मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के कार्यों में तेजी लाने के दिये निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रेल विकास निगम के अधिकारियों के साथ ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने योग नगरी ऋषिकेश रेलवे स्टेशन स्थित रेल विकास निगम के कार्यालय में परियोजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अभी तक बेहतर समन्वय से काम किया जा रहा है। आगे भी इसे बनाए रखने की जरूरत है। राज्य सरकार द्वारा हर सम्भव सहयोग किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चार धाम सड़क परियोजना के साथ ही ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उत्तराखण्ड को बड़ी देन है। वह समय दूर नहीं, जब पहाड़ में रेल का सपना पूरा होगा। इससे राज्य की आर्थिकी में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के मुख्य परियोजना प्रबंधक हिमांशु बडोनी ने प्रस्तुतिकरण के माध्यम से जानकारी देते हुए बताया कि मार्च 2024 तक परियोजना को पूर्ण किए जाने के लक्ष्य के साथ काम किया जा रहा है। अभी तक परियोजना में अपेक्षानुरूप गति से काम हुआ है। ऋषिकेश के बाद परियोजना मुख्यतः अंडरग्राउंड है। भूमि अधिग्रहण किया जा चुका है। इस रेल लाईन पर 12 स्टेशन और 17 टनल बनाये जा रहे हैं। काम निर्धारित समयावधि में पूरा किया जा सके, इसके लिए विभिन्न स्थानों पर एक साथ काम चल रहा है। एप्रोच रोड़ पहले ही बनाई जा रही हैं। रेल परियोजना के निर्माण में राज्य सरकार का पूरा सहयोग मिल रहा है।
बडोनी ने बताया कि रेल विकास निगम द्वारा अनेक जनकल्याणकारी काम किए जा रहे हैं। श्रीनगर में 52 बेड का संयुक्त चिकित्सालय बनाया जा रहा है। ऑक्सीजन प्लांट भी बनाए गए हैं। रेल परियोजना की बेल्ट को हॉर्टिकल्चर और हनी बेल्ट के रूप में विकसित किए जाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए वृहद स्तर पर वृक्षारोपण किया जा रहा है।
बैठक में विधानसभा अध्यक्ष प्रेम चंद अग्रवाल, कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, सचिव आर मीनाक्षी सुन्दरम, रंजीत सिन्हा, रेल विकास निगम के अपर महाप्रबंधक विजय डंगवाल, वरिष्ठ परियोजना प्रबंधक ओमप्रकाश मालगुडी, अपर महाप्रबंधक सुमित जैन, अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने योग नगरी ऋषिकेश रेलवे स्टेशन और गुल्लर डोगी, टिहरी में परियोजना के तहत बनाई जा रही टनल का स्थलीय निरीक्षण भी किया।

नगर पालिका मुनिकीरेती में चला सिंगल यूज प्लास्टिक अभियान

नगर पालिका परिषद मुनिकीरेती की ओर ढालवाला क्षेत्र में सिंगल यूज प्लास्टिक की रोकथाम हेतु छापेमारी अभियान चलाया गया। साथ ही कूड़ा फेंकने और जलाने पर भी चालान की कार्यवाही की गई। कुल सात चालानों से 24 सौ रूपए का राजस्व वसूला गया।

सोमवार को कर निरीक्षक अनुराधा गोयल के नेतृत्व में पालिका की एक टीम ढालवाला बाईपास मार्ग में पहुंची। अचानक छापेमारी की कार्रवाई देख फुटकर विक्रेताओं और रेहड़ी संचालकों में अफरा-तफरी मच गई। पालिका की ओर से हिल्ट्रान मार्ग, थलवाल मार्केट, बहुगुणा मार्ग में छापेमारी अभियान चलाया गया। कुल सात चालानों पॉलिथीन प्रयोग करने पर चार, कूड़ा फेंकने पर दो, कूड़ा जलाने पर एक चालान से 24 सौ रूपए का राजस्व वसूला गया। इस दौरान कर निरीक्षक ने लोगों से सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग न करने की अपील भी की। छापेमारी अभियान में सफाई निरीक्षक भूपेंद्र सिंह पंवार, सुपरवाइजर जितेंद्र सिंह सजवाण उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय शिक्षा मंत्री से दो और केन्द्रीय विद्यालय की मंजूरी मांगी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान से शिष्टाचार भेंट की। उन्होंने केन्द्रीय मंत्री से उत्तराखण्ड राज्य के जनपद टिहरी गढ़वाल के अन्तर्गत नरेन्द्रनगर तथा जनपद पौड़ी गढ़वाल के अन्तर्गत कोटद्वार में केन्द्रीय विद्यालय खोले जाने के प्रस्ताव को मंजूरी देने का अनुरोध किया। उन्होंने बताया कि इस संबंध में केन्द्रीय विद्यालय संगठन, देहरादून संभाग, क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा प्रस्ताव संयुक्त आयुक्त (कार्मिक) केन्द्रीय विद्यालय संगठन (मुख्यालय) नई दिल्ली को प्रेषित किया गया है। मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड राज्य की क्षेत्रीय जनता के हितों के दृष्टिगत उक्त स्थानों पर केन्द्रीय विद्यालय खोले जाने की स्वीकृति देने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केन्द्रीय मंत्री से उधमसिंह नगर जिले के खटीमा तहसील के ग्राम महालिया में केन्द्रीय विद्यालय भवन के निर्माण में तेजी लाने के लिए कार्यदायी संस्था को निर्देशित करने का भी अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में पिछले चार वर्षों में स्कूली शिक्षा की क्वालिटी में सुधार के लिये महत्वपूर्ण पहल की गई है। समग्र शिक्षा में भारत सरकार द्वारा पर्याप्त सहायता दी जा रही है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में भारत सरकार क्वालिटी एजुकेशन पर विशेष तौर पर फोकस कर रही है। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से ’एक्सीलरेटिंग स्टेट एजुकेशन प्रोग्राम टू इम्प्रूव रिजल्ट्स’ योजना में उत्तराखण्ड को भी शामिल किये जाने का अनुरोध किया।

टिहरी झील में सी प्लेन और व्यवसायिक गतिविधियां संचालित करने के लिए विशेष योजना तैयार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने एक दिवसीय जनपद भ्रमण के दौरान कोटी कॉलोनी में टिहरी झील का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने डोबरा चांठी पुल फ्लोटिंग हट्स का भी निरीक्षण किया। टिहरी झील को विश्वस्तरीय पर्यटक स्थल बनाने के लिए वेपकॉस कंपनी को तीन माह में डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए है। 1200 करोड़ के इस प्रोजेक्ट से झील के आसपास व्यवस्थाएं स्थापित की जानी है। इससे बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध हो सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि टिहरी झील को विश्व स्तरीय टूरिस्ट डेस्टिनेशन बनाने के लिए सरकार हर संभव प्रयास कर रही है उन्होंने कहा कि टिहरी झील में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं, जिस को मूर्त रूप देने के लिए बुनियादी सुविधाएं स्थापित की जाएगी, ताकि पर्यटकों के आवागमन से स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध हो सके।
इस अवसर पर कृषि मंत्री सुबोध उनियाल, स्थानीय विधायक धन सिंह नेगी विधायक घनसाली शक्ति लाल शाह, विधायक प्रतापनगर विजय सिंह पवार जिलाधिकारी इवा आशीष श्रीवास्तव, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक तृप्ति भट्ट, अपर निदेशक पर्यटन पूनमचंद आदि उपस्थित थे।

टिहरी में 16431.72 लाख की 49 योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड को देश की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक राजधानी के रूप में विकसित किया जायेगा। उन्होंने कहा कि यह काम समाज, संतों और सरकार के संयुक्त प्रयास से ही पूरा हो सकेगा। योजना बनाई जा रही है कि अगले 10 वर्ष में उत्तराखण्ड को देश का नंबर 1 राज्य बनाया जा सके। यह बात उन्होंने टिहरी जिला मुख्यालय में आयोजित एक समारोह को संबोधित करते हुए कही। समारोह में उन्होंने 16431.72 लाख लागत की कुल 49 योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण, टिहरी यूथ क्लब का उद्घाटन, देवप्रयाग के वैष्णो माता ग्राम संगठन के हिलांस तुलसी चाय उत्पाद का अनावरण और पर्यटन आवास गृह सुनहरीगाड जाखणीधार की चाबी का हस्तांतरण किया। इसके अलावा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत लाभार्थियों को चेक भी वितरित किए। टिहरी जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों के विकास के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं करते हुए उन्होंने शानदार अभिनंदन के लिए क्षेत्र की जनता का आभार प्रकट किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षों पहले उनका कई बार टिहरी आना हुआ है, आज टिहरी झील देखकर पहले की स्मृतियां ताजा हुईं तो मैं भावुक हो गया, लेकिन टिहरी के लोग बहुत सौभाग्यशाली हैं। यहां पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। प्रधानमंत्री देश में सी प्लेन की व्यवसायिक उड़ान का जो सपना देख रहे हैं, उसी तर्ज पर जल्दी से जल्दी टिहरी झील में सी प्लेन उतारा जाएगा। इतना ही नहीं टिहरी को अत्याधुनिक शहर बनाने के लिए विश्व स्तरीय कंसल्टेंट हॉयर किए जायेंगे। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड के विकास के लिए प्रधानमंत्री का लगातार मार्गदर्शन और सहयोग मिल रहा है। केन्द्र सरकार के सहयोग से उत्तराखण्ड में आगामी दिसंबर माह तक कोरोना टीकाकरण अभियान को पूरा कर लिया जाएगा। सभी को मुफ्त कोरोना टीका उपलब्ध करवाने के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री का आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में केदारनाथ धाम के बाद अब बदरीनाथ धाम को स्मार्ट और सुविधाजनक बनाने के प्रोजेक्ट पर काम शुरू की जाएंगी।

11242 लाख की योजनाओं का लोकार्पण और 5188 लाख की योजनाओं का हुआ शिलान्यास
मुख्यमंत्री ने टिहरी में 16431.72 लाख लागत की कुल 49 योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इन योजनाओं में से 11242.94 लाख की 37 योजनाओं का लोकार्पण और 5188.78 लाख की 12 योजनाओं का शिलान्यास किया गया।

शहीद की माता को किया सम्मानित
समारोह में मुख्यमंत्री ने कारगिल शहीद दिनेश दत्त बहुगुणा की माता जी को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया और उनके पैर छूकर उनसे आशीर्वाद लिया।

ये लोग रहे मौजूद
समारोह में टिहरी के प्रभारी और कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, स्थानीय विधायक धन सिंह नेगी, धनोल्टी विधायक प्रीतम सिंह पंवार, घनसाली विधायक शक्तिलाल शाह, प्रतापनगर विधायक विजय सिंह पंवार ‘गुड्डू’, टिहरी जिला पंचायत अध्यक्ष सोना सजवान, भाजपा जिलाध्यक्ष विनोद रतूड़ी, जिलाधिकारी टिहरी ईवा आशीष श्रीवास्तव, पुलिस अधीक्षक तृप्ति भट्ट समेत तमाम गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद रहे।

सीएम ने टिहरी जिले में विकास कार्यों की प्रगति जानीं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने एक दिवसीय जनपद भ्रमण के दौरान जिला कार्यालय सभागार में अधिकारियों की बैठक ली। मुख्यमंत्री ने बैठक में कोविड-19 टीकाकरण की स्थिति, खाद्य आपूर्ति विभाग से संबंधित योजनाओं, जल जीवन मिशन, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, सीएम हेल्प लाइन, मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना, मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट इत्यादि की जानकारी ली।
बैठक में बताया गया कि मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के तहत 407 लाभार्थियों का चयन किया गया है। मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट वितरण योजना के तहत अप्रैल से जून तक 740 किट प्राप्त हुई थी जिसमें से 640 का वितरण किया जा चुका है जबकि जुलाई व अगस्त हेतु डिमांड भेजी गयी है। वन भूमि हस्तांतरण के 201 प्रकरणों में से 107 पर सैद्धांतिक स्वीकृति मिलना बताया गया है जबकि 57 एप्रूव्ड व 4 प्रकरण चीफ कंजरवेटर स्तर पर लंबित होना बताया गया हैं। मुख्यमंत्री स्वरोजगार शिविरों का आयोजन अब तक तक सात विकास खंडों में किया जा चुका है जिसमें स्वरोजगार से संबंधित कुल 1800 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। इसके अलावा प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना व जनपद में खाद्य वितरण व राशन कार्डाे की स्थिति की भी जानकारी सम्बंधित अधिकारियों द्वारा दी गई।
मुख्यमंत्री ने ग्रामीण सड़कों के अवरुद्ध होने पर प्रशासन द्वारा उनको खोले जाने की कार्यवाही की भी जानकारी ली। उन्होंने बैठक में जेसीबी ऑपरेटर को सीधे फोन कॉल कर उनकी लोकेशन के साथ-साथ अन्य जानकारी भी प्राप्त की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार नो पेंडेंसी पर कार्य कर रही है जिसके तहत शासन से लेकर जिला प्रशासन स्तर पर किसी भी कार्यालय में कोई भी मामले लंबित रहने पाए। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य की विषम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए दूरस्थ गांव से अपनी समस्याओं के निस्तारण हेतु कार्यालयों में आने वाले आम जनमानस की समस्याओं का निस्तारण हो सके, इस हेतु सभी कार्यालयों में प्रातः 10 से 12 तक सभी अधिकारी अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को सेवा का अवसर मिला है तो इसका शत प्रतिशत सदुपयोग होना चाहिए।
बैठक में विधायकगणों ने ऑल वेदर मोटर मार्ग पर गतिमान निर्माण कार्याे में तेजी लाने की आवश्यकता बताई। जिस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संबंध में संबंधित उच्चाधिकारियों की एक बैठक देहरादून में शीघ्र ही आहूत की जाएगी।
बैठक में कृषि मंत्री सुबोध उनियाल, स्थानीय विधायक धन सिंह नेगी, विधायक धनोल्टी प्रीतम सिंह पंवार, विधायक घनसाली शक्ति लाल शाह, विधायक देवप्रयाग विनोद कंडारी, विधायक प्रतापनगर विजय सिंह पवार, जिला पंचायत अध्यक्षा सोना सजवाण, जिला अध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी विनोद रतूड़ी, जिलाधिकारी इवा आशीष श्रीवास्तव, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक तृप्ति भट्ट, मुख्य विकास अधिकारी नमामि बंसल, डीएफओ कोको रोसे, सीएमओ डॉ संजय जैन आदि उपस्थित थे।

टिहरी जिले की कई विधानसभाओं के लिए सीएम ने की घोषणा

टिहरी विधान सभा क्षेत्र
बौराड़ी स्टेडियम का विस्तारीकरण एवं निकासी की व्यवस्था, खण्डोगी जाखनीधार में पचास बेड के आयुष अस्पताल की अतरिक्त धनराशि की स्वीकृति, नई दिहरी में बांध विस्थापितों के लिए एक्स्ट्रा स्पेस की स्वीकृति होगी, विधान के केमसारी पिपली होकर बायपास पैन्यूला तक सड़क का निर्माण, नकोट में मिनी स्टेडियम का निर्माण, पौखाल महाविद्यालय का नाम शहीद प्रकाश चन्द्र कुमाई के नाम पर रखा जायेगा, पीपलडाली-चाह गडोलिया मोटर मार्ग का डामरीकरण, बगासूघर में यात्री प्रतिक्षालय एवं रेन स्टेक का निर्माण किया जायेगा, ढुंगीधार के इंटर कालेज का नाम प्रथम विश्व युद्ध में शहीद प्रताप सिंह के नाम पर रखने की घोषणा की।

विधानसभा क्षेत्र घनसाली
चमियाला क्षेत्र में 32 किमी पर्वतीय नहरों, बूढ़ाकेदार व विनयाखाल की 20 पर्वतीय नहरों का जीर्णाेद्धार किया जायेगा, कोठियाडा से पिण्डेश्वर महादेव घाट तक एक किमी मोटर मार्ग की स्वीकृति, ग्राम सभा तल्लाघार में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र की स्वीकृति प्रदान की।

विधानसभा क्षेत्र प्रताप नगर
गडुवागाड-स्यान्सू भैंगा-गोदडी 5 किमी मोटर मार्ग निर्माण, सौड़ से हलेथ-मिश्रवाणगांव 5 किमी मोटर मार्ग निर्माण, स्यालगी-पिपलोगी-बिजपुर 4 किमी मोटर मार्ग का निर्माण कार्य, चौदाणा से थात तक सड़क का 4 किमी डामरीकरण, कोपड़धार इण्टर कालेज खेल मैदान निर्माण, सेम-मुखेम धाम में रोपवे।

देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र
जामणीखाल में पार्किंग की घोषणा, काण्डी बगडियों में मिनी स्टेडिय का निर्माण, पटटी डागर क्षेत्र में मिनी स्टेडियम का निर्माण, तेगड बाजार में पार्किंग निर्माण कार्य, सीएचसी हिडोलाखाल व कीर्तिनगर को उप जिला चिकित्सालय बनाये जाने की घोषणा, नैखरी महाविद्यालय में श्रीदेव सुमन महाविद्यालय परिसर खोला जायेगा, देवप्रयाग में आस्था पथ का निर्माण किया जायेगा, घण्टाकर्ण में विश्रामगृह का निर्माण, नैथाणा में विद्युत लाइन को भूमिगत किया जाने की घोषणा की।

नरेन्द्रनगर क्षेत्र
तपोवन क्षेत्र को नगर पंचायत मे परिवर्तन किया जायेगा, मुन्नाखाल-पुण्डेरी मोटर मार्ग का डामरीकरण, सोनी-रानीपोखरी मोटर मार्ग का निर्माण, बछेली खाल-पाली मोटर मार्ग का निर्माण, शीशमझाड़ी में भूमिधर का अधिकार, पावकी देवी तहसील भवन का निर्माण की घोषणा की।

विधानसभा क्षेत्र धनोल्टी
सांकरी-भखोली बनवाडी मोटर मार्ग का निर्माण, दुघली-दिमोली मोटर मार्ग का निर्माण, रौसाल-कांण्डी मोटर मार्ग का निर्माण, छाम-मैण्डखाल’ ज्वारन मोटर मार्ग का डामरीकरण, मैण्डखाल-सावली मोटर मार्ग कार्य, भवान-शाखाधार मोटर मार्ग का डामरीकरण, सकलाना में महाविद्यालय आगामी सत्र से स्थापना की जायेगी की घोषणा की।

लोक भाषा लोक साहित्य के क्षेत्र में विशेष योगदान के लिए नरेंद्र सिंह नेगी को मिलेगा सम्मान

आवाज साहित्यिक संस्था मुनिकीरेती द्वारा राजभाषा हिंदी दिवस के उपलक्ष में रविवार 12 सितंबर 2021 को राजभाषा समारोह मनाने का निर्णय लिया गया है जिसमें इस वर्ष का आवाज का सर्वाेच्च सम्मान आवाज रत्न गढ़ रत्न नरेंद्र सिंह नेगी जी को उनके द्वारा की गई लोक भाषा लोक साहित्य के क्षेत्र में विशेष योगदान हेतु दिए जाने का निर्णय लिया गया है।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए संस्था के अध्यक्ष अशोक शर्मा क्रेजी ने कहा कि आवाज साहित्यिक संस्था 2001 में स्थापित की गई थी जिसका मुख्य उद्देश्य नए रचनाकारों को मंच देना तथा उन्हें साहित्य के नए नए अनुभवों से अवगत कराना था उन्होंने कहा कि आवाज में इन 20 वर्षों में बहुत बड़ी उपलब्धि हासिल की है। जहां अनेक राष्ट्रीय कवि एवं साहित्यकारों का पावन सानिध्य प्राप्त किया वहीं आवाज ने अपने संस्था के माध्यम से सामूहिक संकलन ओं के द्वारा भी साहित्य के क्षेत्र में काफी उपलब्धियां हासिल की हैं। प्रमुख साहित्यकारों में पार्थ सारथी डबराल, चारु चंद्र चंदोला, डॉक्टर लीलाधर जगूड़ी, राजेंद्र धस्माना, डॉक्टर गोविंद बिष्ट, विद्यासागर नौटियाल, डॉक्टर अतुल शर्मा, मोहनलाल बबूलकर, बुद्धि बलभ थपलियाल, आलोक प्रभाकर, द्वारिका प्रसाद मलासी, प्रमुख चित्रकार बी मोहन नेगी ने संस्था के लिए एक प्रेरक के रूप में कार्य किया है तथा संस्था में नये साहित्यकारों के लिए प्रमुख अन्वेषण शाला के रूप में आशीर्वाद दिया है।
संस्था के उपाध्यक्ष आचार्य रामकृष्ण पोखरियाल ने आवाज साहित्यिक संस्था की उपलब्धियों को अवगत कराते हुए कहा कि जहां नए साहित्यकारों को मंच प्रदान हुआ है वहीं विभिन्न सामाजिक शैक्षणिक संस्थाओं के अंदर आवाज साहित्यिक संस्था ने अनेक कार्यशाला आयोजित किए हैं तथा बाल साहित्यकारों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है।
सस्ता के कनिष्ठ उपाध्यक्ष प्रमोद उनियाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि आवाज साहित्यिक संस्था ने वर्तमान समय तक अनेक जन उपयोगी संकलन तैयार किए हैं जो सामूहिक रूप से कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से तैयार किए हैं जिसमें मुख्य रुप से आवाज पहाड़ बदल रहा अस्तित्व दो कदम ची ची गाती चिड़िया अन उत्तरीय प्रश्न दृष्टिकोण के साथ-साथ समय-समय पर अनेक पत्र-पत्रिकाओं में अपने रचनाओं के माध्यम से शिखर को छूने का कार्य क्या है।
समिति के सचिव महेश शिकारिया ने कहा कि आवाज आने वाले समय में ऋषिकेश नगरी नहीं अभी तो संपूर्ण राज्य के साथ-साथ भारतवर्ष के राज्यों में भी अपना बेहतरीन स्थान बनाने के लिए प्रयास करेगी
समिति के सह सचिव डॉ सुनील थपलियाल ने कहा की आवाज साहित्यिक संस्था ने लॉकडाउन में साहित्य संस्कृति संवाद की त्रिवेणी के माध्यम से संपूर्ण भारतवर्ष के साहित्यकारों को संस्कृति प्रेमियों को स्थानीय कलाकारों गीतकार के साथ कलाकारों को जोड़ने का कार्य किया सात समंदर पार भी जहां उत्तराखंडी प्रवासी सेवाएं दे रहे हैं वहां तक आवाज अपने लाइव प्रसारण के माध्यम से अग्रसारित हुई है यह सबसे बड़ी उपलब्धि है कि वर्तमान समय में डेढ़ लाख से ऊपर दर्शक आवाज़ साहित्यिक संस्था के पास है जो समय समय पर आवाज को प्रोत्साहित करते रहते हैं।
समिति के पूर्व सचिव धनेश कोठारी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि हर वर्ष संस्था के द्वारा स्वर्गीय द्वारिका प्रसाद मालासी आवाज रत्न सम्मान दिया जाता है जो उत्तराखंड प्रदेश के कई महान विभूतियों को आजतक दिया गया है जिसमें डॉक्टर जग्गू नौटियाल ,आलोक प्रभाकर, सत्यानंद बडोनी, डॉक्टर सविता मोहन, डॉआशा जुगलान, बंशीधर पोखरियाल, आरपी डंगवाल, देवेंद्र दत्त सकलानी, डॉक्टर अतुल शर्मा, डॉ विद्या अलंकार, डॉक्टर श्वेता खन्ना, डॉ कविता भट्ट शैलपुत्री आदि को दिया गया है और वर्तमान समय में यह पुरस्कार गढ़ रत्न लोक भाषा, लोक साहित्य के प्रमुख भगीरथ नरेंद्र सिंह नेगी जी को दिए जाने का निर्णय लिया है। इस अवसर पर समिति के कोषाध्यक्ष सत्येंद्र चौहान नरेंद्र दयाल, शिवप्रसाद बहुगुणा, धनीराम बिंजोला, मनोज मालासी, रविशास्त्री, सुरेंद्र भंडारी, कमलेश रावत आदि उपस्थित थे ।

प्रीतम ने दिल्ली में थामा भाजपा का हाथ, भाजपाईयों में बैचेनी

उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने बड़ा दांव चला है। धनोल्टी के निर्दलीय विधायक प्रीतम सिंह पंवार को पार्टी अपने पाले में लाने में कामयाब रही है। बुधवार को विधायक प्रीतम सिंह पंवार ने नई दिल्ली में भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और उत्तराखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने उन्हें सदस्यता ग्रहण कराई। बता दें कि प्रीतम उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) से भी मंत्री रह चुके हैं। उन पर कांग्रेस की भी नजर थी।
इस मौके पर प्रीतम सिंह पंवार ने कहा कि मैं खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं कि देश की सबसे बड़ी पार्टी में शामिल हुआ हूं। मैं धार्मिक प्रदेश से हूं, जहां चारधाम हैं, देवी देवताओं का वास है। पीएम मोदी का नाता भी देवभूमि से रहा है। जिस तरह से उनकी धार्मिक आस्था देवभूमि से जुड़ी हैं उससे निश्चित तौर पर प्रदेश का विकास होगा।

जानिए प्रीतम सिंह पंवार के बारे में खास बातें
नाम- प्रीतम सिंह पंवार
पिता का नाम- स्व. मनोहर लाल पंवार
माता का नाम- कमला देवी
जन्मतिथि- 1 जनवरी 1966
स्थाई पता- ग्राम थान, जौनपुर, टिहरी गढ़वाल।
प्रारंभिक शिक्षा- प्राथमिक से इंटरमीडिएट तक की शिक्षा बड़ेथी, उत्तरकाशी।
स्नातक- डीएवी पीजी कॉलेज देहरादून।

प्रीतम पंवार का राजनीतिक सफर
– 1984 में उत्तराखंड क्रांति दल में शामिल हुए।
– 1988 में पहली बार चिन्यालीसौड़ उत्तरकाशी से क्षेत्र पंचायत सदस्य चुने गए।
– 1994 में उत्तराखंड राज्य आंदोलन में सक्रिय भागीदारी की।
– 1996 में जिला सहकारी बैंक उत्तरकाशी के निदेशक।
– 1996 में दोबारा चिन्यालीसौड़ उत्तरकाशी से क्षेत्र पंचायत सदस्य चुने गए।
– वर्ष 2000 से 2002 तक उत्तरकाशी जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष रहे।
– 2002 में पहली बार यूकेडी से यमुनोत्री विधानसभा सीट से विधायक बने।
– 2012 में दूसरी बार भी यूकेडी से ही यमुनोत्री सीट से विधायक बने। तत्कालीन कांग्रेस सरकार में पहली बार कैबिनेट मंत्री का दायित्व संभाला। पंवार को शहरी विकास, मत्स्य पालन, पशुपालन, कारगार जैसे बड़े विभागों का मंत्री बनाया गया।
– 2017 में टिहरी जिले की धनोल्टी विधानसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जीत हासिल कर तीसरी बार विधायक बने।

वीकेंड पर घूमने आए दो लोग गंगा की तेज धारा में बहे

नोएडा की एक एंड्राइड कंपनी का नौ सदस्यीय दल वीकेंड पर ऋषिकेश घूमने आया था। वह रामझूला के समीप दर्शन महाविद्यालय घाट पहुंचे। इस बीच एक व्यक्ति गंगा में हाथ धोने गया और अचानक पैर फिसलने से बहने लगे। तभी एक साथी उसे बचाने के लिए आगे बढ़े तो वह भी गंगा के तेज बहाव की चपेट में आ गये। किनारे पर खड़े साथियों को दोनों कुछ दूर तक बहते दिखे। इसके बाद दोनों ही गंगा की लहरों में ओझल हो गए। हादसे से पूरे ग्रुप के लोग सकते में है।

थानाध्यक्ष मुनिकीरेती कमल मोहन भंडारी ने बताया कि नोएडा की एक मोबाइल कंपनी से नौ लोगों का ग्रुप वीकेंड पर यहां घूमने आया था। वह रामझूला पुल के पास दर्शन महाविद्यालय का घाट पहुंचे। उनमें से दो लोग सुबह करीब नौ बजे गंगा में डूब गए। आपदा प्रबंधन दल को मौके पर बुलाकर रेस्क्यू अभियान शुरू कर दिया गया है। एसडीआरएफ की टीम भी गंगा में उनकी तलाश में जुटी रही। बताया कि डूबने वालों में एक कंपनी के सेंटर हेड राहुल सिंह पुत्र स्व. प्रेमपाल सिंह निवासी 190 तहरी वाली गली कलाम, पुलिस लाइन मार्ग, बुलंदशहर, यूपी और दूसरे मैनेजर भानू मूर्ति पुत्र एबीएम नारायण, निवासी प्लैट 8 थर्ड फ्लोर, मयूर विहार फेस वन ईस्ट पूर्व दिल्ली के रूप में हुई है।