एम्स ऋषिकेश में रोगी को किया गया सीआरटी-डी मशीन का सफल प्रत्यारोपण

हार्ट फेलियर की समस्या से जूझ रहे नैनीताल निवासी एक व्यक्ति के उपचार में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश के चिकित्सकों ने मरीज को बिना बेहोश किए सफलतापूर्वक सीआरटी-डी मशीन प्रत्यारोपित की है। उत्तराखंड राज्य का यह पहला मामला है, जिसमें एम्स में हुए इलाज पर किसी गोल्डन कार्ड धारक को 6 लाख रुपए का लाभ मिला है। मरीज अब पूरी तरह से स्वस्थ है और उसे एम्स अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।

पुलिस लाइन, नैनीताल निवासी 62 वर्षीय मोहम्मद हासिम पिछले एक साल से हार्ट फेलियर की समस्या से ग्रसित थे। रोगी को सांस फूलने और हृदय की पम्पिंग एक समान नहीं होने से उसे अक्सर बेहोशी आने की शिकायत थी। यहां तक कि कभी-कभी उसके दिल की धड़कन भी कुछ समय के लिए रुक जाती थी।

मरीज का सफलतापूर्वक उपचार करने वाले एम्स के काॅर्डियोलाॅजी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डा. बरुण कुमार ने बताया कि रोगी का जीवन बचाने के लिए उसके शरीर में स्पेशल पेसमेकर की तरह कार्य करने वाली एक सीआरटी-डी डिवाइस लगाई जानी बेहद जरूरी थी। रोगी को लंबे समय से बार-बार सांस फूलने की तकलीफ भी थी। जांच में पाया गया कि उसका हार्ट फंक्शन सही ढंग से कार्य नहीं कर रहा है और हार्ट का साइज भी बड़ा हो चुका है। ऐसे में मरीज का जीवन बचाने के लिए सीआरटी-डी डिवाइस लगाने का निर्णय लिया गया। उन्होंने बताया कि सीआरटी-डी डिवाइस लगाने की प्रक्रिया में ढाई घंटे का समय लगा है।

डा. बरुण ने बताया कि डिवाइस लगाने की यह प्रक्रिया उच्च तकनीक के आधार पर मरीज को बिना बेहोश किए संपन्न कराई गई है। उन्होंने बताया कि पेशेंट के इलाज का खर्च गोल्डन कार्ड योजना द्वारा वहन किया गया है। उन्होंने बताया कि मरीज अब पूरी तरह से स्वस्थ है और उसे अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है। सीआरटी-डी प्रत्यारोपित करने वाले चिकित्सकों की टीम में डा. बरुण के अलावा सीनियर रेजिडेंट डा. शिशिर, स्टाफ नर्सिंग ऑफिसर हंसराज, इन्दू, विपिन, हरिमोहन, अंकित आदि शामिल थे।

एम्स निदेशक प्रोफेसर रवि कांत ने मरीज को डिवाइस प्रत्यारोपण की जटिल प्रक्रिया को सकुशल अंजाम देने वाले चिकित्सकों की टीम के कार्य की सराहना की है। उन्होंने बताया कि संस्थान में मरीजों को वर्ल्ड क्लास स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। निदेशक एम्स पद्मश्री प्रो. रवि कांत जी ने बताया कि जटिल से जटिल बीमारी के इलाज के लिए भी एम्स, ऋषिकेश में उच्च अनुभवी चिकित्सक और आधुनिक मेडिकल तकनीकें उपलब्ध कराई गई हैं। इस बाबत आयुष्मान भारत योजना के उत्तराखंड राज्य समन्वयक अतुल जोशी ने एम्स में हुए इस उपचार के बारे में बताया कि गोल्डन कार्ड धारक किसी भी व्यक्ति के उपचार में 5 लाख से अधिक धनराशि खर्च होने वाला यह राज्य में पहला मामला है।

क्या है हार्ट फेलियर
हार्ट फेलियर (दिल की विफलता) एक गंभीर बीमारी है। डा. बरुण ने बताया कि कुछ लोगों का हृदय शरीर के अन्य अंगों का सहयोग करने के लिए पर्याप्त स्तर पर पम्प नहीं करता है। ऐसे में हृदय की मांसपेशियां कठोर हो जाने के कारण हृदय से रक्त का प्रवाह कम या अवरुद्ध हो जाता है। यदि मरीज का समय पर इलाज नहीं हुआ तो उसके जीवन को क्षति पहुंच सकती है।

सीआरटी-डी
जिन लोगों को हार्ट फेलियर की समस्या होती है, उनके लिए सीआरटी-डी (कार्डियक रीसिंक्रोनाइजेशन थैरेपी डिफिब्रिलेटजिन) आधुनिक तकनीक आधारित यह विशेष पेसमेकर बहुत लाभकारी है। सीआरटी-डी एक विशेष प्रकार का पेसमेकर है, जिसे शरीर में हृदय और कंधे के मध्य भाग में प्रत्यारोपित किया जाता है। यह मशीन माचिस की डिब्बी के आकार की होती है। यह हार्ट की पम्पिंग को बढ़ाने का काम करती है।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने अपने दफ्तर की नेमप्लेट ऐपण कला में लगवाई

उत्तराखंड की पारंपरिक ऐपण कलाकृति को नया आयाम मिल रहा है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने हालिया दिल्ली दौरे पर केंद्रीय मंत्रियों को ऐपण कलाकृति भेंट कर ऐपण को नया जीवन दिया है। सीएम ने अपने दफ्तर की नेमप्लेट भी ऐपण कला में लगवाई है। इस पहल के बाद ऐपण कला से जुड़ी बेटियों को नई आस जगी है।

सीएम त्रिवेंद्र के मीडिया सलाहकार रमेश भट्ट के मुताबिक ऐपण को नई पहचान दिलाने के लिए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने सराहनीय प्रयास किए हैं। रमेश भट्ट खुद भी अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और नैनीताल जिलों में ऐपण पर काम कर रही बेटियों से रूबरू हो चुके हैं। ऐपण पर बने उनके वीडियो को फेसबुक पर लाखों लोग देख चुके हैं।

रमेश भट्ट बताते हैं कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने ऐपण को प्रोत्साहन देने में खासी रुचि दिखाई है। सीएम ने अपने दफ्तर की नेमप्लेट भी ऐपण में बनवाई है और सभी मंत्रियों व अफसरों को ऐसा करने के लिए प्रेरित किया है। सीएम अल्मोड़ा में ऐपण प्रदर्शनी के दौरान कई बेटियों से मुलाकात कर चुके हैं जो ऐपण को अपनी आजीविका से जोड़ रही हैं। अब पिछले दिनों दिल्ली दौरे पर सीएम त्रिवेंद्र ने केंद्रीय मंत्रियों को एक के बाद एक ऐपण गिफ्ट देकर मजबूत सांस्कृतिक संदेश दिया है। रमेश भट्ट ने उम्मीद जताई है कि ऐपण को विश्वव्यापी पहचान दिलाने में ये प्रयास कारगर साबित होंगे।

नैनीताल जनपद में संचालित व प्रस्तावित कार्यों की सीएम त्रिवेंद्र ने की समीक्षा

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने नैनीताल जनपद में संचालित एवं प्रस्तावित कार्यों की गहनता से समीक्षा की। समीक्षा के दौरान उच्च शिक्षा एवं सहकारिता मंत्री डॉ.धनसिंह रावत, विधायक बंशीधर भगत, नवीन दुम्का, संजीव आर्य, राम सिंह कैड़ा, जिलाध्यक्ष भाजपा प्रदीप बिष्ट उपस्थित थे।
सीएम ने जिला योजना, राज्य सैक्टर, केन्द्र पोषित योजना एवं बाह्य सहायतित योजनाओं की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए जनहित में अवमुक्त धनराशि का समय से शतप्रतिशत उपयोग करना सुनिश्चित करें। उन्होंने जनपद में सिंचाई विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि फार्म मशीनरी बैंको का आवंटन जनपद के सभी क्षेत्रों में समान रूप से किया जाए और कृषि सिंचाई हेतु गूल के स्थान पर हाई डेंसिटी पाइप लाइन व्यवस्था पर कार्य किया जाये। उन्होंने उद्यान विभाग की समीक्षा के दौरान मशरूम विलेज भवालीगांव, नथुवाखान में मशरूम उत्पादन के क्षेत्र में किये गये कार्य की सराहना की। उन्होंने निर्देश दिए कि रामगढ़ में 162 हैक्टेयर क्षेत्रफल वाले फार्म के उद्यान तथा वन को नुकसान पहुॅचाऐं बिना आध्यात्मिक ईको जोन के रूप में विकसित किया जाये, आध्यात्मिक जोन के रूप में विकसित करने के लिए उद्यान विभाग, केएमवीएन संयुक्त रूप से मण्डी परिषद द्वारा तैयार अवधारणा का अध्ययन करते हुए पर्यटन विकास हेतु भी कार्य योजना तैयार करें। उन्होंने पशुपालन विभाग की समीक्षा के दौरान निर्देश दिए कि जनपद में सैक्स्ड सार्टेड सीमन से कृत्रिम गर्भाधान विधि को बढ़ावा दिया जाये।
जिलाधिकारी धीराज गब्र्याल ने बताया कि जनपद में हैचरी खोलने की दिशा में कार्य किया जा रहा है और कड़कनाथ प्रजाति के मुर्गों की मांग को देखते हुए जनपद में कार्यवाही की जा रही है, जिस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बाजार की मांग एवं आवश्यकता के अनुसार हैचरी स्थापित की जाये। सीएम ने ग्राम्य विकास की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि जनपद में खुलने वाले हिलांस आउटलेट का एक ही डिजाइन एवं कलर कोडिंग की जाये ताकि दूर से देखने में ही हिलांस आउटलेट की पहचान हो सके और सभी में एकरूपता भी बनी रहे। उन्होंने जल जीवन मिशन की समीक्षा के दौरान जल संस्थान के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनहित में मानकों में शिथिलता लाते हुए लक्षित कार्यो को यथाशीघ्र पूरा करना सुनिश्चित करें।
सीएम ने मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि योजना के हिसाब से सबसे ज्यादा फिजिबल क्षेत्रों का चयन करते हुए उन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाये और योजना से लाभांवित करने के लिए जनपद स्तर पर ही लक्ष्य निर्धारित किया जाये। उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि योजना का प्रचार-प्रसार व योजना में अधिक से अधिक लोगों को लाभांवित करने के लिए पंचायतीराज विभाग के माध्यम से प्रधानों को भी योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाये। उन्होंने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना की समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि जो बैंक रोजगारपरक योजनाओं के अन्तर्गत लाभार्थियों को ऋण आवंटित करने में सहयोग प्रदान नहीं कर रहे हैं, ऐंसे सभी बैंको से सरकारी खाते अन्य बैंकों में स्थानान्तरित कर दिये जायें।
मुख्यमंत्री ने नैनीताल में बन रहे बीएम साह ओपन एयर थियेटर की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि किसी ऐंसी वॉल (दीवार) का चयन किया जाये कि जिस पर म्यूरल्स आदि के माध्यम से उत्तराखण्ड की पूरी कला एवं संस्कृति की झलक देखने को मिल सके और राज्य की महिलाओं की पूर्व दशा, महिलाओं की वर्तमान स्थिति तथा महिलाओं की स्थिति सुधार हेतु भविष्य के लिए निर्धारित लक्ष्य को भी प्रस्तुत किया जा सके।
उन्होंने शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि विद्यार्थियों को स्कूलों में शिक्षक, फर्नीचर, वर्चुअल क्लास, गुणवत्तायुक्त शिक्षा मुहैया हो। उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि कम विद्यार्थियों वाले स्कूलों को क्लब किया जाये और बच्चों को बस की सुविधा उपलब्ध करायी जाये। उन्होंने जिलाधिकारी को जिला स्तर पर टास्क फोर्स बनाकर मिशन मोडल में 15 दिन में इस कार्य को पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खाली होने वाले स्कूल के भवन को अन्य जनहित कार्यों हेतु उपयोग में लाया जाये।
उन्होंने पर्यटन एवं सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण चोखुटिया हवाई पट्टी निर्माण हेतु आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश मण्डलायुक्त अरविन्द सिंह ह्यांकी को दिये।
उन्होंने कहा कि हरेला पर्व पर 16 जुलाई को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है और इस दिन मार्केट,स्कूल, कार्यालय बन्द रहेंगे। उन्होंने कहा मान्यता है कि हरेला के दिन लगाया गया पौधा सूखता नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य में दो माह का लक्षित वृक्षारोपण हरेला पर्व पर एक घण्टे में पूरा किया जायेगा। उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि सभी प्रकार के पौधों का रोपण किया जाये। इस प्रकार के पौधों को भी प्राथमिकता दी जाये जो पशु-पक्षियों के चारे एवं आवास के रूप में काम आये। उन्होंने इस कार्य हेतु जनपद में पौध की पर्याप्त व्यवस्था, गडडों की व्यवस्था, डबटेलिंग आदि की सभी व्यवस्थाऐं समय से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य में व्यापक जन सहयोग से वृक्षारोपण कार्यक्रम को महोत्वस के रूप में मनाया जायेगा। उन्होंने मण्डलायुक्त को हरेला पर्व पर आयोजित होने वाले वृक्षारोपण कार्यक्रम की तैयारियों हेतु जिलाधिकारियों के साथ बैठक आहूत करने के निर्देश दिए।
उन्होंने पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था के दौरान अकाल मौत का शिकार होने वाली महिलाओं की मृत्यु पर गहरी चिन्ता व्यक्त करते हुए कहा कि महिलाओं की दशा में सुधार हेतु मुख्यमंत्री घसियारी कल्याण योजना की शुरूआत की जाने की योजना बनाई गयी है। उन्होंने कहा कि पॉच साल के भीतर महिलाओं को घास की समस्या से पूर्ण मुक्ति दिलानी है, इस कार्य के लिए बढ़िया व कारगर योजनाऐं बनायी जायें।
सीएम ने चिन्ता व्यक्त करते हुए कहा कि पानी की निरन्तर मांग एवं उपयोग बढ़ रहा है, जिस कारण जल संरक्षण एवं संवर्धन की बहुत आवश्यकता है। जल संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में भी प्राथमिकता से कार्य किया जाये।
समीक्षा दौरान मुख्यमंत्री ने जनपद में राशन वितरण व्यवस्था तथा राशन की गुणवत्ता की जानकारी भी ली। हल्द्वानी बाईपास निर्माण कार्य हेतु जिलाधिकारी को व्यक्तिगत रूप से ध्यान देने के निर्देश दिये। उन्होंने रानीबाग-नैनीताल हेतु प्रस्तावित रोपवे की भी जानकारी ली। उन्होंने जमरानी बांध परियोजना की स्थिति के बारे में जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि आर एण्ड आर पोलिसी तैयार करते समय इस बात का विशेष ध्यान रखा जाये कि पोलिसी में सभी के हित समाहित हों। बैठक में महाप्रबन्धक जमरानी बांध परियोजना प्रशान्त विश्नोई ने बताया कि जमरानी बांध परियोजना को तीन चरणों में लिया जा रहा है। प्रथम चरण की विभिन्न स्वीकृतियॉ प्राप्त हो चुकी हैं। द्वितीय चरण में योजना की फण्डिंग हेतु भारत सरकार द्वारा एडीबी को फॉरवर्ड किया गया है। एडीबी के अधिकांश बिन्दुओ को शॉर्ट आउट कर लिया गया है तथा शेष बिन्दुओ पर रिपोर्ट शीघ्र उपलब्ध करायी जायेगी। उन्होंने बताया कि आर एण्ड आर पोलिसी तैयार करने की दिशा में भी लगातार कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि एक्ट के हिसाब से विस्थापन हेतु लगभग 350 एकड़ जमीन की आवश्यकता है। सितारगंज में 284 एकड़ जमीन उपलब्ध होने के साथ ही बनबसा में भी जमीन उपलब्ध है।
बैठक में विधायक बंशीधर भगत तथा संजीव आर्य ने विधायक निधि के अन्तर्गत धनराशि खर्च करने में आ रही दिक्कतों के बारें में जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने विधायकों को विधायक निधि खर्च करने में आ रही दिक्कत का समाधान करने के निर्देश मुख्य विकास अधिकारी नरेन्द्र सिंह भण्डारी को दिये। विधायक संजीव आर्य ने बिजली के बिल ज्यादा आने की शिकायत की जिस पर सीएम ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को तत्काल समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने दीन दयाल अन्त्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गठित स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों हेतु जनपद नैनीताल के निर्मित नये ई-मार्केट पोर्टल www-himalyankart-in की लॉचिंग की।
बैठक में जिलाधिकारी धीराज गर्ब्याल ने बताया कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अन्तर्गत नैनीताल शहर के प्रत्येक घर पर बेटियों के नाम की नेम प्लेट लगायी जायेगी। जिस पर मुख्यमंत्री ने इस कार्य को अविलम्ब शुरू करने के निर्देश दिए। बैठक में जिलाधिकारी ने बताया कि जिला योजना के अन्तर्गत अवमुक्त धनराशि 46.72 करोड़ के सापेक्ष 37.28 करोड़ की धनराशि व्यय हो चुकी है अर्थात जिला योजना में 80 प्रतिशत धनराशि व्यय हो चुकी है। उन्होंने बताया कि राज्य सैक्टर में अवमुक्त धनराशि 226.13 करोड़ के सापेक्ष 168.27 करोड़ की धनराशि व्यय हो चुकी है तथा व्यय प्रतिशत 74.41 है। उन्होंने बताया कि केन्द्र पोषित योजना में अवमुक्त धनराशि 221.06 करोड़ के सापेक्ष 179.57 करोड़ की धनराशि व्यय हो चुकी है तथा व्यय प्रतिशत 81.23 है। बाह्य सहायतित योजना के अन्तर्गत अवमुक्त धनराशि 23.75 करोड़ के सापेक्ष 20.21 करोड़ की धनराशि व्यय हो चुकी है तथा व्यय प्रतिशत 85.10 है। उन्होंने बताया कि जनपद बीस सूत्रीय कार्यक्रम के अन्तर्गत 23 मदों में से 21 मदों में ए श्रेणी में है तथा दो मदों में डी श्रेणी में है।

उत्तराखंडः दवा खरीद घोटाले और फर्जी गूल निर्माण में होगी कार्रवाई

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने स्वास्थ्य उपकेंद्रों में औषधि खरीद घोटाले और भीमताल में करीब 15-16 साल पहले हुए फर्जी गूल निर्माण मामले में कार्मिक और सतर्कता विभाग को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

दोषी कार्मिकों से वसूली के निर्देशः स्वास्थ्य उपकेंद्रों में औषधि खरीद के लिए केंद्र सरकार द्वारा दी गई धनराशि के सापेक्ष क्रय की की गई दवाईयों की किट-ए, किट-बी और आशा किट का संपूर्ण उपयोग नहीं हो पाया। इसकी वजह से दवाईयां रुड़की ड्रग वेयर हाउस में कालातीत हो गई। मुख्यमंत्री ने कार्मिक और सतर्कता विभाग के प्रस्ताव पर इस मामले की विभागीय जांच किए जाने और दोषी कर्मचारियों से नियमानुसार धनराशि की वसूली किए जाने की संस्तुति दी है।

गूलों के निर्माण में फर्जीवाड़ाः लघु सिंचाई विभाग में वर्ष 2002-03 से 2006-07 के बीच राज्य में गूलों के निर्माण के लिए शासन से आवंटित बजट में फर्जीवाड़ा किया गया। बिना गूल बनाए धनराशि हड़पने और धरातल पर कोई कार्य नहीं होने से संबंधी मामले की जांच जस्टिस बीसी कांडपाल एकल जांच आयोग द्वारा की गई थी। इस मामले में आयोग द्वारा संबंधित अधीक्षण अभियंता, लघु सिंचाई की निरीक्षण रिपोर्ट व सतर्कता अधिष्ठान से उपलब्ध कराई गई जांच आख्या व संस्तुतियां के क्रम में नैनीताल के भीमताल ब्लाक में तत्समय कार्यरत कमलेश भट्ट तत्कालीन अवर अभियंता (सेवानिवृत 30 जून, 2017), सुरेश चंद्रा तत्कालीन सहायक अभियंता ( अधिशासी अभियंता- सेवानिवृत्त 30 जून, 2020 ) तथा परमजीत सिंह बग्गा, तत्कालीन अधिशासी अभियंता (सेवानिवृत्त) के खिलाफ कार्मिक व सतर्कता विभाग के प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री ने विभागीय कार्रवाई किए जाने की मंजूरी दे दी है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग के स्थापना दिवस को सीएम त्रिवेंद्र ने किया वर्चुअली संबोधित

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मुख्यमंत्री आवास में भारत मौसम विज्ञान विभाग के 146वें स्थापना दिवस समारोह में वर्चुअली प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर मुक्तेश्वर (नैनीताल) में डॉप्लर वैदर रडार स्टेशन का वर्चुअली उद्घाटन किया।

केंद्रीय मौसम विज्ञान मंत्री डॉ.हर्षवर्धन का आभार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने भारत मौसम विज्ञान विभाग के146 वें स्थापना दिवस एवं डॉप्लर मौसम रडार मुक्तेश्वर के उद्घाटन की हार्दिक बधाई दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार, प्रदेश में लगने वाले 03 डॉप्लर मौसम रडारों की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। राज्य सरकार ने मुक्तेश्वर में रडार स्थापना हेतु भूमि, मूल-भूत सुविधाएँ जैसे सड़क, बिजली, पानी उपलब्ध कराने एवं जगह को विकसित करने में पूर्ण सहयोग दिया है। दूसरे रडार की स्थापना हेतु भी राज्य सरकार ने सुरकंडा में भूमि आवंटित एवं विकसित की है तथा बिजली इत्यादि की भी व्यवस्था कर दी गई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार रडार के उपकरणों को सड़क के अभाव के चलते सुरकंडा पहुँचाने हेतु एयर लिफ्ट के लिए भी सहयोग देगी। भविष्य में सुरकंडा में डॉप्लर मौसम रडार के संचालन में तैनात कार्मिकों के निशुल्क आवागमन हेतु वहाँ लग रहे रोपवे में उचित प्रावधान करेगी। लैंसडाउन में अनापत्ति प्रमाण पत्र मिलने के पश्चात राज्य सरकारवहाँ पर लगने वाले रडार के लिए जगह को विकसित करने इत्यादि में भी सहयोग देगी।उत्तराखंड राज्य सरकार ने धार्मिक यात्रियों एवं पर्यटकों को मौसम की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा मौसम डिस्प्ले स्क्रीन लगाने हेतु आवश्यक सुविधाओं के साथ 05 स्थान उपलब्ध करा दिये हैं।

उन्होंने कहा कि 09 नवम्बर 2000 को उत्तराखंड राज्य की स्थापना के साथ ही राज्य में केन्द्रीय सरकार के कुछ कार्यालय भी स्थापित हुए, जिसमें भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून में स्थापित किया गया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य मौसम की दृष्टि से अति संवेदनशील है यहाँ मानसून एवं वार्षिक वर्षण आस पास के राज्यों से बहुत अधिक है। उत्तराखण्ड राज्य में मौसम सम्बन्धित आपदाओं जैसे भारी वर्षा, बादल फटना, भूस्खलन, बाढ़ एवं भारी बर्फबारी इत्यादि से हर वर्ष जान-माल की बहुत हानि होती है।उत्तराखंड में मानसून ऋतु में औसतन 1177 मि.मी. वर्षा होती है, जबकि यहहिमाचल प्रदेश में 763 मि.मी., हरियाणा में 444 मि.मी. तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में721 मि.मी. है। इन तथ्यों के मद्देनजर, राज्य सरकार प्रारंभ से ही मौसम विज्ञान विभाग की स्थापना एवं विस्तार में सहयोग करती रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा मौसम विज्ञान केंद्र हेतु वर्ष 2010 में देहरादून में भूमि आवंटित की गई,जहाँ पर वर्तमान मौसम विज्ञान केंद्र कार्यरत है। भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा इंटीग्रेटेड हिमालयन मीटीयोरोलोजी प्रोग्राम के अंतर्गत उत्तराखंड राज्य में सतही वेधशालाओं, ऊपरी वायु उपकरणों एवं रडार की स्थापना की जा रही है। उत्तराखण्ड सरकार ने इसमें सहयोग करते हुए 107 स्वचालित मौसम स्टेशन, 54 स्वचालितवर्षामापी एवं 25 सतही फील्ड वेधशालाओं की स्थापना भारत मौसम विज्ञान विभाग के तकनीकी सहयोग से की है। यह नेटवर्क राज्य के सभी ब्लाकों, महत्वपूर्ण पर्यटक स्थलों, शहरों एवं धार्मिक स्थलों तक फैला हुआ है। इन स्टेशनों केमौसम सम्बन्धित आंकडें भारत मौसम विज्ञान विभाग को प्राप्त हो रहे हैं, जो मौसम की निगरानी एवं पूर्वानुमान हेतु महत्वपूर्ण हैं।

केन्द्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ.हर्षवर्धन ने मुक्तेश्वर (नैनीताल) एवं कुफरी (शिमला) में डॉप्लर वैदर रडार स्टेशन के उद्घाटन पर बधाई देते हुए कहा कि किसानों एवं तीर्थयात्रियों को इससे अत्यधिक लाभ पहुंचेगा। उन्होंने रडारों की स्थापना के लिए राज्य सरकार द्वारा प्रत्येक क्षेत्र में प्रदान किए जा रहे सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर मुख्य सचिव ओमप्रकाश, मुख्यमंत्री के आई.टी. सलाहकार रविन्द्र दत्त, सचिव एस.ए. मुरूगेशन, ए.सी.ई.ओ.यू.एस.डी.एम.ओ. आनन्द श्रीवास्तव आदि उपस्थित थे।

बंशीधर भगत ने दी सफाई, बोले मेरा आशय इंदिरा को आहत करने का नहीं

देहरादून। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने कहा कि उनके द्वारा भीमताल में आयोजित कार्यकर्ता सम्मलेन में एक शब्द से नेता प्रतिपक्ष आहत हुई है ऐसा उनके संज्ञान में आया है। जबकि उनका इसके पीछे कोई मंशा नही थी और यह उन्होंने सामान्य तौर पर कहा।

उन्होंने कहा कि वह तथा उनकी पार्टी महिलाओ के सम्मान के प्रति संकल्पित है। उनके शब्द से अगर नेता प्रतिपक्ष को कोई कष्ट पंहुचा तो वह खेद प्रकट करते हुए अपने शब्द सम्मान सहित वापस लेते है।

हाईकोर्ट ने जिला जज देहरादून प्रशांत जोशी को किया सस्पेंड

उत्तराखंड न्याय विभाग से बड़ी खबर है, हाईकोर्ट नैनीताल ने जिला जज देहरादून प्रशांत जोशी को प्रथम दृष्टयता अनुशासनहीनता का दोषी मानते हुए सस्पेंड किया है। हाईकोर्ट ने जिला जज को अगले आदेश तक रूद्रप्रयाग के जजशिप हेड क्वार्टर में अटैच किया है।

दरअसल, 21 और 22 दिसंबर 2020 को जिला जज देहरादून प्रशांत जोशी को मंसूरी में कैंप कोर्ट में जाना था। जिला जज को इसके लिए सरकारी वाहन यूके07जीए-3333 दिया गया है। मगर आरोप है कि जिला जज ने कैंप कोर्ट में जाने के लिए एक प्राइवेट वाहन आॅडी जिसका नंबर यूके07एजे 9252 का उपयोग किया और वाहन पर अपने पदनाम का बोर्ड लगाया।

आदेश पढ़े….


यह भी आरोप है कि जिस प्राइवेट वाहन का जिला जज ने उपयोग किया। वह केवल कृष्ण सोइन व्यक्ति के नाम दर्ज है और उक्त व्यक्ति का देहरादून न्यायालय में आईपीसी की धारा 420, 467, 468 आदि में मुकदमा विचाराधीन है। यह वाद थाना राजपुर देहरादून में पंजीकृत हुआ था।
आज हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल हीरा सिंह बोनल ने आदेश की प्रति जारी की है। इसमें जिला जज प्रशांत जोशी को अग्रिम आदेश तक रूद्रप्रयाग जिजशिप हेड क्वार्टर में अटैच किया गया है। इस मामले में अगले आदेश तक जिला जज को सस्पेंड किया गया है।

सात साल पूर्व पत्नी की मौत पर कोर्ट ने सुनाया फैसला, पति सहित तीन को 14 साल की सजा

ऋषिकेश में सात साल पुराने दहेज के लिए हत्या मामले में आज प्रथम अपर जिला व सत्र न्यायाधीश मनीष मिश्रा की अदालत ने सजा सुनाई है। मामले में आरोपी पति राजेश तनेजा, सास आशा तनेजा और देवर वरूण तनेजा को न्यायालय ने 14 साल की सजा सुनाई है। साथ ही 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड जमा न करने की सूरत में सभी सजा प्राप्त अभियुक्तों को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

बता दें कि एक अक्टूबर 2006 को बबीता निवासी रामनगर नैनीताल का विवाह तुलसी विहार गुमानीवाला निवासी राजेश तनेजा के साथ हुआ। मायके पक्ष ने ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था। साथ ही मारपीट का भी आरोप भी जड़ा था। इसके बाद 17 जून 2013 को बबीता की तबीयत खराब होने पर उसे दून रोड स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में लेकर गए, यहां से सरकारी अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया था।

इस मामले में 18 जून को मृतका के पिता ने ऋषिकेश कोतवाली में पति राजेश तनेजा, सास आशा तनेजा और देवर वरुण तनेजा के खिलाफ दहेज के लिए प्रताड़ित करने सहित हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। इस पर आज एडीजे प्रथम की अदालत ने पति राजेश तनेजा, सास आशा और देवर वरुण तनेजा को दहेज उत्पीड़न और दहेज के लिए हत्या का दोषी करार दिया। सभी को सजा भी सुनाई। न्यायालय ने माना कि महिला की मौत उसके भोजन में जहर मिला कर देने से हुई थी। जिसकी पुष्टि विधि विज्ञान विश्लेषण प्रयोगशाला में मृतका की बिसरा जांच के बाद हुई थी।

एसटीएफ को मिली कामयाबी, इनामी बदमाश गिरफ्तार

उत्तराखंड एसटीएफ टीम ने नौ साल पहले हुए अपहरण और लूट के एक मामले में फरार चल रहे पांच हजार के इनामी बदमाश को गिरफ्तार कर लिया है। उत्तराखंड के कुमाऊं में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में था।
उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स को सूचना मिली कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ का बदमाश गुरमीत सिह पुत्र जगीर सिह निवासी ग्राम बिडौरा थाना नानकमत्ता (ऊधमसिहनगर) किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में है और कुमाऊं में किसी बड़ी वारदात को अंजाम दे सकता है। इसके बाद एक टीम मेरठ भेजी गई। वहां गोपनीय जानकारी मिली कि शातिर कुछ दिन पहले ही एक गैंग बनाकर वारदात को अंजाम देने के लिए नैनीताल की ओर गया है।
इस पर एसटीएफ की कुमंऊ यूनिट को सतर्क कर प्रभारी निरीक्षक एसटीएफ और पंतनगर पुलिस की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया गया। इस बीच ये जानकारी भी मिली थी कि साल 2011 अप्रैल माह में अभियुक्त और उसके दो साथियों ने रुद्रपुर के पांच सितारा होटल रेडीशन के जीएम अरविन्द शिनॉय को रुद्रपुर स्थित सुपर मार्केट के सामने से हथियारों के बल पर उनकी होंडा सिटी कार के साथ किडनैप कर लिया था। उन्हें बंधक बनाकर गन्ने के खेत में फेंक दिया और मोबाइल के साथ ही पचास हजार नगदी, कार लेकर फरार हो गए।
पुलिस ने दो आरोपितों को घटना के कुछ दिनों बाद लूटे हुए माल के साथ पुलिस गिरफ्तार कर लिया था और अभियुक्त गुरमीत सिंह लूटी गई होंडा सिटी कार के साथ नेपाल भाग गया था। अभियुक्त करीब नौ वर्षों तक फरार रहा। उसके खिलाफ नेपाल में भी मुकदमा दर्ज है और वो नेपाल में भी जेल में रहा था। वो पुलिस से बचने के लिये समय-समय पर नेपाल में शरण लेता रहा है। हाल ही में वह मेरठ से किसी वारदात को अंजाम देने के लिए सितारगंज क्षेत्र में फर्जी आइडी बनाकर रह रहा था। शनिवार को देर रात एसटीएफ और पतंनगर पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया है।

हाईकोर्ट ने ईवीएम गड़बड़ी के आरोपों को नकारा, याचिकाएं खारिज

हाईकोर्ट ने विधान सभा चुनाव 2017 में ईवीएम में गड़बड़ी को लेकर कांग्रेस नेताओं द्वारा दायर पांचों चुनाव याचिकाओं को खारिज कर दिया है ।
न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह की एकलपीठ ने प्रदेश के 2017 में हुए विधान सभा चुनाव में ईवीएम मशीनों में हुई गड़बड़ी के मामले में मंगलवार को अपना निर्णय सुनाया है। कोर्ट ने पांच चुनाव याचिकाओं को वेरिफाइड नहीं होने के कारण निरस्त कर दिया है। जिनकी 14 अक्टूबर को सुनवाई पूरी करते हुए निर्णय सुरक्षित रख लिया था। हाईकोर्ट के फैसले से ईवीएम को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर सवाल उठा रही कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। जबकि भाजपा को विपक्ष पर हमलावर होने का अवसर मिल गया है। हालांकि याचिकाकर्ताओं की अधिवक्ता की ओर से कहा गया है कि हाईकोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जाएगी।
कांग्रेस के पराजित प्रत्याशी व पूर्व मंत्री नवप्रभात, विक्रम सिंह नेगी, राजकुमार, अम्बरीष कुमार, मसूरी की गोदावरी थापली ने बीजेपी के जीते हुए प्रत्याशी मुन्ना सिंह चैहान, खजान दास, आदेश कुमार चैहान और गणेश जोशी व अन्य के निवार्चन को चुनौती दी थी। याचिका में उन्होंने चुनाव आयोग व सरकार पर आरोप लगाया गया था कि इन भाजपा प्रत्याशियों को जिताने के लिए ईवीएम मशीनों में गड़बड़ी की हुई है, लिहाजा इनके निवार्चन को निरस्त किया जाय, जबकि जीते हुए प्रत्याशियों की तरफ से कहा गया था कि ये याचिकाएं आधारहीन हैं। ईवीएम मशीनों में किसी भी तरह की गड़बड़ी नही हुई है, अभी तक याचिकर्ताओ ने गड़बड़ी होने का कोई सबूत पेश नही किया है लिहाजा सभी याचिकाएं निरस्त किए जाने योग्य है।