धरातल पर विकास योजनाओं के कार्य दिखाई दें-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सर्किट हाउस काठगोदाम में हल्द्वानी शहर के लिये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा की गई 2200 करोड़ की विकास योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि विकास योजनायें धरातल पर दिखाई दे यह सुनिश्चित करना अधिकारियों की जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जन सेवा ही हमारा लक्ष्य है। आम जनता से जुड़ी योजनाओं का समय से क्रियान्वयन सुनिश्चित करना अधिकारियों का दायित्व है।
मुख्यमंत्री ने समेकित शहरी अवसंरचना विकास योजना के तहत एडीबी द्वारा वित्त पोषित नगर के विकास हेतु डीपीआर तैयार कर रही कार्यदायी संस्था (यूयूएसडीए) उत्तराखण्ड अर्बन सेक्टर विकास एजेंसी के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन योजनाओं की डी.पी.आर. अभी तैयार नहीं हुई है, उन्हें शीघ्र अंतिम रूप दिया जाए। उन्होंने कहा कि शहरी विकास के लिए जनप्रतिनिधियों के सुझावों को भी डीपीआर में शामिल किया जाए इसके लिए उन्होंने कार्यदायी संस्था को 10 दिन के भीतर क्षेत्रीय प्रतिनिधियों व अन्तर विभागीय बैठक करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डीपीआर फाइनल करने से पहले अन्तर विभागीय बैठक करने से आपसी समन्वय बना रहेगा व बाद में किसी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना पडे़ेगा। उन्होंने कहा कि कार्यदायी संस्था सुनिश्चित करें कि निर्माण से पूर्व ही सड़क पर सर्विस डक्ट डाली जाए जिससे जनता को बार-बार परेशानियों का सामना न करना पडे व सरकारी धन का दुरुपयोग न हो। उन्होंने मण्डलायुक्त कुमाऊ दीपक रावत को प्रत्येक सप्ताह कार्य की मॉनिटरिंग के निर्देश दिए जिससे कार्य धरातल पर दिख सके।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि अधिकारियों को योजनाओं की जानकारी व आंकड़े मौखिक याद होने चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को तैयारी के साथ आगामी बैठक में प्रतिभाग करने के निर्देश दिए। योजनाओं के क्रियान्वयन में हो रहे विलम्ब के प्रति मुख्यमंत्री द्वारा नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि कतिपय अधिकारियों की लचर कार्यशैली के कारण सरकार आलोचना की भागीदार बनती है। इसके लिए उन्होंने समस्त अधिकारियों को अपनी कार्यशैली सुधारने के निर्देश दिए साथ ही जनता के कार्यों को सर्वाेच्च प्राथमिकता से निस्तारित करने को कहा।
बैठक में मण्डलायुक्त दीपक रावत ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि पानी आपूर्ति और सीवरेज कार्य के लिए रूप्ये 1298 करोड़ की डीपीआर तैयार कर नियोजन एवं एडीबी को भेज दी गई है जिसमें जल आपूर्ति की कुल लागत रूपये 835.94 करोड़ व सीवरेज की रूपये 461.77 करोड. लागत की डीपीआर तैयार की गई है। वर्ष 2025 को आधार वर्ष मानते हुए 2055 तक की जनसंख्या का लक्ष्य टारगेट करते हुए डीपीआर तैयार की गई है। इस योजना में जल निकासी प्रबंधन के लिए 300 करोड़., सुरक्षा एवं निगरानी के लिए 100 करोड. व शहरी परिदृश्य व परिवहन के लिए 500 करोड़. का प्राविधान है जिनकी डीपीआर फाइनल की जानी है। शहर के भूमिगत जल स्तर को बढ़ाने के लिए हरित क्षेत्र के विकास हेतु सरकारी विद्यालयों, डिग्री कॉलेज व अन्य क्षेत्रों में हरित क्षेत्र का विकास किया जाए। कि हल्द्वानी के पुराने बाजार को भी एक ही सिममेट्री में तैयार किया जाए जिससे बाजार आकर्षक व भव्य लगे। इसके साथ ही विद्युत की लाइनों को भूमिगत किया जायेगा, जिससे बाजारों की सौंदर्यता हल्द्वानी में भी पर्यटकों को आकर्षित करें। हल्द्वानी कुमाऊॅ का प्रमुख शहर है, जहाँ निकासी व सीवरेज की प्रमुख समस्या है। वर्तमान में शहर के समस्त क्षेत्र सीवरेज से नहीं जुड़े है, इस डीपीआर के माध्यम से शहर के सीवरेज व सेप्टिक टैंक की व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा जिससे सीवरेज का शुद्धिकरण एसटीपी टैंक का माध्यम से हो सके।
जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल ने बताया कि इस योजना के तहत आधुनिक तकनीक व उत्तराखंड के पौराणिक वास्तुकला (गौथिक शैली) से हल्द्वानी के पुराने बाजार का भी सौंदर्यीकरण किया जायेगा। हल्द्वानी के पुराने बाजार को भी एक ही सिममेट्री में तैयार किया जाए जिससे बाजार आकर्षक व भव्य लगे। इसके साथ ही विद्युत की लाइनों को भूमिगत किया जायेगा, जिससे बाजारों की सौंदर्यता हल्द्वानी में भी पर्यटकों को आकर्षित करें।
इस अवसर पर मेयर डा. जोगेन्दर पाल सिंह रौतेला, विधायक एवं पूर्व मंत्री बंशीधर भगत, विधायक डा. मोहन सिंह बिष्ट, रामसिंह कैडा, उपाध्यक्ष जिला पंचायत आनन्द दरम्वाल सहित जन प्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे।

सीएम ने राज्य में डिजास्टर मैनेजमेंट पर होनी वाली कार्यशाला में किया प्रतिभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आपदाओं के प्रभाव को कम करने हेतु पूर्व तैयारी ही आपदाओं से बचने का उपाय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में डिजास्टर मैनेजमेंट पर होनी वाली तमाम कार्यशालाओं में आने वाले निष्कर्ष सिर्फ थ्योरी तक सीमित नही रहने चाहिए बल्कि प्राकृतिक आपदाओं के समय उपयोगी सिद्ध होने चाहिए। कार्यशालाओं के यह निष्कर्ष मुख्यमंत्री कार्यालय को भी ससमय उपलब्ध कराए जाए ताकि इन अनुभवों को समय पर उपयोग किया जा सके। सीएम धामी ने कहा कि हमें डिजास्टर मैनेजमेंट में थ्योरी से अधिक प्रैक्टिकल को महत्व देना है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास से राष्ट्रीय आपदा प्रबन्धन संस्थान तथा उत्तराखण्ड प्रशासनिक अकादमी, नैनीताल के साझे प्रयासों से ‘‘ Reducing Risk : Capacity Building in the Mountain States “ पर आयोजित कार्यशाला में वर्चुअल माध्यम से प्रतिभाग किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड सहित हिमालयी राज्य आपदाओं की दृष्टि से बेहद संवेदनशील है। जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न खतरों के बीच पर्वतीय राज्यों की आपदा से लड़ने की चुनौती और भी बढ़ी है। जलवायु परिवर्तन से ग्लेशियरों की पिघलने की गति तेज हुई है। पेयजल स्रोत व्यापक रूप से सूखने लगे हैं। भविष्य में होने वाले बड़े संघर्ष का कारण पेयजल भी हो सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केदारनाथ आपदा और उसके बाद राज्य में आई कई अन्य आपदाओं से सीख लेते हुए उत्तराखण्ड राज्य का आपदा प्रबंधन विभाग अपने अनुभवों एवं सम्बन्धित संस्थाओं के सहयोग से एक ऐसी प्रणाली विकसित करने में सफल होगा जिससे कि हम आने वाले समय में अपने राज्य के साथ-साथ अन्य राज्यों की भी आपदाओं के दौरान मदद करने में सफल हो सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि केदारनाथ आपदा के बाद राज्य सरकार द्वारा चिकित्सा सुविधाओं, सशक्त संचार व्यवस्था, आल वेदर रोड, हेलीपैड्स के निर्माण, शहरी नियोजन जैसे पुनर्निर्माण कार्याे पर विशेष ध्यान दिया गया, फिर भी राज्य के बहुमूल्य संसाधन व समय इस आपदा से उबरने में लगा। केदारनाथ आपदा के उपरान्त मा० प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में पुनर्निर्माण कार्यों को युद्धस्तर पर सम्पादित किया गया, जिसके कारण ही बहुत कम समय में उत्तराखण्ड देवभूमि की पहचान बाबा केदार की स्थली का न केवल पुनर्निर्माण किया गया, बल्कि बाबा केदार के धाम को एक विहंगम एवं अलौकिक स्वरूप प्रदान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान से अपेक्षा की कि वह स्थानीय क्षमता निर्माण में उत्तराखण्ड राज्य एवं आपदा की दृष्टि से संवेदनशील समस्त राज्यों को सहयोग प्रदान करे। संस्थान उत्तराखंड और अन्य पर्वतीय राज्यों को तकनीकी और अन्य प्रकार की सहायता प्रदान करके आपदा प्रबन्धन में उनकी क्षमता विकास में मदद कर सकता है।

उल्लेखनीय है कि आपदा प्रबन्धन हेतु क्षमता विकास के लिए वर्ष 1995 में कृषि मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा डॉ० आर. एस टोलिया उत्तराखण्ड प्रशासन अकादमी नैनीताल में आपदा प्रबन्धन प्रकोष्ठ स्थापित किया गया। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान द्वारा आपदाओं के न्यूनीकरण एवं क्षमता विकास हेतु साऊथ कैम्पस गुन्टूर आन्ध्र प्रदेश में स्थापित किया गया है और अब पर्वतीय राज्यों हेतु एक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस अकादमी, नैनीताल में स्थापित करने एवं आपदा प्रबन्धन में क्षमता विकास किए जाने में पूर्ण सहयोग एवं सहायता देने हेतु अपनी सहमति दी गई है। इसके साथ ही अकादमी में आज लगभग 247 लाख रू0 की लागत से किए गए ऑडिटोरियम के उच्चीकरण कार्य का भी लोकार्पण किया गया जिससे भविष्य में अकादमी में प्रशिक्षण हेतु आने वाले प्रशिक्षु लाभान्वित होगे।

कार्यशाला में विधायक सरिता आर्या, पर्यावरणविद् चण्डी प्रसाद भट्ट, वरिष्ठ इतिहासकार शेखर पाठक, भगवती प्रसाद पाण्डे, कुमाऊँ विश्वविद्यालय के कुलपति एन के जोशी, राष्ट्रीय आपदा प्रबन्धन संस्थान के अधिशासी निदेशक ताज हसन, प्रो सन्तोष कुमार, कुमाऊँ मण्डल के आयुक्त दीपक रावत तथा हिमाचल प्रदेश, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, मणिपुर, जम्मू एवं कश्मीर, लद्दाख, असम, मिजोरम, त्रिपुरा, नागालैण्ड, उत्तर प्रदेश, दिल्ली के विषय विशेषज्ञ उपस्थित थे।

अमित शाह की बैठक में नैनीताल से ही वर्चुअली जुड़े सीएम धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गृह एवं सहकारिता मंत्री, भारत सरकार अमित शाह की अध्यक्षता में प्राकृतिक कृषि एवं डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन से सम्बंधित कार्यक्रम पर आयोजित बैठक में नैनीताल क्लब से वर्चुअल प्रतिभाग किया। बैठक में विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों एवं कृषि मंत्रियों द्वारा वर्चुअल प्रतिभाग किया गया।
नैनीताल से वर्चुअल कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्राकृतिक कृषि से जुड़ी संभावनाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आज जैविक मंथन किया जा रहा है। इस मंथन से एक ऐसा अमृत प्राप्त होगा जो जैविक कृषि के क्षेत्र में संभावनाओं के नए द्वार खोलने में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड प्राकृतिक दृष्टि से परम्परागत कृषि के लिए एक उपयुक्त राज्य है। उत्तराखण्ड जैव विविधताओं वाला प्रदेश है। जैव विविधता के कारण उत्तराखण्ड में जड़ी-बूटी और सुगन्धित पौध आदि के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं जिस पर राज्य सरकार द्वारा कार्य किया जा रहा है व अधिक कार्य करने की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे किसान पर्वतीय अंचल में प्रचलित परम्परागत कृषि में आधुनिक तकनीकी ज्ञान का समावेश कर भूमि की उत्पादकता और फसलों के उत्पादन में वृद्धि ला रहे हैं। किसानों के इन प्रयासों को सरकार के स्तर से थोड़ा और बल दिए जाने पर किसानों की आय और उनके जीवन स्तर में अभूतपूर्व परिवर्तन लाया जा सकता है। राज्य सरकार की कोशिश है कि जैविक कृषि करने वाले किसानों के लिए व्यापारिक संभावनाओं को बढ़ाया जाए ताकि अधिक से अधिक किसान जैविक कृषि को अपनाकर अपनी आर्थिकी सशक्त करें।
मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने कहा कि प्रदेश की कुल कृषि योग्य भूमि में से 2.17 लाख हैक्टेयर क्षेत्रफल को जैविक कृषि के अंतर्गत आच्छादित किया गया है और यह क्षेत्रफल कुल कृषि भूमि का 34 प्रतिशत है। “आत्म निर्भर प्राकृतिक किसान योजना“ के तहत राज्य में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए इस वर्ष 10 करोड़ की प्राविधान किया गया है। इसके अतिरिक्त 5 करोड़ रुपए से प्राकृतिक कृषि नमामि गंगा कॉरिडोर शुरू कर रहा है। इस योजना से गंगा तट पर 5 किमी की परिधि में प्राकृतिक कृषि के लिए प्रोत्साहन दिया जायेगा। हमने प्राकृतिक कृषि उत्पाद की मार्केटिंग के लिए 2 डेडिकेटेड एफ.पी.ओ का गठन कर रहा है। यह सहकारिता विभाग द्वारा किया जायेगा। इसके साथ ही प्राकृतिक खेती के सभी पहलुओं को बढ़ावा देने के लिए “आत्म निर्भर प्राकृतिक किसान बोर्ड“ का गठन किया जा रहा है। बेहतर उत्पादन के लिए “गोवर्धन“ की योजना को “प्राकृतिक कृषि योजना“के साथ एकीकृत किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के दोनों कृषि विश्वविद्यालयों में प्राकृतिक कृषि पाठ्यक्रम भी शुरू किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक कृषि बढ़ावा देने के लिए राज्य के सभी जनपदों में किसानों को प्राकृतिक कृषि विषयक प्रशिक्षण कराया गया है। इसके अतिरिक्त किसानों के लिए विशेष कार्यशालाओं का भी आयोजन किया जा रहा है। उन्हें जैविक कृषि को लेकर बनी योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश ही नहीं बल्कि दुनिया भर में प्राकृतिक कृषि उत्पादों की मांग बढ़ रही है। राज्य सरकार का प्रयास है कि इसका अधिक से अधिक लाभ राज्य के किसानों को मिले।
इस अवसर पर विधायक सरिता आर्य, राम सिंह कैडा, जिला पंचायत अध्यक्ष बेला तोलिया, जिला अध्यक्ष प्रदीप बिष्ट, सचिव डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, डीआईजी कुमाऊं नीलेश आनन्द भरणे, जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल, एसएसपी पंकज भट्ट, मुख्य विकास अधिकारी डॉ संदीप तिवारी, अपर जिलाधिकारी अशोक जोशी, शिवचरण द्विवेदी के अलावा मंडल अध्यक्ष, सभासद, अन्य जनप्रतिनिधि व अधिकारी उपस्थित रहे।

नैनीताल में सीएम के निर्देश के बाद हुआ अमल, पांच रिसॉर्ट सील

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर उत्तराखण्ड में विभिन्न गेस्ट हाउस और रिज़ॉर्ट पर प्रशासन की ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर नैनीताल जिले के धानाचूली क्षेत्र में 5 रिजॉर्ट को सील किया गया है। जिला प्रशासन द्वारा आज विभिन्न होमस्टे एवं रिज़ॉर्ट की जाँच की गई, तय मानकों में खामियां पाए जाने पर जिलाधिकारी के निर्देशों पर एक ही दिन में 5 रिज़ॉर्ट को सील किया गया है।

गौरतलब है कि पौड़ी के लक्ष्मण झूला में हुई घटना के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार देर शाम सभी जिलाधिकारियों को तमाम होटल और रिज़ॉर्ट की स्क्रूटनी करने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में यह ये निर्देश दिए थे कि यदि किसी भी होमस्टे रिजॉर्ट में किसी प्रकार के खामी पाई जाती है तो उस पर तत्काल कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद प्रदेश के अन्य जनपदों में भी कार्यवाही जारी है।

मुख्यमंत्री पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि प्रदेश में माहौल बिगाड़ने वालों को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, भले ही कोई कितनी रसूख़ वाला क्यों ना हो। ताज़ा मामले में ऋषिकेश लक्ष्मण झूला में अंकिता हत्याकांड के आरोपी रिज़ॉर्ट मालिक की गिरफ्तारी के बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर रिजॉर्ट को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई कर दी गई। मुख्यमंत्री या यह संदेश है कि गलत करने वाले की जगह सिर्फ़ जेल में है।

मोदी ने देश और दुनिया में भारत का मान बढ़ाया-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को राज्य अतिथि गृह नैनीताल में आयोजित मोदी@2 कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में गुजरात मॉडल देश विदेश में प्रसिद्ध रहा है। सिंगल विंडो सिस्टम, कार्यों का सरलीकरण, जनता एवं सरकार के मध्य संवाद को आसान करना जैसे महत्वपूर्ण कार्य उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में रहकर किये। उन्होंने कहा कि नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद देश और देशवासियों में आशा, विश्वास और नई ऊर्जा का संचार हुआ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश हर क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है। वैश्विक स्तर पर भारत का मान, सम्मान एवं स्वाभिमान बढ़ा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सैन्य बाहुल्य प्रदेश है, वे स्वयं एक सैनिक परिवार से हैं। उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री के प्रयासों से सेना ना केवल पहले से और अधिक सक्षम और सशक्त हो रही है बल्कि उसकी यश और कीर्ति भी बढ़ रही है। हमारी सेना ने दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब दिया। मोदी ने स्वयं सियाचिन में जाकर जवानों का उत्साह बढाया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सेना के आधुनिकीकरण पर बल दिया जा रहा है, प्रधानमंत्री निरंतर सैनिकों के साहस और मनोबल को बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत विश्व की प्रमुख आर्थिक शक्ति बनने के साथ ही दुनिया का नेतृत्व करने वाला देश बना है। कोरोना काल में जब दुनिया भारत को जिम्मेदारी मान रही थी, उसे नुकसान होने की बात कर रही थी तब एक साल के अन्दर दो-दो वैक्सीन तैयार कर 200 करोड़ से अधिक डोज लगाई गई। कोई भूखा न सोये इसके लिये निःशुल्क खाद्यान्न की व्यवस्था की गई। प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व में कोविड काल में देश को सुरक्षित बनाने के साथ दुनिया के देशों को वैक्सीन भी उपलब्ध करायी यह हमारी संस्कृति की महानता है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखण्ड में कनेक्टिविटी में बहुत तेजी से काम हुआ है। पहाड़ के लिये सफर काफी सुविधाजनक हुआ है। प्रधानमंत्री के निर्देशन में राज्य सरकार अनेकों महत्वपूर्ण योजनाओं पर काम कर रही हैं। प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप केदारनाथ धाम में पुनर्निर्माण का काम तेजी से हुआ है। इसी प्रकार बदरीनाथ धाम के मास्टर प्लान पर भी काम शुरू हो गया है। कुमायूं क्षेत्र में पौराणिक मंदिरों के लिये मानसखण्ड मंदिर माला मिशन पर काम किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में नई कार्य संस्कृति आई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का उत्तराखण्ड से कर्म एवं मन का रिश्ता है। इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बाबा केदार और भगवान श्री बदरी विशाल से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दीर्घायु की कामना की।

शहीद के घर पहुंचे सीएम, दी श्रद्धांजली

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 1984 में सियाचिन में ऑपरेशन मेघदूत के दौरान शहीद हुए लांसनायक चन्द्रशेखर हर्बाेला के पार्थिव देह पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। शहीद चंद्रशेखर हर्बाेला का पार्थिव शरीर 38 वर्ष के पश्चात बुधवार को उनके आवास पहुँचने पर प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी एवं महिला सशक्तिकरण मंत्री रेखा आर्या ने श्रद्धा सुमन अर्पित किये।
बुधवार को जैसे ही शहीद चन्द्रशेखर हर्बाेला का पार्थिव शरीर डहरिया स्थित उनके आवास पर पहुँचा, पूरा क्षेत्र देश भक्ति नारों से गुंजायमान हो गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद चन्द्रशेखर के बलिदान को हमेशा याद रखा जायेगा। उन्होंने कहा देश के लिए बलिदान देने वाले उत्तराखण्ड के सैनिकों की स्मृति में सैन्य धाम की स्थापना की जा रही है। शहीद चन्द्रशेखर की स्मृतियों को भी सैन्य धाम में संजोया जायेगा।
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि सरकार शहीद के परिवार के साथ कंधा से कंधा मिलाकर खड़ी है। सरकार द्वारा शोक संतृप्त परिवार की हर सम्भव सहायता की जाएगी।
पुष्प चक्र अर्पित करने के पश्चात शहीद चन्द्रशेखर का पार्थिव शरीर चित्रशिला घाट रानीबाग के लिए रवाना हुआ, जहां शहीद को पूरे राजकीय सम्मान व आर्मी बैण्ड की धुन के साथ भावभीनी विदाई दी गई। इस अवसर पर सैकड़ों की संख्या में लोगों द्वारा नम आंखों से शहीद को श्रद्धांजलि दी गई।

गौलापार स्थित कालीचौड़ मंदिर में पहुंचे सीएम, की पूजा अर्चना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी गौलापार स्थित कालीचौड़ मन्दिर पहुंचे, इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मां काली की पूजा अर्चना कर देश व प्रदेश के लिए सुख, समृद्धि की कामना की। पूजा अर्चना के पश्चात मुख्यमंत्री धामी से ग्रामीणों ने मुलाकात की जहां समिति व लोगों ने सुल्ताननगरी मंदिर गेट से मां कालीचौड़ मन्दिर तक डामरीकरण के साथ ही पूर्वी खेड़ा, गोबिन्द ग्राम, सुल्ताननगरी व पश्चिमी खेड़ा लिंक मार्गों का डामरीकरण कराने की मांग रखी। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि शीघ्र ही समस्या का समाधान किया जायेगा।

इस अवसर पर विधायक रामसिंह कैड़ा, मेयर डा0 जोगेन्दर पाल सिंह रौतेला, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य अर्जुन बिष्ट, बसंत सनवाल, हुकम सिंह कुंवर, शेखर जोशी, पुष्कर कोश्यारी, पार्षद तन्मय रावत, हरीश मनराल, बालम बिष्ट, आलोक सत्याल, भुवन जोशी आदि उपस्थित थे।

भाजपा अब लोकसभा की तैयारियों में जुटी

भाजपा की हल्द्वानी में हो रही प्रदेश कार्यसमिति में पार्टी नेतृत्व का पूरा फोकस 2024 में होने वाले लोक सभा चुनावों पर है। जिसके चलते पार्टी ने कार्यसमिति में केन्द्र की मोदी सरकार के 8 साल पूरे होने पर प्रदेशभर में उपलब्धियों के प्रचार-प्रसार के लिए कार्यक्रम चलाने का निर्यण लिया है।
भाजपा की दो साल के अंतराल के बाद हल्द्वानी में हो रही प्रदेश कार्यसमिति पर पूरी तरह से से मिशन-2024 पर ही फोकस किया जा रहा है। यही कारण है कि कार्यसमिति में तय हुए कार्यक्रमों में प्रदेश सरकार की उपलब्धियों के बजाए केन्द्र की मोदी सरकार की 8 साल की उपलब्धियों जन-जन तक पहुंचाने का निर्णय लिया गया है। जिसके लिए प्रदेश, जिला, ब्लाक व बूथ स्तर तक के लिए कार्यक्रम तय किए गए हैं। इन सारे कार्यक्रमों में केवल केन्द्र की उपलब्धियों का ही प्रचार किया जाएगा। कार्यसमिति में पहुंचे पार्टी के दिग्गज नेता व केन्द्रीय रक्षा राज्यमंत्री अजय भट्ट, पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक।
प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक, प्रदेश महामंत्री सुरेश भट्ट, कुलदीप कुमार, राजेन्द्र सिंह भंडारी का भी फोकस रहा कि कार्यसमिति के माध्यम से कैसे प्रदेशभर में जन-जन तक केन्द्र सरकार की उपलब्धियों को पहुंचाया जाए। यहां तक की कार्यसमिति के दौरान लगी विकास प्रदर्शनी भी पूरी तरह से केन्द्र की मोदी सरकार की उपलब्धियों पर केन्द्रीत रही।

68 लीटर कच्ची शराब के साथ नैनीताल के दो युवक गिरफ्तार


रायवाला थाना पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर सत्यनारायण मंदिर के पास एक बाइक में सवार दो युवकों को रोका। इनके पास से 68 लीटर कच्ची शराब बरामद की।

थानाध्यक्ष भुवन चंद्र पुजारी ने बताया कि आरोपियों की पहचान बलविंदर सिंह पुत्र रंजीत सिंह और कुलदीप सिंह पुत्र प्रेम सिंह दोनों निवासी ग्राम तुमड़िया, थाना रामनगर जिला नैनीताल के रूप में हुई है। आरोपियों के खिलाफ संबंधित धारा में केस दर्ज किया है। साथ ही बाइक सीज की गई है।

नैनीताल का रामगढ़ क्षेत्र गुरुदेव की कर्मस्थली रहा-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद नैनीताल के रामगढ़ मे शान्ति निकेतन ट्रस्ट फॉर हिमालया के तत्वाधान में गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर की 161 वां जयंती के शुभ अवसर पर आयोजित रविंदर जन्मोत्सव-2022 कार्यक्रम का दीप प्रज्वलित करते हुए शुभारंभ किया।
कार्यक्रम के दौरान संयोजक प्रोफ़ेसर अतुल जोशी, क्षेत्रीय विधायक राम सिंह कैड़ा, पूर्व विदेश सचिव शशांक, देवेंद्र ढेला देवेंद्र बिष्ट, भाजपा के मंडल अध्यक्ष कुंदन चिलवाल आदि जनप्रतिनिधि द्वारा मुख्यमंत्री को स्मृति चिन्ह, अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री धामी ने गुरुदेव रवीन्द्र नाथ टैगोर के 161 वां जन्मोत्सव दिवस पर बधाई दी और रामगढ़ विश्व भारती केंद्रीय विश्वाविद्यालय के प्रथम परिसर का भी भूमि पूजन किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विकल्प रहित संकल्प के मंत्र पर अग्रसर है और जनकल्याण को समर्पित है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सरकार जनकल्याण की भावना के अनुरूप लगातार प्रदेश का चहुमुखी विकास कर रही है। प्रधानमंत्री का राज्य के प्रति गहरा लगाव है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार सबका साथ एवं सबका विकास के तहत कार्य करने के लिए दृढ़ संकल्पित है। रामगढ़ क्षेत्र के टैगोर टॉप स्थित गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की कर्मस्थली जहां उन्होंने 19वीं शताब्दी में 5 बार यहां आकर अपनी काव्य रचना की। उन्हें साहित्य का नोबेल पुरस्कार मिला जो किसी एशियाई को पहला नोबेल पुरस्कार था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रामगढ़ में रवींद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के परिसर की स्थापना में अपनी रुचि व्यक्त की है, वह उत्तराखंड के लिए गर्व की बात है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि इस सौगात से जहां विश्व भारती केंद्रीय विश्वविद्यालय उत्तराखंड को भारत के प्रमुख शिक्षा केन्द्र के रूप में स्थापित होने का अवसर प्राप्त होगा। वहीं स्थानीय युवाओं के लिए स्वरोजगार के नये अवसर उपलब्ध होंगे, तथा यह राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय शोधार्थियों के लिए भी नया गंतव्य बनेगा। उन्होंने कहा इसके लिए केंद्रीय राज्य मंत्री पर्यटन मंत्री एवं सांसद अजय भट्ट, पूर्व केन्द्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक के विशेष प्रयास रहे।
उन्होंने कहा कि विश्व भारती की स्थापना के लिए प्रथम चरण में 150 करोड़ रूपये की डीपीआर केन्द्र सरकार में स्वीकृति की प्रक्रिया में है, उत्तराखंड सरकार द्वारा 45 एकड़ भूमि मे विश्व भारती केंद्रीय विश्वविद्यालय के परिसर की स्थापना की औपचारिकता पूर्ण कर ली गई। उन्होंने प्रो विदयुत चक्रवर्ती, कुलपति विश्वभारती पश्चिम बंगाल तथा शांतिनिकेतन ट्रस्ट फॉर हिमालया के प्रवासियों का भी धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि यह दशक उत्तराखंड का होगा। जो देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य होगा।
कार्यक्रम में राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रामगढ़ द्वारा सांस्कृतिक एवं देवभूमि सांस्कृतिक दल द्वारा छोलिया नृत्य की प्रस्तुति दी विभागों द्वारा उद्यान विभाग ग्रामीण आजीविका मिशन बोराकोट द्वारा स्टॉल भी लगाइए।
इस अवसर पर रविंद-सृजनिका नामक पुस्तिका का भी विमोचन किया गया।
इस अवसर विधायक भीमताल राम सिंह कैड़ा, कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति एनके जोशी, जिलाधिकारी धीराज सिह गर्ब्याल ,वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पंकज भट्ट, अपर जिलाधिकारी अशोक जोशी, परियोजना निर्देश अजय सिह और भारी जन समूह उपस्थित रहा।