ऋषिकेश के द्वितीय महंत अशोक प्रपन्नाचार्य का निधन, शोक की लहर

(एनएन सर्विस)
आज प्रात: 7:30 बजे श्री भरत मन्दिर के महन्त अशोक प्रपन्नाचार्य महाराज ने अतिंम सांस ली। उनके देहावसान की खबर से पूरे शहर में शोक की लहर दौड़ गयी। शहर के साथ ही देहरादून और अन्य स्थानों से लोगो ने उनके आवास पहुचकर परिवार को सान्त्वना दी। शहर के कई व्यापारियों ने अपने अपने प्रतिष्ठानों को बंद कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
आपको बता दे कि श्री महन्त का जन्म 10 फ़रवरी 1942 को तत्कालीन महंत परशुराम जी के घर उनके बेटे ज्योति प्रसाद शर्मा के यहा हुआ। अशोक प्रपन्नाचार्य परिवार में बड़े पुत्र थे उनसे बड़ी एक बहन व छोटी बहन व छोटे भाई श्री हर्षवर्धन शर्मा हैं। उनके दादा श्री भरत मन्दिर के गद्दी नसीन मंहन्त परशुराम जी महाराज जोकि नगर पालिका परिषद ऋषिकेश के प्रथम अध्यक्ष भी रहे। उनके पश्चात अशोक प्रपन्नाचार्य श्री भरत मन्दिर ऋषिकेश की गद्दी वर्ष 1956 में शुषोभित हुए। इसके साथ ही श्री भरत मन्दिर द्वारा संचालित शिक्षण संस्थाओं श्री भरत मन्दिर इण्टर कॉलेज, श्री भरत मन्दिर संस्कृत महाविद्यालय, ज्योति विशेष विद्यालय के साथ ही उत्तराखंड एवं अन्य स्थानों की धार्मिक एवं शैक्षणिक संस्थाओं के संचालन व संवर्द्धन में सराहनीय भूमिका रही।
अशोक प्रपन्नाचार्य श्री भरत मंदिर एजुकेशन सोसाइटी व शिक्षण संस्थाओं के संचालक मंडल के अध्यक्ष पद पर सुशोभित रहे।
पंडित ललित मोहन शर्मा राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, शान्तिप्रपन्न शर्मा राजकीय चिकित्सालय ऋषिकेश व कई अन्य संस्थाओं को वृहत्तर भूखंड प्रदान कर क्षेत्र के युवाओं के लिए उच्च शिक्षा के प्रवेश द्वार खोले व नगरीय क्षेत्र के साथ गढ़वाल के नागरिकों की स्वास्थ्य सुविधाओं के संवर्धन में महत्वपूर्ण योगदान रहा।
वर्ष 1962 के भारत चीन युद्ध में भारतीय सेनाओं को शिविर कैम्प संचालित करने के लिये महन्त अशोक प्रपन्नाचार्य ने श्री भरत मन्दिर इण्टर कॉलेज के विशाल प्रांगढ को प्रदान करने के साथ ही रायवाला में सेना को छावनी बनाने का सुझाव प्रदान किया था।
स्वाधीनता संग्राम में भी श्री भरत मंदिर परिवार का महत्वपूर्ण योगदान रहा। महंत अशोक प्रपन्नाचार्य जी के चाचा शान्ति प्रपन्न शर्मा कई वर्षों तक उत्तर प्रदेश विधानसभा में विधायक व उत्तर प्रदेश सरकार में परिवहन, उद्योग व ऊर्जा मंत्री पद पर रहे। ऋषिकेश में आईडीपीएल की स्थापना का सुझाव तत्कालीन केन्द्र सरकार को उनके द्वारा ही प्रदान किया गया था।
स्वर्गीय मंहन्त अशोक प्रपन्न शर्मा के छोटे भाई हर्षवर्धन शर्मा क्षेत्र के सार्वजनिक, सामाजिक सेवा जीवन के साथ शिक्षण संस्थाओं के संचालन में प्रबंधकीय व्यवस्था देखते हैं।
उत्तरकाशी भूकंप,केदारनाथ आपदा व कोरोना महामारी में लॉक डाउन के दौरान स्व० मंहन्त जी व उनके परिवार द्वारा राहत कार्यों में बड़े स्तर सहायता प्रदान की।
स्वर्गीय मंहन्त अपने पीछे भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं आपके दो पुत्र वत्सल शर्मा व वरुण शर्मा हैं। वे भी सामाजिक, शिक्षण संस्थाओं व धार्मिक संस्थाओं के संचालन व संवर्धन में सक्रिय हैं। उनके परिवार के सदस्यों ने बताया कि अशोक प्रपन्नाचार्य महाराज विगत कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे, उनका अंतिम संस्कार ऋषिकेश चंद्रेश्वर घाट मुक्ति धाम पर अपराह्न 3 बजे सम्पन्न होगा।

मुख्यमंत्री ने पारदर्शिता के लिए डीएसओ को दी जिम्मेदारी

(एनएन सर्विस)
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इसमें किसी भी तरह की गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित जिला पूर्ति अधिकारी की जिम्मेवारी तय की जाएगी। योजना के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की गड़बड़ी या कोताही पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सचिव खाद्य, अपने स्तर पर इसकी नियमित रूप से समीक्षा करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना को नवम्बर माह तक विस्तारित किया गया है। इससे देश के करोड़ों लोग लाभान्वित हो रहे हैं। सरकार का संकल्प है कि कोई गरीब भूखा न सोए। पिछले लगभग 4 माह में हर व्यक्ति को राशन उपलब्ध कराया गया है। राज्य में लौटे प्रवासियों के लिए भी राशन की व्यवस्था की गई।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा जानकारी दी गई कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत उत्तराखण्ड राज्य के 61.94 लाख व्यक्तियों को अप्रैल, मई व जून माह का खाद्यान्न दिया गया है। इसमें प्रति माह प्रति व्यक्ति 5 किलो चावल और प्रति परिवार 1 किलो दाल निशुल्क वितरित की गई है।
अब योजना का विस्तार करने से जुलाई से नवम्बर तक 5 माह और यह लाभ पात्र व्यक्तियों को मिलता रहेगा। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत नियमित खाद्यान्न भी वितरित किया जाता रहेगा।
बताया गया कि आत्मनिर्भर भारत योजना में लगभग 12 हजार प्रवासियों को मई व जून माह में प्रति माह 5 किलो चावल प्रति व्यक्ति और 1 किलो दाल प्रति परिवार निशुल्क उपलब्ध कराई गई है। वन नेशन वन राशन कार्ड 1 जुलाई से लागू की जा चुकी है। इसके तहत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के राशनकार्ड धारकों को अन्य राज्यों में और अन्य राज्यों के राशनकार्ड धारकों को राज्य में लाभ मिलेगा।

जल संरक्षण के लिए पौधे लगाना जरुरीः मुख्यमंत्री

(एनएन सर्विस)
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने चन्द्रबनी खालसा, क्लेमेंटाउन में वृक्षारोपण किया। वन विभाग द्वारा वन महोत्सव के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे गये। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस सीजन में प्रदेश में 2 करोड़ पौधे लगाये जायेंगे। वृक्षारोपण अभियान की शुरूआत आज से हो चुकी है। हरेला पर्व पर भी प्रदेश में व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण किया जायेगा। कोविड-19 के कारण अलग-अलग चरणों में पौधे रोपे जायेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में वनों एवं पर्यावरण के प्रति लोगों में सजगता है। जल संरक्षण की दिशा में राज्य सरकार द्वारा अनेक प्रयास किये जा रहे हैं। पर्यावरण संतुलन के लिए व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण जरूरी है। वृक्षारोपण के साथ ही उनके संरक्षण पर भी विशेष ध्यान देना होगा। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि चन्द्रबनी में वन विभाग द्वारा एक पार्क विकसित किया जायेगा।
वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि प्रकृति ने हमें बहुत कुछ दिया है। प्रकृति के साथ हमें सामंजस्य बनाकर चलना होगा। एक अदृश्य वायरस ने हमें जीवन जीना सिखा दिया है। इस समय का हमें सदुपयोग करना होगा। प्रकृति का दोहन करने पर उसके दुष्परिणाम भी हमें झेलने पड़ते हैं। यह इस वायरस ने दुनिया को सिखा दिया है। राज्य सरकार द्वारा जल एवं वन संवर्द्धन की दिशा में विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ कार्य दीर्घकालिक सोच पर आधारित होते हैं, जिसके बाद में सुखद परिणाम देखने को मिलते हैं।
विधायक विनोद चमोली ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण पर इस समय दुनिया का जोर है। कोरोना वायरस ने सबको सोचने पर विवश कर दिया है। यह समय चुनौतियों को अवसर में बदलने का है। मेडिसनल और ऐरोमैटिक प्लांट की दिशा में उत्तराखण्ड में अच्छा कार्य हो रहा है।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख वन संरक्षक जयराज एवं वन विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

बाढ़ सुरक्षा के तहत सिंचाई विभाग मुस्तैद, मंत्री ने दी जानकारी

(एनएन सर्विस)
बरसाती मौसम में उत्तराखंड की प्रमुख नदियों में बढ़ते जलस्तर से बाढ़ के खतरों को भांपते हुए राज्य का सिंचाई विभाग पूरी तैयारियों के साथ बाढ़ सुरक्षा की दृष्टि मुस्तैद है। उत्तराखंड में बाढ़ सुरक्षा सम्बन्धी तैयारियों की जानकारी देते हुए प्रदेश के सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि बरसात के मौसम में राज्य की प्रमुख नदियों के बढ़ते जलस्तर के खतरे को देखते हुए सिंचाई विभाग ने समय से अपनी पूरी तैयारियां कर दी हैं।
सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य की प्रमुख नदियों भागीरथी, अलकनंदा, पिंडर, मंदाकिनी, नयार और गंगा जिनका कि बरसात में जलस्तर बढ़ जाने से कई स्थानों पर भवन, भूमि, फसलों, मार्गों आदि को हमेशा खतरा बना रहता है। उस खतरे से निपटने के लिए सिंचाई विभाग ने बाढ़ सुरक्षा के तहत अपनी योजनाओं का काम पूरा कर लिया है।
श्री केदारनाथ धाम स्थित केदारपुरी में मंदाकिनी नदी से सुरक्षा, श्री केदारनाथ के सीतापुर/गौरीकण्ड के पूर्ननिर्माण कार्य, सौंग नदी के दायें तट पर स्थित गौरी माफी ग्राम में जल भराव से निजात दिलाने के लिए 379.49 लाख रूपये की लागत से लगभग 500 मीटर के बन्दे का निर्माण किया गया है। अल्मोडा के विकासखण्ड चैखुटिया में शीर्ष बन्धों का पुनर्निमार्ण कराया गया है। विकासखण्ड स्याल्दे, विकासखण्ड मुनस्यारी एवं चमोली जनपद के विकासखण्ड घाट में भी पुनर्निमार्ण के कार्य गतिमान हैं।
सतपाल महाराज ने बताया कि मानसून में बाढ़ तथा जल भराव की दृष्टि से हरिद्वार, पौड़ी, रूद्रप्रयाग, चमोली, पिथौरागढ, चम्पावत, उधमसिंह नगर, देहरादून और उत्तरकाशी जनपदों के सभी संवेदनशील स्थलों का चिन्हीकरण कर बाढ़ सुरक्षा की तैयारियां पूर्ण की जा चुकी हैं। उन्होने बताया कि देहरादून के सिंचाई खण्ड परिसर में राज्य का केन्द्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष बनाने के अलावा दोनों मण्डलों सहित जिला स्तर पर भी बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किये गये हैं। इतना ही नहीं प्रदेश स्तर पर सभी अधिकारियों का बाढ़ से सम्बन्धित सूचनाओं के आदान प्रदान हेतु एक वाट्सऐप ग्रुप भी बनाया गया है। जिसके माध्यम से सुबह के समय नदी का डिसचार्ज एवं क्षेत्र में हुई वर्षा की माप की सूचना केन्द्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष को करवाई जायेगी।
सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज ने बाढ़ सुरक्षा तैयारियों के बारे में बताया केन्द्रीय जल आयोग से प्राप्त नदियों के जलस्तर का पूर्वानुमान शासन द्वारा सम्बन्धित जिलाधिकारी एवं विभाग के क्षेत्रीय एवं स्थानीय अधिकारियों को उपलब्ध करवाने के साथ-साथ केन्द्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष के द्वारा प्रतिदिन बाढ़ संबंधित सूचनाएं शासन और उच्चाधिकारियों को भी पहुंचाई जायेंगी।
सतपाल महाराज ने बताया कि नैनीताल, उधमसिंह नगर, चम्पावत, हरिद्वार और टिहरी जनपदों में कुल 72 बाढ़ चैकियां स्थापित कर दी गई हैं जिनके माध्यम से ग्रामीणों को सजग रहने की व्यवस्था की गई है। सिंचाई मंत्री ने बताया कि बाढ़ सम्बन्धी सूचनाओं के लिए अल्मोडा, श्रीनगर और देहरादून में नोडल अधिकारियों की तैनाती भी की गई है। उन्होने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की मानिटरिंग के लिए जनपदों में एक स्टीयरिंग ग्रुप का भी गठन किया गया है।

गांव की सबसे बुजुर्ग महिला का निधन, 116 वर्ष बताई जा रही उम्र

(एनएन सर्विस)
रानीपोखरी न्यायपंचायत की सारंगधरवाला गांव निवासी रतनदेई पत्नी स्व.जयपाल सिंह तोमर 116 वर्ष की उम्र में बैकंठवासी हो गई। परिजनों ने उनकी अंतिम यात्रा बैंडबाजों के साथ निकाली। अंतिम यात्रा में आसपास के गांवों के कई लोग शामिल हुए। वहीं, पूर्णानंद घाट पर उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
सारंगधरवाला गांव में रतनदेई के परिवार में अब तक चार पीढ़ी हो गई है। उनके परिवार में सबसे छोटा बेटा भगवान सिंह तोमर 83 वर्षीय सहित चार पोते
अनिल तोमर, अजित तोमर, प्रवीण तोमर, प्रमोद तोमर और एक पोती अनिता शाह सहित नाती, पोते 20 सदस्य हैं। उनके प्रपौत्र विशाल तोमर और सारंगधरवाला के उपप्रधान ने बताया कि उनकी दादी कहती थी कि जब इंदिरा गांधी 18-19 साल की थी तो भोगपुर स्थित सिंचाईं विभाग के बंगले में आई थी। आसपास के गांवों के लोगों से भी उनके अच्छे संबंध थे। ब्रिटिश शासनकाल में हुए किस्से कहानियों को सुनने के लिए कई लोग उनके पास आते थे। कई अखबारों और टीवी चैनलों में भी उनका इंटरव्यू छप चुका है। वह काफी मिलनसार थीं। उनके प्रपौत्र विशाल तोमर ने बताया कि उनकी दादी उम्र का शतक पार करने के बाद भी बिना लाठी के सहारे चलती थी, खेतों में साग सब्जी की खुद ही निराई गुड़ाई आदि का काम भी करती थी। बताया कि 15 साल की उम्र में उनकी दादी की शादी हुई थी। एक साल पहले उत्तराखंड के विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल भी उनकी दादी से आशीर्वाद लेने के लिए उनके घर पर आए थे।

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना से राज्य के लोगों को मिल रहा बड़ा फायदाः सीएम

(एनएन सर्विस)
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना को नवम्बर माह तक बढ़ाए जाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना को 5 माह बढ़ाए जाने से देश के 80 करोड़ गरीबों को बड़ी राहत मिलेगी। आने वाला समय त्यौंहारों का है। प्रधानमंत्री जी की इस घोषणा से गरीब भाई-बहन, खुशी के साथ त्यौहार मना सकेंगे।
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना में अप्रैल-मई और जून माह में हर महीने 80 करोड़ गरीबों को प्रति व्यक्ति 5 किलो गेहूं या 5 किलो चावल जबकि प्रति परिवार 1 किलो दाल प्रति माह निशुल्क उपलब्ध कराई गई। अब इस योजना को जुलाई से नवम्बर तक बढ़ाने से सरकार के इस संकल्प को बल मिलेगा कि कोई गरीब भूखा न सोए। योजना का 5 माह और विस्तार करने से 90 हजार करोड़ रूपए खर्च होंगे जबकि पहले के तीन माह भी जोड़ दिए जाएं तो इस योजना पर कुल खर्च 1 लाख 50 हजार करोड़ रूपए बैठता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना से उत्तराखण्ड के लाखों परिवार लाभान्वित हो रहे हैं। अब नवम्बर तक इस योजना को बढ़ाने से राज्य के इन परिवारों को राहत मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी हम सभी के अभिभावक हैं। देश हित में उन्होंने हमेशा सही समय पर सही फैसले लिए। उनके फैसलों के केंद्र बिंदु में इस देश के गरीबों का कल्याण होता है। लॉकडाउन को लेकर उन्होंने सही समय पर साहसिक फैसला लिया जिसके फलस्वरूप लाखों लोगों की जान बची।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 130 करोड़ भारतीय अपने प्रधानमंत्री के साथ हैं। हम सभी को मिलजुलकर आगे बढ़ने का संकल्प लेना है। प्रधानमंत्री जी देशवासियों के हित में जो भी सम्भव है, कर रहे हैं। हमें भी अपने प्रधानमंत्री का साथ देना है। हमें केवल इतना करना है कि कोरोना को लेकर तमाम सावधानियां बरतनी हैं। मास्क का अनिवार्यता से प्रयोग करना है, दो गज की दूरी बनाए रखनी है और हाथों को नियमित रूप से धोना है। जब तक कोरोना की वेक्सीन तैयार नहीं होती तब तक यही इसकी दवा है। उन्होंने कहा कि अनलॉक-2 में राज्य में काफी सहूलियतें दी जा रही हैं, प्रदेशवासियों के लिये चारधाम यात्रा खोल दी गई है। होटल व्यवसाय को गति देने के लिये पर्यटक प्रदेश में आकर होटल में ठहर सकते हैं। इसके लिये उनका 48 घंटे पूर्व का कोरोना टेस्ट नेगेटिव होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संकट के दृष्टिगत प्रदेश में सभी चीजों का आंकलन किया जा रहा है। इस महामारी के कारण सामाजिक आर्थिक एवं मानसिक दिक्कतें भी उत्पन्न हुई है। हम सबको इसका सतर्कता से सामना करना होगा। उन्होंने कहा कि पिछले दो दिनों में प्रदेश में कोरोना के मामलों में ठहराव व गिरावट आयी है। इस दिशा में हम सचेत हैं तथा राज्य में आने वालों की सतत रूप से चेकिंग की जा रही है तथा उनकी ट्रैवल हिस्ट्री देखी जा रही है। उन्होंने कहा कि इस महामारी का सामना करने के लिये हमारे डाक्टर तथा फ्रंट लाइन वर्कर सजगता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं।

नही कटेगा वेतन मुख्यमंत्री ने दिए आदेश, कई राहत भरी घोषणाएं भी की

(एनएन सर्विस)
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने घोषणा की है कि प्रत्येक आंगनबाड़ी और आशा कार्यकत्री के खाते में एक-एक हजार रूपए की सम्मान राशि दी जाएगी। इनकी संख्या 50 हजार से अधिक है। वहीं, मुख्यमंत्री ने परिवहन निगम की व्यवस्थाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए 15 करोड़ रूपये की धनराशि भी स्वीकृत की है। इसके अतिरिक्त गढ़वाल एवं कुमाऊँ मंडल विकास निगम हेतु भी मुख्यमंत्री ने 2-2 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की है। कोविड-19 के दृष्टिगत पूर्व में लॉकडाउन के कारण परिवहन निगम के साथ ही कुमाऊँ मंडल विकास निगम एवं गढ़वाल मंडल विकास निगम के आय के संसाधनों में कमी के कारण संसाधनों के विकास हेतु मुख्यमंत्री ने यह धनराशि स्वीकृत की है। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में शीघ्र आदेश निर्गत हेतु सचिव वित्त को निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस धनराशि से इन निगमों के नुकसान की काफी हद तक भरपाई हो सकेगी तथा कार्य संचालन में सुविधा होगी। मुख्यमंत्री ने कहा की परिवहन निगम की बसों का संचालन शुरू किया गया है इसमें यात्रियों को सुविधा होने के साथ ही परिवहन निगम के आय के संसाधनों में वृद्धि होगी। इस हेतु गढ़वाल मंडल विकास निगम के अध्यक्ष महावीर सिंह रांगड ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
उधर, मुख्यमंत्री ने सचिवालय एवं अन्य चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों व स्वास्थ्य कर्मियों के 1 दिन के वेतन कटौती के आदेश को वापस लिए जाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री के इस आदेश से सचिवालय परिचारक संघ के अध्यक्ष विशन सिंह राणा व अन्य कार्मिकों ने उनका आभार व्यक्त किया है।

ई कलेक्ट्रेट प्रणाली समय की मांग, लोगों के समय की होगी बचतः मुख्यमंत्री

(एनएन सर्विस)
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मुख्यमंत्री आवास में ई कलेक्ट्रेट प्रणाली देहरादून का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि समय की मांग के अनुसार तकनीक का अधिक से अधिक उपयोग जरूरी है। ई कलेक्ट्रेट प्रणाली से लोगों को सुविधा तो होगी ही साथ ही समय कि बचत भी होगी और अनावश्यक कार्यालयों की भागदौड़ भी नहीं करनी पड़ेगी। ई ऑफिस प्रणाली से कार्यों में और पारदर्शिता आएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्य विभागों में भी ई ऑफिस प्रणाली शुरू करने के लिए प्रयास किए जाए। उन्होंने निर्धारित समयावधि से एक सप्ताह पूर्व ही ई कलैक्ट्रेट प्रणाली का शुभारंभ करवाने पर जिला प्रशासन को बधाई दी।
जिलाधिकारी देहरादून डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि ई कलेक्ट्रेट प्रणाली का शुभारंभ स्मार्ट सिटी देहरादून, आईटीडीए एवं एनआईसी के सहयोग से किया गया। इसके तहत कलैक्ट्रेट के सभी अनुभाग इस प्रणाली से जोड़े गए हैं। अब कलेक्ट्रेट के सभी अनुभागों में इस प्रणाली के माध्यम से कार्य किए जाएंगे। राजस्व विभाग के फील्ड कर्मी भी इसी प्रणाली से कार्य करेंगे। इससे कार्य में पारदर्शिता के साथ ही अधिकारी एवं संबंधित कार्मिक की निर्धारित समयावधि में कार्य पूर्ण करने की जिम्मदारी तय रहेगी। जिलाधिकारी ने जानकारी दी कि ई ऑफिस प्रणाली के दूसरे चरण में तहसील एवं विकासखंड में कार्य किए जाएंगे। उसके बाद इलेक्शन ऑफिस एवं पंचस्थानी चुनाव के ऑफिस को इस प्रणाली से जोड़ा जाएगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के आईटी सलाहकार रविंद्र दत्त, कमिश्नर गढ़वाल रविनाथ रमन, निदेशक आइटीडीए अमित सिन्हा, सीईओ स्मार्ट सिटी रणवीर सिंह चैहान, एडीएम वित्त एवं राजस्व बीर सिंह बुदियाल, एडीएम प्रशासन अरविंद पाण्डेय आदि उपस्थित थे।

रोडवेज बसों का संचालन कल से, सोशल डिस्टेसिंग का करना होगा पालन

प्रदेशभर में रोडवेज बसों का संचालन 25 जून से किया जा रहा है। परिवहन निगम की बोर्ड बैठक में यह फैसला लिया गया। देहरादून मंडल के 37, नैनीताल मंडल के 36 और टनकपुर मंडल के 10 मार्गों पर बसों का संचालन किया जाएगा। अभी दूसरे राज्यों के लिए बसें संचालित नही की जायेंगी।
अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश की अध्यक्षता में परिवहन निगम की बोर्ड बैठक हुई। जिसमें बसों के संचालन को मंजूरी दी गई। बोर्ड बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार, पहले चरण में राज्य के अंदर ही चुनिंदा 83 मार्गों पर ही बसों का संचालन किया जाएगा। यात्रियों की संख्या बढ़ने के साथ ही गाड़ियों की संख्या में बढ़ोत्तरी की जायेगी। वहीं, कल से शुरू होने जा रही रोडवेज बसों के लिए परिवहन निगम ने एडवाइजरी जारी कर दी है। इसके तहत तीन यात्रियों वाली सीट पर दो और दो यात्री वाली सीट पर एक मुसाफिर ही सफर कर सकेगा। एडवाइजरी में यात्रियों के लिए मास्क की अनिवार्यता के साथ ही सैनिटाइजेशन आदि की जिम्मेदारी परिचालकों को सौंपी गई है।
एडवाइजरी के अनुसार सभी बसों में ड्राइवर-कंडक्टर के लिए अलग से केबिन बनाना होगा। बसों में कोरोना संक्रमण के जागरुकता से जुड़े स्टीकर भी लगाने होंगे। बसों के रवाना होने से पहले ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों को सैनिटाइजेशन का प्रमाणपत्र देना होगा। बसों के साथ पूरे स्टेशन परिसर को प्रतिदिन सैनिटाइजेशन कराना होगा। 
सोशल डिस्टेंसिंग पर रहेगी कड़ी नजर
किसी भी डिपो के अंदर दाखिल होने वाले सभी यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी। इसके लिए कर्मचारियों की अलग से ड्यूटी लगाई जाएगी। शाम सात बजे के बाद कोई भी बस रवाना नहीं होगी। सहायक महाप्रबंधक यात्रा मार्गों पर निरीक्षक की ड्यूटी होगी जो बसों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन सुनिश्चित कराएंगे। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करने पर संबंधित चालक-परिचालक के खिलाफ कार्रवाई का भी प्रावधान रखा गया है।
इन मार्गों पर होगा संचालन
पहले चरण में देहरादून से मसूरी, बड़कोट, पुरोला, टिहरी, उत्तरकाशी, जोशीमठ, बीरोंखाल, श्रीनगर, हरिद्वार, कालसी, विकासनगर, ऋषिकेश, रुड़की के लिए बसों का संचालन किया जाएगा। हरिद्वार डिपो की जेएनएनयूआरएम की बसों को हरिद्वार से लक्सर, ऋषिकेश एम्स रुड़की, देहरादून, लक्सर से देहरादून, नारसन के लिए बसों का संचालन किया जाएगा। रुड़की डिपो की ओर से देहरादून और हरिद्वार, ऋषिकेश के लिए बसें संचालित की जाएंगी।
नैनीताल मंडल में रानीखेत से हल्द्वानी, अल्मोड़ा, बागेश्वर, टनकपुर, भवाली से नैनीताल रामनगर, नैनीताल, हल्द्वानी, नौकुचियाताल, घोड़ाखाल के लिए बसों का संचालन होगा। इसके अलावा रामनगर से टनकपुर, हल्द्वानी, नैनीताल, काशीपुर, जसपुर, काशीपुर से टनकपुर, हल्द्वानी, रुद्रपुर से हल्द्वानी, टनकपुर, खटीमा, काशीपुर के लिए गाड़ियों का संचालन होगा। वही हल्द्वानी डिपो से नैनीताल, जंगलिया गांव, पिथौरागढ़, टनकपुर, चोरगलिया टनकपुर के लिए गाड़ियों का संचालन होगा। काठगोदाम डिपो से टनकपुर, नैनीताल, जसपुर के लिए गाड़ियां संचालित की जाएंगी।
वाल्वो व एसी बसें नहीं होंगी संचालित
वाल्वो के साथ ही वातानुकूलित बसों के संचालन पर रोक रहेगी। साथ ही परिवहन निगम की नियमित बसों के अलावा अनुबंधित बसों का भी संचालन नहीं किया जाएगा। महाप्रबंधक दीपक जैन ने बताया कि दूसरे राज्यों में बसों का संचालन शुरू होने के बाद ही वातानुकूलित वॉल्वो और अनुबंधित बसों का संचालन किया जाएगा।
यात्री मिलने के बाद अतिरिक्त बसों का होगा संचालन
25 जून से चलने वाली रोडवेज बसों का संचालन यात्रियों की संख्या पर निर्भर होगा। अगर पर्याप्त संख्या में यात्री होंगे, तभी बस संचालित की जाएगी। यात्री कम होनी की स्थिति में ड्यूटी पर तैनात स्टेशन प्रभारी को बसों को रोकने का अधिकार होगा।

ज्योतिष गणना के अनुसार महाकुम्भ मेले का आयोजन निर्धारित समय पर ही

(एनएन सर्विस)
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत व अखाङा परिषद के संत महात्माओ ने सीएम आवास में आयोजित बैठक में महाकुम्भ मेला 2021 के संबंध में विचार विमर्श किया। अखाड़ा परिषद के महामंत्री महंत हरीगिरी महाराज ने बताया कि उनकी सभी अखाङो के संतों के साथ चर्चा हुई है। सभी ने इस बात पर सहमति दी है कि ज्योतिष गणना के अनुसार महाकुम्भ मेले का आयोजन निर्धारित समय पर ही हो। इसका स्वरूप क्या होगा, किस स्तर तक होगा, इस पर सरकार द्वारा अगले वर्ष फरवरी माह में तत्कालीन परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लिया जाए। मुख्यमंत्री ने सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि परम्पराओं का ध्यान रखते हुए अगले वर्ष कुम्भ मेले का आयोजन समय पर होगा। परंतु आगामी फरवरी माह में उस समय की परिस्थितियों के अनुरूप संत महात्माओ के मार्ग दर्शन से मेले के स्वरूप के बारे में निर्धारित किया जाएगा। स्थाई प्रकृति के निर्माण कार्य चलते रहेंगे। बैठक में महंत नारायण गिरी महाराज, महंत महेशपुरी महाराज सहित अन्य प्रतिनिधि उपस्थित थे।