सीएम ने किया कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग द्वारा प्रकाशित ‘‘मेरी योजना’’ पुस्तक का विमोचन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग द्वारा तैयार की गई “मेरी योजना“ मेरी योजना मेरा अधिकार अपणि सरकार जनता के द्वारा पुस्तक का विमोचन किया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, प्रेमचंद अग्रवाल, सुबोध उनियाल, डॉ. धन सिंह रावत, प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, सचिव दीपक कुमार के साथ संयुक्त सचिव एन.एस. डुंगरियाल आदि उपस्थिति थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरी योजना पुस्तक से निश्चित ही प्रदेशवासियों को सरकारी योजनाओं के संबंध में जानकारी मिलेगी उन्होंने कहा कि सभी जनकल्याणकारी योजनाओं को एक पटल पर रखना अच्छी पहल है। उन्होंने निर्देश दिए की यह पुस्तक राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचे ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को योजनाओं को जानने का अवसर मिल सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरी योजना पुस्तक को प्रकाशित करने का मुख्य उद्देश्य, पात्र लाभार्थियों को जनकल्याणकारी, स्वरोजगार, रोजगारपरक, कौशल विकास, प्रशिक्षणपरक, निवेशपरक योजनाओं का लाभ आम आदमी तक पहुंचाने की प्रक्रिया को सरल शब्दों में उन तक पहुंचाना है, जिससे पात्र लाभार्थी योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सके और हमारा उत्तराखण्ड “सर्वश्रेष्ठ उत्तराखण्ड“ बन सके। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक जहां पात्र लाभार्थी को योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में सहयोग करेगी, वहीं नीति निर्धारणकर्ताओं, शोधकर्ताओं, पाठकों के लिए रूचिकर एवं सरकार द्वारा किये जा रहे प्रयासों के प्रति भी सजग बनायेगी।

इस संबंध में सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में सचिव कार्यक्रम कार्यान्वयन विभाग दीपक कुमार द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस भी आयोजित की गई। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा सचिवालय में ‘‘मेरी योजना’’ मेरी योजना मेरा अधिकार अपणी सरकार जनता के द्वार पुस्तक का विमोचन किया गया है। इससे पूर्व मुख्यमंत्री जी द्वारा इस पुस्तक के ई-बुक संस्करण का भी विमोचन किया जा चुका है। ‘‘मेरी योजना’’ पुस्तक में राज्य के 55 विभागों एवं सभी विभागों में संचालित 400 से अधिक विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के संबंध में संपूर्ण जानकारी एवं विवरण दिया गया। उन्होंने बताया पुस्तक की मदद से आम जन तक योजनाओं का प्रचार प्रसार में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा एक ही पुस्तक में सभी विभागों के विवरण से लोगों को योजनाओं का लाभ लेने में सहायता मिलेगी।

सचिव दीपक कुमार ने बताया कि “मेरी योजना’’ पुस्तक को ग्राम पंचायत से लेकर मा. सांसदों, विधायकों के साथ सभी जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि यह पुस्तक ई-बुक के रूप में उत्तराखंड सरकार की वेबसाइट uk.gov.in पर भी उपलब्ध है।

डबल इंजन की सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक तेजी से पहुंच रहाः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास स्थित कैम्प कार्यालय में शासन के उच्चाधिकारियों के साथ बैठक कर नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित मुख्यमंत्री सम्मेलन में जिन बिंदुओं पर चर्चा की गई थी उनके संबंध में विस्तृत चर्चा की तथा इनके क्रियान्वयन हेतु अधिकारियों को निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी नीतियों एवं योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक तेज गति से पहुंचाया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व एवं दूरदर्शिता से उत्तराखण्ड के विकास को नई गति दी जा रही है। हम “अंत्योदय एवं गरीब कल्याण“ के संकल्प को सिद्धि की ओर ले जाते हुए उत्तराखण्ड को देश के अग्रणी राज्यों में सम्मिलित करने हेतु सतत क्रियाशील हैं। उन्होंने इस दिशा में सभी से समेकित प्रयासों पर बल दिये जाने का भी आह्वान किया।

सीएम ने साहित्यकारों को वितरित किए उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड भाषा संस्थान द्वारा सर्वे चौक स्थित आई0आर0डी0टी0 सभागार में आयोजित कार्यक्रम में 10 साहित्यकारों को उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मान प्रदान किये। मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड भाषा संस्थान के साहित्य गौरव सम्मान समारोह में उपस्थित प्रदेश और देश के विभिन्न हिस्सों से आये साहित्यकारों और भाषा प्रेमियों का स्वागत करते हुए सभी को विश्व मातृभाषा दिवस की भी शुभकामनाएं दी।

मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड भाषा संस्थान से अपेक्षा की कि वे अपनी साहित्यिक एवं भाषाई गतिविधियों को व्यापक स्तर प्रदान कर प्रदेश में साहित्य ग्राम बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन भी करें, इससे प्रदेश में स्थानीय भाषाओं के साथ-साथ छोटे-छोटे क्षेत्रों में बोली जाने वाली बोलियों व उनमें रचे जा रहे साहित्य को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की पहचान एक ऐसे राज्य के रूप में है, जहां भाषा और साहित्य की सेवा करने वाली अनेक विभूतियों- सुमित्रानंदन पंत, भजन सिंह, गोविंद चातक, गुमानी पंत, शैलेश मटियानी, डॉ० पीताम्बर दत्त बड़थ्वाल, मनोहर श्याम जोशी, गौरा पंत शिवानी, शेखर जोशी, लीलाधर जगूड़ी, वीरेन डंगवाल, गिरीश तिवारी गिर्दा और भैरव दत्त धूलिया ने जन्म लिया, जिन्होंने अपनी रचनाओं से उत्तराखण्ड की चिंतन परंपरा को विराट भावभूमि प्रदान की है। इसके अतिरिक्त इलाचंद्र जोशी, ओमप्रकाश वाल्मीकि, सरदार पूर्ण सिंह, प्रसून जोशी, गंगाप्रसाद विमल, शेरजंग गर्ग आदि अनेकों साहित्यकारों का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में साहित्य के क्षेत्र में छोटे से स्थानों में जन्म लेकर सुमित्रानन्दन पन्त, शैलेश मटियानी, लीलाधर जगूड़ी आदि जैसे महान रचनाकारों ने इसकी चिन्तन परम्परा को विराट भाव भूमि प्रदान की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मान पाने वाले साहित्यकारों में वे साहित्यकार भी शामिल हैं जो अनेक विशिष्ट बोलियों में रचना कर्म कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो समाज अपनी भाषा और बोलियों का सम्मान नहीं करता वह अपनी प्रतिष्ठा गवां देता है। उन्होंने आम लोगों का आह्वान किया कि अपनी भाषा एवं बोलियों को बचाने और उन्हें बढ़ाने के कार्य में आम लोगों की व्यापक सहभागिता बहुत जरूरी है तथा इस महत्वपूर्ण कार्य को हम सभी को अपने घर से आरम्भ करना होगा तथा विशेष रूप से बच्चों के साथ संवाद करते समय अपनी मातृ भाषा और आम बोलियों का प्रयोग करना होगा।

मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि इस कार्यक्रम के माध्यम से लोक भाषाओं पर विद्वान साहित्यकारों के मध्य विचार-विमर्श किया जाएगा, जिससे हिंदी व अन्य लोक भाषाओं का संरक्षण, विकास और उत्थान हो सके तथा आपके महत्वपूर्ण सुझावों को संस्थान अपनी भविष्य की कार्ययोजना में अवश्य सम्मिलित करेगा।

मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड भाषा संस्थान के प्रयासों की सराहना करते हुये कहा कि अपनी स्थापना के बाद से उत्तराखण्ड भाषा संस्थान ने कई महत्वपूर्ण कार्य किये हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने हिन्दी अकादमी, पंजाबी अकादमी, उर्दू अकादमी और लोक भाषा बोली अकादमी को एक छत के नीचे लाते हुए उत्तराखण्ड भाषा संस्थान को पुनर्गठित किया है तथा भाषा संस्थान की स्वायत्तता को बरकरार रखते हुए इसके विकास के लिए सरकार हर संभव कार्य करने को प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने साहित्यकारों, भाषाविदों, शोधार्थियों से अनुरोध किया कि वे भाषा संस्थान के साथ मिलकर भाषाई विकास के लिए कार्य करें और इस संस्थान को देश के प्रतिष्ठित संस्थान के तौर पर विकसित करने के लिए मिलकर कार्य करें। उन्होंने कहा कि इसी के अनुरूप हमारे भाषा संस्थान की पहचान भी पूरे देश में होनी चाहिए।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रो. लक्ष्मण सिंह बटरोही को सुमित्रानन्दन पन्त पुरस्कार, देवकीनंदन भट्ट मयंक को गुमानी पन्त पुरस्कार, गिरीश सुंदरियाल को भजन सिंह सिंह’ पुरस्कार, सुरेश मंमगाई को गोविन्द चातक पुरस्कार, प्रेम कुमार साहिल को अध्यापक पूर्ण सिंह पुरस्कार, के0ए0 खान उर्फ नदीम बरनी को प्रो0 उनवान चिश्ती पुरस्कार, प्रो.शैलेय को महादेवी वर्मा पुरस्कार, डॉ० सुशील उपाध्याय को शैलेश मटियानी पुरस्कार, डॉ० ललित मोहन पंत को डॉ0 पीताम्बर दत्त बड़थ्वाल पुरस्कार तथा गणेश खुगशाल ‘गणी’ को भैरव दत्त धूलिया पुरस्कार से सम्मानित किया तथा कहा कि आप सभी को सम्मानित कर भाषा संस्थान स्वयं सम्मानित हुआ है।

उत्तराखण्ड साहित्य गौरव सम्मान समारोह को भाषा मंत्री एवं कार्यकारी अध्यक्ष सुबोध उनियाल ने सभी सम्मानित साहित्यकारों को हार्दिक बधाई व शुभकामना देते हुये कहा कि हमारे लिये यह गौरव के क्षण हैं तथा किसी भी समाज में साहित्य व कला का महत्वपूर्ण स्थान होता है।

कार्यक्रम को मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुये पूर्व मुख्य सचिव इन्दू कुमार पाण्डेय ने कहा कि वेदों के जो भी मंत्र हैं, उनमें देवता का आह्वान होता है। उन्होंने कहा कि कवि को परिभाषित नहीं किया जा सकता है, वह मंत्र द्रष्टा है। इसी कारण शब्द को ब्रह्म का नाम दिया गया है। उन्होंने कहा कि भारतीय परम्परा में शब्द को ब्रह्म कहा गया है तथा हमारी साहित्य की परम्परा काफी समृद्ध है।

कार्यक्रम को विधायक खजान दास, निदेशक उत्तराखण्ड भाषा संस्थान स्वाति एस0 भदौरिया, डॉ0 सुधा पाण्डे ने भी भाषा संस्थान द्वारा उठाये गये कदमों के सम्बन्ध में विस्तार से प्रकाश डाला।

इस मौके पर मुख्यमंत्री व अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने संस्थान की पत्रिका तथा कुमाऊंनी भाषा साहित की पराण नामक पुस्तिका का विमोचन भी किया। मंच का सफल संचालन हेमन्त बिष्ट ने किया।

इस अवसर पर सचिव विनोद रतूड़ी, प्रो0 कुमुदिनी नौटियाल, प्रो0 लक्ष्मण, बीना वेंजवाल, प्रतिबिम्ब बड़थ्वाल, नवीन लोहानी, लोक गायक नरेन्द्र सिंह नेगी, हयात सिंह रावत सहित बड़ी संख्या में साहित्यकार व साहित्य प्रेमी उपस्थित थे।

विकसित भारत संकल्प 2024 मेगा प्रदर्शनी कार्यक्रम को सीएम ने किया वर्चुअल संबोधित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऋषिकुल मैदान हरिद्वार में आयोजित विकसित भारत संकल्प 2024 मेगा प्रदर्शनी कार्यक्रम को वर्चुअल संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भारत को ’’विकसित भारत’’ बनाने का संकल्प महज एक संकल्प नहीं, बल्कि भारत को पुनः विश्वगुरू बनाने का दृढ़ विश्वास है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से ऐलान किया था कि ’’जब 2047 में देश आजादी के 100 साल मनाएगा, तब हमारा राष्ट्र ध्वज ’’एक विकसित भारत’’ का ध्वज होना चाहिए। इस संकल्प को पूरा करने के लिए हमें बिना रूके, बिना थके आगे बढ़ना है और इस संकल्प के लिए सुचिता, पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ कार्य करना है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में देशभर में विकसित भारत संकल्प यात्रा निकाली जा रही है। महज दो माह में ही इस यात्रा से लगभग 60 करोड़ से अधिक लोग जुड़ चुके हैं। प्रधानमंत्री जी द्वारा साढ़े 9 वर्षों में अपने महत्वपूर्ण निर्णयों, दूरदर्शी सोच एवं योजनाओं से देश भर में जो सकारात्मक माहौल बनाया है, वह किसी भारतीय से छिपा नहीं है। इस संकल्प में केंद्र और राज्य सरकार की योजनाएं अत्यंत सहायक सिद्ध हुई हैं, जिसका भव्य रूप आज हम सभी को देखने को मिल रहा है। विकसित भारत संकल्प यात्रा, आने वाले कुछ वर्षों में विकसित भारत की संकल्पना को जन-जन तक पहुंचाने में अत्यंत सहायक सिद्ध होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार में देश भर के गांवों में करोड़ों परिवारों को सरकार की किसी न किसी योजना का लाभ अवश्य मिला है। उसमें भी जब ये लाभ अंत्योदय की भावना को ध्यान में रखते हुए अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति को मिलता है तो एक विश्वास बढ़ता है, जिंदगी जीने की एक नई ताकत आ जाती है। प्रधानमंत्री श्री मोदी जी के नेतृत्व वाली सरकार में, 80 करोड़ लोगों को खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की गई। दिव्यांग जनों को सशक्त बनाया, करीब 50 करोड़ जनधन खाते खोले गए, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लगभग साढ़े तीन करोड़ आवास बनाए गए, 8.67 करोड़ घरों तक नल से जल पहुंचाया गया। जहां एक ओर किसान सम्मान निधि के रूप में 2019 से हर वर्ष किसानों को छह हजार रुपये दिए गए वहीं प्रधानमंत्री जी ’’फसल बीमा योजना’’ भी लेकर लाए। महिला सशक्तिकरण के लिए ग्रामीण क्षेत्र में 11.72 करोड़ इज्जत घर बनाए गए और दस करोड़ से ज्यादा उज्ज्वला कनेक्शन दिए गए। इसके अलावा रोजगार मेला लगाकर दस लाख भर्तियों का अभियान प्रारंभ किया गया। कोरोना जैसी महामारी का हमने डटकर मुकाबला किया और लोगों को इसके मुफ्त टीके लगाए गए। इसके साथ ही आयुष्मान भारत योजना से दस करोड़ परिवारों का पांच लाख रुपए का बीमा भी कराया गया। पूर्वोत्तर में शांति व समृद्धि स्थापित करने के उद्देश्य से कई समझौते किए गए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में जहां भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर का उद्घाटन किया गया, वहीं दूसरी ओर वाराणसी में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, उज्जैन में महाकाल लोक सहित कई अन्य परियोजनाएं पूरी की गई। राम मन्दिर को लेकर देश में अनेक भ्रांतियां फैलायी गई किन्तु प्रधानमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार में सभी भ्रांतियां शून्य साबित हुई। इसके अलावा 34 साल पुरानी शिक्षा नीति भी बदली गई और कश्मीर घाटी में घुसपैठ की घटनाओं में भी कमी आई। उन्होंने कहा कि मोदी के नेतृत्व में जी-20 सम्मेलन में भारत ने जहां एक ओर अपनी धाक जमाई वहीं, भारत दुनिया की पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने में भी सफल रहा। देश में डिजिटल लेन-देन भी बढ़ा और 776 अरब डॉलर का निर्यात भी हुआ। 2014 से पूर्व देश के विकास का इंजन बहुत धीमी गति से चल रहा था परन्तु, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में विकास का यही इंजन आज हर क्षेत्र में तेजी से दौड़ रहा है। 2014 से पूर्व देश में स्वास्थ्य सेवाएं स्वयं बीमार थी, लेकिन प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में आज स्वास्थ्य सेवाओं का जिस तरह विस्तार हुआ है, वह पहले संभव नहीं था।

2014 से पूर्व देश में सड़कों की खस्ता हालत किसी से छिपी नहीं हैं, लेकिन प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में आज देश में प्रतिदिन 38 किलोमीटर सड़क का निर्माण हो रहा है। 2014 से पूर्व बच्चों को वैक्सीन लगवाने के लिए दर-दर भटकना पड़ता था, लेकिन मोदी के नेतृत्व में मिशन इन्द्रधनुष योजना के तहत बच्चों को जानलेवा बीमारियों से बचाने के लिए वैक्सीन लगाई जा रही है। आज मोदी जी के नेतृत्व में देश का सांस्कृतिक वैभव पुनः वापस लौट रहा है। 2014 से पहले भारत एक पिछलग्गू राष्ट्र की श्रेणी में पहुंच गया था, लेकिन आज प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत विश्व का एक अग्रणी राष्ट्र बन चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रधानमंत्री के कुशल मार्गदर्शन का ही प्रतिफल है कि हम उत्तराखंड को श्रेष्ठ राज्य बनाने की ओर अग्रसर हैं। प्रधानमंत्री से प्रेरणा पाकर हमने भी उत्तराखंड में विगत ढाई वर्षों में कुछ ऐसे महत्वपूर्ण और कठोर निर्णय लिए हैं, जो विगत 23 वर्षों में नहीं लिए गए थे। हमने एक ओर जहां उत्तराखंड में देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया, वहीं धर्मांतरण रोकने के लिए भी कानून बनाया। हमने देवभूमि में पहली बार लैंड जिहाद के खिलाफ कठोर कदम उठाए। इसके अलावा उत्तराखंड बनने के 23 वर्षों में पहली बार भ्रष्टाचारियों पर कड़ी कार्रवाई की गई। मातृशक्ति को मजबूत करने के लिए जहां हमने प्रदेश की महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित की वहीं वर्ष में तीन मुफ्त सिलेंडर रिफिल देने की योजना भी हम लेकर आए। अब हमने देवभूमि में समान नागरिक आचार संहिता को भी लागू कर ये देखा दिया है कि हम जो कहते हैं, वो अवश्य करते हैं। यूसीसी के माध्यम से हमने सभी को समान अधिकार देने का एजेंडा तैयार किया हैं। लेकिन, कई लोग यूसीसी को लेकर भी भ्रांतियां फैला रहे हैं, इस मामले में अब जनता किसी भी प्रकार से फैलाए जा रहे भ्रम से भ्रमित होने वाली नहीं है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सबको यह संकल्प लेना होगा कि हम 2047 तक विकसित भारत बनाने के यज्ञ में अपने परिश्रम की आहुति प्रदान करेंगे। हम उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के अपने संकल्प को लेकर चल रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि हम अपने इस ’’विकल्प रहित संकल्प’’ को सभी के सहयोग से पूर्ण करने में अवश्य सफल होंगे।

सीएम ने लेखा परीक्षक के पद पर चयनित 51 अभ्यर्थियों को बांटे ज्वाइनिंग लेटर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास परिसर में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में लोक सेवा आयोग के माध्यम से वित्त विभाग के अंतर्गत लेखा परीक्षक के पद पर चयनित 51 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये। इस अवसर पर वित्त मंत्री प्रेम चन्द्र अग्रवाल भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने सभी नव नियुक्त कार्मिकों को शुभकामनायें देते हुए कहा कि अब वे उत्तराखंड शासन, प्रशासन का हिस्सा बनने जा रहे हैं। सभी सच्ची लगन और मेहनत से अपने कार्य को निपुणता से करेंगे, इसकी उन्होंने अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं को रोजगार के अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध हों, हमारा यह प्रयास धीरे-धीरे धरातल पर उतरने लगा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में अधिक से अधिक युवाओं को प्रदेश में ही रोजगार के और अधिक अवसर मिल पाएंगे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले युवाओं से कहा कि आप सभी सौभाग्यशाली हैं कि आपको एक ऐसे प्रदेश में सेवा का मौका ईश्वर ने दिया है, जिसमें आपकी एवं राज्य की प्रगति की असीम संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि जो भी कार्य करें, उसे पूर्ण ईमानदारी और लगन से करें तथा पूरी कोशिश करें कि जो काम आज होना है, उसे आज ही सम्पन्न करें तथा उस काम को कभी भी कल के लिये मत छोड़ें एवं उत्तराखंड को श्रेष्ठ व नम्बर-एक राज्य बनाने में अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के हजारों युवाओं में से आपको यह अवसर विशिष्ट कार्य के लिए प्रदान किया गया है। आपको अपने कार्यक्षेत्र में मानक तय करने होंगे। अनुशासित होकर ईमानदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का लक्ष्य बनाना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में एक नई कार्य संस्कृति विकसित हुई है। हमारी सरकार प्रदेश के हर वर्ग के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध होकर निरंतर कार्य कर रही है और करती रहेगी तथा अपेक्षा की कि आप सभी उत्तराखण्ड को सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के हमारे ‘विकल्प रहित संकल्प’ की सिद्धि में भी इसी प्रकार अपना सहयोग देते रहेंगे।

वित्त मंत्री प्रेम चन्द्र अग्रवाल ने भी नियुक्ति पत्र पाने वाले सभी युवाओं को बधाई एवं शुभकामनायें दीं।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्दवर्द्धन, सचिव सुरेन्द्र नारायण पाण्डेय, उप निदेशक वीरेश कुमार सिंह, सहायक निदेशक महीप कुमार सिंह, नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले युवा सहित सम्बन्धित पदाधिकारी एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।

लोकसभा निर्वाचन को लेकर मुख्य सचिव ने जानी तैयारियां

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने आगामी लोकसभा निर्वाचन के दृष्टिगत शिक्षा एवं सम्बन्धित विभागों को राज्य में सभी 11729 पोलिंग स्टेशनों पर मतदाताओं हेतु पेयजल एवं शौचालय, बिजली, पर्याप्त फर्नीचर, शेड तथा दिव्यांगजनों तथा बुजर्ग मतदाताओं के लिए रैम्प, व्हील चेयर आदि की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

निर्वाचन ड्यूटी में लगे कार्मिकों की स्वास्थ्य सम्बन्धित समस्याओं तथा आकस्मिक चिकित्सा उपचार की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए मुख्य सचिव ने एक एयर एम्बुलेंस, केशलेस उपचार की व्यवस्था, मेडिकल किट्स की उपलब्धता आदि की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस बार हमें केजुअल्टी फ्री इलेक्शन 2024 के विजन के साथ कार्य करना है। मुख्य सचिव ने सभी निर्वाचन कार्मिकों की हेल्थ स्क्रीनिंग करवाने एवं जिला स्तरीय मेडिकल कमेटी के माध्यम से इस सम्बन्ध में मार्गदर्शन लेने के निर्देश दिए।

आबकारी विभाग को विशेषरूप से निर्देश देते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने अवैध शराब की जमाखोरी तथा तस्करी को पूरी तरह से रोकने के लिए पुलिस तथा आबकारी का जॉइन्ट ऑपरेशन चलाने, शराब की उत्पादन ईकाइयो, गोदामों तथा लाइसेन्स वाली दुकानों की सीसीटीवी से निगरानी करने, अर्न्तराज्यीय सीमाओं पर चेक पोस्ट एवं कण्ट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी चेक पोस्ट की भी सीसीटीवी के माध्यम से निगरानी सुनिश्चित करवाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने सभी विभागों को अपने विभाग में राज्य स्तर, जिला स्तर तथा ब्लॉक स्तर पर निर्वाचन नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने सभी सरकारी कार्मिकों, निर्वाचन की ड्यूटी में लगे कार्मिकों, पुलिस कर्मियों को पोस्टल बैलेट या ईडीसी के माध्यम से मतदान हेतु प्रेरित एवं प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में जानकारी दी गई कि राज्य में कुल 189000 सरकारी कार्मिक, 5700 होम गार्ड्स, 9487 पीआरडी कर्मी तथा लगभग 25000 उपनल कार्मिकों मिलाकर कुल 229187 मतदाता हैं। यदि शत् प्रतिशत कार्मिक अपने मतदान का प्रयोग करते हैं तो मतदान प्रतिशत में 2.78 प्रतिशत की वृद्धि होगी। मुख्य सचिव ने सभी विभागों एवं कार्यालयों को अपने शत् प्रतिशत कार्मिकों को मतदान की शपथ दिलाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने सचिव सैनिक कल्याण को सभी जिलों में सर्विस वोटर्स की लिस्ट अपडेट करने तथा सर्विस वोटर्स के शत् प्रतिशत मतदान सुनिश्चित करवाने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने श्रम विभाग को सभी श्रमिकों एवं व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में कार्य करने वाले कर्मियों का मतदान सुनिश्चित करने के लिए फैक्ट्री एवं व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के मालिकों का सहयोग लेने के भी निर्देश दिए हैं।

बैठक में प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, एल फैनई, एडीजी एपी अंशुमान, मुख्य निर्वाचन अधिकारी डा. बीवीआरसी पुरूषोतम सहित विभिन्न संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

वन आरक्षी और सहायक लेखाकारों के पद पर नियुक्त प्रतिभागियों को मिले नियुक्ति पत्र

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंंह धामी ने हिमालयन सांस्कृतिक केंद्र गढ़ीकैंट में वन विभाग द्वारा आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में लोक सेवा आयोग के माध्यम से चयनित 892 वन आरक्षी तथा 104 सहायक लेखाकारों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये। इस अवसर पर वन मंत्री सुबोध उनियाल भी उपस्थित थे। नियुक्ति पाने वाले 104 सहायक लेखाकारों में 59 वन तथा 45 तकनीकि शिक्षा विभाग के शामिल हैं। वन विभाग के अधीन अप्रैल 2017 से अब तक समूह ग के विभिन्न 4406 पदों पर नियुक्ति की गई है, जिसमें जुलाई 2021 से अब तक 2528 नियुक्तियां शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने सभी नव नियुक्त कार्मिकों को शुभकामनायें देते हुए कहा कि अब वे उत्तराखंड शासन, प्रशासन का हिस्सा बनने जा रहे हैं सभी सच्ची लगन और मेहनत से अपने कार्य को निपुणता से करेंगे, इसकी उन्होंने अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि त्वरित रूप से विभागों के अंतर्गत रिक्त पदों पर प्रदेश के होनहार नौजवानों को अवसर प्रदान कराएं जाएं। यह अभियान लगातार और तेज गति से चल रहा है। उन्होंने कहा कि वन विभाग के जिन युवाओं को नियुक्ति पत्र मिले हैं, उन पर प्रदेश के वन क्षेत्रों की सुरक्षा की बहुत महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। जबकि तकनीकी शिक्षा से जुड़े युवाओं पर उत्तराखण्ड शासन प्रशासन को एडवांस तकनीक से सुसज्जित करने की भी चुनौतियां है। प्रदेश के युवाओं को रोजगार के अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध हों हमारा यह प्रयास धीरे-धीरे धरातल पर उतरने लगा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में अधिक से अधिक युवाओं को प्रदेश में ही रोजगार के और अधिक अवसर मिल पाएंगे।

उन्होंने कहा कि पूर्व की सरकारों में भर्ती प्रक्रियाओं में हो रही धांधली की शिकायतों को दूर कर हमने भर्ती प्रक्रियाओं में व्यापक बदलाव किया है। पहले की सरकारों में नौकरी के लिए विज्ञापन जारी होने से लेकर नियुक्ति पत्र देने तक बहुत लंबा समय लग जाता था। इस देरी का फायदा उठाकर, रिश्वतखोरों द्वारा जमकर रिश्वत का खेल होता था। लेकिन हमारी सरकार ने भर्ती की प्रक्रिया को अब पूरी तरह पारदर्शी बना दिया है और भर्ती प्रक्रिया एक तय समय सीमा के भीतर पूरी की जा रही है। इसका परिणाम इतना सुखद है कि अब प्रत्येक युवा को समान अवसर मिलने लगे हैं।

मुख्यमंत्री ने नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले युवाओं से कहा कि आप सभी सौभाग्यशाली हैं कि आपको एक ऐसे प्रदेश में सेवा का मौका ईश्वर ने दिया है, जिसमें आपकी एवं राज्य की प्रगति की असीम संभावनाएं हैं। आज आप भर्ती प्रक्रिया में जिस पारदर्शिता और रफ्तार को देख रहे हैं वो सरकार के हर काम में दिख रही है। पारदर्शी तरीके से भर्ती और पदोन्नति युवाओं में भरोसा जगाती है। ये पारदर्शिता बेहतर तरीके से युवाओं को प्रतियोगिता में उतरने के लिए प्रेरित करती है, हमारी सरकार इसी दिशा में निरंतर काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि पूर्व की सरकारों की और से भर्ती प्रक्रियाओं पर लगाये गए कलंक को मिटाने के लिए ही हमने राज्य में देश का सबसे कठोर ‘‘नकल विरोधी कानून’’ लागू किया है। हमारी कथनी और करनी में कोई अंतर नहीं है। नकल विरोधी कानून के प्राविधान इतने कड़े किये हैं कि अब युवाओं के भविष्य के साथ कोई भी नकल माफिया खिलवाड़ नहीं कर सकेगा। इस कानून के तहत दोषियों के लिए आजीवन कारावास तक का प्राविधान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने सभी को विश्वास दिलाया कि हमारी सरकार प्रदेश के हर वर्ग के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध होकर निरंतर कार्य कर रही है और करती रहेगी तथा अपेक्षा की कि आप सभी उत्तराखण्ड को सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के हमारे ‘विकल्प रहित संकल्प’ की सिद्धि में भी इसी प्रकार अपना सहयोग देते रहेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के हजारों युवाओं में से आपको यह अवसर विशिष्ट कार्य के लिए प्रदान किया गया है। आपको अपने कार्यक्षेत्र में मानक तय करने होंगे। अनुशासित होकर ईमानदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का लक्ष्य बनाना होगा, नई तकनीकि में जुड़ना होगा। यह आपको अपने कार्य संपादन में प्रेरणा देने का भी कार्य करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश जन सेवाओं की पहुंच आसान बनाने के लिए 1905 एप् के साथ अपणी सरकार पोर्टल तैया किया गया है। जन शिकायतों की निस्तारण प्रक्रिया का समय-समय पर वे स्वयं भी परीक्षण करते हैं। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि उन्हें भी जन समस्याओं के समाधान तथा जीरो पेंडेंसी का संकल्प लेना होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के बेहतर अवसर मिले इसके लिए हाल ही में आयोजित वैश्विक निवेश सम्मेलन में 3.50 लाख करोड़ के निवेश प्राप्त हुए हैं। इसमें 50 से अधिक देशों के निवेशक भी शामिल हैं इससे प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा मिलने के साथ युवाओं को रोजगार के और अधिक अवसर उपलब्ध होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड असीम संभावनाओं वाला प्रदेश है। प्रधानमंत्री ने भी 21वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखण्ड का दशक बताया है। आज देश व दुनिया के लोग यहां आने के लिए उत्साहित है। उन्होंने कहा कि हमारे लिए उत्तराखण्ड का हित सर्वोपरि है, जिसे हम विकल्प रहित संकल्प के साथ आगे बढ़ा रहे हैं। हमने उत्तराखण्ड की जनता से राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने का वायदा किया था जो पूर्ण किया गया है। इसमें प्रदेश में रहने वाले सभी नागरिकों के हितों को ध्यान में रखा गया है।

वन एवं तकनीकि शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल ने भी नियुक्ति पत्र पाने वाले सभी युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि उत्तराखण्ड का 71 प्रतिशत भू-भाग वन क्षेत्र के अधीन है। प्रदेश की प्राकृतिक सुंदरता के साथ वन एवं पर्यावरण की सुरक्षा का कार्य वन आरक्षियों का रहता है। उन्होंने वन आरक्षियों को फ्रंट लाइन वर्कर बताते हुए कहा कि जंगल को बचाने तथा मानव वन्यजीव संघर्ष को कम करने एवं वनाग्नि को रोकने का भी उनका दायित्व रहेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में युवाओं को तकनीकि दक्षता के लिए पॉलिटेक्निक एवं आई.टी.आई आदि कॉलेजों को अवस्थापना सुविधाओं से युक्त किया जा रहा है। तकनीकि संस्थाओं के माध्यम से अधिक से युवाओं का प्लेसमेंट हो इस दिशा में भी प्रयास किये जा रहे है। गत वर्ष 65 प्रतिशत छात्रों का प्लेसमेंट हुआ है।

प्रमुख सचिव आर.के.सुधांशु ने भी युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि नियुक्ति पत्र वितरण जैसे समारोह पहले आयोजित नहीं होते थे। ऐसे अवसर युवाओं में आत्मविश्वास जगाने के साथ उन्हें कार्यक्षेत्र की चुनौतियों का सामना करने में मददगार होते है। उन्होंने युवाओं में निरंतर सीखते रहने की प्रकृति अपनाने तथा आदर्श चरित्र के साथ जीवन एवं कार्य क्षेत्र में आगे बढ़ने को कहा।

वन प्रमुख (हॉफ) अनूप मलिक तथा सचिव तकनीकि शिक्षा रविनाथ रमन ने भी अपने विचार रखे। इस अवसर पर वन एवं तकनीकि शिक्षा के अधिकारी एवं नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले युवा उपस्थित थे।

हमारा स्वप्न और संकल्प है कि एक आदर्श चंपावत बनाएंः धामी

मुख्यमंत्री ने चंपावत से वर्चुअल रूप से जुड़े लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि हिमालयन बास्केट की शुरुआत वर्ष 2018 में सुमित और स्नेहा थपलियाल ने की थी। उन्होंने कहा कि सुमित पेशे से एक इंजीनियर हैं और स्नेहा एक मार्केटिंग पेशेवर हैं। देवभूमि से होने के कारण, दोनों हमेशा स्थानीय लोगों को रोजगार देने के लिए कुछ अलग करना चाहते थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों ने डेयरी, खेती और उनके पहलुओं से संबंधित विकल्पों पर विचार कर हिमालयन बास्केट की स्थापना का निर्णय लिया।

हिमालयन बास्केट के तहत दूध, हल्दी, पुदीना जैसे कृषि उत्पाद खरीदकर इनसे अलग-अलग उत्पाद बनाकर विदेशों में सप्लाई करते हैं। उत्पाद बनाने के लिए 200 से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध करा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दूध से बनने वाले उत्पाद ’चुरपी’ और ’घी’ की अधिक डिमांड है। क्योंकि चुरपी गाय के दूध से बना एक विशेष कठोर पनीर है और दोनों ने उत्तराखंड में इसके उत्पादन का बीड़ा उठाया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस तरह सरकार और जिला प्रशासन की मदद से दोनों को बागवानी कोल्ड स्टोर लीज पर मिला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग भी इस क्षेत्र में काम कर रहे हैं हमारी सरकार उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा स्वप्न और संकल्प है कि एक आदर्श चंपावत बनाएं। इसके लिए हमें चाहिए कि चंपावत के जो भी उत्पाद हैं, वो सभी आदर्श होने चाहिए। इस अवसर पर जिलाधिकारी नवनीत पांडे, भाजपा जिलाध्यक्ष निर्मल मेहरा आदि उपस्थित रहे।

पंजीकृत श्रमिकों को प्रदान किए जाने हैं कंबल व अन्य सामान

’अंत्योदय’ की भावना के साथ आगे बढ़ रही उत्तराखंड की धामी सरकार ने राज्य में पंजीकृत श्रमिकों के लिए 3 लाख कंबल वितरण का जो लक्ष्य तय किया है, उस दिशा में कदम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विगत 31 जनवरी 2024 को सहस्त्रधारा रोड स्थित आईटी पार्क के समीप उत्तराखण्ड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कल्याण बोर्ड श्रम विभाग में पंजीकृत श्रमिकों को कम्बल वितरण कर पंजीकृत श्रमिकों को कम्बल वितरण व अन्य सामान वितरण के अभियान की शुरुआत की थी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने निर्देश दिए हैं कि प्रदेश के सभी 03 लाख से अधिक पंजीकृत श्रमिकों को कंबल वितरण किया जाए।

इसी क्रम को आगे बढ़ते हुए उत्तराखंड भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड तथा श्रम विभाग के अधिकारियों कर्मचारियों की ओर से 16 फरवरी 2024 को सभी प्रदेश के समस्त जिलों में कैंपों के माध्यम से जनप्रतिनिधियों तथा प्रशासनिक अधिकारियों के नियंत्रण में पंजीकरण निर्माण श्रमिकों को लगभग 25,000 कंबल, छाता तथा 15,000 सेनेटरी नैपकिन का वितरण किया गया। इसी के साथ लगभग 25,000 श्रमिकों का फ्री हेल्थ चेकअप भी किया गया। अवगत कराया गया है कि यह कार्यक्रम आगे भी लगातार जारी रहेगा और उक्त लाभ सभी पंजीकृत श्रमिकों को प्रदान किए जाएंगे।

हथियार लाइसेंस धारकों की सूची का पुनरीक्षण कर सत्यापन करने के दिए निर्देश

मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी वी आर सी पुरुषोत्तम ने सचिवालय स्थित वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली सभागार में निर्वाचन के दौरान प्रदेश में लॉ एंड ऑर्डर, पुलिस बल एवं केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती के संबंध में उच्च स्तरीय बैठक ली। बैठक में पुलिस मुख्यालय, आबकारी विभाग समेत अन्य विभागों के अधिकारी शामिल रहे।

समय से सभी तैयारियां सुनिश्चित कर ली जाए
मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. पुरुषोत्तम ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए की निर्वाचन प्रक्रिया शुरू होने से पूर्व सभी तैयारियां समय से कर ली जाएं। जनपदवार पुलिस बल की अतिरिक्त तैनाती एवं केंद्रीय पुलिस बल की तैनाती के संबंध में विस्तृत होमवर्क कर लिया जाए।

इंटर स्टेट मॉनिटरिंग और इंटर डिस्ट्रिक्ट मॉनिटरिंग का भी फुल प्रूफ प्लान तैयार किया जाए
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने इंटर स्टेट मॉनिटरिंग और इंटर डिस्ट्रिक्ट मॉनिटरिंग का भी फुल प्रूफ प्लान तैयार कर प्रभावी तरीके से क्रियान्वयन करने के निर्देश दिए। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने संबंधित विभागों को यह स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि हर चेक पोस्ट पर अनिवार्य रूप से सीसीटीवी कैमरा और सर्विलांस की व्यवस्था हो। इसके अतिरिक्त पुलिस और आबकारी विभाग के सर्विलांस और चेक पोस्ट अलग-अलग स्थानों पर स्थापित करने के निर्देश दिये हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. पुरुषोत्तम ने प्रदेश में समस्त जनपदों से जारी हथियार लाइसेंस धारकों की सूची का पुनरीक्षण कर उनका सत्यापन करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने पुलिस विभाग को विभिन्न जनपदों में हिस्ट्रीशीटर, गैंगस्टर की सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

केंद्रीय पुलिस बलों के कैंप के लिए प्रस्तावित स्थलों पर मूलभूत व्यवस्थाओं का प्रबंध
मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. पुरुषोत्तम ने पुलिस विभाग से ड्यूटी पर तैनात कार्मिकों के शत प्रतिशत मतदान कराए जाने हेतु विशेष व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने केंद्रीय पुलिस बलों के कैंप हेतु प्रस्तावित स्थलों पर मूलभूत व्यवस्थाओं के पहले से स्थलीय निरीक्षण कर समुचित प्रबंधन करने के निर्देश दिए।

संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील स्थानों का स्थलीय निरीक्षण सुनिश्चित हो
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने प्रदेश में संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील स्थानों का स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं, इसके साथ ही निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान में प्रवर्तन गतिविधियों में लगे सभी नोडल एजेंसियों को जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करने के निर्देश दिए । मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने आबकारी विभाग एवं पुलिस विभाग को चुनावों को देखते हुए अवैध शराब का भंडारण एवं तस्करी करने वालों पर निगरानी रखने के निर्देश दिए।

पुलिस विभाग द्वारा बैठक में बताया गया कि प्रदेश में जनपदवार पुलिस बल की तैनाती, केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती, संवेदनशील स्थानों एवं प्रवर्तन संबंधित एक्शन प्लान तैयार कर दिया गया है। बैठक में आबकारी विभाग द्वारा बताया गया कि प्रदेश में चुनाव को देखते हुए प्रवर्तन एवं मॉनिटरिंग के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं जिसमें 24 घंटे प्रत्येक जनपद की मॉनिटरिंग की जा रही है।

बैठक में पुलिस निर्वाचन स्टेट नोडल अपर पुलिस महानिदेशक ए.पी. अंशुमन, पुलिस महानिरीक्षक डॉ. निलेश आनंद भरणे, अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी विजय जोगदंडे, उप पुलिस महानिरीक्षक पी. रेणुका देवी, संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी नमामि बंसल, प्रताप शाह समेत आबकारी विभाग व अन्य विभाग से जुड़े अधिकारी उपस्थित रहे।