स्वावलंबी महिला की मदद को आगे आया लायंस क्लब ऋषिकेश डिवाइन

लायंस क्लब ऋषिकेश डिवाइन के सदस्यों ने क्लब के उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए अति निर्धन महिला को जीविकोपार्जन के लिए 25 हज़ार रुपए का सामान उपलब्ध कराया है।
क्लब के अध्यक्ष लायन रजत भोला और संस्थापक ललित मोहन मिश्र ने बताया कि कुंजापुरी मन्दिर के समीप एक महिला प्रसाद बेचकर किसी तरह जीवन यापन करती है। क्लब के सदस्यों ने पाया कि महिला मेहनती तो बहुत है किन्तु आर्थिक रूप से काफी कमजोर है। उन्होंने महिला की आर्थिक स्थिति कमजोर देखते हुए उसकी मदद करने का मन बनाया। उन्होंने बताया कि क्लब का उद्देश्य यह है कि व्यक्ति को रोजगार देना चाहिये जिससे वह अपने पैरों पर खड़ा हो सके। नगद सहायता कुछ समय में खत्म हो जाती है किन्तु रोजगार से वह स्वावलंबी हो सकेगा।
लायन रजत भोला और लायन ललित मोहन मिश्र ने बताया कि मदद के क्रम में क्लब की ओर से महिला को 25 हजार रुपए का सामान दुकान चलाने के लिए दिया गया। मिश्र ने बताया कि सामान में इंडक्शन चूल्हा, पानी बोतल की पेटियां, चिप्स व नमकीन की पेटियां, चायपत्ती, चीनी, दूध के पेकेट की पेटी, मैगी की पेटीयां, डिस्पोजल सामान जिसमे खाने की प्लेट, ग्लास, चम्मच की पेटीयां, बैठने के लिए छह स्टूल व मेज, एक बड़ी मेज, कड़ाई, फ्रायपेन सहित बर्तन तथा दो माह का राशन भी दिया।
मिश्र ने बताया कि लायंस क्लब ऋषिकेश डिवाइन की स्थापना जरूरतमंद, निर्धन लोगों की मदद करने के उद्देश्य से की गई है। बताया कि क्लब का उद्देश्य किसी जरूरतमंद के चेहरे पर मुस्कान लाना है और इसी दिशा में क्लब कार्यरत भी है।
इस मौके पर संस्थापक अध्यक्ष ललित मोहन मिश्र, रजत भोला, महेश किंगर, घनश्याम डंग, आशु डंग, योगेश कालरा, अमित सूरी, जगदीश पनेसर, शिवम अग्रवाल, विनीत चावला, नवीन गांधी आदि मौजूद रहे।

हमें नियमित चिंतन शिविरों की है आवश्यकताः मुख्य सचिव

सशक्त उत्तराखंड/25 चिंतन शिविर के उदघाटन सत्र को संबोधित करते हुए मुख्य सचिव डॉ एसएस संधू ने कहा कि आगामी तीन दिनों तक हम राज्य को लेकर महत्वपूर्ण मंथन करने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमें मंथन केवल तीन दिन नहीं बल्कि समय-समय पर करते रहने चाहिए। उन्होंने कहा कि दुनिया अब तेजी से बदल रही है। बदलती परिस्थितियों के हिसाब से हमें परिवर्तन लाने होंगे। पहले पंच वर्षीय योजना बनती थी लेकिन समय के साथ हमें इस मॉडल से बाहर आना पड़ा है। यही वजह है कि पंच वर्षीय कार्यक्रम की जगह नीति आयोग की जरूरत पड़ी है। उन्होंने कहा कि हमें नियमित चिंतन शिविरों की बहुत आवश्यकता है।

मुख्य सचिव ने कहा कि कई बार देखने में आता है कि अफसर फैसले लेने से डरते हैं और यस के बजाए नो कहने में अधिक दिलचस्पी लेते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी सोच रखने वाले नौकरशाहों को स्वैच्छिक रिटायरमेंट ले लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी काम के प्रति बेहद सकारात्मक हैं। अगर कोई शासनादेश या नियम किसी विकास योजना या अच्छे कार्य में आड़े आ रहा है तो उसको बदलना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकारी आदेशों को आम भाषा एक व्यक्ति क़ानून को मिसयूज न कर पाए इस सोच के चलते 99 लोगों को फायदा न होने देने की सोच गलत है। उन्होंने कहा कि नौकरशाह एक मुद्दा रोज लें कर फिर उसको सुलझाएं। उन्होंने कहा कि कायर नौकरशाह ही ज्यादा आपत्ति लगाते हैं। किसी चीज पर फैसला न लेना जनता को परेशान करने के समान है।

मुख्य सचिव ने कहा कि पर्यटन, योगा, हाइड्रो पावर, हॉर्टिकल्चर वो तमाम क्षेत्र हैं जिनमें अभी बहुत कुछ करने की गुंजाइश है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में प्रदूषण से लोग भाग रहे हैं। जिस तरह से सड़कों का जाल बिछ रहा है हम दिल्ली एनसीआर का हिस्सा होंगे। इस लिहाज से हमें अपने देहरादून व अन्य शहरों में सुविधाओं को विकसित करना होगा। उन्होंने कहा कि चिंतन हमें केवल तीन दिन नहीं बल्कि हर रोज करना है। उन्होंने कहा कि काम करने का एटीट्यूड बहुत महत्वपूर्ण है।

इस अवसर पर लाल बहादुर प्रशाशनिक अकादमी के निदेशक श्रीनिवास आर कतीकीथला ने अकादमी में चलाई जा रही गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। अपर मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने कहा कि आधी आबादी को ध्यान में रखकर हमें योजनाएं बनानी होंगी। उन्होंने महिलाओं के सशक्तिकरण पर बल दिया और समाज में होने वाली घटनाओं के अनूरूप नीतियों को बनाने पर बल दिया। नियोजन सचिव श्री आर मीनाक्षी सुंदरम ने राज्य की अर्थव्यवस्था पर अपना प्रेजेंटेशन दिया। इस अवसर पर सभी वरिष्ठ अधिकारी गण उपस्थित रहे।

कैंपटी पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण, सरकार पयर्टन को दे रही बढ़ावाः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कैम्पटी में खेलकूद एवं सांस्कृतिक मेले में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने कैम्पटी में लगने वाले इस मेले के लिए 02 लाख रुपए का अनुदान देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि कैम्पटी क्षेत्र के सुनियोजित विकास के लिए इसे नगर पालिका बनाने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि मेलों की सांस्कृतिक धरोहरों को बचाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उत्तराखण्ड में गौचर एवं जौलजीवी मेला अंतर्राष्ट्रीय महत्व के मेले हैं। कैम्पटी क्षेत्र पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र है। राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। बागवानी एवं जल विद्युत परियोजनाओं के क्षेत्र में भी राज्य में अनेक संभावनाएं हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड को 2025 तक देश के श्रेष्ठ राज्यों की श्रेणी में लाने के लिए राज्य सरकार प्रयासरत है। सभी प्रदेशवासियों के सहयोग से उत्तराखण्ड को हर क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाया जायेगा। उन्होंने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री अकादमी में आयोजित चिंतन शिविर में उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में मंथन चल रहा है। अधिकारियों को इसके लिए सुनियोजित योजना बनाने के लिए कहा गया है। अन्य राज्यों में जो अच्छे कार्य हो रहे हैं, अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि उत्तराखण्ड की भौगोलिक परिस्थितियों के हिसाब से ऐसे कुछ कार्यों को राज्य में बेस्ट प्रैक्टिस के रूप में अपनाया जाय।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश हर क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है। वैश्विक स्तर पर भारत का मान, सम्मान एवं स्वाभिमान बढ़ा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बाबा केदार की भूमि से कहा कि 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा। इस बार चारधाम यात्रा में लगभग 50 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए।

इस अवसर पर विधायक प्रीतम सिंह पंवार, क्रीडा समारोह के अध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह पंवार, मसूरी के पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष मनमोहन सिंह मल, ब्लॉक प्रमुख जौनपुर सीता रावत, क्रीडा समिति के संयोजक राजेश नौटियाल, जिलाधिकारी टिहरी सौरभ गहरवार, एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर एवं अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

भक्तदर्शन राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के स्वर्ण जयंती समारोह में पहुंचे सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जयहरीखाल के भक्तदर्शन राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के स्वर्ण जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने महान विभूति भक्तदर्शन जी को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने भक्तदर्शन की पुत्री मीरा चौहान को सम्मानित किया तथा भक्तदर्शन स्नातकोत्तर महाविद्यालय की स्मारिका का विमोचन भी किया।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर घोषणा की कि भक्तदर्शन स्नातकोत्तर महाविद्यालय में एमए तथा एमएससी हेतु दो पृथक पीजी ब्लॉक का निर्माण किया जाएगा। एम.एस.सी. में भौतिक विज्ञान व गणित तथा एमए में संस्कृत, अंग्रेजी व भूगोल के विभिन्न संकाय खोलने हेतु चरणबद्ध तरीके से आकलन कराकर उसी अनुरूप कार्य किया जाएगा। महाविद्यालय स्वरोजगारपरक कौशल विकास पाठ्यक्रम प्रारंभ किया जाएगा। विकासखंड नैनीडांडा और जयहरीखाल में मिनी स्टेडियम बनाया जायेगा। उन्होंने महाविद्यालय के छात्रा हॉस्टल की चारदीवारी के निर्माण हेतु जिलाधिकारी को निर्देशित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकासखंड जयहरीखाल के चिनबो तथा नैनीडांडा के आशोबाखली में वाटरफॉल निर्माण, ज़यहरीखाल ब्लाक के अंतर्गत अमटोला पंपिंग योजना की स्वीकृति प्रदान की जायेगी। नैनीडांडा के गुड्डूगड़ी में पर्यटन स्थल विकसित किया जायेगा। नैनीडांडा तथा रिखणीखाल विकासखंड के अंतर्गत कुमालडीडांडा, बरेही, पीपली, शिलांग, खदरासी, करतिया, तिमाईसैंण, डमालता, बगेडा, रीखेडा आदि में सिंचाई नेहरों के पुनरऊद्वार का कार्य किया जायेगा। द्वारीखाल में सिंगटाली नामक स्थान पर गंगा नदी पर पुल निर्माण एवं विधानसभा क्षेत्र यम्केश्वर में केंद्रीय विद्यालय निर्माण का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भक्तदर्शन का भारतीय स्वतंत्रता तथा उत्तराखंड राज्य के हित में महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने कहा कि भक्तदर्शन महाविद्यालय ने कुशल मानव संसाधन देने का कार्य किया। इस महाविद्यालय से पढ़े बहुत से लोग आज राजनीति, सेना, पुलिस, प्रशासन आदि क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत की पहचान एक समर्थ और शक्तिशाली भारत के रूप में बनी है। राज्य सरकार भी जीरो पेंडेंसी की नीति पर कार्य रही है। सरलीकरण, समाधान, निस्तारण एवं संतुष्टि के मंत्र पर कार्य किए जा रहे हैं। युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने के निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। भर्ती प्रक्रियाओं में तेजी लाई गई है।

इस अवसर पर विधायक दिलीप सिंह रावत, रेनू बिष्ट, जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे, मुख्य विकास अधिकारी अपूर्वा पांडे, ब्लॉक प्रमुख महेंद्र राणा, दीपक भंडारी, प्रशांत कुमार, नगरपालिका अध्यक्ष दुगड्डा भावना चौहान एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

अल्मोड़ा में विकास कार्यों की सीएम ने की समीक्षा

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने अल्मोड़ा स्थित सर्किट हाउस में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ जनपद में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की तथा सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये।

विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनपद में जो भी निर्माण कार्य गतिमान है उनमें तेजी लायी जाए। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से पीएमजीएसवाई एवं एनएच के अधिकारियों को सड़क निर्माण व सड़क चौड़ीकरण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने क्वारब- से खैराना के बीच एनएच की सड़क को जल्द ही ठीक करने के निर्देश दिए। इस संबंध में मुख्यमंत्री ने संबंधित ठेकेदार से भी फोन पर वार्ता कर इस सड़क के सभी कार्य तथा गड्ढों का कार्य जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने अल्मोड़ा से पिथौरागढ़ को जाने वाली सड़क के चौड़ीकरण पर भी संबंधित अधिकारियों को कार्य करने हेतु निर्देशित किया। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि गतिमान कार्यों की लगातार मॉनिटरिंग की जाए तथा संबंधित ठेकेदार को भी जल्द कार्य पूरा करने के लिए निर्देशित करें तथा समय से कार्य नहीं करने वाले ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट करने की कार्रवाई की जाए। उन्होंने निर्माण कार्य में भी तेजी लाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। उन्होंने सभी संबंधित कार्यदायी संस्था के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो निर्माण कार्य पूर्ण हो गए हैं उनके हैंडओवर की कार्रवाई आरम्भ कर दी जाए।

उन्होंने कहा कि पैसा चाहे राज्य सरकार का हो चाहे केंद्र सरकार का हो, उसका सुनियोजित ढंग से उपयोग सुनिश्चित किया जाए ताकि उस धनराशि का जनता को समय पर लाभ मिल सके।

इस दौरान जिलाधिकारी वंदना ने जनपद में हो रहे अभिनव प्रयासों से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। जिसमे जिलाधिकारी द्वारा कोसी पुनर्जनन अभियान, एक दिवसीय कोसी स्वच्छता अभियान, अमृत सरोवर निर्माण, अल्मोड़ा शहर का ड्रेनेज प्रोग्राम आदि के बारे में विस्तार से बताया ।
पत्रकार वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कल जो आजीविका महोत्सव आयोजित किया गया इस आजीविका महोत्सव में बड़ी संख्या में पूरे जनपद की मातृशक्ति व अनेकों लोगों यहॉ पर स्टार्ट-अप के माध्यम से इसमें प्रतिभाग किया। उन्होंने कहा कि हवालबाग में जो रूरल बिजनेस इक्यूबेटर (आर0बी0आई0) है उससे प्रेरणा लेकर यहॉ पर एक साल के अन्दर 03 गुना तरक्की हुई है। उन्होंने कहा कि अल्मोड़ा मेडिकल कालेज में जो कार्य लम्बित था भारत सरकार के सहयोग से शुरू हो चुका है।

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का एक मात्र लक्ष्य है कि सम्पूर्ण उत्तराखण्ड का विकास हो। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि अल्मोड़ा हमारी सांस्कृतिक नगरी है यहॉ के बड़े-बड़े विद्वानों ने देश व दुनिया में उत्तराखण्ड का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार उत्तराखण्ड को मा0 प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में देश का श्रेष्ठ राज्य बनाएगी। उन्होंने कहा कि बद्रीनाथ धाम में मास्टर प्लान के तहत कार्य किया जा रहा है तथा केदारनाथ में भी कार्य प्रगति पर है, हेमकुण्ड साहिब व केदारनाथ धाम के लिए रोपवे का शिलान्यास हो चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार की जो मानसखण्ड कारिडोर बनाने की जो योजना है उसके मास्टर प्लान पर तेजी से कार्य किया जा रहा है।

इस दौरान जनपद प्रभारी मंत्री धन सिंह रावत, कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या, सांसद अजय टम्टा, विधायक रानीखेत प्रमोद नैनवाल, विधायक कपकोट सुरेश गड़िया सहित जिला प्रशासन के उच्चाधिकारी उपस्थित थे।

जनजाति समाज के विकास के प्रति मुख्यमंत्री ने जतायी प्रतिबद्धता

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य जनजाति शोध संस्थान में जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर आयोजित आदि गौरव महोत्सव को सम्बोधित करते हुए प्रदेश में जनजाति समाज की कला, संस्कृति संरक्षण हेतु कारपस फण्ड की स्थापना की घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रतिवर्ष जनजाति गौरव दिवस का आयोजन किया जायेगा। जनजाति क्षेत्रों के विकास के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमान्त क्षेत्रों में जनजाति छात्रों की बेहतर शिक्षा व्यवस्था हेतु आवासीय विद्यालयों की स्थापना पर विचार किया जायेगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनजाति कल्याण समिति को भवन हेतु भूमि उपलब्ध कराये जाने की भी बात कही।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर जनजातीय गौरव दिवस की शुभकामना देते हुए कहा कि आजादी के अमृतकाल में भगवान बिरसा मुण्डा के आशीर्वाद से हमारा देश अपने अमृत संकल्पों को पूर्ण करने में अवश्य सफल होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा जनजातीय समाज हमारे बटवृक्ष रूपी देश की मजबूत जड़ के समान है। जनजातीय समाज का मजबूत और आत्मनिर्भर बनना हमारे देश और प्रदेश की उन्नति के लिए आवश्यक है। देश के स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय समाज का उल्लेखनीय योगदान के कारण ही पिछले वर्ष आदरणीय प्रधानमंत्री जी ने प्रत्येक वर्ष की 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाये जाने की घोषणा की थी। इससे जहां एक ओर जनजातीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है, वहीं गैर जनजातीय समुदाय को भी जनजातीय समाज की कला एवं संस्कृति की विशेषताओं से अवगत होते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 से पहले की सरकारों में आदिवासी समाज को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक राजनैतिक इच्छाशक्ति की कमी थी, उन्होंने आदिवासी समाज के व्यावसायिक हितों पर कोई ध्यान नहीं दिया, ये सरकारें दिखावे तक ही आदिवासी समाज के विकास की बात किया करती थी, परंतु 2014 के बाद से देश में चाहे शिक्षा का क्षेत्र हो या चिकित्सा का क्षेत्र हो आदिवासी समाज के हितों का ध्यान रखकर ही देश और प्रदेश की सरकारें अपनी समस्त योजनाएं बना रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन के अनुरूप उत्तराखंड के सुदूर सीमांत क्षेत्रों को भी विकास की मुख्य धारा से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। राज्य के स्थानीय उत्पादों एवं उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए हम निरंतर प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 21 अक्टूबर 2022 को देश के जनजाति बाहुल्य प्रथम गांव माणा में राज्य के उत्पादों की सराहना करते हुए देशवासियों से अपील की कि वे अपनी यात्रा में जितना व्यय करते हैं, उसका कम से कम 5 प्रतिशत स्थानीय उत्पादों को क्रय करने पर व्यय करें। इसका निश्चित रूप से लाभ हमारे प्रदेश को मिलेगा तथा वोकल फॉर लोकर की अवधारणा को मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि माणा में उनके द्वारा राज्य के सीमांत गांव माणा को अंतिम के स्थान पर प्रथम गांव संबोधित करने पर प्रधानमंत्री ने अपनी सहमति जताते हुए देश के सभी सीमांत गांवों को अंतिम के बजाय प्रथम गांव कहा गया है। यह देश के सभी सीमांत क्षेत्रों के निवासियों के लिये भी सम्मान की बात है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री चंदन राम दास, मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक विनोद चमोली, निदेशक जनजाति कल्याण संजय टोलिया, मूरत राम शर्मा, रामकृष्ण रावत, पूर्व मुख्य सचिव एन.एस. नपलच्याल सहित बड़ी संख्या में जनजाति समाज के लोग एवं लोक कला एवं लोक संस्कृति से जुड़े कलाकार आदि उपस्थित थे।

उत्तराखंड के जनजातियों समुदाय के लोगों ने निकाली शोभायात्रा, सीएम ने किया रवाना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनजातीय गौरव दिवस के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय से जनजातीय समुदायों की शोभा यात्रा का फ्लैग ऑफ किया। भगवान बिरसा मुण्डा जी की जयंती के उपलक्ष्य में मनाये जा रहे जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर उत्तराखण्ड राज्य की जनजातियों के लोगों ने शोभायात्रा निकाली। इस अवसर पर मुख्यमत्री ने भगवान बिरसा मुण्डा जी के स्वतन्त्रता संग्राम मे योगदान को याद करते हुए उन्हे नमन किया तथा सभी को जनजातीय गौरव दिवस पर सभी को बधाई दी।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चौहान, जनजाति विभाग के निदेशक संजय टोलिया, अपर निदेशक योगेन्द्र रावत, समन्वयक राजीव सोलंकी आदि उपास्थित रहे।

जनपद प्रवास कार्यक्रम के जरिए सीएम से सीधा जुड़ पा रहे हैं आजमन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का जनपद प्रवास कार्यक्रम सफल साबित हो रहा है। इस दौरान वह विकास योजनाओं की समीक्षा, लोकार्पण और शिलान्यास करने के साथ ही आम लोगों के साथ सीधा संवाद भी स्थापित कर रहे हैं। युवाओं और मातृशक्ति के साथ जनसरोकार से जुड़े मुद्दों पर परिचर्चा को मुख्यमंत्री खासी तवज्जो दे रहे हैं। अब तक धामी राज्य के 13 में से 6 जिलों में प्रवास कर चुके हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कुछ समय पहले निर्णय लिया था कि वह शुक्रवार और शनिवार को जनपदों के भ्रमण व प्रवास पर रहेंगे। इसी निर्णय के तहत वह अब तक 6 जिलों रुद्रप्रयाग, चम्पावत, नैनीताल, ऊधमसिंहनगर, बागेश्वर और पिथौरागढ़ का प्रवास कर चुके हैं। प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री विकास कार्यों की समीक्षा करने के साथ ही मुख्यमंत्री की घोषणाओं की प्रगति और उन पर हुए अमल की जानकारी भी ले रहे हैं। समीक्षा बैठकों में सीएम धामी लापरवाह और गैरजिम्मेदार अधिकारियों के पेंच कसने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। अधिकारियों को पूरे होमवर्क और रोडमैप के साथ बैठकों में आने के निर्देश दिए गए हैं। उनके सख्त रवैये से जिला स्तर के अधिकारी हलकान हैं। समीक्षा बैठकों के साथ ही मुख्यमंत्री धामी जनता से सीधा संवाद स्थापित कर रहे हैं। सरकारी सिस्टम के फीडबैक के साथ ही स्थानीय समस्याओं की जानकारी भी उन्हें जनता से मिल रही है। सुबह और शाम के पैदल सैर के दौरान वह स्थानीय व्यापारियों, किसानों और महिलाओं से बातचीत कर रहे हैं। रविवार की शाम मुख्यमंत्री सीमांत जनपद पिथौरागढ़ के प्रवास से लौटे। प्रातः काल वह भ्रमण पर निकले तो उन्होंने नवीन बोरा के प्रतिष्ठान पर गरमा गरम चाय का आनंद लिया और उनका हालचाल जाना। उन्होंने प्रतिदिन की बिक्री समेत परिवार के दूसरे सदस्यों और गुजर बसर की जानकारी भी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने यहां स्थानीय लोगों एवं क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से चाय के साथ चर्चा की। तभी पिकनिक पर जा रहे स्टैफर्ड पब्लिक स्कूल के बच्चों पर नज़र पड़ी तो मुख्यमंत्री स्कूल बस में चढ़कर सभी बच्चों से मिले। उन्होंने बच्चों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी।

पिथौरागढ़ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का गृह जनपद है। उनका पैतृक गांव हरखोला (कनालीछीना ब्लॉक) है जहां उनकी प्राथमिक शिक्षा हुई थी। बचपन के कई साथी भी उनसे मुलाकात करने पिथौरागढ़ पहुंचे। बड़ी आत्मीयता के साथ सीएम धामी ने अपने पुराने साथियों के साथ समय बिताया।

40 लाभार्थियों को लॉटरी के माध्यम से मिले आवास, शहरी विकास मंत्री ने सौंपे दस्तावेज

प्रदेश के आवास विकास मंत्री डॉ प्रेम चन्द अग्रवाल द्वारा विधानसभा स्थित सभाकक्ष में ई-बुकिंग पोर्टल के माध्यम से उत्तराखंड आवास एवं विकास परिषद द्वारा किये जा रहे आवास आवंटन हेतु आनलाइन ई-बुकिंग पोर्टल का शुभारंभ किया गया।
मंत्री डॉ अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के ए०एच०पी० घटक अन्तर्गत उत्तराखण्ड आवास एवं विकास परिषद द्वारा कुल 16 परियोजनाओं पर निजी विकासकों के माध्यम से कार्य गतिमान है। उक्त परियोजनाओं पर माह अप्रैल, 2022 के उपरान्त कार्य प्रारम्भ हुआ है। 3 परियोजनाएं क्रमशः कनकपुर- काशीपुर 1256, शिकारपुर-रुड़की 768 आवास एवं उकरौली-सितारगंज 1168 हेतु परिषद्, नगर निगमों/नगर निकायों तथा जिला विकास प्राधिकरणों व जनपद स्तरीय अन्य कार्यालयों के माध्यम से आवास आवंटन हेतु पात्र व्यक्यिों से आवेदन प्राप्त किये गये। उक्त आवेदनों की संवीक्षा उपरान्त प्राधिकरण, जिला प्रशासन एवं नगर निकाय के प्रतिनिधियों द्वारा संयुक्त स्थल निरीक्षण उपरान्त लॉटरी के माध्यम से आवास आवंटन की व्यवस्था की गयी है। लॉटरी हेतु परिषद् द्वारा एच०डी०एफ०सी० बैंक के साथ मिलकर ऑनलाईन आवास बुकिंग एवं ऑनलाईन लॉटरी हेतु ई-बुकिंग पोर्टल विकसित किया गया है।
मंत्री डॉ अग्रवाल ने कहा कि भविष्य में आवास आवंटन हेतु बुकिंग ऑफलाईन पद्धति के साथ-साथ ई-बुकिंग पोर्टल के माध्यम से ऑनलाईन आवेदन भी प्राप्त किये जा सकते हैं। इस हेतु राज्य स्तर पर कॉमन सर्विस सेन्टर के साथ पोर्टल का इन्टीग्रेशन किया जा चुका है। भविष्य में सभी परियोजनाओं की बुकिंग ऑफलाईन माध्यम के साथ-साथ कॉमन सर्विस सेन्टर के माध्यम से भी की जायेगी।
मंत्री आवास एवं शहरी विकास प्रेम चन्द अग्रवाल द्वारा ऑनलाईन ई-बुकिंग पोर्टल का शुभारम्भ अपर मुख्य सचिव आवास आनन्द बर्द्धन तथा आयुक्त उत्तराखण्ड आवास एवं विकास परिषद सुरेन्द्र नारायण पाण्डेय की उपस्थिति में किया गया। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार गरीबों के लिए है जिसका प्रयास है कि पारदर्शी तरीके से अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को सरकार की योजनाओं का लाभ मिल सके।
मंत्री डॉ अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अन्तर्गत शिकारपुर- रूड़की के 768 ई0डब्ल्यू0एस0 आवास हेतु कुल 923 आवेदन प्राप्त हुए थे। संवीक्षा एवं स्थलीय सत्यापन में 49 आवेदन पत्र अयोग्य पाये गये। शेष 874 आवेदकों में से 768 आवेदकों को ई-बुकिंग पोर्टल के माध्यम से ऑनलाईन लॉटरी आवंटित किये गये। उक्त लॉटरी में वरिष्ठ नागरिकों एवं दिव्यांगों को भूतल में आवास आंवटित किये गये हैं।
मंत्री डॉ अग्रवाल ने कहा कि लगभग 40 लाभार्थियों को आनलाइन लाटरी के माध्यम से आवास आवंटित किये गये हैं। परिषद् द्वारा आवास आवंटन के आवेदन, जांच/लॉटरी से आवंटन हेतु पूर्ण रूप से पारदर्शी पोर्टल एच०डी०एफ०सी० बैंक के सहयोग से विकसित किया गया है। इस अवसर पर एच०डी०एफ०सी० बैंक की ओर से विपिन त्रिपाठी, स्टेट हेड एवं बकुल सिक्का, एरिया हेड भी उपस्थित रहे।

राज्य निर्माण का संघर्ष पाठ्यक्रम का हिस्सा बनना जनभावना का सम्मानः भट्ट

भाजपा ने सीएम पुष्कर सिंह धामी द्वारा राज्य निर्माण आंदोलन के इतिहास को पाठ्यक्रम में शामिल करने के निर्णय को ऐतिहासिक बताते हुए स्वागत किया है। पार्टी प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट ने संगठन व प्रदेशवासियों की तरफ से मुख्यमंत्री को बधाई देते हुए कहा कि भावी पीढ़ी को राज्य निर्माण के लिए हुए बलिदान और संघर्ष की जानकारी और उनमें कृतज्ञता का भाव जागृत होना भी अति आवश्यक है।

प्रदेश अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री धामी के कदम की प्रशंसा करते हुए कहा कि राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर राज्य निर्माण के संघर्ष को शैक्षिक पाठ्यक्रम में शामिल करने की घोषणा जनभावना का सम्मान है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी के सामने आंदोलनकारियों की शहादत, कुर्बानियों एवं उनके विचारों से जुड़ी अधिकृत जानकारी आना बेहद जरूरी है जिसके लिए इसका स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करना बेहतर कदम है। यह हमारी नैतिक जिम्मेदारी व नई पीढ़ी का अधिकार भी है कि किस तरह अथाह कष्टों व बाधाओं को सहते हुए पूर्णतया अहिंसात्मक तरीके से हमने पृथक राज्य प्राप्त किया है। मुजफ्फरनगर नरसंहार, खटीमा, मसूरी, श्रीयंत्र टापू गोलीकांड जैसे अनेकों घावों के दर्द का भी उन्हें अहसास हो ताकि एक कृतज्ञता का भाव भी उनके मन मस्तिष्क में जागृत हो।