चंपावत में सीएम धामी ने किया 123.79 करोड़ रूपए की 17 विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास, कॉर्बेट ट्रेल का शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चम्पावत में आयोजित भव्य कार्यक्रम में कुल ₹123.79 करोड़ की लागत से तैयार एवं प्रस्तावित 17 विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इनमें ₹27.79 करोड़ की लागत से पूर्ण हुई 8 योजनाओं का लोकार्पण तथा ₹96 करोड़ की लागत से 9 नई विकास योजनाओं का शिलान्यास किया गया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 349.98 लाख रूपए की लागत से निर्मित जिम कॉर्बेट ट्रेल का उद्घाटन किया। इस प्रोजेक्ट के तहत जनपद के विभिन्न स्थानों में जिम कॉर्बेट से संबंधित विभिन्न निर्माण कार्य, सुधारीकरण कार्य किये जा रहे है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री द्वारा बस स्टेशन रोडवेज़ में निर्मित किये जा रहे सिटी सेन्टर के भूमि पूजन कार्यक्रम में भी प्रतिभाग किया।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा विभिन्न मंदिरों के पुजारीगण, अर्धसैनिक बल, युवा वर्ग, जनप्रतिनिधि गण, व्यापार मंडल/ढाबा संचालकों, स्वच्छाग्रही, शिक्षकगण, उद्यमियों, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं, टैक्सी यूनियन, बैंक कर्मी तथा बार एसोसिएशन, प्रबुद्धजनों, मीडियाकर्मियों समेत विभिन्न समूहों तथा लोगों से संवाद किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चम्पावत को उत्तराखण्ड का मॉडल जनपद बनाना उनका संकल्प है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सीमांत क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य कर रही है और चम्पावत आज शिक्षा, पर्यटन, आधारभूत संरचना, महिला सशक्तिकरण, कृषि, व्यापार तथा रोजगार के क्षेत्र में नई पहचान बना रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल भवन और सड़कें बनाना नहीं, बल्कि ऐसा चम्पावत विकसित करना है जहाँ युवाओं को अवसर, महिलाओं को आत्मनिर्भरता, किसानों को समृद्धि, व्यापारियों को नए अवसर तथा प्रत्येक नागरिक को विकास का समान लाभ मिले।

उन्होंने कहा कि चम्पावत नगर में लगभग ₹62.33 करोड़ की लागत से आधुनिक बहुमंजिला पार्किंग एवं शॉपिंग कॉम्प्लेक्स (सिटी सेंटर) का निर्माण किया जाएगा, जिससे पार्किंग की समस्या का समाधान होने के साथ स्थानीय व्यापार को भी नई गति मिलेगी। साथ ही व्यापारिक भवनों के निर्माण, महिला प्रौद्योगिकी पार्क, आधुनिक पुस्तकालय, ज्ञान केन्द्र, ओपन जिम तथा युवाओं के लिए विभिन्न सुविधाओं का भी विकास किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की बेटियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए लगभग ₹257 करोड़ की लागत से महिला स्पोर्ट्स कॉलेज तथा लगभग ₹58.52 करोड़ की लागत से आधुनिक साइंस सेंटर की स्थापना की जा रही है। इसके अतिरिक्त कृषि महाविद्यालय, गौशालाओं का विकास तथा आधुनिक कृषि तकनीकों के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में भी कार्य किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘विकास भी और विरासत भी’ के मंत्र को आत्मसात करते हुए मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के अंतर्गत माँ पूर्णागिरि धाम, शारदा कॉरिडोर, गोल्ज्यू कॉरिडोर एवं माँ वाराही धाम सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों का विकास किया जा रहा है, जिससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि टनकपुर में लगभग ₹237.74 करोड़ की लागत से आधुनिक आईएसबीटी तथा लगभग ₹14 करोड़ की लागत से मीडिया सेंटर का निर्माण किया जा रहा है। वहीं लोहाघाट में पर्यावरण मित्रों के लिए आवासीय भवन, बनबसा में सैनिक स्मारक एवं पाटी में सैनिक बहुउद्देशीय केन्द्र की स्थापना की दिशा में भी कार्य प्रगति पर हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज लोकार्पित एवं शिलान्यास की गई परियोजनाएँ केवल निर्माण कार्य नहीं, बल्कि विकसित चम्पावत की मजबूत नींव हैं। ये युवाओं के सपनों को नई उड़ान, महिलाओं को नई शक्ति, किसानों को समृद्धि, व्यापार को गति तथा पर्यटन को नई पहचान देने वाली योजनाएँ हैं।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में चम्पावत समावेशी, संतुलित एवं सतत विकास का आदर्श मॉडल बनेगा और विकसित उत्तराखण्ड के संकल्प को साकार करने में अग्रणी भूमिका निभाएगा।मुख्यमंत्री ने सभी विकास परियोजनाओं के लिए जनपदवासियों को बधाई देते हुए विकास यात्रा में निरंतर जनसहभागिता का आह्वान किया।

इस अवसर पर अध्यक्ष जिला पंचायत चम्पावत आनंद सिंह अधिकारी, दर्जा राज्य मंत्री श्याम पांडे, हेमा जोशी, रोहित बिष्ट, मुकेश महराना, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद सामंत, भाजपा प्रदेश मंत्री निर्मल मेहरा, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव, मुख्य विकास अधिकारी डॉ जी.एस.खाती, अपर जिलाधिकारी कृष्णनाथ गोस्वामी सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारीगण, विभिन्न जन प्रतिनिधिगण तथा बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

सीएस की अध्यक्षता में हुई व्यय वित्त समिति की बैठक संपन्न

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में व्यय वित्त समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक में विभिन्न विभागों के प्रस्तावों को स्वीकृति मिली।

मुख्य सचिव ने राजकीय मेडिकल कॉलेज हरिद्वार योजना की संशोधित लागत को स्वीकृत प्रदान की। मुख्य सचिव ने कहा की मेडिकल कॉलेज को पूरी तरह से फंक्शनल किया जाए इसके लिए मेडिकल कॉलेज की फैकल्टी को शीघ्र रिक्रूट किया जाए। उन्होंने मेडिकल कॉलेज की मेंटेनेंस के लिए भी प्रविधान रखे जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव द्वारा हल्द्वानी में रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस निर्माण (कुल लागत 3569.28 लाख) कार्य को भी स्वीकृति प्रदान की गई। उन्होंने पूर्व में स्वीकृत प्रॉजेक्ट को रद्द करते हुए इसे नए प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली व्यय वित्त समिति द्वारा उरेडा के ऊर्जा पार्क परिसर में सुपर ई0सी0बी0सी0 ऑफिस बिल्डिंग निर्माण (कुल लागत ₹16.13 करोड़) एवं सहस्रधारा रोड वाटर सप्लाई स्कीम (कुल लागत ₹113.16 करोड़ लागत) को भी स्वीकृति प्रदान की गई।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव बृजेश कुमार संत एवं श्रीधर बाबू अद्धांकी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

सीएम ने पीएम के मन की बात कार्यक्रम के 135वें संस्करण को कार्यकर्ताओं के साथ सुना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रुड़की में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम के 135वें संस्करण को सुना।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री का मन की बात कार्यक्रम जनभागीदारी को सशक्त बनाने तथा समाज में सकारात्मक परिवर्तन के लिए प्रेरित करने का प्रभावी माध्यम बन गया है। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में देश के विभिन्न भागों में जनसहयोग से हो रहे प्रेरणादायी कार्यों, पर्यावरण संरक्षण, सांस्कृतिक विरासत के संवर्धन, नवाचार, युवाओं की सहभागिता तथा स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने जैसे विषयों पर अपने विचार साझा करते हुए नागरिकों को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के संदेश सबका प्रयास की भावना को और अधिक सशक्त करते हैं। समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता से ही विकसित भारत के संकल्प को साकार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार भी प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में जनकल्याण, सुशासन, पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तिकरण, युवा सशक्तिकरण, स्थानीय उत्पादों के प्रोत्साहन तथा सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

इस दौरान राज्य सभा सांसद कल्पना सैनी,परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा, अध्यक्ष जिला पंचायत किरण चौधरी, जिलाध्यक्ष भाजपा मधु सिंह, मेयर नगर निगम रुड़की अनीता अग्रवाल, राज्य मंत्री देशराज कर्णवाल, श्यामवीर सैनी, आदेश सैनी, शोभाराम प्रजापति, ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष राकेश गिरी, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर सहित भाजपा मंडल अध्यक्ष, सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

डीएम ने बाल सुधार गृह में बेसिक लर्निंग प्रोग्राम संचालित करने तथा सभी बालकों का विस्तृत प्रोफाइल तैयार करने के दिए निर्देश

जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान ने आज केदारपुरम स्थित नारी निकेतन, बाल सुधार गृह एवं किशोरी गृह का स्थलीय निरीक्षण कर वहां संचालित व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने आवासीय संस्थानों में रह रहे बच्चों एवं महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं, स्वच्छता एवं पुनर्वास संबंधी गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बाल सुधार गृह में रह रहे बालकों से संवाद स्थापित कर उनकी दिनचर्या, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य आवश्यकताओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने जिला प्रोबेशन अधिकारी को निर्देशित किया कि बाल सुधार गृह में बेसिक लर्निंग प्रोग्राम संचालित किया जाए, जिससे बच्चों की शैक्षिक एवं बौद्धिक क्षमता का विकास हो सके। साथ ही उन्होंने बाल सुधार गृह में निवासरत सभी बालकों का विस्तृत प्रोफाइल तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि संस्थान में रह रहे प्रत्येक बालक की नियमित काउंसलिंग एवं स्वास्थ्य परीक्षण सुनिश्चित किया जाए, जिससे उनके मानसिक एवं शारीरिक विकास में सहायता मिल सके। उन्होंने बच्चों के पुनर्वास एवं व्यक्तित्व विकास से संबंधित गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर भी बल दिया।

नारी निकेतन एवं किशोरी गृह के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सुरक्षा व्यवस्थाओं का अवलोकन करते हुए उन्हें और अधिक सुदृढ़ बनाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नारी निकेतन में निवासरत किशोरियों एवं संवासिनियों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए तथा उनकी आवश्यकताओं एवं समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ समाधान सुनिश्चित किया जाए।

जिलाधिकारी ने परिसर में साफ-सफाई की व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया तथा स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण बनाए रखने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संस्थानों में रहने वाले बच्चों एवं महिलाओं को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है तथा इस संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। वर्तमान में नारीनिकेतन में 160 संवासनिया, बाल सुधार ग्रह में 07 किशोर, किशोरी संप्रेक्षण ग्रह में 12 किशोरिया है।

निरीक्षण के दौरान बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष नमिता ममगाईं, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ मनोज कुमार शर्मा, मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार ढौंडियाल, सदस्य पीएन जौहर, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, पुलिस क्षेत्राधिकारी वंदना वर्मा सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

सीएस की अध्यक्षता में हुई उत्तराखण्ड रोपवे डेवलपमेंट लिमिटेड की निदेशक मंडल की द्वितीय बैठक

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में उत्तराखण्ड रोपवे डेवलपमेंट लिमिटेड की निदेशक मंडल की द्वितीय बैठक संपन्न हुई। मुख्य सचिव ने केदारनाथ रोपवे एवं हेमकुंट साहिब रोपवे प्रोजेक्ट पर भी चर्चा हुयी। बैठक में विभिन्न प्रस्तावों को संस्तुति प्रदान की गयी।

मुख्य सचिव ने केदारनाथ रोपवे प्रोजेक्ट एवं हेमकुंट साहिब रोपवे प्रोजेक्ट के अंतर्गत फॉरेस्ट लैंड क्लीयरेंस पर तेजी से कार्य किए जाने की बात कही। उन्होंने सभी आवश्यक सर्वे कार्य निर्धारित समयसीमा में पूर्ण कराए जाने के निर्देश दिए। कहा कि यूटिलिटी शिफ्टिंग के साथ ही पावर और वाटर सप्लाई से सम्बन्धित कार्यों को शीघ्र से शीघ्र पूर्ण किया जाए। मुख्य सचिव ने रोपवे प्रोजेक्ट्स के तहत् पार्किंग, लास्ट माईल कनेक्टिविटी और रोपवे के आसपास व्यावसायिक क्षेत्र विकसित किए जाने पर भी विशेष ध्यान दिए जाने की बात कही। कहा कि हितधारकों से भी लगातार संवाद किया जाए।

बैठक में एनएचएलएमएल के अधिकारियों ने बताया गया कि केदारनाथ रोपवे का लिडार सर्वे और वीडियोग्राफी का काम पूरा हो गया है। कंसेशनियर ने जियो-टेक्निकल जांच शुरू कर दी है। गौरीकुंड और सोनप्रयाग स्टेशन के लिए जियो-टेक्निकल सर्वे पूरा हो गया है। टोपोग्राफी सर्वे भी पूरा हो गया है। शुरुआती अलाइनमेंट पूरो कर लिया गया है, फाइनल अलाइनमेंट जून 2026 तक होने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि रियल साइज़ के कंटेनरों के साथ देहरादून से सोनप्रयाग तक लॉजिस्टिक्स का ड्राई रन पूरा हो गया है। बताया गया कि हेमकुंट साहिब रोपवे के लिए ज़मीन का सर्वे चल रहा है। खराब मौसम की वजह से ड्रोन सर्वे में देरी हुई। आखिरी हिस्से के लिए डीजीपीएस और लिडार सर्वे को फिर से शुरू किया गया।

इस अवसर पर सचिव दिलीप जावलकर, धीराज गर्ब्याल एवं एनएचएलएमएल के अधिकारी उपस्थित थे।

वर्तमान समय में शासन व प्रशासन का मूल्यांकन केवल उसकी मंशा के आधार पर नहीं, बल्कि उसके परिणामों के आधार पर संभवः बर्द्धन

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने अर्थ एवं संख्या निदेशालय एवं सी.पी.पी.जी.जी, नियोजन विभाग द्वारा ‘Data Harmonization-Building Data Linked Governance System’ विषयक कार्यशाला का शुभारम्भ करते हुए कहा कि वर्तमान समय में शासन-प्रशासन का मूल्यांकन केवल उसकी मंशा के आधार पर नहीं, बल्कि उसके परिणामों के आधार पर किया जाता है, और इन परिणामों का प्रभावी आंकलन गुणवत्तापूर्ण डेटा के माध्यम से ही संभव है। उन्होंने उल्लेख किया कि उत्तराखण्ड को अपनी भौगोलिक परिस्थितियों, आपदा संवेदनशीलता, उच्च पलायन दर तथा पर्यावरणीय चुनौतियों के कारण विशिष्ट विकासात्मक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में डेटा Harmonization को प्रतिक्रियात्मक दृष्टिकोण के बजाय पूर्वानुमान आधारित एवं सक्रिय योजना निर्माण में अत्यन्त महत्वपूर्ण है। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमता एवं मशीन लर्निंग जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों को डेटा समन्वयन के लिए महत्वपूर्ण अवसर बताया, साथ ही यह भी रेखांकित किया कि इनके प्रभावी उपयोग से पूर्व डेटा की गुणवत्ता, गोपनीयता एवं सुरक्षा सुनिश्चित करना अनिवार्य होगा। मुख्य सचिव ने प्रतिभाग कर रहे समस्त विभागों को सांख्कीय कार्य से जुड़े अधिकारियों को नोडल अधिकारी के रूप में भी चिन्हित कर उनके क्षमता वर्धन के निर्देश दिये।

कार्याशाला को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए सचिव, सांख्यिकीय एवं कार्यकम कियान्वयन मंत्रालय, भारत सरकार श्री सौरभ गर्ग द्वारा अपने उद्बोधन में उत्तराखण्ड राज्य की सराहना करते हुए कहा कि यह उन अग्रणी राज्यों में है जिसने भुवनेश्वर में आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला के पश्चात् डेटा समन्वयन विषय को गंभीरता से लेते हुए कार्यशाला आयोजित की है। यह राज्य में आंकड़ों के सटीक रख-रखाव तथा साक्ष्य आधारित निर्णय लेने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि संसाधनों के अधिकत्तम उपयोग, प्रभावी नियोजन तथा नागरिकों के आकांक्षाओं एवं अपेक्षाओं पर खरा उतरने हेतु डेटा महत्वपूर्ण है परन्तु कई बार डेटा को इतना महत्व नहीं देते।

इस अवसर पर प्रमुख आर्थिक सलाहकार, नीति आयोग अन्ना रॉय ने कहा कि डेटा संग्रह ही नहीं, बल्कि उसका मूल्यांकन और सही व्याख्या भी आवश्यक है। उन्होंने राज्य को नीति आयोग की ओर से राज्य को आवश्यक तकनीकी सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया।

कार्यशाला में तीन तकनीकी सत्रों का आयोजन प्रमुख सचिव डॉ० आर मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव रंजीज सिन्हा तथा बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम की अध्यक्षता में किया गया।

कार्यशाला के समापन पर सी.पी.पी.जी.जी. के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ० मनोज कुमार पंत ने राज्य के आगामी कार्ययोजना का खाका प्रस्तुत करते हुए समस्त प्रतिभागियों, विशेषज्ञों, ISB हैदराबाद, IIM अहमदाबाद, J-Pal वर्ल्ड बैंक तथा अन्य विषय विशेषज्ञों का आभार व्यक्त किया। निजी क्षेत्र, कॉरपोरेट तथा देश एवं प्रदेश के ख्यातिप्राप्त प्रबन्धन संस्थानों के प्रतिनिधियों ने कार्यशाला के विभिन्न सत्रों के दौरान अपने विचार व्यक्त किये।

इतिहास में संतों एवं मनीषियों ने समाज को मार्गदर्शन देने के साथ राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाईः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरि सेवा आश्रम में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ एवं विशाल संत सम्मेलन में प्रतिभाग करते हुए पूज्य संत-महात्माओं का अभिनंदन किया तथा आश्रम द्वारा किए जा रहे सेवा, संस्कार एवं समाज जागरण के कार्यों की सराहना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि मानवता को आध्यात्मिक चेतना, नैतिक मूल्यों एवं जीवन के वास्तविक उद्देश्य से जोड़ने का माध्यम है। मुख्यमंत्री ने संत समाज को भारतीय संस्कृति एवं राष्ट्र चेतना का संवाहक बताते हुए कहा कि इतिहास में संतों एवं मनीषियों ने समाज को मार्गदर्शन देने के साथ राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन में संत समाज का योगदान अतुलनीय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश सांस्कृतिक पुनर्जागरण के नए युग का साक्षी बन रहा है। अयोध्या में श्रीराम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम, महाकाल लोक तथा केदारनाथ धाम के पुनर्विकास जैसे कार्य भारत की आध्यात्मिक विरासत को नई ऊर्जा प्रदान कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखण्ड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक अस्मिता, आध्यात्मिक पहचान एवं सनातन मूल्यों की रक्षा के लिए राज्य सरकार दृढ़ संकल्पित है। इसी उद्देश्य से राज्य में सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून, समान नागरिक संहिता तथा भू-कानून जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लागू किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने तथा कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में भी प्रभावी कार्रवाई की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति एवं सनातन परंपराओं से जोड़ने के लिए दून विश्वविद्यालय में सेंटर फॉर हिंदू स्टडीज की स्थापना की गई है, जहां भारतीय दर्शन, संस्कृति एवं सभ्यता पर उच्च स्तरीय अध्ययन एवं शोध कार्य किए जाएंगे। हरिद्वार में प्राच्य शोध संस्थान की स्थापना की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने स्वामी हरिचेतानन्द महाराज का आभार व्यक्त करते हुए संत समाज से राज्य एवं राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य के लिए निरंतर मार्गदर्शन एवं आशीर्वाद प्रदान करने का आग्रह किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि संतों के आशीर्वाद और जनसहयोग से उत्तराखण्ड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के संकल्प को अवश्य पूर्ण किया जाएगा।

इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूरी भूषण, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, प्रदीप बत्रा, संतगण एवं अन्य गणमान्य मौजूद थे।

रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सतीश कुमार के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने सीएम धामी से की भेंट

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास में रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सतीश कुमार के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने भेंट की। इस अवसर पर राज्य में रेलवे अवसंरचना के विस्तार, गतिमान रेल परियोजनाओं तथा भविष्य की रेलवे आवश्यकताओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में रेलवे कनेक्टिविटी का सुदृढ़ीकरण राज्य के समग्र विकास, पर्यटन, तीर्थाटन, निवेश और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करेगा। उन्होंने ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना को राज्य की महत्वाकांक्षी एवं सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण परियोजना बताते हुए इसके कार्यों को निर्धारित समयावधि में पूर्ण किए जाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना चारधाम यात्रा विशेषकर श्री बदरीनाथ एवं श्री केदारनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आवागमन को अधिक सुगम, सुरक्षित एवं आधुनिक बनाएगी।

बैठक में टनकपुर-बागेश्वर रेल परियोजना को आगे बढ़ाने पर भी विस्तार से चर्चा हुई। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन ने अवगत कराया कि परियोजना का सर्वेक्षण तथा डीपीआर तैयार किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने अपेक्षा व्यक्त की कि नवंबर 2026 तक परियोजना पर ठोस प्रगति दिखाई दे। उन्होंने कर्णप्रयाग-बागेश्वर रेल लाइन तथा किच्छा-खटीमा रेल लाइन परियोजनाओं को भी भविष्य की आवश्यकताओं एवं क्षेत्रीय संतुलित विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताते हुए इन पर कार्यवाही आगे बढ़ाने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में तीर्थाटन एवं पर्यटन की बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए रेलवे स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि गढ़वाल मंडल में देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश एवं रुड़की तथा कुमाऊँ मंडल में हल्द्वानी, काठगोदाम, रामनगर एवं टनकपुर रेलवे स्टेशन प्रदेश के प्रमुख प्रवेश द्वार हैं। इन स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं और आधुनिक व्यवस्थाओं का विस्तार पर उन्होंने बल दिया।

मुख्यमंत्री ने आगामी कुंभ एवं कांवड़ मेले के दृष्टिगत हरिद्वार, ऋषिकेश एवं रुड़की रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए विशेष सुविधाएं विकसित करने पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि रेलवे और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से श्रद्धालुओं एवं यात्रियों को बेहतर, सुरक्षित और सुगम यात्रा अनुभव उपलब्ध कराया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने हरिद्वार-देहरादून रेल लाइन के डबल लाइन की दिशा में भी प्रभावी कार्यवाही किए जाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि रेलवे नेटवर्क के विस्तार और आधुनिकीकरण से राज्य में निवेश, व्यापार, पर्यटन एवं रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा उत्तराखंड की आर्थिकी को दीर्घकालिक मजबूती मिलेगी।

रेलवे बोर्ड के चौयरमैन सतीश कुमार कुमार ने कहा कि बैठक में जिन बिंदुओं पर चर्चा हुई है, उन पर पूरी गंभीरता से कार्य किये जाएंगे।

इस अवसर पर सचिव बृजेश कुमार संत और अपर सचिव रीना जोशी भी उपस्थित थे।

योग को आमजन तक पहुंचाने को रन फॉर योगा कार्यक्रम में दौड़े सीएम धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुलिस लाइन, देहरादून में 12 वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित रन फॉर योगा कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आयोजन केवल एक दौड़ नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन, सकारात्मक सोच और योग को जन-जन तक पहुंचाने का सशक्त अभियान है। यह कार्यक्रम योग के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने और स्वस्थ समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड सदियों से योग, आध्यात्मिक साधना और ऋषि-मुनियों की तपस्थली रही है। यहां की समृद्ध आध्यात्मिक परंपरा और प्राकृतिक वातावरण मानवता को स्वास्थ्य, संतुलन और सकारात्मक जीवन का संदेश देते हैं। उन्होंने कहा कि योग भारत की प्राचीन सांस्कृतिक धरोहर है, जो शरीर, मन और आत्मा के मध्य सामंजस्य स्थापित करने वाली वैज्ञानिक एवं जीवनोपयोगी पद्धति है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और प्रयासों से योग को वैश्विक पहचान मिली है। वर्ष 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में उनके प्रस्ताव के उपरांत 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता प्राप्त हुई और आज विश्व के 190 से अधिक देशों में करोड़ों लोग योग का अभ्यास कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ते तनाव, अवसाद और विभिन्न स्वास्थ्य चुनौतियों के बीच योग स्वस्थ एवं संतुलित जीवन का प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। उन्होंने युवाओं से नियमित योग एवं व्यायाम को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि स्वस्थ, ऊर्जावान और अनुशासित युवा ही राज्य एवं देश के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड को योग, आयुर्वेद, वेलनेस और प्राकृतिक चिकित्सा के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। नई योग नीति के माध्यम से योग एवं ध्यान केंद्रों को प्रोत्साहन, योग प्रशिक्षकों को सहयोग तथा योग एवं वेलनेस आधारित रोजगार के नए अवसर विकसित किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से प्रतिदिन योग को अपनाने, स्वस्थ एवं अनुशासित जीवनशैली अपनाने, नशामुक्त समाज के निर्माण में योगदान देने तथा योग के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश के युवा योग को जनआंदोलन का स्वरूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे तथा स्वस्थ, समृद्ध और सशक्त उत्तराखंड के निर्माण में सहभागी बनेंगे।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, विधायक विनोद चमोली, मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल, सचिव आयुष रंजना राजगुरु, जिलाधिकारी देहरादून डॉ. आशीष चौहान एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक परमेंद्र डोभाल मौजूद थे।

योग दिवस पर राज्य में होंगे विभिन्न कार्यक्रम, सीएम ने किया आवाहन

21 जून को आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री ने आवास पर अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ योगाभ्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने नियमित योग को स्वस्थ एवं संतुलित जीवन का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए सभी से इसे दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत की प्राचीन योग परंपरा को वैश्विक स्तर पर नई पहचान एवं सम्मान प्राप्त हुआ है। आज योग विश्वभर में स्वास्थ्य, मानसिक शांति एवं समग्र कल्याण के प्रभावी माध्यम के रूप में स्वीकार किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानसिक शांति, आत्मानुशासन, सकारात्मक जीवनशैली तथा जीवन में संतुलन स्थापित करने का सशक्त माध्यम है। योग व्यक्ति को तनावमुक्त, ऊर्जावान एवं स्वस्थ जीवन जीने की प्रेरणा प्रदान करता है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर अधिकाधिक संख्या में योग कार्यक्रमों में प्रतिभाग करने तथा योग को जन-जन तक पहुंचाने में योगदान देने का आग्रह किया।