उत्तराखंड सरकार भी भारत सरकार के साथ डिजिटल क्रांति के क्षेत्र में बढ़ रही आगे


मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने पूर्णागिरी धाम में जियो द्वारा संचालित की जा रही 4जी सेवाओं का वर्चुअल शुभारम्भ किया। उन्होंने पूर्णागिरी धाम में 4जी सेवाओं का शुभारम्भ के लिए मुकेश अम्बानी और जियो परिवार का धन्यवाद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कोरोना महामारी के वक्त मोबाइल और डेटा कनेक्टिविटी अति महत्वपूर्ण है। छात्रों की पढ़ाई, मध्यम व लघु उद्योग, उत्तराखण्ड में आने वाले पर्यटकों व स्थानीय नागरिकों के लिए डेटा कनेक्टिविटी बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में डिजिटल इंडिया की परिकल्पना साकार हो रही है। पंचायतों को ऑप्टिकल फाईबर के माध्यम से नेटवर्किंग से जोड़ा गया है। उत्तराखण्ड सरकार भी भारत सरकार के साथ डिजिटल क्रांति के क्षेत्र में आगे बढ़ रही है। हमारी सरकार और जियो कम्पनी ने मिलकर उत्तराखण्ड के दूरस्थ क्षेत्रों तक 4जी मोबाइल कन्क्टिविटी पहुचाने का कार्य किया है।

मुख्यमंत्री तीरथ ने कहा कि उत्तराखण्ड देवभूमि है, यहाँ अनेक धार्मिक स्थल हैं। जियो अधिकतर स्थानों में अपनी 4जी सेवाएं दे रहा है। महत्वपूर्ण मंदिरों और तीर्थक्षेत्रों को अपने 4जी नेटवर्क से जोड़ चुका है। जियो ने उत्तराखण्ड बॉर्डर एरिया में भी 14 साईटस् प्रारंभ कर दी है जिससे उत्तराखण्ड के बार्डर एरिया में रहने वाले लोग भी अब 4जी डिजिटल कनेक्टिविटी से जुड़ चुके हैं। इसी कड़ी के अंतर्गत अब जियो, मॉ पूर्णागिरी धाम को भी अपने 4जी नेटवर्क से जोड़ने जा रहा है। माँ पूर्णागिरी धाम 108 सिद्धपीठों में से एक है और बङी संख्या में श्रद्धालु यहाँ हर वर्ष दर्शनार्थ आते है।

इस अवसर पर वर्चुअल माध्यम से जियो के उत्तराखण्ड स्टेट हेड विशाल अग्रवाल, पूर्णागिरी मंदिर के चैयरमेन भुवन चन्द्र पाण्डे, गिरीश चन्द्र पाण्डे आदि उपस्थित थे।

सल्ट उप चुनाव में भाजपा और कांग्रेस ने खोले प्रत्याशियों के नाम

कुमाऊं मंडल की सल्ट विधानसभा के विधायक सुरेंद्र सिंह जीना का पिछले वर्ष नवंबर में अचानक निधन हो गया था। इसके बाद से ही यह सीट रिक्त चल रही थी। चुनाव आयोग ने सल्ट विधानसभा के उपचुनाव की तिथि 17 अप्रैल को निश्चित की है। अब राज्य के दोनों बड़े राजनीतिक दलों ने अपने-अपने प्रत्याशियों की घोषणा की है। भाजपा ने उपचुनाव में इस सीट पर दिवंगत विधायक सुरेंद्र सिंह जीना के भाई महेश जीना को प्रत्याशी बनाया है, पार्टी ने महेश जीना के नाम की घोषणा कर एक तरह से मतदाताओं से सहानुभूति बटोरने का काम किया है।

तो वहीं, कांग्रेस ने इस सीट पर 2017 में कांग्रेस की प्रत्याशी रही महिला उम्मीदवार गंगा पंचोली पर ही पुनः दांव खेला है। कांग्रेस का गंगा पंचोली पर दांव खेलने के पीछे का एक कारण यह भी हो सकता है कि पिछले विस चुनाव में गंगा पंचोली ने बीजेपी को कड़ी टक्कर दी थी। उस दौरान वह मात्र 2600 मतों के अंतर से पराजित हुईं थी।

तीरथ सिंह रावत की हो सकती है परीक्षा
2022 के चुनाव से पूर्व राज्य में 17 अप्रैल को होने जा रहा उप चुनाव एक तरह से मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत की परीक्षा भी साबित होगा। भाजपा के चार साल के कार्यकाल से लेकर मुख्यमंत्री बदलने तक के सफर तक का जनता इस चुनाव के जरिए अपने मतों का उपयोग करेगी।

रानीखेत के खेरना व उपराड़ी में कार्यकर्ताओं ने सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत का स्वागत

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत आज नैनीताल से रानीखेत पहुंचे। इस दौरान खेरना एवं उपराड़ी में लोगों ने मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र का भव्य स्वागत किया।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने उपराड़ी में जनता को संबोधित कर कहा कि राज्य सरकार का 18 मार्च को 4 साल का कार्यकाल पूर्ण हो जायेगा। राज्य सरकार ने जन अपेक्षाओं को पूर्ण करने के लिए अनेक प्रयास किये। सड़क कनेक्टिविटी के क्षेत्र में अनेक कार्य किये गये हैं। राज्य बनने के बाद 17 साल में सड़कों का जितना निर्माण हुआ, लगभग उतनी सड़कें पिछले 3 साल एवं 10 माह में बनाई गई। राज्य में इस अवधि में 11 हजार कि.मी. से अधिक सड़कों का निर्माण किया गया है। महिलाओं के सिर से घास के बोझ को हटाने के लिए राज्य में मुख्यमंत्री घसियारी योजना शुरू की जा रही है। लोगों के घरों तक घास की गठरी पहुंचाने के लिए योजना बनाई जा रही है। पौने आठ हजार सेंटरों के माध्यम से कम दाम पर घास की गठरी पहुंचाने की व्यवस्था की जायेगी।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि लोगों की आर्थिकी में सुधार के लिए भी सरकार प्रयासरत है। ग्रामीण आर्थिकी में सुधार के लिए अलग-अलग थीम पर ग्रोथ सेंटर विकसित किये जा रहे हैं, जिसके काफी सकारात्मक परिणाम मिल रहे हैं। कृषकों को 3 लाख तक का एवं स्वयं सहायता समूहों को 5 लाख रूपए तक का ब्याज मुक्त ऋण दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र के रानीखेत पहुंचने पर कार्यकर्ताओं द्वारा उनका भव्य स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने पार्टी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से भेंटवार्ता की।

इस अवसर पर सांसद अजय टम्टा, कुमांयू कमिश्नर अरविन्द सिंह ह्यांकी, जिलाधिकारी अल्मोड़ा नितिन भदौरिया, अपर सचिव मुख्यमंत्री डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट आदि उपस्थित थे।

विभिन्न योजनाओं का शिलान्यास कर सीएम ने अल्मोड़ा में की 14 घोषणाएं

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मुख्यमंत्री आवास से वर्चुअल माध्यम से अल्मोड़ा जनपद के सल्ट विधानसभा की विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने कुल 38 करोड, 44 लाख, 44 हजार रूपये की योजनाओं का शिलान्यास तथा लोकार्पण किया, जिसमें 35.13 करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण तथा 3.31 करोड की योजनाओं का शिलान्यास शामिल है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने इस अवसर पर सल्ट विधानसभा क्षेत्र के लिए 14 घोषणाएं भी की। जिसमें मरचूला को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के लिए प्रत्येक वर्ष पर्यटन विभाग के सहयोग से स्व. सुरेन्द्र सिंह जीना की स्मृति में एडवेंचर मीट का आयोजन किये जाने, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, मानिला कुणीधार का नाम स्व. सुरेन्द्र सिंह जीना के नाम पर रखे जाने तथा उनकी मूर्ति सहित स्मारक का निर्माण किये जाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने मरचूला में एडवेंचर स्पोर्ट्स सेंटर का निर्माण किये जाने, मोलेखाल सल्ट स्थित तहसील परिसर में स्थित भवनों का सुदृढ़ीकरण किये जाने, मछोड़ उप तहसील में तहसील भवन एवं आवासीय भवनों का निर्माण किये जाने, भिकियासैंण से मरचूला तक रामगंगा नदी के किनारे के क्षेत्र को एंगलिंग हब के रूप में विकसित करने, सल्ट विधानसभा के समस्त प्राथमिक विद्यालयों का रूपान्तरण कार्यक्रम के अन्तर्गत कायाकल्प किये जाने, विकासखण्ड सल्ट खुमाड़ के विकासखण्ड कार्यालय एवं आवासीय भवन का सुदृढ़ीकरण करने, राजकीय इण्टर कॉलेज पैसिया का भवन निर्माण किया जायेगा। रतखाल से हनेड़-बसेड़ी तक मोटर मार्ग का निर्माण किये जाने, हरड़ा-नगचूला मोटर मार्ग का भिकियासैंण तक मिलान किये जाने, हरड़ा में जिला सहकारी बैंक की शाखा खोले जाने, राजकीय इण्टर कॉलेज मझोड़ के भवन का निर्माण करने तथा राजकीय इण्टर कॉलेज मझोड़ को करगिल शहीद गोपाल सिंह रावत के नाम पर रखे जाने की घोषणा शामिल है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि 18 मार्च को सरकार के चार साल पूर्ण हो जायेंगे। इन चार सालों में हमारी सरकार ने विकास के अनेक आयाम स्थापित किये गये। जिसमें सड़को के निर्माण, रेल लाईन से संबंधित कार्य ऑल वेदर रोड, ग्राम और शहरी कनेक्टिविटी, नेटवर्किंग के क्षेत्र में अनेक कार्य किये गये। रोजगार और स्वरोजगार की दिशा में भी विशेष प्रयास किये गये। जल जीवन मिशन, ग्रामीण आजीविका से जुड़े हुए क्षेत्रों में केन्द्र सरकार से राज्य को भरपूर सहयोग मिला है। राज्य के विकास के लिये 01 लाख करोड़ से अधिक की योजनाये भारत सरकार से लाने में सफल हुए हैं। पिछले चार वर्ष में राज्य में 11 हजार किमी सड़को का निर्माण एवं पुनर्निमाण किया है। गांवों को सडक कनेक्टिविटी से जोड़ने का रिकार्ड कार्य किया गया है। जल जीवन मिशन के तहत मात्र एक रूपये में ग्रामीण क्षेत्रों में पानी का कनेक्शन दिया जा रहा है। शहरी गरीबों को भी 100 रूपये में पानी का कनेक्शन देने का निर्णय लिया है।

उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत अधिकतम पानी के कनेक्शन देने वाले राज्यों में उत्त्राखण्ड देश में पांचवे स्थान पर पहुंच चुका है। 14 लाख 61 हजार कनेक्शन राज्य में दिये जाने हैं, अभी तक 06 लाख 30 हजार कनेक्शन दिये जा चुके हैं। पानी की पर-कैपिटा मात्रा 40 लीटर से बढ़ाकर 55 लीटर किया जायेगा। इसके लिए 100 जूनियर इंजीनियर की आउटसोर्सिंग से भर्ती की जायेगी। राज्य में महिलाओं को पति की पैतृक सम्पति में सह खातेदार बनाया गया है। इससे आने वाले समय में महिलाओं की प्रदेश के विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका होगी। मुख्यमंत्री घस्यिरी कल्याण योजना राज्य में लाई जा रही है। महिलाओं के सिर से घास के बोझ को हटाने के लिय यह योजना लाई जा रही है। इस बार हरेला पर्व पर व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण किया जायेगा। इसलिए 16 जुलाई को राज्य में अवकाश घोषित किया गया है। इस दृष्टि से सभी जनपद अपनी योजना बनायेंगे। वृक्षारोपण में फलदार, चारे वाले वृक्षारोपण भी किया जायेगा।

इस अवसर पर वन मंत्री व अल्मोड़ा जनपद के प्रभारी मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत, शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक, महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री रेखा आर्य, वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जिलाधिकारी अल्मोड़ा नितिन भदौरिया उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने अपने दफ्तर की नेमप्लेट ऐपण कला में लगवाई

उत्तराखंड की पारंपरिक ऐपण कलाकृति को नया आयाम मिल रहा है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने हालिया दिल्ली दौरे पर केंद्रीय मंत्रियों को ऐपण कलाकृति भेंट कर ऐपण को नया जीवन दिया है। सीएम ने अपने दफ्तर की नेमप्लेट भी ऐपण कला में लगवाई है। इस पहल के बाद ऐपण कला से जुड़ी बेटियों को नई आस जगी है।

सीएम त्रिवेंद्र के मीडिया सलाहकार रमेश भट्ट के मुताबिक ऐपण को नई पहचान दिलाने के लिए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने सराहनीय प्रयास किए हैं। रमेश भट्ट खुद भी अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और नैनीताल जिलों में ऐपण पर काम कर रही बेटियों से रूबरू हो चुके हैं। ऐपण पर बने उनके वीडियो को फेसबुक पर लाखों लोग देख चुके हैं।

रमेश भट्ट बताते हैं कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने ऐपण को प्रोत्साहन देने में खासी रुचि दिखाई है। सीएम ने अपने दफ्तर की नेमप्लेट भी ऐपण में बनवाई है और सभी मंत्रियों व अफसरों को ऐसा करने के लिए प्रेरित किया है। सीएम अल्मोड़ा में ऐपण प्रदर्शनी के दौरान कई बेटियों से मुलाकात कर चुके हैं जो ऐपण को अपनी आजीविका से जोड़ रही हैं। अब पिछले दिनों दिल्ली दौरे पर सीएम त्रिवेंद्र ने केंद्रीय मंत्रियों को एक के बाद एक ऐपण गिफ्ट देकर मजबूत सांस्कृतिक संदेश दिया है। रमेश भट्ट ने उम्मीद जताई है कि ऐपण को विश्वव्यापी पहचान दिलाने में ये प्रयास कारगर साबित होंगे।

सीएम त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सल्ट में स्व. जीना दंपति को दी श्रद्धाजंलि, की स्मारक बनाने की घोषणा

विधानसभा सल्ट के पूर्व विधायक स्व. सुरेन्द्र सिंह जीना के श्रद्धांजलि कार्यक्रम में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने स्व. जीना दंपति को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि जनहित के कार्यों व प्रदेश के विकास में स्व. जीना का योगदान भुलाया नहीं जा सकता। उनके अधूरे कार्यों को राज्य सरकार पूरा करेगी। सीएम ने सल्ट क्षेत्र में जीना की स्मृति में एक स्मारक बनाने समेत क्षेत्र के विकास के लिए कई घोषणाएं कीं।

मुखयमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि स्व. जीना से सबका बहुत ही सहज और सरल रिश्ता था। उन्होंने कहा कि स्व. जीना का अपने क्षेत्र के लोगों से गहरा लगाव था। उन्होंने कहा कि उनके कहने पर इस क्षेत्र जनहित की 63 विकास योजनाओं की मैंने घोषणाएं की हैं। जिसमें से 42 पूर्ण हो चुकी हैं। बाकी भी जल्द पूरा हो जायेंगी। इस मौके पर उन्होंने राजकीय महाविद्यालय मनीला को स्व. सुरेन्द्र सिंह जीना के नाम पर करने की घोषणा की। साथ ही क्षेत्र में स्व. जीना का स्मारक बनाने की घोषणा की। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने मार्चुला को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के एडवेंचर मीट का आयोजन, हरडा में एडवेंचर स्पोर्ट्स सेंटर की स्थापना, रामगंगा के तट को एंगलिग हब के रूप में विकसित करने, हरडा में जिला सहकारी बैंक की स्थापना के साथ ही स्कूलों में रूपांतरण कार्यक्रम के तहत बेहतर करने की घोषणा की।

संदिग्ध परिस्थिति में पंखे से झूला मिला अल्मोड़ा के युवक का शव

मुनिकीेरेती थानाक्षेत्र में शिवपुरी चैकी के अंतर्गत एक कमरे के भीतर अल्मोड़ा के युवक का शव संदिग्ध अवस्था में पड़ा मिला है। युवक का शव जिस कैंप के कमरे से पाया गया है, वहीं पर मृतक कुक का काम किया करता था।

थानाध्यक्ष मुनिकीरेती राम किशोर सकलानी ने मृतक की पहचान 24 वर्षीय नवीन पुत्र रमेशराम निवासी ग्राम चोलेरासीम थाना चैखुटिया अल्मोडा का शव करीब प्रात 7 बजे कैम्प के कमरे में रोड से लटका पाया गया। कमरे का दरवाजा खुला था। बताया कि पुलिस ने शव को नीचे उतरा। बताया कि मौके पर कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। शव का पंचायत नामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। साथ ही परिजनों को सूचना भेज दी है।

नड्डा की मौजूदगी में प्रसिद्ध डॉ. यशपाल रावत बने भाजपाई

अल्मोड़ा के सल्ट निवासी डॉ. यशपाल रावत आज भाजपा में शामिल हो गए। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने उन्हें भाजपा में शामिल किया। डॉ. रावत सल्ट सीट के उप चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी हो सकते हैं।

चामुण्डा चिकित्सालय काशीपुर के स्वामी व प्रख्यात सर्जन डॉ यशपाल ने आज भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। जिसके बाद से चर्चाएं गर्म हो गई हैं कि वह सल्ट विधानसभा सीट पर होने वाले उप चुनाव में भाजपा प्रत्याशी हो सकते हैं। भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने डॉ यशपाल का भाजपा में स्वागत किया। प्रदेश अध्यक्ष बंसीधर भगत व प्रदेश उपाध्यक्ष खिलेन्द्र चैधरी भी इस अवसर पर उपस्थित थे। डॉ यशपाल मूलतः सल्ट निवासी हैं और काशीपुर में उनका चिकित्सालय है।

स्व. विधायक जीना में सबको जोड़ने की थी कलाः सीएम

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने विधानसभा क्षेत्र सल्ट के विधायक सुरेन्द्र सिंह जीना के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय श्री जीना के निधन से राज्य ने एक ऊर्जावान और दूरदर्शी नेता खो दिया है। उनकी गणना हमेशा सक्रिय रहने वाले विधायकों में थी। वे वंचित वर्गों की आवाज मुखर करने वाले तथा अपने विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए सतत संघर्षरत रहने वाले जनसेवक थे।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने स्व. सुरेन्द्र सिंह जीना के आकस्मिक निधन पर प्रदेश भाजपा कार्यालय में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनको श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय जीना 2007, 2012 एवं 2017 से लगातार तीसरी बार विधानसभा में विधायक रहे, पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता और हमारे छोटे भाई सुरेन्द्र अब नहीं रहे। यह अविश्वसनीय लगता है। उनसे जो भी एक बार मिला होगा उसे उनका व्यवहार और सकारात्मक सोच जरूर याद आती होगी। वे विधानसभा के अंदर अपनी बात खुबसूरत और चुटीले अंदाज में रखते थे। छोटे एवं बड़ों के साथ उनका व्यवहार बहुत ही मधुर रहता था। सबको जोड़ने की अद्भुत कला उनमें थी, अपने विधानसभा क्षेत्र में वे लोकप्रिय रहे। अपने क्षेत्र के संबंधित विकास कार्यों को पूर्ण कराने की उनमें अद्भुत क्षमता थी। वे सदैव सबके हितैशी बनकर रहे। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की तथा शोक संतप्त परिवारजनों को इस दुःख की इस घड़ी में धैर्य प्रदान करने की कामना की।

अल्मोड़ा में 39 प्रतिशत लौटे प्रवासी स्वरोजगार पर निर्भर

पलायन आयोग के उपाध्यक्ष एसएस नेगी ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह को कराया कि राज्य में लौटे 3.57 लाख प्रवासियों में से एक लाख प्रवासी वापस लौटे हैं। सितम्बर, 2020 के अंत तक कोविड-19 महामारी के कारण राज्य में लौटे प्रवासियों में से लगभग 29 प्रतिशत पुनः पलायन कर गए हैं। राज्य में लौटे प्रवासियों में से लगभग 71 प्रतिशत अपने मूल निवास या उसके पास के क्षेत्रों में चले गए हैं। इनमें से लगभग 33 प्रतिशत कृषि, पशुपालन आदि, 38 प्रतिशत मनरेगा, 12 प्रतिशत स्वरोजगार तथा 17 प्रतिशत अन्य पर आजीविका पर निर्भर हैं।

उन्होंने बताया कि जनपद अल्मोड़ा में लगभग 39 प्रतिशत लौटे प्रवासी स्वरोजगार पर निर्भर हैं जो कि अन्य जनपदों से काफी अधिक है। जनपद नैनीताल, ऊधमसिंह नगर तथा टिहरी में भी अधिक संख्या में लौटे प्रवासी स्वरोजगार पर अपनी निर्भरता दिखा रहे हैं।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि हमारा उद्देश्य राज्य के युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। इसके लिये सभी सम्बन्धित विभाग रोजगार परक योजनाओं के चिन्हीकरण के साथ ही आपसी समन्वय के साथ कार्ययोजना पर ध्यान दें। प्रशिक्षित युवाओं का बेहतर मार्गदर्शन के साथ ही जिस क्षेत्र में युवा अपनी अभिरूचि दिखाये इसके लिये उनके मार्गदर्शन की भी प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये हैं।

इस अवसर पर उत्तराखण्ड कौशल विकास मिशन एवं ग्राम्य विकास विभाग (उत्तराखण्ड राज्य आजीविका मिशन) के मध्य एमओयू हस्ताक्षरित किया गया। इस सहभागिता से ग्राम्य विकास विभाग के अन्तर्गत स्थापित स्वये सहायता समूहों को रूरल सेल्फ इंप्लायमेंट ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट के माध्यम से कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों का क्रियान्वयन उत्तराखण्ड कौशल विकास मिशन के माध्यम से किये जाने की योजना के साथ ही ‘‘इंटीग्रेटेड लाइवलीहुड सपोर्ट प्रोजेक्ट’’ के अन्तर्गत राज्य का ब्राँड विकसित किये जाने की भी योजना है।

इसके साथ ही उत्तराखण्ड कौशल विकास मिशन, तकनीकी शिक्षा एवं नेसकॉम के मध्य त्रिपक्षीय एम.ओ.यू हस्ताक्षरित किया गया, जिसके अन्तर्गत तकनीकी शिक्षा विभाग के छात्र-छात्राओं को फ्यूचर स्किल्स-हाई एंड स्किल्स में प्रशिक्षित कर रोजगार-स्वरोजगार के अवसरों से जोड़े जाने की योजना है। इस सहयोग से युवाओं को नवीनतम कौशल में दक्ष कर उनकी रोजगारपरकता में वृद्धि किये जाने हेतु कार्य योजना तैयार की गई है।

बैठक में मुख्यमंत्री के तकनीकी सलाहकार नरेन्द्र सिंह आई.टी. सलाहकार रविन्द्र दत्त, आर्थिक सलाहकार आलोक भट्ट, मुख्य सचिव ओम प्रकाश, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, मनीषा पंवार, प्रमुख सचिव आनन्द वर्द्धन, सचिव अमित नेगी, आर. मीनाक्षी सुन्दरम, राधिका झा, दिलीप जावलकर आदि उपस्थित थे।