सीएम त्रिवेंद्र ने शहीद कोष के लिए 75 लाख रूपए की राशि की स्वीकृत

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बुधवार को पुलिस लाईन, देहरादून में पुलिस स्मृति परेड में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने शहीद स्मारक पर पुलिस एवं अर्द्ध सैन्य बलों के शहीदों को पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड के शहीद पुलिस व अर्द्धसैन्य बलों के परिजनों को सम्मानित भी किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र ने कहा कि आज के दिन अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाले अर्द्ध सैनिक बल व पुलिस कर्मियों को श्रद्धांजलि दी जाती है। उन्होंने कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा व कानून व्यवस्था बनाए रखने का उत्तरदायित्व राज्यों की पुलिस बल व अर्द्धसैनिक बलों का है। अपने इस उत्तरदायित्व को निभाते हुए पुलिस कर्मियों अपने जीवन की आहुति को भी तत्पर रहते हैं। विगत एक वर्ष में भारतवर्ष में 265 अर्द्धसैनिक बलों एवं पुलिस कर्मी शहीद हुए हैं, जिसमें उत्तराखंड पुलिस के 6 वीर शहीद हुए हैं। ड्यूटी के दौरान प्राणों की आहुति देने वाले ये पुलिस कर्मी हम सब के लिए प्रेरणा के स्रोत है। सम्पूर्ण भारतवासी अपने शहीद पुलिस कर्मियों व अर्द्ध सैनिक बलों को हार्दिक श्रद्धांजलि देते हुए नतमस्तक हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के दिन हम इन पुलिस कर्मियों के परिजनों के प्रति भी अपनी हार्दिक संवेदनाएं प्रकट करते हैं। आज पूरा विश्व आतंकवाद और कोविड-19 महामारी से जूझ रहा है। हमें इन चुनौतियों का डटकर सामना करना है। इनसे निपटने के लिए एक सुनियोजित रणनीति के तहत कार्रवाई किए जाने की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री ने शहीद कोष हेतु रुपए 75 लाख की राशि स्वीकृत करने और सहायक उपनिरीक्षक व निरीक्षक के वर्दी भत्ता में रु0 1000 की वृद्धि की घोषणा की।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल, कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, मेयर देहरादून सुनील उनियाल गामा, विधायक हरवंश कपूर, मुन्ना सिंह चैहान, उमेश शर्मा काऊ, विनोद चमोली, गणेश जोशी, पुलिस महानिदेशक अनिल कुमार रतूड़ी, राधा रतूड़ी ने भी शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी।

सीएम ने नाबार्ड से सौंग बांध निर्माण, ग्रोथ सेंटरों के विकास के लिए मांगा सहयोग

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की अध्यक्षता में राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) द्वारा राज्य के विकास में विभिन्न वित्तीय एवं विकासात्मक सहयोग से संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन के सम्बन्ध में बैठक हुई। बैठक में नाबार्ड के चेयरमैन डॉ0 जी0आर0 चिंतला, सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज, कृषि मंत्री सुबोध उनियाल, सहकारिता मंत्री डॉ0 धन सिंह रावत के साथ ही मुख्य सचिव ओम प्रकाश उपस्थित थे। मौके पर नाबार्ड द्वारा प्रकाशित पैक्स-एक बहुउद्देशीय सेवा केन्द्र योजना मार्गदर्शिका का भी विमोचन किया गया।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने राज्य के विकास में नाबार्ड द्वारा दिये जा रहे सहयोग के प्रति आभार जताते हुए कहा कि राज्य में ट्राउट मछली पालन की दिशा में काफी कार्य हुआ है। इसके साथ पोल्ट्री, मसरूम उत्पादन की भी राज्य में काफी संभावनायें हैं। उन्होंने सौंग बांध के निर्माण, ग्रोथ सेन्टरों के विकास एवं ग्राम लाइट योजना को बढ़ावा देने में भी नाबार्ड से सहयोगी बनने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सौंग बांध की लागत 1200 करोड़ है। इसके बनने से प्रतिवर्ष 90 करोड़ की बिजली की बचत होने के साथ ही देहरादून को आगामी 60 वर्षो तक ग्रेविटी आधारित पेयजल की आपूर्ति हो सकेगी। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी 670 पेक्स को बहुउद्देशीय सेवा केन्द्र के रूप में संचालित करने के लिये सहयोग की अपेक्षा की।

उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड के सहकारी बैंक को स्थिति अन्य पहाड़ी राज्यों से बेहतर है इसका फायदा सहकारी बैंक ले सकते हैं जिसके तहत नाबार्ड 500 से लेकर 1000 करोड़ रूपए केवल 2-90 प्रतिशत की ब्याज दर से दे सकता है। साथ ही इसके तहत जो अनुपात बनाए रखना होता है उसमें भी नाबार्ड छूट् दे सकता है। आत्म निर्भर भारत के तहत कृषि आधारभूत सुविधा निधि के तहत कृषकों के लिए फसल कटाई उपरांत के प्रबंधन पर ध्यान देने की बात कही। यदि पैक्स नाबार्ड की स्कीम पैक्स- बहु उद्देशीय सेवा केंद्र तथा कृषि आधारभूत सुविधा निधि का लाभ मिलकर लेते हैं तो उन्हें केवल 01 प्रतिशत की ब्याज दर पर ऋण सुविधा उपलब्ध हो पायेगी। उन्होंने नाबार्ड की एलईडीपी तथा एमईडीपी योजनाओं के माध्यम से सुविधा देने पर अपनी सहमति जताई। कृषक उत्पादक संगठन के लिए प्रोहत्सन करने के साथ-साथ ओएफपीओं के गठन पर भी जोर दिया ताकि जिन लोगो के पास जमीन नहीं है उन्हें भी फायदा मिल सके।

जहां दूरसंचार कनेक्टिविटी नहीं, वहां प्राथमिकता के साथ सुविधा देंः सीएम

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की अध्यक्षता में वीडियो कांफ्रेंसिंग द्वारा राज्य स्तरीय दिशा समिति की बैठक आयोजित की गई। इसमें केंद्र पोषित योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा हुई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि समिति के सदस्य सांसदगणों और विधायकगणों को आवश्यक सूचनाएं समय पर उपलब्ध कराई जाए। जिला स्तर की बैठकों का आयोजन सुनिश्चित किया जाए। विभिन्न योजनाओं में दिए गए टार्गेट समय पर पूरे हों। कार्यों की क्वालिटी पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। कोविड-19 के कारण हुई देरी की भरपाई करने के लिए दोगुनी ऊर्जा से काम करना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खनिज क्षेत्र कल्याण योजना में पर्याप्त मात्रा में धन उपलब्ध है। इसमें अवस्थापनात्मक, सामाजिक क्षेत्र और पर्यावरण संरक्षण से संबंधित काम कराए जाएं। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में प्लेसमेंट को प्रमुखता दी जाए। डिजिटल भारत भू-अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम को सभी जिलों में तेजी से लागू किया जाना है। मनरेगा में अच्छा काम किया गया है। इसमें सुनिश्चित किया जाए कि नए जॉब कार्ड बनाने में कोई परेशानी न हो। जिन गांवों में दूरसंचार की कनेक्टिविटी नहीं है, उन्हें कनेक्टिविटी से जोड़ने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
अपर मुख्य सचिव मनीषा पंवार ने बताया कि विकास समन्वय और निगरानी समिति (दिशा) द्वारा 41 केंद्र पोषित योजनाओं व कार्यक्रमों की समीक्षा की जाती है। इसका उद्देश्य चुने हुए जनप्रतिनिधियों के सहयोग से उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग करना और तालमेल को बढ़ाना है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समिति और सांसदगण की अध्यक्षता में जनपद स्तरीय समिति बनाई गई हैं। राज्य स्तरीय समिति में सभी सांसदगण और कुछ विधायकगण भी सदस्य होते हैं। समिति समन्वय और निगरानी के साथ ही धन प्रवाह की समीक्षा, भूमि, स्थान जैसे मामलों को हल करना, योजनाओं के क्रियान्वयन में सुधार के लिए आवश्यतानुसार सुझाव भारत सरकार को दे सकती है।
बैठक में पीएमजीएसवाई, एनआरएलएम, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना, मनरेगा, सर्व शिक्षा अभियान, मिड-डे मील, डिजिटल इंडिया, राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम, प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना, सुगम्य भारत अभियान, अमृत, प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी, स्वच्छ भारत मिशन, स्मार्ट सिटी मिशन, दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना, एकीकृत विद्युत विकास योजना, डिजिटल भारत भू-अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, परम्परागत कृषि विकास योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, ई-नाम, जल जीवन मिशन, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा, प्रधानमंत्री उज्जवला योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, समेकित बाल विकास योजना, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना, टेलीकॉम, रेलवे, राष्ट्रीय राजमार्ग, त्वरित सिंचाई लाभ कार्यक्रम आदि कार्यक्रमों व योजनाओं की समीक्षा की गई।
बैठक में सांसद अजय भट्ट, अजय टम्टा, विधायक राजेश शुक्ला, धन सिंह नेगी, राम सिंह कैड़ा, मुख्य सचिव ओम प्रकाश, सचिव आरके सुधांशु, शैलेश बगोली, नीतेश झा, आर मीनाक्षी सुंदरम सहित शासकीय अधिकारी उपस्थित रहे।

भूतपूर्व सैनिक संगठन के सदस्यों ने सीएम का आभार जताया

सेवारत एवं सेवानिवृत्त जेसीओ रैंक से ऊपर के सैन्य अधिकारियों का गृहकर माफ किये जाने की घोषणा पर भूतपूर्व सैनिक संगठन, देहरादून ने मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत का आभार व्यक्त किया। रविवार को गढ़ी कैंट देहरादून स्थित डीएसओआई में आयोजित संक्षिप्त कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र का संगठन द्वारा आभार व्यक्त किया गया। इस अवसर पर संगठन द्वारा मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र को अपनी मांगो से सम्बन्धित ज्ञापन एवं सुझाव पत्र भी सौंपा गया।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि उत्तराखण्ड एक सैनिक बहुल प्रदेश है। प्रदेश का हर परिवार सैनिकों एवं पूर्व सैनिकों से किसी न किसी प्रकार से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड का यह सौभाग्य है कि पूर्व सैनिको के रूप में हमारे पास प्रशिक्षित एवं अनुशासित जनशक्ति उपलब्ध है, जिनका उपयोग प्रदेश के विकास के लिए किया जा सकता है।
इस अवसर पर विधायक गणेश जोशी, जीओसी उत्तराखंड सब एरिया मेजर जनरल आरएस ठाकुर, डिप्टी जीओसी ब्रिगेडियर एसएन सिंह, भूतपूर्व सैनिक संगठन देहरादून के पदाधिकारी ब्रिगेडियर(से.नि.) केजी बहल, कर्नल (से.नि.) बीएम थापा, कर्नल (से.नि.) यू एस ठाकुर उपस्थित थे।

नजरियाः निर्माण कार्य में लापरवाही देख मेयर गुस्साई, फोन पर अधिकारी को लताड़ा

ऋषिकेश की प्रथम मेयर अनिता ममगाईं ने देहरादून रोड स्थित स्व. इंद्रमणि बडोनी चैक से दुर्गा मंदिर तक लगाई जा रही डबल आम्र्स लाइट एवं डिवाइडर का निरीक्षण किया। यहां निर्माण कार्य में लापरवाही को देख मेयर अनिता का पारा चढ़ आया। उन्होंने तुरंत मौके से ही फोन कर अधिकारियों को तलब कर लिया।

फोन पर हरकत में आये अधिकारी कुछ ही देर में मौके पर पहुंचे। मेयर अनिता ने कहा कि निगम की कमान संभालने के बाद से उन्होंने स्पष्ट कर दिया था कि वह किसी भी निर्माण कार्य में गुणवत्ता में कमी व लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेंगी। इसके बावजूद विभागीय अधिकारी निर्माण कार्यों में लापरवाही बरत रहे हैं। डिवाइडर के दोनों छोरों पर दरार एवं विद्युत पोलों में हल्का मैटेरियल प्रयुक्त करने पर गुस्साई मेयर ने सहायक अभियंता को फटकार लगाते हुए कहा कि इससे कभी भी कोई दुर्घटना घटित हो सकती है। कहा कि उक्त निर्माण कार्य का थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन कराया जाएगा। उसके बाद ही ठेकेदार की पेमेंट होगी।

तीन चरणों में चुनाव के बाद बिहार के सीएम पद का दस नवंबर को होगा फैसला

बिहार में विधानसभा चुनाव तीन चरणों में किया जाएगा। इसका परिणाम 10 नवंबर को होगा। मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि बिहार में चुनाव तीन चरणों में होंगे। पहले दौर का मतदान 28 अक्टूबर, दूसरे दौर का 3 नवंबर और तीसरे दौर का मतदान 7 नवंबर को कराया जाएगा। बताया कि मतों की गिनती 10 नवंबर को होगी। इसी दिन नतीजे घोषित कर दिए जाएंगे। सबसे पहले राज्य के 16 जिले में 71 विधानसभा क्षेत्र में चुनाव कराए जायेंगे। दूसरे चरण में 17 जिले के 94 विधानसभा क्षेत्र में चुनाव कराए जायेंगे। तीसरे चरण में 15 जिले के 78 विधानसभा क्षेत्र में चुनाव कराए जायेंगे।

बिहार चुनाव में पिछली बार 6.7 करोड़ लोगों ने वोट डाला था, जबकि इस बार 7.2 करोड़ लोग वोट डालने वाले हैं। उन्होंने कहा कि मतदाता को बुखार होने पर उसे रोक दिया जाएगा। ऐसे लोग अंतिम घंटों में मतदान करेंगे। चुनाव सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक होंगे। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में मतदान शाम पांच बजे ही खत्म हो जायेगा।

मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा, बिहार विधानसभा चुनाव के लिए 7 लाख हैंड सेनेटाइजर, 6 लाख पीपीई किट, 7,6 लाख बेडशीट, 23 लाख हैंड ग्लब्स का इंतजाम किया गया है। उन्होंने कहा कि कोविड के चलते नए सुरक्षा मानकों के तहत चुनाव होंगे। पोलिंग बूथ पर मतदाताओं की संख्या घटाई जाएगी। एक बूथ पर सिर्फ 1,000 मतदाता होंगे। इस बार नामांकन फॉर्म भरने और जमानत की रकम ऑनलाइन तरीके से जमा करने की भी व्यवस्था की गयी है। बिहार विधानसभा चुनावों के लिए नामांकन ऑनलाइन और ऑफलाइन, दोनों तरीके से भरे जा सकते हैं।

प्रचार के लिए यह रहेगा गाइडलाइन
विधानसभा कैंडिडेंट समेत कुल 5 लोग ही डोर टू डोर कैंपेन में शामिल होंगे। पांच से ज्यादा लोग घर जाकर प्रचार नहीं कर पाएंगे। चुनाव आयोग ने बताया कि नामांकन के दौरान उम्मीदवार के साथ दो से ज्यादा वाहन नहीं ले जा सकते। नामांकन के वक्त उम्मीदवार के साथ सिर्फ दो लोग मौजूद रहेंगे। प्रचार के दौरान किसी से हाथ मिलाने की इजाजत नहीं होगी।

29 सितंबर को होगा उपचुनाव पर निर्णय
उपचुनाव को लेकर चुनाव आयोग 29 सितंबर को फिर बैठक करेगा। इसके बाद चुनाव की तारीखों का एलान करेगा। मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील आरोड़ा ने कहा कि 29 सितंबर को आयोग सभी राज्यों में होने वाले उपचुनाव की तारीखों का एलान शाम तक करेगा।

मदन कौशिक को हुआ कोरोना, कृषि मंत्री हुए सेल्फ आइसोलेट

शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक कोरोना पाॅजीटिव पाए गए है। उन्होंने स्वयं अपनी पाॅजीटिव रिपोर्ट की बात कबूल की है। साथ ही संपर्क में आए लोगों को खुद आइसोलेट हो जाने को कहा है। मदन कौशिक जल्द ही एम्स ऋषिकेश में भर्ती होंगे। उधर, कृषि मंत्री सुबोध उनियाल अपने बेटे और भतीजी के पाॅजीटिव आने के बाद सेल्फ आइसोलेट हो गए हैं।

मदन कौशिक शनिवार शाम से पांच दिन के लिए खुद आइसोलेट हो गए थे। बताया जा रहा है कि वह कोविड संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए थे। बता दें कि कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक शुक्रवार को कैबिनेट बैठक में शामिल हुए थे। इस बैठक में गोपन विभाग के स्टाफ के अलावा शासन के सभी प्रमुख आलाधिकारी मौजूद थे। कौशिक की आरटीपीसीआर रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद मंत्रियों और आलाधिकारियों को आइसोलेशन में जाना पड़ सकता है।

सरकार की दरों से अधिक वसूली करने पर निजी अस्पताल पर होगी कार्रवाई

केंद्र सरकार की तय दरों के आधार पर प्रदेश के निजी अस्पताल कोरोना मरीजों से इलाज का खर्चा 20 प्रतिशत कम लेंगे। यानी निजी अस्पताल केवल 80 प्रतिशत तक खर्च वसूल कर सकेंगे। इसके विपरीत यदि कोई निजी अस्पताल तय दरों से अधिक वसूली करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है।

निजी अस्पतालों में कोरोना मरीजों के इलाज के लिए नीति आयोग के सदस्य डॉ.विनोद पाल की अध्यक्षता में गठित समिति की सिफारिशों के आधार पर सरकार ने इलाज की दरें तय की हैं। केंद्र की ओर से तय दरों का 80 प्रतिशत उपचार शुल्क निजी अस्पतालों की ओर से लिया जाएगा। इसमें 1200 और 2000 रुपये पीपीई किट का खर्च और बिस्तर, भोजन, निगरानी, नर्सिंग देखभाल, डॉक्टरों का परामर्श, कोविड जांच, ऑक्सीजन समेत अन्य सुविधाएं भी शामिल हैं। 

प्रभारी सचिव स्वास्थ्य डॉ. पंकज कुमार पांडेय ने कोरोना इलाज की दरों को लेकर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि केंद्र की ओर से जो दरें तय की गई हैं, उसके आधार पर प्रदेश में निजी अस्पताल कोरोना मरीजों से इलाज के लिए 80 प्रतिशत उपचार शुल्क लेंगे। शासन की ओर से जारी आदेश में भी 80 प्रतिशत के हिसाब से इलाज की दरें तय करने का उल्लेख किया गया है। 

आयुष्मान कार्ड धारकों के लिए 25 प्रतिशत बेड रखने होंगे आरक्षित

राज्य अटल आयुष्मान योजना के तहत प्रदेश में पंजीकृत निजी अस्पतालों में कोरोना मरीजों का उपचार निशुल्क किया जाएगा। गोल्डन कार्ड धारकों के उपचार का खर्च सरकार तय दरों के आधार पर ही करेगी। साथ ही पंजीकृत अस्पतालों को 25 प्रतिशत बेड आरक्षित भी रखने होंगे।

राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के अध्यक्ष डीके कोटिया ने बताया कि गोल्डन कार्ड पर पंजीकृत निजी अस्पतालों में कोरोना का मुफ्त इलाज किया जाएगा। सरकार ने अटल आयुष्मान योजना में प्रदेश के 23 लाख परिवारों को पांच लाख तक के मुफ्त इलाज की सुविधा दी है।

प्रदेश में लगभग 40 लाख से अधिक लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड बन चुके हैं। जिन पात्र लाभार्थियों ने अभी तक गोल्डन कार्ड नहीं बनाया है, उन्हें भी मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी। अस्पताल में आरोग्य मित्रों के माध्यम से ऐसे लाभार्थियों का तुरंत गोल्डन कार्ड बनाया जाएगा। 

गढ़वाल विवि का परीक्षा कार्यक्रम जारी

गढ़वाल विवि में 19 सितंबर से स्नातक, स्नातकोत्तर और व्यवसायिक पाठ्यक्रमों की अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाएं शुरू होंगी। विवि के अनुसार, नए कार्यक्रम के तहत परीक्षा कार्यक्रम विवि की वेबसाइट में अपलोड कर दिया गया है। 
एमएचआरडी (मानव संसाधन विकास मंत्रालय) और यूजीसी ने सभी विवि को 30 सितंबर तक परीक्षा कराने के निर्देश दिए हैं। पूर्व में विवि की ओर से एक सितंबर और 10 सितंबर से परीक्षा शुरू कराने का निर्णय लिया गया था, लेकिन परीक्षा बार-बार टालनी पड़ी।
अब विवि ने एक बार फिर नई तिथि तय की है। विवि के परीक्षा नियंत्रक प्रो. आरसी भट्ट ने बताया कि विवि के परिसरों और संबद्ध शिक्षण संस्थानों में  19 सितंबर से बीए, बीएससी, बीकॉम, बीपीएड के अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाएं शुरू होेंगी। 

परीक्षा तिथियां
एलएलबी – 20 से 26 सितंबर
बीएध्बीएससी – 19 सितंबर से 9 अक्तूबर 
एमससी – 19 से 3 अक्तूबर
एमकॉम- 20 से 3 अक्तूबर
एमए- 28 से 10 अक्तूबर 
नेट – 16 से 25 सितंबर 
बीफार्मा – 19 से 29 सितंबर
एमबीए- 20 से 30 सितंबर
जर्नलिज्म एंड मॉस कम्युनिकेशन – 19 से 27 सितंबर
बीसीए, बीएससी (आईटी) और बीएससी (सीएस) – 19 से 27 सितंबर
एमएससी (आईटी) व एमएससी (सीएस) की परीक्षा- 19 से 1 अक्तूूबर