कदर मशगूल हुए की निर्धारित समयसीमा को भी वे भूल बैठे। सुबह 10 बजे से शुरू होने वाले मंथन शिविर में शत प्रतिशत उपस्थिति रात 8 बजे तक यह बता रही थी कि उत्तराखंड के नवनिर्माण में सब एकजुट हैं।
तीन दिनों तक चले चिंतन शिविर में पर्वतीय जिलों पर फोकस करते हुए बागवानी, पर्यटन, हाइड्रो पावर, योगा, कृषि आधारित सेक्टरों को बढ़ावा देने की दिशा तय हुई।

स्वावलंबी महिला की मदद को आगे आया लायंस क्लब ऋषिकेश डिवाइन

लायंस क्लब ऋषिकेश डिवाइन के सदस्यों ने क्लब के उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए अति निर्धन महिला को जीविकोपार्जन के लिए 25 हज़ार रुपए का सामान उपलब्ध कराया है।
क्लब के अध्यक्ष लायन रजत भोला और संस्थापक ललित मोहन मिश्र ने बताया कि कुंजापुरी मन्दिर के समीप एक महिला प्रसाद बेचकर किसी तरह जीवन यापन करती है। क्लब के सदस्यों ने पाया कि महिला मेहनती तो बहुत है किन्तु आर्थिक रूप से काफी कमजोर है। उन्होंने महिला की आर्थिक स्थिति कमजोर देखते हुए उसकी मदद करने का मन बनाया। उन्होंने बताया कि क्लब का उद्देश्य यह है कि व्यक्ति को रोजगार देना चाहिये जिससे वह अपने पैरों पर खड़ा हो सके। नगद सहायता कुछ समय में खत्म हो जाती है किन्तु रोजगार से वह स्वावलंबी हो सकेगा।
लायन रजत भोला और लायन ललित मोहन मिश्र ने बताया कि मदद के क्रम में क्लब की ओर से महिला को 25 हजार रुपए का सामान दुकान चलाने के लिए दिया गया। मिश्र ने बताया कि सामान में इंडक्शन चूल्हा, पानी बोतल की पेटियां, चिप्स व नमकीन की पेटियां, चायपत्ती, चीनी, दूध के पेकेट की पेटी, मैगी की पेटीयां, डिस्पोजल सामान जिसमे खाने की प्लेट, ग्लास, चम्मच की पेटीयां, बैठने के लिए छह स्टूल व मेज, एक बड़ी मेज, कड़ाई, फ्रायपेन सहित बर्तन तथा दो माह का राशन भी दिया।
मिश्र ने बताया कि लायंस क्लब ऋषिकेश डिवाइन की स्थापना जरूरतमंद, निर्धन लोगों की मदद करने के उद्देश्य से की गई है। बताया कि क्लब का उद्देश्य किसी जरूरतमंद के चेहरे पर मुस्कान लाना है और इसी दिशा में क्लब कार्यरत भी है।
इस मौके पर संस्थापक अध्यक्ष ललित मोहन मिश्र, रजत भोला, महेश किंगर, घनश्याम डंग, आशु डंग, योगेश कालरा, अमित सूरी, जगदीश पनेसर, शिवम अग्रवाल, विनीत चावला, नवीन गांधी आदि मौजूद रहे।

समसामयिक फिल्म बनाने पर कैबिनेट मंत्री अग्रवाल ने दी बधाई

उत्तराखंड भू कानून विषय पर आधारित फिल्म ’भूमि’ का शुभ मुहूर्त शॉट कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल द्वारा किया गया। इस मौके पर मंत्री डॉ अग्रवाल ने सेट पर सभी कलाकारों का परिचय जाना और समसामयिक विषय पर फिल्म बनाने को लेकर टीम यूनिट को बधाई दी।
गुरुवार को देहरादून में फिल्म का मुहूर्त कर मंत्री डॉ अग्रवाल ने कहा कि राज्य सरकार पर देश हित में भू कानून बनाने पर काम कर रही है। इस संदर्भ में पूर्व मुख्य सचिव सुभाष कुमार की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय समिति ने प्रदेश हित में निवेश की संभावनाओं और भूमि के अनियंत्रित क्रय-विक्रय के बीच संतुलन स्थापित करते हुए भू-कानून में संशोधन के लिए 23 संस्तुतियां की हैं।
मंत्री डॉ अग्रवाल ने बताया कि समिति ने अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को सौपी है। जिस पर अध्ययन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में फ़िल्मांकन की अपार संभावनाएं हैं, प्रकृति ने अपना आशीर्वाद राज्य को दिया है, इस कारण यहा फ़िल्म डेस्टिनेशन की झलक देखने को मिलती है। मंत्री डॉ अग्रवाल ने कहा कि भूमि फ़िल्म में 165 कलाकारों होने से राज्य के प्रतिभावान युवाओं को रोजगार मिलेगा।
फ़िल्म निर्देशक किशन बगोट ने बताया कि भूमाफियाओं द्वारा उत्तराखण्ड के किसानों की जमीन को हथियाकर उसे महंगे दाम पर बेचने की स्टोरी इस फ़िल्म में दिखाई गई है। बताया कि कहानी में गांव के युवक द्वारा एक बड़ा आन्दोलन करके शासन प्रशासन को एक भू कानून बनाने पर मजबूर किया जाता है और अन्त में सभी किसानो को उनकी जमीने वापिस मिल जाती है। निर्देशक ने बताया कि राज्य के गढ़वाल, कुमायूँ, जौनसार क्षेत्र सहित 53 जगहों में फ़िल्म की शूटिंग होगी। बताया कि गढ़वाल के अलावा फिल्म हिंदी भाषा में भी फिल्माई जाएगी।
इस मौके पर फ़िल्म निर्देशक किशन बगोट, अनुज जोशी, गंभीर सिंह जायरा, चंद्रवीर गायत्री, प्रेम रावत, राजू भाई, हर्ष हसीन, आशीष कुकरेती, मेहरबान मिया, प्रकाश द्विवेदी, घनानंद, मनीष भट्ट, संजय अग्रवाल, महक बिष्ट, रचना भंडारी आदि फ़िल्म यूनिट के सदस्य उपस्थित रहे।

उत्तराखंड फ़िल्म पवेलियन में पहुंच रहे फिल्मी कलाकार और निर्माता

गुरूवार को गोवा में उत्तराखंड फ़िल्म पवेलियन में विशेष प्रमुख सचिव सूचना अभिनव कुमार ने अन्तर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में शामिल की गई उत्तराखंड में निर्मित शार्ट हिंदी फिल्म पाताल-ती की टीम से भेंट कर उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी। अभिनव कुमार ने पूरी टीम को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा भी अपनी शुभकामनाएं प्रेषित की गई है। मुख्यमंत्री धामी का कहना है कि राज्य के लिए यह गर्व की बात है कि रुद्रप्रयाग जिले के युवाओं का यह प्रयास राष्ट्रीय एवं अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बना पाया है। अभिनव कुमार ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा ऐसे प्रयासों को हर संभव सहयोग एवं प्रोत्साहन देगी। पाताल ती कल 25 नवम्बर को फ़िल्म महोत्सव में दिखायी जाएगी। नई फ़िल्म नीति में अंतर्राष्ट्रीय समारोहों हेतु चयनित फ़िल्मों को प्रोत्साहन देने हेतु विशेष प्रावधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य के युवा फ़िल्म निर्माताओं को हर संभव सहयोग देना प्राथमिकता है जिससे उत्तराखंड में स्वस्थ और समृद्ध फ़िल्म संस्कृति का विकास हो।
इस अवसर पर फिल्म के निर्माता-निर्देशक रुद्रप्रयाग जिले के संतोष रावत एव उनकी टीम ने बताया कि अपने सीमित संसाधनों के बल पर इस शार्ट फ़िल्म का निर्माण किया गया है। इस फ़िल्म को दक्षिण कोरिया के बुसान शहर में 39वें इंटरनेशनल शार्ट फिल्म फेस्टिवल में प्रदर्शित किया जा चुका है। इसके साथ ही मास्को में भी प्रदर्शित हो चुकी है। रावत ने बताया कि यह फ़िल्म उत्तराखंड की भोटिया जनजाति पर केंद्रित फिल्म है, जो एक दादा-पोते के बीच भावनात्मक रिश्ते के ऊपर है। यह फ़िल्म 26 मिनट की है, जो पहाड़ में प्रकृति व मानव के बीच के संघर्ष को सामने लाती है। रावत ने विशेष प्रमुख सचिव सूचना का धन्यवाद ज्ञापित किया। साथ ही राज्य सरकार से युवाओं को सहयोग प्रदान करने का अनुरोध किया।
वहीं, उत्तराखंड पवेलियन में प्रसिद्ध अभिनेता पंकज त्रिपाठी और संजय सूरी ने भ्रमण किया। इस अवसर पर उत्तराखंड फ़िल्म विकास परिषद के नोडल अधिकारी डॉ. नितिन उपाध्याय भी उपस्थित थे।
बॉलीवुड में अपनी कला और सरल व्यक्तित्व के दम पर अलग पहचान बना चुके प्रसिद्ध अभिनेता पंकज त्रिपाठी ने उत्तराखंड पवेलियन में आकर फ़िल्म नीति और शूटिंग लोकेशन की जानकारी ली। पंकज त्रिपाठी को इस अवसर पर उत्तराखंड की पहाड़ी टोपी और अंगवस्त्र भेंट किया गया। त्रिपाठी ने कहा कि उत्तराखंड बेहद खूबसूरत जगह है। इसके साथ ही प्रसिद्ध फ़िल्म अभिनेता संजय सूरी भी उत्तराखण्ड पवेलियन में आए। सूरी ने फ़िल्म नीति में शॉर्ट फ़िल्म और वीडियो ब्लॉगिंग को स्थान देने का सुझाव दिया। संजय सूरी ने कोविड काल में उत्तराखंड में दो फ़िल्में शूट की हैं ।53वे अन्तर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा प्रतिभाग किया गया है। मध्यप्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, पंजाब, दिल्ली, झारखंड के साथ ही अन्य फ़िल्म निर्माता और निर्देशकों द्वारा प्रतिभाग किया जा रहा है। इन सबके बीच उत्तराखंड पवेलियन सभी फ़िल्म निर्माता और निर्देशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

धामी की योगा क्लास में अधिकारियों की हाजिरी

लाल बहादुर शास्त्री प्रशासनिक अकादमी के अंतिम दिन की शुरुआत योगा शिविर से हुई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में मुख्य सचिव एसएस संधू और तमाम वरिष्ठ अधिकारी गणों ने योग किया। अकादमी के कालिंदी ग्राउंड में योग शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर योग प्रशिक्षकों के द्वारा सभी को योग के विभिन्न आसन कराए गए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित अधिकारियों ने योग के आसनों का अभ्यास किया।
वहीं, लाल बहादुर शास्त्री प्रशासनिक अकादमी में चल रहे चिंतन शिविर से पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अकादमी परिसर के अंदर ही मॉर्निंग वॉक की। इस दौरान वह अकादमी के गेट तक गए और यहां सुरक्षा में तैनात आईटीबीपी के जवानों से मुलाकात कर उनकी कुशलक्षेम पूछी। इस दौरान रास्ते में मिले लोगों का वह अभिवादन स्वीकार करते रहे। इसके बाद मुख्यमंत्री ने अकादमी परिसर में भी राउंड लगाया और यहां स्थापित पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा के पास पहुँचकर नमन किया।

मोदी कर रहे भारत की संस्कृति और सभ्यता को बचाने का कार्य-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मल्ला महल, अल्मोड़ा में आयोजित आजीविका महोत्सव सांस्कृतिक संध्या कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने दृष्टिबाधित बालिका नेहा के लोकगीत गाने पर प्रोत्साहन धनराशि भी प्रदान की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य की सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा में लोक संस्कृति की विभिन्न झलक देखने से ही बनती है। अल्मोड़ा जिले में हमेशा से ही लोक संस्कृति को बचाने का कार्य हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की संस्कृति एवं सभ्यता को बचाने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा केन्द्र सरकार के नेतृत्व में राज्य सरकार मानसखण्ड कारिडोर मिशन पर कार्य कर रही है जिसके अन्तर्गत पौराणिक मन्दिरों एवं धार्मिक स्थलों का संरक्षण कर इन्हें आपस में जोड़ने पर कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार लोक संस्कृति के संरक्षण एवं लोक विधाओं को आगे बढ़ाने हेतु प्रतिबद्व है। उन्होंने कहा कि हमें संकल्प के तौर पर पलायन को रोकना होगा। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों एवं विभिन्न संस्थानों द्वारा बनाये जा रहे सभी स्थानीय उत्पादों को राज्य सरकार एक मंच उपलब्ध करायेगी जिससे इन उत्पादों को देश के साथ ही विदेशों में पहचान मिल सके। इस कार्यक्रम में राजस्थानी लोक कलाकारों, श्रीनगर से आयी पाण्डावास टीम द्वारा रंगारंग सुन्दर प्रस्तुत दी गयी।
इस दौरान कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री डा0 धन सिंह रावत, केबिनेट मंत्री रेखा आर्या, सांसद अजय टम्टा, भाजपा जिलाध्यक्ष रमेश बहुगुणा, विधायक अल्मोड़ा मनोज तिवारी, विधायक कपकोट सुरेश गड़िया, जिलाधिकारी वन्दना, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रदीप कुमार राय, मुख्य विकास अधिकारी अंशुल सिंह सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

बदरीनाथ धाम के कपाट बंद, मुख्यमंत्री ने दी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं

भू-बैकुंठ श्री बदरीनाथ धाम की कपाट बंदी के साथ ही चारधाम यात्रा का भी विधिवत समापन हो गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर देश-विदेश के तमाम श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए यात्रा के सफल संचालन हेतु तमाम विभागों का भी आभार प्रकट किया है।
गौरतलब है कि इस बार रिकॉर्ड साढ़े छियालीस लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने चारधामों के दर्शन किये। अकेले 17 लाख 60 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने भगवान बदरीविशाल के दर्शन कर पुण्य कमाया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्री चारधामों के कपाट बंद होने के अवसर पर तीर्थयात्रियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस बार रिकॉर्ड यात्रियों का चारधाम की यात्रा पर आना यह भी परिलक्षित करता है कि राज्य सरकार द्वारा की गई बेहतर व्यवस्थाओं के चलते संभव हो सका है। उन्होंने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में वर्तमान में श्री केदारनाथ धाम एवं श्री बदरीनाथ धाम में मास्टर प्लान का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है जिससे आने वाले यात्राकाल में तीर्थयात्रियों एवं आम जनमानस को पर्याप्त सुविधाएं मिलेंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने हालिया दौरे के दौरान केदारनाथ धाम एवं हेमकुंड धाम के लिए रोपवे की आधारशिला रखी है जिससे आने वाले दिनों में यह दोनों यात्राएं न केवल सुगम बल्कि सुरक्षित हो सकेंगी। मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा की व्यवस्थाओं में जुटे रहे तमाम विभागों के कार्मिकों का भी आभार प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि सरकारी विभागों के बीच बेहतर सामंजस्य एवं स्थानीय लोगों की भागीदारी से ही कुशलता पूर्वक यात्रा संभव हो सकी है।

महिला संगठनो और स्वयं सहायता समूहों के साथ सीएम का संवाद

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को हवालबाग, अल्मोड़ा में ’मुख्य सेवक आपके द्वार’ कार्यक्रम के अंतर्गत महिला संगठनो एवं स्वयं सहायता समूहों के साथ संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने समाज कल्याण विभाग के सहयोग से दिव्यांगजनों को 3 व्हील चेयर वितरित की तथा वन विभाग द्वारा लीस रॉयल्टी के 8 करोड़ के डमी चेक भी वितरित किए।
मुख्यमंत्री ने महिला कृषक समूह के सदस्यों, खेल से जुड़े युवाओं, नव उद्यमियों, कृषकों एवं विभिन्न समाज सेवियों से भी संवाद किया। इस संवाद के दौरान कुल 29 आवेदन पत्र/सुझाव प्राप्त हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के विकास की हम सबकी यह सामूहिक यात्रा है। हम सभी के सुझावों एवं विचारों का संज्ञान लेकर आगे बढ़ रह हैं। जनता की समस्याओं का त्वरित निस्तारण हो इसके लिये शासन एवं जिला स्तरीय अधिकारियों को तत्परता के साथ कार्यवाही के निर्देश दिये गये हैं।
मुख्यमंत्री ने महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा किये जा रहे उत्पादन कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वोकल फॉर लोकल का जिक्र करते हुए देशवासियों से आग्रह किया कि जहां भी जाएं एक संकल्प करें कि यात्रा पर जितना भी खर्च करते हैं उसका कम से कम 5 प्रतिशत वहां के स्थानीय उत्पाद खरीदने पर खर्च करें। इससे राज्य के उत्पादों को बढ़ावा मिलने के साथ देश व दुनिया में उनकी पहचान भी बनेगी। मुख्यमंत्री ने जनपद की स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से कहा कि वे जनपद की अन्य महिलाओं को भी स्वरोजगार से जुड़ने के लिए प्रेरित करें।
इस दौरान कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री डा0 धन सिंह रावत, केबिनेट मंत्री रेखा आर्या, सांसद अजय टम्टा, भाजपा जिलाध्यक्ष रमेश बहुगुणा, जिलाधिकारी वन्दना, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रदीप कुमार राय एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

जनपद अल्मोड़ा हमारी सांस्कृतिक चेतना का ध्वजवाहक- मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को हवालबाग, अल्मोड़ा में आयोजित आजीविका महोत्सव में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने 298 करोड़ की 37 विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया, जिनमें 39 करोड़ लागत की 20 योजनाओं का लोकार्पण एवं 259 करोड़ की 17 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर अल्मोड़ा के ऐतिहासिक पटाल बाजार को प्राचीन स्वरूप में चरणबद्व तरीके से पुनः विकसित किए जाने, महिला चिकित्सालय अल्मोड़ा का जीर्णाेद्वार किए जाने, राजकीय चिकित्सालय रानीखेत में एन0आई0सी0यू0 यूनिट, सी0टी0 स्कैन मशीन, एम0आर0आई0 मशीन स्थापित किए जाने, विकासखण्ड धौलादेवी के गुणादित्य में बच्चों के लिए मिनी स्टेडियम का निर्माण कार्य किए जाने, सोमेश्वर में पौराणिक मन्दिर जयन्ती जंयतकोट में विद्युतीकरण का कार्य किए जाने, अटल उत्कृष्ट राजकीय इण्टर कालेज का नाम शहीद बिशन सिंह बोरा के नाम पर किए जाने, द्वाराहाट में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में मानकानुसार अवस्थापना सुविधाओं का विकास किए जाने, विकासखण्ड चौखुटिया में गढ़स्यारी तोक गंगोलिया क्षेत्र में मोबाईल टॉवर स्थापित किए जाने, सल्ट विधानसभा क्षेत्र में शिव मन्दिर भिकियासैंण का निर्माण कार्य एवं सौन्दर्यकरण कार्य किए जाने, मनिला फारेस्ट बंगले का पुर्ननिर्माण व आधुनिकरण किए जाने, द्वाराहाट में मिल्टा मार्ग का पुर्ननिर्माण कार्य किए जाने एवं सोमेश्वर में सुनियाकोट-सोनकोटुली मोटर मार्ग का कार्य किए जाने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने रूरल बिजनेस इनक्यूबेटर (आर0बी0आई0) में आयोजित कार्यशाला में प्रतिभाग कर उद्यमियों से चर्चा की। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित साइकिल रैली को भी हरी झण्डी दिखाकर रवाना करने के साथ ही विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत 21.83 करोड़ का लोन सांकेतिक रूप से वितरित किया एवं हिलांस द्वारा निर्मित मंडुवा डोसा, इडली का शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड पर्यटन प्रदेश है। यदि किसी को उत्तराखंड की सांस्कृतिक विशिष्टता को भली भांति समझना हो तो एक बार उसे अवश्य अल्मोड़ा में कुछ समय बिताना चाहिए, पिछले वर्ष से आयोजित हो रहा यह आजीविका महोत्सव अपने-आप में विशिष्ट है, क्योंकि इसका स्वरूप जहां एक ओर मेले जैसा है वहीं यह व्यापारिक और स्वरोजगार के क्षेत्र में कार्य कर रहे युवाओं को अपने कार्य का प्रदर्शन करने का एक मंच भी प्रदान करता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश का संपूर्ण विकास केवल तभी संभव है, जब सरकार के साथ-साथ प्रदेश का प्रत्येक नागरिक भी अपने-अपने दायित्वों का भली भांति निर्वहन करे। ऐतिहासिक नगरी अल्मोड़ा का प्रत्येक नागरिक अपने सामाजिक दायित्वों से भलीभांति परिचित हैं। उन्होंने कहा हमारी सरकार भी हर क्षेत्र में लगातार अपने कर्तव्यों का पालन सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है। हम राज्य के लोगों को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज के आधुनिक युग में भी प्रत्येक उत्तराखंडी अपनी संस्कृति से जुड़ा हुआ है और मेरा मानना है कि अल्मोड़ा जिला इस सांस्कृतिक चेतना का ध्वजवाहक है। उन्होंने कहा आज का यह महोत्सव, अपनी जड़ों से जुड़े रहने की हमारी इसी जिद को प्रदर्शन कर रहा है। पिछले वर्ष हमारी सरकार ने इस महोत्सव के माध्यम से लोन मेला आयोजित कर यहां के युवाओं को टर्म लोन देने का काम प्रारंभ किया था, जिसके अच्छे परिणाम सामने आए। इसके साथ ही हमने पिछले वर्ष जो कुमाऊँ मण्डल के पहले रूरल बिजनेस इनक्यूबेटर का लोकार्पण किया था, वो भी आज स्वरोजगार के क्षेत्र में युवाओं को प्रोत्साहित करने का कार्य कर रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज के समय में भारत की पुरातन संस्कृति व खोए हुए वैभव को पुनर्स्थापित करने का कार्य यदि किसी ने किया है तो वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही हैं। उन्होंने कहा अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर के निर्माण का कार्य हो, काशी में विश्वनाथ कॉरिडोर जैसे जटिल कार्य को सफल बनाने का कार्य हो, उज्जैन में महाकाल लोक की स्थापना हो या केदारपुरी और बद्रीकापुरी का पुनर्निर्माण करने का कार्य हो, यह सब प्रधानमंत्री मोदी के प्रेरणादाई व कुशल नेतृत्व में ही संभव हो पाया हैं। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री का हमारी देवभूमि के प्रति विशेष लगाव रहा है, और इसे राज्य में केंद्र सरकार द्वारा संचालित विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से समझा जा सकता है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमारी सरकार ने पिछले 5 वर्षों में अल्मोड़ा में लगभग 931 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को पूर्ण कराया है। वर्तमान में यहां के विकास के लिए 5 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाले 559 करोड़ के कार्य प्रगति पर हैं। इसके साथ ही 5 करोड़ रुपये से कम लागत वाले 223 करोड़ के कार्य भी गतिमान हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार पलायन जैसी वृहद समस्या के निराकरण के लिए भी निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा इकोनॉमी और इकोलॉजी के अंतर्गत हम प्रदेश के समुचित विकास के साथ ही यहां के प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए भी प्रतिबद्ध हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आजीविका महोत्सव परिसर में विभिन्न विभागों एवं स्वयं सहायता समूह द्वारा लगाए गए स्टालों का भी अवलोकन किया।
इस दौरान कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री डा0 धन सिंह रावत, कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या, सांसद अजय टम्टा, विधायक अल्मोड़ा मनोज तिवारी, विधायक सल्ट महेश जीना, विधायक रानीखेत प्रमोद नैनवाल, विधायक जागेश्वर मोहन सिंह माहरा, महिला आयोग उपाध्यक्ष ज्योति शाह मिश्रा, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष कैलाश शर्मा, पूर्व विधायक रघुनाथ सिंह चौहान, ब्लॉक प्रमुख हवालबाग बबीता भाकुनी, जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष ललित लटवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष रमेश बहुगुणा, जिलाधिकारी वन्दना, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रदीप कुमार राय एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

2023 के अंत तक सैन्य धाम का निर्माण पूर्ण करने के निर्देश

मंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड वीरों की भूमि है, और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की परिकल्पना है कि उत्तराखण्ड में सैन्य धाम निर्माण हो तथा एक सैनिक होने के नाते यह मेरा भी दृढ़ संकल्प है कि उत्तराखण्ड का सैन्य धाम यहां के चार धामों की तरह ही विकसित होगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस प्रोजेक्ट को लेकर विशेष रूचि ली है। मंत्री ने कहा कि हमारा संकल्प है कि 2023 के अंत तक हम सैन्य धाम का निर्माण पूर्ण कर लेंगे।
मंत्री ने कहा कि सैन्य धाम को भव्य रूप दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा देश के विभिन्न स्मारकों का अध्ययन करके सैन्य धाम के डिजाइन को अंतिम रूप दिया है। उन्होंने कहा कि विगत वर्ष में प्रदेश भर शहीद सम्मान यात्रा के दौरान प्रदेश के 1734 शहीद परिवारों के घर से मिट्टी एकत्र कर सैन्य धाम में बनाये जाने वाली अमर जवान ज्योति के नीचे रखा जायेगा।
मंत्री ने कहा कि सैन्य धाम का मुख्य द्वार पर और उत्तराखण्ड के गौरव और देश के पहले सीडीएस जनरल विपिन रावत के नाम पर बनाया जायेगा। उन्होंने कहा नवंबर 2022 के अंत तक 28ः निर्माण कार्य पूर्ण कर दिया जायेगा।
इस अवसर पर बैठक में अपर सचिव सैनिक कल्याण चन्द्र सिंह धर्मसत्तू, उप जिलाधिकारी नरेश चन्द्र दुर्गापाल, संयुक्त सचिव सुनील सिंह तथा अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।