गुरु साहिब और शहीद ऊधम सिंह को नमन कर बोले सीएम, यह समागम वीरता और पवित्रता का अद्भुत संगम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कम्बोज धर्मशाला गदरपुर में शहीद शिरोमणि ऊधम सिंह की शहादत दिवस पर शहीद ऊधम सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी तथा आयोजित अखण्ड पाठ में प्रतिभाग किया व गुरूद्वारे में मत्था टेका प्रदेश की खुशहाली की कामना की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरु साहिब और शहीद ऊधम सिंह को नमन करते हुए कहा कि यह समागम वीरता और पवित्रता का अद्भुत संगम है। उन्होंने कहा जब भी हम अमर शहीद ऊधम सिंह के त्याग, साहस और राष्ट्रभक्ति का स्मरण करते हैं तो हमारा सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है। उन्होंने कहा जलियांवाला बाग हत्याकांड भारतीय इतिहास का एक अत्यंत दुखद और काला अध्याय था। शहीद ऊधम सिंह ने उस अन्याय का प्रतिकार किया और पूरी दुनिया के सामने भारत के स्वाभिमान, साहस और अदम्य संकल्प का परिचय दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा अमर शहीद ऊधम सिंह का जीवन हमें साहस, स्वाभिमान, राष्ट्रभक्ति और बलिदान की प्रेरणा देता है। उनका त्याग प्रत्येक भारतीय के मन में देशभक्ति की भावना का संचार करता है तथा राष्ट्र के प्रति समर्पण का संदेश देता है। मुख्यमंत्री ने कहा राष्ट्रभक्ति, सेवा, त्याग और मानवता की यह प्रेरणा हमें श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पावन वाणी से प्राप्त होती है। गुरु साहिब की शिक्षाएं मानवता, करुणा, सत्य, भाईचारे और निस्वार्थ सेवा का मार्ग प्रशस्त करती हैं। ये शिक्षाएं पूरे राष्ट्र को प्रेरित करने वाली हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड के विकास में सिख समाज का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। मुख्यमंत्री ने सभी से आह्वान किया कि अमर शहीद ऊधम सिंह के आदर्शों को सदैव अपने हृदय में जीवित रखें तथा उनके बताए मार्ग पर चलकर राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दें।

इस अवसर पर प्रभारी मंत्री प्रदीप बत्रा, विधायक अरविन्द पाण्डेय, शिव अरोरा, त्रिलोक सिंह चीमा, जिलाध्यक्ष भाजपा कमल जिंदल, मनोज पाल, मेयर विकास शर्मा, दीपक बाली, दर्जा राज्य मंत्री अनिल कपूर डब्बू, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

संत रविदास जयंती पर बोले सीएम धामी, जन्म नहीं, श्रेष्ठ कर्म बनाते हैं व्यक्ति को महान

संत शिरोमणि गुरु रविदास की 650वीं जयंती के अवसर पर चुड़ियाला, भगवानपुर में आयोजित कलश बंधन महारैली में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संत शिरोमणि गुरु रविदास के मंदिर में पूजा-अर्चना कर कलश यात्रा का शुभारंभ किया। इसके उपरांत मुख्यमंत्री धामी कलश को अपने सिर पर रखकर कार्यक्रम स्थल सीएमडी इंटर कॉलेज पहुंचे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भारतीय संस्कृति में कलश मंगल, शुभारंभ और समृद्धि का प्रतीक है। यह अभियान संत रविदास के समरसता, समानता और मानवता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का महाअभियान है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि संत रविदास ने सामाजिक विषमताओं के दौर में प्रेम, समानता और मानवता का संदेश दिया। उन्होंने समाज को यह शिक्षा दी कि कोई व्यक्ति जन्म से बड़ा नहीं होता, बल्कि अपने श्रेष्ठ कर्मों और मानव सेवा से महान बनता है। उन्होंने कहा कि जब तक समाज से भेदभाव समाप्त नहीं होगा, तब तक सशक्त और समरस राष्ट्र का निर्माण संभव नहीं है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मूल मंत्र पर कार्य कर रही है। उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत मिशन, जल जीवन मिशन, आयुष्मान भारत और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी योजनाओं के माध्यम से गरीब, दलित, वंचित और जरूरतमंद परिवारों तक मूलभूत सुविधाएं पहुंचाई गई हैं। उन्होंने कहा कि ये योजनाएं संत रविदास के समरस समाज के सपने को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने भगवानपुर क्षेत्र में हुए विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि बहादुरपुर-सोनाली क्षेत्र में लगभग 12 करोड़ रुपये की लागत से बाढ़ सुरक्षा कार्य, करीब 3 करोड़ रुपये की लागत से झील का सौंदर्यीकरण, 49 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक विद्यालय का निर्माण, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट की स्थापना तथा 8 करोड़ रुपये की लागत से नवीन तहसील भवन का निर्माण कराया गया है। इसके अलावा क्षेत्र में सड़कों, संपर्क मार्गों, सीसी रोड और हाईमास्ट लाइट जैसी अनेक विकास परियोजनाएं भी पूरी की गई हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने लोगों से संत रविदास के समरसता, समानता और मानवता के संदेश को अपने जीवन में अपनाने तथा सामाजिक सद्भाव और जनभागीदारी के माध्यम से भेदभावमुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लेने का आह्वान किया।

संत शिरोमणि गुरु रविदास की 650वीं जयंती के अवसर पर कैबिनेट मंत्री खजान दास ने कहा कि महापुरुषों के विचारों और उनके संदेश को जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने समझा है। उन्होंने कहा कि संत रविदास की जन्मस्थली काशी के गोवर्धनपुर की पवित्र मिट्टी को देशभर के विभिन्न स्थानों पर कलश यात्राओं के माध्यम से पहुंचाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार का कार्य केवल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ही संभव हुआ है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड में समरसता संकल्प यात्रा का शुभारंभ किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य संत रविदास जी के समरसता, समानता और मानवता के संदेश को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना है।

इस अवसर पर स्वामी निर्मलदास ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सराहना करते हुए कहा कि वे प्रदेश के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मनुष्य को सदैव परमेश्वर के बताए मार्ग पर चलना चाहिए, क्योंकि जो व्यक्ति उस मार्ग से भटकता है, उसे अपने कर्मों का फल अवश्य मिलता है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कलश बंधन यात्रा को प्रदेश के सभी जिलों में संचालित किए जाने के लिए प्रदेश के सभी भाजपा जिलाध्यक्षों को कलश प्रदान किए।

इस अवसर पर साध्वी सन्तोष रानी, संत सतपाल दास, संत 108 रोशनी दास, महंत बंटी दास, संत पिरुमल दास, कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा, भाजपा प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, भाजपा जिलाध्यक्ष हरिद्वार आशुतोष शर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष रुड़की मधु सिंह, राज्य मंत्री देशराज कर्णवाल, अजीत चौधरी, आदेश सैनी, श्यामवीर सैनी, जिला प्रभारी आदित्य चौहान, ओबीसी मोर्चा अध्यक्ष बलबीर धुनियाल, पूर्व विधायक मीना गंगोला, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष (अनुसूचित जाति मोर्चा) मास्टर सत्यपाल, सागर गोयल, जिलाध्यक्ष एससी मोर्चा नीतू सिंह, रवींद्र कटियार, मुख्यमंत्री के सचिव विनय शंकर पांडे, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र, एसपी देहात शेखर सुयाल, जॉइंट मजिस्ट्रेट रुड़की दीपक रामचंद्र सेठ, उप जिलाधिकारी देवेंद्र सिंह नेगी सहित प्रदेश के सभी जिलों के भाजपा जिलाध्यक्ष, विभिन्न क्षेत्रों से आए मंडल अध्यक्ष, कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि तथा भारी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

उत्तराखंड में जन समस्याओं पर शून्य प्रतिशत कार्यवाही करने वाले अधिकारियों को नोटिस देगी धामी सरकार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1905 की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि हेल्पलाइन पर प्राप्त प्रत्येक जन शिकायत का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन प्रदेशवासियों की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम है। शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी तथा जवाबदेही हर स्तर पर सुनिश्चित की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने पेयजल विभाग एवं जल जीवन मिशन से संबंधित अधिक संख्या में प्राप्त शिकायतों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि एक सप्ताह के भीतर सभी लंबित शिकायतों का प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि समय पर जन शिकायतों का निस्तारण न होने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सीएम हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में जिन अधिकारियों की कार्यवाही शून्य प्रतिशत है, उन्हें संबंधित विभागाध्यक्ष तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी करें। यदि संतोषजनक स्पष्टीकरण प्राप्त नहीं होता है तो उनके विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन शिकायतों का निर्धारित समयावधि में समाधान नहीं हो पा रहा है, उनकी नियमित समीक्षा विभागाध्यक्ष एवं जिलाधिकारी स्तर पर की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि स्पेशल क्लोज, डिमांड, सजेशन तथा अन्य श्रेणियों में परिवर्तित की गई शिकायतों का भी गंभीरता से परीक्षण किया जाए, ताकि किसी भी वास्तविक शिकायत का निस्तारण प्रभावित न हो।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रत्येक सोमवार को जनपद स्तर पर जिलाधिकारी, मंडल स्तर पर दोनों मंडलायुक्त तथा शासन स्तर पर सभी सचिव समाधान दिवस के माध्यम से जन समस्याओं की नियमित सुनवाई एवं समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि समाधान दिवस को प्रभावी जनसेवा के मंच के रूप में विकसित किया जाए तथा इसकी नियमित मॉनिटरिंग भी की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय पुलिस सेवा एवं भारतीय वन सेवा के अधिकारियों को पूर्व में निर्देश दिए गए थे कि वे अपने सेवाकाल की शुरुआत वाले क्षेत्रों में जनसुविधाओं के दृष्टिगत नवाचार करें। उन्होंने निर्देश दिए कि ऐसे सभी नवाचारों की विस्तृत सूची 50 दिनों के भीतर उपलब्ध कराई जाए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि यह सुनिश्चित किया जाए कि कार्मिकों को सेवानिवृत्ति के उपरांत प्रथम माह से ही पेंशन प्राप्त होनी प्रारंभ हो जाए। उन्होंने कहा कि इस कार्य में किसी प्रकार की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी तथा इसकी जिम्मेदारी संबंधित विभागाध्यक्ष की होगी।

मुख्यमंत्री ने सचिव आपदा प्रबंधन, लोक निर्माण विभाग, पर्यटन, स्वास्थ्य तथा पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को चारधाम यात्रा मार्गों का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं सुचारु बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने भूमि संबंधी विवादों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि ऐसे मामलों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा अनावश्यक रूप से लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण किया जाए।

समीक्षा बैठक में सचिव डॉ. पंकज पांडेय ने अवगत कराया कि 18 अप्रैल से 28 जुलाई 2026 तक मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1905 पर कुल 67,843 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें 20,461 शिकायतों का पूर्ण निस्तारण, 31,363 का आंशिक निस्तारण, 7,404 शिकायतें प्रक्रियाधीन, 4,061 शिकायतें लंबित तथा 3,738 शिकायतें स्पेशल क्लोज श्रेणी में हैं। इस अवधि में स्पेशल क्लोज की दर घटकर 5.5 प्रतिशत रह गई है, जो पूर्व अवधि की तुलना में उल्लेखनीय सुधार को दर्शाती है।

बैठक में यह भी बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों की संख्या में वृद्धि हुई है, जबकि प्रमुख विभागों में शिकायतों के औसत निस्तारण समय में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। साथ ही शिकायतों के समाधान के उपरांत शिकायतकर्ताओं से फीडबैक प्राप्त करने एवं विभागवार मॉनिटरिंग व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया गया है।

मुख्यमंत्री ने सभी सचिवों एवं जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1905 की अगली समीक्षा बैठक से पूर्व अपने-अपने स्तर पर व्यापक समीक्षा कर लें। उन्होंने कहा कि अगली बैठक में केवल शिकायतों की संख्या नहीं, बल्कि शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण, शिकायतकर्ताओं की संतुष्टि तथा विभागीय उत्तरदायित्व के आधार पर विस्तृत समीक्षा की जाएगी।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न जनपदों के शिकायतकर्ताओं से फोन पर वार्ता कर मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1905 पर दर्ज शिकायतों के निस्तारण की स्थिति की जानकारी ली।

अल्मोड़ा के मोहम्मद सलमान ने मुख्यमंत्री को बताया कि कूड़ा निस्तारण संबंधी उनकी शिकायत का समाधान हो गया है। उन्होंने नाली निर्माण की समस्या भी बताई, जिस पर मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी अल्मोड़ा को 24 घंटे के भीतर आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए। टिहरी गढ़वाल के आकाश रमोला ने बताया कि चम्बा स्थित सुमन कॉलोनी में पेयजल आपूर्ति संबंधी उनकी शिकायत का समाधान हो गया है। हरिद्वार के जुल्फिकार खान द्वारा राजस्व विभाग से संबंधित समस्या बताने पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को शीघ्र समाधान के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने उधम सिंह नगर के नजम खान तथा अल्मोड़ा के नंदन सिंह से भी बातचीत की। दोनों शिकायतकर्ताओं ने हेल्पलाइन के माध्यम से उनकी शिकायतों के संतोषजनक निस्तारण पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

इस अवसर राज्य आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष विनय कुमार रुहेला, प्रमुख सचिव आर. के सुधांशु, एल. फैनई, डॉ.आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिवगण, अपर सचिवगण, विभागों के विभागाध्यक्ष एवं वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारी मौजूद थे

80वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रदेशभर में हो भव्य आयोजनः मुख्य सचिव

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में 80वें स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों के सम्बन्ध में बैठक सम्पन्न हुयी। बैठक में मुख्य सचिव ने प्रदेशभर में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन करते हुए, स्वतंत्रता दिवस का भव्य आयोजन किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने स्वतंत्रता दिवस में आमजन की भागीदारी सुनिश्चित किए जाने पर भी जोर दिया। कहा कि राज्य एवं जनपद स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन के साथ ही ब्लड डोनेशन कैंप, हाई एल्टीट्यूड साहसिक गतिविधियां, मैराथन, साईकिल, बाईक या कार रैली जैसे विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। उन्होंने प्रदेशभर के मुख्य शहरों के महत्त्वपूर्ण स्थलों में पुलिस, आर्मी, पैरामिलिट्री और एनसीसी के बैण्ड द्वारा संगीतमय कार्यक्रम आयोजित किए जाने की भी बात कही। उन्होंने प्रदेशभर में जल संरक्षण संवर्द्धन के साथ ही पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि रक्तदान एवं वृक्षारोपण जैसे कार्यक्रमों को बड़े स्तर पर आयोजित किया जाए।

महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 15 अगस्त को सुबह 10 बजे परेड ग्राउंड में ध्वजारोहण किया जाएगा। मुख्य सचिव द्वारा सचिवालय में प्रातः 9 बजे ध्वजारोहण किया जाएगा। देहरादून को छोड़कर अन्य सभी जनपदों के जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रातः 9ः30 बजे ध्वजारोहण किया जाएगा। देहरादून स्थित सभी सरकारी, गैर सरकारी भवनों पर प्रातः 9 बजे विभागाध्यक्ष/कार्यालयाध्यक्ष द्वारा ध्वजारोहण किया जाएगा।

महानिदेशक सूचना ने बताया कि प्रदेश मुख्यालयों/जनपद मुख्यालयों के प्रमुख चौराहों पर 14 अगस्त 2026 को सायं 6 बजे से रात्रि 9 बजे तक और 15 अगस्त को प्रातः 6 बजे से पूर्वान्ह 11 बजे तक देशभक्ति के गीत लाउडस्पीकर के माध्यम से बजाए जाएंगे। प्रदेश मुख्यालय पर 14 अगस्त 2026 को कवि सम्मेलन/मुशायरा का आयोजन किया जाएगा। सरकारी भवनों और ऐतिहासिक इमारतों को कम वोल्टेज के एलईडी बल्ब से प्रकाशमान किया जाएगा। समस्त शिक्षण संस्थाओं द्वारा प्रातः 07.00 बजे प्रभात फेरी निकाली जाएगी। तदोपरान्त अपने शिक्षण संस्थानों एवं निर्धारित स्थानों पर झण्डारोहण, राष्ट्रगान, खेलकूद, विचार गोष्ठी प्रदर्शनी, वाद-विवाद एवं निबन्ध प्रतियोगिता एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।

बैठक में प्रमुख सचिव एल. फैनई, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, सचिव शैलेश बगौली, डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरूषोत्तम, बृजेश कुमार संत, विनय शंकर पाण्डेय, विनोद कुमार सुमन, युगल किशोर पंत, रणवीर सिंह चौहान एवं जिलाधिकारी देहरादून आशीष चौहान सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

सीएम धामी ने किया वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वालों को सम्मानित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सिंगल-यूज़ प्लास्टिक पर प्रतिबंध का प्रभावी क्रियान्वयन केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है। इसके लिए जनभागीदारी, जन-जागरूकता तथा प्रत्येक नागरिक के सक्रिय सहयोग की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सिंगल-यूज़ प्लास्टिक के विरुद्ध अभियान को जन-आंदोलन का स्वरूप देकर उत्तराखंड को सिंगल-यूज़ प्लास्टिक मुक्त राज्य बनाने के संकल्प को साकार करना होगा।

मुख्यमंत्री ने विश्व बाघ दिवस के अवसर पर जाखन स्थित एक होटल में आयोजित ष्एकल उपयोग प्लास्टिक प्रतिबंध के प्रभावी क्रियान्वयन एवं प्रवर्तनष् विषय पर आयोजित राज्य स्तरीय परामर्श कार्यशाला में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने बाघ संरक्षण पर आधारित चित्र एवं पोस्टकार्ड का विमोचन किया।मुख्यमंत्री ने मानव-वन्यजीव संघर्ष में साहसिक कदम उठाने तथा वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व बाघ दिवस के अवसर पर इस विषय पर आयोजित कार्यशाला अत्यंत सार्थक है। यह आयोजन केवल एक कार्यशाला नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और हरित भविष्य सुनिश्चित करने का सामूहिक संकल्प है। उन्होंने कहा कि बाघ केवल एक वन्यजीव नहीं, बल्कि हमारी समृद्ध जैव विविधता और संतुलित पारिस्थितिकी तंत्र का प्रतीक है। यदि हमारे जंगल सुरक्षित रहेंगे, तो बाघ सुरक्षित रहेंगे और प्रकृति का संतुलन भी सुरक्षित रहेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में प्रकृति को माता का स्वरूप माना गया है। देवभूमि उत्तराखंड अपनी समृद्ध जैव विविधता, वन संपदा और वन्यजीव संरक्षण के लिए देशभर में विशिष्ट पहचान रखता है। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व और राजाजी टाइगर रिजर्व सहित प्रदेश के वन क्षेत्र इस विरासत के सशक्त प्रतीक हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंगल-यूज़ प्लास्टिक पर्यावरण, नदियों, मिट्टी, जल स्रोतों और वन्यजीवों के लिए गंभीर खतरा बन चुका है। वन क्षेत्रों में छोड़ा गया प्लास्टिक अनेक बार वन्यजीवों के भोजन में मिल जाता है, जिससे उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि जंगलों, नदियों और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए सिंगल-यूज़ प्लास्टिक के विरुद्ध प्रभावी और निर्णायक अभियान चलाना समय की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्वच्छ भारत अभियान, एक पेड़ माँ के नाम, नमामि गंगे तथा स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने जैसी पहलों ने पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन का स्वरूप दिया है। राज्य सरकार भी पर्यावरण संरक्षण को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि विकास और पर्यावरण एक-दूसरे के पूरक हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सिंगल-यूज़ प्लास्टिक पर प्रतिबंध के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान, निरीक्षण एवं प्रवर्तन की कार्रवाई कर रही है। चारधाम यात्रा मार्गों तथा प्रमुख पर्यटन स्थलों को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए विशेष अभियान संचालित किए जा रहे हैं। साथ ही प्लास्टिक अपशिष्ट के वैज्ञानिक प्रबंधन एवं रीसाइक्लिंग को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने लोगों से कपड़े के थैले, जूट तथा पर्यावरण-अनुकूल उत्पादों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने प्रदेश में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों से भी प्राकृतिक स्थलों पर प्लास्टिक अथवा अन्य प्रकार का कचरा न छोड़ने की अपील की। उद्योग जगत से इको-फ्रेंडली पैकेजिंग और आधुनिक रीसाइक्लिंग तकनीकों को अपनाने तथा युवाओं से विद्यालयों, महाविद्यालयों, ग्राम सभाओं, स्वयं सहायता समूहों एवं सामाजिक संगठनों के माध्यम से इस अभियान को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य स्तरीय परामर्श कार्यशाला से प्राप्त सुझाव उत्तराखंड में सिंगल-यूज़ प्लास्टिक पर प्रतिबंध के प्रभावी क्रियान्वयन को और अधिक सुदृढ़ करेंगे तथा राज्य को सिंगल-यूज़ प्लास्टिक मुक्त उत्तराखंड बनाने के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

इस अवसर पर मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल, जिला पंचायत अध्यक्ष टिहरी इशिता सजवाण, प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, प्रमुख वन संरक्षक हॉफ कपिल लाल, प्रमुख वन संरक्षक वन्यजीव नीना ग्रेवाल, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते एवं विषय विशेषज्ञ मौजूद थे।

धामी सरकार की त्वरित कार्रवाई, नंदा की चौकी में मात्र 12 घंटे के भीतर बहाल हुआ आवागमन

देहरादून। भारी वर्षा के चलते आज प्रातः लगभग 6ः30 बजे नंदा की चौकी स्थित पुल की एप्रोच रोड का एक छोटा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ। घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तत्काल अधिकारियों को मौके पर राहत एवं मरम्मत कार्य युद्धस्तर पर शुरू करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देशों के बाद लोक निर्माण विभाग, जिला प्रशासन एवं संबंधित एजेंसियों ने समन्वित रूप से कार्य करते हुए लगातार अभियान चलाया और मात्र 12 घंटे के भीतर क्षतिग्रस्त एप्रोच रोड की मरम्मत कर मार्ग को पुनः सुचारु रूप से आवागमन के लिए खोल दिया। मार्ग खुलते ही स्थानीय लोगों को राहत मिली तथा आवश्यक सेवाओं का संचालन भी सामान्य हो गया। एक एम्बुलेंस भी बिना किसी बाधा के मरीज को अस्पताल पहुंचाने में सफल रही।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट कहा है कि आपदा की स्थिति में राहत एवं पुनर्स्थापन कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सभी आवश्यक तकनीकी एवं सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाएं।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर पुल, एप्रोच रोड एवं संबंधित निर्माण कार्यों के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार से स्पष्टीकरण तलब करने की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है। यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही या मानकों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय नागरिकों ने भी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जिस तेजी से सरकार ने स्थिति पर नियंत्रण पाया और मात्र 12 घंटे में मार्ग को पुनः चालू कराया, उससे लोगों को बड़ी राहत मिली। नागरिकों ने इसे संवेदनशील, जवाबदेह और त्वरित निर्णय लेने वाली सरकार का उदाहरण बताया।

धामी सरकार ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि प्रदेशवासियों की सुरक्षा, सुगम आवागमन और जनहित सर्वाेच्च प्राथमिकता है तथा आपदा की हर स्थिति में सरकार पूरी तत्परता के साथ जनता के साथ खड़ी है।

विभागाध्यक्ष अगले 3 दिनों में अपने विभाग के अंतर्गत उपनलकर्मियों के मध्य कांट्रैक्ट कराना सुनिश्चित करेंः बर्द्धन

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में सचिव समिति की बैठक आयोजित हुयी। बैठक में सचिवगणों को महत्त्वपूर्ण दिशा निर्देश दिए गए।

मुख्य सचिव ने उपनल कर्मियों और विभागों के मध्य होने वाले कांट्रैक्ट के मुद्दे पर विभागों द्वारा गंभीरता से कार्य किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभागाध्यक्ष अगले 3 दिनों में अपने विभाग के अंतर्गत उपनलकर्मियों के मध्य कांट्रैक्ट कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि यदि कोई विभाग अपनलकर्मियों के साथ अगले 3 दिन में कांट्रैक्ट नहीं किए जाने की दशा में विभागाध्यक्ष को प्रतिकूल प्रविष्टि दी जाएगी।

मुख्य सचिव ने विभागों द्वारा अपने कर्मचारियों के प्रमोशन एवं एसीआर से सम्बन्धित कार्यों को भी समय से पूर्ण कराये जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रमोशन को लेकर पूर्व में जारी शासनादेश का शत प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। कहा कि 30 जून, 2027 तक प्रमोशन के पात्र कर्मचारियों के प्रमोशन की प्रक्रिया अगले एक माह में शुरू किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी विभागों द्वारा अपने अधीन कर्मियों की एसीआर पूर्ण किए जाने की बात कही। कहा कि एसीआर बैच क्रिएशन का कार्य तत्काल पूर्ण करते हुए, आगे की प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाए एवं निर्धारित समय सीमा के अंतर्गत एसीआर प्रक्रिया पूर्ण की जाए।

मुख्य सचिव ने कृषि विभाग के अंतर्गत लागू की गई सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (सीबीडीसी) योजना को उद्यान एवं कृषि विभाग की अन्य योजनाओं में भी लागू किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने इसके लिए टाइमलाइन निर्धारित करते हुए लाभार्थी केंद्रित योजनाओं से सम्बन्धित सभी विभागों में लागू किए जाने की संभावनाएं तलाशी जाएँ। उन्होंने लाभार्थी केंद्रित योजनाओं से सम्बन्धित विभागों के साथ सीबीडीसी योजना से सम्बन्धित कार्यशाला आयोजित की जाए।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, एल. फ़ैनई, विशेष प्रमुख सचिव अमित कुमार सिन्हा, सचिव शैलेश बगौली, नितेश कुमार झा, दिलीप जावलकर, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, चंद्रेश कुमार यादव, श्रीधर बाबू अद्दांकी, डॉ. आर. राजेश कुमार, एस. एन. पाण्डेय, ज्योति यादव, विनोद कुमार सुमन, रणवीर सिंह चौहान एवं आयुक्त गढ़वाल आनंद स्वरूप सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

राज्य सरकार ने उत्तराखण्ड स्वच्छ गतिशीलता परिवर्तन नीति 2024 लागू की हैः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य सेवक सदन में उत्तराखण्ड स्वच्छ गतिशीलता परिवर्तन नीति-2024 के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम में 06 प्राथमिक लाभार्थी वाहन स्वामियों को पूंजीगत अनुदान एवं प्रोत्साहन राशि के सब्सिडी चेक प्रदान किए। 05 अन्य लाभार्थियों की सब्सिडी एवं स्वीकृति प्रक्रिया भी परिवहन विभाग द्वारा पूर्ण की जा चुकी है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वच्छ ईंधन आधारित 11 वाहनों का फ्लैग ऑफ किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सहायता केवल आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि उत्तराखण्ड को स्वच्छ, आधुनिक एवं पर्यावरण-अनुकूल परिवहन व्यवस्था की ओर ले जाने के राज्य सरकार के संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इस पहल से प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ ईंधन आधारित सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा मिलेगा, डीजल चालित वाहनों से होने वाले प्रदूषण में कमी आएगी तथा पर्यावरण संरक्षण को नई मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पूरा विश्व जलवायु परिवर्तन जैसी गंभीर चुनौती का सामना कर रहा है। ऐसे समय में विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करना हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। विकास तभी सार्थक है, जब वह प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित करते हुए आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित एवं स्वच्छ भविष्य सुनिश्चित करे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत हरित ऊर्जा एवं सतत विकास के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की भूमिका निभा रहा है। वर्ष 2070 तक नेट-जीरो उत्सर्जन का लक्ष्य, लाइफस्टाइल फॉर एनवायरनमेंट अभियान, पीएम ई-बस सेवा तथा सौर एवं अन्य अक्षय ऊर्जा स्रोतों के विस्तार जैसे अनेक प्रयास पर्यावरण संरक्षण के प्रति देश की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड हिमालय की गोद में बसी देवभूमि है, जहां से गंगा एवं यमुना जैसी जीवनदायिनी नदियों का उद्गम होता है। प्रदेश की जैव विविधता, वन संपदा, नदियां एवं पर्वतीय प्राकृतिक धरोहरें पूरे देश की अमूल्य विरासत हैं। उन्होंने कहा कि इस पवित्र भूमि के पर्यावरण एवं प्राकृतिक संतुलन की रक्षा करना हम सभी का सामूहिक दायित्व है। राज्य सरकार का स्पष्ट दृष्टिकोण है कि विकास और पर्यावरण एक-दूसरे के पूरक हैं तथा पर्यावरण संरक्षण के साथ विकास को गति दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी सोच के अनुरूप राज्य सरकार ने उत्तराखण्ड स्वच्छ गतिशीलता परिवर्तन नीति-2024 लागू की है। इस नीति का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन को अधिक प्रभावी एवं आधुनिक बनाना, पुराने डीजल चालित वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करना तथा सीएनजी एवं अन्य स्वच्छ ईंधन आधारित परिवहन व्यवस्था को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह नीति प्रदेश में स्वच्छ, सुरक्षित एवं टिकाऊ परिवहन व्यवस्था की मजबूत आधारशिला सिद्ध होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार देहरादून, हरिद्वार एवं हल्द्वानी में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन का लगातार विस्तार कर रही है। साथ ही प्रदेशभर में ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं, ताकि स्वच्छ ईंधन आधारित वाहनों के उपयोग के लिए आवश्यक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में रोप-वे एवं आधुनिक अर्बन ट्रांसपोर्ट सिस्टम के विकास पर भी तेजी से कार्य किया जा रहा है, जिससे यातायात व्यवस्था अधिक सुगम, सुरक्षित एवं पर्यावरण-अनुकूल बनेगी तथा पर्वतीय क्षेत्रों में वाहनों का दबाव और प्रदूषण कम होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार केवल परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उत्तराखण्ड को हरित विकास के राष्ट्रीय मॉडल के रूप में स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि पीएम सूर्य घर योजना के अंतर्गत प्रदेश में रूफटॉप सोलर संयंत्रों की स्थापना को तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है। राज्य ने 40 हजार रूफटॉप सोलर संयंत्रों का प्रारंभिक लक्ष्य निर्धारित समय से पूर्व प्राप्त कर लिया है तथा निर्धारित कुल लक्ष्य का लगभग 95 प्रतिशत कार्य पूर्ण किया जा चुका है। राज्य सरकार का लक्ष्य उत्तराखण्ड को स्वच्छ ऊर्जा, हरित परिवहन एवं सतत विकास के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में स्थापित करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जिन वाहन स्वामियों को सब्सिडी चेक प्रदान किए गए हैं, वे केवल इस योजना के लाभार्थी नहीं, बल्कि उत्तराखण्ड में हरित परिवहन क्रांति के अग्रदूत हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उनके इस प्रयास से अन्य वाहन संचालक भी स्वच्छ ईंधन आधारित वाहनों को अपनाने के लिए प्रेरित होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनभागीदारी के बिना कोई भी परिवर्तन स्थायी नहीं हो सकता, इसलिए प्रत्येक नागरिक को पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छ परिवहन के इस अभियान में सहभागी बनना होगा।

इस अवसर पर परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक सविता कपूर, मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल, सचिव परिवहन रविनाथ रमन, परिवहन विभाग के अधिकारी एवं अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

डीएम दून ने किया नंदा की चौकी पुल का निरीक्षण, धंसे हिस्से को शीघ्र सुरक्षित बनाकर यातायात सुचारू करने के दिए निर्देश

जिलाधिकारी, डॉ आशीष चौहान, ने प्रातःकाल नंदा की चौकी पुल का स्थलीय निरीक्षण किया। भारी वर्षा के कारण पुल से पहले एप्रोच रोड का एक हिस्सा धंस गया है, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ है। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करते हुए मार्ग को सुरक्षित बनाकर शीघ्र ही यातायात के लिए पुनः सुचारु करने के निर्देश दिए।

इसके उपरांत जिलाधिकारी ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण करते हुए सोडा सरोली का दौरा किया, जहां वर्षा से क्षतिग्रस्त पीएमजीएसवाई सड़क को तत्काल खोलने के निर्देश दिए। वहीं, मलबा आने से बंद थानों मार्ग को त्वरित कार्रवाई करते हुए यातायात हेतु बहाल कर दिया गया है।

जिलाधिकारी लगातार फील्ड में रहकर वर्षा से प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर रहे हैं तथा राहत एवं पुनर्स्थापन कार्यों की मॉनिटरिंग करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दे रहे हैं।

सफलता का आधार केवल अंक नहीं, चरित्र और संस्कार भी जरूरीः तिवारी

डीजी सूचना एवं मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे केवल शैक्षणिक उपलब्धियों तक सीमित न रहें, बल्कि ज्ञान, चरित्र, नैतिक मूल्यों और सामाजिक उत्तरदायित्व को अपने जीवन का आधार बनाकर समग्र सफलता की ओर अग्रसर हों।

वह एसबीएस यूनिवर्सिटी और द टाइम्स ऑफ इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में देहरादून के नगर निगम टाउन हॉल ऑडिटोरियम में आयोजित ‘टाइम्स अचीवर्स 2026’ समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि सफलता कभी एक दिन में नहीं मिलती, बल्कि निरंतर प्रयास, सीखने की प्रवृत्ति और मजबूत जीवन मूल्यों का परिणाम होती है। उनके अनुसार शैक्षणिक उत्कृष्टता सफलता का केवल एक पहलू है, जबकि सफल करियर, व्यक्तिगत खुशहाली और मजबूत पारिवारिक मूल्य मिलकर जीवन को वास्तविक अर्थों में सफल बनाते हैं।

उन्होंने विद्यार्थियों को परीक्षा के अंकों और डिग्रियों से आगे बढ़कर ईमानदारी, अनुशासन, धैर्य, संवेदनशीलता और उद्देश्यपूर्ण जीवन जैसे गुण अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि करियर में सफलता अवसर देती है, लेकिन वास्तविक संतुष्टि परिवार के मूल्यों का सम्मान करने और समाज के प्रति सकारात्मक योगदान देने से मिलती है।

उन्होंने कहा कि तेजी से विकसित हो रहे भारत को ऐसे युवाओं की आवश्यकता है, जो पेशेवर उत्कृष्टता के साथ नैतिक नेतृत्व, नवाचार और जिम्मेदार नागरिकता का परिचय दें। उन्होंने विद्यार्थियों से सफलता के साथ विनम्रता और कृतज्ञता बनाए रखने का भी आह्वान किया।

इस अवसर पर बंशीधर तिवारी ने एसबीएस यूनिवर्सिटी और द टाइम्स ऑफ इंडिया की सराहना करते हुए कहा कि ‘टाइम्स अचीवर्स 2026’ जैसे आयोजन मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित करने के साथ उन्हें बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उत्कृष्टता की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।

समारोह में विभिन्न विद्यालयों के मेधावी विद्यार्थियों एवं शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले संस्थानों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में शिक्षाविदों, संस्थान प्रमुखों, अभिभावकों और विद्यार्थियों की बड़ी संख्या मौजूद रही।