हरक सिंह भाजपा और मंत्रिमंडल से बर्खास्त

भाजपा ने बड़ा कदम उठाते हुए काबीना मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत को मंत्रीमंडल से बर्खास्त कर दिया। साथ ही छह साल के लिए पार्टी से भी निष्कासित कर दिया। सीएम पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर आज यह कार्रवाई की गई। हरक पिछले काफी दिनों से विधानसभा चुनाव में मनमाफिक टिकट के लिए दबाव की राजनीति कर रहे थे। उनके कांग्रेस में शामिल होने की चर्चाओं को देखते हुए आज भाजपा ने यह कदम उठा लिया। अपनी बहु अनुकृति रावत के लिए लैंसडौन सीट से टिकट की मांग खारिज होने से नाराज हरक आज दोपहर दिल्ली रवाना हो गए थे। माना जा रहा था कि हरक कांग्रेस में शामिल हो सकते है।
सूत्रों के अनुसार पार्टी के नेताओं ने हरक से बातचीत का प्रयास भी किया, लेकिन उनके बढ़ते कदमों को थमते न देख भाजपा ने कड़ा फैसला लेने का निर्णय कर लिया। देर रात संपर्क करने पर सीएम कार्यालय ने हरक की मंत्रीमंडल से बर्खास्तगी की पुष्टि की।

भाजपा के अनुशासन की बार बार मखौल उड़ा रहे थे हरक
कैबिनेट मंत्री डॉ हरक सिंह रावत पिछले पाँच सालों से बार बार भारतीय जनता पार्टी के अनुशासन की मखौल उड़ा रहे थे। यही कारण रहा कि अब कांग्रेस में जाने की चर्चाओं के बीच भाजपा को उनके खिलाफ सख्त कदम उठाने को मजबूर होना पड़ा। दरअसल डॉ हरक सिंह रावत पिछले पांच सालों में कई बार पार्टी के लिए असहज स्थिति पैदा कर चुके थे।
डॉ हरक सिंह रावत को लेकर भाजपा के ग्रास रुट कार्यकर्ताओं में पहले से ही नाराजगी थी। उनके साथ ही कॉंग्रेस से आये नेताओ को पार्टी में ज्यादा ही तवज्जो दिए जाने से पार्टी में अंदरखाने खासी नाराजगी थी। आम कार्यकार्ता बाहर से आए नेताओं को कभी भी तवज्जो नहीं चाहते थे।
इसके बावजूद डॉ हरक सिंह रावत और उनके सहयोगी पार्टी को पांच सालों तक चलाते रहे। भाजपा नेतृत्व ने हर सम्भव कोशिश की की हरक सिंह रावत को पार्टी से जोड़ा रखा जाए लेकिन अब पानी सर से ऊपर होने और उनके कांग्रेस में शामिल होने के निर्णय के बाद पार्टी को उनके खिलाफ कदम उठाना पड़ा।

कैबिनेट छोड़ इस्तीफा देकर निकल गए थे
डॉ हरक सिंह रावत कुछ दिन पूर्व ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित हो रही कैबिनेट की बैठक छोड़ निकल गए थे। उनकी नाराजगी का कारण उस समय कोटद्वार मेडिकल कॉलेज का प्रस्ताव न आना था लेकिन जानकारों का कहना है कि हरक उस वक्त भी लैंसडाउन सीट से अपनी बहू के लिए टिकट की मांग कर रहे थे। हरक की नाराजगी की वजह से भाजपा में हडकंप मच गया था और 24 घंटे तक हरक को मानाने के प्रयास किए जाते रहे। मुख्यमंत्री और हरक के बीच वार्ता के बाद उस मामले का अंत हो पाया था।

बहू के लिए टिकट मांग दिखा रहे थे बागी तेवर
अपने साथ लैंसडोन से बहू अनुकृति गुसाईं के लिए टिकट की मांग को लेकर कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत लगातार बागी तेवर अपनाए हुए थे। भाजपा कोर कमेटी की बैठक में पहुंचने की बजाय दिल्ली के चक्कर काट रहे थे। पार्टी पर लगातार दबाव बनाए हुए थे। हरक सिंह रावत हमेशा दबाव की राजनीति के लिए जाने जाते रहे हैं।
वे भाजपा पर लगातार हर बार किसी न किसी चीज के लिए दबाव बनाए हुए थे। पहले उन्होंने कोटद्वार मेडिकल कालेज के नाम पर कैबिनेट मंत्री पद से इस्तीफा देने की धमकी देकी र भाजपा को असहज किया। हालांकि उस दौरान हरक को मना लिया गया। मेडिकल कालेज को मंजूरी देने के साथ 25 करोड़ की स्वीकृति भी दी गई।
इसके बाद भी हरक पार्टी पर दबाव बनाए हुए थे। इस बार दबाव अपने लिए केदारनाथ सीट और बहू अनुकृति गुसाईं के लिए लैंसडोन सीट का बनाया जा रहा था। भाजपा में बात न बनती देख, वो कांग्रेस में बहू के लिए विकल्प तलाशने लगे। उनकी यही तलाश उन पर भारी पड़ी।

भाजपा का कड़ा संदेश
भाजपा के इस फैसले के अनुशासन के लिहाज से कड़ा संदेश माना जा रहा है। पिछले काफी समय से हरक बगावती तेवर अपनाए हुए थे। पिछले दिनों कैबिनेट बैठक में इस्तीफे की धमकी दे चुके रावत लगातार कांग्रेस नेताओं के संपर्क में भी थे। हरक के आगे हर बार घुटने टेकने से खुद भाजपा के भीतर पसंद नहीं किया जा रहा था। हरक को बर्खास्त कर भाजपा ने साफ कर दिया है कि अब वो किसी दबाव में आने वाली नहीं है।

रेड सैंड बोआ दुर्लभ प्रजाति के सांप के साथ पांच गिरफ्तार

रायवाला थाना पुलिस के मुताबिक दुलर्भ प्रजातियों के वन्यजीवों की तस्करी रोकने को लेकर एसएसएपी देहरादून जन्मजेय खंडूड़ी की ओर से थाना पुलिस को निर्देश जारी हुए थे। शनिवार रात को थानाध्यक्ष भुवन चंद्र पुजारी को वन्यजीव की तस्करी की सूचना मिली। जिस पर पुलिस ने क्षेत्र में नाकाबंदी शुरू कर दी। इस बीच पुलिस ने एक कार चेकिंग के लिए रोक दिया। वाहन के भीतर से रेड सैंड बोआ नाम का सांप मिला। उसकी पुष्टि के लिए पुलिस ने मौके वन विभाग की टीम को बुलाया।
थानाध्यक्ष पुजारी ने बताया इस दुलर्भ प्रजाति के सांप की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों में हैं। सांप को वन विभाग मोतीचूर रेंज के सुपुर्द कर दिया है। वाहन में सवार पांच लोगों की पहचान अनीस पुत्र रफीक निवासी भोजपुर मुरादाबाद, सलीम पुत्र वकील अहमद, सद्दाम पुत्र फैय्याज, जैदी पुत्र जहीर, जोबिन पुत्र अव्वार हुसैन चारों निवासी रानी नागल भोजपुर जिला मुरादाबाद यूपी के रूप में कराई है। सभी पर वन्यजीव अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने सभी को जेल भेजा है। टीम में उपनिरीक्षक ज्योति प्रसाद उनियाल, कुशाल सिंह रावत, कांस्टेबल राजीव कुमार शामिल रहे।

20 सीटों पर उम्मीदवार बदलने के मूड में भाजपा

उत्तराखंड विधानसभा के लिए प्रत्याशियों के नाम तय करने में भाजपा नेतृत्व को तगड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। हालांकि सूत्र बता रहे हैं कि चुनाव समिति की बैठक में 50 विधानसभा क्षेत्रों से आए नामों पर तकरीबन सहमति हो चुकी है। लेकिन 20 विधानसभा सीटों पर माथापच्ची के बाद असमंजस की स्थिति है। अब इसे केंद्रीय नेतृत्व और संसदीय बोर्ड पर छोड़ा गया है।
प्रदेश चुनाव समिति की बैठक में विधानसभा वार आए नामों पर विचार हुआ। मंत्रियों, वरिष्ठ विधायकों की सीटों पर एक-एक नाम, ऐसी सीटें जिसमें पार्टी के पास सकारात्मक फीड बैक है पर एक से दो नाम का पैनल बनाया गया है। जिन सीटों पर पार्टी की स्थिति कमजोर है या कांग्रेस के कब्जे वाली हैं, वहां तीन-तीन नामों के पैनल भेजे गए हैं। इन्हीं सीटों पर पार्टी सहमति के बिंदू नहीं पहुंच पाई है।

गढ़वाल मंडल विधानसभा सीट –
थराली- पूर्व विधायक स्व. मगन लाल शाह की पत्नी विधायक हैं और टिकट मांग रही हैं लेकिन पार्टी वहां ज्यादा मजबूत प्रत्याशी तलाश रही है।
पौड़ी-विधायक मुकेश कोली के खिलाफ पार्टी के खेमा लामबंद है। पार्टी सर्वे के नतीजे भी कोली के लिए सहज नहीं बताए जा रहे।
कोटद्वार-हरक सिंह रावत के कांग्रेस में लौटने के बाद स्थिति बदल गई है।
पुरोला-इस सीट पर कांग्रेस विधायक भाजपा में शामिल हो चुके हैं और भाजपा के पूर्व प्रत्याशी माल चंद कांग्रेस में चले गए हैं।
घनसाली-संगठन के सर्वे में विधायक शक्तिलाल शाह की स्थिति बहुत मजबूत नहीं बताई जा रही।
टिहरी-चर्चा है कि पार्टी इस सीट पर कांग्रेस से एक बड़े चेहरे को मैदान में उतार सकती है।
झबरेड़ा-पार्टी की सर्वे रिपोर्ट और कार्यकर्ताओं का फीड बैक विधायक देश राज कर्णवाल के अनुकूल नहीं माना जा रहा।
पिरान कलियर-यह सीट कांग्रेस के कब्जे वाली है और पार्टी अभी तय नहीं कर पा रही है कि किस चेहरे पर दांव लगाया जाए।
राजपुर रोड-इस सीट पर खजानदास विधायक हैं और इस बार पार्टी के भीतर सीट पर नए विकल्प की चर्चा हो रही है।
गंगोत्री-इस सीट पर पार्टी प्रत्याशी चयन को लेकर असमंजस में है। पूर्व विधायक की पत्नी टिकट मांग रही हैं।
भगवानपुर-इस सीट पर पार्टी ने पूर्व कैबिनेट मंत्री सुबोध राकेश को प्रत्याशी बनाया था। लेकिन वह पार्टी छोड़कर बसपा में चले गए। पार्टी यहां मजबूत प्रत्याशी की खोज में है।

’कुमाऊं मडंल में ये सीटें फंसी’
नैनीताल-इस सीट पर संजीव आर्य विधायक थे, लेकिन पार्टी छोड़ने के बाद अब भाजपा को इस सीट पर टक्कर के प्रत्याशी की तलाश है। पार्टी कांग्रेस नेत्री सरिता आर्य को साधने की कोशिश कर रही है।
जागेश्वर-कांग्रेस के कब्जे वाली सीट पर पार्टी को मजबूत प्रत्याशी चाहिए।
अल्मोड़ा-इस सीट पर रघुनाथ सिंह चौहान विधायक हैं। क्षेत्र में पार्टी उनका विकल्प तलाश रही है।
रानीखेत-यहां कांग्रेस के करन माहरा विधायक हैं। भाजपा इस सीट पर मजबूत चेहरे की तलाश में है।
गंगोलीहाट-भाजपा की मीना गंगोला विधायक हैं। यहां भी पार्टी ज्यादा मजबूत विकल्प खोज रही है।
काशीपुर-काशीपुर में भाजपा विधायक हरभजन सिंह चीमा अपने बेटे को प्रत्याशी बनाना चाहते हैं। लेकिन पार्टी के अन्य दावेदार भी टिकट मांग रहे हैं।
बाजपुर-विधायक यशपाल आर्य के भाजपा छोड़ देने के बाद परिस्थितियां बदली हैं और पार्टी मजबूत विकल्प खोज रही है।
रामनगर-रामनगर सीट पर भी पार्टी को मजबूत विकल्प की तलाश है।
हल्द्वानी-इस सीट पर भी भाजपा में टिकट को लेकर मारामारी है।

डोईवाला सीट पर त्रिवेंद्र का नाम टॉप पर
सूत्रों के मुताबिक, डोईवाला विधानसभा सीट पर नामों का जो पैनल बनाया गया है उसमें पहले स्थान पर पूर्व मुख्यमंत्री व सिटिंग विधायक त्रिवेंद्र सिंह रावत का नाम बताया जा रहा है। लेकिन उनके नाम पर अंतिम फैसला पार्टी की बैठक और संसदीय बोर्ड में ही होगा।

11 जिलों की 30 सीटों के लिए प्रत्याशियों के नाम का एलान

समाजवादी पार्टी ने उत्तराखंड विधानसभा चुनाव के लिए प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर दी है। पहली सूची में 11 जिलों की 30 सीटों के लिए प्रत्याशियों के नाम का एलान किया गया है। समाजवादी पार्टी उत्तराखंड में अभी तक हुए विधानसभा चुनावों में अपना खाता खोलने में कामयाब नहीं हो पाई है। इस बार सपा बदले हुए तेवरों के साथ मैदान में है। नई हवा है, नई सपा है के नारे के साथ पार्टी इस विधानसभा चुनाव में ताल ठोक रही है।
इस कड़ी में रविवार को सपा के राष्ट्रीय सचिव और उत्तराखंड प्रभारी राजेंद्र चौधरी ने प्रत्याशियों की पहली सूची जारी की। इनमें उत्तरकाशी जिले की पुरोला सीट से चयन सिंह, गंगोत्री से पंडित विजय बहुगुणा, बदरीनाथ से वीरेंद्र कैरूनी, थरोली से किशोर कुमार, कर्णप्रयाग से गजेंद्र सिंह को प्रत्याशी बनाया गया है। पौड़ी गढ़वाल जिले की यमकेश्वर विधानसभा सीट से विपिन बडोनी, पौड़ी से राजेंद्र प्रसाद, श्रीनगर से सुभाष नेगी, चौबट्टाखाल से जय प्रकाश टम्टा, लैंसडौन से संदीप रावत को टिकट दिया गया है। पिथौरागढ़ जिले की धारचूला सीट से मनोज प्रसाद, डीडीहाट से सुरेंद्र सिंह गुरुंग, पिथौरागढ़ से रमेश सिंह बिष्ट, गंगोलीहाट से गोपाल दास खुमति को पार्टी प्रत्याशी बनाया गया है।
बागेश्वर जिले के कपकोट से हरी राम शास्त्री, बागेश्वर से लक्ष्मी देवी, अल्मोड़ा जिले की द्वाराहाट सीट से गणेश कांडपाल, सल्ट से मुकेंद्र बंगारी, रानीखेत से सुनीता रिखाड़ी, सोमेश्वर से बलवंत आर्य, अल्मोड़ा से अर्जुन सिंह भाकुनी व जागेश्वर से रमेश सनवाल को टिकट दिया गया है। चम्पावत जिले की लोहाघाट सीट से मो. हारून, नैनीताल जिले की हल्द्वानी सीट से सोएब अहमद, ऊधमसिंह नगर की कालाढूंगी सीट से राजेंद्र कुमार वालिया, काशीपुर से सरदार बलजिंदर सिंह, बाजपुर से मनीषा, हरिद्वार जिले की रुड़की विधानसभा सीट से राजा त्यागी, देहरादून जिले की धर्मपुर विधानसभा सीट से मो नासिर व कैंट विधानसभा सीट से डा राकेश पाठक को पार्टी प्रत्याशी घोषित किया गया है।

सरकार ने नई एसओपी की जारी, जानें क्या है पाबंदी

कोरोना के बढ़ते केसों के बीच उत्तराखंड सरकार ने नई गाइडलाइन जारी की है। कोविड 19 संक्रमण के चलते राजनीतिक दलों के सार्वजनिक स्थानों पर रैली, धरना-प्रदर्शन पर भी 22 जनवरी तक रोक रहेगी। राजनीतिक दलों के किसी भवन में होने वाले कार्यक्रमों में सभागार की क्षमता के 50 प्रतिशत अथवा 300 लोगों तक, जो भी कम होगा वहीं मान्य होगा। इसके साथ ही आंगनबाड़ी केंद्र और 12 वीं कक्षा तक सभी शैक्षणिक संस्थानों को 22 जनवरी तक बंद रखने का निर्णय किया है।
रविवार शाम मुख्य सचिव और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सीईओ डॉ. एसएस संधु ने कोविड 19 के लिए संशोधित एसओपी जारी की। 11 जनवरी को जारी एसओपी की अवधि आज समाप्त हो गई थी। मुख्य सचिव के अनुसार कोविड के तहत लागू प्रतिबंधों को 22 जनवरी तक बढ़ा दिया गया है। नाइट करफ्यू, व्यापारिक प्रतिष्ठानों के लिए तय समयावधि पूर्व की तरह लागू रहेगी।

ये रहेंगे बंद-
– आंगनबाड़ी केंद्र, 12 वीं कक्षा तक के सभी सरकारी, सहायताप्राप्त व निजी स्कूल
– स्वीमिंग पूल, वाटर पार्क भी रहेंग बंद
– राजनीतिक दलों की गतिविधियों पर 22 तक पांबदी, इंडोर कार्यक्रम को सशर्त छूट

यह मानक रहेंगे जारी
नाइट कर्फ्यू रात 10 बजे से सुबह छह बजे तक लागू रहेगा। जिम, शॉपिंग मॉल, सिनेमा हॉल, स्पा, सैलून, थिएटर, ऑडिटोरियम, मीटिंग हॉल केवल 50 फीसदी क्षमता के संचालित होंगे। खेल संस्थान, स्टेडियम, खेल के मैदान खिलाडियों के प्रशिक्षण के लिए 50 फीसदी क्षमता के साथ खोले जा सकेंगे।

इसी प्रकार खुले अथवा बंद स्थान पर होने वाले विवाह समारोह,
शवयात्रा आदि में केवल 50 फीसदी क्षमता में ही लोग शामिल हो सकते हैं।
इसी प्रकार होटल, रेस्तरा, ढाबों में भी 50 प्रतिशत का मानक लागू होगा व होटालों के कांफ्रेंस हाल, स्पा, जिम का भी 50 प्रतिशत क्षमता में प्रयोग किया जा सकेगा। इन सभी में कोविड 19 के लिए तय मानकों का सख्ती से पालन करना होगा।

स्कूलों में नियमित रूप से ऑनलाइन पढ़ाइ-सुंदरम
उत्तराखंड में स्कूल 22 जनवरी तक बंद रहेंगे लेकिन पढ़ाई पूर्व की तरह ऑनलाइन माध्यम से शुरू कर दी जाएगी। शिक्षा सचिव आर. मीनाक्षीसुंदरम ने कहा कि सभी अधिकारियों को इस बाबत निर्देश दे दिए गए हैं। बोर्ड परीक्षाओं को देखते हुए शिक्षक छात्रों को आनलाइन माध्यम से नियमित रूप से तैयारी कराएं। छोटी कक्षाओं में छात्र-छात्रों की पढ़ाई को भी पूर्व की तरह ऑनलाइन, वाट़सअप आदि विभिन्न माध्यमों के जरिए शुरू कर दिया जाए।

अगले कुछ दिन का मौसम अपडेट लेकर ही करें सफर

उत्तराखंड के मैदानी क्षेत्रों में विशेषकर हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में उथला से मध्यम कोहरा छाए रहने की संभावना है, जबकि पर्वतीय जिलों में पाला परेशानी का कारण बन सकता है। मौसम विभाग ने अगले 3 दिन प्रदेश में मौसम शुष्क रहने का अनुमान लगाया है। लेकिन 18 के बाद एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ के चलते गढ़वाल मंडल के पर्वतीय हिस्सों व कुमाऊं मंडल के पिथौरागढ़ बागेश्वर जनपद में कहीं-कहीं हल्की से हल्की बारिश व बर्फबारी की संभावना जताई है।
मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमान के मुताबिक घने कोहरे को लेकर प्रदेश के मैदानी जिलों में अलर्ट जारी किया गया है। वही पर्वतीय क्षेत्रों के लिए भी पाला पड़ने को लेकर येलो अलर्ट जारी है। जिसके चलते मौसम विभाग ने प्रदेश के लिए एक एडवाइजरी जारी की है। जिसमें मैदानी क्षेत्रों में घना कोहरा छाने से यातायात में टकराव की स्थिति, ड्राइविंग की मुश्किल परिस्थिति, हवाई अड्डे पर लैंडिंग, टेक ऑफ को प्रभावित कर सकती है।
मौसम विभाग ने रेलवे, एयरलाइंस, परिवहन सेवाओं के संपर्क में रहने के सुझाव दिए हैं। कोहरे में वाहन चला रहे लोगों से फोग लाइट के इस्तेमाल करने को कहा है। साथ ही पर्वतीय जिलों में पौधों को ठंड के कारण नुकसान से बचाने के लिए लगातार हल्की सिंचाई करने खेतों के चारों ओर हवा के अवरोध, शेल्टरबेल्ट लगाने, हवा की गति कम करने व पाले मे सड़क पर सावधानी से वाहन चलाने का सुझाव दिया है। राज्य के कई शहरों में आज तापमान काफी कम रहा।
शुष्क मौसम के बावजूद मसूरी में न्यूनतम तापमान 2.1, रनीचौरी में माइनस 1.8, जॉली ग्रांट में 6.6, नैनीताल में 4.8, पिथौरागढ़ में 1.5, टिहरी में तीन, मुक्तेश्वर में 1.1, पंतनगर में 9.9, डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पहाड़ों में दिन में धूप के बावजूद सुबह शाम जबरदस्त ठंड पड़ रही है। मौसम विभाग के निदेशक विक्रम सिंह के मुताबिक पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में 16 जनवरी व नॉर्थवेस्ट भारत में 18 जनवरी के बाद दो ताजा पश्चिमी विक्षोभ प्रभावी होंगे जिससे एक बार फिर मौसम बदलेगा।

फ्लैग मार्च निकालकर पुलिस ने दिया निर्भिक मतदान का संदेश

विधानसभा क्षेत्र में चुनाव के दौरान निर्भिक मतदान को लेकर बीएसएफ और पुलिस के जवानों ने संयुक्त रूप से फ्लैग मार्च निकाला। जनता को संदेश दिया कि मतदान निर्भिकता से करें। किसी भी राजनीतिक दल के दबाव में नहीं आएं। सुरक्षा के लिए पुलिस सदैव आपके साथ है।
शनिवार को संयुक्त यात्रा रोडवेज बस अड्डा परिसर से रिटर्निंग ऑफिसर और एसडीएम अपूर्वा पांडेय, पुलिस क्षेत्राधिकारी डीसी ढौंढियाल, तहसीलदार डॉ. अमृता रावत और बीएसएफ के असिस्टेंट कमांडेंड संतोष कुमार के नेतृत्व में फ्लैग मार्च शुरू हुआ। जो चंद्रभागा पुल से चंद्रेश्वरनगर, हरिद्वार रोड, मेन बाजार, घाट रोड से घाट चौक होते हुए रेलवे रोड, हीरालाल मार्ग, देहरादून मार्ग स्थित कोतवाली पहुंचकर संपन्न हुई। फ्लैग मार्च में बीएसएफ की एक कंपनी और पुलिस के जवान कदम ताल करते हुए आगे बढ़ रहे थे। पुलिस के शक्ति प्रदर्शन का उद्देश्य आम जन को निष्पक्ष के साथ निर्भिक होकर मतदान करने का रहा। सीओ ढौंढियाल ने बताया कि फ्लैग मार्च के माध्यम से जनसंदेश दिया कि निर्भिक होकर मतदान करें। किसी भी दल के नेता के जबरदस्ती मतदान के लिए धमकाने की शिकायत तत्काल पुलिस को करें। फ्लैग मार्च में कोतवाल रवि कुमार सैनी, एसएसआई डीपी काला, एसआई त्यागी अरुण त्यागी, रामनरेश शर्मा मौजूद रहे।

पिछले 24 घंटे में 3200 नए मामले सामने आए

उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण लगातार बढ़ रहा है। शुक्रवार को राज्य में 3200 नए मामले सामने आए हैं। अब तक कुल 7438 मरीजों की मौतें हो चुकी है। पिछले 24 घंटे में 676 मरीज स्वस्थ हुए हैं। इन्हें मिलाकर 336353 मरीजों ने संक्रमण को मात दी है। वर्तमान में 12349 सक्रिय मरीजों का इलाज चल रहा है। प्रदेश की रिकवरी दर 92.55 प्रतिशत और सैंपल जांच के आधार पर संक्रमण दर 11.48 प्रतिशत पहुंच गई है।
देहरादून जिले में 1030 संक्रमित मिले हैं। नैनीताल में 494, हरिद्वार में 543, ऊधमसिंह नगर में 429, चंपावत में 46, पौड़ी में 131, अल्मोड़ा में 165, टिहरी में 112, पिथौरागढ़ में 58, बागेश्वर में 38, चमोली में 40, रुद्रप्रयाग में 52, उत्तरकाशी जिले में 62 संक्रमित मिले हैं।

तीर्थनगरी में भी बढ़ रहा ग्राफ
ऋषिकेश, लक्ष्मणझूला और मुनिकीरेती में शुक्रवार को भी कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। जिनमें ऋषिकेश 45, लक्ष्मणझूला में सात पर्यटक समेत 11, मुनिकीरेती में नौ लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।
ऋषिनगरी में नए साल के बाद लगातार कोरोना के आंकड़ों का ग्राफ बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को भी करीब 65 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। ऋषिकेश सरकारी अस्पताल में स्वास्थ्य पर्यवेक्षक एसएस यादव ने बताया 45 कोरोना पॉजिटिव मरीजों में 20 ऋषिकेश के रहने वाले हैं। जबकि अन्य मरीज छिद्दरवाला, रूद्रप्रयाग आदि क्षेत्र के हैं। बताया कि मरीजों को आइसोलेट कराया जा रहा है। लक्ष्मणझूला में कोविड नोडल अधिकारी डा.राजीव कुमार ने बताया की शुक्रवार को सात पर्यटकों समेत 11 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। पर्यटक वापस घर लौट चुक हैं। लिहाजा संबंधित जिला प्रशासन से संपर्क कर जानकारी जुटाई जा रही है। बताया चार लोग स्थानीय निवासी है। जिन्हें आइसोलेट किया गया है। मुनिकीरेती कोविड नोडल अधिकारी डा. जगदीश जोशी ने बताया कि नौ लोगों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव निकली है।

राष्ट्रीय पार्टियों को प्रचार में पीछे छोड़ रहे कनक धनाई

उत्तराखंड जन एकता पार्टी ऋषिकेश द्वारा उजपा नेता कनक धनाई के नेतृत्व में ऋषिकेश विधानसभा की सीमा से सटी ग्रामसभा हरिपुर कलां में कार्यालय का उद्घाटन किया गया। साथ ही लंबे समय से चले आ रहे समाधान एम्स अभियान के द्वितीय चरण का आरंभ किया गया। जिसके अंतर्गत ऋषिकेश की जनता से उनको एम्स में आने वाली समस्याओं तथा एम्स प्रशासन के प्रति रोष व्यक्त करने हेतु कपड़े पर हस्ताक्षर लिए जाएंगे तथा वे एम्स में उनको आयी समस्याएं भी दर्ज करा सकेंगे। ग्रामीण ऋषिकेश में लगभग 4 दिनों तक चलने के बाद शहरी ऋषिकेश हेतु अभियान चलाया जाएगा। तत्पश्चात हस्ताक्षरों समेत समस्याएं स्वास्थ्य मंत्रालय को भेज दी जाएंगी।
उजपा नेता कनक धनाई ने कहा कि एम्स प्रशाशन के मैनेजमेंट से जनता त्रस्त हो चुकी है, शायद ही ऋषिकेश का कोई ऐसा नागरिक होगा जो स्वास्थ्य लाभ हेतु एम्स गया हो और उसे किसी न किसी तरीके से परेशान न होना पड़ा हो। इसी को ध्यान में रखते हुए पिछले वर्ष हमारे द्वारा एम्स परिसर में रोजगार में हो रही दलाली, स्वास्थ्य सुविधाओं में अव्यस्था तथा असुविधाओं एवम पार्किंग में मची लूट खसूट जैसे मुद्दों को लेकर समाधान एम्स के प्रथम चरण का आरंभ गुमानिवाला के अमित स्मारक से किया गया था, एवम आज हरिपुर कलां से हम इसके द्वितीय चरण को आरंभ कर रहे हैं।
मौके पर उजपा के विभिन्न कार्यकर्ता एवम पदाधिकारी मौजूद रहे।

देहरादून जिले में सबसे अधिक 1224 नए कोरोना संक्रमित मरीज मिले

उत्तराखंड में बीते 24 घंटे में 3005 नए संक्रमित मिले हैं। वहीं दो कोरोना मरीजों की मौत हुई है। पिछले 24 घंटे में 977 मरीज स्वस्थ हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक गुरुवार को 13 जिलों में 3005 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए। अब तक कुल 7435 मरीजों की मौतें हो चुकी है। पिछले 24 घंटे में 977 मरीज स्वस्थ हुए हैं। इन्हें मिलाकर 335677 मरीजों ने संक्रमण को मात दी है। संक्रमितों की तुलना में ठीक होने वालों की संख्या घटने से सक्रिय मामले बढ़ गए हैं। वर्तमान में 9936 सक्रिय मरीजों का इलाज चल रहा है। प्रदेश की रिकवरी दर 93.19 प्रतिशत और सैंपल जांच के आधार पर संक्रमण दर 10.91 प्रतिशत पहुंच गई है।
देहरादून जिले में 1224 संक्रमित मिले हैं। नैनीताल में 431, हरिद्वार में 426, ऊधमसिंह नगर में 399, चंपावत में 35, पौड़ी में 106, अल्मोड़ा में 103, टिहरी में 47, पिथौरागढ़ में 44, बागेश्वर में 59, चमोली में 71, रुद्रप्रयाग में 20, उत्तरकाशी जिले में 40 संक्रमित मिले हैं।

दून अस्पताल में 35 मरीज भर्ती, 370 को लगी वैक्सीन
राजधानी के दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में गुरुवार को ओपीडी में 700 से अधिक मरीज देखे गए। अस्पताल में कोरोना ग्रसित 35 मरीज भर्ती हैं। पिछले 24 घंटे में 11 मरीज भर्ती हुए हैं। अस्पताल के एमएस आवास में कोविशील्ड की 250 और कोवाक्सीन की 120 डोज लगाई गई। गुरुवार को लैब बंद होने के चलते सैंपलिंग नहीं हुई। नोडल अधिकारी डॉ. अनुराग अग्रवाल ने बताया कि जिन भी मरीजों को कोई भी लक्षण नहीं है, उनको कोविड-19 टेस्ट कराने की आवश्यकता नहीं है।
60 वर्ष अधिक तथा हाई रिस्क मरीज जैसे डायबिटिक इत्यादि बीमारी वाले मरीजों को कोविड-19 टेस्ट कराना चाहिए। जिन भी कोविड-19 से ग्रसित मरीजों को हल्के लक्षण हैं, उनका होम आइसोलेशन समय सात दिन का है। प्राचार्य डा. आशुतोष सयाना ने निर्देशित किया है कि ओपीडी, आईपीडी, टीकाकरण, सैंपलिंग आदि में मरीजों को किसी तरह की दिक्कत न आए। इसके लिए सभी एचओडी को निर्देशित किया गया है।

तीर्थनगरी में 81 लोग संक्रमित
वहीं, गुरुवार को तीर्थनगरी ऋषिकेश में 10 पर्यटकों समेत 81 लोग संक्रमित पाए गए हैं। मुनिकीरेती घूमने आए संक्रमित पर्यटक वापस लौट चुके हैं।
मुनिकीरेती क्षेत्र के कोविड नोडल अधिकारी डा. जगदीश जोशी ने बताया कि एक दिन पहले बुधवार को 104 लोगों का आरटीपीसीआर कराया था। इसकी रिपोर्ट गुरुवार को आयी है, इनमें 27 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आयी है। संक्रमितों में 10 पर्यटक हैं, जो वापस जा चुके हैं। उन्हें ट्रेस करने का प्रयास चल रहा है। वहीं, सरकारी अस्पताल में एक दिन पहले 143 लोगों ने आरटीपीसीआर कराया था। सैंपल एम्स ऋषिकेश भेजे गए थे, इसकी रिपोर्ट गुरुवार को मिली है। इनमें कोरोना के 44 नए मामले आए हैं। स्वास्थ्य पर्यवेक्षक एसएस यादव ने बताया कि गुरुवार को अस्पताल में 79 लोगों ने एंटीजन रेपिड टेस्ट कराया था, इसमें 10 की रिपोर्ट पॉजिटिव आयी है। बताया कि सभी को होमआईसोलेट किया जा रहा है।