सीएस बर्द्धन ने की प्रदेश में वाह्य सहायतित परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने वाह्य सहायतित परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने इसके तहत् पूर्ण हो चुकी, गतिमान एवं भावी परियोजनाओं के संबंध में विस्तार से जानकारी ली एवं दिशा निर्देश दिए। उन्होंने वाह्य सहायतित परियोजनाओं के अंतर्गत प्रदेश में आधारभूत संरचनाओं के विकास पर फोकस किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं की क्लोजर रिपोर्ट फंडिंग एजेंसी, आर्थिक कार्य विभाग, वित्त मंत्रालय भारत सरकार एवं भारत सरकार में अपने लाइन डिपार्टमेंट को अनिवार्य रूप से प्रेषित किया जाने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि धीमी गति से चल रहे सभी प्रोजेक्ट्स की लगातार निगरानी करते हुए आवश्यक कदम उठाए जाएँ। उन्होंने प्रोजेक्ट्स को समय से पूर्ण किए जाने हेतु मैनपावर और मशीन बढ़ाते हुए सभी आवश्यक कदम उठाये जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने ऊर्जा विभाग के अंतर्गत मसूरी एवं नैनीताल के लिए अंडरग्राउंड विद्युत लाइन परियोजना का प्रस्ताव तैयार किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने उत्तराखंड इंटीग्रेटेड हॉर्टिकल्चर प्रोजेक्ट में तेजी लाए जाने के लिए डेडिकेटेड पीएमयू स्थापित किए जाने की बात कही। कहा कि डेडिकेटेड पीएमओ और लगातार निगरानी करते हुए प्रोजेक्ट को समय से पूर्ण किया जाए।

मुख्य सचिव ने शिक्षा के क्षेत्र में विशेषकर तकनीकी शिक्षा में सिस्टम को मजबूत किए जाने की दिशा में कार्य किए जाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि तकनीकी शिक्षा के में इंजीनियरिंग कॉलेज पॉलिटेक्निक और आईटीआई में आधारभूत संरचना विकास पर कार्य किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा इसके लिए ईएपी वित्तपोषित प्रोजेक्ट्स तैयार किए जाएं, साथ ही रिवर रेज्युविनेशन, पशुपालन, डेरी और फिशरीज के उन्होंने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट्स पर फोकस किया जाए।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव नितेश कुमार झा, दिलीप जावलकर, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, रणजीत सिंह चौहान, विनोद कुमार सुमन, अपर सचिव विनीत कुमार एवं हिमांशु खुराना सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

अल्मोड़ा के राजस्व पुलिस एवं भूलेख सर्वेक्षण संस्थान का होगा आधुनिकीकरण

राजस्व परिषद देहरादून उत्तराखण्ड के सभागार में आयुक्त एवं सचिव, राजस्व परिषद रंजना राजगुरु की अध्यक्षता में राजस्व पुलिस एवं भूलेख सर्वेक्षण संस्थान, अल्मोड़ा के सुदृढ़ीकरण एवं आधुनिकीकरण के संबंध में बैठक आयोजित की गई। बैठक में उन्होंने संस्थान को भविष्य की प्रशासनिक आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने तथा प्रशिक्षण व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं आधुनिक बनाने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए।

आयुक्त एवं सचिव ने कहा कि राजस्व पुलिस एवं भूलेख सर्वेक्षण संस्थान, राजस्व विभाग के क्षेत्रीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों, विशेषकर नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक तथा राजस्व उप निरीक्षक (पटवारी/लेखपाल) के प्रशिक्षण का प्रमुख केंद्र है। इसलिए यहां का प्रशिक्षण ढांचा ऐसा विकसित किया जाए जिससे प्रशिक्षु आधुनिक प्रशासनिक आवश्यकताओं, सुशासन, पारदर्शिता तथा भू-अभिलेखों के प्रभावी प्रबंधन में दक्ष बन सकें और आमजन को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

बैठक में संस्थान में आधुनिक भू-सर्वेक्षण तकनीकों पर आधारित प्रशिक्षण को प्राथमिकता देने, अनुभवी प्रशिक्षकों की समय-समय पर नियुक्ति सुनिश्चित करने तथा डीजीपीएस रोवर, ईटीएस सहित आधुनिक सर्वेक्षण उपकरणों एवं नवीन सॉफ्टवेयर का व्यावहारिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही उन्होंने डिजिटल इंडिया लैंड रिकॉर्ड्स मॉडर्नाइजेशन प्रोग्राम (क्प्स्त्डच्) के अंतर्गत उपलब्ध बजट का शत-प्रतिशत एवं समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित करने, संस्थान में आधुनिक प्रशिक्षण लैब स्थापित करने तथा जीआईएस एवं ई-गवर्नेंस से संबंधित विभागीय सॉफ्टवेयर का प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए । प्रशिक्षण सामग्री अथवा अन्य आवश्यक संसाधनों की आवश्यकता होने पर तत्काल प्रस्ताव राजस्व परिषद को उपलब्ध कराने के निर्देश दिये।

बैठक में संस्थान के आवासीय एवं गैर-आवासीय भवनों, छात्रावास, प्रशिक्षण मैदान तथा पुस्तकालय की वर्तमान स्थिति की भी समीक्षा की गई। जर्जर भवनों की मरम्मत, आवश्यक निर्माण कार्यों एवं प्रशिक्षण मैदान के उन्नयन हेतु बजट आवंटन तथा शासन स्तर से शीघ्र स्वीकृति प्राप्त करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के सचिव एवं आयुक्त राजस्व ने निर्देश दिए ।इसके अतिरिक्त संस्थान में प्रशिक्षण प्राप्त करने आने वाले प्रशिक्षुओं के लिए छात्रावास एवं मेस की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने, स्वच्छ वातावरण तथा गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।

पुष्पवर्षा और चरण प्रक्षालन के साथ देवभूमि ने किया शिवभक्त कांवड़ियों का अभिनंदन

धर्मनगरी हरिद्वार में कांवड़ यात्रा के दौरान आस्था, सेवा और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में देवभूमि उत्तराखंड ने देश के विभिन्न राज्यों से आए शिवभक्त कांवड़ियों का आत्मीय स्वागत और अभिनंदन किया। राज्य सरकार की ओर से आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में श्रद्धालुओं के सम्मान के साथ-साथ कांवड़ यात्रा के सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सफल संचालन के लिए किए जा रहे प्रयासों का भी संदेश दिया गया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के हरिद्वार आगमन पर हरकीपैड़ी से लेकर कांवड़ यात्रा मार्ग पर हेलीकॉप्टर से शिवभक्तों पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया गया। अलकनंदा होटल परिसर में आयोजित भव्य समारोह में मुख्यमंत्री ने पाँच शिवभक्त कांवड़ियों का चरण प्रक्षालन कर उनका सम्मान किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कांवड़ यात्रियों की स्वास्थ्य सहायता एवं सुविधाओं के लिए स्थापित मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सेवा शिविर का उद्घाटन किया। उन्होंने शिविर में उपलब्ध चिकित्सकीय सुविधाओं का अवलोकन किया और श्रद्धालुओं को त्वरित उपचार, आवश्यक दवाइयां तथा अन्य स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने देश के विभिन्न राज्यों से आए शिवभक्त कांवड़ियों के बीच पहुंचकर उनका स्वागत किया और अपने हाथों से भोजन परोसा।

काँवड़ यात्रियों के अभिनदंन कार्यक्रम के अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार का संकल्प है कि देवभूमि आने वाले प्रत्येक शिवभक्त को सुरक्षित, सुगम और सम्मानजनक वातावरण मिले। कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की सनातन परंपरा, सामाजिक समरसता और आध्यात्मिक चेतना का विराट पर्व है। इसके सफल आयोजन के लिए राज्य सरकार सभी संबंधित विभागों के समन्वय से निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले पाँच वर्षों से उन्हें कांवड़ यात्रा के दौरान शिवभक्तों के बीच आने और उनकी सेवा करने का अवसर प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि भगवान शिव का नाम करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए आस्था, ऊर्जा और विश्वास का आधार है। कठिन परिस्थितियों में भी शिवभक्त सैकड़ों किलोमीटर की यात्रा पूरी करते हैं और “बम-बम भोले” के जयघोष के साथ अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं। कांवड़ यात्रा अनुशासन, सेवा, समर्पण और सामाजिक एकता का भी प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष अब तक एक करोड़ से अधिक शिवभक्त गंगाजल लेकर सफलतापूर्वक अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक स्थलों के संरक्षण एवं विकास का व्यापक कार्य हो रहा है। काशी विश्वनाथ धाम, महाकाल लोक, श्रीराम जन्मभूमि, केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण और बद्रीनाथ मास्टर प्लान जैसी परियोजनाएं भारतीय संस्कृति को वैश्विक स्तर पर नई पहचान प्रदान कर रही हैं।

उन्होंने केदारनाथ आपदा का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2013 की आपदा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में केदारनाथ धाम का पुनर्निर्माण कर इसे भव्य और दिव्य स्वरूप दिया गया है। वहां आस्था पथ, सरस्वती घाट, आदि शंकराचार्य की प्रतिमा, तीर्थ पुरोहित आवास सहित अनेक सुविधाओं का विकास किया गया है। उन्होंने कहा कि हरिद्वार में प्रस्तावित गंगा कॉरिडोर और शारदा कॉरिडोर जैसी योजनाएं राज्य के विकास और धार्मिक पर्यटन को नई दिशा प्रदान करेंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता है। इसके लिए यात्रा मार्गों पर सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन निगरानी, एंबुलेंस सेवाएं, स्वास्थ्य शिविर और आपातकालीन सहायता व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। उन्होंने शिवभक्तों से यात्रा के दौरान अनुशासन, मर्यादा और धार्मिक परंपराओं का पालन करने की अपील की।

उन्होंने पुलिस, प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, पर्यावरण मित्रों, स्वच्छता कर्मियों, स्वयंसेवी संस्थाओं और अन्य सेवा कार्यों में जुटे कर्मयोगियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सभी का सामूहिक सहयोग ही इस विशाल आयोजन को सफल बनाता है। मुख्यमंत्री ने कांवड़ यात्रा के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले पाँच पुलिसकर्मियों तथा पाँच पर्यावरण मित्रों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल कुछ व्यक्तियों का नहीं, बल्कि उन सभी कर्मयोगियों के प्रति राज्य की कृतज्ञता का प्रतीक है, जो यात्रा के दौरान सुरक्षा, स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने में दिन-रात जुटे हुए हैं।

इस अवसर पर महामण्डलेश्वर ललितानंद गिरी महाराज, कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, प्रदीप बत्रा एवं राम सिंह कैड़ा, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, विधायक रानीपुर आदेश चौहान, हरिद्वार की मेयर किरण जैसल, रुड़की की मेयर अनिता अग्रवाल, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, भाजपा जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, संत-महात्मा, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में शिवभक्त कांवड़िए उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती ने किया।

मुख्यमंत्री धामी ने किया मसूरी विधानसभा में विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मसूरी विधानसभा क्षेत्र के पुरुकुल में 17 करोड़ 80 लाख रुपयों की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इसमें पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष स्वर्गीय दीपक पुण्डीर की स्मृति में नवनिर्मित सामुदायिक भवन का लोकार्पण भी शामिल है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ये सभी परियोजनाएँ मसूरी विधानसभा के विकास को नई गति देने वाली साबित होंगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड विकास के स्वर्णिम युग की ओर अग्रसर है। आज जहां प्रदेश में करोड़ों रुपये की लागत से शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल और आधारभूत संरचना को मजबूत किया जा रहा है। वहीं, प्रदेश को खेल, पर्यटन और एडवेंचर एक्टिविटीज हब के रूप में भी स्थापित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भी वेडिंग डेस्टिनेशन या पर्यटन की बात आती है, तो पहाड़ों की रानी श्मसूरीश् का नाम सबसे पहले आता है। मसूरी की प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है। मसूरी में आने वाले पयर्टक यहां की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत आधार प्रदान करते हैं। इसलिए प्रदेश सरकार भी मसूरी के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसी दिशा में पुरकुल में सैन्य धाम का निर्माण किया जा रहा है, साथ ही मसूरी रोपवे के लोअर टर्मिनल तक लगभग 13 किमी मुख्य सड़क का उच्चीकरण किया जा रहा है। इसी तरह जल जीवन मिशन के अंतर्गत गंगोल- पंडितवाड़ी पेयजल योजना के माध्यम से अनेक गांवों तक शुद्ध पेयजल पहुंचाया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मसूरी विधानसभा क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मालदेवता लाल पुल से सिल्ला- मोलधार होते हुए सुआखोली तक के मार्ग का सीआरएफ योजना के अंतर्गत सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है। इसी क्रम में सरकार ने ग्राम पंचायत रिखोली के सोलाह गांव में विद्युतीकरण का कार्य पूर्ण कर दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ सुरक्षा के लिए सहस्त्रधारा में बाल्दी नदी के दोनों किनारों पर 1.5 किमी और न्यू कैंट रोड क्षेत्र में सुरक्षा कार्य कराए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार अपने हर वादे को बिना रुके, बिना थके धरातल पर उतारने का प्रयास कर रही है। लेकिन कुछ लोग झूठ और नकारात्मकता की बातें कर रहे हैं। ऐसे लोगों के पास गिनाने के लिए अपनी कोई उपलब्धि नहीं है, तो इसलिए वे अफवाहें फैलाकर लोगों को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने उत्तराखंड के सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा और जनसांख्यिकी बदलाव रोकने के लिए सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून लागू किया है। इसी तरह सरकार ने समान नागरिक संहिता लागू करने के साथ ही दंगों के दौरान सार्वजनिक और निजी सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले दंगाइयों से ही नुकसान की भरपाई करने के लिए सख्त कानून बनाकर कानून का राज स्थापित किया है।

इसी तरह प्रदेश सरकार ने भर्ती परीक्षाओं में सक्रिय नकल माफिया का कुचक्र तोड़ने के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है, जिसके बाद प्रदेश में 34 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरी मिल चुकी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए नई स्टार्टअप नीति, श्एक जनपद दो उत्पादश्, श्हाउस ऑफ हिमालयाजश्, होम स्टे योजना, वेड इन उत्तराखंड और सौर स्वरोजगार योजना जैसी पहलें शुरू की हैं। इन योजनाओं के माध्यम से आज हजारों-लाखों युवा अपने ही गाँव और शहर में रोजगारदाता बन रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप बेरोजगारी दर में रिकॉर्ड 4.4 प्रतिशत की कमी आई है। इतना ही नहीं, नीति आयोग द्वारा जारी सतत विकास लक्ष्य इंडेक्स में भी उत्तराखंड ने पूरे देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार एक ऐसा उत्तराखंड बनाना चाहती है, जहां किसी भी युवा को रोजगार के लिए पलायन ना करना पड़े। साथ ही मातृशक्ति पूरी तरह सशक्त और आत्मनिर्भर हो।

इस मौके पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश लगातार विकास के मार्ग पर आगे बढ रहा है। मसूरी विधानसभा क्षेत्र में भी सड़क, पेयजल, सामुदायिक भवन एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुडे कार्य तेजी से सम्पन्न किए जा रहे हैं।

इस मौके पर दायित्वधारी ज्योति कोटिया, शमशेर सिंह बिष्ट, उपाध्यक्ष एम.डी.डी .ए बंशीधर तिवारी, भाजपा नेता वीर सिंह चौहान, नेहा जोशी, सीमा पुंडीर, लक्ष्मण सिंह रावत उपस्थित थे।

150 करोड़ रूपये की वित्तीय स्वीकृति देकर सीएम ने विकास कार्यो को गति की प्रदान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में शिक्षा, पेयजल एवं धार्मिक पर्यटन से जुड़ी विभिन्न विकास योजनाओं के लिए ₹ 150 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।

मुख्यमंत्री द्वारा वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली, उत्तराखण्ड औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, भरसार के लिए राज्य आकस्मिकता निधि से ₹ 33.54 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री द्वारा जनपद टिहरी गढ़वाल के विधानसभा क्षेत्र देवप्रयाग के अंतर्गत विकासखण्ड कीर्तिनगर स्थित खोलाकडाकोट में डुण्डेश्वर महादेव मंदिर का सौन्दर्यीकरण किये जाने हेतु ₹1.05 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री द्वारा जनपद चम्पावत की चम्पावत शाखा के अंतर्गत विकासखण्ड लोहाघाट में पाऊ पम्पिंग योजना के सुदृढ़ीकरण हेतु ₹2.69 करोड़ तथा केन्द्रपोषित अमृत 2.0 योजनान्तर्गत सहस्त्रधारा पेयजल योजना हेतु ₹113.15 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

विकसित उत्तराखंड विजन को लेकर दून में हुई उच्च स्तरीय बैठक

आज Civil Services Institute, राजपुर रोड देहरादन में “Viksit Uttarakhand Vision 2047” पर गहन चर्चा हेतु High Level Brainstorming बैठक का आयोजन किया गया।

बैठक का शुभारंभ करते हुए आर. के सुधांशु, प्रमुख सचिव वन द्वारा बताया गया कि विकसित उत्तराखण्ड विजन 2047 लगभग तैयार हो चुका है। उन्होंने बताया कि अगले चरण में जनपदों के लिए भी जनपद स्तरीय विजन 2047 कार्ययोजना बनायी जायेंगी जिन्हें दिसम्बर 2026 तक तैयार कर लिया जायेगा।

बैठक में विजन 2047 के महत्वाकांक्षी लक्ष्यों को प्राप्त करने हेतु विभागीय समन्वयन के साथ ही राज्य में उपलब्ध संसाधनों के ईष्टम प्रयोग किये जाने पर बल दिया गया। राज्य के प्रमुख ग्रोथ ड्राइवरों उद्यानकी, पर्यटन, सूक्ष्म तथा लघु उद्योंगो को बढ़ावा देने वाली रणनीतियों पर चर्चा की गयी।

राज्य में समावेशी विकास सुनिश्चित करने तथा महिला सशक्तिकरण हेतु कार्यबल में भागीदारी बढ़ाने हेतु बालिकाओं में शुरूवात से ही STEM शिक्षा को बढ़ावा देने पर बल दिया जाय।

चिन्हित समस्त संकेतकों के प्रभावी अनुश्रवण हेतु गुणवत्तायुक्त डाटा सुनिश्चित करने तथा प्रत्येक स्तर पर डाटा ईकोसिस्टम के सुदृढ़ीकरण हेतु केन्द्रीयकृत डाटा सिस्टम बनाये जाने की आवश्यकता है।

उक्त कार्यशाला में प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री रमेश कुमार सुधांशु, प्रमुख सचिव, नियोजन आर. मीनाक्षी सुन्दरम् तथा समस्त सविच व अपर सचिव, मण्डलायुक्त सहित समस्त जिलाधिकारी तथा सेतु आयोग व सी.पी.पी.जी.जी. के विशेषज्ञों द्वारा प्रतिभाग किया गया।

रेडियो आज भी जनसंवाद, जनजागरूकता और सामाजिक चेतना का अत्यंत प्रभावी माध्यमः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बल्लूपुर देहरादून में ओहो रेडियो 89.2 एफएम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि रेडियो आज भी जनसंवाद, जनजागरूकता और सामाजिक चेतना का अत्यंत प्रभावी माध्यम है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ओहो रेडियो सामाजिक जागरूकता बढ़ाने, सकारात्मक संवाद को प्रोत्साहित करने तथा जनहित से जुड़े विषयों को समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रेडियो सूचना, शिक्षा और मनोरंजन का ऐसा माध्यम है, जिसकी पहुंच समाज के अंतिम व्यक्ति तक है। शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं, सामाजिक सरोकारों, आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण तथा अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों को आमजन तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने में रेडियो जैसे माध्यमों की की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा राज्य सरकार द्वारा विभिन्न संचार मंचों के माध्यम से उत्तराखण्ड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोकभाषाओं, लोककलाओं, लोकसंगीत तथा स्थानीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के डिजिटल युग में भी रेडियो की विश्वसनीयता और उपयोगिता बनी हुई है। स्थानीय मुद्दों, सकारात्मक समाचारों और जनभागीदारी को बढ़ावा देने में सामुदायिक एवं एफएम रेडियो की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि ओहो रेडियो 89.2 एफएम समाज में सकारात्मक सोच, रचनात्मक संवाद और जनहित के संदेशों का प्रभावी माध्यम बनेगा तथा उत्तराखण्ड के विकास और सांस्कृतिक समृद्धि को नई पहचान देने में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

इस अवसर पर विधायक सविता कपूर, ओहो रेडियो के आर.जे. काव्य मौजूद थे।

क्षतिग्रस्त सड़क का संज्ञान लेकर सीएम ने अधिकारियों को शीघ्र आवागमन सुचारु करने के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चमोली जनपद के दशोली विकासखंड अंतर्गत ग्राम खैनूरी को जोड़ने वाली सड़क के आपदा के कारण क्षतिग्रस्त होने का तत्काल संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी चमोली सहित संबंधित विभागीय अधिकारियों को सड़क को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र दुरुस्त कर आवागमन सुचारु करने के निर्देश दिए हैं।

ग्राम खैनूरी के ग्रामीणों ने दूरभाष के माध्यम से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से वार्ता कर गांव को जोड़ने वाली सड़क की वर्तमान स्थिति से उन्हें अवगत कराया। ग्रामीणों ने बताया कि आपदा के कारण सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है, जिससे गांव के लगभग 120 परिवारों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों की समस्या सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने तत्काल संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि क्षतिग्रस्त सड़क को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त करते हुए ग्रामीणों के लिए सुरक्षित एवं सुचारु आवागमन सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों को मौके की स्थिति का आकलन कर आवश्यकतानुसार सभी जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक की समस्या का समयबद्ध और प्रभावी समाधान राज्य सरकार की प्राथमिकता है। आपदा प्रभावित क्षेत्रों में सड़क, पेयजल, विद्युत एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की बहाली के कार्यों में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए जनसुविधाओं को शीघ्र बहाल करना सुनिश्चित करें।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आपदा के कारण प्रभावित क्षेत्रों में जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशीलता के साथ कार्य किया जाए। ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों से प्राप्त शिकायतों पर विशेष ध्यान देते हुए उनका त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि स्थानीय लोगों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार जनसरोकारों से जुड़े विषयों पर संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। शासन-प्रशासन का दायित्व है कि आमजन से प्राप्त समस्याओं पर तत्काल प्रतिक्रिया देते हुए समाधान के लिए धरातल पर प्रभावी कार्रवाई दिखाई दे।

उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य जनजीवन को शीघ्र पटरी पर लाना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए सभी संबंधित अधिकारियों को पूरी तत्परता के साथ कार्य करने तथा आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

सीएस ने आयुष मंत्रालय के सचिव से की मुलाकात, उत्तराखण्ड में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान की स्थापना का रखा मजबूत पक्ष

उत्तराखण्ड के मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने नई दिल्ली में भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के सचिव से शिष्टाचार भेंट कर उत्तराखण्ड के ऊधम सिंह नगर जनपद में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान की स्थापना के प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने राज्य की ओर से संस्थान की स्थापना के लिए सभी आवश्यक तैयारियों एवं उपलब्ध संसाधनों की जानकारी देते हुए उत्तराखण्ड के प्रस्ताव पर सकारात्मक निर्णय लेने का अनुरोध किया।

बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तराखण्ड आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा की समृद्ध परंपरा वाला राज्य है। ऋषिकेश विश्व की योग राजधानी के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है तथा राज्य में आयुर्वेद चिकित्सा एवं शिक्षा का मजबूत आधार मौजूद है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा ऊधम सिंह नगर में संस्थान की स्थापना के लिए सभी निर्धारित मानकों के अनुरूप विवाद रहित एवं उपयुक्त भूमि चिन्हित कर भारत सरकार को प्रस्ताव भेजा जा चुका है।

मुख्य सचिव ने बताया कि प्रस्तावित स्थल राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संपर्क सुविधाओं से युक्त है। साथ ही, निकट भविष्य में विकसित होने वाले एम्स सैटेलाइट सेंटर के समीप स्थित होने के कारण यह क्षेत्र समेकित चिकित्सा (इंटीग्रेटिव मेडिसिन) के उत्कृष्ट केंद्र के रूप में विकसित होने की व्यापक संभावनाएं रखता है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए भूमि, सड़क, विद्युत, पेयजल, ड्रेनेज सहित सभी आवश्यक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने आयुष मंत्रालय से उत्तराखण्ड के प्रस्ताव पर सकारात्मक विचार करते हुए स्वीकृति प्रदान करने का अनुरोध किया।

मुख्य सचिव ने विश्वास व्यक्त किया कि उत्तराखण्ड में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान की स्थापना से आयुर्वेद शिक्षा, अनुसंधान, उपचार एवं चिकित्सा पर्यटन को नई दिशा मिलेगी। साथ ही, उत्तराखण्ड देश में समेकित स्वास्थ्य सेवाओं और आयुष आधारित चिकित्सा के अग्रणी केंद्र के रूप में अपनी पहचान को और अधिक सुदृढ़ करेगा।

योजनाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगाः मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज अल्पसंख्यक मोर्चा महानगर, देहरादून द्वारा आयोजित ‘लाभार्थी सम्मेलन’ में प्रतिभाग करते हुए विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों से संवाद किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित लाभार्थियों ने केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं से अपने जीवन में आए सकारात्मक बदलावों, आर्थिक सशक्तिकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, स्वरोजगार तथा सामाजिक सुरक्षा से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। मुख्यमंत्री ने लाभार्थियों की बातों को गंभीरता से सुना और कहा कि सरकार की सबसे बड़ी पूंजी जनता का विश्वास है तथा यही विश्वास जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की सबसे बड़ी प्रेरणा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में विकास की ऐसी कार्यसंस्कृति स्थापित हुई है जिसमें योजनाओं का लाभ सीधे पात्र व्यक्ति तक पहुंच रहा है। डबल इंजन सरकार का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग को समान अवसर उपलब्ध कराना और विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार बिना किसी भेदभाव के सभी नागरिकों तक विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण एवं दूरगामी निर्णय लेते हुए उत्तराखंड मदरसा बोर्ड को समाप्त कर राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन किया है। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य अल्पसंख्यक समुदाय के विद्यार्थियों को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और रोजगारोन्मुख शिक्षा उपलब्ध कराना है, ताकि वे विज्ञान, प्रौद्योगिकी, कौशल विकास और प्रतिस्पर्धी शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ सकें। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सबसे प्रभावी माध्यम मानती है और प्रत्येक बच्चे को बेहतर भविष्य प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री धामी ने समान नागरिक संहिता का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तराखंड इस ऐतिहासिक कानून को लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना है। उन्होंने कहा कि यह कानून महिलाओं को समान अधिकार, सम्मान, सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। समान नागरिक संहिता सामाजिक समरसता, पारदर्शिता और समान अवसर की भावना को मजबूत करती है तथा राज्य के सभी नागरिकों के लिए न्यायपूर्ण व्यवस्था स्थापित करने का कार्य करती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण, युवाओं के रोजगार, किसानों की आय वृद्धि, गरीब परिवारों के उत्थान, स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार, आवास, पेयजल, सड़क, डिजिटल सेवाओं और सामाजिक सुरक्षा जैसे अनेक क्षेत्रों में प्रभावी कार्य किए हैं। उन्होंने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता प्रदान करना नहीं, बल्कि लोगों को आत्मनिर्भर बनाना और सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर उपलब्ध कराना है।

उन्होंने लाभार्थियों से आह्वान किया कि वे सरकार की योजनाओं की जानकारी समाज के अन्य पात्र लोगों तक भी पहुंचाएं, ताकि अधिक से अधिक परिवार इन योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जनता के सुझावों और अनुभवों के आधार पर योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास कर रही है।

कार्यक्रम में विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों ने प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, स्वरोजगार एवं कौशल विकास योजनाओं, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं तथा अन्य राज्य एवं केंद्र सरकार की योजनाओं से प्राप्त लाभ का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। अनेक लाभार्थियों ने बताया कि सरकारी योजनाओं ने उनके जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार किया है तथा उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आर्थिक सुरक्षा के नए अवसर प्राप्त हुए हैं।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खजान दास, विधायक विनोद चमोली, पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं दायित्वधारी दिनेश अग्रवाल, देहरादून नगर निगम के महापौर सौरभ थपलियाल, अल्पसंख्यक मोर्चा के पदाधिकारीगण, जनप्रतिनिधि, पार्टी के सम्मानित कार्यकर्ता तथा बड़ी संख्या में लाभार्थी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।