सरकार का प्रयास, उद्योगो को अच्छी सुविधाएं मिले-मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास स्थित कैम्प कार्यालय सभागार में उत्तराखण्ड में औद्योगिक विकास योजना-2017 के स्वीकृत 23 दावों के लाभार्थियों को 35 करोड़ का उपादान वितरित किया। औद्योगिक विकास योजना भारत सरकार के उद्योग संवर्द्धन एवं आन्तरिक व्यापार विभाग द्वारा उत्तराखण्ड एवं हिमाचल प्रदेश के लिये 1 अप्रैल, 2017 से 31 मार्च, 2022 की अवधि तक लागू की गई है। इस योजना में प्लाण्ट एवं मशीनरी में किये कुल पूंजी निवेश के 30 प्रतिशत अधिकतम रू0 05 करोड़ तक का उपादान भारत सरकार से देय है। इसी प्रकार 5 वर्षों हेतु इकाईयों के प्लाण्ट एवं मशीनरी के इनस्योरेंस प्रीमियम की शतप्रतिशत प्रतिपूर्ति भी देय है।

योजना में पंजीकृत 725 इकाईयों में कुल पूंजी निवेश रू० 8000 करोड़ और 60,000 लोगों को रोजगार प्राप्त होगा
इस योजना में दिनांक 13-08-2021 तक 725 इकाईयों द्वारा पंजीकरण किया गया है, जिसमें कुल पूंजी निवेश रू० 8000 करोड़ तथा इससे लगभग 60,000 लोगों को रोजगार प्राप्त होगा। इनमें 355 नई इकाईया स्थापित होंगी, जबकि 370 इकाईयों द्वारा अपने विद्यमान क्षमता में विस्तारीकरण किया जा रहा है। इन इकाइयों में 629 इकाईयां विनिर्माण क्षेत्र में जबकि 96 इकाईया सेवा में स्थापित हो रही है।

उद्योगों को बेहतर माहौल देने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध-मुख्यमंत्री
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री के मिशन आत्म निर्भर भारत को सफल बनाने के लिये उद्योगों को बेहतर वातावरण एवं सहूलियते दिये जाने का यह प्रयास है। उन्होंने कहा कि विकास के लिये पूंजी निवेश जरूरी है। उद्योगों का संवर्धन एवं संरक्षण हमारा उद्देश्य है। उन्होंने उद्यमियों से सहयोग की अपेक्षा करते हुए कहा कि सरकार आपके साथ है। सरकार सबकी साझेदार के रूप में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा उत्तराखण्ड को दिये गये औद्योगिक पैकेज के कारण प्रदेश में विभिन्न क्षेत्रों में उद्योगों की बड़ी संख्या में स्थापना हुई, आगे भी प्रदेश में देश विदेश के उद्यमी आये इसके लिये अनुकूल वातावरण का सृजन किया गया है। बाहर से आने वाले उद्यमियों को प्रदेश में आने के लिये यहां के उद्यमियों को आगे आना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्यमियों की समस्याओं के समाधान के निर्देश दिये गये हैं। वे स्वयं भी विभिन्न उद्योग प्रतिनिधियों एवं संगठनों से वार्ता करेंगे। कोरोना महामारी का वैश्विक प्रभाव सभी क्षेत्रों में पड़ा है हम सब आपसी समन्वय एवं सहयोग से इस चुनौती का सामना करने में सफल होंगे, इसकी उन्होंने उम्मीद जताई।
उन्होंने कहा कि उद्योग व्यापार से सम्बन्धित जितनी भी नीतियां प्रदेश में बनायी गयी हैं उन्हें और सुगम एवं लचीला बनाया जायेगा ताकि उद्यमियों एवं व्यापारियों को बेहतर सुविधा मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि अर्थनीति अच्छी होगी तो देश प्रदेश का बेहतर विकास होगा। राज्य में अवस्थापना सुविधाओं के विकास सड़कों के निर्माण से सुविधायें बढ़ेंगी तथा उद्यमियों को सुविधा होगी।

केन्द्र के सहयोग से प्रदेश में कनेक्टीवीटी का विस्तार हुआ
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के चहुंमुखी विकास के लिए प्रधानमंत्री का मार्गदर्शन मिलता रहता है। जनपद उधम सिंह नगर एवं हरिद्वार के विभिन्न क्षेत्रों में स्थापित उद्योगों के सुविधा के लिये अनेक बाईपास सड़कों का निर्माण के लिये केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गड़करी ने 32 हजार करोड़ की धनराशि प्रदान करने की सहमति प्रदान की है। दिल्ली देहरादून एक्सप्रेस वे के तहत बनने वाले एलिवेटेड रोड के लिये 12 हजार करोड़ की धनराशि स्वीकृत की है। रेल सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। हवाई सेवाओं का भी विस्तार किया जा रहा है। हमारा उदेश्य उद्यमियों के साथ ही राज्यवासियों को बेहतर सुविधाये प्रदान करना अच्छे वातावरण से ही विकास की राह प्रशस्त होगी। उन्होंने सभी से इनमें सहयोगी बनने की अपेक्षा भी की है।
इस अवसर पर महानिदेशक उद्योग रोहित मीणा, निदेशक उद्योग सुधीर नौटियाल, उपनिदेशक अनुपम द्विवेदी, औद्योगिक संगठनों से पंकज गुप्ता, विश्वास डाबर, हरेन्द्र गर्ग, महेश शर्मा सहित उपादान प्राप्त करने वाले 23 उद्योगों के प्रतिनिधि आदि उपस्थित थे।

कोरोना से बचाव में सहयोग करने वाली संस्थाओं का सम्मान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक कार्यक्रम में शहीद सैनिकों के परिजनों तथा कोरोना से बचाव में उल्लेखनीय योगदान देने वाले विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया। शहीद सैनिकों को नमन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें अपने वीर सैनिकों की शहादत पर नाज है। शहीद परिवारों की सहायता के लिये राज्य सरकार उनके साथ है। मुख्यमंत्री ने कोरोना के काल में सराहनीय कार्य एवं सहयोग करने वाली संस्थाओं आदि के प्रयासों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग से हम इस महामारी को रोकने में सफल हो पाये हैं। राज्य के समग्र विकास की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के विजन, सबका साथ सबका विकास एवं सबका विश्वास की भावना के साथ हम राज्य के विकास के लिये प्रयत्नशील है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी का उत्तराखण्ड के प्रति विशेष लगाव होने के कारण राज्य का हर क्षेत्र में विकास हुआ है।

युवा रोजगार देने वाले बने
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे युवा रोजगार देने वाले बने इसके लिये कारगर योजना बनायी गई है। सरकारी क्षेत्र में सेवा के अवसर सीमित है इसलिये रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया भी आरम्भ करने के साथ ही स्वरोजगार योजना को प्रभावी बनाया जा रहा है। प्रदेश में रेल, सड़क व हवाई सेवा को व्यापक विस्तार दिया जा रहा है। पर्यटन हमारी आर्थिकी का आधार है इस दिशा में भी पहल की गई है। प्रदेश में और अधिक उद्यौगों की स्थापना हो इसके लिये नीतियों को अनुकूल बनाया जा रहा है। पलायन रोकने की दिशा में भी प्रभावी योजना बनायी जा रही है। पर्यटन व्यवसायियों एवं कोरोना के बचाव में लगे लोगों की मदद के लिये आर्थिक पैकेज स्वीकृत कर मदद की जा रही है। केन्द्र एवं राज्य की योजनाये शीघ्र धरातल पर दिखाई दे इसके लिये कारगर व्यवस्था की गई है।

हमारा एजेण्डा राज्य का समग्र विकास
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा एजेण्डा विकास है। जन सेवा का हमारा भाव है हम बोलने में कम काम ज्यादा करने में विश्वास करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सड़कों के विकास के लिये केन्द्र सरकार का पूरा सहयोग मिल रहा है। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस वे के लिये डाटकाली से आगे एलिवेटेड रोड़ के लिये 12 हजार करोड़ की स्वीकृति के साथ ही राज्य की अन्य महत्वपूर्ण सड़कों के लिये लगभग 50 हजार करोड़ की स्वीकृति दी गई है।
उन्होंने कहा कि राज्य के युवाओं के हित में कोरोना के कारण पिछले एक वर्ष के दौरान प्रतियोगिता परीक्षा अधिकतम आयु पूरी करने वालों को आयु में एक वर्ष की छूट प्रदान की जाने की व्यवस्था की है। लोक सेवा आयोग, संघ लोक सेवा आयोग, एन.डी.ए, सीडीएस आदि प्रतियोगिता की प्रारम्भिक परीक्षा पास करने वाले युवाओं को मेन परीक्षा की तैयारी के लिये 50 हजार की धनराशि प्रदान किये जाने का निर्णय किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के पदचिन्हों पर चलते हुए प्रदेश में जीरो पेंडेंसी पर ध्यान देते हुए शासन से लेकर जिलों तक सुशासन पर ध्यान दिया गया है। जिलों के कार्य जिलों में ही हों तथा जिलों के कार्य अनावश्यक रूप से शासन को सन्दर्भित न किया जाये, इसके सख्त निर्देश दिये गये हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देवस्थानम बोर्ड के कारण किसी के भी हक हकूक बाधित न हो, इसके लिये उच्च स्तरीय समिति का गठन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य मन्दिरों पर अधिकार करना नही बल्कि वहां पर अवस्थापना सुविधाओं का विकास करना है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जिन शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया उनमें मेजर चित्रेश बिष्ट, नीरज थापा, संदीप रावत, अनिल सेठी आदि के परिजन शामिल थे।

सत्र के लिए विधायकों को भी आरटीपीसीआर कोविड जांच कराना अनिवार्य

23 अगस्त से शुरू हो रहे विधानसभा मानसून सत्र में कोविड प्रोटोकॉल का पूरी तरह से पालन किया जाएगा। सत्र के लिए विधायकों को भी आरटीपीसीआर कोविड जांच कराना अनिवार्य होगी। जांच की नेगेटिव रिपोर्ट विधानसभा को देनी होगी। इसके साथ सत्र में ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए कोविड जांच कराना अनिवार्य होगा। कोविड वैक्सीन की दो डोज लगाने वाले विधायकों को कोविड जांच में छूट देने पर विचार किया जा रहा है।

शुक्रवार को विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने सत्र के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उच्च अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने विधानसभा सचिवालय और पुलिस विभाग के अधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह से चाकचौबंद रखने के निर्देश दिए। उन्होंने सत्र के दौरान आवश्यक व्यवस्थाओं को भी जल्द पूरा करने को कहा।

पत्रकारों से बातचीत के दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने कोविड महामारी को देखते हुए पूर्व की भांति सत्र के दौरान व्यवस्था की जाएगी। प्रवेश द्वार पर सभी आगंतुकों का थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग को सत्र के दौरान आवश्यक चिकित्सा दल, दवाइयों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। सत्र के दौरान मुख्य द्वार से ही सदन तक सभी को सैनिटाइज करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि 23 अगस्त से शुरू हो रहे सत्र में पांच दिन का कार्यक्रम तय हुआ है।

बैठक में मुख्य सचिव एसएस संधू, अपर मुख्य सचिव (गृह) आनंद वर्द्धन, प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, गढ़वाल मंडल के आयुक्त रविनाथ रमन, स्वास्थ्य के सचिव अमित नेगी, आईजी लॉ एंड ऑर्डर वी. मुरुगेशन, आईजी संजय गुंज्याल, सचिव एसए मुरुगेशन, डीआइजी गढ़वाल नीरू गर्ग, जिलाधिकारी आर. राजेश कुमार, सीएमओ देहरादून मनोज उप्रेती, सचिव विनोद कुमार सुमन, एसएसपी योगेंद्र सिंह रावत, विधानसभा के प्रभारी सचिव मुकेश सिंघल आदि मौजूद थे।

किसी को प्रवेश पत्र जारी नहीं किया जाएगा
कोविड महामारी के कारण मानसून सत्र के दौरान दर्शक व अधिकारी दीर्घा में किसी व्यक्ति को प्रवेश पत्र जारी नहीं किया जाएगा। सत्र के दौरान गैर सरकारी व्यक्तियों को परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। मीडिया कर्मियों को सीमित मात्रा में ही सूचना विभाग के माध्यम जारी की जाने वाली सूची के अनुसार ही सत्र के लिए पास आवंटित किए जाने पर विचार किया जा रहा है।

विधायकों के सहयोगी व सुरक्षा कर्मियों को परिसर में आने की अनुमति नहीं होगी। सत्र के दौरान विधानसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, नेता सदन, नेेता प्रतिपक्ष और मंत्रियों के वाहन को प्रवेश की अनुमति होगी। पूर्व विधायकों से भी परिसर में आने से बचने का अनुरोध किया गया है।

सोशल डिस्टेंसिंग के लिए सीटिंग प्लान
सदन में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के विधायकों के बैठने के लिए सीटिंग प्लान रहेगा। कुछ विधायकों को मंडप में बैठने की व्यवस्था की जाएगी। जबकि कुछ विधायकों को 107 कक्ष में बैठने की व्यवस्था रहेगी। 107 कक्ष से विधायक वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये सदन की कार्यवाही में भाग लेंगे।

प्रीतम का आरोप- भाजपा सरकार ने किया मातृशक्ति का अपमान

उत्तराखंड में तीलू रौतेली पुरस्कार से सम्मानित महिलाओं के पुरस्कार लौटाने व आशा कार्यकर्ताओं के अपनी मांगों को लेकर चल रहे आंदोलन से सियासत गर्माई हुई है। सत्ता पर काबिज भाजपा जहां रूठों को मनाने में लगी हुई है, वहीं प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस ने मातृ शक्ति के अपमान का मुद्दा बनाकर सरकार पर हमला शुरू कर दिया है। नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि एक तरफ सरकार महिलाओं के उत्थान की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ उनका रोजगार छीना जा रहा है।

प्रीतम सिंह ने सरकार के टेक होम राशन के लिए ई-निविदा के फैसले पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि कांग्रेस इस ठेका प्रथा का विरोध करती है। स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं में इस फैसले को लेकर आक्रोश है हम उनके साथ खडे हैं। हमारी दो बहनों ने तीलू रौतेली पुरस्कार से सम्मानित गीता मौर्य और स्यामा देवी ने सम्मान लौटाए जाने की बात कही है। नेता प्रतिपक्ष ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए इसे मातृ शक्ति का अपमान बताया है। प्रीतम सिंह ने कहा कि एक तरफ भाजपा सरकार उत्कृष्ट स्वयं सहायता समूह शक्ति के लिए महिलाओं को तीलू रौतेली पुरस्कार से सम्मानित कर रही है। वहीं दूसरी तरफ टेक होम राशन को निजी फायदे के लिए ठेके प्रथा पर दे रही है। महिला सम्मान की बात करने वाली भाजपा सरकार का दोहरा चरित्र खुद ही सामने आ गया है। प्रीतम ने कहा मुख्यमंत्री ने महिलाओं के समूहों को निविदा प्रक्रिया रद्द किए जाने का आश्वासन दिया था लेकिन यह झूठ साबित हुआ है। कांग्रेस पार्टी टेक होम राशन के लिए इस ई-निविदा प्रक्रिया समाप्त कर पूर्व की व्यवस्था बने रहने की मांग करती है।

वहीं आशा कार्यकर्ताओं के आंदोलन पर प्रीतम सिंह ने कहा आगामी विधानसभा सत्र में आशाओं के मुद्दे को सदन में जोर शोर से उठाएंगे। कांग्रेस पार्टी का पूरा समर्थन आशाओं के साथ है। सरकार की मंशा पर सवाल खड़ा करते हुए प्रीतम सिंह ने कहा सरकार आशाओं से बहुत सारे काम ले रही है, लेकिन तीन साल से केंद्र व राज्य सरकार ने उनके मासिक मानदेय में जरा सी भी बढ़ोतरी नहीं की है। 10 हजार रुपये सम्मान राशि देने की घोषणा की थी, पर इस पर भी अभी तक अमल नहीं किया गया है। नेता प्रतिपक्ष ने आशा कार्यकर्ताओं को राज्य कर्मचारियों की भांति समस्त सुविधा व मानदेय देने की मांग राज्य सरकार से की है। उन्होंने कहा आशाओं की अन्य मांगों स्वास्थ्य बीमा की परिधि में लाने, कार्य के दौरान मृत्यु होने पर आशा के परिवार को 50 लाख का बीमा और बीमार होने पर 10 लाख का स्वास्थ्य बीमा, कोरोना काल में घर-घर जाकर अपनी जान जोखिम में डाल रहीं आशा कर्यकर्ता को सुरक्षा उपकरण और फ्रंटलाइन वर्कर की भांति सम्मान व मानदेय की मांगों को मानने के साथ 45 व 46 वें श्रम सम्मेलन की सिफारिशों को राज्य सरकार को गंभीरता से विचार कर जल्द से जल्द लागू करना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने वंदना को 25 लाख रूपये का चेक और तीलू रौतेली पुरस्कार से किया सम्मानित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भारतीय महिला हॉकी खिलाड़ी वन्दना कटारिया के रोशनाबाद, हरिद्वार स्थित आवास पर जाकर टोक्यो ओलंपिक में वंदना के शानदार प्रदर्शन पर उन्हें बधाई दी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वन्दना कटारिया को 25 लाख रूपये का चेक प्रदान किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने वन्दना कटारिया को तीलू रौतेली पुरस्कार से भी सम्मानित किया। इसके तहत उन्हें 31 हजार रूपये का चेक एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया। वंदना कटारिया को महिला सशक्तीकरण के तहत ‘‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान’’ का ब्रांड एम्बेसडर भी बनाया गया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वन्दना कटारिया ने टोक्यो ओलंपिक में अपने शानदार प्रदर्शन से प्रदेश का मान-सम्मान बढ़ाया है। उत्तराखण्ड की बेटी ने एक मैच में हैट्रिक बनाकर अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने वन्दना को आगे भी इसी मनोबल से खेलने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि खिलाड़ियों को अधिक से अधिक सुविधाएं मिल सके, इसके लिए राज्य में नई खेल नीति बनाई जा रही है। उन्होंने वंदना कटारिया के उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, यतीश्वरानन्द, विधायक आदेश चौहान, देशराज कर्णवाल, सचिव हरि चन्द्र सेमवाल एवं वंदना कटारिया के परिवारजन मौजूद थे।

मैं मुख्य सेवक बनकर आपकी सेवा के लिए आया हुं-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को खानपुर विधानसभा क्षेत्र की 1469.25 लाख की योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने राजकीय कन्या महाविद्यालय दल्लावाला, खानपुर का शिलान्यास एवं खानपुर विधानसभा क्षेत्र की विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण/ शिलान्यास किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजकीय कन्या महाविद्यालय दल्लावाला-खानपुर के भवन निर्माण, कुल लागत रुपये 345.53 लाख का शिलान्यास किया। उन्होंने केन्द्रीय सड़क निधि योजना के अन्तर्गत जनपद हरिद्वार के विधानसभा क्षेत्र खानपुर में खानपुर-दल्लावाला मोटर मार्ग का सुदृढ़ीकरण एवं सुधार कार्य (लम्बाई 8.356 किमी, कुल लागत रूपये 869.08 लाख), सिंचाई विभाग नलकूप खण्ड हरिद्वार द्वारा मा0 मुख्यमंत्री घोषणा संख्या 68/2018 के अन्तर्गत नाबार्ड 24 वित्त पोषित निर्मित नवीन राजकीय नलकूप संख्या 156 एलजी, ग्राम लालचन्दवाला कुल लागत रूपये 63.66 लाख, सिंचाई विभाग नलकूप खण्ड हरिद्वार द्वारा मुख्यमंत्री घोषणा संख्या 68/2018 के अन्तर्गत नाबार्ड 24 वित्त पोषित निर्मित नवीन राजकीय नलकूप संख्या 157 एलजी, ग्राम बालावाली कुल लागत रूपये 63.66 लाख, सिंचाई विभाग नलकूप खण्ड हरिद्वार द्वारा मुख्यमंत्री घोषणा संख्या 68/2018 के अन्तर्गत नाबार्ड 24 वित्त पोषित निर्मित नवीन राजकीय नलकूप संख्या 158 एलजी, ग्राम मोहम्मदपुर खादर (इब्राहिमपुर) कुल लागत रूपये 63.66 लाख, सिंचाई विभाग नलकूप खण्ड हरिद्वार द्वारा मा0 मुख्यमंत्री घोषणा संख्या 68/2018 के अन्तर्गत नाबार्ड 24 वित्त पोषित निर्मित नवीन राजकीय नलकूप संख्या 159 एलजी, ग्राम डुमनपुरी कुल लागत रूपये 63.66 लाख की योजनाओं का लोकार्पण किया।
इस अवसर पर विधायक खानपुर कुंवर प्रणव सिंह चैम्पियन ने मुख्यमंत्री को साफा व मुकुट पहनाकर तथा तलवार भेंट कर स्वागत किया। साथ ही मुख्यमंत्री सहित कैबिनेट मंत्री उच्च शिक्षा डा0 धन सिंह रावत एवं स्वामी यतीश्वरानंद का एक विशाल पुष्प माला पहनाकर भव्य स्वागत किया तथा मा0 मंत्रीगणों का भी साफा व तलवार भेंट कर की।
कार्यक्रम में विभिन्न योजनाओं का शिलान्यास/लोकार्पण करने के पश्चात आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजकीय कन्या महाविद्यालय दल्लावाला, खानपुर के शिलान्यास की सबको बधाई दी। उन्होंने घोषणा की कि राजकीय कन्या महाविद्यालय दल्लावाला, खानपुर में छात्र एवं छात्राओं दोनों के पठन-पाठन की व्यवस्था होगी। उन्होंने गिद्धावाली में बाणगंगा के घाट पर मिनी पुल का निर्माण, हस्तमौली के सोलानी नदी घाट पर मिनी पुल का निर्माण, शेरपुर बेला में गंगा घाट पर मिनी पुल का निर्माण तथा दूषित पेयजल से मुक्ति हेतु 60 हैंड पम्प लगाने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि पुलिस चौकी के लिये रास्ते की बात कही गयी है, उसके सम्बन्ध में विचार किया जायेगा।
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें ज्यादा बोलना नहीं है बल्कि काम करके दिखाना है। हरिद्वार के विकास पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि हरिद्वार में मेडिकल कॉलेज, रिंग रोड़, दिल्ली के लिए हाइवे बन रहा है। उन्होंने कहा कि हम जिस योजना का शिलान्यास करेंगे, उसका लोकार्पण भी करेंगे। उन्होंने कहा कि जो भी घोषणा हम करेंगे, उसे अधूरी नहीं छोड़ेगे, कोरा आश्वासन नहीं देंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पारदर्शिता के साथ कार्य कर रही है तथा हम नो पेंडेंसी के आधार पर सरकार चलायेंगे। उन्होंने कहा कि कोई भी समस्या हमारे पास आयेगी हम उसका निराकरण करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि मेरे नजदीक वही होगा, जो जनता के नजदीक होगा। उन्होंने कहा कि जिस स्तर की समस्या हो, वह उसी स्तर पर सुलझनी चाहिए तथा निचले स्तर की समस्या शासन स्तर तक नहीं पहुंचनी चाहिए तथा इसके लिए हम रोस्टर तैयार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमने निर्देश दिये हैं कि प्रत्येक कार्यालय दिवस में प्रातः 10 बजे से 12 बजे तक अधिकारीगण जनता की समस्याओं को सुनकर, उनका निराकरण करेंगे, अन्यथा की स्थिति में उत्तरदायित्व निर्धारित किया जाएगा तथा कार्यवाही की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री को उत्तराखण्ड की प्रत्येक समस्या के बारे में जानकारी है। वैक्सीनेशन का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले चार महीनों में वैक्सीनेशन का कार्य पूर्ण कर लेगें। उन्होंने इस अवसर पर उपस्थित जन समुदाय को वात्सल्य योजना, महालक्ष्मी किट योजना आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों में रिक्त 24000 पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। 15 अगस्त से इस संबंध में विज्ञापन निकलने शुरू हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि जो युवा अपना रोजगार करना चाहते हैं, उनके लिए हम कैम्प लगायेंगे तथा कैम्प में प्राप्त आवेदनों में जो कमी होगी, उसे मौके पर ही दूर किया जाएगा। उन्होंने उपस्थित जनमानस को अवगत कराया कि कोरोना काल को देखते हुए विभिन्न परीक्षाओं में आवेदन हेतु एक वर्ष की आयुसीमा में छूट दी गयी है।
प्रधानमंत्री आवास योजना का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 16000 लोगों को मकान देने का कार्य किया है। सड़कों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि लक्सर से बालावाली के लिए 14 करोड़ रूपये तथा क्षेत्र में सड़क निर्माण हेतु कुल 32 करोड़ रूपये स्वीकृत हुए हैं।
कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री डॉ0 धन सिंह रावत ने कहा कि एक साल में यह डिग्री कॉलेज बनकर तैयार हो जाएगा। उन्होंने कहा कि हम प्रत्येक कॉलेज में प्राचार्य, शिक्षक, कॉलेज भवन आदि की पूरी व्यवस्था कर रहे हैं, जिससे शैक्षिक कार्यों में व्यवधान न पड़े। उन्होंने बताया कि कॉलेजों में 4 लाख बच्चे पढते हैं, जिनके लिए कॉलेज में फ्री वाई-फाई की व्यवस्था की जा रही है।
गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद ने कहा कि आज बड़ी खुशी का दिन है। आज इस क्षेत्र के अन्दर एक डिग्री कॉलेज की व्यवस्था हो रही है, जिसमें सबको शिक्षा का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार किसानों, बुजुर्गों, महिलाओं सहित सभी वर्गों के कल्याण के लिए कार्य कर रही है।
विधायक खानपुर कुंवर प्रणव सिंह चैम्पियन ने मुख्यमंत्री के सामने क्षेत्र की सड़क, बिजली सहित विभिन्न समस्याओं के सम्बन्ध में जानकारी दी। उन्होंने क्षेत्र में आशा वर्करों की नियुक्ति करने, निराश्रितों को मकान उपलब्ध कराने का अनुरोध किया।
विधायक लक्सर संजय गुप्ता ने कहा कि हमारा देश पहले सोने की चिड़िया कहलाता था, हम इसका पुराना गौरव इसे वापस दिलाएंगे। उन्होंने क्षेत्र में गन्ना अनुसंधान केन्द्र खुलवाने की बात कही।
वरिष्ठ जिला पंचायत सदस्य रानी देवयानी ने खादर क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं की ओर उपस्थित गणमान्य अतिथियों का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि दल्लावाला से रोशनाबाद के लिए बस की व्यवस्था होनी चाहिए।
इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष जयपाल सिंह चौहान, रूड़की मेयर गौरव गोयल, नगरपालिका अध्यक्ष, अम्बरीक्ष गर्ग, जिलाधिकारी हरिद्वार विनय शंकर पाण्डेय, एसएसपी हरिद्वार सैंथिल अबुदई कृष्णराज एस0, मुख्य विकास अधिकारी हरिद्वार सौरभ गहरवार सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित थे।

खटीमा को पीलीभीत के राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ने की शुरु हुई कवायद

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अनुरोध पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नीतिन गडकरी ने पीलीभीत-खटीमा राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए आश्वस्त किया है। केन्द्रीय मंत्री से अपनी मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने इसका अनुरोध किया था। केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री के अनुरोध को स्वीकार करते अपने मंत्रालय के अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये।
यह प्रस्तावित राष्ट्रीय राज मार्ग उत्तराखण्ड राज्य के जनपद उधमसिंह नगर में स्थित खटीमा नगर से उत्तर प्रदेश राज्य के पीलीभीत जनपद तक बनाया जायेगा जो राष्ट्रीय राज मार्ग-74 से पीलीभीत में मिलेगा जिसकी लम्बाई लगभग 38 कि०मी० होगी, जिसका 13 कि०मी० प्रभाग उत्तराखण्ड प्रदेश एवं 25 कि०मी० प्रभाग उत्तर प्रदेश राज्य में स्थित है।
यह राष्ट्रीय राज मार्ग सितारगंज-टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राज मार्ग संख्या 125 (नया राष्ट्रीय राज मार्ग संख्या 9) से खटीमा में जुड़ेगा।
खटीमा नगर से पीलीभीत की ओर राज्य मार्ग संख्या 4 दो लेन कैरिज – वे (7.00 मी0) में 13 कि०मी० लम्बाई तक पूर्व से ही निर्मित है, उसके उपरान्त मार्ग की 25 कि०मी० लम्बाई उत्तर प्रदेश राज्य में स्थित है जो पीलीभीत तक जाता है जिसका कैरिज वे भी दो लेन (7 मी0) है। इस राष्ट्रीय राज मार्ग के बन जाने से जनपद उधमसिंह नगर का सीमान्त क्षेत्र खटीमा, एवं जनपद चम्पावत का टनकपुर क्षेत्र एवं पिथौरागढ़ जनपद के सीमान्त क्षेत्र राष्ट्रीय मुख्य धारा से जुड़ पायेंगे। पर्यटन की दृष्टि से जनपद चम्पावत में स्थित विश्व प्रसिद्ध मॉ पूर्णागिरी धाम एवं जनपद पिथौरागढ़ होते हुए कैलाश मानसरोवर यात्रा हेतु भी देशवासियों को सुगम यातायात की सुविधा उपलब्ध होगी, तथा इस क्षेत्र का आर्थिक, शैक्षिक, सामाजिक उन्नयन तीव्र गति से होगा।
इस क्षेत्र में रुद्रपुर से सितारगंज पीलीभीत, सितारगंज से खटीमा-टनकपुर पिथौरागढ़ पूर्व से ही राष्ट्रीय राज मार्ग घोषित हैं। पीलीभीत से खटीमा तक 38 कि०मी० लम्बाई में राज्य मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग में घोषित हो जाने के फलस्वरूप इस क्षेत्र के समस्त मुख्य मार्ग राष्ट्रीय राजमार्गों की श्रेणी में आ जायेंगे।

शिक्षा विभाग ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर

उत्तराखंड में लंबे समय बाद बच्चों के लिए खुले स्कूलों में उनकी सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। कोविड नियमों का पालन न करने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा रही है। शिक्षा विभाग ने अभिभावकों के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है, जिस पर स्कूलों में कोरोना गाइडलाइन के उल्लंघन की शिकायत की जा सकती है।

मुख्य शिक्षा अधिकारी डॉ. मुकुल कुमार सती ने कहा कि स्कूल आ रहे बच्चों की सुरक्षा और साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखा जा रहा है। जिले में सभी स्कूलों का संचालन शासन की ओर से जारी कोरोना गाइडलाइन के तहत ही किया जा रहा है।

अगर किसी स्कूल में कोरोना गाइडलाइन का पालन नहीं हो रहा है तो अभिभावक हेल्पलाइन नंबर 0135-2787028 पर सुबह दस बजे से शाम पांच तक शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके बाद जांच कर संबंधित स्कूल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

स्कूल प्रबंधक के खिलाफ अभिभावकों का प्रदर्शन
दिल्ली रोड स्थित एक निजी स्कूल पर अभिभावकों ने बच्चों को बिना ऑनलाइन पढ़ाए फीस मांगने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। इससे पहले अभिभावकों ने अपने बच्चों के नाम स्कूल से कटवा लिए और टीसी मांगी थी। आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने टीसी तो दे दी, लेकिन उसमें नाम कटवाने का कारण फीस जमा नहीं करना लिख दिया। ये देख अभिभावक भड़क उठे। उनकी स्कूल स्टाफ के साथ नोकझोंक भी हुई।

चिल्ड्रेन सीनियर सेकेंडरी स्कूल के बाहर छात्रों के अभिभावकों ने क्षेत्रीय पार्षद सचिन चौधरी के साथ स्कूल प्रबंधक के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। अभिभावकों ने कहा कि इस साल उनके बच्चों ने कक्षा दस की परीक्षा दी थी। हाल ही में उनका रिजल्ट आया है। इसके बाद कक्षा 11वीं की कक्षाएं शुरू हुईं तो प्रबंधक ने उनसे अप्रैल से अगस्त तक ऑनलाइन पढ़ाई करवाने की बात कहते हुए फीस मांगी। आरोप है कि रिजल्ट आने से पहले कोई ऑनलाइन कक्षाएं नहीं चलीं। ऐसे में अभिभावकों ने अगस्त से पहले की फीस देने से इनकार कर दिया। आरोप है कि तीन दिन पहले उनके बच्चों को टेस्ट नहीं देने दिया गया और बाहर निकाल दिया। इससे गुस्साए लोगों ने स्कूल प्रबंधक से अपने बच्चों की टीसी मांगी थी।

स्कूल प्रबंधक ने दो दिन बाद आकर टीसी ले जाने की बात कही थी। आरोप है कि बुधवार को टीसी लेने के लिए उन्हें स्कूल परिसर में नहीं आने दिया गया। बाहर से ही टीसी देकर भेजना चाहा। जब उन्होंने टीसी ली तो उसमें ये अंकित कर दिया गया कि फीस जमा नहीं करने के चलते बच्चे का नाम काटा जा रहा है। इस बात से अभिभावकों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने स्कूल प्रबंधक के खिलाफ जमकर नारेबाजी और हंगामा किया। इस दौरान स्कूल स्टाफ की अभिभावकों से कहासुनी भी हुई। वहीं, पार्षद सचिन चौधरी का कहना है कि किसी भी कीमत पर बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। हंगामा करने वाले अभिभावकों में अशोक सिंह, ओमप्रकाश, तरुण गैरा, जितेंद्र पंवार, गीता गैरा, पूनम, मोहम्मद कामिल, नरेंद्र कुमार, सोनल, गीता, पिंकी, सुनील कुमार, ज्योति, उमेश चौहान, कुसुम, सीमा पंवार, सचिन कुमार, सोनिया सैनी, डोली त्यागी आदि मौजूद रहे।

नरेन्द्र सिंह नेगी के जीवन चरित्र पर आधारित पुस्तक ‘‘सृजन से साक्षात्कार’’ का विमोचन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री आवास में प्रसिद्ध लोक गायक एवं गीतकार नरेन्द्र सिंह नेगी के जीवन दर्शन कृतित्व एवं व्यक्तित्व पर आधारित पुस्तक ‘‘सृजन से साक्षात्कार’’ का विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि लोकगायक नरेन्द्र सिंह नेगी, मोहन उप्रेती, गिरीश तिवारी गिरदा, हीरा सिंह राणा, शमशेर सिंह, जीत सिंह नेगी, चन्द्र सिंह राही सहित प्रदेश के अन्य प्रमुख लोक संस्कृति के रचनाकारों, लोक गायकों के जीवन परिचय एवं रचनाओं का अभिलेखीकरण कर पुस्तक के रूप में प्रकाशित किया जायेगा। यह कार्य सूचना विभाग अथवा संस्कृति विभाग द्वारा किया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर यह भी घोषणा की कि नरेन्द्र सिंह नेगी को पद्म पुरस्कार से सम्मानित करने के लिये राज्य सरकार द्वारा भारत सरकार को अपनी संस्तुति प्रेषित की जायेगी। नरेन्द्र सिंह नेगी को उनके 73वें जन्मदिन की बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि समृद्ध लोक संस्कृति एवं सामाजिक सरोकारों को अपने गीतों एवं संगीत के माध्यम से देश व दुनिया तक पहुंचाने का कार्य नेगी जी ने किया है। वे वास्तव में समाज के सफल नायक के रूप में रहे हैं। उनके गीत राज्य वासियों को अपनी परम्पराओं से जोड़ने में मददगार रहे हैं। नेगी जी ने गढ़वाल कुमाऊं, जौनसार क्षेत्र ही नहीं पूरे उत्तराखण्ड की लोक संस्कृति को बढ़ावा देने का कार्य किया है। उत्तराखण्ड की पहचान बनायी है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि नेगी जी अपनी विशिष्ट रचना धर्मिता से समाज को और बेहतर दिशा देने का कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि नेगी जी ने अपनी रचनाओं के माध्यम से सही को सही और गलत को गलत बताने का भी संदेश दिया। ऐसे प्रयासों की समाज को जरूरत भी रहती है।
इस अवसर पर उच्च शिक्षा एवं चिकित्सा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने भी लोक संस्कृति को बढ़ावा देने में नरेन्द्र सिंह नेगी के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि दून विश्वविद्यालय में 25 करोड़ लागत से हिमालयन शोध संस्थान की स्थापना के साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में अनेक पहल की गई है।
लोकगायक नरेन्द्र सिंह नेगी ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज के चेहरे पर मुस्कुराहट लाने का उनका प्रयास जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि उनका सदैव प्रयास रहा कि प्रदेश के बाहर नहीं अपने प्रदेश में रहकर अपने लोगों की दुस्वारियों एवं पीड़ा को समाज के सामने ला सकूं। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी वे अपने गीतों के माध्यम से समाज की सेवा करते रहेंगे। मौके पर डॉ योगेश धस्माना, डॉ. नंद किशोर हटवाल, गणेश खुगसाल गणी, संजय दरमोड़ा ने भी नेगी के कृतित्व एवं व्यक्तिव पर प्रकाश डाला तथा उन्हें शुभकामनायें दी।
इस अवसर पर दिनेश शास्त्री, विपिन बलूनी, रामचरण जुयाल, ओ.पी बेंजवाल, मनोज इष्टवाल, कीर्ति नवानी के साथ ही बड़ी संख्या में संस्कृति व सामाजिक सरोकारों से जुड़े लोग उपस्थित थे।