आमजन को सरकारी सेवाएं समय व गुणवत्ता पूर्वक मिलेंः सीएम

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने सुराज व सूचना एवं विज्ञान प्रौद्योगिकी विभाग की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से मुख्य उपलब्धियों एवं भविष्य की कार्य योजना पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आमजन को सरकारी सेवाएं समय से एवं गुणवत्ता पूर्वक मिल सकें इसके लिए तेजी से प्रयास किए जाएं। उन्होंने विभागों को निर्देश दिए कि सिटिजन सेंट्रिक सेवाओं को प्राथमिकता के आधार पर ऑनलाइन किया जाए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अनुभागों के निरीक्षण की भी व्यवस्था की जाए। विभागों एवं अनुभागों से फीडबैक लेते हुए उनकी समस्याओं के निराकरण की व्यवस्था भी की जाए। उन्होंने कहा कि ई-ऑफिस व्यवस्था लागू होने से कार्य में पारदर्शिता आएगी इसके साथ ही कार्यों की गति भी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि इसके लिए लगातार प्रशिक्षण कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ई-ऑफिस, ई-कैबिनेट आदि का कार्य सुचारू रूप से किया जा सके इसके लिए मंत्रीगणों के स्टाफ को भी ट्रेनिंग उपलब्ध करायी जानी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्वतीय दूरस्थ क्षेत्रों में मोबाईल कनेक्टिविटी एक बहुत बड़ी समस्या है। उन्होंने डार्क विलेजेज में मोबाईल कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने हेतु तेजी से कार्य किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में मोबाईल कनेक्टिविटी बढ़ने से युवाओं को आई.टी. के क्षेत्र में रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।

बैठक में सचिव आरके सुधांशु ने बताया कि ई-ऑफिस सिस्टम की दिशा में आईटीडीए, जिलाधिकारी देहरादून कार्यालय, शहरी विकास एवं वन विभाग का पीसीसीएफ ऑफिस ने 100 प्रतिशत ई-ऑफिस सिस्टम लागू कर लिया है। बाकी विभाग भी तेजी से ई-ऑफिस पर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सचिवालय में इस सम्बन्ध में लगातार प्रशिक्षण कराया जा रहा है। जिस भी अनुभाग में कोई समस्या आ रही है। 20 मिनट के अन्दर हमारी टीम वहां पहुंच कर उन्हें आवश्यक जानकारी देते हुए उनकी समस्या का निराकरण कर रही है। उन्होंने कहा कि सेवा का अधिकार के तहत 29 विभागों की 268 सेवाओं को अधिसूचित किया गया है।

इस अवसर पर आईटी मंत्री बंशीधर भगत, मुख्य सचिव ओमप्रकाश, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव आरके सुधांशु, अमित नेगी, निदेशक आईटीडीए अमित सिन्हा, एन.आई.सी. के एस.आई.ओ. के नारायणन आदि उपस्थित थे।

राज्य स्तरीय कला शिक्षक सम्मान से नवाजी गईं अध्यापिका पुष्पलता जोशी

तीर्थ नगरी के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में कला संकाय की अध्यापिका पुष्प लता जोशी को राज्य स्तरीय पुरस्कार मिला है। यह पुरस्कार उन्हें अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण निदेशक की ओर से कला शिक्षक प्रतिभा सम्मान के रूप में दिया गया है।

दरअसल राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद की ओर से उत्तराखंड राज्य स्तरीय कला शिक्षक प्रतिभा सम्मान का आयोजन किया गया। इसमें गढ़वाल मंडल से अध्यापकों ने पोस्टर, कंपोजीशन तथा लोक कला प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया था। उक्त प्रतियोगिता में लोक कला विधा में राजकीय बालिका इंटर कॉलेज ऋषिकेश की कला संकाय की अध्यापिका पुष्प लता जोशी ने भी प्रतिभाग किया। इसमें इन्हें प्रथम स्थान हासिल हुआ है।

अध्यापिका की इस सफलता पर विद्यालय की ओर से उन्हें शुभकामनाएं दी गई है।

तीरथ बदल सकते हैं त्रिवेंद्र सरकार के पीपीपी मोड वाला फैसला…

देहरादून। प्रदेश की बागडोर संभालते ही सीएम तीरथ रावत द्वारा त्रिवेंद्र सरकार के कुछ तथाकथित जनभावना विरोधी निर्णयों पर पुनर्विचार करने के फैसलों से प्रदेश भर में आम जनता के मध्य संतोष और खुशी का माहौल है। नंदप्रयाग-घाट मोटरमार्ग के चैड़ीकरण, देवस्थानम बोर्ड के गठन, विकास प्राधिकारण व गैरसैण मंडल की स्थापना से संबंधित मसलों पर तीरथ रावत द्वारा बेबाकी से उदारतापूर्वक विचार कर पुनर्विचार करने की बात कही गई है। अब पौड़ी की जनता त्रिवेंद्र रावत सरकार द्वारा जिला अस्पताल पौड़ी को पीपीपी मोड पर संचालन हेतु एक संस्था को देने के निर्णय पर भी पुनर्विचार होने के प्रति आश्वस्त है।

त्रिवेंद्र सिंह रावत के मुख्यमंत्रित्व काल में प्रदेश सरकार द्वारा जनपद पौड़ी के जिला अस्तपाल सहित जनपद के ही सीएचसी घंडियाल व सीएचसी पाबौ को संचालन हेतु देहरादून स्थित एक ट्रस्ट को सौंप दिया गया था। हाल ही में ट्रस्ट द्वारा तीनों अस्पतालों का अधिग्रहण कर संचालन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। त्रिवेंद्र सरकार द्वारा जनता के विरोध को दरकिनार कर लिए गए इस निर्णय से क्षेत्र की जनता मायूस थी, लेकिन त्रिवे्रद्र के पदच्युत होने व तीरथ द्वारा सीएम पद पर विराजमान होते ही तमाम जनविरोधी फैसलों पर गंभीरता से पुनर्विचार करने के कदम से लोगों में उम्मीद जगने लगी है।

दरअसल, जिला अस्पताल मंडल मुख्यालय पौड़ी का एकमात्र अस्तपाल है, जिससे नगर की चालीस हजार की आबादी के साथ आसपास के चार विकासखंडों की करीब एक लाख की आबादी सेवित होती है। पीपीपी मोड पर दिए जाने से पूर्व इस अस्पताल में डेढ़ दर्जन के करीब वरिष्ठ डाक्टर सेवाएं दे रहे थे, लेकिन यकायक चल रहे इस अस्पताल को सरकार द्वारा पीपीपी मोड पर दे दिया गया। पीपीपी मोड पर दिए जाने के बाद से क्षेत्रवासियों के मन में अनेक आशंकाएं पैदा होने लगी हैं। बताया जा रहा है कि पीपीपी मोड पर संचालन कर रही संस्था द्वारा इस महत्वपूर्ण अस्पताल में संस्था के मेडिकल कालेज में अध्ययनरत जूनियर डाक्टरों को प्रैक्टिस हेतु अधिग्रहण किए गए अस्पतालों में भेजे जा रहे हैं। इतना ही नहीं सूत्रों की माने तो सरकार और ट्रस्ट के मध्य हुए एमओयू की शर्तों के तहत इन अस्पतालों में तैनात होने वाले डाक्टरों को कम से कम तीन वर्ष अस्पताल में सेवाएं देनी होंगी, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि संस्था द्वारा 15-15 दिन के लिए जूनियर डाक्टरों को रोटेट कर काम चलाया जा रहा है। ऐसे में मरीजों को स्तरीय सलाह व चिकित्सा मिलना संभव नहीं है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि इन अस्पतालों में सेवाएं दे रहे संस्था के डाक्टर भारतीय चिकित्सा परिषद मंे पंजीकृत हैं भी अथवा नहीं।

’मेडिको लीगल कार्यों के संपादन की भी चुनौती’

वैधानिक रूप से पोस्टमार्टम जैसे मेडिको लीगल कार्यों के लिए सरकारी चिकित्सक का होना आवश्यक है, मंडल मुख्यालय जैसे स्थान पर आवश्यकता पड़ने पर पोस्टमार्टम के लिए एक अदद डाक्टर न होने से भविष्य में अनेक दिक्कतें आ सकती हैं। गौरतलब है कि गत दिनों रामनगर अस्पताल, जो पीपीपी मोड पर संचालित किया जा रहा है, वहां एक शव के पोस्टमार्टम के लिए परिजनों को तीन दिन का लंबा इंतजार करना पड़ा। यदि ऐेसी परिस्थिति पौड़ी जैसे पहाड़ी नगर में बनती है तो भविष्य में यह सरकार के खिलाफ आका्रेश का कारण बन सकता है।

’पिछले अनुभवों से आशंकित हैं क्षेत्रवासी’

दरअसल, सरकार द्वारा पूर्व में भी प्रदेश के अनेक अस्पतालों को स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के नाम पर पीपीपी मोड पर दिया गया था, लेकिन सेवाएं बेहतर होने के विपरीत इन अस्पतालों की दशा और बदतर हो गई, ऐसे अधिंकाश अस्पताल तो रैफर सेंटर मात्र बन कर रह गए। बीते एक साल की सुर्खियों पर नजर डाली जाए तो हाल ही में टिहरी के जिला अस्तपाल व रामनगर के संयुक्त अस्तपाल को लेकर लिया गया निर्णय उल्टा साबित हो रहा है। ऐसे में क्षेत्रवासी सरकार के निर्णय पर पुनर्विचार की मांग कर रहे हैं।

’पीपीपी मोड तकनीकि रूप से भी असंगतः डा0 जोशी’

उत्तराखंड राजकीय चिकित्सक संघ के पूर्व अध्यक्ष व प्रदेश के जाने माने काया चिकित्सक डा0 एसडी जोशी का कहना है कि अक्सर देखने में आया है कि ऐसी संस्थाओं द्वारा एमसीआई और उत्तराखंड चिकित्सा परिषद से बिना मान्यता प्राप्त डाक्टरों से प्रेक्टिस करवाई जाती है, जो कानूनी दृष्टि से भी उचित नहीं है। किसी अनहोनी की स्थिति में यह कानूनी तौर पर आॅॅॅफेंस का मामला भी बन सकता है। वहीं डा0 जोशी का कहना है कि किसी भी मरीज की व्यापक जांच व इलाज के लिए निंरतर जांच आवश्यक है। इन संस्थाओं द्वारा हर प्रदंह दिन में डाक्टर बदल दिए जाते हैं जिससे नए चिकित्सक को मरीज की केस हिस्ट्री का आंकलन करने में दिक्कत आती है, जिससे मरीजों के उपचार में कुछ दिक्कतें भी पेश आ सकती हैं।

12 लाख की लागत से हाईटेक शौचालय का एम्स मार्ग पर हुआ शिलान्यास

नगर आयुक्त नरेंद्र सिंह क्वीरियाल ने एम्स रोड़ पर हाईटेक शौचालय का शिलान्यास किया। 12 लाख रूपए की लागत से निर्माणाधीन शौचालय के निर्माण से क्षेत्रीय जनता सहित एम्स आने वाले मरीजों के तीमारदारों दोनों को लाभ मिलेगा।

मेयर अनिता ममगाई ने जानकारी देते हुए बताया कि शौचालय पूरी तरह से हाईटेक होगा। इसमें फाइव स्टार होटल की तर्ज पर एक्सटीरियर और इंटीरियर डिजाइन होंगे। सेंसर बेस्ड यूरिनल सिस्टम होगा। शौचालय 24 घंटे सातों दिन खुला रहेगा। 12 लाख की लागत से बनने वाले हाईटेक शौचालय के बाबत नगर निगम प्रशासन शहर के विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

इससे पूर्व पूजा अर्चना के साथ शिलान्यस कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस दौरान संस्था के चेयरमैन आशीष तिवारी, प्रांतीय प्रबंधक क्षेत्रीय प्रबंधक विक्रम सिंह, अंकित कौशिक, अधिशासी अभियंता विनोद जोशी, सहायक अभियंता आनंद मिश्रवान, सहायक नगर आयुक्त एलम दास, पार्षद शौकत अली, ज्योति अशोक पासवान, विजय बडोनी, विजेंद्र मोगा, लक्ष्मी रावत, कमलेश जैन, विपिन पन्त, बीरेंद्र रमोला, जयेश राणा, रश्मि देवी, राजेन्द्र बिष्ट, अनीता प्रधान, प्रदीप धस्माना, यसवंत सिंह, राजेश कोठियाल, राजीव राणा, राजीव गुप्ता, गोपाल रावत, गौरव कैंथोला, रेखा सजवान, शीलू अग्रवाल, प्रिया ढक्काल, ममता नेगी, प्रमिला द्विवेदी, हेमलता, अनिकेत गुप्ता, हर्ष व्यास, अंजलि रावत, निगमसफाई निरीक्षक धीरेंद्र सेमवाल आदि मोजूद रहे।

आम आदमी पार्टी ने प्रदेश सरकार के चार साल पूर्ण होने पर किया जोरदार प्रदर्शन

प्रदेश सरकार के चार साल की नाकामियों को लेकर आम आदमी पार्टी ने जोरदार प्रदर्शन कर अपना विरोध जताया। इस दौरान दो-दो मुख्यमंत्री थोपने के पर आप कार्यकर्ताओं ने सरकार से जनता से माफी मांगने को कहा।

इंद्रमणि बडोनी चैक पर बड़ी संख्या में आप कार्यकर्ता एकत्रित हुए। कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। जवाब दो, हिसाब दो माफी मांगो अभियान कार्यक्रम के तहत इंद्रमणि बडोनी चैक तिराहे पर काली पट्टी बांध विरोध प्रदर्शन करते हुए राज्य सरकार के खिलाप जमकर नारेबाजी की गई।

पार्टी के विधानसभा संगठन मंत्री दिनेश असवाल के नेतृत्व में एकत्रित हुए पार्टी कार्यकर्ताओं ने हाथों में स्लोगन लिखी तख्तियों के साथ राज्य सरकार के विरोध में जमकर प्रदर्शन किया। संगठन मंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार के पिछले चार सालों में जनता को सिर्फ निराश ही किया है। त्रिवेंद्र सिंह रावत के नेतृत्व वाली सरकार के चार साल को देखें तो बिना विजन के सरकार चलाई गई। इसका खामियाजा राज्य की जनता को भुगतना पड़ा।

आप नेता डॉ राजे सिंह नेगी ने कहा कि अब मुख्यमंत्री का चेहरा बदलकर चार साल की नाकामियों पर पर्दा डालने की कोशिश भाजपा द्वारा की जा रही है। इसे जनता भलीभांति समझ चुकी है। उन्होंने कहा कि भाजपा को पहले चार साल का हिसाब व जवाब देकर फिर जनता से माफी मांगनी चाहिए। चार साल में राज्य सरकार ने बेरोजगारों को सड़कों पे ला दिया। मातृशक्ति पर लाठीचार्ज करवाया। लाखो कर्मचारियों की हक की आवाज को दबाने के लिए मुकदमें दर्ज करवा दिए। कहा कि बीते चार सालों में राज्य सरकार ने अराजकता, निरंकुशता, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर नियंत्रण करने के बजाय उन्हें बढ़ाने का काम किया। प्रदशर्नकारियों में दिनेश कुलियाल, विजय पंवार, अधिवक्ता सूरत रौतेला, प्रवीन असवाल, अमन नौटियाल, प्रवीन जोशी, रजनी कश्यप, संजय सिलस्वाल, ज्ञान रावत, मनोज कोटियाल, सुनील सेमवाल, आशुतोष जुगलान, मनोज कश्यप, राजेन्द्र जुगलान, रजत कालरा, हर्षित चैहान, शिव डिसूजा, नवीन कुमार, इंदु पाल चुग, पंकज वर्मा, ओमकार नेगी, अंशुल कुमार, महेश नौटियाल, ओमकार नेगी, मनोज भट्ट, दीपक भदोरिया, योगेश भगत बहादुर, देवराज नेगी, जयप्रकाश भट्ट, जगदीश सिंह, प्रेम कुमार, सुनील कुमार, सुनील दत्त सेमवाल, दिनेश कुलियाल, चंद्रमोहन, प्रवीण असवाल आदि उपस्थित रहे।

एनएसएस शिविरः एक अच्छा समाजसेवी निष्ठा की भावना से काम करने की रखता है काबिलियत

श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज की राष्ट्रीय सेवा योजना के तृतीय दिवस पर जनपद समन्वयक डीआर रवी ने शिविर का निरीक्षण किया। स्वयं सेवकों राष्ट्र सेवा योजना के महत्व पर उन्होंने कहा कि यह समाज से जुड़ने का सबसे बड़ा महत्वपूर्ण साधन है। एक स्वयंसेवी के अंदर एक निष्ठा की भावना से काम करने एवं समाज सेवा की प्रेरणा होना चाहिए, तभी वह एक अच्छा समाजसेवी कहलाएगा।

शिविर में नशा मुक्त उत्तराखंड संस्कार युक्त उत्तराखंड के उद्देश्य की पूर्ति के लिए स्वयं सेवियों ने घर-घर जाकर संकल्प पत्र भरवाए कि समाज से नशा झ ऐसी कुरीति को दूर करने के लिए सभी मिलकर प्रयास करेंगे।

बौद्धिक सत्र में कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें कवियों ने समसामयिक विषयों पर अपने रचनाएं प्रस्तुत की है तथा उद्देश्य परख रचनाओं को स्वयंसेवकों देने का कार्य किया है। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में ममता जोशी, स्नेहा बेटियों पर प्रेरक रचना सुनाई और ऋतुराज वसंत के स्वागत पर अपनी प्रस्तुति दी। इस अवसर पर विद्यालय के वरिष्ठ प्रवक्ता यमुना प्रसाद त्रिपाठी, शिवप्रसाद बहुगुणा, नवीन मेंदोला, धनंजय रागड़, नीलम जोशी, सुशीला बडथ्वाल, सुनील थपलियाल, राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी जयकृत रावत, सोहन सिंह आदि उपस्थित रहे।

अंतरराज्जीय चोर गिरोह का एक साथी गिरफ्तार, जेवरात भी बरामद

रायवाला पुलिस ने बंद मकानों को निशाना बनाकर उसमें चोरी की घटना को अंजाम देने वाले एक अंतरराज्जीय चोर गिरोह के एक मेंबर को अरेस्ट किया है। पुलिस ने आरोपी से घटना में प्रयुक्त वाहन तथा चोरी किए हुए लाखों रूपए के गहने भी बरामद किए है। दरअसल, एक मार्च को मोहन शर्मा निवासी खैरी खुर्द थाना रायवाला लिखित तहरीर दी थी। बताया था कि वह पूरे परिवार के साथ 14 फरवरी को मकान बंद कर दिल्ली गए थे। वापस जब लौटे तो घर का ताला टूटा था और घर में रखें जेवरात, नकदी व अन्य आवश्यक सामान गायब थे। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ चोरी का मामला दर्ज किया था।

थानाध्यक्ष रायवाला अमरजीत सिंह रावत ने चार टीमें गठित की। इसके अलावा पूर्व में चोरी के मामले में चिन्हित अपराधियों से भी पूछताछ की। सीसीटीवी कैमरों की भी मदद ली गई। गठित टीमों की ओर से जानकारी मिली कि फरमान पुत्र याकूब निवासी ग्राम व थाना नकुड जिला सहारनपुर एवं उसके अन्य तीन साथियों के द्वारा रायवाला एवं ज्वालापुर क्षेत्र में बंद मकानों में चोरी की गई है। थानाध्यक्ष ने ज्वालापुर थाने से भी मामले में जानकारी जुटाई तो घटना सत्य प्रतीत मिली। थानाध्यक्ष अमरजीत के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आरोपी फरमान कस्बा चोली थाना भगवानपुर जिला हरिद्वार से चोरी में प्रयुक्त वाहन के साथ गिरफ्तार किया है, जबकि तीन अन्य आरोपी फरार चल रहे है।

थानाध्यक्ष ने फरार आरोपियों की पहचान गुल्लू उर्फ तस्लीम, इमरान और लाला उर्फ इकराम के रूप में कराई है।

आरोपी से बरामद सामान
दो अंगूठी पीली धातु, एक चैन पीली धातु, एक मंगलसूत्र पीली धातु, दो जोड़ी टॉप्स पीली धातु, एक चैन मय पेंडल पीली धातु

आरोपी की गिरफ्तारी में यह टीम रही शामिल
थानाध्यक्ष अमरजीत सिंह रावत, एसएसआई राम नरेश शर्मा, उप निरीक्षक प्रेम सिंह नेगी, कांस्टेबल सचिन सैनी, कांस्टेबल दिनेश महर, कांस्टेबल विनीत चैधरी, कांस्टेबल नंदकिशोर शामिल रहे।

उत्तराखंड में कोविड टीकाकरण अभियान मिशन मोड में चलाया जाएः तीरथ सिंह रावत

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कोरोना संक्रमण के प्रभावी नियंत्रण के लिए सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग की। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने भी इसमें प्रतिभाग किया।

उक्त वीडियो कांफ्रेंसिंग के बाद मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि कोविड पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जन जागरूकता पर विशेष ध्यान दिया जाय। कोविड टीकाकरण अभियान मिशन मोड पर चलाया जाय। आवश्यकता पड़ने पर वैक्सीनेशन सेंटर बढ़ाए जाय। दवाई के साथ कड़ाई भी जरूरी है। लोगों को दो गज दूरी, मास्क की अनिवार्यता एवं स्वच्छता पर विशेष ध्यान रखने के लिए जागरूक किया जाय। मुख्यमंत्री ने कहा कि आरटीपीसीआर टेस्ट पर भी विशेष ध्यान दिया जाय। यह सुनिश्चित किया जाय कि अधिकांश आरटीपीसीआर टेस्टिंग हो। यदि किसी क्षेत्र में कोरोना के अधिक मामले आते हैं, ऐसे क्षेत्रों में माइक्रो कन्टेंनमेंट जोन बनाये जाय। टेस्ट, ट्रेक एवं ट्रीट पर विशेष ध्यान दिया जाय।

इस अवसर पर मुख्य सचिव ओम प्रकाश, सचिव स्वास्थ्य अमित नेगी, डायरेक्टर मेडिकल एजुकेशन युगल किशोर पंत एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

सीएम तीरथ ने सड़क निर्माण में अनियमितता पर दो अभियंताओं को किया निलंबित

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने सख्त एक्शन लेते हुए घटिया सड़क निर्माण मामले में लोनिवि के दो अभियन्ताओं को निलम्बित करने के निर्देश दिये है। इस सम्बन्ध में प्रमुख सचिव लोनिवि द्वारा दोनो अभियन्ताओं को निलम्बित किये जाने के आदेश भी निर्गत किये जा चुके हैं।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर वायरल हुए प्रकरण को गम्भीरता से लेते हुए दुगड्डा लोक निर्माण प्रांतीय खंड में लक्ष्मणझूला-कांडी-दुगड्डा-रथुवाढाब-धुमाकोट मोटर मार्ग के किमी 154-155 मे घटिया सड़क निर्माण के मामले में एई अजीत सिंह व जेई अनिल कुमार को सस्पेंड करने के निर्देश दिये थे।

मुख्यमंत्री ने इस मामले की जांच भी बैठा दी है। उन्होंने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि भ्रष्टाचार और लापरवाही को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राज्य सरकार स्वच्छ, पारदर्शी व ईमानदार प्रशासन के लिए प्रतिबद्ध है। जिस स्तर पर भी कमी पाई जाएगी, वहां सख्त से सख्त एक्शन लिया जाएगा।

स्व. हेमवती नंदन की पुण्यतिथि पर सीएम तीरथ ने किया याद

तीरथ सिंह रावत ने स्व. हेमवती नन्दन बहुगुणा की पुण्यतिथि के अवसर पर बुधवार को घंटाघर स्थित एमडीडीए काम्प्लैक्स में स्थापित स्व. बहुगुणा की मूर्ति पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्व. बहुगुणा जी अपने नैतिक मूल्यों, सिद्धांतों एवं आदर्शों पर हमेशा अडिग रहे। उन्हें अपनी संस्कृति, बोली और भाषा से बेहद प्यार और लगाव था। वह सच्चे राजनेता, समाजसेवी और पहाड़ के हितों के लिए सोचने वाले व्यक्ति थे। उनके विचार हम सभी को आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं और देते रहेंगे। इस अवसर पर विधायक खजान दास आदि उपस्थित थे।