योजनाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगाः मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज अल्पसंख्यक मोर्चा महानगर, देहरादून द्वारा आयोजित ‘लाभार्थी सम्मेलन’ में प्रतिभाग करते हुए विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों से संवाद किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित लाभार्थियों ने केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं से अपने जीवन में आए सकारात्मक बदलावों, आर्थिक सशक्तिकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, स्वरोजगार तथा सामाजिक सुरक्षा से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। मुख्यमंत्री ने लाभार्थियों की बातों को गंभीरता से सुना और कहा कि सरकार की सबसे बड़ी पूंजी जनता का विश्वास है तथा यही विश्वास जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की सबसे बड़ी प्रेरणा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में विकास की ऐसी कार्यसंस्कृति स्थापित हुई है जिसमें योजनाओं का लाभ सीधे पात्र व्यक्ति तक पहुंच रहा है। डबल इंजन सरकार का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग को समान अवसर उपलब्ध कराना और विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार बिना किसी भेदभाव के सभी नागरिकों तक विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण एवं दूरगामी निर्णय लेते हुए उत्तराखंड मदरसा बोर्ड को समाप्त कर राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन किया है। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य अल्पसंख्यक समुदाय के विद्यार्थियों को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और रोजगारोन्मुख शिक्षा उपलब्ध कराना है, ताकि वे विज्ञान, प्रौद्योगिकी, कौशल विकास और प्रतिस्पर्धी शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ सकें। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सबसे प्रभावी माध्यम मानती है और प्रत्येक बच्चे को बेहतर भविष्य प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री धामी ने समान नागरिक संहिता का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तराखंड इस ऐतिहासिक कानून को लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना है। उन्होंने कहा कि यह कानून महिलाओं को समान अधिकार, सम्मान, सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। समान नागरिक संहिता सामाजिक समरसता, पारदर्शिता और समान अवसर की भावना को मजबूत करती है तथा राज्य के सभी नागरिकों के लिए न्यायपूर्ण व्यवस्था स्थापित करने का कार्य करती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण, युवाओं के रोजगार, किसानों की आय वृद्धि, गरीब परिवारों के उत्थान, स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार, आवास, पेयजल, सड़क, डिजिटल सेवाओं और सामाजिक सुरक्षा जैसे अनेक क्षेत्रों में प्रभावी कार्य किए हैं। उन्होंने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता प्रदान करना नहीं, बल्कि लोगों को आत्मनिर्भर बनाना और सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर उपलब्ध कराना है।

उन्होंने लाभार्थियों से आह्वान किया कि वे सरकार की योजनाओं की जानकारी समाज के अन्य पात्र लोगों तक भी पहुंचाएं, ताकि अधिक से अधिक परिवार इन योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जनता के सुझावों और अनुभवों के आधार पर योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास कर रही है।

कार्यक्रम में विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों ने प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, स्वरोजगार एवं कौशल विकास योजनाओं, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं तथा अन्य राज्य एवं केंद्र सरकार की योजनाओं से प्राप्त लाभ का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। अनेक लाभार्थियों ने बताया कि सरकारी योजनाओं ने उनके जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार किया है तथा उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आर्थिक सुरक्षा के नए अवसर प्राप्त हुए हैं।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खजान दास, विधायक विनोद चमोली, पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं दायित्वधारी दिनेश अग्रवाल, देहरादून नगर निगम के महापौर सौरभ थपलियाल, अल्पसंख्यक मोर्चा के पदाधिकारीगण, जनप्रतिनिधि, पार्टी के सम्मानित कार्यकर्ता तथा बड़ी संख्या में लाभार्थी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

थारू जनजाति संवाद कार्यक्रम में सीएम के हाथों सम्मानित हुई बीएसएफ के एवरेस्ट विजेता मोहन सिंह राणा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा में आयोजित थारू जनजाति संवाद कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बीएसएफ के एवरेस्ट विजेता मोहन सिंह राणा तथा आईटीबीपी के एवरेस्ट विजेता टीला सेन को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में धर्मांतरण की रोकथाम के लिए सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून लागू किया गया। राज्य सरकार धर्मांतरण करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार संयुक्त रूप से नशे के खिलाफ अभियान चला रही है। नशा केवल व्यक्ति ही नहीं, पूरे परिवार को बर्बाद कर देता है। इससे बचाव के लिए समाज और प्रशासन को मिलकर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाना होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। संवाद केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सरकार और थारू समाज के बीच विश्वास एवं विकास की साझेदारी को मजबूत करने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि उनका थारू समाज से जुड़ाव आज का नहीं, बल्कि वर्षों पुराना है और खटीमा से उनका लआत्मीय संबंध हमेशा बना रहेगा। उन्होंने कहा कि वे यहां समाज की समस्याएं, सुझाव और अपेक्षाएं सुनने आए हैं ताकि योजनाओं को और अधिक प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में आजादी के बाद पहली बार जनजातीय समाज के सशक्तिकरण के लिए अभूतपूर्व कार्य हुए हैं देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का जनजातीय समाज से होना इस सोच का सबसे बड़ा उदाहरण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन की सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सशक्त नेतृत्व में जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय समुदाय को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आधारभूत सुविधाओं से जोड़कर उन्हें सशक्त और आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसी दिशा में कार्य करते हुए जहां एक ओर अटल आवास योजना में हमने आय सीमा को व्यावहारिक बनाया है, वहीं घर निर्माण की लागत में भी बढ़ोतरी की है, ताकि अधिक से अधिक परिवारों को इसका लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि सरकार ने उधम सिंह नगर में ही इस योजना के तहत लगभग 3 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता प्रदान की है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में भी बड़ी संख्या में जनजातीय परिवारों को लाभ मिला है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तहत इस जनपद में पहले चरण में 824 और दूसरे चरण में 101 घरों का निर्माण किया गया है। शिक्षा के क्षेत्र में भी हमारी सरकार जनजातीय समाज को सशक्त बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि जनजाति कल्याण विभाग के माध्यम से आश्रम पद्धति विद्यालयों, छात्रावासों और आईटीआई संस्थानों के विकास के लिए करोड़ों रुपये की धनराशि दी गई है, जिससे बच्चों को और बेहतर सुविधाएं मिल सकें। इन आश्रम पद्धति विद्यालयों को कक्षा 12 तक अपग्रेड करने का काम गतिमान है। इसके अलावा एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों के माध्यम से भी जनजातीय बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जा रही है। खटीमा में बालिका छात्रावास के लिए 4 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं, बाजपुर में 16 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विद्यालय और छात्रावास का निर्माण किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गदरपुर में 100 बेड का बालक छात्रावास भी बनाया जा रहा है। थारू राजकीय इंटर कॉलेज में 2 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से खेल मैदान का सौंदर्गीकरण, ऑडिटोरियम का आधुनिकीकरण और भवन की मरम्मत का कार्य भी किया जा रहा है। सरकार, जनजातीय समाज की माताओं और बहनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से उन्हें रोजगार, प्रशिक्षण और आत्मनिर्भरता के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। साथ ही वन धन केंद्रों के माध्यम से तैयार उत्पादों को बाजार से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने का कार्य भी किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा जनजातीय समाज की महिलाओं को 1 करोड़ रुपये से अधिक की चक्रीय निधि और 8 करोड़ रुपये से अधिक की निवेश सहायता देकर उनके छोटे-छोटे रोजगारों को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम के तहत वर्ष 2020 से 2025 तक 10 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न योजनाएं सफलतापूर्वक पूरी की गई हैं। इसके अलावा हजारों परिवारों को पेयजल, बिजली और गैस कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। उन्होंने कहा विधानसभा सितारगंज में थारू विकास भवन का निर्माण किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत जनजातीय क्षेत्रों में अवस्थापना सुविधाओं के लिए 2 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि स्वीकृत की गई है। जनजातीय परिवारों को बेटी की शादी के लिए 50 हजार रुपये तक की आर्थिक सहायता भी प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि हमने उधम सिंह नगर, देहरादून, पिथौरागढ़ और चमोली में जनजातीय क्षेत्रों के विकास को और गति देने के लिए अलग-अलग जनजाति कल्याण अधिकारियों की नियुक्ति भी की है। राज्य सरकार, केवल योजनाओं की घोषणा नहीं करते, बल्कि उन्हें धरातल पर उतारकर वास्तविक बदलाव लाने का कार्य भी करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद प्रधानमंत्री ने जनजातीय समाज के गौरव को राष्ट्रीय पहचान दिलाने का ऐतिहासिक कार्य प्रारंभ किया। भगवान बिरसा मुंडा जी की जयंती को ष्जनजातीय गौरव दिवसष् के रूप में मनाने का निर्णय लेकर उन्होंने पूरे देश को जनजातीय समाज के साहस, संघर्ष और बलिदान से परिचित कराया। डबल इंजन सरकार का संकल्प है कि थारू समाज का प्रत्येक परिवार विकास की मुख्यधारा से जुड़े, प्रत्येक युवा आत्मनिर्भर बने और प्रत्येक बेटी शिक्षित और सशक्त बने। उन्होंने कहा कि थारू समाज कि हर समस्या, हर सुझाव और हर अपेक्षा हमारी सरकार की प्राथमिकता है। हम थारू समाज के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ इसी प्रकार कार्य करते रहेंगे।

संवाद के दौरान थारू समाज के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। प्रतिनिधियों ने कहा मुख्यमंत्री हमेशा समाज के सुख-दुख से जुड़े रहे हैं तथा थारू संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के लिए किए गए कार्य ऐतिहासिक हैं।

इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख सरिता राणा, अध्यक्ष थारू राणा परिषद दान सिंह राणा, सांसद प्रतिनिधि रविंद्र राणा, वरिष्ठ समाजसेवी रमेश राणा, ग्राम प्रधान संघ अध्यक्ष मंजीत सिंह राणा, सभासद दौलत राणा, ग्राम प्रधान शोभा देवी, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

सीएम धामी ने जन समस्याओं का निराकरण कर दिव्यांगों को वितरित किए सहायक उपकरण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लोहियाहेड हेलीपैड स्थित कैंप कार्यालय में जनता एवं जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से सुना। इस अवसर पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि जनसेवा ही सरकार का मूल उद्देश्य है और आमजन की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत का संवेदनशीलता के साथ परीक्षण कर उसका प्रभावी समाधान किया जाए, ताकि लोगों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश में सरलीकरण, समाधान और संतुष्टि के मंत्र के साथ कार्य कर रही है। शासन और प्रशासन की जवाबदेही तभी सार्थक होगी, जब आम नागरिक को उसकी समस्या का शीघ्र एवं संतोषजनक समाधान मिले। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से जनहित से जुड़े मामलों में पूर्ण गंभीरता, पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने को कहा।

मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों से भी क्षेत्र की विकास संबंधी आवश्यकताओं एवं जनहित के मुद्दों पर चर्चा की तथा आश्वस्त किया कि जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप विकास कार्यों को गति देने और नागरिक सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रतिबद्ध है।

इसके उपरान्त मुख्यमंत्री द्वारा खटीमा कैंप कार्यालय में 27 दिव्यांगजनों को 77 सहायक उपकरण और 22 वरिष्ठ नागरिकों को 113 सहायक उपकरण ,11 बैटरी रिक्शा, 14 व्हील चेयर , 18 कमोड चेयर, 06 ट्राई साइकिल , 24 हियरिंग मशीन ,40 नी ब्रेस,13 बैशाखी के अतिरिक्त वॉकर , वॉकिंग स्टिक,सिलिकॉन कुशन , सी पी चेयर का वितरण किये गए साथ ही ग्रामोत्थान रीप योजनांतर्गत नारी शक्ति ग्राम संगठन गदरपुर व सत्यमेव जयते सी एल एफ बाजपुर को बोलेरो वाहन तथा एकता सी एल एफ गदरपुर को फूड वैन की चाबी सौंपी।

इस अवसर पर दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, किशन सिंह किन्ना, गंभीर सिंह धामी, रणजीत सिंह नामधारी, मोहिनी पोखरिया, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, वीसी जय किशन, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी, अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्रा, जिला समाज कल्याण अधिकारी अमन अनिरुद्ध सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी मौजूद थे।

डीएम दून ने किया नंदा की चौकी पुल का निरीक्षण, धंसे हिस्से को शीघ्र सुरक्षित बनाकर यातायात सुचारू करने के दिए निर्देश

जिलाधिकारी, डॉ आशीष चौहान, ने प्रातःकाल नंदा की चौकी पुल का स्थलीय निरीक्षण किया। भारी वर्षा के कारण पुल से पहले एप्रोच रोड का एक हिस्सा धंस गया है, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ है। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करते हुए मार्ग को सुरक्षित बनाकर शीघ्र ही यातायात के लिए पुनः सुचारु करने के निर्देश दिए।

इसके उपरांत जिलाधिकारी ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण करते हुए सोडा सरोली का दौरा किया, जहां वर्षा से क्षतिग्रस्त पीएमजीएसवाई सड़क को तत्काल खोलने के निर्देश दिए। वहीं, मलबा आने से बंद थानों मार्ग को त्वरित कार्रवाई करते हुए यातायात हेतु बहाल कर दिया गया है।

जिलाधिकारी लगातार फील्ड में रहकर वर्षा से प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर रहे हैं तथा राहत एवं पुनर्स्थापन कार्यों की मॉनिटरिंग करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दे रहे हैं।

सीएम धामी ने जन समस्याओं के त्वरित एवं समयबद्ध समाधान को दिए निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य सेवक सदन में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों की समस्याओं एवं शिकायतों को गंभीरता से सुना। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक जन समस्या का संवेदनशीलता, पारदर्शिता एवं समयबद्धता के साथ समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि आमजन को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जनहित एवं सुशासन के सिद्धांत पर कार्य कर रही है। जनता की समस्याओं का त्वरित निराकरण सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन की जवाबदेही तभी सार्थक होगी, जब आम नागरिकों की समस्याओं का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का गंभीरतापूर्वक परीक्षण कर नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई की जाए तथा शिकायतकर्ता को समाधान की प्रगति से भी अवगत कराया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशवासियों की अपेक्षाओं पर खरा उतरना सरकार का दायित्व है। प्रत्येक अधिकारी जनसेवा की भावना के साथ कार्य करते हुए जनता की समस्याओं के समाधान में पूर्ण संवेदनशीलता एवं उत्तरदायित्व का परिचय दें। उन्होंने कहा कि जन शिकायतों के निस्तारण में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर उपस्थित आयुक्त गढ़वाल आनंद स्वरूप एवं आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप को प्राप्त जन समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन मामलों का समाधान जिला अथवा विभागीय स्तर पर संभव है, उनका तत्काल निस्तारण किया जाए तथा जिन प्रकरणों में उच्च स्तर पर निर्णय अपेक्षित है, उन्हें शीघ्र आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को प्रेषित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसुनवाई की व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं परिणामोन्मुख बनाया जाए, जिससे प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को समय पर न्याय एवं राहत मिल सके।

सीएस ने उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा एवं विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सचिवालय में उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा एवं विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। मुख्य सचिव ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के दृष्टिकोण से प्रदेश में सरकारी एवं ग़ैर सरकारी विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के सम्बन्ध में विस्तार से जानकारी ली एवं दिशा निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने प्रदेश के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप मॉडिफाई किए जाने पर जोर दिया। उन्होंने सभी सरकारी विश्वविद्यालयों को अपना 5 वर्ष का प्लान तैयार किए जाने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने प्रदेश के सभी सरकारी विश्वविद्यालय को NAAC एवं NIRF एक्रेडिटेशन प्राप्त किए जाने पर फोकस किए जाने की बात कही। उन्होंने सभी विश्वविद्यालयों को सभी गुणवत्ता मानकों को पूरा करने के लिए अल्पकालीन, मध्यकालीन एवं दीर्घकालिक प्लान तैयार किए जाने की बात भी कही। उन्होंने अपनी सभी 11 यूनिवर्सिटी को मूल्यांकन एवं रैंकिंग के लिए मैकेनिज्म तैयार किए जाने की बात कही। उन्होंने सभी सरकारी एवं एडेड कॉलेज को अगले 8-10 दिन में स्टेट लेवल रैंकिंग पैरामीटर्स तैयार किए जाने का टास्क दिया।

मुख्य सचिव ने छात्र छात्राओं की ट्रेसिंग मैकेनिज्म भी तैयार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोर्सेस के साथ ही इंटर्नशिप पार्टिसिपेशन को भी शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने इसके लिए विश्वविद्यालयों को इंडस्ट्री, एनजीओ और सोसाइटीज को भी जोड़े जाने की आवश्यकता पर जोर दिया। मुख्य सचिव ने विश्वविद्यालय को विदेशी भाषाओं सिखाने पर भी फोकस किए जाने बात कही। कहा कि स्वास्थ्य विभाग को भी इसमें प्रोएक्टिव होकर काम करने की आवश्यकता है।

इस अवसर पर सचिव डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, अपर सचिव मनुज गोयल, कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल, प्रो दीवान एस रावत, प्रो नवीन चंद्र लोहानी, प्रो एन के जोशी एवं प्रो सतपाल सिंह बिष्ट सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

सीएम ने श्री धन्वंतरि धाम हर्बल वर्ल्ड हिमालय में औषधीय पौधों के संरक्षण, शोध और हर्बल पर्यटन की संभावनाओं का लिया जायजा

हरेला पर्व के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद पौड़ी गढ़वाल के यमकेश्वर विकासखंड स्थित मालाग्राम पहुंचकर सघन पौधरोपण कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण और हरित उत्तराखंड का संदेश दिया। इस दौरान उन्होंने श्री धन्वंतरि धाम हर्बल वर्ल्ड हिमालय का विस्तृत भ्रमण कर वहां संरक्षित दुर्लभ औषधीय वनस्पतियों, अनुसंधान गतिविधियों तथा आयुर्वेद आधारित नवाचारों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने परिसर स्थित ध्यान कुटी का भी निरीक्षण किया।

मुख्यमंत्री ने भ्रमण के दौरान उत्तराखंड की समृद्ध जैव विविधता, हिमालयी औषधीय वनस्पतियों और पारंपरिक आयुर्वेदिक ज्ञान के संरक्षण एवं संवर्धन पर विशेष फोकस किया। उन्होंने कहा कि राज्य की यह प्राकृतिक धरोहर पूरे विश्व के लिए अमूल्य है तथा इसका संरक्षण और वैज्ञानिक शोध वर्तमान समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में किए जा रहे प्रयास पर्यावरण संरक्षण को नई दिशा देने के साथ-साथ औषधीय पौधों के संवर्धन, आयुर्वेद आधारित अनुसंधान, हर्बल पर्यटन तथा स्थानीय युवाओं के लिए स्वरोजगार और आजीविका के नए अवसर भी सृजित करेंगे।

मालाग्राम स्थित श्री धन्वंतरि धाम हर्बल वर्ल्ड हिमालय देश का अपनी तरह का एक अनूठा हर्बल पार्क है, जहां देश के विभिन्न राज्यों एवं हिमालयी क्षेत्रों से लाई गई दुर्लभ जड़ी-बूटियों और औषधीय पौधों का वैज्ञानिक ढंग से संरक्षण एवं संवर्धन किया जा रहा है। यह परिसर पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों और आधुनिक शोध के समन्वय का महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभर रहा है।

कार्यक्रम में पतंजलि योगपीठ के संस्थापक स्वामी रामदेव, आचार्य बालकृष्ण, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल, यमकेश्वर विधायक रेनू बिष्ट, जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार, भाजपा जिलाध्यक्ष राजगौरव नौटियाल, उपजिलाधिकारी चतर सिंह चौहान सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

सीएस ने पर्यटन विभाग को अपने प्रोडक्ट्स के प्रचार प्रसार के लिए विशेष प्रयास करने के दिए निर्देश

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय स्थित अपने सभागार में पर्यटन विभाग की समीक्षा की। उन्होंने पर्यटन विभाग की सभी योजनाओं पर विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि पर्यटन उत्तराखण्ड की आर्थिकी के महत्त्वपूर्ण स्रोतों में से एक है। उन्होंने पर्यटन विभाग को अपने 5 वर्षों के लिए लक्ष्य निर्धारित किए जाने के निर्देश दिए, ताकि आउटकम इंडीकेटर्स के लक्ष्यों को हासिल किया जा सके।

मुख्य सचिव ने अपने प्रोडक्ट्स के प्रचार प्रसार के लिए भी विशेष प्रयास किए जाने के निर्देश दिए। कहा कि प्रोडक्ट की पब्लिसिटी के बिना निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करना आसान नहीं होगा। उन्होंने पब्लिसिटी के लिए भी वार्षिक कार्ययोजना तैयार किये जाने की बात कही। कहा कि नीती घाटी में आयोजित की गयी नीती एक्स्ट्रीम अल्ट्रा रन 2026, आदि कैलाश हाई एल्टीट्यूड मैराथन, रिवर राफ्टिंग फेस्टिवल्स और विंटर कार्निवल जैसे इवेंट्स को अन्य स्थानों पर इस प्रकार के अलग-अलग इवेन्ट्स के रूप में प्रत्येक वर्ष एक निश्चित समय पर आयोजित किया जाए। ऐसे इवेंट पब्लिसिटी के साथ-साथ टूरिस्ट्स के लिए आकर्षण का केन्द्र बनते हैं।

मुख्य सचिव ने पर्यटन की दृष्टि से प्रदेश के लिए शॉर्ट टर्म, मीडियम टर्म और लाँग टर्म योजना तैयार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्यटन सर्किट और डेस्टिनेशन बनाने के साथ-साथ ज़रूरी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने पर ध्यान दिया जाए। साथ ही, हॉस्पिटैलिटी व पर्यटन प्रोजेक्ट्स में प्राइवेट सेक्टर के निवेशकों को भी शामिल किया जाए। प्रदेश में लगातार नए पर्यटन स्थल विकसित किए जाएं। कहा कि समावेशी और टिकाऊ पर्यटन विकास को बढ़ावा दिया जाना चाहिए, ताकि पूरे राज्य में संतुलित विकास हो सके।

मुख्य सचिव ने प्रदेश के युवाओं को गाईड प्रशिक्षण दिए जाने की दिशा में कार्य किए जाने की बात कही। कहा कि इसे इंस्टीट्यूशनल किया जाए। आईएचएम को इसके लिए प्रयोग किया जा सकता है। प्रशिक्षण मॉड्यूल इस प्रकार से तैयार किए जाएं कि प्रशिक्षित युवाओं को प्रदेश के साथ-साथ, पूरे भारत और ओवरसीज में कहीं भी रोजगार मिल सके। उन्होंने वाईब्रेंट विलेज के लिए भी विशेष प्रयास किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में ग्लैंपिंग प्रोजेक्ट्स की काफी डिमांड है। उन्होंने इसके लिए स्थान चिन्हित कर ग्लैंपिंग प्रोडक्ट विकसित किए जाने के भी निर्देश दिए।

इस अवसर पर सचिव धीराज गर्ब्याल एवं अपर सचिव अभिषेक रोहिला सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

राज्य की विभिन्न योजनाओं के लिए सीएम धामी ने 38 करोड़ रूपए की दी वित्तीय स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में संचालित पेयजल, पर्यटन, सिंचाई योजनाओं के क्रियान्वयन एवं पौड़ी गढ़वाल में एन.सी.सी. अकादमी स्थापना के लिये ₹ 38 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।

मुख्यमंत्री ने नाबार्ड वित्तपोषण के अंतर्गत चमोली एवं अल्मोड़ा जनपदों में सिंचाई विभाग की 5 योजनाओं के लिए ₹12.83 करोड़ सहित सिंचाई विभाग की 7 अन्य योजनाओं के लिए ₹15.06 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति का अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री द्वारा जनपद चम्पावत के विभिन्न स्थानों पर 50 हैंडपंप तथा 31 सोलर पैनलों की स्थापना के लिये ₹3.98 करोड़ जनपद नैनीताल स्थित पर्यटक आवास गृह, मुक्तेश्वर के उच्चीकरण कार्य के लिए ₹4.96 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति प्रदान करने के साथ ही जनपद पौड़ी में एन.सी.सी. अकादमी की स्थापना के लिए संशोधित आगणन ₹50.00 करोड़ के सापेक्ष प्रथम किश्त के रूप में ₹1 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार के सिविल एवं पारिवारिक पेंशनरों के लिए महंगाई राहत की दरों में वृद्धि का किया अनुमोदन

मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार के पांचवें एवं छठवें केन्द्रीय वेतन आयोग की संस्तुतियों के अनुसार लागू वेतन बैंड एवं ग्रेड वेतन में पेंशन प्राप्त कर रहे सिविल एवं पारिवारिक पेंशनरों के लिए महंगाई राहत की दरों में वृद्धि करते हुए 1 जनवरी 2026 से पांचवें वेतनमान के पेंशनरों के लिए महंगाई राहत 474 प्रतिशत से बढ़ाकर 484 प्रतिशत तथा छठवें वेतनमान के पेंशनरों के लिए 257 प्रतिशत से बढ़ाकर 262 प्रतिशत प्रतिमाह किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सर्वांगीण विकास, आधारभूत संरचना को मजबूत बनाने, पर्यटन को बढ़ावा देने, किसानों के हितों के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को सभी स्वीकृत योजनाओं का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए है।

सीएम धामी से पूर्व विधायकों ने की शिष्टाचार भेंट, सर्वाधिक कार्यकाल के लिए दी बधाई

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए पूर्व विधायकों ने शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर पूर्व विधायकों ने मुख्यमंत्री धामी को उत्तराखण्ड के मुख्य सेवक के रूप में सर्वाधिक कार्यकाल पूर्ण करने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

पूर्व विधायकों ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य ने विकास, सुशासन तथा जनकल्याण के क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश के समग्र विकास एवं आमजन के हितों को प्राथमिकता देते हुए अनेक जनहितकारी निर्णय लिए गए हैं, जिनका व्यापक सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल रहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व विधायकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों का अनुभव और मार्गदर्शन राज्य के विकास की दिशा में सदैव महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सर्वांगीण विकास, सुशासन, पारदर्शिता और जनसेवा के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य विकास की योजनाओं का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना तथा उत्तराखण्ड को विकास के नए आयामों तक ले जाना है। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग और सहभागिता से राज्य को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में स्थापित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

इस अवसर पर पूर्व विधायकों ने राज्य के समग्र विकास, जनकल्याण एवं सुशासन के क्षेत्र में बीते वर्षों में हुई प्रमुख उपलब्धियों के लिए भी मुख्यमंत्री को बधाई देते हुए उनके सफल एवं जनहितकारी नेतृत्व की सराहना की।

मुख्यमंत्री से पूर्व विधायक काशी सिंह ऐरी, दिनेश अग्रवाल, देशराज कर्णवाल, लाखीराम जोशी, पुष्पेश त्रिपाठी, धन सिंह नेगी, केदार सिंह रावत, राजकुमार, विजया बड़थ्वाल, सुरेश चंद्र आर्य, जोत सिंह गुनसोला ने भेंट की।