जरूरतमंदों को स्पीकर ने बांटे तीन लाख 50 हजार रूपए की चेक


कोरोना संक्रमण के बीच स्पीकर उत्तराखंड प्रेमचंद अग्रवाल ने जरूरतमंदों की मदद को कदम बढ़ाया। उन्होंने आज करीब 60 जरूरतमंदों की आर्थिक मदद की। उन्होंने विवेकाधीन कोष से 3 लाख 50 हजार रुपये के चेक वितरित किए। साथ ही कोविड-19 संक्रमण से बचने के लिए जागरूक भी किया।

स्पीकर ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, विधवा, विकलांग आदि जरूरतमंद लाभार्थियों को विधानसभा अध्यक्ष विवेकाधीन कोष से राहत राशि का वितरण किया जाता है। कहा कि न केवल ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र बल्कि प्रदेश में सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में विधानसभा अध्यक्ष विवेकाधीन कोष के माध्यम से गरीब, जरूरतमंदों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
कहा कि यह सरकार द्वारा संचालित योजना का हिस्सा नहीं है, बल्कि विधानसभा अध्यक्ष विवेक के आधार पर इस धनराशि का वितरण करते हैं। कोरोना महामारी के कारण लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हुआ है। इसलिए त्वरित सहयोग के रूप में यह राशि उनके कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

उन्होंने मजदूरों से अपील करते हुए कहा कि वह राज्य छोड़कर पलायन ना करें। उन्होंने विशेष तौर पर युवाओं से आह्वान किया है कि घर से बाहर निकलने पर दिशा निर्देशों का पालन करें खुद को सुरक्षित रखें एवं घर पर बच्चों एवं बुजुर्गों को भी सुरक्षित रखें।

इस अवसर पर नगर निगम पार्षद सुंदरी कंडवाल, खैरी कला के प्रधान चमन पोखरियाल, जिला पंचायत सदस्य दिव्या बेलवाल, वरिष्ठ कार्यकर्ता कमला नेगी, शोभा चैहान, वीरभद्र ओबीसी मोर्चा की महामंत्री माया घले, ऋषिकेश मंडल के युवा मोर्चा अध्यक्ष नितिन सक्सेना, विकास तोमर, मस्तु बडोनी, राकेश अग्रवाल आदि उपस्थित थे।

निजी परिवहन व्यवसाईयों की हुई बैठक, बोले यात्रा नहीं चली तो भुखमरी की स्थिति

उत्तराखंड परिवहन महासंघ की एक आवश्यक बैठक ऋषिकेश में आयोजित हुई। जिसमें आगामी चार धाम यात्रा के संबंध में सुझाव और विचार आमंत्रित किए गए। व्यवसाईयों ने कहा कि गत वर्ष की तरह ही इस वर्ष भी कोरोना के कारण यात्रा प्रभावित होने के आसार नजर आ रहे हैं। यदि इस वर्ष भी यात्रा का संचालन नहीं हो सका, तो परिवहन व्यवसाईयों के समक्ष भुखमरी की स्थिति पैदा होने वाली है। इसलिए जरूरी है कि सरकार को यात्रा के संबंध में ऐसी कार्य योजना तैयार की जानी चाहिए जिससे प्रदेश का परिवहन व्यवसाय पटरी पर आ सके।

महासंघ के अध्यक्ष सुधीर राय ने कहा कि कोरोनावायरस के कारण परिवहन व्यवसायी पिछले वर्ष ही टूट चुका है यदि इस वर्ष भी यात्रा संचालित नहीं हो पाती है। तो परिवहन व्यवसाई आत्महत्या के कगार पर आ जाएगा। सरकार परिवहन व्यवसाई को जिंदगी पटरी पर लाने के लिए आर्थिक मदद करनी चाहिए। वाहन स्वामियों को कम से कम 2 वर्ष का टैक्स, परमिट फीस आदि को माफ कर देना चाहिए। टीजीएमओ के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह नेगी और यातायात के उपाध्यक्ष नवीन चंद्र मौला ने कहा कि हमारी वाहनों के चालक व परिचालकों को कोरोना वारियर का दर्जा देना चाहिए।

गत वर्ष भी हमारे चालक भाइयों को कोरोना वारियर नहीं माना। जो करोना काल में यात्रियों को लाने ले जाने में लगे थे सरकार ने परिवहन निगम के चालक व परिचालकों को तो कोरोना वारियर माना परंतु निजी परिवहन व्यवसायियों को चालक परिचालकों को कोरोना वारियर का दर्जा नहीं दिया। टैक्सी यूनियन के अध्यक्ष विजय पाल सिंह रावत द्वारा यह कहा गया कि अब समय आ गया है सरकार तक अपनी बातों को मजबूती से पंहुचाया जाए। इसके लिए संगठित तौर पर एक प्रतिनिधिमंडल तैयार किया जाए और भविष्य में यदि आंदोलन की जरूरत पड़ती है, तो संगठित तौर पर एक वृहद आंदोलन भी चलाया जाएगा।

बैठक में रूपकुंड परिवहन के अध्यक्ष भोपाल सिंह नेगी, ऑटो महासंघ के अध्यक्ष महंत विनय सारस्वत, जीप कमांडर यूनियन के अध्यक्ष बलवीर सिंह नेगी, बलबीर सिंह रोतेला, इनोवा टैक्सी यूनियन के अध्यक्ष हेमंत डंग, यातायात के संचालक दाताराम रतूड़ी, खिलानंद बेलवाल, दयाल सिंह भंडारी, परशुराम गौड़, हरीश नौटियाल, देवभूमि ऑटो यूनियन के अध्यक्ष राजेंद्र लांबा, प्रेमपाल सिंह बिष्ट, इनोवा टैक्सी मैक्सी के अध्यक्ष जयप्रकाश नारायण, पंकज वर्मा, योगेश उनियाल, जितेंद्र चैधरी, बेचान गुप्ता, मुकेश नेगी आदि शामिल रहे।

मुख्यमंत्री ने किया छावनी परिषद अस्पताल का निरीक्षण, दिए निर्देश

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कैंट स्थित छावनी परिषद जनरल अस्पताल का निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल परिसर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने छावनी परिषद की सी.ई.ओ. सुश्री तनु जैन को अस्पताल में कोविड-19 के दृष्टिगत आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी देहरादून डॉ आशीष श्रीवास्तव को भी इस संबंध में आवश्यक सहयोग प्रदान करने को कहा, मुख्यमंत्री ने अस्पताल परिसर में साफ-सफाई व शौचालय आदि की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री के साथ कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी भी उपस्थित थे।

छावनी परिषद की सीईओ तनु जैन ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि एक सप्ताह के अंदर इस अस्पताल परिसर में 130 बेड की व्यवस्था कोविड-19 के दृष्टिगत कर दी जाएगी। इससे यहां पर भी पीड़ितों को उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जा सकेगी।

राज्य में स्वास्थ्य विभाग को मिले 345 चिकित्साधिकारी

कोविड महामारी के बढ़ते प्रकोप के बीच स्वास्थ्य विभाग को राज्य लोक सेवा आयोग से 345 नए चिकित्साधिकारी मिले हैं। जल्द ही इन चिकित्सकों की तैनाती कर दी जाएगी। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि कोविड के बीच इन चिकित्सकों के मिलने से राज्य की स्वास्थ्य सेवाएं और भी सुदृढ़ होंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को लगातार विस्तार प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन चिकित्सकों के आने से कोविड महामारी से निपटने में सरकार को मदद मिलेगी।

कोविड और उसके बचाव को माने एम्स के सुझाव, क्या करें, क्या न करें…

तेजी से फैल रही कोविड महामारी अब खतरनाक गति से बढ़ने लगी है। कारण है कि आम जनमानस कोविड नियमों का पालन करने में अभी भी लापरवाही बरत रहा है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स, ऋषिकेश की ओर से इस मामले में महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए हैं, साथ ही कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर लापरवाह लोगों को सचेत किया है कि समाज में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति ने यदि नियमों के पालन में गंभीरता नहीं बरती तो स्थिति भयावह हो सकती है।

एम्स में कोविड के नोडल ऑफिसर डाॅक्टर पीके पण्डा ने कोविड से बचाव पर सुझाव दिया कि बचाव हमेशा इलाज से बेहतर होता है। हम सभी को समझना होगा कि कोरोना महामारी का वायरस हमारे नाक और मुहं द्वारा शरीर में प्रवेश करने में सक्षम है और सबसे पहले हमारे फेफड़ों को संक्रमित करता है। इसलिए इस महामारी से बचाव का पहला मंत्र है कि घर से बाहर निकलने पर प्रत्येक व्यक्ति अनिवार्यरूप से दोहरा मास्क पहने, यह मास्क घर पर बनाया हुआ भी हो सकता है साथ ही नियमिततौर पर बार-बार अपने हाथों को सेनेटाइज करता रहे। यदि प्रत्येक व्यक्ति मास्क का सही ढंग से इस्तेमाल करेगा तो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में वायरस के संक्रमण का खतरा स्वतः ही कम हो जाएगा।
इसके अलावा प्रत्येक व्यक्ति को दूसरे व्यक्ति से आपस में न्यूनतम 2 मीटर की दूरी बनाए रखना भी बेहद जरूरी है। डाॅ. पण्डा ने बताया कि इसके अलावा 45 वर्ष से अ​धिक उम्र के प्रत्येक व्यक्ति को चाहिए कि वह जल्द से जल्द कोविड वैक्सीन लगाए और स्वयं को और समाज को सुरक्षित रखने में सहयोग करे। इसके बावजूद यदि कोई व्यक्ति कोविड संक्रमित हो जाता है तो उसे निम्न बातों पर गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता है।

1- अगले 15 दिनों के लिए प्रतिदिन टेबलेट विटामिन-सी 500 मिलीग्राम दिन में दो बार लेना शुरू करें।

2- बुखार की शिकायत होने पर टेबलेट पैरासिटामोल-650 एमजी का दिन में 4 से 6 बार 2 से 3 दिनों तक सेवन करें।

3- कोल्ड संबंधी दिक्कत होने पर टेबलेट मॉन्टेलुकास्ट-लेवो-सिट्रीजिन का दैनिक उपयोग करें।

4- संक्रमित होने की स्थिति में पूरी तरह बेड रेस्ट आवश्यक है।

5- मानसिक तनाव और भय से पूरी तरह मुक्त रहें।

6- ज्यादा पानी पिएं और आसानी से पचने वाले तरल खाद्य पदार्थों का सेवन करें।

डाॅक्टर पण्डा ने सलाह दी है कि प्रोन (पेट के बल लेटना) या अर्ध प्रोन उन्मुख स्थिति में पेट के बल प्रतिदिन 4 से 6 बार ( हरबार 30 से 60 मिनट ) सोएं। कोविड संक्रमण के दौरान वायरल फीवर प्रबंधन के शुरुआती चरण में सबसे महत्वपूर्ण है शरीर को आराम देना (यह शारीरिक आराम, मानसिक आराम, मन की शांति और वैराग्य पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा कि कोविड संक्रमण के दौरान एकबार प्रारंभिक चरण बीत जाने के बाद अगला इम्युनोलॉजिकल चरण आता है। जहां हमारे शरीर को बुखार, खांसी आदि के समान लक्षणों के साथ सांस की तकलीफ और ऑक्सीजन की आवश्यकता भी पड़ सकती है। इस चरण के दौरान सर्वोत्तम उपलब्ध उपचार प्राइमिंग वेंटिलेशन, ऑक्सीजन, डेक्सामेथासोन व स्टेरॉयड, हेपरिन व एंटीकोआग्यूलेशन, या वेंटिलेशन सहायक उपचार की जरुरत है।

आवश्यक निगरानी-

ए- लक्षण
बी- श्वसन दर
सी- नाड़ी दर
डी- रक्तचाप
ई- तापमान
एफ-ऑक्सीजन सेच्युरेशन
इनमें से कोई भी नॉर्मल से अलग होने पर मरीज को तत्काल अस्पताल में भर्ती करने की आवश्यकता होती है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यदि पहले चरण में उक्त उपचार कर लिए गए तो दूसरे चरण में गंभीर स्थितियों से बचा जा सकता है।

सीएम तीरथ सिंह ने गंगोत्री विधायक के निधन पर जताश शोक, व्यक्त की संवेदना


मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं गंगोत्री विधायक गोपाल रावत के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति की कामना करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पार्टी हित और गंगोत्री वैली के विकास के लिए किए गए उनके कार्य हमेशा याद किए जाएंगे। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत एवं अन्य मंत्रीगणों ने कैम्प कार्यालय में 02 मिनट का मौन रखकर गंगोत्री विधायक गोपाल रावत को श्रद्धांजलि अर्पित की।

एकजुट कोशिशों से जीतेंगे कोविड से लङाईः तीरथ

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि कोरोना के खिलाफ लङाई में जीतने के लिये सभी के समन्वित प्रयासों की जरूरत है। सरकारी और निजी सभी के उपलब्ध संसाधनों का अनुकूलतम उपयोग जरूरी है। मुख्यमंत्री ने सीएम कैम्प कार्यालय में निजी अस्पतालों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में कहा कि मैनपावर मैनेजमेंट पर विशेष ध्यान दिया जाए। इस प्रकार प्रबंधन किया जाए कि कोविड संक्रमितों के ईलाज के दौरान चिकित्सा कर्मियों के खुद संक्रमित होने पर भी व्यवस्था में व्यवधान न आए। ओपीडी के लिए लोगों को ई-संजीवनी पोर्टल का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया जाए। इसका व्यापक प्रचार प्रसार किया जाए।

मुख्यमंत्री ने सभी निजी अस्पतालों से अनुरोध किया कि उनके यहाँ उपलब्ध बेड के कम से कम 70 प्रतिशत को कोविड के लिए आरक्षित कर दें। आक्सीजन, वेंटीलेटर की आवश्यकता होने पर सरकार को अवगत कराएं। सरकार इनकी उपलब्धता के लिये भरसक प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्पोर्ट्स स्टेडियम, रायपुर में बनाए जा रहे कोविड केयर सेंटर में एमबीबीएस और नर्सिंग के अंतिम वर्ष के छात्रों की सेवाएं ली जा सकती हैं। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी देहरादून को निर्देश दिये कि निजी अस्पतालों में सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सामान्य स्थिति वाले कोरोना संक्रमितों को कोविड केयर सेंटर में रखा जाए या होम ट्रीटमेंट किया जाए। ताकि गम्भीर रोगियों के लिये आने वाले समय में आक्सीजन सपोर्ट बेड व अन्य जरूरी संसाधन उपलब्ध रहें।

सचिव अमित नेगी ने कहा कि निजी अस्पतालों द्वारा सरकार से पूरा सहयोग किया जा रहा है। हम इनके लगातार सम्पर्क में हैं। आने वाले समय की जरूरत को देखते हुए दवाईयों व अन्य उपकरणों, आक्सीजन की उपलब्धता का प्रयास किया जा रहा है।

बैठक में बताया गया कि स्पोर्टस स्टेडियम रायपुर में 1000 बेड का कोविड केयर सेंटर बनाया जा रहा है। इनमें आक्सीजन सपोर्ट भी होंगे। कोरोनेशन में 100 बेड की क्षमता विकसित की जा रही है। जौलीग्रांट अस्पताल में पर्याप्त बेड उपलब्ध हैं। यहां 150 बेड और लगाए जाएंगे। एम्स ऋषिकेश में 400 बेड एक्टीवेट हो जाएंगे। महंत इन्द्रेश में 80 आईसीयू बेड हैं। राज्य सरकार इन्हें आक्सीजन उपलब्ध कराएगी। कैंट बोर्ड चिकित्सालय में 150 बेड कोविड के लिए आरक्षित कर लिये गये हैं।

सभी निजी अस्पतालों द्वारा कोविड से लङाई में हर सम्भव सहयोग के लिए आश्वस्त किया गया। बैठक में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, सचिव शैलेश बगोली, प्रभारी सचिव डॉ पंकज कुमार पाण्डेय, डीएम आशीष श्रीवास्तव, हिमालयन विश्वविद्यालय, जौलीग्रांट के वीसी डॉ विजय धस्माना सहित एम्स ऋषिकेश, सीएमआई, महंत इंद्रेश अस्पताल के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

कोविड केयर सेंटर में ठहरने वालों को निशुल्क दी जाए आवश्यक सामग्री की किटः तीरथ सिंह रावत

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने अन्तरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम रायपुर, देहरादून में बनाये गये कोविड केयर सेंटर का औचक निरीक्षण किया। इस कोविड सेंटर में कोविड- 19 के मानकों के अनुसार सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं। अभी इसकी क्षमता 450 बेड है। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार यहाँ 500 बेड तत्काल और बढाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने साफ साफ निर्देश दिए कि कोविड केयर सेंटर में ठहरने वाले लोगों के लिए सुरक्षात्मक दृष्टि से फ्री में आवश्यक सामग्री की किट दी जायेगी और भोजन की व्यवस्था की जाये। कोविड केयर सेंटर में सैनिटाइजिंग, थर्मल स्क्रीनिंग, सीसीटीवी कैमरे एवं कोविड के मानकों के हिसाब से अन्य समस्त आवश्यक व्यवस्थाएं सुचारु रूप से संचालित की जाएँ।

मुख्यमंत्री ने आदेश दिया कि यहां आक्सीजन सपोर्ट बेड रखे जायें तथा गुणवत्ता युक्त भोजन की व्यवस्था की जाये। शौचालयों को पूर्ण सैनिटाइजिंग के साथ साफ सुथरे रखने के भी निर्देश दिए हैं। किसी कोरोना संक्रमित की स्थिति कुछ बिगङने पर तुरंत हायर सेंटर रैफर करते हुए वहां पहुंचाने की समुचित व्यवस्था करने के लिए कहा है। मुख्यमंत्री ने डीएम देहरादून को सख़्त निर्देश दिये कि कोरोना संक्रमितों के बेसलाइन असेसमेंट की व्यवस्था सुनिश्चित करें हो और आवश्यकता अनुसार उनके ईलाज की व्यवस्था करायें। निजी अस्पतालों से भी कोविड बेड की क्षमता बढाने में सहयोग लिया जाए।

मुख्यमंत्री ने दून अस्पताल और कोरोनेशन अस्पताल का भी जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने कोरोनेशन अस्पताल को कोविड अस्पताल बनाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार कि सरकार पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है कि आम जन को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होने पाये। सभी जिलों के अस्पतालो में पर्याप्त आक्सीजन है। दवाईयों व अन्य जरूरी उपकरणों की भी पूरी उपलब्धता है।उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में सरकार अपने समस्त संसाधनों से पूर्ण निष्ठा से प्रतिबद्ध है कि अपने प्रदेश की जनता की हर सम्भव मदद और बेहतर चिकित्सा मुहैय्या कराए। उन्होंने विश्वास दिलाया कि सरकार जनता के लिए तथा जनता के साथ मजबूती से खड़ी है।

स्पीकर ने लोगों को कोरोना संक्रमण के प्रति किया जागरूक

देश में बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए स्पीकर प्रेमचंद अग्रवाल ने जन जागरूकता अभियान चलाया। उन्होंने क्षेत्र के लोगों को कोरोना संक्रमण से बचने के लिए आवश्यक दिशा निर्देशों का पालन करने की अपील की। लोगों ने कोरोना के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने का संकल्प लिया। इस दौरान मास्क का भी वितरण किया गया।

स्पीकर ने कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं कार्यकर्ताओं को अपने नगर निगम वार्ड एवं पंचायत क्षेत्रों में भी कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए जन जागरूक करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हमें एकजुट होकर इस महामारी से लड़ना होगा, लगातार हाथों को सैनिटाइज करना, मास्क एवं सामाजिक दूरी बनाए रखना हमारे सुरक्षित जीवन के लिए आवश्यक हो गया है। विधानसभा अध्यक्ष ने सभी से कोरोना की वैक्सीन लगाने का आह्वान किया वहीं विधानसभा अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा कि 1 मई से 18 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोगों को कोरोना वैक्सीन लगाई जाएगी।

स्पीकर ने इस दौरान कई आयुर्वेदिक घरेलू नुस्खों को अपनाने के लिए भी लोगों से आग्रह किया। कहा कि गरम पानी, काढ़ा एवं हल्दी वाला दूध दैनिक दिनचर्या में प्रयोग करें। कहा कि अनावश्यक घर से बाहर ना निकले, कोरोना संक्रमण से खुद भी बचना है एवं परिवार एवं प्रदेश को भी सुरक्षित रखना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अनुसार लॉकडाउन सबसे अंतिम विकल्प होना चाहिए उससे पहले हमें खुद भी जागरूक होकर एकजुट होकर इसके संक्रमण को फैलने से रोकना होगा।

इस अवसर पर नगर निगम पार्षद सुंदरी कंडवाल, खैरी कला के प्रधान चमन पोखरियाल, जिला पंचायत सदस्य दिव्या बेलवाल, वरिष्ठ कार्यकर्ता कमला नेगी, शोभा चैहान, वीरभद्र ओबीसी मोर्चा की महामंत्री माया घले, ऋषिकेश मंडल के युवा मोर्चा अध्यक्ष नितिन सक्सेना, विकास तोमर, मस्तु बडोनी, राकेश अग्रवाल आदि उपस्थित थे।

नाव घाट से सटा नारायण कैफे शाॅर्ट सर्किट का हुआ शिकार, 13 लाख का नुकसान

कंगाली में आटा गिला, एक तो कोरोना संक्रमण के चलते कामकाज प्रभावित हुआ है, ऊपर से लोगों को गंगा नदी का शानदार नजारे दिखाता और युवाओं में काफी लोकप्रिय नारायण कैफे शाॅर्ट सर्किट का शिकार हो गया। कैफे संचालक के अनुसार 13 लाख रूपए का नुकसान हुआ है। फायर कर्मियों ने आग पर तो काबू पाया। मगर, तब तक बहुत देर हो गई थी। वूडन से बना पूरा कैफे भस्म हो गया।

दरअसल, नावघाट के पास तरूण विश्वास की नारायण कैफे चलाते थे। आज सुबह तड़के 5.25 बजे यहां एकाएक आग लग गई। आग की लपटों ने भयानक रूप धारण कर लिया। आग की लपटों से उठने वाले धुएं को देख स्थानीय लोगों में अफरातफरी मच गई। सूचना पर कैफे मालिक मौके पर पहुंचे और फायर कर्मियों को सूचित किया। सूचना पाकर फायर कर्मी भी पहुंचे। करीब दो घंटे बाद भीषण आग पर काबू पाया गया। मगर, कैफे पूर तरह जलकर राख हो गया। वहीं, आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। उधर, कैफे संचालक के मुताबिक 13 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।