एनसीसी कैडेट्स के साथ सीएम ने किया उत्तराखंड राज्य श्रेष्ठ राज्य विषय पर संवाद

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज 91.24 लाख रुपए की लागत से मॉल रोड अल्मोड़ा स्थित राजकीय पुस्तकालय का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने एन0सी0सी0 कैडटस् तथा अन्य प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं के साथ ‘‘उत्तराखण्ड राज्य श्रेष्ठ राज्य‘‘ विषय पर संवाद किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजकीय पुस्तकाल भ्रमण के दौरान वहॉ आये छात्र-छात्राओं से उनके शैक्षिक अनुभवों के बारे में चर्चा की तथा पुस्तकालय के संसाधनों को बारे में फीडबैक भी प्राप्त किया। इस दौरान उन्होंने टाटा के सीएसआर मद के माध्यम से रेडक्रास समिति अल्मोड़ा को दी गयी वैक्सीनेशन वैन को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया।

इस दौरान जनपद के प्रभारी मंत्री धन सिंह रावत, कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य, सांसद अजय टम्टा समेत अन्य गणमान्य व्यक्ति तथा जिलाधिकारी वंदना, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रदीप कुमार राय, सीडीओ अंशुल सिंह समेत अन्य उपस्थित थे।

मोदी कर रहे भारत की संस्कृति और सभ्यता को बचाने का कार्य-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मल्ला महल, अल्मोड़ा में आयोजित आजीविका महोत्सव सांस्कृतिक संध्या कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने दृष्टिबाधित बालिका नेहा के लोकगीत गाने पर प्रोत्साहन धनराशि भी प्रदान की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य की सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा में लोक संस्कृति की विभिन्न झलक देखने से ही बनती है। अल्मोड़ा जिले में हमेशा से ही लोक संस्कृति को बचाने का कार्य हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की संस्कृति एवं सभ्यता को बचाने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा केन्द्र सरकार के नेतृत्व में राज्य सरकार मानसखण्ड कारिडोर मिशन पर कार्य कर रही है जिसके अन्तर्गत पौराणिक मन्दिरों एवं धार्मिक स्थलों का संरक्षण कर इन्हें आपस में जोड़ने पर कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार लोक संस्कृति के संरक्षण एवं लोक विधाओं को आगे बढ़ाने हेतु प्रतिबद्व है। उन्होंने कहा कि हमें संकल्प के तौर पर पलायन को रोकना होगा। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों एवं विभिन्न संस्थानों द्वारा बनाये जा रहे सभी स्थानीय उत्पादों को राज्य सरकार एक मंच उपलब्ध करायेगी जिससे इन उत्पादों को देश के साथ ही विदेशों में पहचान मिल सके। इस कार्यक्रम में राजस्थानी लोक कलाकारों, श्रीनगर से आयी पाण्डावास टीम द्वारा रंगारंग सुन्दर प्रस्तुत दी गयी।
इस दौरान कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री डा0 धन सिंह रावत, केबिनेट मंत्री रेखा आर्या, सांसद अजय टम्टा, भाजपा जिलाध्यक्ष रमेश बहुगुणा, विधायक अल्मोड़ा मनोज तिवारी, विधायक कपकोट सुरेश गड़िया, जिलाधिकारी वन्दना, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रदीप कुमार राय, मुख्य विकास अधिकारी अंशुल सिंह सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

महिला संगठनो और स्वयं सहायता समूहों के साथ सीएम का संवाद

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को हवालबाग, अल्मोड़ा में ’मुख्य सेवक आपके द्वार’ कार्यक्रम के अंतर्गत महिला संगठनो एवं स्वयं सहायता समूहों के साथ संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने समाज कल्याण विभाग के सहयोग से दिव्यांगजनों को 3 व्हील चेयर वितरित की तथा वन विभाग द्वारा लीस रॉयल्टी के 8 करोड़ के डमी चेक भी वितरित किए।
मुख्यमंत्री ने महिला कृषक समूह के सदस्यों, खेल से जुड़े युवाओं, नव उद्यमियों, कृषकों एवं विभिन्न समाज सेवियों से भी संवाद किया। इस संवाद के दौरान कुल 29 आवेदन पत्र/सुझाव प्राप्त हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के विकास की हम सबकी यह सामूहिक यात्रा है। हम सभी के सुझावों एवं विचारों का संज्ञान लेकर आगे बढ़ रह हैं। जनता की समस्याओं का त्वरित निस्तारण हो इसके लिये शासन एवं जिला स्तरीय अधिकारियों को तत्परता के साथ कार्यवाही के निर्देश दिये गये हैं।
मुख्यमंत्री ने महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा किये जा रहे उत्पादन कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वोकल फॉर लोकल का जिक्र करते हुए देशवासियों से आग्रह किया कि जहां भी जाएं एक संकल्प करें कि यात्रा पर जितना भी खर्च करते हैं उसका कम से कम 5 प्रतिशत वहां के स्थानीय उत्पाद खरीदने पर खर्च करें। इससे राज्य के उत्पादों को बढ़ावा मिलने के साथ देश व दुनिया में उनकी पहचान भी बनेगी। मुख्यमंत्री ने जनपद की स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से कहा कि वे जनपद की अन्य महिलाओं को भी स्वरोजगार से जुड़ने के लिए प्रेरित करें।
इस दौरान कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री डा0 धन सिंह रावत, केबिनेट मंत्री रेखा आर्या, सांसद अजय टम्टा, भाजपा जिलाध्यक्ष रमेश बहुगुणा, जिलाधिकारी वन्दना, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रदीप कुमार राय एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

जनपद अल्मोड़ा हमारी सांस्कृतिक चेतना का ध्वजवाहक- मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को हवालबाग, अल्मोड़ा में आयोजित आजीविका महोत्सव में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने 298 करोड़ की 37 विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया, जिनमें 39 करोड़ लागत की 20 योजनाओं का लोकार्पण एवं 259 करोड़ की 17 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर अल्मोड़ा के ऐतिहासिक पटाल बाजार को प्राचीन स्वरूप में चरणबद्व तरीके से पुनः विकसित किए जाने, महिला चिकित्सालय अल्मोड़ा का जीर्णाेद्वार किए जाने, राजकीय चिकित्सालय रानीखेत में एन0आई0सी0यू0 यूनिट, सी0टी0 स्कैन मशीन, एम0आर0आई0 मशीन स्थापित किए जाने, विकासखण्ड धौलादेवी के गुणादित्य में बच्चों के लिए मिनी स्टेडियम का निर्माण कार्य किए जाने, सोमेश्वर में पौराणिक मन्दिर जयन्ती जंयतकोट में विद्युतीकरण का कार्य किए जाने, अटल उत्कृष्ट राजकीय इण्टर कालेज का नाम शहीद बिशन सिंह बोरा के नाम पर किए जाने, द्वाराहाट में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में मानकानुसार अवस्थापना सुविधाओं का विकास किए जाने, विकासखण्ड चौखुटिया में गढ़स्यारी तोक गंगोलिया क्षेत्र में मोबाईल टॉवर स्थापित किए जाने, सल्ट विधानसभा क्षेत्र में शिव मन्दिर भिकियासैंण का निर्माण कार्य एवं सौन्दर्यकरण कार्य किए जाने, मनिला फारेस्ट बंगले का पुर्ननिर्माण व आधुनिकरण किए जाने, द्वाराहाट में मिल्टा मार्ग का पुर्ननिर्माण कार्य किए जाने एवं सोमेश्वर में सुनियाकोट-सोनकोटुली मोटर मार्ग का कार्य किए जाने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने रूरल बिजनेस इनक्यूबेटर (आर0बी0आई0) में आयोजित कार्यशाला में प्रतिभाग कर उद्यमियों से चर्चा की। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित साइकिल रैली को भी हरी झण्डी दिखाकर रवाना करने के साथ ही विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत 21.83 करोड़ का लोन सांकेतिक रूप से वितरित किया एवं हिलांस द्वारा निर्मित मंडुवा डोसा, इडली का शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड पर्यटन प्रदेश है। यदि किसी को उत्तराखंड की सांस्कृतिक विशिष्टता को भली भांति समझना हो तो एक बार उसे अवश्य अल्मोड़ा में कुछ समय बिताना चाहिए, पिछले वर्ष से आयोजित हो रहा यह आजीविका महोत्सव अपने-आप में विशिष्ट है, क्योंकि इसका स्वरूप जहां एक ओर मेले जैसा है वहीं यह व्यापारिक और स्वरोजगार के क्षेत्र में कार्य कर रहे युवाओं को अपने कार्य का प्रदर्शन करने का एक मंच भी प्रदान करता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश का संपूर्ण विकास केवल तभी संभव है, जब सरकार के साथ-साथ प्रदेश का प्रत्येक नागरिक भी अपने-अपने दायित्वों का भली भांति निर्वहन करे। ऐतिहासिक नगरी अल्मोड़ा का प्रत्येक नागरिक अपने सामाजिक दायित्वों से भलीभांति परिचित हैं। उन्होंने कहा हमारी सरकार भी हर क्षेत्र में लगातार अपने कर्तव्यों का पालन सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है। हम राज्य के लोगों को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज के आधुनिक युग में भी प्रत्येक उत्तराखंडी अपनी संस्कृति से जुड़ा हुआ है और मेरा मानना है कि अल्मोड़ा जिला इस सांस्कृतिक चेतना का ध्वजवाहक है। उन्होंने कहा आज का यह महोत्सव, अपनी जड़ों से जुड़े रहने की हमारी इसी जिद को प्रदर्शन कर रहा है। पिछले वर्ष हमारी सरकार ने इस महोत्सव के माध्यम से लोन मेला आयोजित कर यहां के युवाओं को टर्म लोन देने का काम प्रारंभ किया था, जिसके अच्छे परिणाम सामने आए। इसके साथ ही हमने पिछले वर्ष जो कुमाऊँ मण्डल के पहले रूरल बिजनेस इनक्यूबेटर का लोकार्पण किया था, वो भी आज स्वरोजगार के क्षेत्र में युवाओं को प्रोत्साहित करने का कार्य कर रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज के समय में भारत की पुरातन संस्कृति व खोए हुए वैभव को पुनर्स्थापित करने का कार्य यदि किसी ने किया है तो वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही हैं। उन्होंने कहा अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर के निर्माण का कार्य हो, काशी में विश्वनाथ कॉरिडोर जैसे जटिल कार्य को सफल बनाने का कार्य हो, उज्जैन में महाकाल लोक की स्थापना हो या केदारपुरी और बद्रीकापुरी का पुनर्निर्माण करने का कार्य हो, यह सब प्रधानमंत्री मोदी के प्रेरणादाई व कुशल नेतृत्व में ही संभव हो पाया हैं। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री का हमारी देवभूमि के प्रति विशेष लगाव रहा है, और इसे राज्य में केंद्र सरकार द्वारा संचालित विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से समझा जा सकता है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमारी सरकार ने पिछले 5 वर्षों में अल्मोड़ा में लगभग 931 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को पूर्ण कराया है। वर्तमान में यहां के विकास के लिए 5 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाले 559 करोड़ के कार्य प्रगति पर हैं। इसके साथ ही 5 करोड़ रुपये से कम लागत वाले 223 करोड़ के कार्य भी गतिमान हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार पलायन जैसी वृहद समस्या के निराकरण के लिए भी निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा इकोनॉमी और इकोलॉजी के अंतर्गत हम प्रदेश के समुचित विकास के साथ ही यहां के प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए भी प्रतिबद्ध हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आजीविका महोत्सव परिसर में विभिन्न विभागों एवं स्वयं सहायता समूह द्वारा लगाए गए स्टालों का भी अवलोकन किया।
इस दौरान कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री डा0 धन सिंह रावत, कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या, सांसद अजय टम्टा, विधायक अल्मोड़ा मनोज तिवारी, विधायक सल्ट महेश जीना, विधायक रानीखेत प्रमोद नैनवाल, विधायक जागेश्वर मोहन सिंह माहरा, महिला आयोग उपाध्यक्ष ज्योति शाह मिश्रा, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष कैलाश शर्मा, पूर्व विधायक रघुनाथ सिंह चौहान, ब्लॉक प्रमुख हवालबाग बबीता भाकुनी, जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष ललित लटवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष रमेश बहुगुणा, जिलाधिकारी वन्दना, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रदीप कुमार राय एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

पंत ने कुली बेगार प्रथा और जमींदारी उन्मूलन के निर्णायक संघर्ष में निभाई अहम भूमिका-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सर्वे चौक स्थित आई.आर.डी.टी. सभागार में भारत रत्न पं. गोविन्द बल्लभ पंत के 135 वें जन्मदिन समारोह कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने पं. गोविन्द बल्लभ पंत के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पं. गोविन्द बल्लभ पंत महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, समाजसेवी एवं कुशल प्रशासक थे। उन्होंने देश को नई दिशा देने के साथ ही कुली बेगार प्रथा तथा जमींदारी उन्मूलन के लिए निर्णायक संघर्ष कर समाज में व्याप्त बुराइयों को मिटाने में अहम भूमिका निभाई। देश की आजादी से पूर्व एवं देश की आजादी के बाद भी उन्होंने देश सेवा के लिए जो कार्य किये, वे सभी कार्य हमें हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरणा देते रहेंगे। उन्होंने अपना पूरा जीवन समाज सेवा के लिए समर्पित किया। हिन्दी को राजभाषा का दर्जा दिलाने में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पं. गोविन्द बल्लभ पंत का पहाड़ के प्रति विशेष लगाव था। जीवन में तमाम समस्याओं के बावजूद भी वे अपने कर्तव्य पथ से कभी पीछे नहीं हटे। उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री एवं भारत के गृह मंत्री के महत्वपूर्ण दायित्व उनके पास रहे। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड के ऐसे महान सपूत से प्रेरणा लेकर हमें आगे बढ़ना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड युवा राज्य है। 2025 में हम उत्तराखण्ड राज्य की स्थापना की रजत जयंती मनायेंगे। तब तक उत्तराखण्ड हर क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में हो, इसके लिए सबको मिलकर प्रयास करने होंगे। हमें विकल्प रहित संकल्प के साथ आगे बढ़ना होगा।
पूर्व मुख्यमंत्री एवं हरिद्वार सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि पं. गोविंद बल्लभ पंत ने देश की आजादी के लिए पूरा जीवन खपाया। उन्होंने पहाड़ के विकास एवं संस्कृति के संरक्षण का कार्य किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड देवभूमि के साथ वीरभूमि भी है। पं. गोविंद बल्लभ पंत जैसे क्रांतिकारी इसी देवभूमि में पैदा हुए। डॉ. निशंक ने कहा कि भारत रत्न पं. गोविंद बल्लभ पंत ने जो रास्ता दिखाया, उससे प्रेरणा लेकर हमें आगे बढ़ना होगा। वे देवभूमि उत्तराखण्ड के गौरव एवं सम्मान हैं। उन्होंने कहा आज देश ज्ञान-विज्ञान अनुसंधान के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
इस अवसर पर विधायक खजान दास, मैती आन्दोलन के प्रणेता पद्मश्री कल्याण सिंह रावत, दीप्ति रावत भारद्वाज, श्री राकेश डोभाल एवं अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

सीएम धामी ने अल्मोड़ा में श्री पीठम स्थापना महोत्सव में किया प्रतिभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अल्मोड़ा स्थित श्री कल्याणिका हिमालय देवस्थानम् के चतुर्थ वार्षिकोत्सव एवं श्री पीठम् स्थापना महोत्सव में प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम में सभा को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बेहद खूबसूरत स्थान है। कहा कि ऐसे स्थानों पर कोई भी व्यक्ति अपनी मर्जी से नहीं आता है बल्कि उसे ईश्वर स्वयं बुला देते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे सिद्ध पीठ स्थानों से पूरे देश और सनातन संस्कृति को ऊर्जा मिलती है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लगातार देश आगे बढ़ रहा है जिसके तहत अयोध्या में श्री राम लला का भव्य मंदिर बनाया जा रहा है। इसके अलावा बनारस में भव्य काशी कॉरिडोर बनकर तैयार हो गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि साल 2013 की आपदा में केदारनाथ क्षेत्र एवं आदि गुरु शंकराचार्य की प्रतिमा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दृढ़ संकल्प की बदौलत श्री शंकराचार्य जी की समाधि, तीर्थ पुरोहितों का आवास, सरस्वती घाट समेत पूरा केदारनाथ धाम का परिसर भव्य एवं दिव्य बन चुका है। उन्होंने कहा कि केदारनाथ के बाद अब श्री बदरीनाथ धाम में 250 करोड़ रुपए की स्वीकृति हो चुकी है जिसके बाद श्री बदरीनाथ धाम में भी बहुत तेजी से पुनर्निर्माण काम चल रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में चार धाम यात्रा 2 साल बाद पुनः विधिवत प्रारंभ हुई है लेकिन श्रद्धालुओं की संख्या पहले के मुकाबले कई गुना ज्यादा पहुंच गई है। यात्रा व्यवस्थाओं को लेकर सरकार पूरी तरीके से मॉनिटरिंग कर रही है। मुख्यमंत्री ने देशभर के श्रद्धालुओं को अपील करते हुए कहा कि जो शारीरिक रूप से अभी स्वस्थ नहीं है वह जब तक डॉक्टर ना कहें तो यात्रा प्रारंभ ना करें। उन्होंने कहा कि यात्रा पर जा रहे नौजवान, महिलाओं और बुजुर्गों, मातृशक्ति को आगे आने दें। सरकार यात्रा को और सुव्यवस्थित करने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश है कि देशभर के श्रद्धालु यहां आए हैं वह सुरक्षित यहां आए और सुरक्षित जाए उन्हें किसी तरीके से कोई परेशानी ना हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले जो भी घोषणा की गई है उन्हें पूरा किया जा रहा है। कॉमन सिविल कोड को लेकर सभी प्रक्रियाएं पूरी कर दी गई हैं। इसके अलावा अंत्योदय कार्ड धारकों को साल भर में 3 सिलेंडर फ्री करने को लेकर भी कैबिनेट निर्णय दे दिया है।

इस दौरान अल्मोड़ा लोकसभा से सांसद अजय टम्टा, विधायक मनोज तिवारी, विधायक मोहन सिंह मेहरा समेत आयोजन समिति के पदाधिकारी मौजूद रहे।

न्याय के देवता गोल्ज्यू के दरबार में पहुंचे सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को चितई गोल्ज्यू मंदिर में पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने देश और प्रदेश को कोरोना मुक्त बनाने के लिए प्रार्थना की। साथ ही अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज के बेस अस्पताल का निरीक्षण कर कोरोना से निपटने को लेकर चल रही तैयारियों की जानकारी ली।इसके अलावा कार्यकर्ताओं से भाजपा के प्रत्याशी कैलाश शर्मा समेत अन्य प्रत्याशियों को भी विजयी बनाने के लिए प्रयास तेज करने की अपील की।
शुक्रवार को सीएम धामी चितई गोल्ज्यू मंदिर गए। वहां पूजा-अर्चना के बाद उन्होंने मीडिया से कहा लोकतंत्र का पर्व है। दूसरी ओर महामारी की आशंका है। इसको देखते हुए लोक देवता गोल्ज्यू से हम पर कृपा बनाए रखें और पूरे प्रदेश में सुख व समृद्धि बनी रहे। इसके बाद उन्होंने बेस अस्पताल का दौरा किया और मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा से कोरोना को लेकर चल रही तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने कहा आचार संहिता के साथ ही कोविड के खतरे से जनता को बचाने की जरूरत है। कहा पीएम मोदी कुछ दिन पहले समीक्षा भी कर चुके हैं। उन्होंने कहा पिछले दिनों एसटीएच हल्द्वानी का दौरा किया था।
अस्पतालों में बच्चों के लिए बेड तैयार किए जा रहे हैं। जान-माल की सुरक्षा के लिए पूरा ध्यान रखा जा रहा है। हर विभाग के नोडल अधिकारी बनाए गए हैं। सरकार आचार संहिता के साथ ही जनता की जानमाल की सुरक्षा के लिए पूरी तरह संजीदा है। इधर, सीएम ने भाजपा प्रत्याशी कैलाश शर्मा की मौजूदगी में स्थानीय होटल में मौजूद पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया और सरकार की योजनाओं की जानकारी दी।कहा आम जनता तक इनको ले जाना होगा। कहा कोरोना के चलते सभाओं को आयोजन नहीं हो रहा है। वर्चुअल माध्यम से भाजपा सरकारों को काम को जनता तक पहुंचा रही है। यहां जिलाध्यक्ष रवि रौतेला, महेश नयाल, राजेंद्र भंडारी, पूर्व जिपं अध्यक्ष मोहन सिंह महरा, द्वाराहाट के प्रत्याशी अनिल शाही रहे।

विस उपाध्यक्ष चौहान सहित दावेदार नहीं पहुंचे
सीएम पुष्कर सिंह धामी के शुक्रवार को अल्मोड़ा दौरे के दौरान भाजपा के टिकट के दावेदार मौजूद नहीं रहे। यही नहीं विस उपाध्यक्ष अल्मोड़ा के विधायक रघुनाथ सिंह चौहान भी उपस्थित नहीं रहे। सीएम धामी से इस पर पूछे जाने पर उन्होंने कहा नाराजगी जैसी कोई बात नहीं हैं। उनका कार्यक्रम जल्दी में बना और सभी को सूचना नहीं दी जा सकी। यह जरूरी भी नहीं है सब यहां मौजूद रहें। इससे पहले एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा जिले से लेकर प्रदेश से लेकर जिनके नाम भेजे गए थे। उनको टिकट मिला है। एक प्रत्याशी ही चुना जा सकता है। कहा बची हुई सीट के प्रत्याशी जल्द घोषित हो जाएंगे। जनता भाजपा के अबकी बार साठ पार के संकल्प को पूरा करेगी।

49 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अल्मोड़ा पहुंचकर हवालबाग में 2 दिवसीय आजीविका महोत्सव का शुभारम्भ किया। उन्होंने हवालबाग में स्थित रूरल बिजनेस इन्क्यूबेटर सेन्टर का भी उद्घाटन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि रूरल बिजनेस इन्क्यूबेटर सेन्टर का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को प्रोत्साहित करने एवं उद्यम स्थापना हेतु प्रारम्भ से अन्त तक उद्यमियों को सहयोग प्रदान करना है। इसके साथ-साथ युवाओं को रोजगार सृजन, व्यवसाय सहयोग, नये विचार व तकनीक को बढ़ावा देना आदि इसके उद्देश्य है। इसके उद्घाटन के अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अल्मोड़ा व पौङी में रूरल बिजनेस इन्क्यूबेटर सेन्टर की स्थापना की गयी है। उन्होंने कहा कि इस सेन्टर से आम आदमी को जोड़ने का प्रयास किया जाय। उन्होंने कहा कि इससे पलायन रोकने में मदद मिलेगी। इस दौरान उन्होंने जनपद के भिन्न-भिन्न क्षेत्रों से आये उद्यमियों के साथ संवाद किया और उनके उत्पादों की जानकारी व परिचय प्राप्त किया।
आजीविका महोत्सव में प्रतिभाग करते हुए मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन द्वारा आयोजित किये गये महोत्सव के लिए प्रशासन को बधाई दी और कहा कि यह महोत्सव ग्रामीण युवाओं व महिलाओं के लिए लाभप्रद सिद्ध होगा जिससे पलायन रोकने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका की मजबूती हो और स्वरोजगार योजनाओं का सीधा फायदा आम जनता तक पहुॅचे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के स्वरोजगार से जुड़े हर व्यक्ति को इसमें सहभागी बनाया जाय ताकि पलायन को रोका जा सके और रोजगार की समस्या को दूर किया जा सके। उन्होंने कहा कि गॉव के विकास से अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि होम-स्टे योजना आने वाले समय में पर्यटन व आर्थिकी का मुख्य आधार बनेगा। उन्होंने कहा कि होम-स्टे योजना के अन्तर्गत प्रदेश में 3600 होम-स्टे पंजीकृत है जिसमें 8 हजार लोगों को रोजगार मिला हुआ है। इस तरह को महोत्सव मात्र औपचारिकता न रहे इसका उद्देश्य तभी सफल है जब इसका लाभ व सुविधा सामान्य व्यक्ति को मिल सके। सभी अधिकारी व जनप्रतिनिधि उत्तराखण्ड की प्रगति के लिए मिलकर कार्य करें। सभी विभागीय अधिकारियों को 10 वर्ष तक का रोडमैप तैयार करने के निर्देश दिये गये है जिससे आने वाले उत्तराखण्ड के विकास की नींव रखी जा सके। उन्होंने कहा कि सभी शहरों को हैली सेवा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इस दौरान उन्होंने अल्मोड़ा जनपद के महान विभूतियों को याद करते हुए उन्हें नमन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा अनेक जनकल्याणकारी योजनायें चलायी जा रही है जिससे लोग लाभान्वित हो रहे है। इस दौरान उन्होंने कहा कि अल्मोड़ा में पार्किग स्थल के निर्माण के लिए 7.74 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कई घोषणायें की जिनमें चितई पंत तिराहे से हरिदत्त पेटशाली इण्टर कालेज पेटशाल तक लिंक मार्ग 3 कि0मी0, बसमांव-दरमाण मोटर मार्ग निर्माण 4 कि0मी0, कोसी दौलाघट मोटर मार्ग से धौलीगाड़-पंचगाव-स्यूरा लिंक मोटर मार्ग निर्माण 6 कि0मी0, अल्मोड़ा मे आयुष सुपर मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल (50 बेड) की स्थापना, प्रसार प्रशिक्षण केन्द्र में एक्सीक्यूटिव हॉस्टल का निर्माण, प्रसार व रूरल बिजनेस इक्यूबेटर (द्वितीय चरण) के विस्तारीकरण कार्य शामिल है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कुल 49.19 करोड़़ रू0 की योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया जिनमें 3.20 करोड़ रू0 लागत की विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण किया इन योजनाओं में गैराड़ मंदिर में बारात घर का निर्माण लागत 40.00 लाख रू0, रूरल बिजनेस इन्वयूवेटर, राज्य पोषित हवालबाग लागत 117.11 लाख रू0, विकासखण्ड कार्यालय धौलादेवी का निर्माण कार्य लागत 163.87 लाख रू0 है। उन्होंने कुल 45.98 करोड़ रू0 की योजनाओं का शिलान्यास किया जिनमें राजकीय इण्टर कालेज पेटशाल में रसायन, फिजिक्स एवं जीव विज्ञान प्रयोगशाला का निर्माण लागत 61.5 लाख रू0, राजकीय इण्टर कालेज लोधिया में रसायन, फिजिक्स एवं जीव विज्ञान प्रयोगशाला का निर्माण लागत 61.5 लाख रू0, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान अल्मोड़ा में प्रशिक्षण हॉल का निर्माण कार्य लागत 27.4 लाख रू0, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान अल्मोड़ा में एपोच रोड एवं गैराज का निर्माण कार्य लागत 19.19 लाख रू0, विकास भवन परिसर में कैंटिन का निर्माण कार्य लागत 48.37 लाख रू0, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान अल्मोड़ा में प्राचार्य आवास का निर्माण लागत 45.57 रू0, राजकीय कुक्कुट प्रक्षेत्र हवालबाग का सुदृढ़ीकरण कार्य लागत 494.68 लाख रू0, अल्मोड़ा के चितई तिराहे से हरिदत्त पेटशाली इण्टर कालेज पेटशाल तक लिंग मार्ग लागत 200.16 लाख रू0, विधानसभा क्षेत्र अल्मोड़ा के अन्तर्गत अल्मोड़ा के टैक्सी स्टैण्ड में बहुमंजिली पार्किंग का निर्माण लागत 770.32 लाख रू0, केन्द्रीय सड़़क अवसंरचना निधि के अन्तर्गत निर्माण खण्ड अल्मोड़ा के विभिन्न मोटर मार्गों में दुर्घटना सम्भावित संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षात्मक कार्य लागत 257.15 लाख रू0, राजकीय इण्टर कालेज सत्यों में रसायन फिजिक्स एवं जीव विज्ञान प्रयोगशाला का निर्माण लागत 61.5 लाख रू0, राजकीय इण्टर कालेज कनरा में रसायन फिजिक्स एवं जीव विज्ञान प्रयोगशाला का निर्माण लागत 61.5 लाख रू0, राजकीय इण्टर कालेज बाराकूना में रसायन फिजिक्स एवं जीव विज्ञान प्रयोगशाला का निर्माण लागत 61.5 लाख रू0, राजकीय इण्टर कालेज भनोली में आर्ट, कम्प्यूटर कक्ष, पुस्तकालय एवं दो अतिरिक्त कक्षा-कक्षों का निर्माण कार्य लागत 96.2 लाख रू0, कपकोट ग्राम समूह (पम्पिंग) पेयजल योजना लागत 403.66 लाख रू0, भागादेवली ग्राम समूह (पम्पिंग) 1083.28 लाख रू0, गैराड़ ग्राम समूह (पम्पिंग) पेयजल योजना लागत 844.95 लाख रू0 है।
मुख्यमंत्री ने 27 स्वयं सहायता समूहों को विभिन्न योजनाओं के तहत चैक भी वितरित किये। आजीविका महोत्सव के दौरान उद्यान विभाग द्वारा यूरोपियन बेजिटेबल की खेती, पर्यटन विभाग द्वारा होम-स्टे योजना, पशुपालन विभाग द्वारा व्यवसायिक मुर्गी पालन, उद्योग विभाग द्वारा मार्केटिंक एवं पैकेजिंग, एनआरएलएम व आजीविका द्वारा वैल्यू चैन व कृषि विभाग द्वारा वृक्ष आयुर्वेद कृषि पर कार्यशालायें आयोजित की गयी। इसके साथ-साथ स्थानीय होटल एवं रेस्टोरेन्ट स्वामियों के द्वारा फूड फेस्टेबल का आयोजन हुआ। कार्यक्रम के दौरान कोसी संरक्षण की भी शपथ ली गयी। कार्यक्रम के दौरान माउन्टेन बाईक रैली को हरी झण्डी दिखाकर मुख्यमंत्री व अन्य अतिथियों द्वारा रवाना किया गया। इस रैली में कुल 30 प्रतिभागी शामिल थे जो रानीखेत तक की यात्रा करेंगे।
महोत्सव के दौरान कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान ने अपने विचार रखें और मुख्यमंत्री सहित अन्य लोगों का आभार व्यक्त किया। जिलाधिकारी वन्दना सिंह ने आजीविका महोत्सव का संक्षिप्त परिचय देत हुए जानकारी दी कि महोत्सव का मुख्य उद्देश्य अल्मोड़ा जनपद के अन्तर्गत आजीविका के क्षेत्र में युवाओं, ग्रामीण महिलाओं, बेराजगारों, कृषकों को बेहतर अवसर प्रदान करने के साथ ही विभिन्न सरकारी योजनाओं व उद्योग स्थापित करने के सम्बन्ध में ऋण प्राप्त करने की जानकारी देना है।
उन्होंने कहा कि विषय विशेषज्ञों के माध्यम से कृषकों को प्रशिक्षण प्राप्त हो सके इसका भी प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि चार मुख्य बैंकों के माध्यम से ऋण वितरण का कार्य किया गया जिसमें 286 आवेदकां को विभिन्न शासकीय योजनाओं के अन्तर्गत 6.18 करोड़ का ऋण स्वीकृत व वितरित किया गया। जिसमें से 3.48 करोड़ रू0 के बैंक ऋण स्वीकृत व 2.70 करोड़ रू0 के बैंक लोन वितरित किये गये। उन्होंने कहा कि लगभग 1500 से अधिक महिला समूहों से जुड़ी महिलाओं को विभिन्न शासकीय योजनाओं के अन्तर्गत प्रशिक्षण व अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने का मौका दिया जा रहा हैं। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों में क्रेता-विक्रेता सत्रों का आयोजन किया जा रहा है जिससे जो उत्पाद यहॉ बनते है उनको मार्केट उपलब्ध हो सके। उन्होंने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
इस कार्यक्रम में भूटेखान पार्टी बाडमेर राजस्थान द्वारा राजस्थानी लोक नृत्य पेश किये। इस कार्यक्रम में उद्यान, कृषि, आजीविका, ग्राम्या विभाग, महेन्द्रा क्लब, मोक्सा रिटैट, सहकारिता, चाय विकास बोर्ड, राजकीय किशोरी गृह बख, आजीविका मिशन, नेशनल रूरल लाइवहुड मिशन के स्टॉल भी लगाये गये। इन स्टॉलों का भ्रमण मुख्यमंत्री व अन्य जनप्रतिनिधियों ने किया।
इस अवसर पर सांसद अजय टम्टा, महिला सशक्तिकरण बाल विकास मंत्री रेखा आर्या, महिला आयोग की उपाध्यक्ष ज्योति शाह मिश्रा, जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष ललित लटवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष रवि रौतेला, भाजपा नगर अध्यक्ष कैलाश गुरूरानी, महामंत्री महेश नयाल, ग्राम्य विकास अपर सचिव बीना जोशी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पंकज भट्ट, मुख्य विकास अधिकारी नवनीत पाण्डे के अलावा अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी व बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

सल्ट विधानसभा को 63.33 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं की सौगात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जनपद अल्मोड़ा के विधानसभा क्षेत्र सल्ट के देघाट पंहुचे। जहां पर उन्होने विधानसभा क्षेत्र सल्ट की 63.33 करोड़ रू0 की विकास योजनाओं का शिलान्यास व लोकापर्ण किया। जिनमें 1732.25 लाख रू0 की योजनाओं का शिलान्यास व 4601.67 लाख रू0 की योजनाओं का लोकापर्ण शामिल है। जिन विकास योजनाओं का शिलान्यास किया गया उनमें मुख्यमंत्री घोषणा के अन्तर्गत विधानसभा क्षेत्र सल्ट में कैहडगांव़ जगोई शिव मंदिर होते हुए कृषि विज्ञान केन्द्र तक मोटर मार्ग का निर्माण लागत 1129.73 लाख रू0, वित्तीय वर्ष 2021-22 में राज्य योजना के अन्तर्गत विधानसभा क्षेत्र सल्ट के सुमनलता भदौला मोटर मार्ग से सेरा कालोनी-भनेरिया तक मोटर मार्ग का नव निर्माण लागत 107.95 लाख रू0, वित्तीय वर्ष 2021-22 में मुख्यमंत्री की घोषणा के अन्तर्गत विधानसभा क्षेत्र सल्ट के शशिखाल से शहीद स्मारक मोटर मार्ग के रिवाखाल से किचार तक मोटर मार्ग का नव निर्माण लागत 63.77 लाख रू0, रा0इ0का0 भौनखाल में भौतिक विज्ञान प्रयोगशाला, रसायन विज्ञान प्रयोगशाला व जीव विज्ञान प्रयोगशाला का निर्माण कार्य लागत 45.64 लाख रू0, रा0इ0का0 नैकणापैसिया में 02 कक्षा-कक्ष, कला एवं शिल्प कक्ष, कम्प्यूटर कक्ष का निर्माण लागत 72.54 लाख रू0, रा0इ0का0 क्वैराला में प्रयोगशाला कक्ष, कला एवं शिक्ष कक्ष, भौतिक विज्ञान प्रयोगशाला, रसायन विज्ञान प्रयोगशाला का निर्माण कार्य लागत 76.46 लाख रू0, रा0इ0का0 सराईखेत में कला एवं शिल्प कक्ष का निर्माण कार्य लागत 18.06 लाख रू0, रा0इ0का0 स्याल्दे में प्रयोगशाला कक्ष, कला एवं शिल्प कक्ष, पुस्तकालय कक्ष, रसायन विज्ञान प्रयोगशाला व जीव विज्ञान प्रयोगशाला का निर्माण कार्य लागत 119.12 लाख रू0, विकासखण्ड सल्ट खुमाड़ के विकासखण्ड कार्यालय एवं आवासीय भवनों का सुदृढ़ीकरण कार्य लागत 98.98 लाख रू0 शामिल है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा जिन योजनाओं का लोकापर्ण किया गया उनमें राज्य योजनान्तर्गत विधानसभा क्षेत्र सल्ट के अन्तर्गत स्याल्दे देघाट में स्थित गोलना को तामूढौन-देघाट-खल्डुवा मोटर मार्ग तथा देघाट गनाई मोटर मार्ग से जौरासी मोटर मार्ग हेतु सेतु का निर्माण लागत 515.53 लाख रू0, मा0 मुख्यमंत्री की घोषणा के अन्तर्गत जनपद अल्मोड़ा के विधानसभा क्षेत्र सल्ट में पत्थरखोला महरगॉव मोटर मार्ग का नव निर्माण लागत 604.18 लाख रू0, विधानसभा क्षेत्र भिकियासैंण के अन्तर्गत देघाट-जौरासीं मोटर मार्ग का निर्माण लागत 579.69 लाख रू0, नाबार्ड योजनान्तर्गत विकासखण्ड सल्ट की शक्तिपीठ ग्राम समूह पेयजल योजना लागत 1322.63 लाख रू0, नाबार्ड योजनान्तर्गत विकासखण्ड सल्ट की बुंगीधार खाल्यों ग्राम समूह पेयजल योजना लागत 274.22 लाख रू0, नाबार्ड योजनान्तर्गत विकासखण्ड सल्ट की रतखाल सीमा रिस्टाना ग्राम समूह पेयजल योजना लागत 1219.2 लाख रू0, 100 एलपीएम ऑक्सीजन प्लान्ट की स्थापना लागत 56.8 लाख रू0, सल्ट के मुख्य बाजार में हाईटैक शौचालय का निर्माण लागत 29.42 लाख रू0 शामिल है।
देघाट में आयोजित विशाल जनसभा को सम्बोधित करते हुये मुख्यमंत्री ने अनेक घोषणायें की जिनमें देवी मंदिर देघाट का सौन्दर्यकरण करने, जाख से भगेतिया तक सम्पर्क मार्ग का निर्माण किया जायेगा, आर्य इण्टर कालेज देघाट के खेल के मैदान की चाहार दीवारी का निमार्ण व गेट का निर्माण, मानिला मुख्य मार्ग से बजों मोटर मार्ग का सुधारीकरण व डामरीकरण किया जायेगा, जगतुकखाल-नकतुरा बुंगीधार मोटर मार्ग सुधारीकरण किया जायेगा, ग्राम सभा जाख से भगेतिया मे स्वर्गा आश्रम का सौन्दर्यकरण किया जायेगा, राजकीय सा0 स्वास्थ्य केन्द्र देघाट व देवायल में होम्योपैथी डिस्पेंसरी का निर्माण किया जायेगा, ताबाडोन कैहड़गांव, परथौला सिंचाई लिफ्ट योजना का निमार्ण किया जायेगा, गुजरूकोट हरूहीत मंदिर का सौन्दर्यकरण किया जायेगा व स्याल्दे बाजार में कार पार्किंग का निमार्ण शामिल है।
मुख्यमंत्री ने विशाल जनसभा को सम्बोधित करते हुये उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र व राज्य सरकार विकास की ओर लगातार अग्रसर है। उनके नेतृत्व में प्रदेश 2025 तक देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनने की ओर अग्रसर है। उन्हांने कहा कि सरकार द्वारा हर वर्ग के लोगों के हितों को ध्यान में रखकर विकास कार्य किया जा रहा है। सरकार द्वारा स्वास्थ्य के क्षेत्र में आयुष्मान योजना के अन्तर्गत 44 लाख लोगों के कार्ड व 3 लाख 40 हजार से अधिक मरीज उपचार करा चुके है। सरकार द्वारा आशा, आंगनबाड़ी व पंचायत प्रतिनिधियों का मानदेय बढाने का कार्य किया है। देश में खेल व खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिये खेल नीति 2021 लागू की है। प्रदेश में कोविड से प्रभावित हर वर्ग को आर्थिक सहायता दी गयी है। सरकार द्वारा 24 हजार पदों को भरा जाना है जिसमें 10 हजार पदों पर विज्ञापन निकल चुके है और प्रक्रिया गतिमान है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार मजबूत इच्छाशक्ति वाली सरकार है हमने शहीद राज्य आन्दोलनकारियों के सपनों को पूरा करने के लिये जरूरी निर्णय लिये। इस दौरान उन्होंने प्रदेश सरकार द्वारा लिये गये अनेक फैसले व विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के आर्थिक सहायता के चौक वितरित किये जिनमें वात्सल्य योजना के 3 चैक, विभिन्न महिला व युवक मंगल दल के 7 लाभार्थियों के चैक, 5 महालक्ष्मी किट व 6 स्वयं सहायता समूहों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर आधारित चैकों का वितरण किया।
कार्यक्रम में सांसद अजय टम्टा ने कहा कि सल्ट क्षेत्र शहीदों की भूमि रही है। शहीदों के सपनों को साकार करने के लिये केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि देश के विकास के निर्माण में उत्तराखण्ड की महत्वपूर्ण भूमिका है। स्थानीय विधायक महेश जीना ने उपस्थित जन समूह के समक्ष मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुये कहा कि क्षेत्र के विकास के लिये कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जायेगी। उन्होने कहा कि स्व सुरेन्द्र सिंह जीना के अधूरे विकास कार्यों को पूरा करने व क्षेत्रीय जनता को सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाना उनकी प्राथमिकता में है। इस दौरान विधायक ने सल्ट विधानसभा क्षेत्र में हुये अनेको विकास कार्यों की जानकारी दी।
कार्यर्क्रम में जिला महामंत्री प्रेम शर्मा, मण्डल अध्यक्ष विक्रम बिष्ट, पूरन रजवार, देवीदत्त शर्मा, हरीश कोटिया, मनवर सिंह, जिला पंचायत सदस्य हंसा नेगी, मीना शार्मा, व्यापार संघ अध्यक्ष अशोक तिवारी, नरेन्द्र भण्डारी, जिलाधिकारी वन्दना सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पंकज भट्ट सहित अनेक जनप्रतिनिधि, जिला स्तरीय अधिकारी व क्षेत्रीय जनता उपस्थित रही।

अल्मोड़ा जिले के दुरस्थ गांवों में पहुंचे सीएम, प्रभावित परिवारों से मिलें

मुख्यमंत्री ने विगत दिनों हुई आपदा में मृतकों के परिजनों से मिलकर शोक संवेदना व्यक्त की। उन्होंने हीराडूंगरी निवासी रेखा देवी की पुत्री अरोमा सिंह के मलबे में दबने के कारण हुई मृत्यु पर उनकी माता से मिलकर गहरा दुःख व शोक संवेदना व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने ग्राम सिराड पहुॅचकर चन्दन सिंह की पत्नी लीला देवी के मलबे में दब जाने से मृत्यु होने पर उनके परिवारजनों से मिलकर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की।
मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावितों से मुलाकात कर कहा कि अतिवृष्टि से हुए नुकसान की भरपाई के लिए प्रदेश सरकार हर सम्भव सहायता कर रही है। उन्होंने कहा कि आपदा के समय सरकार हर पीड़ित व्यक्ति के साथ खड़ी है और सभी लोग अपने-अपने स्तर से काम कर रहे है। उन्होंने आपदा प्रभावित स्थलों का मुआयना करते हुए जिलाधिकारी को निर्देश दिये कि आपदा मद से इन स्थलों पर सुरक्षा दीवार का निर्माण किया जाय।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने पुलिस लाईन में समस्त जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने कहा कि राहत एवं बचाव कार्यों में लापरवाही ना बरती जाए तथा बचाव व राहत कार्यों में तेजी से काम किया जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि शीघ्र अति शीघ्र आपदा प्रभावित इलाकों में राशन व्यवस्था समेत मूलभूत आवश्यकताओं की व्यवस्था की जाए। जिन परिवारों को विस्थापित किया जाना है उनके लिए स्थान का जल्द से जल्द चयन कर उन्हें विस्थापित की जाने की कार्रवाई की जाए। संचार, सड़क, बिजली तथा पानी जैसी मूलभूत आवश्यकताओं समेत सभी व्यवस्थाओं को जल्द से जल्द दुरुस्त किया जाए। जिससे लोगों को मुसीबत का सामना ना करना पड़े। मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि 07 नवम्बर तक सड़कों को गडढ़ा मुक्त किया जाय।
जिलाधिकारी वन्दना सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय मार्ग व राज्य मार्ग यातायात हेतु खोल दिए गये है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र की बन्द सड़कों को 26 अक्टूबर तक पूर्णरूप से खोल दिया जायेगा। उन्होंने बताया कि आपदा से हुई क्षति में सभी को मुआवजा वितरित कर दिया गया है। जनपद में आपदा राहत कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। साथ ही सड़क, पैदल मार्ग, पेयजल लाईन, संचार एवं विद्युत आपूर्ति का कार्य तेजी के साथ किया जा रहा है और सभी परिसम्पत्तियों को हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
इस दौरान आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ धन सिंह रावत, विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान, सांसद अजय टम्टा, नगरपालिका अध्यक्ष प्रकाश चन्द्र जोशी सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि व अधिकारी उपस्थित थे।